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	<title>Live Bihar News | लाइव बिहार न्यूज़</title>
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	<description>Latest News of Bihar &#124; बिहार की ताज़ा ख़बर</description>
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	<title>Live Bihar News | लाइव बिहार न्यूज़</title>
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		<title>नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा से होते हैं ये लाभ</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Team Admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 13 Apr 2021 07:00:00 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p><img width="650" height="540" src="https://www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2017/03/maa-shaiputri.jpg" class="attachment-post-thumbnail size-post-thumbnail wp-post-image" alt="" srcset="https://i2.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2017/03/maa-shaiputri.jpg?w=650&amp;ssl=1 650w, https://i2.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2017/03/maa-shaiputri.jpg?resize=300%2C249&amp;ssl=1 300w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p>नवरात्रि के पहले दिन मां के रूप शैलपुत्री की पूजा की जाती है। माता आदि शक्ति के पर्वतराज हिमालय के घर पुत्री के रूप में जन्म लेने के कारण इनका नाम शैलपुत्री पड़ा। मां शैल पुत्री की पूजा विधि-विधान से करने से आपदाओं से मुक्ति मिलती है। मां शैलपुत्री बैल की सवारी बैल करती हैं। आइए जानते हैं मां शैल पुत्री की पूजा से क्या लाभ मिलता है।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p><strong>मान्यता है कि...</strong><br />- माता शैलपुत्री की पूजा करने से मनुष्य निरोग रहता है। आपदाओं से मुक्ति मिलती है।<br />- मां की प्रतिमा स्थापित करने पर वहां आपदा व रोग आदि का खतरा नहीं रहता है तथा खुशहाली आती है।<br />- मां शैलपुत्री की पूजा से भक्तों को धन वैभव, मान-सम्मान, प्रतिष्ठा भी मिलती है।<br />- महिलाएं अपने सुहाग की लम्बी उम्र की मनोकामना के लिए मां शैल पुत्री की पूजा कर नारियल और सुहाग के सामान चढ़ाती हैं।<br />- माता अपने भक्त के सभी कष्टों को हर लेती हैं।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.livebiharnews.in/religion/navratri-first-day-shailputri-durga-puja-importance.html">नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा से होते हैं ये लाभ</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.livebiharnews.in">Live Bihar News | लाइव बिहार न्यूज़</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><img width="650" height="540" src="https://www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2017/03/maa-shaiputri.jpg" class="attachment-post-thumbnail size-post-thumbnail wp-post-image" alt="" srcset="https://i2.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2017/03/maa-shaiputri.jpg?w=650&amp;ssl=1 650w, https://i2.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2017/03/maa-shaiputri.jpg?resize=300%2C249&amp;ssl=1 300w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p><!-- wp:paragraph -->
<p>नवरात्रि के पहले दिन मां के रूप शैलपुत्री की पूजा की जाती है। माता आदि शक्ति के पर्वतराज हिमालय के घर पुत्री के रूप में जन्म लेने के कारण इनका नाम शैलपुत्री पड़ा। मां शैल पुत्री की पूजा विधि-विधान से करने से आपदाओं से मुक्ति मिलती है। मां शैलपुत्री बैल की सवारी बैल करती हैं। आइए जानते हैं मां शैल पुत्री की पूजा से क्या लाभ मिलता है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p><strong>मान्यता है कि...</strong><br>- माता शैलपुत्री की पूजा करने से मनुष्य निरोग रहता है। आपदाओं से मुक्ति मिलती है।<br>- मां की प्रतिमा स्थापित करने पर वहां आपदा व रोग आदि का खतरा नहीं रहता है तथा खुशहाली आती है।<br>- मां शैलपुत्री की पूजा से भक्तों को धन वैभव, मान-सम्मान, प्रतिष्ठा भी मिलती है।<br>- महिलाएं अपने सुहाग की लम्बी उम्र की मनोकामना के लिए मां शैल पुत्री की पूजा कर नारियल और सुहाग के सामान चढ़ाती हैं।<br>- माता अपने भक्त के सभी कष्टों को हर लेती हैं।</p>
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		<title>नवरात्र आज से, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच होगी कलश स्थापना</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Team Admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 13 Apr 2021 03:52:00 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p><img width="621" height="400" src="https://www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2017/03/Navaratri-kalash-sthapana-620x400.jpg" class="attachment-post-thumbnail size-post-thumbnail wp-post-image" alt="" srcset="https://i2.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2017/03/Navaratri-kalash-sthapana-620x400.jpg?w=621&amp;ssl=1 621w, https://i2.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2017/03/Navaratri-kalash-sthapana-620x400.jpg?resize=300%2C193&amp;ssl=1 300w" sizes="(max-width: 621px) 100vw, 621px" /></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p>रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि ...नमस्तस्यै नमस्तैस्यै नमस्तैस्यै नमो नम:...मां दुर्गा का सोलहों कला के साथ आज से नवरात्र शुरू हो गया।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p>नवरात्र के आरंभ में प्रतिपदा तिथि को कलश या घट की स्थापना की जाती है। कलश को भगवान गणेश का रूप माना जाता है। हिन्दू धर्म में हर शुभ काम से पहले गणेश जी की पूजा का विधान है। इसलिए नवरात्र की शुभ पूजा से पहले कलश के रूप में गणेश को स्थापित किया जाता है। आइए जानते है कि नवरात्र में कलश कैसे स्थापना किया जाता है।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p><strong>कलश स्थापना के लिए महत्त्वपूर्ण वस्तुएं:</strong><br />· मिट्टी का पात्र और जौ<br />· शुद्ध साफ की हुई मिट्टी<br />· शुद्ध जल से भरा हुआ सोना, चांदी, तांबा, पीतल या मिट्टी का कलश<br />· मोली (लाल सूत्र)<br />· साबुत सुपारी<br />· कलश में रखने के लिए सिक्के<br />· अशोक या आम के 5 पत्ते<br />· कलश को ढंकने के लिए मिट्टी का ढक्कन<br />· साबुत चावल<br />· एक पानी वाला नारियल<br />· लाल कपड़ा या चुनरी<br />· फूल से बनी हुई माला</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p><strong>नवरात्र कलश स्थापना की विधि:</strong><br />नवरात्र में देवी पूजा के लिए जो कलश स्थापित किया जाता है वह सोना, चांदी, तांबा, पीतल या मिट्टी का ही होना चाहिए। लोहे या स्टील के कलश का प्रयोग पूजा में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p>भविष्य पुराण के अनुसार कलश स्थापना के लिए सबसे पहले पूजा स्थल को शुद्ध कर लेना चाहिए। एक लकड़ी का फट्टा रखकर उसपर लाल रंग का कपड़ा बिछाना चाहिए। इस कपड़े पर थोड़े चावल रखने चाहिए। चावल रखते हुए सबसे पहले गणेश जी का स्मरण करना चाहिए। एक मिट्टी के पात्र (छोटा समतल गमला) में जौ बोना चाहिए। इस पात्र पर जल से भरा हुआ कलश स्थापित करना चाहिए। कलश पर रोली से स्वस्तिक या ऊं बनाना चाहिए।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p>कलश के मुख पर रक्षा सूत्र बांधना चाहिए। कलश में सुपारी, सिक्का डालकर आम या अशोक के पत्ते रखने चाहिए। कलश के मुख को ढक्कन से ढंक देना चाहिए। ढक्कन पर चावल भर देना चाहिए। एक नारियल ले उस पर चुनरी लपेटकर रक्षा सूत्र से बांध देना चाहिए। इस नारियल को कलश के ढक्कन पर रखते हुए सभी देवताओं का आवाहन करना चाहिए। अंत में दीप जलाकर कलश की पूजा करनी चाहिए। कलश पर फूल और मिठाइयां चढ़ाना चाहिए।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p><strong>दुर्गासप्तशती पाठ से प्रसन्न होती हैं मां :</strong> दुर्गासप्तशती के पाठ से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं। पूरे विधि -विधान के साथ दुर्गासप्तशती का पाठ हर दिन किया जाना चाहिए। प्रतिपदा के दिन शाप विमोचन, कवच, कीलक और अर्गला, रात्रिसूक्त, नर्वाण मंत्र का जाप करना चाहिए। दूसरे दिन पहले अध्याय, तीसरे दिन दूस व तीसरा, चौथे दिन चौथे, पांचवें दिन पांच, छह, सात और आठवां अध्याय, छठे दिन नौवें व दसवें, सातवें दिन 11 वें अध्याय और 8वें दिन 12वें और 13वें अध्याय का पाठ करना चाहिए। नौवें दिन नर्वाण मंत्र का जाप,प्राधानिक रहस्य, वैकृतिक रहस्य, मूर्ति रहस्य,क्षमा प्रार्थना और कुंजिका स्रोत का पाठ करें। दसवें दिन हवन होगा।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p><strong>मां दुर्गा के 108 नाम का जाप करें</strong><br />दुर्गासप्तशती का पाठ न कर सकते हैं तो मां दुर्गा के 32 व 108 नाम का जाप करें।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.livebiharnews.in/religion/importance-of-kalash-sthapana-and-kalash-sthapana-vidhi-in-hindi.html">नवरात्र आज से, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच होगी कलश स्थापना</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.livebiharnews.in">Live Bihar News | लाइव बिहार न्यूज़</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><img width="621" height="400" src="https://www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2017/03/Navaratri-kalash-sthapana-620x400.jpg" class="attachment-post-thumbnail size-post-thumbnail wp-post-image" alt="" srcset="https://i2.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2017/03/Navaratri-kalash-sthapana-620x400.jpg?w=621&amp;ssl=1 621w, https://i2.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2017/03/Navaratri-kalash-sthapana-620x400.jpg?resize=300%2C193&amp;ssl=1 300w" sizes="(max-width: 621px) 100vw, 621px" /></p><!-- wp:paragraph -->
<p>रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि ...नमस्तस्यै नमस्तैस्यै नमस्तैस्यै नमो नम:...मां दुर्गा का सोलहों कला के साथ आज से नवरात्र शुरू हो गया।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>नवरात्र के आरंभ में प्रतिपदा तिथि को कलश या घट की स्थापना की जाती है। कलश को भगवान गणेश का रूप माना जाता है। हिन्दू धर्म में हर शुभ काम से पहले गणेश जी की पूजा का विधान है। इसलिए नवरात्र की शुभ पूजा से पहले कलश के रूप में गणेश को स्थापित किया जाता है। आइए जानते है कि नवरात्र में कलश कैसे स्थापना किया जाता है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p><strong>कलश स्थापना के लिए महत्त्वपूर्ण वस्तुएं:</strong><br>· मिट्टी का पात्र और जौ<br>· शुद्ध साफ की हुई मिट्टी<br>· शुद्ध जल से भरा हुआ सोना, चांदी, तांबा, पीतल या मिट्टी का कलश<br>· मोली (लाल सूत्र)<br>· साबुत सुपारी<br>· कलश में रखने के लिए सिक्के<br>· अशोक या आम के 5 पत्ते<br>· कलश को ढंकने के लिए मिट्टी का ढक्कन<br>· साबुत चावल<br>· एक पानी वाला नारियल<br>· लाल कपड़ा या चुनरी<br>· फूल से बनी हुई माला</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p><strong>नवरात्र कलश स्थापना की विधि:</strong><br>नवरात्र में देवी पूजा के लिए जो कलश स्थापित किया जाता है वह सोना, चांदी, तांबा, पीतल या मिट्टी का ही होना चाहिए। लोहे या स्टील के कलश का प्रयोग पूजा में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>भविष्य पुराण के अनुसार कलश स्थापना के लिए सबसे पहले पूजा स्थल को शुद्ध कर लेना चाहिए। एक लकड़ी का फट्टा रखकर उसपर लाल रंग का कपड़ा बिछाना चाहिए। इस कपड़े पर थोड़े चावल रखने चाहिए। चावल रखते हुए सबसे पहले गणेश जी का स्मरण करना चाहिए। एक मिट्टी के पात्र (छोटा समतल गमला) में जौ बोना चाहिए। इस पात्र पर जल से भरा हुआ कलश स्थापित करना चाहिए। कलश पर रोली से स्वस्तिक या ऊं बनाना चाहिए।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>कलश के मुख पर रक्षा सूत्र बांधना चाहिए। कलश में सुपारी, सिक्का डालकर आम या अशोक के पत्ते रखने चाहिए। कलश के मुख को ढक्कन से ढंक देना चाहिए। ढक्कन पर चावल भर देना चाहिए। एक नारियल ले उस पर चुनरी लपेटकर रक्षा सूत्र से बांध देना चाहिए। इस नारियल को कलश के ढक्कन पर रखते हुए सभी देवताओं का आवाहन करना चाहिए। अंत में दीप जलाकर कलश की पूजा करनी चाहिए। कलश पर फूल और मिठाइयां चढ़ाना चाहिए।</p>
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<!-- wp:paragraph -->
<p><strong>दुर्गासप्तशती पाठ से प्रसन्न होती हैं मां :</strong> दुर्गासप्तशती के पाठ से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं। पूरे विधि -विधान के साथ दुर्गासप्तशती का पाठ हर दिन किया जाना चाहिए। प्रतिपदा के दिन शाप विमोचन, कवच, कीलक और अर्गला, रात्रिसूक्त, नर्वाण मंत्र का जाप करना चाहिए। दूसरे दिन पहले अध्याय, तीसरे दिन दूस व तीसरा, चौथे दिन चौथे, पांचवें दिन पांच, छह, सात और आठवां अध्याय, छठे दिन नौवें व दसवें, सातवें दिन 11 वें अध्याय और 8वें दिन 12वें और 13वें अध्याय का पाठ करना चाहिए। नौवें दिन नर्वाण मंत्र का जाप,प्राधानिक रहस्य, वैकृतिक रहस्य, मूर्ति रहस्य,क्षमा प्रार्थना और कुंजिका स्रोत का पाठ करें। दसवें दिन हवन होगा।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p><strong>मां दुर्गा के 108 नाम का जाप करें</strong><br>दुर्गासप्तशती का पाठ न कर सकते हैं तो मां दुर्गा के 32 व 108 नाम का जाप करें।</p>
<!-- /wp:paragraph --><p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.livebiharnews.in/religion/importance-of-kalash-sthapana-and-kalash-sthapana-vidhi-in-hindi.html">नवरात्र आज से, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच होगी कलश स्थापना</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.livebiharnews.in">Live Bihar News | लाइव बिहार न्यूज़</a>.</p>
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		<title>केंद्र का बिहार को तोहफा: मुजफ्फरपुर में खुलेगा 400 करोड़ की लागत वाला मेगा फूड पार्क</title>
		<link>https://www.livebiharnews.in/news/union-minister-narendra-singh-tomar-announced-400-crore-mega-food-park-to-be-opened-in-muzaffarpur.html</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Team Admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 05 Apr 2021 13:45:44 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p><img width="1280" height="897" src="https://www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/04/narendra-singh-tomar-Syed-Shahnawaz-Hussain.jpg" class="attachment-post-thumbnail size-post-thumbnail wp-post-image" alt="" srcset="https://i1.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/04/narendra-singh-tomar-Syed-Shahnawaz-Hussain.jpg?w=1280&amp;ssl=1 1280w, https://i1.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/04/narendra-singh-tomar-Syed-Shahnawaz-Hussain.jpg?resize=768%2C538&amp;ssl=1 768w, https://i1.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/04/narendra-singh-tomar-Syed-Shahnawaz-Hussain.jpg?resize=450%2C315&amp;ssl=1 450w, https://i1.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/04/narendra-singh-tomar-Syed-Shahnawaz-Hussain.jpg?resize=780%2C547&amp;ssl=1 780w" sizes="(max-width: 1280px) 100vw, 1280px" /></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p>केंद्र सरकार ने बिहार में एक मेगा फूड पार्क को मंजूरी देकर प्रदेश के लोगों को एक बड़ी सौगात दी है। मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर में 400 करोड़ रुपये की लागत से मेगा फूड पार्क का निर्माण किया जाएगा। </p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p>केंद्रीय कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने सोमवार को इसका ऐलान बिहार सरकार के उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन के साथ किया। बता दे की मुजफ्फरपुर के मोतीपुर में मेगा फूड पार्क निर्माण को लेकर बिहार सरकार के मंत्री शाहनवाज हुसैन लगातर कोशिश कर रहे थे और बिहार में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री सहित अन्य मंत्रियों से बात कर रहे थे।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p>केंद्रीय मंत्री तोमर ने कहा, "बिहार में उद्योग की जो आवश्यकता है उसकी पूर्ति करने की शुरुआत शाहनवाज हुसैन के नेतृत्व में हो रही है। मेरा विश्वास है कि यह प्रोजेक्ट जल्द शुरू होगा और इसका लाभ बिहार के किसानों और बेरोजगारों नौजवानों को मिलने लगेगा।" उन्होंने कहा कि इस पार्क में कॉमन इन्फ्रास्ट्रक्चर पर 100 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसमें लगने वाली फूड इंडस्ट्री में करीब 300 करोड़ रुपये का निवेश होगा और इस प्रोजेक्ट से करीब 5,000 लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।''</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p>इस मौके पर बिहार के उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने केंद्रीय मंत्री तोमर के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा, "मैं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बिहार की 14 करोड़ जनता की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का आभार व्यक्त करता हूं।"</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p>घोषित प्रोजेक्ट की जानकारी देते हुए बिहार के उद्योग मंत्री ने बताया कि मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर इलाके में बिहार इंडस्ट्रीयल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी बियादा की 78 एकड़ जमीन पर यह मेगा फूड पार्क बनेगा। इस मेगा फूड पार्क का इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर केंद्र और राज्य सरकार की तरफ 103 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसके अंदर करीब 30 इंडस्ट्री यूनिट्स आएंगी। इन 30 इंडस्ट्री युनिट्स के आने के बाद करीब 300 करोड़ रुपए का अतिरिक्त निजी निवेश यानी कुल मिलाकर इस मेगा फूड पार्क में 400 करोड़ का निवेश होगा।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.livebiharnews.in/news/union-minister-narendra-singh-tomar-announced-400-crore-mega-food-park-to-be-opened-in-muzaffarpur.html">केंद्र का बिहार को तोहफा: मुजफ्फरपुर में खुलेगा 400 करोड़ की लागत वाला मेगा फूड पार्क</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.livebiharnews.in">Live Bihar News | लाइव बिहार न्यूज़</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><img width="1280" height="897" src="https://www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/04/narendra-singh-tomar-Syed-Shahnawaz-Hussain.jpg" class="attachment-post-thumbnail size-post-thumbnail wp-post-image" alt="" srcset="https://i1.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/04/narendra-singh-tomar-Syed-Shahnawaz-Hussain.jpg?w=1280&amp;ssl=1 1280w, https://i1.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/04/narendra-singh-tomar-Syed-Shahnawaz-Hussain.jpg?resize=768%2C538&amp;ssl=1 768w, https://i1.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/04/narendra-singh-tomar-Syed-Shahnawaz-Hussain.jpg?resize=450%2C315&amp;ssl=1 450w, https://i1.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/04/narendra-singh-tomar-Syed-Shahnawaz-Hussain.jpg?resize=780%2C547&amp;ssl=1 780w" sizes="(max-width: 1280px) 100vw, 1280px" /></p><!-- wp:paragraph -->
<p>केंद्र सरकार ने बिहार में एक मेगा फूड पार्क को मंजूरी देकर प्रदेश के लोगों को एक बड़ी सौगात दी है। मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर में 400 करोड़ रुपये की लागत से मेगा फूड पार्क का निर्माण किया जाएगा। </p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>केंद्रीय कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने सोमवार को इसका ऐलान बिहार सरकार के उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन के साथ किया। बता दे की मुजफ्फरपुर के मोतीपुर में मेगा फूड पार्क निर्माण को लेकर बिहार सरकार के मंत्री शाहनवाज हुसैन लगातर कोशिश कर रहे थे और बिहार में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री सहित अन्य मंत्रियों से बात कर रहे थे।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>केंद्रीय मंत्री तोमर ने कहा, "बिहार में उद्योग की जो आवश्यकता है उसकी पूर्ति करने की शुरुआत शाहनवाज हुसैन के नेतृत्व में हो रही है। मेरा विश्वास है कि यह प्रोजेक्ट जल्द शुरू होगा और इसका लाभ बिहार के किसानों और बेरोजगारों नौजवानों को मिलने लगेगा।" उन्होंने कहा कि इस पार्क में कॉमन इन्फ्रास्ट्रक्चर पर 100 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसमें लगने वाली फूड इंडस्ट्री में करीब 300 करोड़ रुपये का निवेश होगा और इस प्रोजेक्ट से करीब 5,000 लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।''</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>इस मौके पर बिहार के उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने केंद्रीय मंत्री तोमर के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा, "मैं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बिहार की 14 करोड़ जनता की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का आभार व्यक्त करता हूं।"</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>घोषित प्रोजेक्ट की जानकारी देते हुए बिहार के उद्योग मंत्री ने बताया कि मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर इलाके में बिहार इंडस्ट्रीयल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी बियादा की 78 एकड़ जमीन पर यह मेगा फूड पार्क बनेगा। इस मेगा फूड पार्क का इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर केंद्र और राज्य सरकार की तरफ 103 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसके अंदर करीब 30 इंडस्ट्री यूनिट्स आएंगी। इन 30 इंडस्ट्री युनिट्स के आने के बाद करीब 300 करोड़ रुपए का अतिरिक्त निजी निवेश यानी कुल मिलाकर इस मेगा फूड पार्क में 400 करोड़ का निवेश होगा।</p>
<!-- /wp:paragraph --><p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.livebiharnews.in/news/union-minister-narendra-singh-tomar-announced-400-crore-mega-food-park-to-be-opened-in-muzaffarpur.html">केंद्र का बिहार को तोहफा: मुजफ्फरपुर में खुलेगा 400 करोड़ की लागत वाला मेगा फूड पार्क</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.livebiharnews.in">Live Bihar News | लाइव बिहार न्यूज़</a>.</p>
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		<title>बिहार के इस जिला में प्लास्टिक के कचरे से तैयार होगा डीजल और पेट्रोल, &#8230;जानिए</title>
		<link>https://www.livebiharnews.in/jara-hat-ke/diesel-and-petrol-to-be-prepared-from-plastic-waste-in-this-district-of-bihar.html</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Team Admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 04 Apr 2021 06:45:29 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p><img width="650" height="540" src="https://www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/04/muzaffarpur_disel_plant_petrol_plastic-waste-garbage.jpg" class="attachment-post-thumbnail size-post-thumbnail wp-post-image" alt="" srcset="https://i0.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/04/muzaffarpur_disel_plant_petrol_plastic-waste-garbage.jpg?w=650&amp;ssl=1 650w, https://i0.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/04/muzaffarpur_disel_plant_petrol_plastic-waste-garbage.jpg?resize=450%2C374&amp;ssl=1 450w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p>प्लास्टिक कचरे से मुक्ति के लिए बिहार के मुजफ्फरपुर जिला में नगर निगम ने एक नई पहल की है। जिससे डीजल व पेट्रोल बनेगा। मई से उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। जिले के कुढऩी प्रखंड के खरौना जयराम गांव में प्लांट लगाया जाएगा। इसी महीने काम शुरू होगा। इस पर 25 लाख खर्च होंगे। इसके लिए जिला उद्योग केंद्र से कंपनी को ऋण मिल चुका है। शुरुआती दौर में कंपनी में 25 से 30 लोगों को रोजगार मिलेगा।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p>मुजफ्फरपुर स्थित ग्रुप ग्रेविटी एग्रो एंड एनर्जी नामक कंपनी अपने प्लांट में 1000 किलोग्राम प्लास्टिक कचरे से करीब 700 लीटर पेट्रोल या 850 लीटर डीजल तैयार करेगी। वह निगम से 8 रुपये प्रति किलोग्राम की दर सेे प्लास्टिक कचरा खरीदेगी। 70 रुपये प्रति लीटर की दर से डीजल की आपूर्ति करेगी। शुरुआती दौर में प्रतिदिन 1000 किलोग्राम प्लास्टिक कचरे से उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। कंपनी को प्रति लीटर ईंधन बनाने में करीब 55 रुपये खर्च आएगा। डीजल व पेट्रोल तैयार करने के दौरान निकला अपशिष्ट अलकतरा के रूप में होगा, जिसका उपयोग सड़क निर्माण में हो सकेगा।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:image {"id":15524,"sizeSlug":"large","linkDestination":"none"} --></p>
<figure class="wp-block-image size-large"><img src="https://www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/04/plastic_waste-diesel-petrol.jpg" alt="" class="wp-image-15524"/></figure>
<p><!-- /wp:image --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p><strong>उत्तम क्वालिटी का होगा ईंधन</strong><br />कंपनी के सीईओ पेट्रोलियम इंजीनियर आशुतोष मंगलम और उनकी टीम ने करीब 3 साल पहले यह तकनीक विकसित की थी। उनकी टीम को वर्ष 2018 में पीएमओ से नेशनल इनोवेशन अवार्ड मिल चुका है। कंपनी अपने इनोवेशन को अमेरिका में पेटेंट (यूनाइटेड स्टेट्स पेटेंट) करा चुकी है। कंपनी पहली बार मुजफ्फरपुर में उत्पादन करने जा रही है। आशुतोष के अनुसार प्लास्टिक डबल बांड हाईड्रो कार्बन होता है। उसमें हाइड्रोजन जोड़कर उसे सिंगल बांड ईथेन बनाया जाता है। ईथेन में क्लोरीन और सोडियम जोड़कर एथाइल क्लोराइड से ब्युटेन बनाया जाता है। ब्यूटेन में अगले स्तर पर ब्रोमीन और सोडियम जोड़कर ब्यूटाइल ब्रोमाइड बनाया जाता है। इस ब्यूटाइल ब्रोमाइड से आइसो ऑक्टेन बनाया जाता है।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p><strong>प्रदूषण का स्तर कम रहेगा</strong><br />आइसो ऑक्टेन को ही बीएस-6 ग्रेड का बायो फ्यूल कहा जाता है। यह उत्तम क्वालिटी का ईंधन होता है। आइसो ऑक्टेन को अलग-अलग तापमान और प्रेशर देकर आवश्यकतानुसार डीजल व पेट्रोल तैयार किया जाता है। ऑटोमोबाइल्स इंजीनियर ओसामा अकील का कहना है कि इस प्रकार के ईंधन में सल्फर की मात्रा ज्यादा होती है, लेकिन इसका बीएस-6 मानक का होना अच्छी बात है। इससे प्रदूषण का स्तर कम रहेगा।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p>मुजफ्फरपुर के नगर आयुक्त विवेक रंजन मैत्रेय ने कहा कि डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के दौरान प्लास्टिक कचरा अलग से लिया जाएगा। इसे कंपनी को बेचकर निगम को राजस्व की प्राप्ति होगी। साथ ही निगम की गाड़ियों के लिए सस्ता ईंधन भी उपलब्ध होगा।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.livebiharnews.in/jara-hat-ke/diesel-and-petrol-to-be-prepared-from-plastic-waste-in-this-district-of-bihar.html">बिहार के इस जिला में प्लास्टिक के कचरे से तैयार होगा डीजल और पेट्रोल, &#8230;जानिए</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.livebiharnews.in">Live Bihar News | लाइव बिहार न्यूज़</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><img width="650" height="540" src="https://www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/04/muzaffarpur_disel_plant_petrol_plastic-waste-garbage.jpg" class="attachment-post-thumbnail size-post-thumbnail wp-post-image" alt="" srcset="https://i0.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/04/muzaffarpur_disel_plant_petrol_plastic-waste-garbage.jpg?w=650&amp;ssl=1 650w, https://i0.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/04/muzaffarpur_disel_plant_petrol_plastic-waste-garbage.jpg?resize=450%2C374&amp;ssl=1 450w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p><!-- wp:paragraph -->
<p>प्लास्टिक कचरे से मुक्ति के लिए बिहार के मुजफ्फरपुर जिला में नगर निगम ने एक नई पहल की है। जिससे डीजल व पेट्रोल बनेगा। मई से उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। जिले के कुढऩी प्रखंड के खरौना जयराम गांव में प्लांट लगाया जाएगा। इसी महीने काम शुरू होगा। इस पर 25 लाख खर्च होंगे। इसके लिए जिला उद्योग केंद्र से कंपनी को ऋण मिल चुका है। शुरुआती दौर में कंपनी में 25 से 30 लोगों को रोजगार मिलेगा।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>मुजफ्फरपुर स्थित ग्रुप ग्रेविटी एग्रो एंड एनर्जी नामक कंपनी अपने प्लांट में 1000 किलोग्राम प्लास्टिक कचरे से करीब 700 लीटर पेट्रोल या 850 लीटर डीजल तैयार करेगी। वह निगम से 8 रुपये प्रति किलोग्राम की दर सेे प्लास्टिक कचरा खरीदेगी। 70 रुपये प्रति लीटर की दर से डीजल की आपूर्ति करेगी। शुरुआती दौर में प्रतिदिन 1000 किलोग्राम प्लास्टिक कचरे से उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। कंपनी को प्रति लीटर ईंधन बनाने में करीब 55 रुपये खर्च आएगा। डीजल व पेट्रोल तैयार करने के दौरान निकला अपशिष्ट अलकतरा के रूप में होगा, जिसका उपयोग सड़क निर्माण में हो सकेगा।</p>
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<p><strong>उत्तम क्वालिटी का होगा ईंधन</strong><br>कंपनी के सीईओ पेट्रोलियम इंजीनियर आशुतोष मंगलम और उनकी टीम ने करीब 3 साल पहले यह तकनीक विकसित की थी। उनकी टीम को वर्ष 2018 में पीएमओ से नेशनल इनोवेशन अवार्ड मिल चुका है। कंपनी अपने इनोवेशन को अमेरिका में पेटेंट (यूनाइटेड स्टेट्स पेटेंट) करा चुकी है। कंपनी पहली बार मुजफ्फरपुर में उत्पादन करने जा रही है। आशुतोष के अनुसार प्लास्टिक डबल बांड हाईड्रो कार्बन होता है। उसमें हाइड्रोजन जोड़कर उसे सिंगल बांड ईथेन बनाया जाता है। ईथेन में क्लोरीन और सोडियम जोड़कर एथाइल क्लोराइड से ब्युटेन बनाया जाता है। ब्यूटेन में अगले स्तर पर ब्रोमीन और सोडियम जोड़कर ब्यूटाइल ब्रोमाइड बनाया जाता है। इस ब्यूटाइल ब्रोमाइड से आइसो ऑक्टेन बनाया जाता है।</p>
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<p><strong>प्रदूषण का स्तर कम रहेगा</strong><br>आइसो ऑक्टेन को ही बीएस-6 ग्रेड का बायो फ्यूल कहा जाता है। यह उत्तम क्वालिटी का ईंधन होता है। आइसो ऑक्टेन को अलग-अलग तापमान और प्रेशर देकर आवश्यकतानुसार डीजल व पेट्रोल तैयार किया जाता है। ऑटोमोबाइल्स इंजीनियर ओसामा अकील का कहना है कि इस प्रकार के ईंधन में सल्फर की मात्रा ज्यादा होती है, लेकिन इसका बीएस-6 मानक का होना अच्छी बात है। इससे प्रदूषण का स्तर कम रहेगा।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

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<p>मुजफ्फरपुर के नगर आयुक्त विवेक रंजन मैत्रेय ने कहा कि डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के दौरान प्लास्टिक कचरा अलग से लिया जाएगा। इसे कंपनी को बेचकर निगम को राजस्व की प्राप्ति होगी। साथ ही निगम की गाड़ियों के लिए सस्ता ईंधन भी उपलब्ध होगा।</p>
<!-- /wp:paragraph --><p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.livebiharnews.in/jara-hat-ke/diesel-and-petrol-to-be-prepared-from-plastic-waste-in-this-district-of-bihar.html">बिहार के इस जिला में प्लास्टिक के कचरे से तैयार होगा डीजल और पेट्रोल, &#8230;जानिए</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.livebiharnews.in">Live Bihar News | लाइव बिहार न्यूज़</a>.</p>
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		<title>बिहार में सभी शैक्षणिक संस्&#x200d;थान बंद, &#8230;जानें पहले से निर्धारित परीक्षाओं पर क्या हुआ फैसला</title>
		<link>https://www.livebiharnews.in/news/coronavirus-in-bihar-lockdown-news-as-school-college-and-coaching-center-close-new-covid-19-guidelines.html</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Team Admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 04 Apr 2021 05:31:18 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p><img width="1600" height="960" src="https://www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/04/school-children-education-exam-girls.jpg" class="attachment-post-thumbnail size-post-thumbnail wp-post-image" alt="" srcset="https://i2.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/04/school-children-education-exam-girls.jpg?w=1600&amp;ssl=1 1600w, https://i2.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/04/school-children-education-exam-girls.jpg?resize=768%2C461&amp;ssl=1 768w, https://i2.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/04/school-children-education-exam-girls.jpg?resize=1536%2C922&amp;ssl=1 1536w, https://i2.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/04/school-children-education-exam-girls.jpg?resize=450%2C270&amp;ssl=1 450w, https://i2.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/04/school-children-education-exam-girls.jpg?resize=780%2C468&amp;ssl=1 780w" sizes="(max-width: 1600px) 100vw, 1600px" /></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p>बिहार में कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने राज्य के सभी शैक्षणिक संस्&#x200d;थान (स्कूल, कॉलेज और कोचिंग) को 11 अप्रैल तक बंद रखने का निर्णय लिया है। पहले से निर्धारित परीक्षाएं स्कूल व कॉलेज प्रशासन आवश्यकतानुसार कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए ले सकेंगे।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p><strong>संक्रमण रोकने को लेकर सरकार के अन्य फैसले, एक नजर</strong><br />- शादी व अंतिम संस्&#x200d;कार को छोड़ सभी सार्वजनिक आयोजनों पर अप्रैल तक प्रतिबंध लगा दिया गया है। शादी-ब्याह में अधिकतम 250 और श्राद्ध में अधिकतम 50 लोग ही शामिल हो सकेंगे।<br />- सरकारी दफ्तरों के बारे में यह निर्देश है कि महकमे के प्रधान यह तय करेंगे कि कितनी संख्या में सुरक्षित दूरी का अनुपालन करते हुए कर्मियों को दफ्तर बुलाया जा सकता है। साथ ही 30 अप्रैल तक सरकारी कार्यालयों में बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर प्रतिबंघ लगा दिया गया है।<br />- 15 अप्रैल तक सार्वजनिक वाहनों में क्षमता के 50 फीसद से अधिक यात्री नहीं बैठाए जाएंगे।<br />- सभी जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों को अपने जिलों में कोरोनावायरस संक्रमण रोकने को लेकर जारी केंद्र सरकार की ताजा गाइडलाइन का सख्ती से पालन कराने का निर्देश दिया गया है।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:image {"id":15516,"sizeSlug":"large","linkDestination":"none"} --></p>
<figure class="wp-block-image size-large"><img src="https://www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/04/corona-guidlines-bihar-3-april-2021.jpg" alt="" class="wp-image-15516"/></figure>
<p><!-- /wp:image --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p>मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कोरोना को लेकर शनिवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद हुई क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक में यह फैसला लिया गया। आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत के अनुसार फिलहाल आरंभिक बंदी का फैसला लिया गया है। परिस्थियों के अनुसार आगे का फैसला लिया जाएगा।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.livebiharnews.in/news/coronavirus-in-bihar-lockdown-news-as-school-college-and-coaching-center-close-new-covid-19-guidelines.html">बिहार में सभी शैक्षणिक संस्&#x200d;थान बंद, &#8230;जानें पहले से निर्धारित परीक्षाओं पर क्या हुआ फैसला</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.livebiharnews.in">Live Bihar News | लाइव बिहार न्यूज़</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><img width="1600" height="960" src="https://www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/04/school-children-education-exam-girls.jpg" class="attachment-post-thumbnail size-post-thumbnail wp-post-image" alt="" srcset="https://i2.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/04/school-children-education-exam-girls.jpg?w=1600&amp;ssl=1 1600w, https://i2.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/04/school-children-education-exam-girls.jpg?resize=768%2C461&amp;ssl=1 768w, https://i2.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/04/school-children-education-exam-girls.jpg?resize=1536%2C922&amp;ssl=1 1536w, https://i2.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/04/school-children-education-exam-girls.jpg?resize=450%2C270&amp;ssl=1 450w, https://i2.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/04/school-children-education-exam-girls.jpg?resize=780%2C468&amp;ssl=1 780w" sizes="(max-width: 1600px) 100vw, 1600px" /></p><!-- wp:paragraph -->
<p>बिहार में कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने राज्य के सभी शैक्षणिक संस्&#x200d;थान (स्कूल, कॉलेज और कोचिंग) को 11 अप्रैल तक बंद रखने का निर्णय लिया है। पहले से निर्धारित परीक्षाएं स्कूल व कॉलेज प्रशासन आवश्यकतानुसार कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए ले सकेंगे।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p><strong>संक्रमण रोकने को लेकर सरकार के अन्य फैसले, एक नजर</strong><br>- शादी व अंतिम संस्&#x200d;कार को छोड़ सभी सार्वजनिक आयोजनों पर अप्रैल तक प्रतिबंध लगा दिया गया है। शादी-ब्याह में अधिकतम 250 और श्राद्ध में अधिकतम 50 लोग ही शामिल हो सकेंगे।<br>- सरकारी दफ्तरों के बारे में यह निर्देश है कि महकमे के प्रधान यह तय करेंगे कि कितनी संख्या में सुरक्षित दूरी का अनुपालन करते हुए कर्मियों को दफ्तर बुलाया जा सकता है। साथ ही 30 अप्रैल तक सरकारी कार्यालयों में बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर प्रतिबंघ लगा दिया गया है।<br>- 15 अप्रैल तक सार्वजनिक वाहनों में क्षमता के 50 फीसद से अधिक यात्री नहीं बैठाए जाएंगे।<br>- सभी जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों को अपने जिलों में कोरोनावायरस संक्रमण रोकने को लेकर जारी केंद्र सरकार की ताजा गाइडलाइन का सख्ती से पालन कराने का निर्देश दिया गया है।</p>
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<figure class="wp-block-image size-large"><img src="https://www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/04/corona-guidlines-bihar-3-april-2021.jpg" alt="" class="wp-image-15516"/></figure>
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<!-- wp:paragraph -->
<p>मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कोरोना को लेकर शनिवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद हुई क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक में यह फैसला लिया गया। आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत के अनुसार फिलहाल आरंभिक बंदी का फैसला लिया गया है। परिस्थियों के अनुसार आगे का फैसला लिया जाएगा।</p>
<!-- /wp:paragraph --><p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.livebiharnews.in/news/coronavirus-in-bihar-lockdown-news-as-school-college-and-coaching-center-close-new-covid-19-guidelines.html">बिहार में सभी शैक्षणिक संस्&#x200d;थान बंद, &#8230;जानें पहले से निर्धारित परीक्षाओं पर क्या हुआ फैसला</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.livebiharnews.in">Live Bihar News | लाइव बिहार न्यूज़</a>.</p>
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		<title>बिहार का एक किसान कर रहा है दुनिया की सबसे महंगी सब्जी की खेती, कीमत जानकर हो जाएंगे हैरान</title>
		<link>https://www.livebiharnews.in/jara-hat-ke/bihar-aurangabad-farmer-amresh-is-cultivating-the-worlds-most-expensive-vegetable-hop-shoots.html</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Team Admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 02 Apr 2021 08:25:17 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p><img width="900" height="450" src="https://www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/04/amresh-aurangabad-farmer-Hopshoots-1.jpg" class="attachment-post-thumbnail size-post-thumbnail wp-post-image" alt="" srcset="https://i2.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/04/amresh-aurangabad-farmer-Hopshoots-1.jpg?w=900&amp;ssl=1 900w, https://i2.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/04/amresh-aurangabad-farmer-Hopshoots-1.jpg?resize=768%2C384&amp;ssl=1 768w, https://i2.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/04/amresh-aurangabad-farmer-Hopshoots-1.jpg?resize=450%2C225&amp;ssl=1 450w, https://i2.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/04/amresh-aurangabad-farmer-Hopshoots-1.jpg?resize=780%2C390&amp;ssl=1 780w" sizes="(max-width: 900px) 100vw, 900px" /></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p>सब्जियां तो हम सभी लोग खाते हैं। विभिन्न प्रकार की सब्जियों का स्वाद और कीमत दोनों ही अलग होते हैं। आज हम आपको एक ऐसे अजब गजब सब्जी के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसकी कीमत जानकर आप भी हैरान हो जाएंगे। इस सब्जी का नाम दुनिया की सबसे महंगी सब्जियों में शुमार है।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p>इस सब्जी का नाम हॉप शूट्स है। इसकी कीमत तकरीबन 1 लाख रुपये प्रति किलो है। यह सब्जी किसी बाजार में आपको आसानी से नहीं मिलेगी। आपको बता दें कि हॉप शूट्स नामक इस सब्जी का कई क्षेत्रों में सकारात्मक इस्तेमाल किया जाता है। इस सब्जी के इस्तेमाल से कई सारी औषधियों का निर्माण किया जाता है। इसके अलावा इस सब्जी की मदद से कई सारे एंटीबायोटिक दवाइयां भी बनाई जाती हैं। दांत और टीबी जैसे बीमारियों से निजात पाने में यह बहुत लाभकारी है। इस सब्जी के फूल को भी लोग खूब पसंद करते हैं। इसके फूल को हॉप कोन्स कहा जाता है।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p>आपको जानकर आश्चर्य होगा कि आठवीं सदी में लोग इसे बीयर में मिलाकर पीते थे। इस सब्जी की खेती सर्वप्रथम जर्मनी में शुरू हुई थी। उसके बाद इसका प्रसार दुनिया के बाकी देशों में भी होने लगा। अब इस सब्जी की खेती भारत के बिहार राज्य में भी शुरू हो गई है। बिहार के औरंगाबाद में रहने वाले किसान अमरेश सिंह इसकी खेती कर रहें है। भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी के कृषि वैज्ञानिक डॉ. रामकिशोरी लाल ने किसान अमरेश सिंह को हॉप शूट्स सब्जी की पैदावार करने की सलाह दी। हिमाचल प्रदेश से इसके पौधे मंगवाए गए और कृषि वैज्ञानिक डॉ. लाल की देखरेख में इसकी ट्रायल खेती शुरू की गई है।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:image {"id":15496,"sizeSlug":"large","linkDestination":"none"} --></p>
<figure class="wp-block-image size-large"><img src="https://www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/04/Hopshoots-1.jpg" alt="" class="wp-image-15496"/></figure>
<p><!-- /wp:image --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p>इस खेती के लिए अमरेश ने राज्य के कृषि विभाग से अनुरोध किया था जिसे विभाग ने मान लिया। अमरेश ने दो महीने पहले इसका पौधा लगाया गया था, जो अब धीरे-धीरे बड़ा हो रहा है। अगर अमरेश कुमार इस सब्जी की खेती करने में कामयाब हो जाते हैं तो बिहार के किसान उम्मीद से कहीं ज़्यादा कमाई कर अपनी किस्मत पलट सकते हैं।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p><strong>सफल किसान हैं अमरेश</strong><br />बिहार के औरंगाबाद जिले के रहने वाले अमरेश सिंह एक सामान्य परिवार से ताल्लुक रखते हैं, उनके पिता किसान हैं। 12वीं तक की पढ़ाई के बाद अमरेश ने खेती को ही अपना करियर बना लिया। 40 साल के अमरेश की गिनती देश के प्रगतिशील किसानों में होती है, सैकड़ों किसानों को वे ट्रेंड कर चुके हैं।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p>अमरेश की देखरेख में कई किसान खेती कर रहे हैं, राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें कई सम्मान भी मिल चुके हैं। अमरेश शुरुआत में पारंपरिक खेती करते थे, बाद में उन्होंने सब्जियों की भी खेती की, लेकिन उन्हें इसमें ज्यादा कमाई नहीं हुई।<br />इसके बाद अमरेश ने लखनऊ स्थित सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिसिनल एंड एरोमेटिक प्लांट्स (CSIR) से मेडिसिनल प्लांट की खेती की ट्रेनिंग ली और गांव लौटकर चार एकड़ जमीन पर इसकी खेती शुरू कर दी। यहीं से अमरेश का सफर शुरू हुआ और वे देखते ही देखते बहुत आगे निकल गए।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:image {"id":15495,"sizeSlug":"large","linkDestination":"none"} --></p>
<figure class="wp-block-image size-large"><img src="https://www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/04/amresh-aurangabad-farmer-1.png" alt="" class="wp-image-15495"/></figure>
<p><!-- /wp:image --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p>अमरेश मेंथा, लेमन ग्रास, पामारोजा, ​​सिट्रोनोला, तुलसी और सेब आदि की खेती करते रहे हैं। और अब अमरेश ने हॉप शूट्स की खेती शुरू करके इतिहास रच दिया। इतना ही नहीं अमरेश ने एक बार सेब की ऐसी प्रजाति की खेती बिहार में कर डाली थी जो सिर्फ ठंडे प्रदेशों जैसे कि कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में होती थी।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p>अमरेश ने एक बार बताया था कि बिहार के किसान धान गेहूं आदि की खेती को करने के साथ-साथ अपने कुछ जमीन पर ही अगर इस तरह की खेती करना शुरू करें तो वे आत्मनिर्भर बनेंगे तथा साथ ही उनकी आमदनी भी काफी बढ़ेगी। अमरेश किसानों को जागरूक करने के उद्देश्य से अपने खेत को दिखाते हैं ताकि उनका विकास हो सके। उन्हें वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के गुर भी बताते हैं।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p><strong>सब्जी की तस्वीर को आईएएस ऑफिसर सुप्रिया साहू ने शेयर किया है। फोटो को शेयर करते हुए उन्होंने लिखा – </strong>“एक किलोग्राम इस सब्जी की कीमत एक लाख रुपए है। दुनिया की सबसे महंगी सब्जी, हॉप शूट्स, जो कि बिहार के एक किसान अमरेश सिंह द्वारा पैदा की जा रही है। इस सब्जी की खेती भारतीय किसानों के लिए गेम चेंजर बन सकती है।”</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:embed {"url":"https://twitter.com/supriyasahuias/status/1377111139914444809","type":"rich","providerNameSlug":"twitter","responsive":true,"className":""} --></p>
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<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p>उसके बाद से यह सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर वायरल हो गया।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p><strong>इसके नाम से फेस्टिवल भी</strong><br />हॉप शूट्स उगाना बहुत ही श्रमसाध्य काम है। यही वजह है कि इसकी कीमत बहुत ज्यादा है। हॉप शूट्स के पत्तों को जब पकाया जाता है तो वह केल (गोभी की तरह की एक विदेशी सब्जी) की तरह हो जाता है। रोचक बात यह है कि इसके नाम से कई देशों में फेस्टिवल भी मनाए जाते हैं, जैसे – लंदन हॉप शूट फेस्टिवल।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.livebiharnews.in/jara-hat-ke/bihar-aurangabad-farmer-amresh-is-cultivating-the-worlds-most-expensive-vegetable-hop-shoots.html">बिहार का एक किसान कर रहा है दुनिया की सबसे महंगी सब्जी की खेती, कीमत जानकर हो जाएंगे हैरान</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.livebiharnews.in">Live Bihar News | लाइव बिहार न्यूज़</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><img width="900" height="450" src="https://www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/04/amresh-aurangabad-farmer-Hopshoots-1.jpg" class="attachment-post-thumbnail size-post-thumbnail wp-post-image" alt="" srcset="https://i2.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/04/amresh-aurangabad-farmer-Hopshoots-1.jpg?w=900&amp;ssl=1 900w, https://i2.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/04/amresh-aurangabad-farmer-Hopshoots-1.jpg?resize=768%2C384&amp;ssl=1 768w, https://i2.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/04/amresh-aurangabad-farmer-Hopshoots-1.jpg?resize=450%2C225&amp;ssl=1 450w, https://i2.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/04/amresh-aurangabad-farmer-Hopshoots-1.jpg?resize=780%2C390&amp;ssl=1 780w" sizes="(max-width: 900px) 100vw, 900px" /></p><!-- wp:paragraph -->
<p>सब्जियां तो हम सभी लोग खाते हैं। विभिन्न प्रकार की सब्जियों का स्वाद और कीमत दोनों ही अलग होते हैं। आज हम आपको एक ऐसे अजब गजब सब्जी के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसकी कीमत जानकर आप भी हैरान हो जाएंगे। इस सब्जी का नाम दुनिया की सबसे महंगी सब्जियों में शुमार है।</p>
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<p>इस सब्जी का नाम हॉप शूट्स है। इसकी कीमत तकरीबन 1 लाख रुपये प्रति किलो है। यह सब्जी किसी बाजार में आपको आसानी से नहीं मिलेगी। आपको बता दें कि हॉप शूट्स नामक इस सब्जी का कई क्षेत्रों में सकारात्मक इस्तेमाल किया जाता है। इस सब्जी के इस्तेमाल से कई सारी औषधियों का निर्माण किया जाता है। इसके अलावा इस सब्जी की मदद से कई सारे एंटीबायोटिक दवाइयां भी बनाई जाती हैं। दांत और टीबी जैसे बीमारियों से निजात पाने में यह बहुत लाभकारी है। इस सब्जी के फूल को भी लोग खूब पसंद करते हैं। इसके फूल को हॉप कोन्स कहा जाता है।</p>
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<p>आपको जानकर आश्चर्य होगा कि आठवीं सदी में लोग इसे बीयर में मिलाकर पीते थे। इस सब्जी की खेती सर्वप्रथम जर्मनी में शुरू हुई थी। उसके बाद इसका प्रसार दुनिया के बाकी देशों में भी होने लगा। अब इस सब्जी की खेती भारत के बिहार राज्य में भी शुरू हो गई है। बिहार के औरंगाबाद में रहने वाले किसान अमरेश सिंह इसकी खेती कर रहें है। भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी के कृषि वैज्ञानिक डॉ. रामकिशोरी लाल ने किसान अमरेश सिंह को हॉप शूट्स सब्जी की पैदावार करने की सलाह दी। हिमाचल प्रदेश से इसके पौधे मंगवाए गए और कृषि वैज्ञानिक डॉ. लाल की देखरेख में इसकी ट्रायल खेती शुरू की गई है।</p>
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<p>इस खेती के लिए अमरेश ने राज्य के कृषि विभाग से अनुरोध किया था जिसे विभाग ने मान लिया। अमरेश ने दो महीने पहले इसका पौधा लगाया गया था, जो अब धीरे-धीरे बड़ा हो रहा है। अगर अमरेश कुमार इस सब्जी की खेती करने में कामयाब हो जाते हैं तो बिहार के किसान उम्मीद से कहीं ज़्यादा कमाई कर अपनी किस्मत पलट सकते हैं।</p>
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<p><strong>सफल किसान हैं अमरेश</strong><br>बिहार के औरंगाबाद जिले के रहने वाले अमरेश सिंह एक सामान्य परिवार से ताल्लुक रखते हैं, उनके पिता किसान हैं। 12वीं तक की पढ़ाई के बाद अमरेश ने खेती को ही अपना करियर बना लिया। 40 साल के अमरेश की गिनती देश के प्रगतिशील किसानों में होती है, सैकड़ों किसानों को वे ट्रेंड कर चुके हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

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<p>अमरेश की देखरेख में कई किसान खेती कर रहे हैं, राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें कई सम्मान भी मिल चुके हैं। अमरेश शुरुआत में पारंपरिक खेती करते थे, बाद में उन्होंने सब्जियों की भी खेती की, लेकिन उन्हें इसमें ज्यादा कमाई नहीं हुई।<br>इसके बाद अमरेश ने लखनऊ स्थित सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिसिनल एंड एरोमेटिक प्लांट्स (CSIR) से मेडिसिनल प्लांट की खेती की ट्रेनिंग ली और गांव लौटकर चार एकड़ जमीन पर इसकी खेती शुरू कर दी। यहीं से अमरेश का सफर शुरू हुआ और वे देखते ही देखते बहुत आगे निकल गए।</p>
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<p>अमरेश मेंथा, लेमन ग्रास, पामारोजा, ​​सिट्रोनोला, तुलसी और सेब आदि की खेती करते रहे हैं। और अब अमरेश ने हॉप शूट्स की खेती शुरू करके इतिहास रच दिया। इतना ही नहीं अमरेश ने एक बार सेब की ऐसी प्रजाति की खेती बिहार में कर डाली थी जो सिर्फ ठंडे प्रदेशों जैसे कि कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में होती थी।</p>
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<!-- wp:paragraph -->
<p>अमरेश ने एक बार बताया था कि बिहार के किसान धान गेहूं आदि की खेती को करने के साथ-साथ अपने कुछ जमीन पर ही अगर इस तरह की खेती करना शुरू करें तो वे आत्मनिर्भर बनेंगे तथा साथ ही उनकी आमदनी भी काफी बढ़ेगी। अमरेश किसानों को जागरूक करने के उद्देश्य से अपने खेत को दिखाते हैं ताकि उनका विकास हो सके। उन्हें वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के गुर भी बताते हैं।</p>
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<!-- wp:paragraph -->
<p><strong>सब्जी की तस्वीर को आईएएस ऑफिसर सुप्रिया साहू ने शेयर किया है। फोटो को शेयर करते हुए उन्होंने लिखा – </strong>“एक किलोग्राम इस सब्जी की कीमत एक लाख रुपए है। दुनिया की सबसे महंगी सब्जी, हॉप शूट्स, जो कि बिहार के एक किसान अमरेश सिंह द्वारा पैदा की जा रही है। इस सब्जी की खेती भारतीय किसानों के लिए गेम चेंजर बन सकती है।”</p>
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<p><strong>इसके नाम से फेस्टिवल भी</strong><br>हॉप शूट्स उगाना बहुत ही श्रमसाध्य काम है। यही वजह है कि इसकी कीमत बहुत ज्यादा है। हॉप शूट्स के पत्तों को जब पकाया जाता है तो वह केल (गोभी की तरह की एक विदेशी सब्जी) की तरह हो जाता है। रोचक बात यह है कि इसके नाम से कई देशों में फेस्टिवल भी मनाए जाते हैं, जैसे – लंदन हॉप शूट फेस्टिवल।</p>
<!-- /wp:paragraph --><p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.livebiharnews.in/jara-hat-ke/bihar-aurangabad-farmer-amresh-is-cultivating-the-worlds-most-expensive-vegetable-hop-shoots.html">बिहार का एक किसान कर रहा है दुनिया की सबसे महंगी सब्जी की खेती, कीमत जानकर हो जाएंगे हैरान</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.livebiharnews.in">Live Bihar News | लाइव बिहार न्यूज़</a>.</p>
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		<title>खुशखबरी! रसोई गैस सिलेंडर हुआ सस्ता, …जानिए कितनी घटी कीमत</title>
		<link>https://www.livebiharnews.in/news/lpg-cylinder-price-cut-by-rupees-10-in-bihar-know-about-the-new-rates.html</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Team Admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 01 Apr 2021 05:50:00 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p><img width="800" height="616" src="https://www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2017/07/lpg-cylinder-1.jpg" class="attachment-post-thumbnail size-post-thumbnail wp-post-image" alt="" srcset="https://i1.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2017/07/lpg-cylinder-1.jpg?w=800&amp;ssl=1 800w, https://i1.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2017/07/lpg-cylinder-1.jpg?resize=300%2C231&amp;ssl=1 300w, https://i1.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2017/07/lpg-cylinder-1.jpg?resize=768%2C591&amp;ssl=1 768w" sizes="(max-width: 800px) 100vw, 800px" /></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p>नया वित्त वर्ष 2021-22 आम लोगों के लिए एक राहत लेकर आ रहा है। घरेलू रसोई गैस सिलेंडर के दाम कम होने जा रहे हैं। आज एक अप्रैल यानी गुरुवार से रसोई गैस सिलेंडर 10 रुपये सस्ता मिलेगा। जिसके बाद राजधानी पटना में अब 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत 917.50 रुपये से घटकर 907.50 रुपये हो गयी है।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p>इसके साथ ही 5 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत में भी कमी हुई है। इसकी कीमत 3 रूपए 50 पैसे तक कम हुई है जिससे सिलेंडर 339.00 रुपये से घटकर 335.50 रुपये हो गया है। लेकिन व्&#x200d;यावसायिक उपयोग वाले सिलेंडर में कोई राहत नहीं मिली है। ये सिलेंडर 109 रुपये तक महंगे हो गये हैं।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p>19 किलो वाले गैस सिलेंडर की कीमत 1810.00 रुपये से बढ़ाकर 1854.00 रुपये कर दिए गए हैं। इसकी कीमत 44 रुपये बढ़ गई है। इसी तरह 47.5 किलो वाले व्&#x200d;यावसायिक सिलेंडर की कीमत भी 4519.50 रुपये से बढ़कर 4629.00 रुपये कर दी गई है। इस सिलेंडर की कीमत में 109.50 रुपये का इजाफा हुआ है।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.livebiharnews.in/news/lpg-cylinder-price-cut-by-rupees-10-in-bihar-know-about-the-new-rates.html">खुशखबरी! रसोई गैस सिलेंडर हुआ सस्ता, …जानिए कितनी घटी कीमत</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.livebiharnews.in">Live Bihar News | लाइव बिहार न्यूज़</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><img width="800" height="616" src="https://www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2017/07/lpg-cylinder-1.jpg" class="attachment-post-thumbnail size-post-thumbnail wp-post-image" alt="" srcset="https://i1.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2017/07/lpg-cylinder-1.jpg?w=800&amp;ssl=1 800w, https://i1.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2017/07/lpg-cylinder-1.jpg?resize=300%2C231&amp;ssl=1 300w, https://i1.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2017/07/lpg-cylinder-1.jpg?resize=768%2C591&amp;ssl=1 768w" sizes="(max-width: 800px) 100vw, 800px" /></p><!-- wp:paragraph -->
<p>नया वित्त वर्ष 2021-22 आम लोगों के लिए एक राहत लेकर आ रहा है। घरेलू रसोई गैस सिलेंडर के दाम कम होने जा रहे हैं। आज एक अप्रैल यानी गुरुवार से रसोई गैस सिलेंडर 10 रुपये सस्ता मिलेगा। जिसके बाद राजधानी पटना में अब 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत 917.50 रुपये से घटकर 907.50 रुपये हो गयी है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>इसके साथ ही 5 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत में भी कमी हुई है। इसकी कीमत 3 रूपए 50 पैसे तक कम हुई है जिससे सिलेंडर 339.00 रुपये से घटकर 335.50 रुपये हो गया है। लेकिन व्&#x200d;यावसायिक उपयोग वाले सिलेंडर में कोई राहत नहीं मिली है। ये सिलेंडर 109 रुपये तक महंगे हो गये हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>19 किलो वाले गैस सिलेंडर की कीमत 1810.00 रुपये से बढ़ाकर 1854.00 रुपये कर दिए गए हैं। इसकी कीमत 44 रुपये बढ़ गई है। इसी तरह 47.5 किलो वाले व्&#x200d;यावसायिक सिलेंडर की कीमत भी 4519.50 रुपये से बढ़कर 4629.00 रुपये कर दी गई है। इस सिलेंडर की कीमत में 109.50 रुपये का इजाफा हुआ है।</p>
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		<title>अब 45 से अधिक उम्र वाले स्वस्थ लोग भी ले सकते हैं कोरोना की वैक्सीन, पूरा प्रोसेस जानिए</title>
		<link>https://www.livebiharnews.in/news/know-the-full-co-win-portal-registration-process-for-corona-vaccination-in-bihar-for-people-above-45-years-of-age.html</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Team Admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 01 Apr 2021 05:16:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Bihar]]></category>
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					<description><![CDATA[<p><img width="768" height="431" src="https://www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2020/07/medicine-trial-human-vaccine.jpg" class="attachment-post-thumbnail size-post-thumbnail wp-post-image" alt="" srcset="https://i2.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2020/07/medicine-trial-human-vaccine.jpg?w=768&amp;ssl=1 768w, https://i2.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2020/07/medicine-trial-human-vaccine.jpg?resize=465%2C261&amp;ssl=1 465w, https://i2.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2020/07/medicine-trial-human-vaccine.jpg?resize=695%2C390&amp;ssl=1 695w" sizes="(max-width: 768px) 100vw, 768px" /></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p>देश में कोरोना के लगातार बढ़ रहे केस के बीच आज गुरुवार 1 अप्रैल से बिहार भर में 45 वर्ष से ऊपर के उम्र वाले हर शख्स को कोरोना वैक्सीन लगनी शुरू हो जाएगी। अभी तक 45 वर्ष से ऊपर के उम्र वाले उन लोगों को ही वैक्सीन लग रही थी, जो अस्वस्थ थे या किसी गंभीर बीमारी के शिकार थे। बिहार में भी आज से इस टीकाकरण योजना की शुरुआत खुद राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे करेंगे। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे पटना के IGIMS में इस अभियान की शुरुआत करेंगे।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p>मंगल पांडे ने बताया कि राज्य में आज से 45 और उससे ज्यादा उम्र के लोगों को कोरोना वैक्सीन दी जाएगी। कोरोना से सुरक्षा और बचाव के लिए सरकार ने सभी शिक्षकों और राज्य सरकार के कर्मियों को भी टीका देने का फैसला भी किया है। इस योजना के तहत राज्य सरकार के कर्मियों के अलावा उनके परिजनों को भी कोरोना का टीका लगाया जाएगा। इसके लिए राज्य के सभी वैक्सीनेशन सेंटर्स को तैयार कर लिया गया है। वैक्सीन लेने वाले लोग Co-Win पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। साथ में वैक्सीनेशन सेंटर्स पर भी ऑन स्पॉट रजिस्ट्रेशन के साथ वैक्सीन ली जा सकती है।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p><strong>दोपहर 3 बजे के बाद कर सकेंगे रजिस्ट्रेशन</strong><br />वैक्सीन लेने के लिए लोग Co-WIN पोर्टल पर आज गुरुवार 1 अप्रैल से दोपहर 3 बजे के बाद रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p><strong>रजिस्ट्रेशन के लिए जरूरी - मोबाइल नंबर और फोटो ID</strong><br />रजिस्ट्रेशन करने के लिए आपको अपने मोबाइल नंबर और फोटो पहचान पत्र की जरूरत पड़ेगी। सरकार द्वारा जारी 12 तरह के पहचान पत्र में से किसी का भी उपयोग किया जा सकता है। इसके द्वारा ही रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया होगी। अब रजिस्ट्रेशन कर रहे 45 वर्ष की उम्र से ऊपर के लोगों को बीमारी का कोई सर्टिफिकेट नहीं देना होगा।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p><strong>कौन से पहचान पत्र दे सकते हैं:</strong><br />आप आधार नंबर, ड्राइविंग लाइसेंस, हेल्&#x200d;थ इंश्&#x200d;योरेंस स्&#x200d;मार्ट कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, वोटर ID, पैन कार्ड, बैंक/पोस्&#x200d;ट ऑफिस पासबुक, पासपोर्ट, पेंशन डॉक्&#x200d;युमेंट, MP/MLA/MLC का ID कार्ड, सरकारी कर्मचारियों का सर्विस ID कार्ड, नैशनल पॉपुलेशन रजिस्&#x200d;टर के तहत जारी स्&#x200d;मार्ट कार्ड में से किसी एक से खुद को वेरिफाई करा सकते हैं।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p><strong>रजिस्ट्रेशन कैसे होगा</strong><br />- आप Co-Win 2 एप या Co-WIN पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।<br />- सबसे पहले मोबाइल नंबर देना होगा। इसे OTP से वेरीफाई करने के बाद जिस फोटो ID का इस्तेमाल करना है, वो बताना होगा। इसे ही लेकर आगे आपको वैक्सीनेशन सेंटर पर जाना है।<br />- इसके बाद फोटो ID संख्या, फोटो ID के मुताबिक पूरा नाम डालना होगा। आपको Gender और उम्र भी दर्ज करना होगा।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p>- 45 साल की उम्र पूरा करने के बाद ही आप आगे बढ़ पाएंगे, नहीं तो रजिस्ट्रेशन नहीं होगा।<br />- रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद आपके चुने हुए सरकारी या निजी किसी भी अस्पताल में ससमय पहुंच कर वैक्सीन ले सकेंगे। बिहार में निजी अस्पतालों में भी वैक्सीन फ्री में लगेगी।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p><strong>ऐसे होगा वैक्सीनेशन:</strong><br />वैक्सीनेशन सेंटर पर पहुंच कर आपको नंबर लगाना होगा। नंबर आने पर रजिस्ट्रेशन संख्या बताना होगा और इसके लिए दर्ज पहचान पत्र दिखाना होगा। अगर आपने पहले से रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, तो आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र देकर ऑन स्पॉट रजिस्ट्रेशन कराना होगा।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p>- रजिस्ट्रेशन के बाद आपकाे एक स्लिप दी जाएगी, जिसपर एक नंबर अंकित होगा।<br />- नंबर के आधार पर क्रमवार आपको आवाज लगाकर बुलाया जाएगा।<br />- भीड़ के अनुसार इस प्रक्रिया में आधा घंटा से दो घंटे तक का समय लग सकता है।<br />- बारी आने पर आपको सेंटर के भीतर बने वैक्सीनेशन रूम में ले जाया जाएगा।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p>- वैक्सीन लगाने में मात्र 30 सेकेंड से एक मिनट का समय लगेगा।<br />- अब आधे घंटे तक वेटिंग लाउंज में बैठना होगा, जहां डॉक्टर आपकी मॉनिटरिंग करेंगे।<br />- किसी प्रकार की परेशानी आने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना होगा।<br />- आधे घंटे के बाद आप आसानी से घर जा सकते हैं।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.livebiharnews.in/news/know-the-full-co-win-portal-registration-process-for-corona-vaccination-in-bihar-for-people-above-45-years-of-age.html">अब 45 से अधिक उम्र वाले स्वस्थ लोग भी ले सकते हैं कोरोना की वैक्सीन, पूरा प्रोसेस जानिए</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.livebiharnews.in">Live Bihar News | लाइव बिहार न्यूज़</a>.</p>
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<p>देश में कोरोना के लगातार बढ़ रहे केस के बीच आज गुरुवार 1 अप्रैल से बिहार भर में 45 वर्ष से ऊपर के उम्र वाले हर शख्स को कोरोना वैक्सीन लगनी शुरू हो जाएगी। अभी तक 45 वर्ष से ऊपर के उम्र वाले उन लोगों को ही वैक्सीन लग रही थी, जो अस्वस्थ थे या किसी गंभीर बीमारी के शिकार थे। बिहार में भी आज से इस टीकाकरण योजना की शुरुआत खुद राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे करेंगे। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे पटना के IGIMS में इस अभियान की शुरुआत करेंगे।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>मंगल पांडे ने बताया कि राज्य में आज से 45 और उससे ज्यादा उम्र के लोगों को कोरोना वैक्सीन दी जाएगी। कोरोना से सुरक्षा और बचाव के लिए सरकार ने सभी शिक्षकों और राज्य सरकार के कर्मियों को भी टीका देने का फैसला भी किया है। इस योजना के तहत राज्य सरकार के कर्मियों के अलावा उनके परिजनों को भी कोरोना का टीका लगाया जाएगा। इसके लिए राज्य के सभी वैक्सीनेशन सेंटर्स को तैयार कर लिया गया है। वैक्सीन लेने वाले लोग Co-Win पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। साथ में वैक्सीनेशन सेंटर्स पर भी ऑन स्पॉट रजिस्ट्रेशन के साथ वैक्सीन ली जा सकती है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p><strong>दोपहर 3 बजे के बाद कर सकेंगे रजिस्ट्रेशन</strong><br>वैक्सीन लेने के लिए लोग Co-WIN पोर्टल पर आज गुरुवार 1 अप्रैल से दोपहर 3 बजे के बाद रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p><strong>रजिस्ट्रेशन के लिए जरूरी - मोबाइल नंबर और फोटो ID</strong><br>रजिस्ट्रेशन करने के लिए आपको अपने मोबाइल नंबर और फोटो पहचान पत्र की जरूरत पड़ेगी। सरकार द्वारा जारी 12 तरह के पहचान पत्र में से किसी का भी उपयोग किया जा सकता है। इसके द्वारा ही रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया होगी। अब रजिस्ट्रेशन कर रहे 45 वर्ष की उम्र से ऊपर के लोगों को बीमारी का कोई सर्टिफिकेट नहीं देना होगा।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p><strong>कौन से पहचान पत्र दे सकते हैं:</strong><br>आप आधार नंबर, ड्राइविंग लाइसेंस, हेल्&#x200d;थ इंश्&#x200d;योरेंस स्&#x200d;मार्ट कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, वोटर ID, पैन कार्ड, बैंक/पोस्&#x200d;ट ऑफिस पासबुक, पासपोर्ट, पेंशन डॉक्&#x200d;युमेंट, MP/MLA/MLC का ID कार्ड, सरकारी कर्मचारियों का सर्विस ID कार्ड, नैशनल पॉपुलेशन रजिस्&#x200d;टर के तहत जारी स्&#x200d;मार्ट कार्ड में से किसी एक से खुद को वेरिफाई करा सकते हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p><strong>रजिस्ट्रेशन कैसे होगा</strong><br>- आप Co-Win 2 एप या Co-WIN पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।<br>- सबसे पहले मोबाइल नंबर देना होगा। इसे OTP से वेरीफाई करने के बाद जिस फोटो ID का इस्तेमाल करना है, वो बताना होगा। इसे ही लेकर आगे आपको वैक्सीनेशन सेंटर पर जाना है।<br>- इसके बाद फोटो ID संख्या, फोटो ID के मुताबिक पूरा नाम डालना होगा। आपको Gender और उम्र भी दर्ज करना होगा।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>- 45 साल की उम्र पूरा करने के बाद ही आप आगे बढ़ पाएंगे, नहीं तो रजिस्ट्रेशन नहीं होगा।<br>- रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद आपके चुने हुए सरकारी या निजी किसी भी अस्पताल में ससमय पहुंच कर वैक्सीन ले सकेंगे। बिहार में निजी अस्पतालों में भी वैक्सीन फ्री में लगेगी।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p><strong>ऐसे होगा वैक्सीनेशन:</strong><br>वैक्सीनेशन सेंटर पर पहुंच कर आपको नंबर लगाना होगा। नंबर आने पर रजिस्ट्रेशन संख्या बताना होगा और इसके लिए दर्ज पहचान पत्र दिखाना होगा। अगर आपने पहले से रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, तो आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र देकर ऑन स्पॉट रजिस्ट्रेशन कराना होगा।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>- रजिस्ट्रेशन के बाद आपकाे एक स्लिप दी जाएगी, जिसपर एक नंबर अंकित होगा।<br>- नंबर के आधार पर क्रमवार आपको आवाज लगाकर बुलाया जाएगा।<br>- भीड़ के अनुसार इस प्रक्रिया में आधा घंटा से दो घंटे तक का समय लग सकता है।<br>- बारी आने पर आपको सेंटर के भीतर बने वैक्सीनेशन रूम में ले जाया जाएगा।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>- वैक्सीन लगाने में मात्र 30 सेकेंड से एक मिनट का समय लगेगा।<br>- अब आधे घंटे तक वेटिंग लाउंज में बैठना होगा, जहां डॉक्टर आपकी मॉनिटरिंग करेंगे।<br>- किसी प्रकार की परेशानी आने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना होगा।<br>- आधे घंटे के बाद आप आसानी से घर जा सकते हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph --><p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.livebiharnews.in/news/know-the-full-co-win-portal-registration-process-for-corona-vaccination-in-bihar-for-people-above-45-years-of-age.html">अब 45 से अधिक उम्र वाले स्वस्थ लोग भी ले सकते हैं कोरोना की वैक्सीन, पूरा प्रोसेस जानिए</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.livebiharnews.in">Live Bihar News | लाइव बिहार न्यूज़</a>.</p>
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		<title>बिहार सरकार के द्वारा बिजली बिल पर अनुदान की घोषणा, &#8230;जानिए नई दरें</title>
		<link>https://www.livebiharnews.in/news/electricity-rate-subsidy-announcement-bihar-government-2021-2022-fy.html</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Team Admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 31 Mar 2021 16:04:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Bihar]]></category>
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					<description><![CDATA[<p><img width="650" height="540" src="https://www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2017/03/electricity.jpg" class="attachment-post-thumbnail size-post-thumbnail wp-post-image" alt="" srcset="https://i1.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2017/03/electricity.jpg?w=650&amp;ssl=1 650w, https://i1.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2017/03/electricity.jpg?resize=300%2C249&amp;ssl=1 300w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p><strong>बिहार.</strong> ऊर्जा विभाग के सचिव सह बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी के सीएमडी संजीव हंस के अनुसार बिहार सरकार बिजली की दर में उपभोक्ताओं को इस वित्तीय वर्ष 2021-22 में करीब 6 हजार करोड़ रुपए की अनुदान देगी। पिछले वित्तीय वर्ष 2020-21 में यह 5 हजार 469 करोड़ रुपये थी। ऐसे में इस साल अनुदान की राशि में करीब 531 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की गयी है।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p><strong>वित्तीय वर्ष 2021-22 में अनुदान के बाद ग्रामीण घरेलु उपभोक्ताओं का यह होगा बिल</strong></p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:image {"id":15407,"sizeSlug":"large","linkDestination":"none"} --></p>
<figure class="wp-block-image size-large"><img src="https://www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/03/electricity-Rural-household-consumers-21-22-Rate-after-Subsidy.png" alt="" class="wp-image-15407"/></figure>
<p><!-- /wp:image --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p><strong>वित्तीय वर्ष 2021-22 में अनुदान के बाद शहरी घरेलु उपभोक्ताओं का यह होगा बिल</strong></p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:image {"id":15408,"sizeSlug":"large","linkDestination":"none"} --></p>
<figure class="wp-block-image size-large"><img src="https://www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2021/03/electricity-Urban-household-consumers-21-22-Rate-after-Subsidy.png" alt="" class="wp-image-15408"/></figure>
<p><!-- /wp:image --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p>परन्तु सरकार से मिलने वाला अनुदान पुराने फॉर्मूले पर हीं जारी रहेगा। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी <strong>वित्तीय वर्ष 2020-21 में उपभोक्ताओं को जो अनुदान दिया गया है वही अनुदान की राशि वित्तीय वर्ष 2021-22 में भी मिलेगी।</strong></p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.livebiharnews.in/news/electricity-rate-subsidy-announcement-bihar-government-2021-2022-fy.html">बिहार सरकार के द्वारा बिजली बिल पर अनुदान की घोषणा, &#8230;जानिए नई दरें</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.livebiharnews.in">Live Bihar News | लाइव बिहार न्यूज़</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><img width="650" height="540" src="https://www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2017/03/electricity.jpg" class="attachment-post-thumbnail size-post-thumbnail wp-post-image" alt="" srcset="https://i1.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2017/03/electricity.jpg?w=650&amp;ssl=1 650w, https://i1.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2017/03/electricity.jpg?resize=300%2C249&amp;ssl=1 300w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>बिहार.</strong> ऊर्जा विभाग के सचिव सह बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी के सीएमडी संजीव हंस के अनुसार बिहार सरकार बिजली की दर में उपभोक्ताओं को इस वित्तीय वर्ष 2021-22 में करीब 6 हजार करोड़ रुपए की अनुदान देगी। पिछले वित्तीय वर्ष 2020-21 में यह 5 हजार 469 करोड़ रुपये थी। ऐसे में इस साल अनुदान की राशि में करीब 531 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की गयी है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p><strong>वित्तीय वर्ष 2021-22 में अनुदान के बाद ग्रामीण घरेलु उपभोक्ताओं का यह होगा बिल</strong></p>
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<!-- wp:paragraph -->
<p><strong>वित्तीय वर्ष 2021-22 में अनुदान के बाद शहरी घरेलु उपभोक्ताओं का यह होगा बिल</strong></p>
<!-- /wp:paragraph -->

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<!-- wp:paragraph -->
<p>परन्तु सरकार से मिलने वाला अनुदान पुराने फॉर्मूले पर हीं जारी रहेगा। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी <strong>वित्तीय वर्ष 2020-21 में उपभोक्ताओं को जो अनुदान दिया गया है वही अनुदान की राशि वित्तीय वर्ष 2021-22 में भी मिलेगी।</strong></p>
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		<title>आखिर क्यों मनाते हैं होली? &#8230;जानें विभिन्न प्रदेशों की परम्पराएं</title>
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		<pubDate>Sun, 28 Mar 2021 18:30:00 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p><img width="1024" height="683" src="https://www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2017/03/holi-image-3-big.jpg" class="attachment-post-thumbnail size-post-thumbnail wp-post-image" alt="" srcset="https://i1.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2017/03/holi-image-3-big.jpg?w=1024&amp;ssl=1 1024w, https://i1.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2017/03/holi-image-3-big.jpg?resize=300%2C200&amp;ssl=1 300w, https://i1.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2017/03/holi-image-3-big.jpg?resize=768%2C512&amp;ssl=1 768w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p>भारत त्यौहारों का देश है। पूरे साल कई बड़े त्यौहार देशवासी उत्साह और धूमधाम के साथ मनाते है। उन्हीं में से एक होली का त्यौहार है। रंगों का इस त्यौहार में लोग गीले-शिकवे भूलकर एक दूसरों को गले लगाते है और खूब मौजमस्ती भी करते है। होली वसंत ऋतू में मनाया जाने वाला महत्वपूर्ण त्यौहार है। हिन्दू पंचांगा के अनुसार ये त्यौहार फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p>भारत के अलावा नेपाल सहित कई देशों में पूरी उत्साह के साथ लोग होली पर्व को मनाते है। दो दिनों तक मनाएं जाने वाले होली के पहले दिन होलिका दहन किया जाता है। होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत को दर्शाता है। जिसमें लकड़ी की होलिका बनाकर उसे जलाया जाता है। वहीं दूसरी दिन को धुलेंडी या धूलिवंदन भी कहा जाता है। इस दिन लोग एक दुसरे पर रंग, गुलाल और अबीर आदि फेंकते है और ढोल बजा कर होली के गीत गाते है साथ ही घर-घर जाकर अपने दोस्तों और परिवारों आदि को भी रंग लगाया जाता है।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p><strong>होली का इतिहास</strong><br />हिरण्यकश्यप प्राचीन भारत का एक राजा था जो कि राक्षस की तरह था। वह अपने छोटे भाई की मौत का बदला लेना चाहता था जिसे भगवान विष्णु ने मारा था। इसलिए ताकत पाने के लिए उसने सालों तक प्रार्थना की। आखिरकार उसे वरदान मिला। लेकिन इससे हिरण्यकश्यप खुद को भगवान समझने लगा और लोगों से खुद की भगवान की तरह पूजा करने को कहने लगा। इस दुष्ट राजा का एक बेटा था जिसका नाम प्रहलाद था और वह भगवान विष्णु का परम भक्त था। प्रहलाद ने अपने पिता का कहना कभी नहीं माना और वह भगवान विष्णु की पूजा करता रहा।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p>बेटे द्वारा अपनी पूजा ना करने से नाराज उस राजा ने अपने बेटे को मारने का निर्णय किया। उसने अपनी बहन होलिका से कहा कि वो प्रहलाद को गोद में लेकर आग में बैठ जाए क्योंकि होलिका आग में जल नहीं सकती थी। उनकी योजना प्रहलाद को जलाने की थी, लेकिन उनकी योजना सफल नहीं हो सकी क्योंकि प्रहलाद सारा समय भगवान विष्णु का नाम लेता रहा और बच गया पर होलिका जलकर राख हो गई। होलिका की ये हार बुराई के नष्ट होने का प्रतीक है। इसके बाद भगवान विष्णु ने हिरण्यकश्यप का वध कर दिया, लेकिन होली से होलिका की मौत की कहानी जुड़ी है। इसके चलते भारत के कुछ राज्यों में होली से एक दिन पहले बुराई के अंत के प्रतीक के तौर पर होली जलाई जाती है।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p><strong>लेकिन रंग होली का भाग कैसे बने?</strong><br />यह कहानी भगवान विष्णु के अवतार भगवान कृष्ण के समय तक जाती है। माना जाता है कि भगवान कृष्ण रंगों से होली मनाते थे, इसलिए होली का यह तरीका लोकप्रिय हुआ। वे वृंदावन और गोकुल में अपने साथियों के साथ होली मनाते थे। वे पूरे गांव में मज़ाक भरी शैतानियां करते थे। आज भी वृंदावन जैसी मस्ती भरी होली कहीं नहीं मनाई जाती। होली वसंत का त्यौहार है और इसके आने पर सर्दियां खत्म होती हैं। कुछ हिस्सों में इस त्यौहार का संबंध वसंत की फसल पकने से भी है। किसान अच्छी फसल पैदा होने की खुशी में होली मनाते हैं। होली को ‘वसंत महोत्सव’ या ‘काम महोत्सव’ भी कहते हैं।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p><strong>होली एक प्राचीन त्यौहार है</strong><br />होली प्राचीन हिंदू त्यौहारों में से एक है और यह ईसा मसीह के जन्म के कई सदियों पहले से मनाया जा रहा है। होली का वर्णन जैमिनि के पूर्वमिमांसा सूत्र और कथक ग्रहय सूत्र में भी है। प्राचीन भारत के मंदिरों की दीवारों पर भी होली की मूर्तियां बनी हैं। ऐसा ही 16वीं सदी का एक मंदिर विजयनगर की राजधानी हंपी में है। इस मंदिर में होली के कई दृश्य हैं जिसमें राजकुमार, राजकुमारी अपने दासों सहित एक दूसरे पर रंग लगा रहे हैं। कई मध्ययुगीन चित्र, जैसे 16वीं सदी के अहमदनगर चित्र, मेवाड़ पेंटिंग, बूंदी के लघु चित्र, सब में अलग अलग तरह होली मनाते देखा जा सकता है।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p><strong>होली के रंग</strong><br />पहले होली के रंग टेसू या पलाश के फूलों से बनते थे और उन्हें गुलाल कहा जाता था। वो रंग त्वचा के लिए बहुत अच्छे होते थे क्योंकि उनमें कोई रसायन नहीं होता था। लेकिन समय के साथ रंगों की परिभाषा बदलती गई। आज के समय में लोग रंग के नाम पर कठोर रसायन का उपयोग करते हैं। इन खराब रंगों के चलते ही कई लोगों ने होली खेलना छोड़ दिया है। हमें इस पुराने त्यौहार को इसके सच्चे स्वरुप में ही मनाना चाहिए।&nbsp;<strong>देश भर में ऐसी मनाई जाती है होली.....</strong></p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p><strong>बिहार की फागु पूर्णिमा</strong><br />फागु का अर्थ है लाल रंग और पूर्णिमा का अर्थ है पूरा चाँद. बिहार में होली के मौके पर गाये जाने वाले फगुआ की अपनी गायन शैली की अलग पहचान है। इसीलिए यहाँ की होली को फगुआ के नाम से भी जानते है। बिहार और उससे जुड़े उत्तरप्रदेश के कुछ हिस्सों में इसे हिंदी नववर्ष के उत्सव के रूप में भी मनाते है। यहाँ होली तीन दिन तक मनाई जाती है। पहले दिन रात में होलिका दहन होता है। अगली दिन इससे निकली रख से होली खेली जाती है। जिसे धुलेठी कहते है। और तीसरा दिन रंगों का होता है। होली के दिन लोग ढोलक की धुन पर नृत्य करते है, लोकगीत गाते हुए एक-दुसरे को रंग लगाते है। राज्य के कुछ स्थानों में कीचड़ की होली खेली जाती है जबकि कई जगह कपडा फाड़ होली की परम्परा है।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p><strong>वृंदावन में फूलों की होली</strong><br />वृंदावन में होली का त्यौहार एकादशी के साथ ही शुरू हो जाता है। एकादशी के दुसरे दिन से ही कृष्ण और राधा के सभी मंदिरों में फूलों की होली खेली जाती है। फूलों की होली में ढेर सारे फूल एकत्रित कर एक-दुसरे पर फैके जाते है। जिसके बीच आती राधे-राधे की गूंज द्वापर युग की स्मृति दिलाती है। लेकिन वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर की होली की रौनक कुछ अनोखी ही होती है। इस दौरान बांके बिहारी जी की मूर्ति को मंदिर के बाहर रख दिया जाता है। मानो स्वयं श्री बांके बिहारी जी होली खेलने आये हो। यहाँ होली सात दिनों तक चलती है. सबसे पहले फूल, उसके बाद गुलाल, सूखे रंगों व् गीले रंगों से होली खेली जाती है।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p><strong>बरसाने की लठ मार होली</strong><br />ब्रज के बरसाने गाँव की लठ मार होली पुरे विश्व भर में प्रसिद्ध है. यह होली के कुछ दिन पहले खेली जाती है। यहाँ होली को कृष्ण व् राधा के अनूठे प्रेम के साथ जोड़ कर देखा जाता है। कहा जाता है की श्री कृष्ण और उनके दोस्त राधा बी उनकी सखियों को तंग किया करते थे जिस पर उन्हें मार पड़ती थी। इसीलिए यहाँ होली पर मुख्यत नंद गाँव के पुरुष और बरसाने की महिलाएं भाग लेती है। क्योंकि श्री कृष्ण नंद गाँव के ह्लद्धद्ग जबकि राधा रानी बरसाने की थी। नंद गाँव की टोली जब पिचकारियों के साथ बरसाने पहुंचती है तो ढोल की थाप पर बरसाने की महिलाएं पुरुषो को लाठियों से पिटती है। पुरुषों को इन लाठियों की मार से बचना होता है और महिलाओं को रंगो से भिगोना होता है। इस दौरान कई हजार लोग उन पर रंग फैंकते है।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p><strong>पंजाब का होला-मोहल्ला</strong><br />सिखों के पवित्र धर्मस्थान श्री आनंदपुर साहिब में होली के अगले दिन लगने वाले मेले को होला मोहल्ला कहते है। सिखों के दशम गुरु गोबिंद सिंह जी ने स्वयं इस मेले की परम्परा शुरू की थी। पंज प्यारे जुलुस का नेतृत्व करते हुए रंगों की बरसात करते है और निहंगो के अखाड़े नागी तलवारों के करतब दिखा कर साहस, पौरुष और उल्लास का प्रदर्शन करते है। ये जुलूस हिमाचल प्रदेश की सीमा पर बहती एक छोटी नदी चरण गंगा के तट पर समाप्त होता है।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p><strong>हरियाणा की धुलेंडी</strong><br />भारतीय संस्कृति में रिश्तों और कुदरत के बीच सामंजस्य का अनोखा मिश्रण हरियाणा की होली में देखने को मिलता है। हरियाणा में होली को एक अलग अंदाज धुलेंडी के रूप में मनाया जाता है। वैसे तो हरियाणा की होली बरसाने की लठमार होली की ही तरह होती है लेकिन उसमे थोडा अंतर है। यहाँ इस दिन भाभियों को अपने देवरों को पीटने की पूरी आजादी होती है, इसी का लाभ उठाते हुए भाभियाँ अपने देवरों से उनकी शरारतों का बदला लेती है। पुरे दिन की मर पिटाई के बाद शाम को देवर अपनी प्यारी भाभी को मनाने और खुश करने के लिए उपहार लाता है और भाभी उन्हें आशीर्वाद देती है।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p><strong>राजस्थान की होली</strong><br />राजस्थान प्रदेश में होली के अवसर पर तमाशे की परम्परा है। इसमें किसी नुक्कड़ नाटक की शैली में मंच सजा के साथ कलाकार आते है और नृत्य और अभिनय से परिपूर्ण अपने हुनर का प्रदर्शन करते है। तमाशे की कहानिया पौराणिक कथाओ आयर चरित्रों के इर्द गिर्द घुमती है। इन चरित्रों के माध्यम से सामाजिक और राजनितिक व्यवस्था पर भी व्यंग करती है।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
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<p>भारत त्यौहारों का देश है। पूरे साल कई बड़े त्यौहार देशवासी उत्साह और धूमधाम के साथ मनाते है। उन्हीं में से एक होली का त्यौहार है। रंगों का इस त्यौहार में लोग गीले-शिकवे भूलकर एक दूसरों को गले लगाते है और खूब मौजमस्ती भी करते है। होली वसंत ऋतू में मनाया जाने वाला महत्वपूर्ण त्यौहार है। हिन्दू पंचांगा के अनुसार ये त्यौहार फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>भारत के अलावा नेपाल सहित कई देशों में पूरी उत्साह के साथ लोग होली पर्व को मनाते है। दो दिनों तक मनाएं जाने वाले होली के पहले दिन होलिका दहन किया जाता है। होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत को दर्शाता है। जिसमें लकड़ी की होलिका बनाकर उसे जलाया जाता है। वहीं दूसरी दिन को धुलेंडी या धूलिवंदन भी कहा जाता है। इस दिन लोग एक दुसरे पर रंग, गुलाल और अबीर आदि फेंकते है और ढोल बजा कर होली के गीत गाते है साथ ही घर-घर जाकर अपने दोस्तों और परिवारों आदि को भी रंग लगाया जाता है।</p>
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<p><strong>होली का इतिहास</strong><br>हिरण्यकश्यप प्राचीन भारत का एक राजा था जो कि राक्षस की तरह था। वह अपने छोटे भाई की मौत का बदला लेना चाहता था जिसे भगवान विष्णु ने मारा था। इसलिए ताकत पाने के लिए उसने सालों तक प्रार्थना की। आखिरकार उसे वरदान मिला। लेकिन इससे हिरण्यकश्यप खुद को भगवान समझने लगा और लोगों से खुद की भगवान की तरह पूजा करने को कहने लगा। इस दुष्ट राजा का एक बेटा था जिसका नाम प्रहलाद था और वह भगवान विष्णु का परम भक्त था। प्रहलाद ने अपने पिता का कहना कभी नहीं माना और वह भगवान विष्णु की पूजा करता रहा।</p>
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<p>बेटे द्वारा अपनी पूजा ना करने से नाराज उस राजा ने अपने बेटे को मारने का निर्णय किया। उसने अपनी बहन होलिका से कहा कि वो प्रहलाद को गोद में लेकर आग में बैठ जाए क्योंकि होलिका आग में जल नहीं सकती थी। उनकी योजना प्रहलाद को जलाने की थी, लेकिन उनकी योजना सफल नहीं हो सकी क्योंकि प्रहलाद सारा समय भगवान विष्णु का नाम लेता रहा और बच गया पर होलिका जलकर राख हो गई। होलिका की ये हार बुराई के नष्ट होने का प्रतीक है। इसके बाद भगवान विष्णु ने हिरण्यकश्यप का वध कर दिया, लेकिन होली से होलिका की मौत की कहानी जुड़ी है। इसके चलते भारत के कुछ राज्यों में होली से एक दिन पहले बुराई के अंत के प्रतीक के तौर पर होली जलाई जाती है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

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<p><strong>लेकिन रंग होली का भाग कैसे बने?</strong><br>यह कहानी भगवान विष्णु के अवतार भगवान कृष्ण के समय तक जाती है। माना जाता है कि भगवान कृष्ण रंगों से होली मनाते थे, इसलिए होली का यह तरीका लोकप्रिय हुआ। वे वृंदावन और गोकुल में अपने साथियों के साथ होली मनाते थे। वे पूरे गांव में मज़ाक भरी शैतानियां करते थे। आज भी वृंदावन जैसी मस्ती भरी होली कहीं नहीं मनाई जाती। होली वसंत का त्यौहार है और इसके आने पर सर्दियां खत्म होती हैं। कुछ हिस्सों में इस त्यौहार का संबंध वसंत की फसल पकने से भी है। किसान अच्छी फसल पैदा होने की खुशी में होली मनाते हैं। होली को ‘वसंत महोत्सव’ या ‘काम महोत्सव’ भी कहते हैं।</p>
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<p><strong>होली एक प्राचीन त्यौहार है</strong><br>होली प्राचीन हिंदू त्यौहारों में से एक है और यह ईसा मसीह के जन्म के कई सदियों पहले से मनाया जा रहा है। होली का वर्णन जैमिनि के पूर्वमिमांसा सूत्र और कथक ग्रहय सूत्र में भी है। प्राचीन भारत के मंदिरों की दीवारों पर भी होली की मूर्तियां बनी हैं। ऐसा ही 16वीं सदी का एक मंदिर विजयनगर की राजधानी हंपी में है। इस मंदिर में होली के कई दृश्य हैं जिसमें राजकुमार, राजकुमारी अपने दासों सहित एक दूसरे पर रंग लगा रहे हैं। कई मध्ययुगीन चित्र, जैसे 16वीं सदी के अहमदनगर चित्र, मेवाड़ पेंटिंग, बूंदी के लघु चित्र, सब में अलग अलग तरह होली मनाते देखा जा सकता है।</p>
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<p><strong>होली के रंग</strong><br>पहले होली के रंग टेसू या पलाश के फूलों से बनते थे और उन्हें गुलाल कहा जाता था। वो रंग त्वचा के लिए बहुत अच्छे होते थे क्योंकि उनमें कोई रसायन नहीं होता था। लेकिन समय के साथ रंगों की परिभाषा बदलती गई। आज के समय में लोग रंग के नाम पर कठोर रसायन का उपयोग करते हैं। इन खराब रंगों के चलते ही कई लोगों ने होली खेलना छोड़ दिया है। हमें इस पुराने त्यौहार को इसके सच्चे स्वरुप में ही मनाना चाहिए।&nbsp;<strong>देश भर में ऐसी मनाई जाती है होली.....</strong></p>
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<p><strong>बिहार की फागु पूर्णिमा</strong><br>फागु का अर्थ है लाल रंग और पूर्णिमा का अर्थ है पूरा चाँद. बिहार में होली के मौके पर गाये जाने वाले फगुआ की अपनी गायन शैली की अलग पहचान है। इसीलिए यहाँ की होली को फगुआ के नाम से भी जानते है। बिहार और उससे जुड़े उत्तरप्रदेश के कुछ हिस्सों में इसे हिंदी नववर्ष के उत्सव के रूप में भी मनाते है। यहाँ होली तीन दिन तक मनाई जाती है। पहले दिन रात में होलिका दहन होता है। अगली दिन इससे निकली रख से होली खेली जाती है। जिसे धुलेठी कहते है। और तीसरा दिन रंगों का होता है। होली के दिन लोग ढोलक की धुन पर नृत्य करते है, लोकगीत गाते हुए एक-दुसरे को रंग लगाते है। राज्य के कुछ स्थानों में कीचड़ की होली खेली जाती है जबकि कई जगह कपडा फाड़ होली की परम्परा है।</p>
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<p><strong>वृंदावन में फूलों की होली</strong><br>वृंदावन में होली का त्यौहार एकादशी के साथ ही शुरू हो जाता है। एकादशी के दुसरे दिन से ही कृष्ण और राधा के सभी मंदिरों में फूलों की होली खेली जाती है। फूलों की होली में ढेर सारे फूल एकत्रित कर एक-दुसरे पर फैके जाते है। जिसके बीच आती राधे-राधे की गूंज द्वापर युग की स्मृति दिलाती है। लेकिन वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर की होली की रौनक कुछ अनोखी ही होती है। इस दौरान बांके बिहारी जी की मूर्ति को मंदिर के बाहर रख दिया जाता है। मानो स्वयं श्री बांके बिहारी जी होली खेलने आये हो। यहाँ होली सात दिनों तक चलती है. सबसे पहले फूल, उसके बाद गुलाल, सूखे रंगों व् गीले रंगों से होली खेली जाती है।</p>
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<p><strong>बरसाने की लठ मार होली</strong><br>ब्रज के बरसाने गाँव की लठ मार होली पुरे विश्व भर में प्रसिद्ध है. यह होली के कुछ दिन पहले खेली जाती है। यहाँ होली को कृष्ण व् राधा के अनूठे प्रेम के साथ जोड़ कर देखा जाता है। कहा जाता है की श्री कृष्ण और उनके दोस्त राधा बी उनकी सखियों को तंग किया करते थे जिस पर उन्हें मार पड़ती थी। इसीलिए यहाँ होली पर मुख्यत नंद गाँव के पुरुष और बरसाने की महिलाएं भाग लेती है। क्योंकि श्री कृष्ण नंद गाँव के ह्लद्धद्ग जबकि राधा रानी बरसाने की थी। नंद गाँव की टोली जब पिचकारियों के साथ बरसाने पहुंचती है तो ढोल की थाप पर बरसाने की महिलाएं पुरुषो को लाठियों से पिटती है। पुरुषों को इन लाठियों की मार से बचना होता है और महिलाओं को रंगो से भिगोना होता है। इस दौरान कई हजार लोग उन पर रंग फैंकते है।</p>
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<p><strong>पंजाब का होला-मोहल्ला</strong><br>सिखों के पवित्र धर्मस्थान श्री आनंदपुर साहिब में होली के अगले दिन लगने वाले मेले को होला मोहल्ला कहते है। सिखों के दशम गुरु गोबिंद सिंह जी ने स्वयं इस मेले की परम्परा शुरू की थी। पंज प्यारे जुलुस का नेतृत्व करते हुए रंगों की बरसात करते है और निहंगो के अखाड़े नागी तलवारों के करतब दिखा कर साहस, पौरुष और उल्लास का प्रदर्शन करते है। ये जुलूस हिमाचल प्रदेश की सीमा पर बहती एक छोटी नदी चरण गंगा के तट पर समाप्त होता है।</p>
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<p><strong>हरियाणा की धुलेंडी</strong><br>भारतीय संस्कृति में रिश्तों और कुदरत के बीच सामंजस्य का अनोखा मिश्रण हरियाणा की होली में देखने को मिलता है। हरियाणा में होली को एक अलग अंदाज धुलेंडी के रूप में मनाया जाता है। वैसे तो हरियाणा की होली बरसाने की लठमार होली की ही तरह होती है लेकिन उसमे थोडा अंतर है। यहाँ इस दिन भाभियों को अपने देवरों को पीटने की पूरी आजादी होती है, इसी का लाभ उठाते हुए भाभियाँ अपने देवरों से उनकी शरारतों का बदला लेती है। पुरे दिन की मर पिटाई के बाद शाम को देवर अपनी प्यारी भाभी को मनाने और खुश करने के लिए उपहार लाता है और भाभी उन्हें आशीर्वाद देती है।</p>
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<p><strong>राजस्थान की होली</strong><br>राजस्थान प्रदेश में होली के अवसर पर तमाशे की परम्परा है। इसमें किसी नुक्कड़ नाटक की शैली में मंच सजा के साथ कलाकार आते है और नृत्य और अभिनय से परिपूर्ण अपने हुनर का प्रदर्शन करते है। तमाशे की कहानिया पौराणिक कथाओ आयर चरित्रों के इर्द गिर्द घुमती है। इन चरित्रों के माध्यम से सामाजिक और राजनितिक व्यवस्था पर भी व्यंग करती है।</p>
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		<title>जानिए होली से एक दिन पहले क्यों किया जाता है होलिका दहन, क्या है इसकी खासियत</title>
		<link>https://www.livebiharnews.in/religion/importance-and-significance-of-holika-dahan-on-holi.html</link>
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		<pubDate>Sat, 27 Mar 2021 18:30:00 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[Holi]]></category>
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					<description><![CDATA[<p><img width="703" height="409" src="https://www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2017/03/holika-dahan.jpg" class="attachment-post-thumbnail size-post-thumbnail wp-post-image" alt="" srcset="https://i0.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2017/03/holika-dahan.jpg?w=703&amp;ssl=1 703w, https://i0.wp.com/www.livebiharnews.in/wp-content/uploads/2017/03/holika-dahan.jpg?resize=300%2C175&amp;ssl=1 300w" sizes="(max-width: 703px) 100vw, 703px" /></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p>रंगों का त्योहार होने के बावजूद होली को काफी महत्व है। हिंदूओं का प्रमुख त्योहार है होली। सामाजिक और सांस्कृतिक ऐसे बहुत से कारण है जिनकी वजह से लोग होली का त्योहार मनाते हैं और उसका आनंद लेते हैं। होली के दिन हर कोई रंगों की मस्ती में डूबा हुआ नजर आता है। होली के त्योहार को मनाने की परंपरा कई सालों से चली आ रही है। होली के दिन हवा में गुलाल उड़ता दिखाई देता है। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े स्थानों पर होली का एक अलग ही रंग देखने को मिलता है। मथुरा, वृंदावन, गोकुल, नंदगांव और बनारस की होली काफी प्रसिद्ध है। बनारस की लट्ठमार होली पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। होली का त्योहार दो दिन मनाया जाता है। होली के पहले दिन होलिका दहन किया जाता है और दूसरे दिन रंगों की होली खेली जाती है।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p>होली के मौके पर होलिका दहन का ​ए​क विशेष महत्व है। होली का त्योहार बुराई रुपी होलिका के अंत और प्रह्लाद के रुप में अच्छाई की जीत को दर्शता है। हिन्दू धार्मिक ग्रंथों के अनुसार होलिका दहन को होलिका दीपक और छोटी होली के नाम से भी जाना जाता है। होलिका दहन सूरज ढलने के बाद प्रदोष काल शुरू होने के बाद जब पूर्णमासी तिथि चल रही होती है तब किया जाता है। होलिका दहन का धार्मिक महत्व भी है लोग हो​ली ही इस अग्नि में जौ को सेंकते हैं और उसे अपने घर लेकर जाते हैं।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p>इसके अलावा लोग होलिका दहन की आग में पांच उपले भी जलाते हैं ताकि उनकी सभी मुश्किलें खत्म हो जाएं और होलिका माता से प्रार्थना करते हैं कि उनकी सभी परेशानियां समाप्त हो जाएं। कहा जाता है कि हिरण्याकश्यप नाम का राजा था, उसने अपनी प्रजा को आदेश दिया था कि वह भगवान की जगह उसकी पूजा करें। लेकिन उसका बेटा प्रह्लाद भगवान विष्णु का परम भक्त था और उसने अपने पिता के इस आदेश को न मान कर भगवान के प्रति अपनी आस्था हमेशा बनाए रखी।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p><!-- wp:paragraph --></p>
<p>एक दिन हिरण्याकश्यप ने अपने बेटे को सजा देने का फैसला किया। होलिका हिरण्याकश्यप की बहन थी अपने भाई की बात मनाते हुए होलिका प्रह्लाद को लेकर आग में बैठ गई। होलिका के पास एक ऐसा कपड़ा था जिसे वह अपने ​शरीर पर लपेट लेती थी तो आग उसे छू भी नहीं सकती थी। वहीं आग में बैठने के दौरान प्रह्लाद भगवान विष्णु का स्मरण करता रहा। उसके बाद होलिका का वह कपड़ा उड़कर प्रह्लाद के उपर आ गया जिसकी वजह से उसकी जान बच गई और होलिका आग में जलकर भस्म हो गई। तभी से होली के अवसर पर होलिका दहन की यह प्रभा चली आ रही है।</p>
<p><!-- /wp:paragraph --></p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.livebiharnews.in/religion/importance-and-significance-of-holika-dahan-on-holi.html">जानिए होली से एक दिन पहले क्यों किया जाता है होलिका दहन, क्या है इसकी खासियत</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.livebiharnews.in">Live Bihar News | लाइव बिहार न्यूज़</a>.</p>
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<p>रंगों का त्योहार होने के बावजूद होली को काफी महत्व है। हिंदूओं का प्रमुख त्योहार है होली। सामाजिक और सांस्कृतिक ऐसे बहुत से कारण है जिनकी वजह से लोग होली का त्योहार मनाते हैं और उसका आनंद लेते हैं। होली के दिन हर कोई रंगों की मस्ती में डूबा हुआ नजर आता है। होली के त्योहार को मनाने की परंपरा कई सालों से चली आ रही है। होली के दिन हवा में गुलाल उड़ता दिखाई देता है। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े स्थानों पर होली का एक अलग ही रंग देखने को मिलता है। मथुरा, वृंदावन, गोकुल, नंदगांव और बनारस की होली काफी प्रसिद्ध है। बनारस की लट्ठमार होली पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। होली का त्योहार दो दिन मनाया जाता है। होली के पहले दिन होलिका दहन किया जाता है और दूसरे दिन रंगों की होली खेली जाती है।</p>
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<p>होली के मौके पर होलिका दहन का ​ए​क विशेष महत्व है। होली का त्योहार बुराई रुपी होलिका के अंत और प्रह्लाद के रुप में अच्छाई की जीत को दर्शता है। हिन्दू धार्मिक ग्रंथों के अनुसार होलिका दहन को होलिका दीपक और छोटी होली के नाम से भी जाना जाता है। होलिका दहन सूरज ढलने के बाद प्रदोष काल शुरू होने के बाद जब पूर्णमासी तिथि चल रही होती है तब किया जाता है। होलिका दहन का धार्मिक महत्व भी है लोग हो​ली ही इस अग्नि में जौ को सेंकते हैं और उसे अपने घर लेकर जाते हैं।</p>
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<p>इसके अलावा लोग होलिका दहन की आग में पांच उपले भी जलाते हैं ताकि उनकी सभी मुश्किलें खत्म हो जाएं और होलिका माता से प्रार्थना करते हैं कि उनकी सभी परेशानियां समाप्त हो जाएं। कहा जाता है कि हिरण्याकश्यप नाम का राजा था, उसने अपनी प्रजा को आदेश दिया था कि वह भगवान की जगह उसकी पूजा करें। लेकिन उसका बेटा प्रह्लाद भगवान विष्णु का परम भक्त था और उसने अपने पिता के इस आदेश को न मान कर भगवान के प्रति अपनी आस्था हमेशा बनाए रखी।</p>
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<p>एक दिन हिरण्याकश्यप ने अपने बेटे को सजा देने का फैसला किया। होलिका हिरण्याकश्यप की बहन थी अपने भाई की बात मनाते हुए होलिका प्रह्लाद को लेकर आग में बैठ गई। होलिका के पास एक ऐसा कपड़ा था जिसे वह अपने ​शरीर पर लपेट लेती थी तो आग उसे छू भी नहीं सकती थी। वहीं आग में बैठने के दौरान प्रह्लाद भगवान विष्णु का स्मरण करता रहा। उसके बाद होलिका का वह कपड़ा उड़कर प्रह्लाद के उपर आ गया जिसकी वजह से उसकी जान बच गई और होलिका आग में जलकर भस्म हो गई। तभी से होली के अवसर पर होलिका दहन की यह प्रभा चली आ रही है।</p>
<!-- /wp:paragraph --><p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.livebiharnews.in/religion/importance-and-significance-of-holika-dahan-on-holi.html">जानिए होली से एक दिन पहले क्यों किया जाता है होलिका दहन, क्या है इसकी खासियत</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.livebiharnews.in">Live Bihar News | लाइव बिहार न्यूज़</a>.</p>
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