<?xml version='1.0' encoding='UTF-8'?><?xml-stylesheet href="http://www.blogger.com/styles/atom.css" type="text/css"?><feed xmlns='http://www.w3.org/2005/Atom' xmlns:openSearch='http://a9.com/-/spec/opensearchrss/1.0/' xmlns:blogger='http://schemas.google.com/blogger/2008' xmlns:georss='http://www.georss.org/georss' xmlns:gd="http://schemas.google.com/g/2005" xmlns:thr='http://purl.org/syndication/thread/1.0'><id>tag:blogger.com,1999:blog-2021412620618906635</id><updated>2026-10-06T19:10:53.599-07:00</updated><category term="सिरफिरा"/><category term="हिंदी"/><category term="raajniti"/><category term="रमेश"/><category term="issues"/><category term="kavitakosh"/><category term="news"/><category term="religion"/><category term="दिनेशराय"/><category term="पत्रकार"/><category term="मासूम"/><category term="ललित"/><category term="........................."/><category term="andhnaa shuru kiye"/><category term="comedy"/><category term="crime"/><category term="duniya"/><category term="manoranjan"/><category term="samasyaein"/><category term="social media"/><category term="अनपढ़"/><category term="अनवर"/><category term="अनवर जमाल"/><category term="अनशन"/><category term="अन्ना हजारे"/><category term="इन्टरनेट"/><category term="उच्चारण"/><category term="कैमरा"/><category term="क्या कहें भाई ख़ुशी इसे ही कहते हें ..... ."/><category term="गँवार"/><category term="गूगल"/><category term="चाहत"/><category term="चुनाव"/><category term="जनलोकपाल बिल"/><category term="जल बचाओ देश बचाओ"/><category term="जीवन का लक्ष्य"/><category term="तपस्या"/><category term="दबंग"/><category term="दस हजार"/><category term="दिल्ली पुलिस"/><category term="देश"/><category term="देशप्रेम"/><category term="निर्दलीय"/><category term="निर्भीक"/><category term="नेता"/><category term="प्रक्रिया"/><category term="फेसबुक"/><category term="बुराई को नफरत या बदले से नहीं प्यार से जीता जाता हे"/><category term="बुरे काम करने वालों को उनकी करतूतों की सजा इश्वर जरुर देता हे"/><category term="ब्लॉग"/><category term="ब्लोगिंग"/><category term="भ्रष्टाचार"/><category term="मौत"/><category term="राशि"/><category term="संघर्ष"/><category term="संपादन"/><category term="समूह"/><title type='text'>आपका-अख्तर खान &quot;अकेला&quot;</title><subtitle type='html'>तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे?&#xa;गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.</subtitle><link rel='http://schemas.google.com/g/2005#feed' type='application/atom+xml' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/feeds/posts/default'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default?redirect=false'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/'/><link rel='hub' href='http://pubsubhubbub.appspot.com/'/><link rel='next' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default?start-index=26&amp;max-results=25&amp;redirect=false'/><author><name>आपका अख्तर खान अकेला</name><uri>http://www.blogger.com/profile/13961090452499115999</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='https://img1.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><generator version='7.00' uri='http://www.blogger.com'>Blogger</generator><openSearch:totalResults>26773</openSearch:totalResults><openSearch:startIndex>1</openSearch:startIndex><openSearch:itemsPerPage>25</openSearch:itemsPerPage><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2021412620618906635.post-9162085842574881251</id><published>2026-10-06T19:10:53.599-07:00</published><updated>2026-10-06T19:10:53.599-07:00</updated><title type='text'>विनती कोटा के रावण जी से ---ओम जी कटारा-------</title><content type='html'>&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;span class=&quot;x193iq5w xeuugli x13faqbe x1vvkbs x1xmvt09 x1lliihq x1s928wv xhkezso x1gmr53x x1cpjm7i x1fgarty x1943h6x xudqn12 x3x7a5m x6prxxf xvq8zen xo1l8bm xzsf02u x1yc453h&quot; dir=&quot;auto&quot;&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;विनती कोटा के रावण जी से  ---ओम जी कटारा--------&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;रावण तुमको मरना होगा। मरना होगा, मरना होगा। हर हाल में जलना होगा । वर्ना सुसाइड करना होगा। दुनिया के सबसे ऊंचे हो। बामुश्किल इस कद पहुंचे हो। अखबारों में खूब छपे हो। जेबी चैनल रचे बसे हो। तुम्हें बनाया है जिसने। मन से देवता माना उसने। भ्रष्टाचार से डरना होगा। शिष्टाचार में रहना होगा। मन की बातें मन ही जाने। झूठ का दुखड़ा सहना होगा। कसम तुम्हें कचोरी की। कोचिंग के हमजोली की। हर हालत में खपना होगा। जलना होगा जलना होगा। रावण तुमको मरना होगा।  असत्य पर सत्य की जीत का जश्न होगा। भले ही रावणी मन होगा। सत्य निश्चित ही खिन्न होगा। इस बार हमारी मान भी जाओ। पन्नालाल की पकोड़ी खाओ। अगली बार फिर आ जाना। गर्व से सीना तान डट जाना। बारिश आंधी बिजली ओले, इनसे ना घबराना। खबर मिलेगी रोज नई, अखबारी सुर्खी बन जाना। महिमामंडित नेताओं की कुर्सी पक्की कर जाना। लेकिन--- हम कहें वही करना होगा। रावण तुमको मरना होगा। मरना होगा मरना होगा। -ओम कटारा&lt;/div&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;div class=&quot;blogger-post-footer&quot;&gt;www.akhtarkhanakela.blogspot.com&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/feeds/9162085842574881251/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/10/blog-post_06.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/9162085842574881251'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/9162085842574881251'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/10/blog-post_06.html' title='विनती कोटा के रावण जी से ---ओम जी कटारा-------'/><author><name>आपका अख्तर खान अकेला</name><uri>http://www.blogger.com/profile/13961090452499115999</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='https://img1.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2021412620618906635.post-6030145854013827557</id><published>2026-10-06T19:06:24.589-07:00</published><updated>2026-10-06T19:06:24.590-07:00</updated><title type='text'>   उनका परवरदिगार उनको अपनी मेहरबानी और ख़ुषनूदी और ऐसे (हरे भरे) बाग़ों की ख़ुशख़बरी देता है जिसमें उनके लिए दाइमी ऐश व (आराम) होगा (21) और ये लोग उन बाग़ों में हमेशा अब्दआलाबाद (हमेशा हमेशा) तक रहेंगे बेशक ख़ुदा के पास तो बड़ा बड़ा अज्र व (सवाब) है</title><content type='html'>&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उनका परवरदिगार उनको अपनी मेहरबानी और ख़ुषनूदी और ऐसे (हरे भरे) बाग़ों की ख़ुशख़बरी देता है जिसमें उनके लिए दाइमी ऐश व (आराम) होगा (21)&lt;br /&gt;
  और ये लोग उन बाग़ों में हमेशा अब्दआलाबाद (हमेशा हमेशा) तक रहेंगे बेशक ख़ुदा के पास तो बड़ा बड़ा अज्र व (सवाब) है (22)&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;ऐ ईमानदारों अगर तुम्हारे माँ बाप और तुम्हारे (बहन) भाई ईमान के मुक़ाबले कुफ्ऱ को तरजीह देते हो तो तुम उनको (अपना) ख़ैर ख़्वाह (हमदर्द) न समझो और तुममें जो शख़्स उनसे उलफ़त रखेगा तो यही लोग ज़ालिम है (23)&lt;br /&gt;
  (ऐ रसूल) तुम कह दो तुम्हारे बाप दादा और तुम्हारे बेटे और तुम्हारे भाई बन्द और तुम्हारी बीबियाँ और तुम्हारे कुनबे वाले और वह माल जो तुमने कमा के रख छोड़ा हैं और वह तिजारत जिसके मन्द पड़ जाने का तुम्हें अन्देशा है और वह मकानात जिन्हें तुम पसन्द करते हो अगर तुम्हें ख़ुदा से और उसके रसूल से और उसकी राह में जिहाद करने से ज़्यादा अज़ीज़ है तो तुम ज़रा ठहरो यहाँ तक कि ख़ुदा अपना हुक्म (अज़ाब) मौजूद करे और ख़ुदा नाफरमान लोगों की हिदायत नहीं करता (24)&lt;br /&gt;
  (मुसलमानों) ख़ुदा ने तुम्हारी बहुतेरे मक़ामात पर (ग़ैबी) इमदाद की और (ख़ासकर) जंग हुनैन के दिन जब तुम्हें अपनी क़सरत (तादाद) ने मग़रूर कर दिया था फिर वह क़सरत तुम्हें कुछ भी काम न आयी और (तुम ऐसे घबराए कि) ज़मीन बावजूद उस वसअत (फैलाव) के तुम पर तंग हो गई तुम पीठ कर भाग निकले (25)&lt;br /&gt;
  तब ख़़ुदा ने अपने रसूल पर और मोमिनीन पर अपनी (तरफ से) तसकीन नाजि़ल फरमाई और (रसूल की ख़ातिर से) फरिश्तों के लश्कर भेजे जिन्हें तुम देखते भी नहीं थे और कुफ़्फ़ार पर अज़ाब नाजि़ल फरमाया और काफिरों की यही सज़ा है (26)&lt;br /&gt;
  उसके बाद ख़़ुदा जिसकी चाहे तौबा क़ुबूल करे और ख़़ुदा बड़ा बख़्शने वाला मेहरबान है (27)&lt;br /&gt;
  ऐ ईमानदारों मुशरेकीन तो निरे नजिस हैं तो अब वह उस साल के बाद मस्जिदुल हराम (ख़ाना ए काबा) के पास फिर न फटकने पाएँ और अगर तुम (उनसे जुदा होने में) फक़रों फाक़ा से डरते हो तो अनकरीब ही ख़ुदा तुमको अगर चाहेगा तो अपने फज़ल (करम) से ग़नीकर देगा बेशक ख़ुदा बड़ा वाकि़फकार हिकमत वाला है (28)&lt;br /&gt;
  एहले किताब में से जो लोग न तो (दिल से) ख़ुदा ही पर इमान रखते हैं और न रोज़े आखि़रत पर और न ख़ुदा और उसके रसूल की हराम की हुयी चीज़ों को हराम समझते हैं और न सच्चे दीन ही को एख़्तियार करते हैं उन लोगों से लड़े जाओ यहाँ तक कि वह लोग ज़लील होकर (अपने) हाथ से जजि़या दे (29)&lt;br /&gt;
  यहूद तो कहते हैं कि अज़ीज़ ख़़ुदा के बेटे हैं और नुसैरा कहते हैं कि मसीहा (ईसा) ख़़ुदा के बेटे हैं ये तो उनकी बात है और (वह ख़ुद) उन्हीं के मुँह से ये लोग भी उन्हीं काफि़रों की सी बातें बनाने लगे जो उनसे पहले गुज़र चुके हैं ख़़ुद उनको क़त्ल (तहस नहस) करके (देखो तो) कहाँ से कहाँ भटके जा रहे हैं (30) &lt;/p&gt;&lt;div class=&quot;blogger-post-footer&quot;&gt;www.akhtarkhanakela.blogspot.com&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/feeds/6030145854013827557/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/10/21.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/6030145854013827557'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/6030145854013827557'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/10/21.html' title='   उनका परवरदिगार उनको अपनी मेहरबानी और ख़ुषनूदी और ऐसे (हरे भरे) बाग़ों की ख़ुशख़बरी देता है जिसमें उनके लिए दाइमी ऐश व (आराम) होगा (21) और ये लोग उन बाग़ों में हमेशा अब्दआलाबाद (हमेशा हमेशा) तक रहेंगे बेशक ख़ुदा के पास तो बड़ा बड़ा अज्र व (सवाब) है'/><author><name>आपका अख्तर खान अकेला</name><uri>http://www.blogger.com/profile/13961090452499115999</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='https://img1.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2021412620618906635.post-5612126024750887219</id><published>2026-10-05T18:55:35.821-07:00</published><updated>2026-10-05T18:55:35.821-07:00</updated><title type='text'>करवा चौथ-धनतेरस पर चुनाव ड्यूटी से कर्मचारी परेशान, तिथियां बदलने की मांग</title><content type='html'>&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;span class=&quot;x193iq5w xeuugli x13faqbe x1vvkbs x1xmvt09 x1lliihq x1s928wv xhkezso x1gmr53x x1cpjm7i x1fgarty x1943h6x xudqn12 x3x7a5m x6prxxf xvq8zen xo1l8bm xzsf02u x1yc453h&quot; dir=&quot;auto&quot;&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;करवा चौथ-धनतेरस पर चुनाव ड्यूटी से कर्मचारी परेशान, तिथियां बदलने की मांग&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;के डी अब्बासी &lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;कोटा। राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ लोकतांत्रिक ने मुख्यमंत्री और राज्य निर्वाचन आयोग के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर कोटा विनोद कुमार मल्होत्रा को ज्ञापन सौंपकर पंचायत चुनाव की तिथियों में बदलाव की मांग की।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष रामरतन सामरिया ने कहा कि 29 अक्टूबर को करवा चौथ और 7 नवंबर को धनतेरस के अवसर पर चुनाव ड्यूटी होने से कर्मचारी-अधिकारियों को परिवार के साथ त्योहार मनाने में परेशानी होगी। उन्होंने मांग की कि कर्मचारी हित और धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए चुनाव तिथियों में आवश्यक परिवर्तन किया जाए। सामरिया ने कहा कि मांग नहीं मानी गई तो कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ सकती है। ज्ञापन के दौरान जोधराज मीणा, धीरज महावर, हनुमान मालव, कपिस मीणा, शेर सिंह मीणा, खुशी राम टांक, कुलदीप मीणा व महेश कुमार सेन सहित कर्मचारी नेता मौजूद रहे।&lt;/div&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;div class=&quot;blogger-post-footer&quot;&gt;www.akhtarkhanakela.blogspot.com&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/feeds/5612126024750887219/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/10/blog-post_642.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/5612126024750887219'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/5612126024750887219'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/10/blog-post_642.html' title='करवा चौथ-धनतेरस पर चुनाव ड्यूटी से कर्मचारी परेशान, तिथियां बदलने की मांग'/><author><name>आपका अख्तर खान अकेला</name><uri>http://www.blogger.com/profile/13961090452499115999</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='https://img1.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2021412620618906635.post-7266278642231338034</id><published>2026-10-05T18:54:51.756-07:00</published><updated>2026-10-05T18:54:51.756-07:00</updated><title type='text'>  ज्योति मित्रों के सहयोग से,शहर में संपन्न हुए दो नेत्रदान</title><content type='html'>&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot;&gt;ज्योति मित्रों के सहयोग से,शहर में संपन्न हुए दो नेत्रदान&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot;&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot;&gt;बीते दिन में शहर में दो दिवंगतों के नेत्रदान संस्था शाइन इंडिया फाउंडेशन के ज्योति मित्रों के सहयोग से संपन्न हुए ।&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot;&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot;&gt;संस्था के ज्योति मित्र एवं नेत्रदानी परिजन जयंत भुतोडिया ने संस्था के डॉ कुलवंत गौड़ को सूचना दी की, उनके करीबी रिश्तेदार व रामचंद्रपुरा निवासी हनु प्रताप सिंह नरूका की माताजी कमलेश नरूका का हृदयाघात से आकस्मिक निधन हुआ है,और परिजन आधे घंटे में अंतिम संस्कार के लिए ले कर जाने वाले हैं । नेत्रदान के लिए परिजनाें ने सहमति दी है, सूचना मिलते ही सदस्यों के सहयोग से नेत्रदान का कार्य संपन्न हुआ।&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot;&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot;&gt;इसी क्रम में संस्था के ज्योति मित्र डॉ प्रीतम गोयल, और नवीन गर्ग ने सूचना दी कि उनके छावनी निवासी करीबी रिश्तेदार गौरव अग्रवाल के पिता कैलाश चंद अग्रवाल का आकस्मिक निधन हुआ है, परिजनों ने नेत्रदान की इच्छा जताई है, सूचना मिलते ही,संस्था सदस्यों ने ईबीएसआर के टेक्नीशियन के सहयोग से निवास स्थान पर नेत्रदान का कार्य सम्पन्न करवाया ।&lt;/div&gt;&lt;div class=&quot;blogger-post-footer&quot;&gt;www.akhtarkhanakela.blogspot.com&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/feeds/7266278642231338034/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/10/blog-post_493.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/7266278642231338034'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/7266278642231338034'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/10/blog-post_493.html' title='  ज्योति मित्रों के सहयोग से,शहर में संपन्न हुए दो नेत्रदान'/><author><name>आपका अख्तर खान अकेला</name><uri>http://www.blogger.com/profile/13961090452499115999</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='https://img1.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2021412620618906635.post-4820416407561123924</id><published>2026-10-05T18:53:29.279-07:00</published><updated>2026-10-05T18:53:29.280-07:00</updated><title type='text'>   तो अगर (अभी मुशरिक से) तौबा करें और नमाज़ पढ़ने लगें और ज़कात दें तो तुम्हारे दीनी भाई हैं और हम अपनी आयतों को वाकि़फकार लोगों के वास्ते तफ़सीलन बयान करते हैं </title><content type='html'>&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;तो अगर (अभी मुशरिक से) तौबा करें और नमाज़ पढ़ने लगें और ज़कात दें तो तुम्हारे दीनी भाई हैं और हम अपनी आयतों को वाकि़फकार लोगों के वास्ते तफ़सीलन बयान करते हैं (11)&lt;br /&gt;
  और अगर ये लोग एहद कर चुकने के बाद अपनी क़समें तोड़ डालें और तुम्हारे दीन में तुमको ताना दें तो तुम कुफ्र के सरवर आवारा लोगों से खूब लड़ाई करो उनकी क़समें का हरगिज़ कोई एतबार नहीं ताकि ये लोग (अपनी शरारत से) बाज़ आएँ (12)&lt;br /&gt;
  (मुसलमानों) भला तुम उन लोगों से क्यों नहीं लड़ते जिन्होंने अपनी क़समों को तोड़ डाला और रसूल को निकाल बाहर करना (अपने दिल में) ठान लिया था और तुमसे पहले छेड़ भी उन्होंने ही शुरू की थी क्या तुम उनसे डरते हो तो अगर तुम सच्चे ईमानदार हो तो ख़़ुदा उनसे कहीं बढ़ कर तुम्हारे डरने के क़ाबिल है (13)&lt;br /&gt;
  इनसे (बेख़ौफ (ख़तर) लड़ो ख़ुदा तुम्हारे हाथों उनकी सज़ा करेगा और उन्हें रूसवा करेगा और तुम्हें उन पर फतेह अता करेगा और इमानदार लोगों के कलेजे ठन्डे करेगा (14)&lt;br /&gt;
  और उन मोनिनीन के दिल की क़ुदरतें जो (कुफ़्फ़ार से पहुचॅती है) दफ़ा कर देगा और ख़़ुदा जिसकी चाहे तौबा क़ुबूल करे और ख़़ुदा बड़ा वाकि़फकार (और) हिकमत वाला है (15)&lt;br /&gt;
  क्या तुमने ये समझ लिया है कि तुम (यॅू ही) छोड़ दिए जाओगे और अभी तक तो ख़ुदा ने उन लोगों को मुमताज़ किया ही नहीं जो तुम में के (राहे ख़़ुदा में) जिहाद करते हैं और ख़़ुदा और उसके रसूल और मोमेनीन के सिवा किसी को अपना राज़दार दोस्त नहीं बनाते और जो कुछ भी तुम करते हो ख़़ुदा उससे बाख़बर है (16) &lt;br /&gt;
  मुशरेकीन का ये काम नहीं कि जब वह अपने कुफ्ऱ का ख़ुद इक़रार करते है तो ख़ुदा की मस्जिदों को (जाकर) आबाद करे यही वह लोग हैं जिनका किया कराया सब अकारत हुआ और ये लोग हमेशा जहन्नुम में रहेंगे (17)&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;ख़़ुदा की मस्जिदों को बस सिर्फ वहीं शख़्स (जाकर) आबाद कर सकता है जो ख़़ुदा और रोजे़ आखि़रत पर ईमान लाए और नमाज़ पढ़ा करे और ज़कात देता रहे और ख़़ुदा के सिवा (और) किसी से न डरो तो अनक़रीब यही लोग हिदायत याफ़्ता लोगों मे से हो जाएंगे (18)&lt;br /&gt;
  क्या तुम लोगों ने हाजियों की सक़ाई (पानी पिलाने वाले) और मस्जिदुल हराम (ख़ानाए काबा की आबादियों को उस शख़्स के हमसर (बराबर) बना दिया है जो ख़ुदा और रोज़े आख़ेरत के दिन पर ईमान लाया और ख़ुदा के राह में जेहाद किया ख़़ुदा के नज़दीक तो ये लोग बराबर नहीं और खुदा ज़ालिम लोगों की हिदायत नहीं करता है (19)&lt;br /&gt;
  जिन लोगों ने ईमान क़़ुबूल किया और (ख़़ुदा के लिए) हिजरत एख़्तियार की और अपने मालों से और अपनी जानों से ख़़ुदा की राह में जिहाद किया वह लोग ख़़ुदा के नज़दीक दर्जें में कही बढ़ कर हैं और यही लोग (आला दर्जे पर) फायज़ होने वाले हैं (20)&lt;/p&gt;&lt;div class=&quot;blogger-post-footer&quot;&gt;www.akhtarkhanakela.blogspot.com&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/feeds/4820416407561123924/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/10/blog-post_05.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/4820416407561123924'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/4820416407561123924'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/10/blog-post_05.html' title='   तो अगर (अभी मुशरिक से) तौबा करें और नमाज़ पढ़ने लगें और ज़कात दें तो तुम्हारे दीनी भाई हैं और हम अपनी आयतों को वाकि़फकार लोगों के वास्ते तफ़सीलन बयान करते हैं '/><author><name>आपका अख्तर खान अकेला</name><uri>http://www.blogger.com/profile/13961090452499115999</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='https://img1.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2021412620618906635.post-7345389418289339558</id><published>2026-10-04T18:34:53.150-07:00</published><updated>2026-10-04T18:34:53.150-07:00</updated><title type='text'>पंकज मेहता की अगुवाई में गूंजा ‘एक नया सवेरा’, युवाओं को संस्कार और परिवार से जुड़ने का संदेश</title><content type='html'>&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;span class=&quot;x193iq5w xeuugli x13faqbe x1vvkbs x1xmvt09 x1lliihq x1s928wv xhkezso x1gmr53x x1cpjm7i x1fgarty x1943h6x xudqn12 x3x7a5m x6prxxf xvq8zen xo1l8bm xzsf02u x1yc453h&quot; dir=&quot;auto&quot;&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;पंकज मेहता की अगुवाई में एक नया सवेरा&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;पंकज मेहता की अगुवाई में गूंजा ‘एक नया सवेरा’, युवाओं को संस्कार और परिवार से जुड़ने का संदेश&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;सारस्वत बोले—कैरियरिस्ट और टेररिस्ट दोनों प्रवृत्तियों से बचें युवा, राजेन्द्र जैन ने कहा—मत अलग हों, मन नहीं&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;के डी अब्बासी &lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;कोटा। सकल जैन समाज को एकजुटता, सामाजिक जागरूकता और सकारात्मक सोच से जोड़ने के उद्देश्य से श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्री संघ रामपुरा के अध्यक्ष पंकज मेहता के नेतृत्व में ‘एक नया सवेरा’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन सत्यार्थ एलेन ऑडिटोरियम, जवाहर नगर में किया गया। श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ एवं श्री जैन रत्न युवक परिषद के संयुक्त तत्वावधान में हुए कार्यक्रम में देश, धर्म, समाज और परिवार के प्रति दायित्वों का बोध कराया गया।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. भगवती प्रसाद सारस्वत ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज युवा वर्ग को कैरियरिस्ट और टेररिस्ट दोनों प्रवृत्तियों से सावधान रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कैरियर की दौड़ में परिवार और वृद्ध माता-पिता पीछे नहीं छूटने चाहिए तथा आतंकवाद जैसी विनाशकारी प्रवृत्तियों से युवाओं को पूरी तरह दूर रहना चाहिए। सोशल मीडिया और रील्स की अंधी दौड़ से बचकर शिक्षा, संस्कार और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी पर ध्यान देने का आह्वान किया।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;पंकज मेहता ने कहा कि ‘एक नया सवेरा’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव की सोच है। इसका उद्देश्य समाज के लोगों को एक मंच पर लाकर संवाद, आपसी प्रेम, सकारात्मक सोच और सामाजिक सहभागिता को मजबूत करना है।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;राजेन्द्र जैन बोले—परिवार में मत अलग हो सकते हैं, मन नहीं&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;अंतरराष्ट्रीय मोटिवेशनल स्पीकर राजेन्द्र जैन (राजू भाई) ने अपनी प्रभावशाली और संवादपूर्ण शैली में परिवार एवं रिश्तों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि परिवार केवल साथ रहने का नाम नहीं, बल्कि एक-दूसरे को समझने और सुनने का नाम है। मत अलग हो सकते हैं, लेकिन मन अलग नहीं होने चाहिए।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;मुख्य वक्ता सुनीता जैन ने संयुक्त परिवार, बहू-बेटियों के रिश्तों, प्रेम, धैर्य और सकारात्मक सोच पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि बदलते समय में संयुक्त परिवार की आत्मीयता और संस्कारों को नए रूप में जीवित रखने की जरूरत है।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;वक्ताओं ने कहा कि जैन दर्शन केवल मोक्ष का मार्ग नहीं दिखाता, बल्कि जीवन जीने की दृष्टि भी प्रदान करता है। अनेकांत, क्षमा, मैत्री, संयम और अपरिग्रह के सिद्धांत बेहतर पारिवारिक और सामाजिक जीवन की आधारशिला बन सकते हैं।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;कार्यक्रम का शुभारंभ जय जिनेन्द्र एवं गुरु भगवंतों के चरणों में वंदन के साथ हुआ। स्वागत भाषण पंकज मेहता ने दिया, संचालन जोली भंडारी ने किया तथा आभार हनुमान प्रसाद जैन ने जताया। कार्यक्रम में सवाई माधोपुर, हाउसिंग बोर्ड, कुशतला, बजरिया, देई, अलीगढ़, रामपुरा सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में युवा-युवतियों एवं समाजबंधुओं ने भाग लिया। &lt;div class=&quot;x1i10hfl xjbqb8w x1ejq31n x18oe1m7 x1sy0etr xstzfhl x972fbf x10w94by x1qhh985 x14e42zd x9f619 x1ypdohk xt0psk2 x3ct3a4 xdj266r x14z9mp xat24cr x1lziwak xexx8yu xyri2b x18d9i69 x1c1uobl x16tdsg8 x1hl2dhg xggy1nq x1a2a7pz xkrqix3 x1sur9pj xzsf02u x1s688f&quot; role=&quot;button&quot; tabindex=&quot;0&quot;&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;div class=&quot;blogger-post-footer&quot;&gt;www.akhtarkhanakela.blogspot.com&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/feeds/7345389418289339558/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/10/blog-post_412.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/7345389418289339558'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/7345389418289339558'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/10/blog-post_412.html' title='पंकज मेहता की अगुवाई में गूंजा ‘एक नया सवेरा’, युवाओं को संस्कार और परिवार से जुड़ने का संदेश'/><author><name>आपका अख्तर खान अकेला</name><uri>http://www.blogger.com/profile/13961090452499115999</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='https://img1.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2021412620618906635.post-519956004227738951</id><published>2026-10-04T18:33:49.625-07:00</published><updated>2026-10-04T18:33:49.626-07:00</updated><title type='text'>फैज़ल बैग ‘कोकी’ की युवा कांग्रेस में धमाकेदार एंट्री, 5573 वोटों के साथ कोटा उत्तर विधानसभा अध्यक्ष निर्वाचित</title><content type='html'>&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;span class=&quot;x193iq5w xeuugli x13faqbe x1vvkbs x1xmvt09 x1lliihq x1s928wv xhkezso x1gmr53x x1cpjm7i x1fgarty x1943h6x xudqn12 x3x7a5m x6prxxf xvq8zen xo1l8bm xzsf02u x1yc453h&quot; dir=&quot;auto&quot;&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;फैज़ल बैग ‘कोकी’ की युवा कांग्रेस में धमाकेदार एंट्री, 5573 वोटों के साथ कोटा उत्तर विधानसभा अध्यक्ष निर्वाचित&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;युवा शक्ति ने जताया भरोसा, कोकी की जीत से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश; नेतृत्व में संगठन को नई धार देने की उम्मीद&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;के डी अब्बासी &lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;कोटा। युवा कांग्रेस के चुनाव परिणाम में कोटा उत्तर विधानसभा क्षेत्र से फैज़ल बैग (कोकी) ने शानदार जीत दर्ज कर अध्यक्ष पद अपने नाम कर लिया। फैज़ल बैग को 5573 वोट मिले। उनकी जीत के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल है।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;फैज़ल बैग की जीत को कोटा उत्तर में कांग्रेस की युवा राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। समर्थकों ने कहा कि युवा कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में कोकी के नेतृत्व में संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी और युवाओं को कांग्रेस से जोड़ने के साथ जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाया जाएगा।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;चुनाव परिणाम में कौशल किशोर शर्मा को 1447 वोट मिले और वे उपाध्यक्ष (ओपन) पद पर निर्वाचित हुए। परिणाम सामने आने के बाद समर्थकों ने फैज़ल बैग को फूलमालाओं से स्वागत कर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। कांग्रेस के युवा नेता विष्णु मेवाड़ा ने फैजल की जीत पर बधाई देते हुए कहा कि इसे कांग्रेस और मजबूत  होगी।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;कार्यकर्ताओं ने विश्वास जताया कि फैज़ल बैग ‘कोकी’ के नेतृत्व में युवा कांग्रेस संगठनात्मक रूप से मजबूत होगी और युवा शक्ति को एकजुट कर कांग्रेस के विचारों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;विकास, युवा शक्ति और संगठन की मजबूती को लेकर फैज़ल बैग की जीत को कांग्रेस के लिए नई उम्मीद के रूप में देखा जा रहा है।&lt;/div&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;div class=&quot;blogger-post-footer&quot;&gt;www.akhtarkhanakela.blogspot.com&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/feeds/519956004227738951/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/10/5573.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/519956004227738951'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/519956004227738951'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/10/5573.html' title='फैज़ल बैग ‘कोकी’ की युवा कांग्रेस में धमाकेदार एंट्री, 5573 वोटों के साथ कोटा उत्तर विधानसभा अध्यक्ष निर्वाचित'/><author><name>आपका अख्तर खान अकेला</name><uri>http://www.blogger.com/profile/13961090452499115999</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='https://img1.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2021412620618906635.post-266689178625666811</id><published>2026-10-04T18:33:04.050-07:00</published><updated>2026-10-04T18:33:04.052-07:00</updated><title type='text'>  अचानक गौशाला पहुंचे मेयर-डिप्टी मेयर, व्यवस्थाओं की खुली पोल—विस्तार में तेजी के निर्देश</title><content type='html'>&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;div class=&quot;html-div xdj266r x14z9mp xat24cr x1lziwak xexx8yu xyri2b x18d9i69 x1c1uobl&quot; dir=&quot;auto&quot;&gt;&lt;div class=&quot;html-div xdj266r x14z9mp xat24cr x1lziwak xexx8yu xyri2b x18d9i69 x1c1uobl&quot; data-ad-rendering-role=&quot;story_message&quot;&gt;&lt;div class=&quot;x1l90r2v x1iorvi4 x1g0dm76 xpdmqnj&quot; data-ad-comet-preview=&quot;message&quot; data-ad-preview=&quot;message&quot;&gt;&lt;div class=&quot;x78zum5 xdt5ytf xz62fqu x16ldp7u&quot;&gt;&lt;div class=&quot;xu06os2 x1ok221b&quot;&gt;&lt;span class=&quot;x193iq5w xeuugli x13faqbe x1vvkbs x1xmvt09 x1lliihq x1s928wv xhkezso x1gmr53x x1cpjm7i x1fgarty x1943h6x xudqn12 x3x7a5m x6prxxf xvq8zen xo1l8bm xzsf02u x1yc453h&quot; dir=&quot;auto&quot;&gt;&lt;div class=&quot;html-div xdj266r x14z9mp xat24cr x1lziwak xexx8yu xyri2b x18d9i69 x1c1uobl&quot;&gt;&lt;div class=&quot;xdj266r x14z9mp xat24cr x1lziwak x1vvkbs x126k92a&quot;&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;अचानक गौशाला पहुंचे मेयर-डिप्टी मेयर, व्यवस्थाओं की खुली पोल—विस्तार में तेजी के निर्देश&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;क्षमता से ज्यादा गोवंश, जगह की कमी पर निगम गंभीर; गर्भवती और बीमार गायों की अलग व्यवस्था मिली&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;के डी अब्बासी &lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;कोटा। नगर निगम की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए महापौर अनुसुईया गोस्वामी और उपमहापौर विवेक राजवंशी रविवार सुबह बिना सूचना बंधा धर्मपुरा स्थित गौशाला पहुंच गए। अचानक हुए निरीक्षण से गौशाला प्रशासन में हलचल मच गई। दोनों जनप्रतिनिधियों ने करीब एक घंटे तक गौशाला में रहकर गोवंश के रखरखाव, चारे की गुणवत्ता और उपचार व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;महापौर अनुसुईया गोस्वामी ने कहा कि नगर निगम की गौशाला को लेकर अक्सर नकारात्मक खबरें सामने आती हैं। ऐसे में वास्तविक व्यवस्थाओं को जानने के लिए बिना पूर्व सूचना के निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में गौशाला में क्षमता से अधिक गोवंश होने के कारण जगह की कमी सामने आई।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;उन्होंने अधिकारियों को गौशाला विस्तार के कार्य में तेजी लाने तथा गोवंश के रखरखाव और सुविधाओं में किसी भी तरह की कमी नहीं रहने देने के निर्देश दिए।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;गर्भवती और बीमार गोवंश के लिए अलग व्यवस्था&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;उपमहापौर विवेक राजवंशी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान गर्भवती एवं बीमार गोवंश के लिए अलग व्यवस्था मिली। मौके पर दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध थीं और बीमार गोवंश का उपचार भी किया जा रहा था। गोवंश को दिए जा रहे भूसे की गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;हालांकि खल-चूरी की गुणवत्ता में मामूली कमी नजर आई, जिस पर संबंधित कार्मिकों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि गौशाला में गोवंश की संख्या, चारा, उपचार और साफ-सफाई सहित सभी व्यवस्थाओं पर लगातार निगरानी रखी जाए। &lt;div class=&quot;x1i10hfl xjbqb8w x1ejq31n x18oe1m7 x1sy0etr xstzfhl x972fbf x10w94by x1qhh985 x14e42zd x9f619 x1ypdohk xt0psk2 x3ct3a4 xdj266r x14z9mp xat24cr x1lziwak xexx8yu xyri2b x18d9i69 x1c1uobl x16tdsg8 x1hl2dhg xggy1nq x1a2a7pz xkrqix3 x1sur9pj xzsf02u x1s688f&quot; 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  (ऐ मुसलमानों) जिन मुशरिकों से तुम लोगों ने सुलह का एहद किया था अब ख़ुदा और उसके रसूल की तरफ से उनसे (एक दम) बेज़ारी है (1)&lt;br /&gt;
  तो (ऐ मुशरिकों) बस तुम चार महीने (ज़ीकादा, जिल हिज्जा, मुहर्रम रजब) तो (चैन से बेख़तर) रूए ज़मीन में सैरो सियाहत (घूम फिर) कर लो और ये समझते रहे कि तुम (किसी तरह) ख़़ुदा को आजिज़ नहीं कर सकते और ये भी कि ख़़ुदा काफि़रों को ज़रूर रूसवा करके रहेगा (2)&lt;br /&gt;
  और ख़़ुदा और उसके रसूल की तरफ से हज अकबर के दिन (तुम) लोगों को मुनादी की जाती है कि ख़़ुदा और उसका रसूल मुशरिकों से बेज़ार (और अलग) है तो (मुशरिकों) अगर तुम लोगों ने (अब भी) तौबा की तो तुम्हारे हक़ में यही बेहतर है और अगर तुम लोगों ने (इससे भी) मुह मोड़ा तो समझ लो कि तुम लोग ख़़ुदा को हरगिज़ आजिज़ नहीं कर सकते और जिन लोगों ने कुफ्र इख़्तेयार किया उनको दर्दनाक अज़ाब की ख़ुश ख़बरी दे दो (3)&lt;br /&gt;
  मगर (हाँ) जिन मुशरिकों से तुमने एहदो पैमान किया था फिर उन लोगों ने भी कभी कुछ तुमसे (वफ़ा एहद में) कमी नहीं की और न तुम्हारे मुक़ाबले में किसी की मदद की हो तो उनके एहद व पैमान को जितनी मुद्द्त के वास्ते मुक़र्रर किया है पूरा कर दो ख़़ुदा परहेज़गारों को यक़ीनन दोस्त रखता है (4)&lt;br /&gt;
  फिर जब हुरमत के चार महीने गुज़र जाएँ तो मुशरिको को जहाँ पाओ (बे ताम्मुल) कत्ल करो और उनको गिरफ्तार कर लो और उनको कै़द करो और हर घात की जगह में उनकी ताक में बैठो फिर अगर वह लोग (अब भी शिर्क से) बाज़ आए और नमाज़ पढ़ने लगें और ज़कात दे तो उनकी राह छोड़ दो (उनसे ताअरूज़ न करो) बेशक ख़ुदा बड़ा बख़्शने वाला मेहरबान है (5)&lt;br /&gt;
  और (ऐ रसूल) अगर मुशरिकीन में से कोई तुमसे पनाह मागें तो उसको पनाह दो यहाँ तक कि वह ख़़ुदा का कलाम सुन ले फिर उसे उसकी अमन की जगह वापस पहुँचा दो ये इस वजह से कि ये लोग नादान हैं (6)&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;(जब) मुशरिकीन ने ख़ुद एहद शिकनी (तोड़ा) की तो उन का कोई एहदो पैमान ख़़ुदा के नज़दीक और उसके रसूल के नज़दीक क्योंकर (क़ायम) रह सकता है मगर जिन लोगों से तुमने खानाए काबा के पास मुआहेदा किया था तो वह लोग (अपनी एहदो पैमान) तुमसे क़ायम रखना चाहें तो तुम भी उन से (अपना एहद) क़ायम रखो बेशक ख़ुदा (बद एहदी से) परहेज़ करने वालों को दोस्त रखता है (7)&lt;br /&gt;
  (उनका एहद) क्योंकर (रह सकता है) जब (उनकी ये हालत है) कि अगर तुम पर ग़लबा पा जाए तो तुम्हारे में न तो रिश्ते नाते ही का लिहाज़ करेगें और न अपने क़ौल व क़रार का ये लोग तुम्हें अपनी ज़बानी (जमा खर्च में) खुश कर देते हैं हालाँकि उनके दिल नहीं मानते और उनमें के बहुतेरे तो बदचलन हैं (8)&lt;br /&gt;
  और उन लोगों ने ख़ुदा की आयतों के बदले थोड़ी सी क़ीमत (दुनियावी फायदे) हासिल करके (लोगों को) उसकी राह से रोक दिया बेशक ये लोग जो कुछ करते हैं ये बहुत ही बुरा है (9)&lt;br /&gt;
  ये लोग किसी मोमिन के बारे में न तो रिश्ता नाता ही कर लिहाज़ करते हैं और न क़ौल का क़रार का और (वाक़ई) यही लोग ज़्यादती करते हैं (10)&lt;/p&gt;&lt;div class=&quot;blogger-post-footer&quot;&gt;www.akhtarkhanakela.blogspot.com&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/feeds/8244633186331866565/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/10/blog-post_04.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/8244633186331866565'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/8244633186331866565'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/10/blog-post_04.html' title='(ऐ मुसलमानों) जिन मुशरिकों से तुम लोगों ने सुलह का एहद किया था अब ख़ुदा और उसके रसूल की तरफ से उनसे (एक दम) बेज़ारी है'/><author><name>आपका अख्तर खान अकेला</name><uri>http://www.blogger.com/profile/13961090452499115999</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='https://img1.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2021412620618906635.post-348024407643969005</id><published>2026-10-03T18:49:57.975-07:00</published><updated>2026-10-03T18:49:57.975-07:00</updated><title type='text'>और अगर ये लोग तुमसे फरेब करना चाहते है तो ख़़ुदा से पहले ही फरेब कर चुके हैं तो (उसकी सज़ा में) ख़़ुदा ने उन पर तुम्हें क़ाबू दे दिया और ख़़ुदा तो बड़ा वाकि़फकार हिकमत वाला है </title><content type='html'>&lt;p&gt;और अगर ये लोग तुमसे फरेब करना चाहते है तो ख़़ुदा से पहले ही फरेब कर चुके हैं तो (उसकी सज़ा में) ख़़ुदा ने उन पर तुम्हें क़ाबू दे दिया और ख़़ुदा तो बड़ा वाकि़फकार हिकमत वाला है (71)&lt;br /&gt;
  जिन लोगों ने ईमान क़़ुबूल किया और हिजरत की और अपने अपने जान माल से ख़ुदा की राह में जिहाद किया और जिन लोगों ने (हिजरत करने वालों को जगह दी और हर (तरह) उनकी ख़बर गीरी (मदद) की यही लोग एक दूसरे के (बाहम) सरपरस्त दोस्त हैं और जिन लेागों ने ईमान क़ुबूल किया और हिजरत नहीं की तो तुम लोगों को उनकी सरपरस्ती से कुछ सरोकार नहीं-यहाँ तक कि वह हिजरत एख़्तियार करें और (हा) मगर दीनी अम्र में तुम से मदद के ख़्वाहा हो तो तुम पर (उनकी मदद करना लाजि़म व वाजिब है मगर उन लोगों के मुक़ाबले में (नहीं) जिनमें और तुममें बाहम (सुलह का) एहदो पैमान है और जो कुछ तुम करते हो ख़ुदा (सबको) देख रहा है (72)&lt;br /&gt;
  और जो लोग काफि़र हैं वह भी (बाहम) एक दूसरे के सरपरस्त हैं अगर तुम (इस तरह) वायदा न करोगे तो रूए ज़मीन पर फि़तना (फ़साद) बरपा हो जाएगा और बड़ा फ़साद होगा (73)&lt;br /&gt;
  और जिन लोगों ने ईमान क़ुबूल किया और हिजरत की और ख़़ुदा की राह में लड़े भिड़े और जिन लोगों ने (ऐसे नाज़ुक वक़्त में मुहाजिरीन को जगह ही और उनकी हर तरह ख़बरगीरी (मदद) की यही लोग सच्चे ईमानदार हैं उन्हीं के वास्ते मग़फिरत और इज़्ज़त व आबरु वाली रोज़ी है (74)&lt;br /&gt;
  और जिन लोगों ने (सुलह हुदैबिया के) बाद ईमान क़ुबूल किया और हिजरत की और तुम्हारे साथ मिलकर जिहाद किया वह लोग भी तुम्हीं में से हैं और साहबाने क़राबत ख़़ुदा की किताब में बाहम एक दूसरे के (बनिस्बत औरों के) ज़्यादा हक़दार हैं बेशक ख़़ुदा हर चीज़ से ख़ूब वाकि़फ हैं (75)&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;div class=&quot;blogger-post-footer&quot;&gt;www.akhtarkhanakela.blogspot.com&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/feeds/348024407643969005/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/10/blog-post_03.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/348024407643969005'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/348024407643969005'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/10/blog-post_03.html' title='और अगर ये लोग तुमसे फरेब करना चाहते है तो ख़़ुदा से पहले ही फरेब कर चुके हैं तो (उसकी सज़ा में) ख़़ुदा ने उन पर तुम्हें क़ाबू दे दिया और ख़़ुदा तो बड़ा वाकि़फकार हिकमत वाला है '/><author><name>आपका अख्तर खान अकेला</name><uri>http://www.blogger.com/profile/13961090452499115999</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='https://img1.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2021412620618906635.post-7955783355256463984</id><published>2026-10-02T19:32:06.090-07:00</published><updated>2026-10-02T19:32:06.090-07:00</updated><title type='text'>  कोटा से गांधी, गांधी की स्मृतियां जुड़ी हैं, लेकिन कोंग्रेस ओर कोटा वासियों ने गांधी का सम्मान, गांधी के स्मारक बार बार चेताने के बाद भी संरक्षित कारवां जनता के लिये महिमा मंडित नहीं किये, देश ही नहीं विश्व जानता है,</title><content type='html'>&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;span class=&quot;x193iq5w xeuugli x13faqbe x1vvkbs x1xmvt09 x1lliihq x1s928wv xhkezso x1gmr53x x1cpjm7i x1fgarty x1943h6x xudqn12 x3x7a5m x6prxxf xvq8zen xo1l8bm xzsf02u x1yc453h&quot; dir=&quot;auto&quot;&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;कोटा से गांधी, गांधी की स्मृतियां जुड़ी हैं, लेकिन कोंग्रेस ओर कोटा वासियों ने गांधी का सम्मान, गांधी के स्मारक बार बार चेताने के बाद भी  संरक्षित कारवां जनता के लिये महिमा मंडित नहीं किये, देश ही नहीं विश्व जानता है, अपना सब कुछ त्याग कर, सब्र, शुक्र, उपवास, अनशन, लाठी, लँगोटी के दम पर अंग्रेजों की तोपों , बंदूक़ों, भारत के गद्दारों के मुक़ाबिल होकर, भारत को अंग्रेजों से आज़ाद कराने वाले मोहन दास करम चंद गांधी, जिन्हें राष्ट्रपिता का दर्जा अधिसूचना जारी कर नही दिया गया, फिर भी वोह राष्ट्रपिता है, वोह सब कुछ त्याग कर महात्मा बने, इसलिये महात्मा हैं, गांधी के मुंह पर , है राम था, ओर नाथू राम गोडसे ने रूप बदल कर, गांधी की हत्या ही कर दी, खेर कोंग्रेस जो महात्मा गांधी के नाम पर ही आज तक रॉयल्टी ले रही है, उस कोंग्रेस सरकार ने , गांधी को राष्ट्रपिता का लिखित दर्जा नहीं दिया, गांधी को अपमानित करने , उनके विरुद्ध दुष्प्रचार करने वालों को दण्डित करने , मरणोपरांत गांधी की गरिमा को कानूनी रूप से संरक्षित करने का कोई क़ानून ही नहीं बनाया, हालात यह रहे , की राजस्थान में करोड़ों, अरबों गांधी के नाम पर खर्च हुए, गांधी वादी विचारक , भाजपा में ट्रांसफर पर गए हुए है, गांधी स्मारक का संरक्षण नहीं हुआ , यहां तक कोटा श्रीपुरा पुराना बस स्टैंड, महात्मा गांधी भवन को टुकड़े टुकड़े किया गया, भाजपा ने उसका नाम ही बदल दिया , आज भी गांधी स्मृति की पट्टिका श्रीपुरा कोटा न्यास भवन की गवाह है, कोंग्रेस, भाजपा बोर्ड में मैने , इस भवन का नाम फिर से महात्मा गांधी भवन करने के लिए लिखा, प्रस्ताव भी पास हुआ, लेकिन महात्मा को महात्मा गांधी का नाम नहीं मिला, तात्कालिक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को शिकायत की उन्होंने भी कोई कार्यवाही , गाँधी स्मारक संरक्षण के लिये कोई कदम नहीं उठाया, गाँधी की जन्म तिथि पर उन्हें सेल्यूट, श्रद्धांजलि, कोटा और महात्मा गांधी का संबंध केवल गांधीजी के नाम पर बने संस्थानों तक सीमित नहीं है; कोटा का स्वतंत्रता आंदोलन, प्रजामंडल आंदोलन, गांधीवादी कार्यकर्ताओं की गतिविधियां और सबसे बढ़कर 1948 में गांधीजी की अस्थियों का चम्बल में विसर्जन—ये सभी इस संबंध को ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण बनाते हैं, &lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;महात्मा गांधी और कोटा : बापू से जुड़ी वह ऐतिहासिक विरासत, जिसे चम्बल आज भी अपने भीतर संजोए है&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर गांधीजी की अस्थियों के चम्बल-विसर्जन तक—कोटा का गांधी से ऐतिहासिक रिश्ता&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;कोटा को सामान्यतः हाड़ौती की राजधानी, चम्बल की नगरी और आधुनिक औद्योगिक-शैक्षणिक शहर के रूप में जाना जाता है,  लेकिन कोटा के इतिहास का एक ऐसा अध्याय भी है, जिसका राष्ट्रीय महत्व है—महात्मा गांधी और कोटा का संबंध,  किसी एक घटना तक सीमित नहीं है,  इसके सूत्र कोटा की राजनीतिक जागृति, खादी और गांधी टोपी, प्रजामंडल आंदोलन, भारत छोड़ो आंदोलन के स्वतंत्रता सेनानियों और अंततः 12 फरवरी 1948 को महात्मा गांधी की अस्थियों के चम्बल में विसर्जन तक फैले हुए हैं।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;कोटा में गांधीवादी विचारों की शुरुआती दस्तक, राजस्थान के रियासती क्षेत्रों में राष्ट्रीय आंदोलन का स्वरूप ब्रिटिश भारत से कुछ अलग था,,  यहां संघर्ष केवल अंग्रेजी शासन के विरुद्ध नहीं, बल्कि देशी रियासतों में उत्तरदायी शासन, नागरिक अधिकार और जनता की राजनीतिक भागीदारी के लिए भी था,  कोटा में भी 1918 के आसपास राजनीतिक चेतना के प्रारंभिक संगठन दिखाई देते हैं,  बाद के वर्षों में खादी, गांधी टोपी और राष्ट्रीय विचारों ने इस चेतना को मजबूत किया,  उपलब्ध शोध-सामग्री में कोटा की प्रारंभिक राजनीतिक गतिविधियों के साथ गांधी टोपी और खादी के प्रसार का उल्लेख मिलता है,  इसलिए कोटा में गांधी का प्रभाव केवल किसी एक सभा या यात्रा का परिणाम नहीं था; गांधीवादी राजनीतिक संस्कृति धीरे-धीरे कोटा के जनजीवन में प्रवेश कर रही थी, &lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;नयनूराम शर्मा और कोटा का गांधीवादी,  स्वतंत्रता आंदोलन का उल्लेख पंडित नयनूराम शर्मा के बिना अधूरा है, &lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;नयनूराम शर्मा ने कोटा में बेगार-विरोधी आंदोलन और जन-जागरण को आगे बढ़ाया,  राजस्थान के प्रजामंडल आंदोलनों पर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र की सामग्री के अनुसार, उन्होंने अन्य सहयोगियों के साथ हाड़ौती प्रजामंडल की स्थापना की और बाद में 1938 में कोटा राज्य प्रजामंडल अस्तित्व में आया,  उसके प्रथम अधिवेशन का संबंध मांगरोल से था, &lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;यह आंदोलन गांधीजी के व्यापक राजनीतिक दर्शन से जुड़ी उस मांग का हिस्सा था जिसमें जनता को शासन में अधिकार और रियासतों में उत्तरदायी शासन देने की मांग की जा रही थी,  राजस्थान स्टेट आर्काइव्स के शोध पर आधारित प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, कोटा के स्वतंत्रता सेनानी रमेश्वर दयाल सक्सेना और उनके साथियों ने दिल्ली जाकर महात्मा गांधी से मुलाकात की तथा उन्हें कोटा और राजपूताना की रियासतों में चल रहे स्वतंत्रता आंदोलन की जानकारी दी,  राजस्थान राज्य अभिलेखागार के तत्कालीन निदेशक के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि गांधीजी ने उनके आंदोलन को समर्थन दिया,  यह तथ्य कोटा और गांधी के संबंध को समझने में अत्यंत महत्वपूर्ण है—गांधीजी को कोटा के आंदोलन की जानकारी थी और कोटा के कार्यकर्ताओं का गांधीजी से संपर्क था 1938-40 का कोटा प्रजामंडल का उद्देश्य जनता को राजनीतिक अधिकार दिलाना और रियासत में उत्तरदायी शासन की स्थापना करना था।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र के विवरण के अनुसार, 1938 में कोटा राज्य प्रजामंडल बना और नयनूराम शर्मा इसके प्रमुख नेताओं में थे। 1941 में नयनूराम शर्मा की हत्या के बाद नेतृत्व का भार अभिन्न हरि आदि कार्यकर्ताओं पर आया,  अन्य शोध-सामग्री में 1939 में मांगरोल में कोटा राज्य प्रजामंडल के प्रथम अधिवेशन और 1940 में कोटा में इसके अधिवेशन का उल्लेख मिलता है,  इस पूरे आंदोलन की वैचारिक पृष्ठभूमि में सत्याग्रह, अहिंसा, स्वदेशी, जन-अधिकार और उत्तरदायी शासन जैसे गांधीवादी तत्व स्पष्ट दिखाई देते हैं। 8 अगस्त 1942 को बम्बई में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने भारत छोड़ो प्रस्ताव पारित किया और गांधीजी ने &quot;करो या मरो&quot; का आह्वान किया,  इसका प्रभाव कोटा तक भी पहुंच,  राजस्थान के स्वतंत्रता आंदोलन के अभिलेखीय विवरण के अनुसार, 1942 में कोटा के प्रजामंडल कार्यकर्ताओं—अभिन्न हरि, शंभूदयाल सक्सेना, वेणी माधव, बागमल बांठिया और मोतीलाल जैन आदि—की गिरफ्तारियां हुईं,  इसके बाद आंदोलन और तेज हुआ तथा कोटा में जनता ने कोतवाली पर राष्ट्रीय झंडा फहराया,  राजस्थान राज्य अभिलेखागार के शोध पर आधारित रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त 1942 में कोटा शहर में स्वतंत्रता सेनानियों ने अभूतपूर्व प्रतिरोध किया और कई दिनों तक शहर में प्रशासन के विरुद्ध जन-प्रदर्शन चला,  इस प्रकार गांधीजी के भारत छोड़ो आंदोलन की गूंज कोटा की गलियों तक पहुंची और यहां के लोगों ने उसे अपने तरीके से आगे बढ़ाया,  कोटा और गांधी का सबसे बड़ा भौतिक स्मृति- सम्बन्ध 1948 से है, जो कोटा को गांधीजी के इतिहास से सीधे जोड़ता है,  30 जनवरी 1948 को महात्मा गांधी की हत्या हुई, &lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;उनकी अस्थियों को देश के विभिन्न हिस्सों में ले जाकर नदियों और जलाशयों में विसर्जित किया गया,  12 फरवरी 1948 को देश के अनेक स्थानों पर यह अंतिम श्रद्धांजलि कार्यक्रम हुआ,  नेहरू अभिलेखागार में भी 12 फरवरी 1948 को गांधीजी की अस्थियों के विसर्जन के अवसर पर जवाहरलाल नेहरू के भाषण का मूल संदर्भ उपलब्ध है,  इसी क्रम में कोटा को भी गांधीजी की अस्थियों का एक कलश प्राप्त हुआ। स्थानीय ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार, स्वतंत्रता सेनानी नगेन्द्र बाला दिल्ली से गांधीजी की अस्थियों का कलश लेकर कोटा पहुंचीं,  11 फरवरी को कलश को रामपुरा स्थित महात्मा गांधी विद्यालय के झरोखे में रखा गया और लोगों ने श्रद्धापूर्वक दर्शन किए,  अगले दिन अस्थियों का चम्बल में विसर्जन किया गया।  रामपुरा का महात्मा गांधी विद्यालय बना अस्थि-कलश का साक्षी, यह तथ्य कोटा के इतिहास के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है,  रामपुरा का महात्मा गांधी विद्यालय केवल गांधीजी के नाम वाला विद्यालय नहीं रहा; प्रकाशित विवरणों के अनुसार, गांधीजी के निधन के बाद उनकी अस्थियों का कलश यहां जनता के दर्शनार्थ रखा गया था,  इससे रामपुरा और महात्मा गांधी के बीच एक अत्यंत भावनात्मक ऐतिहासिक कड़ी बनती है, 12 फरवरी 1948—चम्बल ने अपने भीतर गांधी की अस्थियां समाईं, 12 फरवरी 1948 को कोटा में गांधीजी की अस्थियों का चम्बल नदी में विसर्जन किया गया, &lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;स्थानीय ऐतिहासिक रिपोर्टों के अनुसार, यह विसर्जन छोटी समाध क्षेत्र, चम्बल घाट से हुआ,  उस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग गांधीजी को अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे,  यह केवल धार्मिक अथवा अंतिम संस्कार की घटना नहीं थी,  यह उस समय की जनता के लिए राष्ट्रीय शोक, स्वतंत्रता-संग्राम की स्मृति और गांधी के प्रति श्रद्धा का सार्वजनिक समारोह था, &lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;कोटा के तत्कालीन शासक महाराव भीमसिंह द्वितीय का भी इस प्रसंग से संबंध बताया जाता है,  प्रकाशित स्थानीय विवरण के अनुसार, गांधीजी की अस्थियों के चम्बल-विसर्जन की स्मृति को स्थायी बनाने के लिए महाराव भीमसिंह द्वितीय द्वारा चम्बल तट पर स्मृति-स्थल बनवाया गया,  अर्थात उस समय गांधीजी केवल कांग्रेस या स्वतंत्रता आंदोलन के कार्यकर्ताओं के नेता नहीं थे—कोटा रियासत की ओर से भी उनकी स्मृति को सम्मान दिया गया,  इस कहानी का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह केवल मौखिक परंपरा नहीं है, &lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;चम्बल किनारे गांधीजी की अस्थि-विसर्जन स्मृति से संबंधित शिलालेख/स्मृति-शिला का उल्लेख स्थानीय रिपोर्टों में मिलता है,  1986 की भीषण बाढ़ में स्मृति-स्थल को नुकसान पहुंचा और प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार मूल स्मृति-शिला को सुरक्षित रखने के लिए कोट की दीवार में चुनवा दिया गया था,  इसलिए यह स्थान कोटा की गांधी-स्मृति का प्रत्यक्ष भौतिक प्रमाण है,  नगेन्द्र बाला—गांधी की अस्थियों को कोटा तक लाने वाली स्वतंत्रता सेनानी नगेन्द्र बाला का नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय है,  उपलब्ध जीवनी-स्रोतों में उन्हें कोटा की स्वतंत्रता सेनानी, समाजसेविका और बाद में देश की पहली महिला जिला प्रमुखों में अग्रणी बताया गया है,  उनके बारे में प्रकाशित सामग्री में स्पष्ट उल्लेख है कि गांधीजी के निधन के बाद वे दिल्ली से अस्थि-कलश लेकर कोटा आईं और चम्बल में अस्थियों का विसर्जन किया,  राजस्थान राज्य अभिलेखागार के अनुसार कोटा के अभिलेख 1675 से 1948 तक उपलब्ध हैं और इनमें हाड़ौती, अंग्रेजी तथा उर्दू में सामग्री सुरक्षित है,&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;चम्बल में केवल अस्थियां नहीं, एक युग की स्मृति प्रवाहित हुई थी,  कोटा और महात्मा गांधी का रिश्ता किसी एक सड़क, प्रतिमा या विद्यालय के नाम से नहीं बनता, यह रिश्ता बना—&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;गांधी के विचारों से,&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;खादी और स्वदेशी से,&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;कोटा के प्रजामंडल आंदोलन से,&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष से,&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;1942 के जन-आंदोलन से,&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;नगेन्द्र बाला के हाथों कोटा पहुंची गांधीजी की अस्थियों से,&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;रामपुरा के महात्मा गांधी विद्यालय से, और 12 फरवरी 1948 को चम्बल में हुए उस ऐतिहासिक अस्थि-विसर्जन से,  कोटा के लिए चम्बल का वह घाट केवल एक नदी-तट नहीं है,  वह स्वतंत्र भारत के आरंभिक दिनों की ऐसी ऐतिहासिक स्मृति है, जहां देश ने अपने राष्ट्रपिता को अंतिम श्रद्धांजलि दी थी, &lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;और शायद इसीलिए कोटा की गांधी-कथा का सबसे मार्मिक वाक्य यही हो सकता है—&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;&quot;गांधीजी शायद कोटा की धरती पर अपने जीवनकाल में आए हों या न आए हों—इस तथ्य की पुष्टि के लिए प्राथमिक दस्तावेजों की और खोज आवश्यक है; लेकिन उनकी अस्थियां कोटा की धरती पर आईं, रामपुरा की जनता ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और चम्बल ने उन्हें अपने भीतर समा लिया—यह कोटा के इतिहास का दस्तावेजी और स्मारकीय सत्य है,, अख़्तर खान अकेला कोटा राजस्थान 9829086339 &lt;/div&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;div class=&quot;blogger-post-footer&quot;&gt;www.akhtarkhanakela.blogspot.com&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/feeds/7955783355256463984/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/10/blog-post_848.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/7955783355256463984'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/7955783355256463984'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/10/blog-post_848.html' title='  कोटा से गांधी, गांधी की स्मृतियां जुड़ी हैं, लेकिन कोंग्रेस ओर कोटा वासियों ने गांधी का सम्मान, गांधी के स्मारक बार बार चेताने के बाद भी संरक्षित कारवां जनता के लिये महिमा मंडित नहीं किये, देश ही नहीं विश्व जानता है,'/><author><name>आपका अख्तर खान अकेला</name><uri>http://www.blogger.com/profile/13961090452499115999</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='https://img1.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2021412620618906635.post-846604627771911491</id><published>2026-10-02T19:30:51.824-07:00</published><updated>2026-10-02T19:30:51.825-07:00</updated><title type='text'>  कोटा में चाकूबाजी और अवैध हथियारों पर पुलिस का शिकंजा, आज से शुरू हुआ ‘हॉक’ स्पेशल अभियान</title><content type='html'>&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;span class=&quot;x193iq5w xeuugli x13faqbe x1vvkbs x1xmvt09 x1lliihq x1s928wv xhkezso x1gmr53x x1cpjm7i x1fgarty x1943h6x xudqn12 x3x7a5m x6prxxf xvq8zen xo1l8bm xzsf02u x1yc453h&quot; dir=&quot;auto&quot;&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;कोटा में चाकूबाजी और अवैध हथियारों पर पुलिस का शिकंजा, आज से शुरू हुआ ‘हॉक’ स्पेशल अभियान&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;कोटा शहर में चाकूबाजी और फायरिंग की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। आईजी के निर्देश पर 2 अक्टूबर से पूरे महीने ‘हॉक’ यानी Hunt Against Weapons and Knives स्पेशल अभियान शुरू किया गया है।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;अभियान के तहत कोटा शहर को 9 हिस्सों में बांटा गया है। 9 विशेष वाहनों में प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों की टीमें तैनात रहेंगी। हर टीम में 6 पुलिसकर्मी होंगे और तीन-तीन थानों की टीम को मिलाकर संवेदनशील इलाकों में निगरानी एवं औचक चेकिंग की जाएगी।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;पुलिस की इन टीमों के पास हैंड मेटल डिटेक्टर रहेंगे। टीमों को पहले विशेष ट्रेनिंग दी गई है, ताकि संदिग्ध लोगों की प्रभावी चेकिंग की जा सके। पुलिस किसी एक तय स्थान या समय की जानकारी सार्वजनिक नहीं करेगी और ये स्टेल्थ टीमें शहर में कहीं भी औचक निरीक्षण कर सकती हैं।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;पुलिस की नजर बाजार, सार्वजनिक स्थान, पार्क, चाय की थड़ी, गर्ल्स स्कूल के आसपास और उन सभी संवेदनशील स्थानों पर रहेगी, जहां चाकूबाजी या हथियारों से जुड़ी गतिविधियों की आशंका रहती है।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आर्म्स एक्ट के तहत अवैध हथियार रखना ही नहीं, बल्कि उनकी अवैध बिक्री भी अपराध है। धारदार हथियारों से जुड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। हथियार मिलने पर एफआईआर और गिरफ्तारी की कार्रवाई भी की जा सकती है।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;अभियान का फोकस तीन चरणों पर रहेगा—डिटेक्ट, डिटेन और दिशा। पहले ऐसे स्थानों और लोगों को चिन्हित किया जाएगा, जहां हथियारों से जुड़ी गतिविधियां सामने आ रही हैं। इसके बाद संदिग्धों की जांच और पूछताछ की जाएगी और जरूरत के अनुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;अगर कोई व्यक्ति बार-बार इस तरह के अपराध में शामिल पाया जाता है या उसके खिलाफ पुराने आपराधिक मामले हैं, तो नए आपराधिक कानूनों के तहत उपलब्ध प्रावधानों के अनुसार अतिरिक्त सख्त कार्रवाई की जाएगी।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;इसके साथ ही चाकू कहां से आ रहे हैं, इसकी भी जांच होगी। यदि ऑनलाइन चाकुओं की बिक्री सामने आती है तो साइबर अपराध शाखा और संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर कार्रवाई की जाएगी।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि किसी संवेदनशील स्थान पर संदिग्ध लोगों का जमावड़ा रहता है या किसी व्यक्ति के पास अवैध हथियार होने की जानकारी है, तो पुलिस कंट्रोल रूम या हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें। प्राप्त सूचना के आधार पर हॉक टीमों को संबंधित स्थान पर भेजकर कार्रवाई की जाएगी।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस अभियान का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर चाकूबाजी और अवैध हथियारों के इस्तेमाल पर प्रभावी रोक लगाना है, ताकि आम लोगों में भय का माहौल पैदा न हो।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक चाकूबाजी के मामलों में कमी आई है। पिछले साल अगस्त तक 64 मामले दर्ज हुए थे, जबकि इस साल अगस्त तक यह संख्या घटकर 54 रह गई है। इसके बावजूद पुलिस ने इन घटनाओं पर और प्रभावी नियंत्रण के लिए पूरे अक्टूबर महीने तक यह विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है।&lt;/div&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;div class=&quot;blogger-post-footer&quot;&gt;www.akhtarkhanakela.blogspot.com&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/feeds/846604627771911491/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/10/blog-post_504.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/846604627771911491'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/846604627771911491'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/10/blog-post_504.html' title='  कोटा में चाकूबाजी और अवैध हथियारों पर पुलिस का शिकंजा, आज से शुरू हुआ ‘हॉक’ स्पेशल अभियान'/><author><name>आपका अख्तर खान अकेला</name><uri>http://www.blogger.com/profile/13961090452499115999</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='https://img1.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2021412620618906635.post-5498681483810609217</id><published>2026-10-02T19:30:07.631-07:00</published><updated>2026-10-02T19:30:07.631-07:00</updated><title type='text'>  गांधी के अहिंसा संदेश को जीवन में उतारें युवा : पंकज मेहता</title><content type='html'>&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;span class=&quot;x193iq5w xeuugli x13faqbe x1vvkbs x1xmvt09 x1lliihq x1s928wv xhkezso x1gmr53x x1cpjm7i x1fgarty x1943h6x xudqn12 x3x7a5m x6prxxf xvq8zen xo1l8bm xzsf02u x1yc453h&quot; dir=&quot;auto&quot;&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;गांधी के अहिंसा संदेश को जीवन में उतारें युवा : पंकज मेहता&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;कला कन्या महाविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस पर कार्यक्रम, छात्राओं ने लिया स्वच्छता का संकल्प&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;के डी अब्बासी&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;कोटा। राजकीय कला कन्या महाविद्यालय में शुक्रवार को महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री जयंती के अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष एवं गांधीवादी विचारक पंकज मेहता ने छात्राओं को गांधीजी के अहिंसक विचारों तथा शास्त्रीजी के दृढ़ संकल्प और ईमानदारी को जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;कार्यक्रम की शुरुआत गांधीजी और शास्त्रीजी के चित्रों पर दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण से हुई। संगीत विभाग द्वारा ‘वैष्णव जन तो तेने कहिये’ तथा सामूहिक रूप से ‘रघुपति राघव राजा राम’ भजन प्रस्तुत किया गया। गांधी अध्ययन केंद्र प्रभारी डॉ. सुबोध कुमार ने गांधीजी के सत्य और अहिंसा के दर्शन पर प्रकाश डाला।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;प्राचार्य डॉ. सीमा चौहान ने कर्तव्यनिष्ठा, सादगी और राष्ट्रसेवा का संदेश दिया। अंत में ‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत एनएसएस स्वयंसेविकाओं ने महाविद्यालय परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया। कार्यक्रम का संचालन धन्नाराम गुर्जर ने किया। वरिष्ठ संकाय सदस्य मीरा गुप्ता ने आभार जताया।&lt;/div&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;div class=&quot;blogger-post-footer&quot;&gt;www.akhtarkhanakela.blogspot.com&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/feeds/5498681483810609217/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/10/blog-post_779.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/5498681483810609217'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/5498681483810609217'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/10/blog-post_779.html' title='  गांधी के अहिंसा संदेश को जीवन में उतारें युवा : पंकज मेहता'/><author><name>आपका अख्तर खान अकेला</name><uri>http://www.blogger.com/profile/13961090452499115999</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='https://img1.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2021412620618906635.post-8298859557025227561</id><published>2026-10-02T19:28:29.800-07:00</published><updated>2026-10-02T19:28:29.800-07:00</updated><title type='text'>ब्रह्मचर्य पर मुनि योगसागर जी का संदेश</title><content type='html'>&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;span class=&quot;x193iq5w xeuugli x13faqbe x1vvkbs x1xmvt09 x1lliihq x1s928wv xhkezso x1gmr53x x1cpjm7i x1fgarty x1943h6x xudqn12 x3x7a5m x6prxxf xvq8zen xo1l8bm xzsf02u x1yc453h&quot; dir=&quot;auto&quot;&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;ब्रह्मचर्य पर मुनि योगसागर जी का संदेश&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;ब्रह्मचर्य केवल संयम नहीं, आत्मा में रमण की साधना : मुनि योगसागर जी&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;के डी अब्बासी &lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;कोटा, 2 अक्टूबर। श्री पुण्योदय अतिशय क्षेत्र, नसियां जी, दादाबाड़ी में मुनि श्री 108 योगसागर जी महाराज ने रत्नकरण्डक श्रावकाचार की प्रवचन श्रृंखला में ब्रह्मचर्याणुव्रत का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि ब्रह्म का अर्थ आत्मा है और आत्मा में लीन होने की दिशा में निरंतर बढ़ना ही वास्तविक ब्रह्मचर्य है।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;मुनि श्री ने कहा कि ब्रह्मचर्य केवल बाहरी आचरण नहीं, बल्कि मन, वचन और काय के परिणामों की शुद्धि की साधना है। विषय-वासनाओं, राग-द्वेष और कषायों से सावधान रहकर आत्मस्वरूप में रमण करना ही इसका उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि काया, वचन और अंततः मन का संयम साधक को आत्मानुभूति की ओर ले जाता है।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;मुनि श्री ने ब्रह्मचर्य व्रत के अतिचारों से बचने के लिए निरंतर जागरूकता, आचार-शास्त्र के अध्ययन और स्वाध्याय को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि अंतरंग विकारों पर विजय प्राप्त करना ही आत्मकल्याण के मार्ग को प्रशस्त करता है।&lt;/div&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;div class=&quot;blogger-post-footer&quot;&gt;www.akhtarkhanakela.blogspot.com&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/feeds/8298859557025227561/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/10/blog-post_981.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/8298859557025227561'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/8298859557025227561'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/10/blog-post_981.html' title='ब्रह्मचर्य पर मुनि योगसागर जी का संदेश'/><author><name>आपका अख्तर खान अकेला</name><uri>http://www.blogger.com/profile/13961090452499115999</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='https://img1.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2021412620618906635.post-3917222091526995752</id><published>2026-10-02T19:26:37.313-07:00</published><updated>2026-10-02T19:26:37.313-07:00</updated><title type='text'> और अगर ये कुफ्फार सुलह की तरफ माएल हो तो तुम भी उसकी तरफ माएल हो और ख़ुदा पर भरोसा रखो (क्योंकि) वह बेशक (सब कुछ) सुनता जानता है</title><content type='html'>&lt;p&gt;&amp;nbsp;और अगर ये कुफ्फार सुलह की तरफ माएल हो तो तुम भी उसकी तरफ माएल हो और ख़ुदा पर भरोसा रखो (क्योंकि) वह बेशक (सब कुछ) सुनता जानता है (61)&lt;br /&gt;
  और अगर वह लोग तुम्हें फरेब देना चाहे तो (कुछ परवा नहीं) ख़ुदा तुम्हारे वास्ते यक़ीनी काफी है-(ऐ रसूल) वही तो वह (ख़ुदा) है जिसने अपनी ख़ास मदद और मोमिनीन से तुम्हारी ताईद की (62)&lt;br /&gt;
  और उसी ने उन मुसलमानों के दिलों में बाहम ऐसी उलफ़त पैदा कर दी कि अगर तुम जो कुछ ज़मीन में है सब का सब खर्च कर डालते तो भी उनके दिलो में ऐसी उलफ़त पैदा न कर सकते मगर ख़़ुदा ही था जिसने बाहम उलफत पैदा की बेशक वह ज़बरदस्त हिक़मत वाला है (63)&lt;br /&gt;
  ऐ रसूल तुमको बस ख़ुदा और जो मोमिनीन तुम्हारे ताबेए फरमान (फरमाबरदार) है काफी है (64)&lt;br /&gt;
  ऐ रसूल तुम मोमिनीन को जिहाद के वास्ते आमादा करो (वह घबराए नहीं ख़ुदा उनसे वायदा करता है कि) अगर तुम लोगों में के साबित क़दम रहने वाले बीस भी होगें तो वह दो सौ (काफिरों) पर ग़ालिब आ जायेगे और अगर तुम लोगों में से साबित कदम रहने वालों सौ होगें तो हज़ार (काफिरों) पर ग़ालिब आ जाएँगें इस सबब से कि ये लोग ना समझ हैं (65)&lt;br /&gt;
  अब ख़़ुदा ने तुम से (अपने हुक्म की सख़्ती में) तख़्फ़ीफ (कमी) कर दी और देख लिया कि तुम में यक़ीनन कमज़ोरी है तो अगर तुम लोगों में से साबित क़दम रहने वाले सौ होगें तो दो सौ (काफि़रों) पर ग़ालिब रहेंगें और अगर तुम लोगों में से (ऐसे) एक हज़ार होगें तो ख़ुदा के हुक्म से दो हज़ार (काफि़रों) पर ग़ालिब रहेंगे और (जंग की तकलीफों को) झेल जाने वालों का ख़ुदा साथी है (66)&lt;br /&gt;
  कोई नबी जब कि रूए ज़मीन पर (काफिरों का) खून न बहाए उसके यहाँ कै़दियों का रहना मुनासिब नहीं तुम लोग तो दुनिया के साज़ो सामान के ख़्वाहा (चाहने वाले) हो औॅर ख़़ुदा (तुम्हारे लिए) आखि़रत की (भलाई) का ख्वाहा है और ख़ुदा ज़बरदस्त हिकमत वाला है (67)&lt;br /&gt;
  और अगर ख़ुदा की तरफ से पहले ही (उसकी) माफी का हुक्म आ चुका होता तो तुमने जो (बदर के क़ैदियों के छोड़ देने के बदले) फिदिया लिया था (68)&lt;br /&gt;
  उसकी सज़ा में तुम पर बड़ा अज़ाब नाजि़ल होकर रहता तो (ख़ैर जो हुआ सो हुआ) अब तुमने जो माल ग़नीमत हासिल किया है उसे खाओ (और तुम्हारे लिए) हलाल तय्यब है और ख़ुदा से डरते रहो बेशक ख़ुदा बड़ा बख़्शने वाला मेहरबान है (69)&lt;br /&gt;
  ऐ रसूल जो कै़दी तुम्हारे कब्जे़ में है उनसे कह दो कि अगर तुम्हारे दिलों में नेकी देखेगा तो जो (माल) तुम से छीन लिया गया है उससे कहीं बेहतर तुम्हें अता फरमाएगा और तुम्हें बख़्श भी देगा और ख़ुदा तो बड़ा बख़्शने वाला मेहरबान है (70)&lt;/p&gt;&lt;div class=&quot;blogger-post-footer&quot;&gt;www.akhtarkhanakela.blogspot.com&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/feeds/3917222091526995752/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/10/blog-post_02.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/3917222091526995752'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/3917222091526995752'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/10/blog-post_02.html' title=' और अगर ये कुफ्फार सुलह की तरफ माएल हो तो तुम भी उसकी तरफ माएल हो और ख़ुदा पर भरोसा रखो (क्योंकि) वह बेशक (सब कुछ) सुनता जानता है'/><author><name>आपका अख्तर खान अकेला</name><uri>http://www.blogger.com/profile/13961090452499115999</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='https://img1.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2021412620618906635.post-1599862731011814818</id><published>2026-10-01T21:05:14.754-07:00</published><updated>2026-10-01T21:05:14.755-07:00</updated><title type='text'>श्रीराम मंदिर प्रबंध समिति के पूर्व अध्यक्ष ऋषि कुमार शर्मा का जीवन सेवा और समर्पण की मिसाल</title><content type='html'>&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;span class=&quot;x193iq5w xeuugli x13faqbe x1vvkbs x1xmvt09 x1lliihq x1s928wv xhkezso x1gmr53x x1cpjm7i x1fgarty x1943h6x xudqn12 x3x7a5m x6prxxf xvq8zen xo1l8bm xzsf02u x1yc453h&quot; dir=&quot;auto&quot;&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;श्रीराम मंदिर प्रबंध समिति के पूर्व अध्यक्ष ऋषि कुमार शर्मा का जीवन&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;सेवा और समर्पण की मिसाल&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;के. डी. अब्बासी&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;कोटा। स्टेशन क्षेत्र के भीमगंज मंडी स्थित श्रीराम मंदिर के 80 वर्षीय अध्यक्ष ऋषि कुमार शर्मा का कार्यकाल बेदाग और बेमिसाल रहा। ईमानदार,निडर भाई ऋषि कुमार जी ने  लंबे समय तक मंदिर की व्यवस्थाओं, मानव सेवा और गौ सेवा को समर्पित किया है।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt; ऋषि शर्मा का कहना है कि पद भले ही न रहे, लेकिन श्रीराम मंदिर, मानव सेवा और गौ सेवा का संकल्प जीवनभर जारी रहेगा।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;ऋषि शर्मा रोजाना करीब चार से पांच घंटे मंदिर में समय देते रहे हैं। मंदिर में किसी आयोजन या धार्मिक कार्यक्रम के दौरान वे पूरे समय उपस्थित रहकर व्यवस्थाओं में जुटे रहते हैं। लगभग 80 वर्ष की उम्र में भी उनका यह सेवाभाव लोगों के लिए चर्चा का विषय रहा है।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;संघ की पाठशाला से सीखा अनुशासन, सेवा को बनाया जीवन का उद्देश्य&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;ऋषि कुमार शर्मा की पृष्ठभूमि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ी रही है। संघ की पाठशाला में उन्होंने सेवा और अनुशासन का पाठ सीखा और इन्हीं संस्कारों को अपने जीवन में उतारा। मंदिर में कार्य करते समय भी अनुशासन और स्पष्टवादिता उनकी कार्यशैली का हिस्सा रही। अपने कार्यकाल में&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;चांदी के सिंहासन से लेकर चिकित्सालय तक कई महत्वपूर्ण कार्य&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;ऋषि कुमार शर्मा और उनकी टीम के कार्यकाल में श्रीराम मंदिर में कई उल्लेखनीय कार्य हुए। इनमें भगवान श्रीराम और हनुमानजी के लिए चांदी के सिंहासन बनवाना प्रमुख है, जिससे मंदिर की शोभा में वृद्धि हुई।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;श्रीराम चिकित्सालय के विकास में भी महत्वपूर्ण प्रयास किए गए। चिकित्सालय के लिए उपचार संबंधी मशीनें, एंबुलेंस, भवन सहित विभिन्न कार्यों में सहयोग किया गया। पूर्व मंत्री स्वर्गीय ललित किशोर चतुर्वेदी के योगदान को भी इस दौरान विशेष रूप से याद किया जाता है।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;ऋषि शर्मा ने चिकित्सालय से जुड़े कार्यों और पुराने सहयोगियों के योगदान को सम्मान देने की दिशा में भी पहल की। उनका मानना रहा कि संस्था के विकास में जिन लोगों ने योगदान दिया, उनके सहयोग को भुलाया नहीं जाना चाहिए।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;कोरोना काल में भी नहीं थमने दी सेवा&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;कोरोना काल के दौरान जब अनेक व्यवस्थाएं प्रभावित हुईं, तब भी ऋषि कुमार शर्मा ने श्रीराम मंदिर के चिकित्सालय को बंद नहीं होने दिया। कर्मचारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करते हुए आसपास रहने वाले जरूरतमंद और गरीब लोगों के भोजन की व्यवस्था में भी सहयोग किया।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;कोरोना संक्रमण बढ़ने के दौरान मंदिर की एंबुलेंस की व्यवस्था कर जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने और मंदिर की व्यवस्थाओं की निगरानी में भी वे सक्रिय रहे।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;साफगोई और सेवा ही पहचान&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;ऋषि कुमार शर्मा की कार्यशैली की सबसे बड़ी पहचान उनकी स्पष्टवादिता और सेवा भावना रही है। वे सही को सही और गलत को गलत कहने में संकोच नहीं करते। कई बार उनकी साफगोई लोगों को पसंद नहीं भी आती, लेकिन उन्होंने अपनी कार्यशैली में बदलाव नहीं किया।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;पूजा-पाठ, मंदिर सेवा, मानव सेवा और गौ सेवा को अपने जीवन का उद्देश्य मानने वाले ऋषि कुमार शर्मा का जीवन सादगी और सेवा के प्रति समर्पण का उदाहरण रहा है। अध्यक्ष पद से कार्यकाल पूरा होने के बाद भी वे श्रीराम मंदिर को उसी तरह समय दे रहे हैं और सेवा कार्यों से जुड़े हुए  हैं जैसे पहले जुड़े हुए थे&lt;/div&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;div class=&quot;blogger-post-footer&quot;&gt;www.akhtarkhanakela.blogspot.com&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/feeds/1599862731011814818/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/10/blog-post_463.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/1599862731011814818'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/1599862731011814818'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/10/blog-post_463.html' title='श्रीराम मंदिर प्रबंध समिति के पूर्व अध्यक्ष ऋषि कुमार शर्मा का जीवन सेवा और समर्पण की मिसाल'/><author><name>आपका अख्तर खान अकेला</name><uri>http://www.blogger.com/profile/13961090452499115999</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='https://img1.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2021412620618906635.post-3289148387890504636</id><published>2026-10-01T21:04:34.340-07:00</published><updated>2026-10-01T21:04:34.340-07:00</updated><title type='text'>  जन्मदिन पर डबल खुशी का धमाका, गैलेंट्री प्रमोशन से हैड कांस्टेबल अशोक सिंह बने सहायक थानेदार। </title><content type='html'>&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;span class=&quot;x193iq5w xeuugli x13faqbe x1vvkbs x1xmvt09 x1lliihq x1s928wv xhkezso x1gmr53x x1cpjm7i x1fgarty x1943h6x xudqn12 x3x7a5m x6prxxf xvq8zen xo1l8bm xzsf02u x1yc453h&quot; dir=&quot;auto&quot;&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;जन्मदिन पर डबल खुशी का धमाका, गैलेंट्री प्रमोशन से हैड कांस्टेबल अशोक सिंह बने सहायक थानेदार। &lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;के डी अब्बासी&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;अपराधों के खुलासे में अहम भूमिका निभाने वालों में है नाम&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;के. डी. अब्बासी | कोटा। कोटा शहर पुलिस में अपनी मेहनत, कर्तव्यनिष्ठा,दोस्तो के दोस्त मिलनसार व्यवहार और साहस के लिए पहचान रखने वाले हैड कांस्टेबल अशोक सिंह के लिए आज का दिन बेहद खास और यादगार बन गया। जन्मदिन के मौके पर उन्हें एक साथ दोहरी खुशियों की सौगात मिली। एक ओर जन्मदिन की खुशी, वहीं दूसरी ओर गैलेंट्री प्रमोशन के जरिए थानेदार बनने पर परिवार, मित्रों और शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;अशोक सिंह ने पुलिस सेवा के दौरान कई महत्वपूर्ण मामलों में सक्रिय भूमिका निभाई है और अनगिनत अपराधों के खुलासे में अहम योगदान देकर अपनी कार्यकुशलता और पुलिस सेवा के प्रति समर्पण का परिचय दिया है। उनके प्रमोशन की खबर सामने आते ही साथी पुलिसकर्मियों, मित्रों और शुभचिंतकों की ओर से बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;शुभचिंतकों ने अशोक सिंह को जन्मदिन की हार्दिक बधाई देते हुए सहायक थानेदार पद पर गैलेंट्री प्रमोशन की ढेरों शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि अशोक सिंह इसी तरह अपनी मेहनत, साहस और कर्तव्यनिष्ठा के साथ पुलिस विभाग में आगे बढ़ते रहें और अपने कार्यों से राजपूत समाज का नाम रोशन करते रहें।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;जन्मदिन और प्रमोशन की इस दोहरी खुशी पर अशोक सिंह को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए ढेरों शुभकामनाएं। अशोक सिंह की&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;18 साल की राजस्थान पुलिस की सर्विस बेदाग, साफ़ छवि की रही हैं। अशोक सिंह के भीमगंजमंडी  थाने के कार्यकाल को स्थानीय निवासी आज भी याद करते है।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;अशोक सिंह के जन्मदिन पर अधिस्वीकृत पत्रकार महासंघ के अध्यक्ष, पूर्व संयुक्त निदेशक सूचना एव जनसंपर्क विभाग, वरिष्ठ पत्रकार लेखक डॉक्टर प्रभात कुमार सिंघल, स्वतंत्र पत्रकार के डी अब्बासी, भारत की महिमा के प्रधान संपादक डी एन गांधी, संपादक बृजराज सिंह सोलंकी, सहायक संपादक कादर खान, वरिष्ठ स्वतंत्र पत्रकार सुधींद्र गौड़,राजस्थान अधिस्वीकृति महासंघ के लीगल एडवाइजर वरिष्ठ पत्रकार एडवोकेट अख्तर खान अकेला,एडवोकेट इकरामुद्दीन खान ने बधाई दी है।&lt;/div&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;div class=&quot;blogger-post-footer&quot;&gt;www.akhtarkhanakela.blogspot.com&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/feeds/3289148387890504636/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/10/blog-post_01.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/3289148387890504636'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/3289148387890504636'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/10/blog-post_01.html' title='  जन्मदिन पर डबल खुशी का धमाका, गैलेंट्री प्रमोशन से हैड कांस्टेबल अशोक सिंह बने सहायक थानेदार। '/><author><name>आपका अख्तर खान अकेला</name><uri>http://www.blogger.com/profile/13961090452499115999</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='https://img1.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2021412620618906635.post-9087436699847909508</id><published>2026-10-01T21:02:36.000-07:00</published><updated>2026-10-01T21:02:36.001-07:00</updated><title type='text'>और काश (ऐ रसूल) तुम देखते जब फ़रिश्ते काफि़रों की जान निकाल लेते थे और रूख़ और पुश्त(पीठ) पर कोड़े मारते थे और (कहते थे कि) अज़ाब जहन्नुम के मज़े चखों</title><content type='html'>&lt;p&gt;और काश (ऐ रसूल) तुम देखते जब फ़रिश्ते काफि़रों की जान निकाल लेते थे और रूख़ और पुश्त(पीठ) पर कोड़े मारते थे और (कहते थे कि) अज़ाब जहन्नुम के मज़े चखों (50)&lt;br /&gt;ये सज़ा उसकी है जो तुम्हारे हाथों ने पहले किया कराया है और ख़ुदा बन्दों पर हरगिज़ ज़ुल्म नहीं किया करता है (51)&lt;br /&gt;(उन लोगों की हालत) क़ौमे फिरआऊन और उनके लोगों की सी है जो उन से पहले थे और ख़़ुदा की आयतों से इन्कार करते थे तो ख़़ुदा ने भी उनके गुनाहों की वजह से उन्हें ले डाला बेषक ख़ुदा ज़बरदस्त और बहुत सख़्त अज़ाब देने वाला है (52)&lt;br /&gt;ये सज़ा इस वजह से (दी गई) कि जब कोई नेअमत ख़ुदा किसी क़ौम को देता है तो जब तक कि वह लोग ख़ुद अपनी कलबी हालत (न) बदलें ख़ुदा भी उसे नहीं बदलेगा और ख़़ुदा तो यक़ीनी (सब की सुनता) और सब कुछ जानता है (53)&lt;br /&gt;(उन लोगों की हालत) क़ौम फिरआऊन और उन लोगों की सी है जो उनसे पहले थे और अपने परवरदिगार की आयतों को झुठलाते थे तो हमने भी उनके गुनाहों की वजह से उनको हलाक़ कर डाला और फिरआऊन की क़ौम को डुबा मारा और (ये) सब के सब ज़ालिम थे (54)&lt;br /&gt;इसमें शक नहीं कि ख़़ुदा के नज़दीक जानवरों में कुफ़्फ़ार सबसे बदतरीन तो (बावजूद इसके) फिर ईमान नहीं लाते (55)&lt;br /&gt;ऐ रसूल जिन लोगों से तुम ने एहद व पैमान किया था फिर वह लोग अपने एहद को हर बार तोड़ डालते है और (फिर ख़़ुदा से) नहीं डरते (56)&lt;br /&gt;तो अगर वह लड़ाई में तुम्हारे हाथे चढ़ जाएँ तो (ऐसी सख़्त गोशमाली दो कि) उनके साथ साथ उन लोगों का तो अगर वह लड़ाई में तुम्हारे हत्थे चढ़ जाएं तो (ऐसी सजा दो की) उनके साथ उन लोगों को भी तितिर बितिर कर दो जो उन के पुश्त पर हो ताकि ये इबरत हासिल करें (57)&lt;br /&gt;और अगर तुम्हें किसी क़ौम की ख़्यानत (एहद शिकनी(वादा खि़लाफी)) का ख़ौफ हो तो तुम भी बराबर उनका एहद उन्हीं की तरफ से फेंकी मारो (एहदो शिकन के साथ एहद शिकनी करो ख़़ुदा हरगिज़ दग़ाबाजों को दोस्त नहीं रखता (58)&lt;br /&gt;और कुफ़्फ़ार ये न ख़्याल करें कि वह (मुसलमानों से) आगे बढ़ निकले (क्योंकि) वह हरगिज़ (मुसलमानों को) हरा नहीं सकते (59)&lt;br /&gt;और (मुसलमानों तुम कुफ्फार के मुकाबले के) वास्ते जहाँ तक तुमसे हो सके (अपने बाज़ू के) ज़ोर से और बॅधे हुए घोड़े से लड़ाई का सामान मुहय्या करो इससे ख़़ुदा के दुष्मन और अपने दुश्मन और उसके सिवा दूसरे लोगों पर भी अपनी धाक बढ़ा लेगें जिन्हें तुम नहीं जानते हो मगर ख़ुदा तो उनको जानता है और ख़ुदा की राह में तुम जो कुछ भी ख़र्च करोगें वह तुम पूरा पूरा भर पाओगें और तुम पर किसी तरह ज़ुल्म नहीं किया जाएगा (60)&amp;nbsp;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;div class=&quot;blogger-post-footer&quot;&gt;www.akhtarkhanakela.blogspot.com&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/feeds/9087436699847909508/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/10/blog-post.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/9087436699847909508'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/9087436699847909508'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/10/blog-post.html' title='और काश (ऐ रसूल) तुम देखते जब फ़रिश्ते काफि़रों की जान निकाल लेते थे और रूख़ और पुश्त(पीठ) पर कोड़े मारते थे और (कहते थे कि) अज़ाब जहन्नुम के मज़े चखों'/><author><name>आपका अख्तर खान अकेला</name><uri>http://www.blogger.com/profile/13961090452499115999</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='https://img1.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2021412620618906635.post-6085659750817899675</id><published>2026-09-30T19:26:39.827-07:00</published><updated>2026-09-30T19:26:39.827-07:00</updated><title type='text'> बुरा हरगिज़ मत मानना </title><content type='html'>&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;span class=&quot;x193iq5w xeuugli x13faqbe x1vvkbs x1xmvt09 x1lliihq x1s928wv xhkezso x1gmr53x x1cpjm7i x1fgarty x1943h6x xudqn12 x3x7a5m x6prxxf xvq8zen xo1l8bm xzsf02u x1yc453h&quot; dir=&quot;auto&quot;&gt;बुरा हरगिज़ मत मानना , गुस्से भी मत होना, बस नगर निगम कोटा उप चुनाव में  मारपीट, मोबाइल छीना झपटी के शिकार पत्रकार, एफ आई आर कराने वाले पीड़ित पत्रकार, उनके समर्थन में धरना देने वाले मेरे भाई पत्रकार जन, ओर कोटा के एक दर्जन पत्रकार संगठनों के पदाधिकारीगण ज़रा अपने धड़कते दिल से पूंछना , इतनी बढ़ी घटना , पत्रकार की पिटाई , एफ आई आर, विधायक का आश्वासन ओर फ़ाइल ठंडे बस्ते में , पीड़ित पत्रकारों, उनके समर्थकों, पत्रकार संगठनों की चुप्पी , वोह भी तब, जब मुख्यमंत्री राजस्थान भजन लाल खुद कोटा चल कर आये, पत्रकारों से रूबरू हुए, लेकिन किसी बहादुर जर्नलिस्ट ने पत्रकार पिटाई, ठंडे बस्ते में फ़ाइल के बारे में सवाल तक नहीं किया, ज्ञापन तो दूर की बात है, ओर पत्रकारों की समस्याएँ, प्लॉट, आवासीय योजना , आर जी एच एस डाउन लोड होने में परेशानी,  पत्रकार पेंशन बढोत्तरी , पेबशन सरलीकरण, छोटे मंझोले समाचार पत्रों की वियापन गारंटी, पत्रकार भृमण योजना, वगेरा किसी मामले में सवाल तक नहीं किया, रखो अपने धड़कते दिल पर हाथ और बताओ, लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ क्या इतना कमजोर है, अरे तुम 1500 हो 2000 हो , 5000 हो 15000 हो या अकेले हो, संघर्ष तो करो, आवाज़ तो उठाओ, फिर कोंन भरोसा करेगा, जो खुद की पिटाई, प्रताड़ना पर चुप है, वोह आम लोगों के  इंसाफ के लिए क्या निष्पक्ष करेंगे, फिर क्या फायदा लेटर पेड़ का , 4 , 4 पेज के ज्ञापन टाइपिंग का किसी के 2, 3,  घण्टे खराब कर सलाह मशवरे का,  अख़्तर&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;&lt;div class=&quot;blogger-post-footer&quot;&gt;www.akhtarkhanakela.blogspot.com&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/feeds/6085659750817899675/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/09/blog-post_183.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/6085659750817899675'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/6085659750817899675'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/09/blog-post_183.html' title=' बुरा हरगिज़ मत मानना '/><author><name>आपका अख्तर खान अकेला</name><uri>http://www.blogger.com/profile/13961090452499115999</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='https://img1.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2021412620618906635.post-6002214300082302496</id><published>2026-09-30T19:25:21.452-07:00</published><updated>2026-09-30T19:25:21.453-07:00</updated><title type='text'>   और ख़़ुदा तो सब तद्बीर करने वालों से बेहतर है और जब उनके सामने हमारी आयते पढ़ी जाती हैं तो बोल उठते हैं कि हमने सुना तो लेकिन अगर हम चाहें तो यक़ीनन ऐसा ही (क़रार) हम भी कह सकते हैं-तो बस अगलों के कि़स्से है</title><content type='html'>&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;और ख़़ुदा तो सब तद्बीर करने वालों से बेहतर है और जब उनके सामने हमारी आयते पढ़ी जाती हैं तो बोल उठते हैं कि हमने सुना तो लेकिन अगर हम चाहें तो यक़ीनन ऐसा ही (क़रार) हम भी कह सकते हैं-तो बस अगलों के कि़स्से है (31)&lt;br /&gt;
  और (ऐ रसूल वह वक़्त याद करो) जब उन काफिरों ने दुआएँ माँगीं थी कि ख़़ुदा (वन्द) अगर ये (दीन इस्लाम) हक़ है और तेरे पास से (आया है) तो हम पर आसमान से पत्थर बरसा या हम पर कोई और दर्दनाक अज़ाब ही नाजि़ल फरमा (32)&lt;br /&gt;
  हालाँकि जब तक तुम उनके दरम्यिान मौजूद हो ख़ुदा उन पर अज़ाब नहीं करेगा और अल्लाह ऐसा भी नही कि लोग तो उससे अपने गुनाहो की माफी माँग रहे हैं और ख़़ुदा उन पर नाजि़ल फरमाए (33)&lt;br /&gt;
  और जब ये लोग लोगों को मस्जिदुल हराम (ख़ान ए काबा की इबादत) से रोकते है तो फिर उनके लिए कौन सी बात बाक़ी है कि उन पर अज़ाब न नाजि़ल करे और ये लोग तो ख़ानाए काबा के मुतवल्ली भी नहीं (फिर क्यों रोकते है) इसके मुतवल्ली तो सिर्फ परहेज़गार लोग हैं मगर इन काफि़रों में से बहुतेरे नहीं जानते (34)&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;और ख़ानाए काबे के पास सीटियाँ तालिया बजाने के सिवा उनकी नमाज ही क्या थी तो (ऐ काफिरों) जब तुम कुफ्र किया करते थे उसकी सज़ा में (पड़े) अज़ाब के मज़े चखो (35)&lt;br /&gt;
  इसमें शक नहीं कि ये कुफ्फार अपने माल महज़ इस वास्ते खर्च करेगें फिर उसके बाद उनकी हसरत का बाइस होगा फिर आखि़र ये लोग हार जाएँगें और जिन लोगों ने कुफ्र एख़्तियार किया (क़यामत में) सब के सब जहन्नुम की तरफ हाके जाएँगें (36)&lt;br /&gt;
  ताकि ख़़ुदा पाक को नापाक से जुदा कर दे और नापाक लोगों को एक दूसरे पर रखके ढेर बनाए फिर सब को जहन्नुम में झोंक दे यही लोग घाटा उठाने वाले हैं (37)&lt;br /&gt;
  (ऐ रसूल) तुम काफिरों से कह दो कि अगर वह लोग (अब भी अपनी शरारत से) बाज़ रहें तो उनके पिछले कुसूर माफ कर दिए जाए और अगर फिर कहीं पलटें तो यक़ीनन अगलों के तरीक़े गुज़र चुके जो, उनकी सज़ा हुयी वही इनकी भी होगी (38)&lt;br /&gt;
  मुसलमानों काफि़रों से लड़े जाओ यहाँ तक कि कोई फसाद (बाक़ी) न रहे और (बिल्कुल सारी ख़़ुदाई में) ख़़ुदा की दीन ही दीन हो जाए फिर अगर ये लोग (फ़साद से) न बाज़ आए तो ख़़ुदा उनकी कारवाइयों को ख़ूब देखता है (39)&lt;br /&gt;
  और अगर सरताबी करें तो (मुसलमानों) समझ लो कि ख़़ुदा यक़ीनी तुम्हारा मालिक है और वह क्या अच्छा मालिक है और क्या अच्छा मददगार है (40)&lt;/p&gt;&lt;div class=&quot;blogger-post-footer&quot;&gt;www.akhtarkhanakela.blogspot.com&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/feeds/6002214300082302496/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/09/blog-post_30.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/6002214300082302496'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/6002214300082302496'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/09/blog-post_30.html' title='   और ख़़ुदा तो सब तद्बीर करने वालों से बेहतर है और जब उनके सामने हमारी आयते पढ़ी जाती हैं तो बोल उठते हैं कि हमने सुना तो लेकिन अगर हम चाहें तो यक़ीनन ऐसा ही (क़रार) हम भी कह सकते हैं-तो बस अगलों के कि़स्से है'/><author><name>आपका अख्तर खान अकेला</name><uri>http://www.blogger.com/profile/13961090452499115999</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='https://img1.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2021412620618906635.post-344144492880318054</id><published>2026-09-29T19:16:28.895-07:00</published><updated>2026-09-29T19:16:28.896-07:00</updated><title type='text'>कोटा नगर निगम चुनाव में भाजपा के महापौर, उप महापौर निर्वाचन, क्रोसवोटिंग के ऐतिहासिक, आश्चार्यजनक किंतु सत्य का अनुकरणीय खेल के बाद, कोटा उपमहापौर को पार्षद से उपमहापौर को पॉवरफुल बनाने के लिये, कोंग्रेस प्रतिकार को फुस्स कर समर्पण की सम्भावनाये ज़्यादा है,</title><content type='html'>&lt;p&gt;&lt;span class=&quot;x193iq5w xeuugli x13faqbe x1vvkbs x1xmvt09 x1lliihq x1s928wv xhkezso x1gmr53x x1cpjm7i x1fgarty x1943h6x xudqn12 x3x7a5m x6prxxf xvq8zen xo1l8bm xzsf02u x1yc453h&quot; dir=&quot;auto&quot;&gt;कोटा नगर निगम चुनाव में भाजपा के महापौर, उप महापौर निर्वाचन, क्रोसवोटिंग के ऐतिहासिक, आश्चार्यजनक किंतु सत्य का अनुकरणीय खेल के बाद, कोटा उपमहापौर को पार्षद से उपमहापौर को पॉवरफुल बनाने के लिये, कोंग्रेस प्रतिकार को फुस्स कर समर्पण की सम्भावनाये ज़्यादा है, सभी जानते हैं कोटा नगर निगम उपमहापौर , भाजपा के अलावा कोंग्रेसियों में भी हर दिल अज़ीज़ , कारोबारी मददगार मित्र हैं, उपमहापौर यूं तो सिर्फ एक पार्षद होते है, ओर नगर पालिका क़ानून विधि नियम के तहत महापौर के ऑफिशियल अवकाश पर रहने, अनुपस्थित रहने पर ही वोह कार्य कर सकते है, लेकिन नगर निगम बोर्ड बैठक में उप महापौर को महापौर के प्रस्ताव पर नगर पालिका अधिनियम की धारा 48(2) 55(4) अन्य नियमों के तहत कार्य विभाजन के प्रस्ताव कर कुछ कार्य की पॉवर स्थाई रूप से डेलीगेट कर देतेभैं, जिसका अनुमोदन नगर निगम बोर्ड द्वारा किया जाना अनिवार्य है, उक्त प्रस्ताव के बाद ही निगम आयुक्त उप महापौर को पॉवर देने सम्बंधित आदेश निकालता है, सभी जानते है जिनके दोस्त होते हैं उनके दुश्मन , आंतरिक विरोधी भी होते है, ऐसे में भाजपा की रणनीति है के वोह कोंग्रेस मित्रों के ज़रिये बोर्ड की पहली बैठक होने तक कोंग्रेस को प्रतिपक्ष नेता का चयन नहीं होने दे, अगर ऐसा होता है तो बिना प्रतिपक्ष नेता के नेतृत्वविहीन कोंग्रेस पार्षद उपमहापौर के पॉवर मामले में विरोध नहीं कर पाएंगे, दूसरा भाजपा प्लान है, अगर फिर भी विरोध करना हो तो हा हुल्लड़ कर बहिष्कार कर दें , ताकि बहुमत से उपमहापौर कार्य विभाजन पॉवर प्रस्ताव बिना गुप्त मतदान के या हाथ खड़े किए बगैर ही पारित हो जाये, अगर कोंग्रेस नेता प्रतिपक्ष में देरी नहीं करती तुरन्त नेमें असमंजस की ता प्रतिपक्ष , सचेतक, बना देती है, तो कोंग्रेसी पार्षद प्रस्ताव पर बहस की मांग कर सकते है,  गुप्त मतविभाजन की मांग कर सकते है, जिससे भाजपा में असमंजस की स्थिति हो सकती है अब देखते हैं , भाजपा के कोंग्रेस में रह रहे फूल छापी कोंग्रेसी वोटर्स, ओर रणनीति के तहत भाजपा को प्रतिपक्ष के नाते मुश्किलों में डालने वाली ओरिजनल कोंग्रेस इस मामले में क्या रणनीति अपनाती है, देखते हैं एक ब्रेक के बाद,, अख़्तर खान अकेला कोटा राजस्थान 9829086339&lt;/span&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;div class=&quot;blogger-post-footer&quot;&gt;www.akhtarkhanakela.blogspot.com&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/feeds/344144492880318054/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/09/blog-post_572.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/344144492880318054'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/344144492880318054'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/09/blog-post_572.html' title='कोटा नगर निगम चुनाव में भाजपा के महापौर, उप महापौर निर्वाचन, क्रोसवोटिंग के ऐतिहासिक, आश्चार्यजनक किंतु सत्य का अनुकरणीय खेल के बाद, कोटा उपमहापौर को पार्षद से उपमहापौर को पॉवरफुल बनाने के लिये, कोंग्रेस प्रतिकार को फुस्स कर समर्पण की सम्भावनाये ज़्यादा है,'/><author><name>आपका अख्तर खान अकेला</name><uri>http://www.blogger.com/profile/13961090452499115999</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='https://img1.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2021412620618906635.post-211364393376073892</id><published>2026-09-29T19:14:51.085-07:00</published><updated>2026-09-29T19:14:51.085-07:00</updated><title type='text'>देहदानी पति के बाद देहदान संकल्पित पत्नि का भी हुआ देहदान</title><content type='html'>&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;div class=&quot;ii gt&quot; id=&quot;:jr&quot;&gt;&lt;div class=&quot;a3s aiL &quot; id=&quot;:jq&quot;&gt;&lt;div id=&quot;avWBGd-23&quot;&gt;&lt;div dir=&quot;ltr&quot;&gt;देहदानी पति के बाद देहदान संकल्पित पत्नि का भी हुआ देहदान &lt;br /&gt;2. संस्था शाइन इंडिया के सहयोग से संपन्न हुआ, 78 वाँ देहदान &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;शाइन इंडिया फाउंडेशन व मेडिकल कॉलेज कोटा के साथ 6 वर्ष पूर्व, बेटी नीता शाह और आरती शाह (आचार्य जेडीबी कॉलेज) के पिता जयंतीलाल शाह और उनकी पत्नी प्रेमलता शाह ने नेत्रदान और देहदान का संकल्प पत्र भरा था । 2 वर्ष पूर्व, जयंतीलाल शाह के आकस्मिक निधन के उपरांत दोनों बेटियों और दामाद कमलेश कुमार शाह ने उनका देहदान संपन्न करवाया था। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;आज जब प्रेमलता शाह का आकस्मिक निधन हुआ, तो आरती ने तुरंत ही संस्था शाइन इंडिया को संपर्क किया, इसके उपरांत घर पर नेत्रदान की प्रक्रिया संपन्न हुई और उसके बाद सांई सेवा समिति के मोक्ष रथ की निःशुल्क सेवा से प्रेमलता शाह का पार्थिव शव मेडिकल कॉलेज कोटा में भावी चिकित्सकों के अध्ययन के लिए दान किया गया ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;संस्थापक डॉ कुलवंत गौड़ में बताया कि,संस्था के देहदान जागरूकता के राष्ट्रव्यापी अभियान से अभी तक 78 दिवंगतों के देहदान,वहाँ से सम्बन्धित मेडिकल कॉलेज में संपन्न कराए गए हैं। देहदान के इस पुनीत कार्य में लॉयन्स क्लब कोटा हाड़ौती के सदस्य कमल शर्मा,अलका शर्मा, उपेंद्र जैन का भी सहयोग रहा। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;देहदान के समय मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल निलेश जैन,एडिशनल प्रिंसिपल डॉ सुमित गुप्ता, एनाटॉमी प्रोफेसर डॉ आरुषि जैन मौजूदथे। मेडिकल कॉलेज में यह इस वर्ष का छठा देहदान है ।&lt;/div&gt;&lt;div class=&quot;yj6qo&quot;&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class=&quot;adL&quot;&gt;
&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class=&quot;hq gt &quot; id=&quot;:k0&quot;&gt;&lt;div class=&quot;hp&quot;&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class=&quot;blogger-post-footer&quot;&gt;www.akhtarkhanakela.blogspot.com&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/feeds/211364393376073892/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/09/blog-post_583.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/211364393376073892'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/211364393376073892'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/09/blog-post_583.html' title='देहदानी पति के बाद देहदान संकल्पित पत्नि का भी हुआ देहदान'/><author><name>आपका अख्तर खान अकेला</name><uri>http://www.blogger.com/profile/13961090452499115999</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='https://img1.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2021412620618906635.post-6345790526394832043</id><published>2026-09-29T19:13:38.330-07:00</published><updated>2026-09-29T19:13:38.330-07:00</updated><title type='text'> और उन लोगों के ऐसे न हो जाओं जो (मुँह से तो) कहते थे कि हम सुन रहे हैं हालाकि वह सुनते (सुनाते ख़ाक) न थे </title><content type='html'>&lt;p&gt;&amp;nbsp;और उन लोगों के ऐसे न हो जाओं जो (मुँह से तो) कहते थे कि हम सुन रहे हैं हालाकि वह सुनते (सुनाते ख़ाक) न थे (21)&lt;br /&gt;
  इसमें शक नहीं कि ज़मीन पर चलने वाले तमाम हैवानात से बदतर ख़ुदा के नज़दीक वह बहरे गूँगे (कुफ्फार) हैं जो कुछ नहीं समझते (22)&lt;br /&gt;
  और अगर ख़़ुदा उनमें नेकी (की बू भी) देखता तो ज़रूर उनमें सुनने की क़ाबलियत अता करता मगर ये ऐसे हैं कि अगर उनमें सुनने की क़ाबिलयत भी देता तो मुँह फेर कर भागते। (23)&lt;br /&gt;
  ऐ ईमानदार जब तुम को हमारा रसूल (मोहम्मद) ऐसे काम के लिए बुलाए जो तुम्हारी रूहानी जि़न्दगी का बाइस हो तो तुम ख़ुदा और रसूल के हुक्म दिल से कुबूल कर लो और जान लो कि ख़ुदा वह क़ादिर मुतलिक़ है कि आदमी और उसके दिल (इरादे) के दरमियान इस तरह आ जाता है और ये भी समझ लो कि तुम सबके सब उसके सामने हाजि़र किये जाओगे (24)&lt;br /&gt;
  और उस फितने से डरते रहो जो ख़ास उन्हीं लोगों पर नही पड़ेगा जिन्होने तुम में से ज़ुल्म किया (बल्कि तुम सबके सब उसमें पड़ जाओगे) और यक़ीन मानों कि ख़ुदा बड़ा सख़्त अज़ाब करने वाला है (25)&lt;br /&gt;
  (मुसलमानों वह वक़्त याद करो) जब तुम सर ज़मीन (मक्के) में बहुत कम और बिल्कुल बेबस थे उससे सहमे जाते थे कि कहीं लोग तुमको उचक न ले जाए तो ख़ुदा ने तुमको (मदीने में) पनाह दी और ख़ास अपनी मदद से तुम्हारी ताईद की और तुम्हे पाक व पाकीज़ा चीज़े खाने को दी ताकि तुम शुक्र गुज़ारी करो (26)&lt;br /&gt;
  ऐ ईमानदारों न तो ख़़ुदा और रसूल की (अमानत में) ख़्यानत करो और न अपनी अमानतों में ख़्यानत करो हालाँकि समझते बूझते हो (27)&lt;br /&gt;
  और यक़ीन जानों कि तुम्हारे माल और तुम्हारी औलाद तुम्हारी आज़माइश (इम्तेहान) की चीज़े हैं कि जो उनकी मोहब्बत में भी ख़ुदा को न भूले और वह दीनदार है (28)&lt;br /&gt;
  और यक़ीनन ख़़ुदा के हाँ बड़ी मज़दूरी है ऐ ईमानदारों अगर तुम ख़़ुदा से डरते रहोगे तो वह तुम्हारे वास्ते इम्तियाज़ पैदा करे देगा और तुम्हारी तरफ से तुम्हारे गुनाह का कफ़्फ़ारा क़रार देगा और तुम्हें बख़्ष देगा और ख़़ुदा बड़ा साहब फज़ल (व करम ) है (29)&lt;br /&gt;
  और (ऐ रसूल वह वक़्त याद करो) जब कुफ़्फ़ार तुम से फरेब कर रहे थे ताकि तुमको क़ैद कर लें या तुमको मार डाले तुम्हें (घर से ) निकाल बाहर करे वह तो ये तद्बीर (चालाकी) कर रहे थे और ख़़ुदा भी (उनके खि़लाफ) तद्बीर कर रहा था (30)&lt;/p&gt;&lt;div class=&quot;blogger-post-footer&quot;&gt;www.akhtarkhanakela.blogspot.com&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/feeds/6345790526394832043/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/09/blog-post_29.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/6345790526394832043'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/6345790526394832043'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/09/blog-post_29.html' title=' और उन लोगों के ऐसे न हो जाओं जो (मुँह से तो) कहते थे कि हम सुन रहे हैं हालाकि वह सुनते (सुनाते ख़ाक) न थे '/><author><name>आपका अख्तर खान अकेला</name><uri>http://www.blogger.com/profile/13961090452499115999</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='https://img1.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2021412620618906635.post-4535849184607923584</id><published>2026-09-28T19:44:19.759-07:00</published><updated>2026-09-28T19:44:19.760-07:00</updated><title type='text'>कोटा नगर निगम के अच्छे दिन शुरू, विनम्र महापौर अनुसुइया मेडम की विनम्रता, कार्यकुशलता, बोल्डनेस रहेगी सब पर भारी, मिलेगी समझदारों, वफादारों को ज़िम्मेदारी</title><content type='html'>&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;span class=&quot;x193iq5w xeuugli x13faqbe x1vvkbs x1xmvt09 x1lliihq x1s928wv xhkezso x1gmr53x x1cpjm7i x1fgarty x1943h6x xudqn12 x3x7a5m x6prxxf xvq8zen xo1l8bm xzsf02u x1yc453h&quot; dir=&quot;auto&quot;&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;कोटा नगर निगम के अच्छे दिन शुरू, विनम्र महापौर अनुसुइया मेडम की विनम्रता, कार्यकुशलता, बोल्डनेस रहेगी सब पर भारी, मिलेगी समझदारों, वफादारों को ज़िम्मेदारी&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;कोटा 27 सितंबर कोटा नगर निगम की नवनिर्वाचित महापौर अनुसईया गोस्वामी ,, अपनी बोल्डनेस ,,फेयरनेस वर्किंग के लिए पहचान रखती है , उनके महापौर के इस निर्वाचन से , उनसे ईर्ष्या रखने वाले ऐसे लोग , जिनकी वजह से बाड़ेबंदी का पार्षदों को दर्द सहना पढ़ा , वोह  ईर्ष्यालु लोग , चाहे उन्हें असफल करने के कितने ही प्रयास करें  , लेकिन अनुसईया की जो प्रतिभा है , जो कार्यशैली है , वोह उन्हें दूसरे महापौरों से बेहतर,  अलग ,, लोकप्रिय बना सकते है , महापौर अनुसईया के विज़न में अपने बढे , वृद्ध भाजपाइयों , सहित आम लोगों के प्रति श्रद्धा है , और वोह चाहती है , के कोटा नगर निगम की कार्यशैली , आम जनता के प्रति जवाबदारी , साफ़ सफाई व्यवस्था , आम नागरिकों के लिए सुविधाएं , सौदंर्यकरण , विकास कार्य , गार्डनों की खूबसूरती में निखार , चंबल क्रूज संचालन ,,चंबल शुद्धिकरण , हर गली हर मोहल्ले की व्यवस्थित सफाई व्यवस्था , अतिक्रमण मुक्त कोटा , आवारा जानवरों , आवारा हिंसक स्ट्रीट डॉग्स से मुक्त कोटा , नालियों के ढकान ,  टूटी सड़कों की मरम्मत , ट्रेफिक पॉइंट्स पर जाम से लोगों की मुक्ति के लिए के डी ऐ से समन्वय स्थापित कर कोटा में विकास , सोंदर्यकरण , सुख सुविधाओं की व्यवस्था , अतिक्रमण मुक्त फुटपाथ उनके कार्यकाल में ऐतिहासिक रूप से विकसित कर रिकॉर्ड कीर्तिमान बनाये ज़ाहिर है , जब कोई अच्छा करना चाहता है , खासकर वोह जिसे कुछ लोग,  हरगिज़ पसंद नहीं करते तो अड़ंगेबाज , अड़ंगे लगाते है , अधिकारीयों के अड़ंगे होते है , लेकिन महापौर अनुसुईया की जो जीवन शैली , कार्यशैली है उससे स्पष्ट है के पहले वोह विनम्रता से समझाइश करेंगी , हाथ जोड़ेंगी , और फिर भी कोटा के विकास , सोंदर्यकरण ,कार्यों में कोई बाधा बना, तो फिर चाहे वोह जो भी हो , उससे वोह उनके गर्म मिजाज़ से निपटना भी जानती है और निपट भी लेंगी , इसलिए सावधान ,, महापौर के विकास सोंदर्यकरण विज़न में जो अड़ंगा लगाकर उन्हें असफल करने , खुद को उनसे बहतर साबित करने के प्रयास करने का विचार बना रहे हों,  तो वोह पहले ही सावधान हो जाएँ , इधर नगर निगम में कांग्रेस के क्रॉस वोटर्स को क्या पुरस्कार मिलता है , राजस्व समिति , निर्माण समिति , अतिक्रमण समिति , नए कियोस्क वगेरा आवंटन समिति , पट्टा समिति , मेला  समिति , गार्डन समिति , वगेरा वगेरा देखते हैं एक ब्रेक के बाद ,&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt; नगर निगम कोटा के चुनाव पूरे हुए , श्रीमती अनुसूईया गोस्वामी महापौर , विवेक राजवंशी उप महापौर  निर्वाचित हुए है ,, कांग्रेस के निर्वाचित पार्षदों की  खरीद फरोख्त के साथ नगर निगम का यह खेल अभी और कहाँ तक किस तरह से चलेगा पता नहीं ,, लेकिन वरिष्ठ पार्षद भाई नाचते गाते ,,  पूर्व मंत्री शांति कुमार धारीवाल के जुमले कोटा नरक निगम हो गया है , उसे दोहराते हुए कहते   के शांति कुमार धारीवाल कोटा नगर निगम को नरक निगम कहते है , लेकिन अब महापौर , उप महापौर की जोड़ी , कोटा को स्वर्ग निगम बनाएंगे , काश ऐसा हो जाए , काश , कोटा नगर निगम पर अव्यवस्थाओ , भ्रष्टाचार , भाई भतीजावाद , रिमोट से संचालित होने का दाग मिट जाए , काश ऐसा हो जाए ,, कोटा नगर निगम के चुनाव किस तरह से हुए , पार्टियों ने किस तरह से चुनाव लड़ा , कोटा का बच्चा बच्चा जानता है , एक तरफ कोटा भाजपा के सभी टिकिट एकल नेतृत्व के पास थे , भाजपा चुनाव रणनीति में अनुशासन था , व्यवस्थाएं थीं , सरकारी अधिकारीयों की खुली मदद थी , जबकि कांग्रेस टुकड़े टुकड़े थी , कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याक्षी को अलग थलग कर दिया गया था , इलाक़े कोटा उत्तर , कोटा दक्षिण ,, लाडपुरा में बांटकर बटवारा हो गया था , जिन्हे टिकिट दिया गया , उन्हें टिकिट देकर लावारिस की तरह छोड़ दिया गया था , वोह खुद अपने स्तर पर चुनाव लड़ रहे थे , कोटा कांग्रेस जिला अध्यक्ष , जिला अध्यक्ष होने के नाते कई वार्डों में गईं ,, शांति धारीवाल भी कुछ वार्डों में गए , प्रह्लाद गुजंल  ऑन डिमांड होने से इलाक़े के ठेकेदार बने टिकिट देने वालों की सहमति से गए ,,  कई जगह पर  कांग्रेस की रसमलाई खाने वाले कुछ लोग , पंजे की जगह कमल पर वोट देने के समर्थन में भी जा रहे थे , ऐसी अफवाहे भी चलीं ,,  इन सब गुटबाजियों के बावजूद भी कांग्रेस , भाजपा के खिलाफ आम जनता की नाराज़गी ,, भाजपा की नीतियों के खिलाफ आम जनता के गुस्से की वजह से भाजपा धन ,बल , तोड़फोड़ के बावजूद भी सिर्फ 100 में से 59 पर सिमट कर रह गयी , और सभी अव्यवस्थाओं , सरकारी दबाव , मनमर्ज़ी , गुटबाज़ी , भीतरघातियों , गुटबाज़ी के बावजूद भी  कांग्रेस 39 सीटों पर जीत गई , यह आंकड़ा आश्चर्यचकित करने वाला था , कांग्रेस को ऑक्सीजन देने वाला था , दो निर्दलीय  कोंग्रेस समर्थक थे ,, तो भाजपा ने दो निर्दलीयों को भाजपा के साथ   महापौर चुनाव पूर्व ही मिलाकर अपनी जीत का आंकड़ा 51 के मुक़ाबले 59 होने पर भी , 61 कर लिया , ,, भाजपा में दो शीर्ष पदों की अंदरूनी लड़ाई थी , महापौर उम्मीदवार का नाम चुनाव पूर्व ही घोषित सा था , लेकिन अचानक , महापौर और एक अन्य जिन्हे महापौर नहीं बनाया उनके वार्ड में ,, भाजपा के कुछ चाणक्य लोगों ने , अपने कांटे को हटाने की कोशिशों में शुरुआत की , बात लीक हुई , तो प्रत्याक्षी सजग और सतर्क हो गए , महापौर क्षेत्र के चुनाव में युवा साथियों , निजी वफादार मित्रो , रिश्तेदारों के हाथो में रहा , जो लोग महापौर को पार्षद में ही हराने की कोशिश करना चाहते थे , वोह प्रत्याक्षी की कवच के रूप में बनाई गई रणनीति के आगे विफल रहे , लेकिन बहुत चेहरे , बेनक़ाब हो गए , आखिर में जिसे अल्लाह रखे उसे कौन चखे वाली कहावत चरितार्थ हुई , और महापौर अपने वार्ड में उनकी कुशल इलेक्शन नीति से निर्वाचित हुई , बस पूर्व घोषित प्रत्याक्षी के नाम पर अड़ंगे लगे , तो ज़ाहिर है , क्रॉस वोटिंग का खौफ  था , भाजपा ने कोई भी रिस्क  नहीं ली , एक कुशल रणनीति के तहत , अपने पार्षदों को तो बाड़े बंदी में रखा,  लेकिन कांग्रेस के पार्षद जो खुले छोड़ दिए गये थे , ओवर कॉन्फीडेंट अलग अलग गुट नेतृत्व में थे , उन पर डोरें डाली जाने लगी , धमकाया जाने लगा , बहुत कुछ हुआ , कॉग्रेस ओवर कॉन्फिडेंट रही , और नतीजा , स्पष्ट बहुमत के बाद भी , भाजपा ने  कॉग्रेस के पांच पार्षद चोरी कर , कांग्रेस के इलेक्शन प्रबंधन के मुख पर कालिख पोत दी ,, एक सुचना के मुताबिक़ भाजपा के भी सभी पार्षदों में भाजपा के निर्देश पर वोट दिए हो गारंटी नहीं , इसलिए कांग्रेस के कितने पार्षद टूटे स्पष्ट नहीं है , इधर कोटा दक्षिण की महापोर , तो कोटा उत्तर का उप महापौर होना चाहिए , , वेचारिक सैद्धांतिक विवाद छिड़ गया , भाजपा को इस मुद्दे पर सावधानी बरतना थी , भाजपा का उत्तर दक्षिण विधानसभा नेतृत्व संतुलन वोटिंग में था , लेकिन विवेक राजवंशी के अनुभव के आगे भाजपा ने घुटने टेके , उत्तर दक्षिण संतुलन फार्मूले को धता बताई , क्योंकि अब भाजपा के सामने कोई उम्मीदवार ही नहीं था , जबकि उप महापौर के एक दिन पहले की रात भाजपा के लिए संकट की रात होती जा रही थी , अंदर खूब बगावत , रूसा रासी थी , दावेदार तो बाड़ेबंदी से आउट ही हो गए , और खुला मैदान होने से भाजपा ने  विवेक राजवंशी का आवेदन करवा दिया , निर्विरोध निर्वाचन हो  गया , कोटा ने देखा है , के कोटा महापोर पद पर श्रीमती अनुसुइया के निर्वाचन पर इतनी खुशियां नहीं बनाई गईं ,,, जितनी खुशिया ,  विवेक राजवंशी के निर्विरोध निर्वाचन पर पार्षदों ने बनाई , इधर अनुसईया महापौर की सादगी ,, ईश्वरीय आस्था के चलते जो उन्होंने कार्य किया , उसे दुष्प्रचारित कर विवादित करने का प्रयास किया ,, खेर कांग्रेस जीती हुई बाज़ी हारी , भाजपा हारी हुई बाज़ी जीती ओर वोह भी , बहुमत के आंकड़े से बहुत अधिक होने पर भी कांग्रेस के वोटों की ऐतिहासिक बढ़ोतरी के साथ , ऐतिहासिक बढ़ोतरी इसलिए के कांग्रेस के इतनी ही संख्या के पार्षदों ने कमोबेश दूसरी बार भाजपा के प्रत्याक्षी के पक्ष में नगर निगम में वोटिंग की है , इसके पहले , जब प्रह्लाद गुंजल ने उप महापौर पद पर , ब्रजेश शर्मा नीटू का फार्म भरवाकर , उप महापौर चुनाव भाजपा वर्सेज़ भाजपा कर दिया था , तब , प्रह्लाद गुंजल चाहते थे , के कांग्रेस के  निर्वाचित पार्षद भाजपा के पक्ष में वोटिंग नहीं कर , निर्दलीय के पक्ष में वोटिंग करें , लेकिन  कांग्रेस के निर्वाचितों ने ना जाने किस मन से ,, भाजपा के प्रत्याक्षी को वोट दिया , खेर जो होना था हुआ , पहले भी जिला परिषद के चुनाव में नईमुद्दीन गुड्डू के टाइम पर कांग्रेस के निर्वाचित जिला परिषद सदस्यों ने क्रॉस वोटिंग कर भाजपा के पक्ष में मतदान कर कांग्रेस की जीती हुई बाज़ी शर्मनाक हार में बदल दी थी , यह तो सिस्सट की बात हुई ,, लेकिन महापौर अनुसुइया गोसवामी समझदार है , कुशल नेतृत्व है , बोल्ड है , ,, नाकारा और गुमराह करने वाले अधिकारीयों की चालबाजियां समझकर उन्हें सुधारने की क्षमतावान है , कोटा की नब्ज़ से वाक़िफ़ है , कोटा में अतिक्रमण , साफ़ सफाई , नाली , पटान , टूटफूट , पट्टे मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया से खूब वक़्फ़ियत होने से , बेहतर काम  करने का मास्टर प्लान बना चुकी है , और वोह अपने अनुभव के आधार पर , अब तक के महापौरों में से खुद को सबसे बहतर , कुशल प्रबंधक , हर वर्ग , हर समाज , हर वार्ड की समस्याओं के समाधान करते हुए ,, अपनी अलग पहचान बनाने की कार्ययोजना को सम्पादित करने की व्यवस्था जुटा रही है , लेकिन कुछ लोग है , जो होते है , वोह हो सकता है , अड़ंगेबाजी लगाएंगे , आंतरिक चालबाजियां चलेंगे , पॉवरबाज़ी की जंग में मामलों को उलझाने की कोशिश कर सकते है , तो सभी जानते है के अनुसुइया जितनी विनम्र है , उनके सकारात्मक कार्य , कोटा शहर को सुंदर , साफ सुथरा बनाने की कार्ययोजना में अड़ंगा अगर कोई लगाएगा  तो फिर ऐसे अड़ंगेबाज़ों को ,  विनम्र सी दिखने वाली , विनम्रता से हाथ जोड़ने वाली बहन अनुसुइया कोटा के विकास कार्यों के हक़ समर्थन में , गर्म भी हो जाएँगी , और ऐसे लोगों को सबक़ भी सिखाएंगी , खेर कांग्रेस में फिर से एक जंग प्रतिपक्ष के नेता की छिड़ गई है , और जब जंग छिड़ती है , तो कांग्रेस के लोग जब क्रॉसवोटिंग कर सकते है , अभी तक उन पर , निर्दलीयों पर ,कांग्रेस प्रत्याक्षियों को डंके की चोट पर चुनाव हराने वालों के खिलाफ किसी भी तरह की कोई अनुशासनात्मक कार्यवाही नहीं कर पाती है तो फिर नेता प्रतिपक्ष तो यह कांग्रेस तुरंत किये हुए इस निर्णय को , हफ्तों , महीनों , सालों तक अटका कर भाजपा नगर निगम बोर्ड को , नेता प्रतिपक्ष के बगैर वाकओवर भी काफी टाइम तक दे ही सकती है , खेर अनुसुइया तो कमसे कम  उनके वार्ड के वोटर्स , उनके उन्हें इस मुक़ाम तक पहुंचाने वाले लीडर्स की कसौटी पर तो खरी उतरेंगी , लेकिन अनुभव अनुभव के नाम पर वरिष्ठ कहो , या अनुभवी कहो , उनके जुमलों से उनके कान उन्हें  ज़रूर क्रोधित करने पर मजबूर कर सकते हैं , ,, कोटा में  कांग्रेस के टिकिट पर जीतकर भाजपा के पक्ष में क्रॉस वोटिंग करने वाले कोंग्रेसी पार्षद , और अपने अपने वार्डों में निर्वाचित पार्षद के वोटर्स के लिए यह अल्फ़ाज़ कभी तो सही साबित होंगे ,, और वोटर्स हों , चाहे क्रॉस वोटर्स पार्षद हों , कभी तो सच इन्ही अल्फ़ाज़ों में समझेंगे ,, ,निगम से पीड़ित हम वोटर्स की तकलीफ भी देखा करो ,,साहिब ऐ कोटा कभी फुटपाथ , अतिक्रमण भी देखा करो , वोट  लेकर खानदानी आदमी धोखा नहीं देता कभी , वोटरों , वोट देते वक़्त , तुम जिसे वोट दे रहे हो उसकी औक़ात भी देखा करो , ,, ,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान 9829086339 &lt;/div&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;div class=&quot;blogger-post-footer&quot;&gt;www.akhtarkhanakela.blogspot.com&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/feeds/4535849184607923584/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/09/blog-post_314.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/4535849184607923584'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/4535849184607923584'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/09/blog-post_314.html' title='कोटा नगर निगम के अच्छे दिन शुरू, विनम्र महापौर अनुसुइया मेडम की विनम्रता, कार्यकुशलता, बोल्डनेस रहेगी सब पर भारी, मिलेगी समझदारों, वफादारों को ज़िम्मेदारी'/><author><name>आपका अख्तर खान अकेला</name><uri>http://www.blogger.com/profile/13961090452499115999</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='https://img1.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-2021412620618906635.post-4667601709920427335</id><published>2026-09-28T19:43:27.626-07:00</published><updated>2026-09-28T19:43:27.626-07:00</updated><title type='text'>  विश्व पर्यटन दिवस पर संगोष्ठी डिजिटल तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से</title><content type='html'>&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;span class=&quot;x193iq5w xeuugli x13faqbe x1vvkbs x1xmvt09 x1lliihq x1s928wv xhkezso x1gmr53x x1cpjm7i x1fgarty x1943h6x xudqn12 x3x7a5m x6prxxf xvq8zen xo1l8bm xzsf02u x1yc453h&quot; dir=&quot;auto&quot;&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;&lt;div class=&quot;xdj266r x14z9mp xat24cr x1lziwak x1vvkbs x126k92a&quot;&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;विश्व पर्यटन दिवस पर संगोष्ठी&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;डिजिटल तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;चमकेगा विश्व पर्यटन &lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt; विश्व पर्यटन दिवस पर कोटा में रविवार को ऑन लाइन राज्य स्तरीय पर्यटन संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संस्कृति,साहित्य, मीडिया फोरम की ओर से आयोजित संगोष्ठी के संयोजक डॉ. प्रभात कुमार सिंघल ने प्रारंभ में सभी का स्वागत करते हुए बताया कि इस वर्ष पर्यटन विकास की थीम पर्यटन को फिर से डिज़ाइन करने के लिए डिजिटल एजेंडा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग रखा गया है। इसका उद्देश्य पर्यटन क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर यात्रियों को सहज और बेहतर सेवाएं उपलब्ध करवाना है। पर्यटन की थीम से विश्व पर्यटन को अधिक से अधिक लोगों से जोड़ना है। ए आई से कई केंद्र और  राज्य सरकारों ने यात्री सुविधाएं आरामदेह बनाने और अपनी पर्यटन नीतियों और कार्यक्रमों को पुन: डिजाइन करने का कार्य प्रारम्भ कर दिया है। इस थीम पर कार्य करते हुए राजस्थान भी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थान दिखाने के लिए सक्रिय हैं।&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class=&quot;x14z9mp xat24cr x1lziwak x1vvkbs xtlvy1s x126k92a&quot;&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;      सार्वजनिक पुस्तकालय -कोटा संभाग  के नोडल अधिकारी डॉ. दीपक कुमार श्रीवास्तव ने कहा  इंटरनेट और स्मार्टफोन ने जहाँ पर्यटन को पहले ही आसान बनाया है, वहीं अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता  पर्यटन की पूरी व्यवस्था को एक नए दौर में ले जाने की क्षमता रखती है। आने वाले समय में ए आई सभी यात्री सेवाओं को एकीकृत करके पर्यटक के लिए व्यक्तिगत डिजिटल यात्रा सहायक की भूमिका निभा सकता है। उन्होंने पुस्तकालय पर्यटन की आधुनिक अवधारणा पर पर भी विस्तार से विचार व्यक्त किए।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;  राजस्थान तकनीकी विश्विद्यालय के कुलगुरु प्रो. निमित चौधरी ने कहा कि ए आई का के उपयोग से एक अच्छा पर्यटक यात्री बनने भी मदद मिलेगी। पर्यटन विकास की दिशा में एक अच्छा यात्री बनने के लिए जरूरी है कि पर्यटन शिक्षा को सभी सरकारें आवश्यक रूप से पाठ्यक्रम में शामिल करें। कई देशों में ऐसा किया जा चुका है और भारत में इस दिशा में पहल स्वागत योग्य है।&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class=&quot;x14z9mp xat24cr x1lziwak x1vvkbs xtlvy1s x126k92a&quot;&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;भारतीय रेल सेवा के सेवा निवृत इंजीनियर अनुज कुच्छल ने कहा कि आधुनिक, सुरक्षित, पारदर्शी और पर्यटक-केंद्रित बनाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन बुकिंग, स्मार्ट गाइड,  ए आई चैटबॉट, वर्चुअल टूर, बहुभाषी सहायता एवं डिजिटल भुगतान जैसी सुविधाओं को विस्तार देने की दिशा में कार्य किया जाएगा। ए आई का सबसे महत्वपूर्ण उपयोग व्यक्तिगत पर्यटन योजना तैयार करने में कर सकेंगे ।&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class=&quot;x14z9mp xat24cr x1lziwak x1vvkbs xtlvy1s x126k92a&quot;&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt; साहित्यकार विजय जोशी ने पर्यटन और भारतीय संस्कृति के साथ मनोरंजन, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ए आई का लाभ स्थानीय कारीगरों, हस्तशिल्प, होम-स्टे, छोटे होटल, स्थानीय परिवहन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल सकता है। पर्यटक बढ़ेंगे, स्थानीय व्यवसाय बढ़ेंगे, रोजगार बढ़ेगा, स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। &lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class=&quot;x14z9mp xat24cr x1lziwak x1vvkbs xtlvy1s x126k92a&quot;&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;     एडवोकेट अख्तर खान अकेला ने एडवेंचर टूरिज्म के बढ़ते क्रेज की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि ए आई का उपयोग करते समय सावधानी भी बरतनी होगी। प्रत्येक जानकारी सही हो, यह जरूरी नहीं है। ऐतिहासिक तथ्यों, कीमतों, मौसम, मार्ग और स्थानीय सूचनाओं में त्रुटि संभव है। इसके अतिरिक्त पर्यटक के व्यक्तिगत आँकड़े, स्थान, पसंद और यात्रा इतिहास की गोपनीयता भी महत्वपूर्ण विषय होंगे। इसलिए भविष्य का पर्यटन कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित होने के साथ-साथ मानवीय सत्यापन और गोपनीयता के प्रति सजग भी होना चाहिए।&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class=&quot;x14z9mp xat24cr x1lziwak x1vvkbs xtlvy1s x126k92a&quot;&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;   वन्यजीव प्रेमी विजय प्रकाश माहेश्वरी ने पर्यटन में वन्यजीव अभयारण्यों का महत्व प्रतिपादित कर कहा कि आज पर्यटन में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। इसे बढ़ावा देने में ए आई से इन्हें अधिक आकर्षक रूप से प्रदर्शित किया जा सकेगा। &lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class=&quot;x14z9mp xat24cr x1lziwak x1vvkbs xtlvy1s x126k92a&quot;&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;    सलूंबर की बाल साहित्यकार डॉ. विमला भंडारी ने कहा कि पर्यटन बच्चों में जिज्ञासा बढ़ता है और सोचने समझने का प्रबल माध्यम बनता है। पर्यटन बच्चों में समय, यात्रा का प्रबंधन, सहकार भावना, आपात समय में निर्णय लेने की क्षमता विकसित करता है। इसमें ए आई महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class=&quot;x14z9mp xat24cr x1lziwak x1vvkbs xtlvy1s x126k92a&quot;&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;झालावाड़ के इतिहासविद ललित शर्मा ने राजस्थान के हाड़ौती अंचल की भव्य  पुरासंपदा की विस्तार से जानकारी देते हुए इसके संरक्षण की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा इस दिशा में तेजी से प्रयास नहीं किए गए तो यह संपदा नष्ट हो जाएगी। ए आई से इसके संरक्षण की योजना बनाई जानी चाहिए। इतिहासविद डॉ. सुषमा आहूजा ने पर्यटन में परम्परागत लघु चित्र शैलियों की भूमिका और इतिहासविद फिरोज़ अहमद में हाड़ौती में पर्यटन पर विचार व्यक्त किए। &lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class=&quot;x14z9mp xat24cr x1lziwak x1vvkbs xtlvy1s x126k92a&quot;&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;साहित्यकार श्वेता शर्मा ने पर्यटन विकास में विभिन्न प्रांतों की वेशभूषा का महत्व, राम मोहन कौशिक ने पर्यटन में सहायक परिवहन माध्यम, विजय कुमार शर्मा ने लजीज व्यंजनों का पर्यटन विकास में महत्व, संदीप द्विवेदी ने धार्मिक पर्यटन और मंदिरों की  पर्यटन में भूमिका ,डॉ. कृष्णा कुमारी ने पर्यटन यात्राओं का महत्व, देवेंद्र सक्सेना ने देश के संगीत समारोहों की भूमिका,राजेंद्र कुमार जैन ने जैन मंदिरों की भूमिका, शिक्षाविद् .राजेंद्र कुमार निर्मल ने विश्व पर्यटन में बूंदी का स्थान पर विचार व्यक्त किए । अंत में फोरम की सह संयोजक डॉ. वैदेही गौतम ने सभी का आभार व्यक्त किया।&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;------------&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class=&quot;x14z9mp xat24cr x1lziwak x1vvkbs xtlvy1s x126k92a&quot;&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt;आयोजक&lt;/div&gt;&lt;div dir=&quot;auto&quot; style=&quot;text-align: start;&quot;&gt; डॉ. प्रभात कुमार सिंघल, कोटा&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;div class=&quot;blogger-post-footer&quot;&gt;www.akhtarkhanakela.blogspot.com&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/feeds/4667601709920427335/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/09/blog-post_335.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/4667601709920427335'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/2021412620618906635/posts/default/4667601709920427335'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://akhtarkhanakela.blogspot.com/2026/09/blog-post_335.html' title='  विश्व पर्यटन दिवस पर संगोष्ठी डिजिटल तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से'/><author><name>आपका अख्तर खान अकेला</name><uri>http://www.blogger.com/profile/13961090452499115999</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='https://img1.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>0</thr:total></entry></feed>