<?xml version='1.0' encoding='UTF-8'?><?xml-stylesheet href="http://www.blogger.com/styles/atom.css" type="text/css"?><feed xmlns='http://www.w3.org/2005/Atom' xmlns:openSearch='http://a9.com/-/spec/opensearchrss/1.0/' xmlns:blogger='http://schemas.google.com/blogger/2008' xmlns:georss='http://www.georss.org/georss' xmlns:gd="http://schemas.google.com/g/2005" xmlns:thr='http://purl.org/syndication/thread/1.0'><id>tag:blogger.com,1999:blog-8112410690200291414</id><updated>2026-02-08T13:34:26.258-08:00</updated><title type='text'>NEWS WITH US</title><subtitle type='html'>news with us is the best blog for get newses fast.we provide latest news and updates.</subtitle><link rel='http://schemas.google.com/g/2005#feed' type='application/atom+xml' href='http://newswithus.blogspot.com/feeds/posts/default'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default?redirect=false'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/'/><link rel='hub' href='http://pubsubhubbub.appspot.com/'/><link rel='next' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default?start-index=26&amp;max-results=25&amp;redirect=false'/><author><name>Tv reporters</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00796159308274363830</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='//blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEit5kyZLUFN8wvPjyU1TNmIYsiaZCwGlfWETORJjZLwYBgmBIvhJcxI0xSQCCbvdRa-ABkTz-BNoU4vY0cALOdBx4VJu1qOuHz4wEFXYYv16NIFIm6gCjVjQ8H-Dhle1w/s220/Image006.jpg'/></author><generator version='7.00' uri='http://www.blogger.com'>Blogger</generator><openSearch:totalResults>161</openSearch:totalResults><openSearch:startIndex>1</openSearch:startIndex><openSearch:itemsPerPage>25</openSearch:itemsPerPage><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-8112410690200291414.post-8120627434296713999</id><published>2010-12-23T06:52:00.000-08:00</published><updated>2010-12-23T06:53:29.786-08:00</updated><title type='text'>तोहफे में मिला 1.5 लाख का नोट रद्दी निकला</title><content type='html'>&lt;span class=&quot;Apple-style-span&quot; style=&quot;font-family: Bhaskar_WEB_Intro_Test; font-size: 14px; line-height: 19px; &quot;&gt;उत्तर प्रदेश के जिला मुरादाबाद में बिलारी की एक महिला को एक परिचित द्वारा दिया गया बेशकीमती नोट रद्दी निकला। रीता नाम की इस महिला को किसी परिचित ने पेरू में 1988 में लागू किया गया 10 हजार इंटिस का एक नोट दिया। महिला नोट पर दस हजार लिखा देख खासी उत्साहित हो गई।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;उसे बताया गया नोट का बाजार भाव करीब 1.5 रूपए है। अनपढ़ महिला ने यह नोट अपन कई परिचितों को दिखाया जो नोट पर 10000 अंक लिखा देख उसे बेशकीमती समझ बैठे। महिला को भी यह विश्वास हो गया कि यह नोट कोई लाख डेढ़ लाख का तो होगा ही। कई दिन नोट को अपने पास रखने के बाद उसने फिर से उसे किसी जानकार को दिखाया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पता चला नोट पेरू का है और उस पर जो मुद्रा लिखी हुई है वो इंटिस है। इंटिस मुद्रा अब पेरू में प्रचलन में नहीं है। इन नोटों को भी प्रचलन से बाहर कर दिया गया है और पेरू के कानून के मुताबिक इन नोटों को देश के या अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बदला भी नहीं जा सकता।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;महिला को जब यह पता चला कि जिस नोट को वो 1.5 लाख का समझकर संभाले हुए है वो रद्दी है तो बेचारी का दिल बैठ गया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;b&gt;क्या है इंटिस&lt;/b&gt;इंटिस मुद्रा का सूत्रपात भारी मुद्रास्फीति के बाद 1 फरवरी 1985 को सोल मुद्रा के स्थान पर किया गया था। उस समय एक इंटी एक हजार सोल के बराबर था। 1988 में भारी मुद्रास्फीति के चलते ही 10 हजार इंटिस का नोट बाजार में आया जिसपर पेरू के लेखक सीजर वैलेजो की तस्वीर बनी हुई थी।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;लेकिन जल्द ही इंटिस भी अपनी वेल्यू खो बैठा। बाजार में 50 लाख इंटिस तक के नोट पेश किए गए लेकिन अब सभी रद्दी है। 1 जुलाई 1991 को दोबारा पेरू में सोल मुद्रा प्रचलन में आई। फिलहाल पेरू के एक सोल की भारतीय मुद्रा में कीमत करीब 16 रुपए है।&lt;/span&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://newswithus.blogspot.com/feeds/8120627434296713999/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/12/15.html#comment-form' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/8120627434296713999'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/8120627434296713999'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/12/15.html' title='तोहफे में मिला 1.5 लाख का नोट रद्दी निकला'/><author><name>Tv reporters</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00796159308274363830</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='//blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEit5kyZLUFN8wvPjyU1TNmIYsiaZCwGlfWETORJjZLwYBgmBIvhJcxI0xSQCCbvdRa-ABkTz-BNoU4vY0cALOdBx4VJu1qOuHz4wEFXYYv16NIFIm6gCjVjQ8H-Dhle1w/s220/Image006.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-8112410690200291414.post-5060617348775797566</id><published>2010-12-23T06:50:00.000-08:00</published><updated>2010-12-23T06:51:56.771-08:00</updated><title type='text'>अनूठा सेक्स टेप</title><content type='html'>&lt;span class=&quot;Apple-style-span&quot; style=&quot;font-family: Bhaskar_WEB_Intro_Test; font-size: 15px; line-height: 19px; &quot;&gt;हॉलीवुड अभिनेत्री इवा मेंडिस द्वारा अगस्त 2010 में रिलीज किया गया सेक्स टेप शायद अपने आप में सबसे अनूठा और निराला है। इवा शायद ऐसी पहली अभिनेत्री होंगी जिन्होंने इतनी शान से अपना सेक्स टेप रिलीज किया है।&lt;br /&gt;लेकिन अगर आप कुछ गंदा सोच रहे हैं तो इवा का यह सेक्स टेप देखकर आपको निराशा ही हाथ लगेगी। 36 वर्षीय इवा ने अपने सेक्स टेप की अफवाहों से तंग आकर ऐसा जवाब दिया है कि लोगों को उनका यह सेक्स टेप हमेशा याद रहेगा।&lt;br /&gt;हालांकि इस वीडियो में अश्लील कुछ भी नहीं है लेकिन फिर भी बेहद खूबसूरत इवा का यह वीडियो दिलचस्प है। और कुछ न सही कम से कम आप इस वीडियो को देखकर दिल खोलकर हंस तो जरूर सकते हैं। वैसे इसमें वो सभी गंदे शब्द भी है जिन्हें इंटरनेट पर बड़ी दिलचस्पी के साथ सर्च किया जाता है।&lt;br /&gt;और क्या कहा जाए इवा ने खुद इस सेक्स टेप के बारे में बताते हुए डर्टी, फ्लेक्सिबल, नॉटी, पोल जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था। आप फिर से गंदा न सोचे क्योंकि दरअसल इवा ने अपने सेक्स टेप की अफवाहों से तंग आकर एक टेप ही लांच कर दिया है। इवा इस वीडियो में कहती है कि आप उनके सेक्स टेप (सेक्यूर एक्सट्रीमली वेल सेक्स टेप) को कहीं भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इवा का यह सेक्स टेप अगस्त में फनीओरडाई वेबसाइट पर लांच किया गया था। साल 2010 में इसे गूगल पर काफी सर्च किया गया। गूगल पर सर्च करने पर इवा मेंडिस सेक्स टेप के लिए सात लाख से ज्यादा नतीजे निकलते हैं।&lt;/span&gt;&lt;div&gt;&lt;span class=&quot;Apple-style-span&quot; style=&quot;font-family: Bhaskar_WEB_Intro_Test; font-size: 15px; line-height: 19px; &quot;&gt;&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://newswithus.blogspot.com/feeds/5060617348775797566/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/12/blog-post_2647.html#comment-form' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/5060617348775797566'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/5060617348775797566'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/12/blog-post_2647.html' title='अनूठा सेक्स टेप'/><author><name>Tv reporters</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00796159308274363830</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='//blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEit5kyZLUFN8wvPjyU1TNmIYsiaZCwGlfWETORJjZLwYBgmBIvhJcxI0xSQCCbvdRa-ABkTz-BNoU4vY0cALOdBx4VJu1qOuHz4wEFXYYv16NIFIm6gCjVjQ8H-Dhle1w/s220/Image006.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-8112410690200291414.post-5173983443858297799</id><published>2010-12-23T06:39:00.000-08:00</published><updated>2010-12-23T06:42:21.169-08:00</updated><title type='text'>भोपाल में गुलाब कोठारी ने किसान आंदोलन खत्म कराया</title><content type='html'>भोपाल से सूचना है कि पत्रिका और पत्रिका समूह के प्रधान सम्पादक गुलाब कोठारी ने किसान आंदोलन खत्म करवाने में बड़ी और सकारात्मक भूमिका निभाई। भोपाल में अपनी 183 मांगों को लेकर किसानों ने राजधानी को बंधक बना लिया था. सरकार का तंत्र अस्त व्यस्त हो गया था. उन हालात में सामाजिक सरोकार के तहत पत्रिका के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी ने मामले को सुखद अंजाम तक पहुंचाया. पत्रिका और कोठारी के इन्हीं प्रयासों के लिए भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन समेत मध्य प्रदेश भर से गैर सरकारी संगठन, सामाजिक, व्यापारिक संगठनों और गणमान्य नागरिकों ने कोठारी की प्रशंसा करते हुए उन्हें बधाई दी है.</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://newswithus.blogspot.com/feeds/5173983443858297799/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/12/blog-post_23.html#comment-form' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/5173983443858297799'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/5173983443858297799'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/12/blog-post_23.html' title='भोपाल में गुलाब कोठारी ने किसान आंदोलन खत्म कराया'/><author><name>Tv reporters</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00796159308274363830</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='//blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEit5kyZLUFN8wvPjyU1TNmIYsiaZCwGlfWETORJjZLwYBgmBIvhJcxI0xSQCCbvdRa-ABkTz-BNoU4vY0cALOdBx4VJu1qOuHz4wEFXYYv16NIFIm6gCjVjQ8H-Dhle1w/s220/Image006.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-8112410690200291414.post-4345415041090342520</id><published>2010-12-13T05:15:00.001-08:00</published><updated>2010-12-13T05:15:50.092-08:00</updated><title type='text'>महिला खिलाड़ियों से छेड़छाड़, विरोध करने पर बेरहमी से पीटा</title><content type='html'>रेवाड़ी. महिला खिलाड़ी से छेड़खानी का विरोध किया तो रेलवे स्टेशन पर मौजूद आटो चालकों ने रॉड और लाठी डंडो से महेंद्रगढ़ टीम के कोच समेत खिलाड़ियों की जमकर पिटाई की। घटना में 10 खिलाड़ी घायल हो गए। चालकों की यह गुंडागर्दी स्टेशन पर 20 मिनट तक चलती रही और रेलवे पुलिस मूकदर्शक बन नजारा देखती रही। स्थानीय राव तुलाराम स्टेडियम में शनिवार को शुरू हुई राज्यस्तरीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता का रविवार शाम को समापन के बाद महेंद्रगढ़ के खिलाड़ी रेलवे स्टेशन पहुंचे। स्टेशन परिसर में पहुंचते ही एक आटो चालक ने टीम की महिला खिलाड़ी मोनिका और बनीता से बदतमीजी की तथा उनके पैरों पर आटो का टायर चढ़ते-चढ़ते बच गया। साथ ही चल रहे कोच राजकुमार ने आटो चालक को ठीक तरीके से आटो चलाने की बात कही तो वह उन्हें गाली देने लगा। मामूली कहासुनी के बाद खिलाड़ी स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 11 पर पहुंचे ही थे कि 20 से 25 आटो चालक हाथों में रॉड और डंडे लेकर आए तथा बिना कुछ कहे सुने ही खिलाड़ियों पर बरस पड़े। कोच राजकुमार खिलाड़ियों को बचाने के लिए आए तो आटो चालकों ने उनपर हमला बोल दिया। प्लेटफार्म पर खिलाड़ियों को भगा भगाकर पीटा। हमले में तीन लड़कियों सहित कोच राजकुमार और छह लड़के घायल हो गए।कोच राजकुमार के नाक में फ्रेक्चर होने के साथ ही शरीर पर कई जगह चोटे आई। इसके अलावा खिलाड़ी मोनिका, बनीता, नवीना को भी चोटें आई। सभी एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन है। वहीं आकाश, लोकेश, विकास, अरविंद, दीक्षांत, अभिमन्यु को सिर व अन्य हिस्सो में चोटे आईं और वे ट्रामा सेंटर में भर्ती हैं। घायल लोकेश ने बताया कि उन्होंने स्टेशन पर खड़े रेलवे पुलिस के दो जवानों से मदद मांगी तो उन्होंने कहा कि तुम भी पत्थर उठा लो और उनकी पिटाई कर दो।बयान दर्ज कर रहे हैं: डीएसपीडीएसपी वीरेंद्र सिंह विज ने बताया कि खिलाड़ियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। इसके बाद ही मामला दर्ज किया जाएगा। दोषी आटो चालक बख्शे नहीं जाएंगे।</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://newswithus.blogspot.com/feeds/4345415041090342520/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/12/blog-post_580.html#comment-form' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/4345415041090342520'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/4345415041090342520'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/12/blog-post_580.html' title='महिला खिलाड़ियों से छेड़छाड़, विरोध करने पर बेरहमी से पीटा'/><author><name>Tv reporters</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00796159308274363830</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='//blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEit5kyZLUFN8wvPjyU1TNmIYsiaZCwGlfWETORJjZLwYBgmBIvhJcxI0xSQCCbvdRa-ABkTz-BNoU4vY0cALOdBx4VJu1qOuHz4wEFXYYv16NIFIm6gCjVjQ8H-Dhle1w/s220/Image006.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-8112410690200291414.post-1033072791080210647</id><published>2010-12-13T05:11:00.001-08:00</published><updated>2010-12-13T05:11:51.141-08:00</updated><title type='text'>पत्‍नी की हत्‍या कर टुकड़े-टुकड़े</title><content type='html'>देहरादून. पत्‍नी की हत्‍या कर टुकड़े-टुकड़े करने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने अपने बच्‍चों का मुंह देखकर पुलिस के सामने सरेंडर नहीं किया। दो महीने पहले की इस घटना के सिलसिले में गिरफ्तार राजेश गुलाटी (37) ने आज एक निजी टीवी चैनल के सामने अपना गुनाह कबूल करते हुए कहा कि पत्‍नी की हत्‍या के बाद उसे अपने बच्‍चों की फिक्र सताने लगी कि यदि वह पुलिस को सब सच बता देता तो वह जेल में बंद हो जाएगा ऐसे में उसके बच्‍चों की देखभाल कौन करेगा।पुलिस ने आरोपी इंजीनियर को रविवार को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो  उसने कबूल किया कि उसने अपनी पत्‍नी अनुपमा (तस्‍वीर में) की गत 17 अक्‍टूबर को हत्‍या कर दी थी। पुलिस के सामने दिए गए बयान में उसने कहा कि मामूली कहासुनी के बाद पत्‍नी से झगड़ा हुआ लेकिन हवालात में बंद होने के बाद मीडियाकर्मियों के सामने कबूल किया कि प्रेम प्रसंगों के चलते उसने अपनी पत्‍नी की हत्‍या कर दी। साल के इस सबसे खौफनाक और देहरादून में इस तरह के पहले हत्‍याकांड की असली वजह क्‍या रही, पुलिस अब तक इस बारे में किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है।राजेश ने आज मीडिया के सामने कहा कि पैसे को लेकर कहासुनी के बाद उसने अपनी पत्‍नी की हत्‍या कर दी। उसका कहना है कि जेल में बंद होने के डर से उसने लाश को ठिकाने लगाने की साजिश की। लाश के 72 टुकड़े करने की बात का खंडन करते हुए उसने कहा कि लाश के दो तीन टुकडे़ कर फ्रीजर में रख दिया। आरोपी ने माना कि यह घटना आवेश पर काबू नहीं कर पाने का परिणाम थी और उसे इसके लिए अफसोस है। उसका कहना है कि जेल में बंद होने के बाद सबसे बड़ी चिंता बच्‍चों की देखभाल को लेकर है।यह दंपती डेढ़ साल पहले ही अमेरिका से आकर यहां बसा था। दिल्ली के रहने वाले राजेश को यहां प्रकाश विहार से उसके निवास से गिरफ्तार किया गया। एसएसपी जीएस मारतोलिया ने बताया कि राजेश ने अनुपमा से झगड़े के बाद उसका सिर दीवार से टकरा दिया। उसके बेहोश होने के बाद राजेश ने उसके शरीर के टुकड़े कर उन्हें डीप फ्रीजर में रख दिया। पुलिस ने कहा कि राजेश अपनी पत्‍नी को घर के खर्च के तौर पर हर महीने 20 हजार रुपये देता था लेकिन इसे बढ़ाने की अनुपमा की मांग पर पति-पत्नी के बीच कहासुनी हुई।घर में पांच साल के जुड़वा बच्‍चों को भी इस बात की भनक नहीं लगी कि जिस मां का प्‍यार उन्‍हें दो महीने से नहीं मिल रहा उसकी लाश घर में फ्रीजर में रखा है। हैवानियत की हदराजेश डीप फ्रिजर में रखे पत्‍नी के शव के कुछ टुकड़ों को निकालता और मसूरी की पहाडि़यों पर ले जाकर फेंक आता। राजेश ने 10 फरवरी, 1999 को दिल्ली में ही नेताजी नगर निवासी डॉ. बीआर प्रधान की बेटी अनुपमा से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद उनमें किसी बात को लेकर मनमुटाव शुरू हो गया। वर्ष 2000 में अनुपमा को लेकर राजेश अमेरिका चला गया। वहां जून 2006 में उसके दो जुड़वा बच्चे सिद्धार्थ और सोनाक्षी हुए। 2008 में राजेश पत्नी अनुपमा और बच्चों को लेकर देहरादून आ गया और प्रकाश नगर में किराए के फ्लैट में रहने लगा।पिछले करीब दो माह से जब अनुपमा के परिजन फोन कर उसके बारे में पूछते, तो राजेश बात कराने से मना कर देता। इस पर रविवार शाम अनुपमा का भाई सिद्धांत राजेश के फ्लैट पर पहुंचा, लेकिन वहां ताला पड़ा था। पड़ोसियों से पूछने पर पता चला कि अनुपमा दो माह से दिखाई नहीं दी। सिद्धांत ने पुलिस को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर फ्लैट की तलाशी ली तो एक बडे़ फ्रीजर में लाश के टुकड़े मिले। लाश अनुपमा की थी। काले रंगे की अलग-अलग पॉलीथीन में इन टुकड़ों को रखा गया था।हत्‍या के बाद खरीदा फ्रीजरपुलिस ने जिस वक्‍त आरोपी इंजीनियर को राजपुर रोड से गिरफ्तार किया उस वक्‍त वह बच्चों के साथ कार से घूम रहा था। राजेश ने पुलिस को बताया कि 17 अक्टूबर की रात उसका अनुपमा से झगड़ा हुआ। इस दौरान सिर बेड पर टकराने से अनुपमा बेहोश हो गई। इसके बाद राजेश ने अनुपमा के नाक-मुंह पर तकिया रख उसकी हत्या कर दी।अगले दिन राजेश ने बाजार से 20 हजार में बड़ा फ्रीजर खरीदा। पत्थर काटने वाले औजार व आरी से लाश के टुकड़े करने के बाद राजेश ने उसे फ्रीजर में छिपा दिया। बच्चे जब मां के बारे में पूछते तो राजेश कह देता कि वह हमें छोड़कर नाना के घर चली गई हैं। एसएसपी के आदेश पर फ्लैट को सील कर दिया गया है। टुकड़ों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। फेंके गए टुकड़ों की तलाश में पुलिस टीम मसूरी रवाना हो गई है।</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://newswithus.blogspot.com/feeds/1033072791080210647/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/12/blog-post_4223.html#comment-form' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/1033072791080210647'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/1033072791080210647'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/12/blog-post_4223.html' title='पत्‍नी की हत्‍या कर टुकड़े-टुकड़े'/><author><name>Tv reporters</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00796159308274363830</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' 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पुरी ने इसका विरोध किया, लेकिन अमेरिकी अधिकारी तलाशी पर अडे़ रहे। इतना ही नहीं पुरी को संदिग्ध लोगों के लिए बने कमरे में आधेघंटे तक बैठाया गया। इस घटना पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने शिकायत दर्ज कराई है। मीरा शंकर की तलाशी के मामले पर उठे बवाल के बाद भारत ने अमेरिका से कहा था कि अगर ऐसी घटनाएं नहीं रुकीं तो वह भी अपने नियमों में बदलाव को मजबूर होगा। पिछले हफ़्ते शनिवार को अमेरिकी दूतावास में डिप्टी चीफ ऑफ मिशन डोनाल्ड लू को विदेश मंत्रालय बुलाया गया था। मंत्रालय में अमेरिकी मामलों के संयुक्त सचिव जावेद अशरफ ने लू से कहा था कि मीरा की तलाशी का मामला बेहद चिंताजनक है। भारतीय राजदूत पर सुरक्षा जांच के वे मापदंड लागू नहीं होते, जो अन्य यात्रियों पर होते हैं। फिर भी परिवहन सुरक्षा अधिकारियों को उन्होंने (मीरा ने) विदेश विभाग के दिशा निर्देशों के मद्देनजर खुद से संबंधित सभी दस्तावेज दिखाए। इसके बावजूद उनकी अतिरिक्त जांच की गई। सिर्फ इसलिए कि उन्होंने साड़ी पहन रखी थी। अमेरिका में भारत के पूर्व राजदूत रोनेन सेन ने इस घटना पर कहा कि वह भी इस प्रक्रिया से कई बार गुजर चुके हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका में हाथों से तलाशी सामान्य बात है और उसको नस्ली व्यवहार से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने भारत में भी इस तर्ज पर तलाशी की वकालत की। १९७४ बैच के आईएफएस हैं हरदीप१९५२ में जन्मे हरदीप सिंह पुरी ने १९७४ में भारतीय विदेश सेवा ज्वाइन किया। उनकी पत्नी लक्ष्मी पुरी भी भारतीय विदेश सेवा की अधिकारी हैं। हरदीप पुरी जापान, जेनेवा, श्रीलंका, ब्रिटेन और ब्राजील में भारतीय दूतावासों और हाई कमिशन में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनकी दो बेटियां हैं।</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://newswithus.blogspot.com/feeds/1582355965097420936/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/12/blog-post_13.html#comment-form' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/1582355965097420936'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/1582355965097420936'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/12/blog-post_13.html' title='पगड़ी पहनने के चलते अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों ने बुरा बर्ताव किया'/><author><name>Tv reporters</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00796159308274363830</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='//blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEit5kyZLUFN8wvPjyU1TNmIYsiaZCwGlfWETORJjZLwYBgmBIvhJcxI0xSQCCbvdRa-ABkTz-BNoU4vY0cALOdBx4VJu1qOuHz4wEFXYYv16NIFIm6gCjVjQ8H-Dhle1w/s220/Image006.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-8112410690200291414.post-6922046675420049647</id><published>2010-12-11T06:46:00.000-08:00</published><updated>2010-12-11T06:48:10.733-08:00</updated><title type='text'>प्रभु चावला का  इस्तीफा</title><content type='html'>प्रभु चावला ने इस्तीफा दे दिया है. या यूं कहें कि उन्हें जाने का इशारा कर दिया गया था, सो आज फाइनली चले गए. नीरा राडिया टेप कांड की आंच में झुलसे प्रभु चावला को टीवी टुडे ग्रुप ने बाइज्जत जाने का मौका दिया. संभवतः ऐसा ग्रुप के प्रति उनकी मेहनत, निष्ठा और समर्पण को देखते हुए किया गया. पहले &lt;a href=&quot;http://www.bhadas4media.com/edhar-udhar/6660-2010-09-23-06-19-47.html&quot; target=&quot;_blank&quot;&gt;एमजे अकबर&lt;/a&gt; को लाकर प्रभु चावला के &lt;a href=&quot;http://www.bhadas4media.com/edhar-udhar/6676-2010-09-23-13-41-24.html&quot; target=&quot;_blank&quot;&gt;पर को कतरा&lt;/a&gt; गया. शायद उन्हीं दिनों में उन्हें इशारे से प्रबंधन ने कह दिया होगा कि अब बहुत &lt;a href=&quot;http://www.bhadas4media.com/article-comment/7286-2010-11-09-13-30-11.html&quot; target=&quot;_blank&quot;&gt;बदनामी&lt;/a&gt; हो गई, मुक्ति दीजिए, ताकि ग्रुप के दागदार हो चुके / हो रहे दामन पर जोरशोर से उछाले जा रहे &lt;a href=&quot;http://www.bhadas4media.com/tv/7490-2010-11-23-08-05-57.html&quot; 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है कि प्रभु चावला का इस्तीफा हो चुका है.प्रभु चावला ने इस्तीफा दे दिया है. या यूं कहें कि उन्हें जाने का इशारा कर दिया गया था, सो आज फाइनली चले गए. नीरा राडिया टेप कांड की आंच में झुलसे प्रभु चावला को टीवी टुडे ग्रुप ने बाइज्जत जाने का मौका दिया. संभवतः ऐसा ग्रुप के प्रति उनकी मेहनत, निष्ठा और समर्पण को देखते हुए किया गया. पहले &lt;a href=&quot;http://www.bhadas4media.com/edhar-udhar/6660-2010-09-23-06-19-47.html&quot; target=&quot;_blank&quot;&gt;एमजे अकबर&lt;/a&gt; को लाकर प्रभु चावला के &lt;a href=&quot;http://www.bhadas4media.com/edhar-udhar/6676-2010-09-23-13-41-24.html&quot; target=&quot;_blank&quot;&gt;पर को कतरा&lt;/a&gt; गया. शायद उन्हीं दिनों में उन्हें इशारे से प्रबंधन ने कह दिया होगा कि अब बहुत &lt;a href=&quot;http://www.bhadas4media.com/article-comment/7286-2010-11-09-13-30-11.html&quot; target=&quot;_blank&quot;&gt;बदनामी&lt;/a&gt; हो गई, मुक्ति दीजिए, ताकि ग्रुप के दागदार हो चुके / हो रहे दामन पर जोरशोर से उछाले जा रहे &lt;a 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दिनों के बाद बरखा के बारे में कोई फैसला करता है. फिलहाल तो सबसे बड़ी खबर यही है कि प्रभु चावला का इस्तीफा हो चुका है.&lt;br /&gt;साभार- bhadas4media</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://newswithus.blogspot.com/feeds/6922046675420049647/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/12/blog-post.html#comment-form' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/6922046675420049647'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/6922046675420049647'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/12/blog-post.html' title='प्रभु चावला का  इस्तीफा'/><author><name>Tv reporters</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00796159308274363830</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='//blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEit5kyZLUFN8wvPjyU1TNmIYsiaZCwGlfWETORJjZLwYBgmBIvhJcxI0xSQCCbvdRa-ABkTz-BNoU4vY0cALOdBx4VJu1qOuHz4wEFXYYv16NIFIm6gCjVjQ8H-Dhle1w/s220/Image006.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-8112410690200291414.post-5302298330263749656</id><published>2010-07-28T06:08:00.000-07:00</published><updated>2010-07-28T06:09:04.088-07:00</updated><title type='text'>नाबालिग लडक़ी ले भागा शादीशुदा पत्रकार</title><content type='html'>&lt;span class=&quot;Apple-style-span&quot; style=&quot;font-family: Arial, Helvetica, sans-serif; font-size: 13px; line-height: 19px; &quot;&gt;&lt;p style=&quot;margin-top: 1em; margin-right: 0px; margin-bottom: 1em; margin-left: 0px; padding-top: 0px; padding-right: 0px; padding-bottom: 0px; padding-left: 0px; text-align: justify; &quot;&gt;रेवाड़ी । हरियाणा के रेवाड़ी जिले में एक पत्रिका का संवाददाता अपनी पत्नी व एक बच्चे को छोडक़र शहर की एक नाबालिग लडक़ी को भगा ले गया। माडल टाउन थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कर लिया है। उधर, पत्रकार की पत्नी ने इस कृत्य को अंजाम देने वाले अपने पति से संबंध विच्छेद करने की बात कही है।  पत्नी की यातनाओं से कथित तौर पर परेशान रणबीर सिंह ने कुछ समय पूर्व ही रेवाड़ी के तत्कालीन डीएसपी बलवान सिंह राणा के समक्ष एक शिकायत पेश की थी।&lt;/p&gt;&lt;p style=&quot;margin-top: 1em; margin-right: 0px; margin-bottom: 1em; margin-left: 0px; padding-top: 0px; padding-right: 0px; padding-bottom: 0px; padding-left: 0px; text-align: justify; &quot;&gt;शिकायत में उसने आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी व सास उसे बेरहमी से पीटती हैं। बाद में डीएसपी राणा ने दोनों पक्षों को बुलाकर मामले का निपटारा करा दिया था। बताया गया है कि इस घटना के बाद से ही रणबीर अपनी पत्नी से काफी नाराज चल रहा था। उसके एक बेटी भी है। पत्नी की यातनाओं से कथित तौर पर परेशान रणबीर ने शहर की एक लडक़ी से संबंध बना लिए। इन संबंधों का पता रणबीर की पत्नी को चल चुका था। उसने लडक़ी के घर जाकर उसे बुरा-भला भी कहा था। बीते दिनों रणबीर व लडक़ी मौका पाकर घर से फरार हो गए। लडक़ी के पिता की शिकायत पर जहां पुलिस ने रणबीर के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कर लिया, वहीं रणबीर की पत्नी ने पुलिस से आरोपी को जल्द पकडऩे व उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग कर डाली। रणबीर की पत्नी का कहना है कि वह अब किसी भी सूरत में रणबीर के साथ नहीं रहेगी। पुलिस ने आरोपी रणबीर व लडक़ी की तलाश शुरू की हुई है&lt;/p&gt;&lt;/span&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://newswithus.blogspot.com/feeds/5302298330263749656/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/07/blog-post_28.html#comment-form' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/5302298330263749656'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/5302298330263749656'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/07/blog-post_28.html' title='नाबालिग लडक़ी ले भागा शादीशुदा पत्रकार'/><author><name>Tv reporters</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00796159308274363830</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='//blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEit5kyZLUFN8wvPjyU1TNmIYsiaZCwGlfWETORJjZLwYBgmBIvhJcxI0xSQCCbvdRa-ABkTz-BNoU4vY0cALOdBx4VJu1qOuHz4wEFXYYv16NIFIm6gCjVjQ8H-Dhle1w/s220/Image006.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-8112410690200291414.post-4916113799380552</id><published>2010-07-23T03:45:00.000-07:00</published><updated>2010-07-23T03:46:17.004-07:00</updated><title type='text'>हॉकी कोच ने पूछा था, क्या तुमने कभी सेक्स किया !</title><content type='html'>&lt;p&gt;भोपाल। हॉकी खिलाडी टी। एस. रंजीता ने भारतीय महिला हॉकी टीम में सेक्स स्कैंडल के उजागर होने से विवादों में घिरे कोच कौशिक पर लगाए गए आरोपों से पीछे हटने से साफ इनकार कर दिया है। कोच पर यौन उत्पीडन का आरोप लगाते हुए रंजीता ने एक चैनल से कहा कि कोच उन्हें गंदी निगाह से घूरा करता था और मुझ पर कई अश्लील टिप्पणियां भी की थी।एक टीवी चैनल से बात करते हुए रंजीता ने खुलासा किया कि भोपाल में कैंप के दौरान एक दिन कोच ने उससे पूछा था कि क्या तुमने कभी सेक्स किया है क् रंजीता के अनुसार कोच के मुंह से इस तरह की बात सुनकर वह सन्न रह गई। कोच ने अश्लील इशारे करते हुए कहा कि सेक्स करना अच्छा रहेगा। इस पर भी मैं चुप रह गई।रंजीता ने आरोप लगाया है कि कोच हर लडकी के साथ 10 से 15 मिनट तक एक-एक कर बात करते थे लेकिन मेरे साथ हमेशा एक घंटे तक बात करते रहते थे। कोच मुझसे बार-बार कहते थे कि मैं खूबसूरत हूं। यह सिलसिला चलता ही रहता था और इससे मैं काफी परेशान थी।रंजीता ने खुलासा किया कि चीन दौरे में एक दिन कोच ने मुझे अपने कमरे में बुलाया और कुछ औपचारिक बातचीत के बाद मुझसे कहा कि तुम मुंबई में अकेली रहती हो, तुम्हे खुलकर मजे करने चाहिए। रंजीता ने कहा कि कोच ने उसे बेड की तरफ इशारा करते हुए कहा कि वह उसके साथ कभी भी आ सकती है, वह उसके लिए 24 घंटे उपलब्ध है। रंजीता ने कहा कि कोच ने जर्मनी दौरे के लिए भी मुझेे कहा कि मुझे किसी चीज की जरूरत हो तो वह उससे संपर्क करे।गौरतलब है कि रंजीता ने खेल मंत्रालय को एक पत्र लिखकर कोच एम. के. कौशिक पर यौन उत्पीडन का आरोप लगाया था जिसके बाद कौशिक ने इस्तीफा दे दिया। मंत्रालय ने मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की थी। समिति की जांच रिपोर्ट आज पेश हो सकती है। &lt;/p&gt;&lt;p&gt; &lt;/p&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://newswithus.blogspot.com/feeds/4916113799380552/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/07/blog-post_23.html#comment-form' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/4916113799380552'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/4916113799380552'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/07/blog-post_23.html' title='हॉकी कोच ने पूछा था, क्या तुमने कभी सेक्स किया !'/><author><name>Tv reporters</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00796159308274363830</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='//blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEit5kyZLUFN8wvPjyU1TNmIYsiaZCwGlfWETORJjZLwYBgmBIvhJcxI0xSQCCbvdRa-ABkTz-BNoU4vY0cALOdBx4VJu1qOuHz4wEFXYYv16NIFIm6gCjVjQ8H-Dhle1w/s220/Image006.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-8112410690200291414.post-6694082589500935666</id><published>2010-07-17T23:55:00.000-07:00</published><updated>2010-07-17T23:58:42.685-07:00</updated><title type='text'>आजतक के क्राइम रिपोर्टर कमल की मौत</title><content type='html'>कमल शर्मा को सिर्फ क्राइम रिपोर्टर कहना उचित न होगा. उन्हें जानने वाले लोग उन्हें &#39;दिल्ली की क्राइम रिपोर्टिंग का बादशाह&#39; कहते थे. ब्रिलियेंट. लेबोरियस. चौबीसों घंटे चौकन्ने. कोई छुट्टी नहीं. खबर आते ही स्पाट पर. खबर मिलते ही आफिस में. ऐसे कमल शर्मा हमारे बीच नहीं रहे. कहने वाले कहते हैं कि अतिशय काम, अतिशय तनाव, अतिशय मोबाइल पर बातचीत से वे न्यूरो प्राब्लम के शिकार हो गए थे. उऩका एक्सीडेंट भी हो गया था. पिछले कई महीनों से उनका इलाज चल रहा था. आज कमल की मौत हो गई.&lt;br /&gt;दो साल पहले ही कमल की शादी हुई. उनकी उम्र 43 वर्ष के आसपास थी. कमल के दो भाई भी मीडिया में हैं. डीके शर्मा आजतक में ही कैमरामैन हैं. दूसरे भाई उमेश शर्मा सीएनबीसी में कैमरामैन हैं. कमल आजतक में लंबे समय से थे. रामकृपाल सिंह के साथ कुछ वक्त के लिए वायस आफ इंडिया आ गए थे. रामकृपाल ने वीओआई छोड़ा तो कमल वापस आजतक में लौट गए. उन्हें आजतक की क्राइम रिपोर्टिंग का बैकबोन माना जाता था. आजतक से पहले कमल नवभारत टाइम्स, दिल्ली के क्राइम प्रभारी हुआ करते थे. नभाटा के क्राइम हेड के बतौर भी कमल का पूरे दिल्ली में जलवा होता था. उन्हें पुलिस विभाग के चपरासी से लेकर बड़े से बड़ा अफसर जानता पहचानता था.&lt;br /&gt;बीमार कमल शर्मा अपने आखिरी दिनों में कहा करते थे कि &#39;&#39;बीमार पड़ा तो पता चला कि मेरा भी परिवार है।&#39;&#39; इस वाक्य से इस आदमी के काम प्रति जुनून को समझा जा सकता है. कुछ लोगों का कहना है कि बाइक का शौक कमल को था. फोन बहुत आते थे उन्हें. वे अक्सर बाइक चलाते हुए एक कान से फोन दबाए बात करते रहते थे. संभवतः इसी से दिमाग में कोई दिक्कत आ गई, कोई नस दब गई. न्यूरो प्राब्लम होने से उनका स्वास्थ्य बिगड़ने लगा. वे छुट्टी पर रहने लगे. ठीक होते तो आफिस आ जाते. खबर को लेकर पागलपन सवार रहता था. छुट्टी में भी खबर पता चलते ही वे आफिस पहुंच जाया करते थे. &lt;br /&gt;साभार - bhadas4media&lt;br /&gt;news with us  की टीम की और से श्रधांजलि अर्पित करते है</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://newswithus.blogspot.com/feeds/6694082589500935666/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/07/blog-post_17.html#comment-form' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/6694082589500935666'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/6694082589500935666'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/07/blog-post_17.html' title='आजतक के क्राइम रिपोर्टर कमल की मौत'/><author><name>Tv reporters</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00796159308274363830</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' 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उन्होंने बताया कि जांच के बाद ही पूरा मामला स्पष्ट हो पाएगा।&lt;br /&gt;घटना बीती देर रात की है। इसकी जानकारी लोगों को आज सुबह मिली। बहरहाल, कैंप छावनी में तब्दील हो चुका है। पुलिस व प्रशासन के वरीय अधिकारी घटनास्थल पर कैंप कर रहे हैं।</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://newswithus.blogspot.com/feeds/3834654951257125033/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/07/blog-post_691.html#comment-form' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/3834654951257125033'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/3834654951257125033'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/07/blog-post_691.html' title='सीआरपीएफ जवान ने सात साथियों को मारा'/><author><name>Tv reporters</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00796159308274363830</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='//blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEit5kyZLUFN8wvPjyU1TNmIYsiaZCwGlfWETORJjZLwYBgmBIvhJcxI0xSQCCbvdRa-ABkTz-BNoU4vY0cALOdBx4VJu1qOuHz4wEFXYYv16NIFIm6gCjVjQ8H-Dhle1w/s220/Image006.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-8112410690200291414.post-1489126613446983037</id><published>2010-07-16T21:43:00.001-07:00</published><updated>2010-07-16T21:43:35.930-07:00</updated><title type='text'>शाहरुख &#39;कुत्ता&#39; तो असिन बनी &#39;गाय&#39;</title><content type='html'>आमिर ने अपने ब्‍लॉग पर कुछ दिन पहले शाहरुख को कुत्‍ता कहा था और इससे शाहरुख बहुत नाराज हो गए थे। वहीं खबर है कि साउथ के एक डायरेक्‍टर ने आमिर खान को पीछे छोड़ते हुए गाय का नाम असिन रख दिया है।&lt;br /&gt;डायरेक्‍टर का कहना है कि मेरा मकसद किसी को ठेस पहुंचाना नहीं है। बल्कि मजाक के तौर पर उन्‍होंने गाय का नाम असिन रखा है। इस फिल्‍म में गाय लीड एक्‍टर और एक्‍ट्रेस के बीच कामदेव की भूमिका निभा रही है।&lt;br /&gt;असिन इन दिनों तमिल सिनेमा की हॉट एक्‍ट्रेस में से एक हैं। वैसे जब से असिन श्रीलंका में सलमान खान के साथ शूटिंग कर रही हैं साउथ के डायरेक्‍टर उनसे नाराज हैं । फिलहाल लोगों को असिन के जवाब का इंतजार है।</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://newswithus.blogspot.com/feeds/1489126613446983037/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/07/blog-post_2697.html#comment-form' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/1489126613446983037'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/1489126613446983037'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/07/blog-post_2697.html' title='शाहरुख &#39;कुत्ता&#39; तो असिन बनी &#39;गाय&#39;'/><author><name>Tv reporters</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00796159308274363830</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='//blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEit5kyZLUFN8wvPjyU1TNmIYsiaZCwGlfWETORJjZLwYBgmBIvhJcxI0xSQCCbvdRa-ABkTz-BNoU4vY0cALOdBx4VJu1qOuHz4wEFXYYv16NIFIm6gCjVjQ8H-Dhle1w/s220/Image006.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-8112410690200291414.post-8574861818119748632</id><published>2010-07-16T21:41:00.001-07:00</published><updated>2010-07-16T21:41:33.087-07:00</updated><title type='text'>भूपति ने किया करोड़ों का तलाक</title><content type='html'>मुंबई. टेनिस कोर्ट पर गलतियों से बचने वाले स्टार महेश भूपति वैवाहिक जीवन में ऐसा नहीं कर पाए और उनका पत्नी श्वेता जयशंकर से तलाक हो गया। बांद्रा की कोर्ट ने गुरुवार को दोनों के तलाक को मंजूरी दी। भूपति व श्वेता का वैवाहिक जीवन केवल छह साल ही चल सका।&lt;br /&gt;श्वेता के नजदीकी सूत्रों ने बताया कि दोनों ने कोर्ट को बताया कि वे तलाक के लिए तैयार हैं। इस वजह से कोर्ट ने तलाक को मंजूरी दे दी। सूत्रों ने यह भी बताया कि श्वेता को पांच से दस करोड़ रुपए के बीच कोई रकम मिली है।&lt;br /&gt;बेंगलूर के पॉश इलाके लैंगफोर्ड का एक फ्लैट भी श्वेता को ही मिला है। अपने समय की मशहूर मॉडल रहीं श्वेता का कहना था कि वे भूपति के कई महिलाओं के साथ अफेयर की खबरों से तंग आ चुकी थीं, इसलिए उन्होंने अलग होने का फैसला किया।&lt;br /&gt;..इधर लारा दत्ता से चल रहा है ‘लव गेम’&lt;br /&gt;टेनिस स्टार महेश भूपति का बॉलीवुड स्टार लारा दत्ता से पिछले काफी समय से अफेयर चल रहा है। उन्हें कई समारोहों में साथ देखा गया है, जिससे उनके अफेयर की खबरों को मजबूती भी मिली।&lt;br /&gt;सूत्रों ने बताया कि भूपति व लारा की बढ़ती नजदीकियों से श्वेता काफी खफा थीं। इसी कारण वे तलाक के लिए राजी हुईं। कुछ समय पहले तक वे तलाक से इनकार कर रही थीं, लेकिन अचानक उन्होंने इसका फैसला कर लिया।</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://newswithus.blogspot.com/feeds/8574861818119748632/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/07/blog-post_16.html#comment-form' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/8574861818119748632'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/8574861818119748632'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/07/blog-post_16.html' title='भूपति ने किया करोड़ों का तलाक'/><author><name>Tv reporters</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00796159308274363830</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' 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इससे शहर के जवाहर नगर, मालवीयनगर, जगतपुरा, आदर्शनगर, सिंधी कॉलोनी सहित अन्य इलाकों में पेयजल संकट के हालात हो गए. इन इलाकों में 5 से 10 मिनट की अतिरिक्त पेयजल कटौती शुरू हो गई है। कई इलाकों में शनिवार की पेयजल आपूर्ति प्रभावित होगी।अब 48 घंटों में मिलेगा पानीअब दो दिन में एक ही बार पानी मिलेगा। पहले चरण में जवाहरनगर, जगतपुरा, आदर्शनगर, सिंधी कॉलोनी, तिलक नगर व आसपास के इलाके में 48 घंटे से पेयजल आपूर्ति करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जिसको शुक्रवार शाम बाद आला अफसरों की बैठक में रखा जाएगा। बैठक में प्रस्ताव पर मुहर लगते ही रविवार से इसे लागू कर दिया जाएगा।</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://newswithus.blogspot.com/feeds/3182587342981613242/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/07/48.html#comment-form' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/3182587342981613242'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/3182587342981613242'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/07/48.html' title='पेयजल किल्लत , अब 48 घंटों में मिलेगा पानी'/><author><name>Tv reporters</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00796159308274363830</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='//blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEit5kyZLUFN8wvPjyU1TNmIYsiaZCwGlfWETORJjZLwYBgmBIvhJcxI0xSQCCbvdRa-ABkTz-BNoU4vY0cALOdBx4VJu1qOuHz4wEFXYYv16NIFIm6gCjVjQ8H-Dhle1w/s220/Image006.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-8112410690200291414.post-1885474916593814912</id><published>2010-07-10T21:49:00.001-07:00</published><updated>2010-07-10T21:49:43.256-07:00</updated><title type='text'>मां का दूध ही सूनी कर रहा था गोद</title><content type='html'>जयपुर। मां का दूध बच्चे के लिए अमृत होता है लेकिन जेनेटिक बीमारी के चलते एक मां की चार संतानों के लिए यह दूध ही जानलेवा बन गया। मामला है सीकर का। डॉक्टरों ने तीन माह पूर्व ही उसकी पांचवीं संतान को बचाया है। इसमें ऎसी एक खास तरह की जेनेटिक बीमारी पकड़ में आई जो साठ हजार मामलों में से केवल एक को होती है। दम्पती को ऎसी कोई बीमारी नहीं रही, इसलिए संतानों में यह कहां से आई यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है।मिली जानकारी के मुताबिक सीकर निवासी सईदा (28) (परिवर्तित नाम) के अब तक चार संतानें पैदा हुईं, जिसमें एक बेटा और तीन बेटियां थीं। इनमें से एक भी 15-20 दिनों से ज्यादा जीवित नहीं रह पाई। दम्पती के मुताबिक एक के बाद एक बच्चे की मौत ने उन्हें पूरी तरह से तोड़ दिया था। हर बार बच्चे बिल्कुल सामान्य पैदा होते लेकिन जैसे ही उन्हें मां का दूध पिलाया जाता उनकी तबीयत बिगड़ने लगती। मुम्बई व अहमदाबाद के अस्पतालों तक में बीमारी पकड़ में नहीं आई। दो वर्ष पूर्व चौथी संतान पैदा हुई तो उसके साथ भी ऎसा ही होने लगा। उसे जयपुर लाकर डॉ. तुषार दशोरा को दिखाया। उन्होंने जांचें कराई लेकिन बीमारी पकड़ में नहीं आ पाई और जन्म के 12-13 दिन बाद उसने भी दम तोड़ दिया। डॉ. दशोरा के अनुसार सबसे बड़ी बात थी कि चौथी संतान के जो जेनेटिक टेस्ट कराए गए (माइटोकॉड्रियल इनहेरिटेंस) वो भी नेगेटिव आए। इससे साफ हो गया कि बच्चे पैदा तो सामान्य हो रहे थे लेकिन मां का दूध पिलाने के एक-दो दिन बाद से ही उनकी तबीयत खराब होने लगती थी। चौथी संतान की मृत्यु के बाद ही आईईएम (इनबोर्न एरर ऑफ मेटाबॉलिज्म) बीमारी का संदेह हो गया था। इसलिए इस दम्पती को आगे भी फॉलोअप में बने रहने के लिए कहा गया।जिंदगीभर नहीं पी सकेगी दूधडॉक्टरों के मुताबिक इस तरह के बच्चों को लेक्टोज फ्री डाइट पर रखा जाता है। उन्हें खास तरह का दूध दिया जाता है क्योंकि ये न तो मां का दूध पचा पाते हैं और न ही गाय-भैंस का दूध इनके लिए फायदेमंद होता है। इनके लिए खास तरह का लेक्टोज फ्री मिल्क बाजार में उपलब्ध होता है। यह बच्ची जिंदगीभर इसी तरह का दूध पी सकेगी, लेक्टोज वाला दूध पीना या दूध उत्पाद खाना इसके लिए संभव नहीं होगा।क्या है ग्लेक्टोसीमियायह एक तरह का मेटाबॉलिक डिसऑर्डर है, जिसमें ग्लेक्टोज आगे नहीं टूट पाता और शरीर में ग्लेक्टोज की मात्रा बढ़ती जाती है। और यह बढती मात्रा जहर का काम करती है। इसे ग्लेक्टोसीमिया कहा जाता है।ऎसे पता चली बीमारीचार माह पहले सईदा ने सोनी अस्पताल के डॉ. तुषार दशोरा से सम्पर्क किया। तीन माह पूर्व सामान्य प्रसव से बेटी हुई और उसे मां का दूध पिलाने पर वैसे ही लक्षण दिखाई देने लगे। पता चला कि बच्ची को ग्लेक्टोसीमिया नाम का मेटाबॉलिक डिसऑर्डर यानी जेनेटिक बीमारी है। इसमें बच्चा दूध को पचा नहीं पाता और उसमें उपस्थित एक घटक की मात्रा रक्त में इतनी अधिक हो जाती है कि वो जहर का काम करती है।</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://newswithus.blogspot.com/feeds/1885474916593814912/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/07/blog-post_450.html#comment-form' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/1885474916593814912'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/1885474916593814912'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/07/blog-post_450.html' title='मां का दूध ही सूनी कर रहा था गोद'/><author><name>Tv reporters</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00796159308274363830</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='//blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEit5kyZLUFN8wvPjyU1TNmIYsiaZCwGlfWETORJjZLwYBgmBIvhJcxI0xSQCCbvdRa-ABkTz-BNoU4vY0cALOdBx4VJu1qOuHz4wEFXYYv16NIFIm6gCjVjQ8H-Dhle1w/s220/Image006.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-8112410690200291414.post-5008718795380963963</id><published>2010-07-10T21:40:00.000-07:00</published><updated>2010-07-10T21:41:03.993-07:00</updated><title type='text'>ऑक्टोपस और तोते के भरोसे देश</title><content type='html'>एक हैं पॉल एक हैं मानी। पहला है ऑक्टोपस, दूसरा है तोता। यूं तो इनमें आपस में कोई संबंध नहीं लेकिन इन दिनों दोनों काफी प्रसिद्धी पा रहे हैं। दोनों द. अफ्रीका में चल रहे फीफा वर्ल्ड कप फुटबाल मैचों की सटीक भविष्यवाणियां कर रहे हैं। विशेषकर पॉल नामक ऑक्टोपस महाशय अभी तक जर्मनी के सभी छह मैचों की के बारे में ठीक-ठीक बता चुके हैं। स्पेन के फाइनल में पहुंचने के बारे में उनका आकलन सही साबित हुआ। सट्टेबाज मैचों से ज्यादा उसकी भविष्यवाणियों पर दांव लगाने लगे हैं। हालांकि बेचारा सेमीफाइनल में स्पेन के खिलाफ जर्मनी की पराजय की भविष्यवाणी कर गंभीर संकट में फंस गया है और जर्मन प्रशंसक उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। उधर, सिंगापुर का एक तोता मानी नीदरलैंड के लिए सटीक भविष्यवाणी कर रहा है, उसके फाइनल में जीत हासिल करने के बारे में आश्वस्त है। नीदरलैंड के लिए अब यह तोता विशेष आदर का विषय बन चुका है। पूर्व में जापान में भी कई बार बिल्लियां-कुत्ते या मछलियां भूकंप आने के संबंध में सटीक भविष्यवाणी कर चुके हैं। क्या हो गया है पश्चिम के देशों को, जहां ज्योतिष-भविष्यवाणियां आदि पिछड़े हुए देशों की मानसिक जहालत के प्रतीक के तौर पर देखी जाती थीं। वे देश तक जीव-जंतुओं की बात पर न सिर्फ यकीन कर रहे हैं बल्कि उन्हें भविष्यवक्ताओं जैसा आदर तक दे रहे हैं। कल को हो सकता है कि ये देश अपनी गंभीर समस्याओं का निराकरण भी इनसे पूछकर ही करने लगें...।यहां इस लेख का विषय उनकी भविष्यवाणियों के बारे में बात करना नहीं बल्कि इस विश्वास पर सोचना है कि क्या सचमुच में जीव-जन्तुओं में भविष्य को देखने की ताकत होती है या फिर लोग जबर्दस्ती बेचारों पशु-पक्षियों की सामान्य हरकतों में से इस तरह के नतीजे निकालने में जुटे रहते हैं।क्या इस तरह के विश्वासों के प्रति आदमी के मन में छुपी भविष्य जानने की सामान्य उत्कंठा काम कर रही है। क्या अति आधुनिकता की दौड़ में फंसे आदमी के जीवन में पुरातन विश्वास फिर सिर उठाने लगे हैं।या अपनी सुरक्षा, भविष्य के प्रति संदेह से भरे आदमी का विश्वास उसे इन बातों पर भरोसा करने के प्रति उकसाता है। आखिर क्या वजह है विज्ञान की सदी में आदमी के ऐसे विश्वासों की</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://newswithus.blogspot.com/feeds/5008718795380963963/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/07/blog-post_8863.html#comment-form' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/5008718795380963963'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/5008718795380963963'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/07/blog-post_8863.html' title='ऑक्टोपस और तोते के भरोसे देश'/><author><name>Tv reporters</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00796159308274363830</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='//blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEit5kyZLUFN8wvPjyU1TNmIYsiaZCwGlfWETORJjZLwYBgmBIvhJcxI0xSQCCbvdRa-ABkTz-BNoU4vY0cALOdBx4VJu1qOuHz4wEFXYYv16NIFIm6gCjVjQ8H-Dhle1w/s220/Image006.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-8112410690200291414.post-1603702590448502451</id><published>2010-07-10T21:38:00.000-07:00</published><updated>2010-07-10T21:39:15.757-07:00</updated><title type='text'>विदेश मंत्रालय भी आएगा फेसबुक पर</title><content type='html'>नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय भी अब जल्द ही सोशल नेटवर्किग साइट्स के जरिए लोगों से सीधा संपर्क स्थापित करेगा। एक अधिकारी ने बताया कि विदेश मंत्रालय का लोक कूटनीति विभाग जल्द ही एक नया पोर्टल शुरू करेगा, जिसमें फेसबुक और टि्वटर वेबसाइटों की तरह कोई भी हिस्सा ले सकता है।  पहली बार होगा जब सरकार का कोई मंत्रालय इंटरनेट के इस नए विकल्प का उपयोग करेगा।&lt;br /&gt;इस विकल्प के उपयोग का पहला संकेत इस बात से भी मिलता है कि विभाग ने गुरूवार को टि्वटर पर अपना अकाउंट शुरू किया है, जिसमें दो संदेश प्रसारित किए गए हैं। अधिकारी हालांकि अभी इस बात को प्रचारित नहीं करना चाहते। उनका कहना है कि अभी यह काम प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि यह पोर्टल लोगों से संपर्क करने के लिए होगा और सोशल नेटवर्किग साइट्स से जुडा होगा।&lt;br /&gt;मंत्रालय के जन संपर्क विभाग का भी मानना है कि नीति निर्माण के कार्य में जनता से जुडाव का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। पूर्व विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर इंटरनेट के इस विकल्प का भरपूर उपयोग करते रहे हैं। अक्सर उन्होंने अफ्रीकी देशों की यात्रा जैसे कम प्रचारित मुद्दों पर भी टि्वटर के जरिए अपने विचार प्रस्तुत किए हैं। इनमें से हालांकि थरूर के कुछ संदेशों पर काफी विवाद हो चुका है।</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://newswithus.blogspot.com/feeds/1603702590448502451/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/07/blog-post_10.html#comment-form' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/1603702590448502451'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/1603702590448502451'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/07/blog-post_10.html' title='विदेश मंत्रालय भी आएगा फेसबुक पर'/><author><name>Tv reporters</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00796159308274363830</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' 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वाले ओमप्रकाश शर्मा के यहां काम करता था। करीब एक माह पहले रतन सिंह ने इस्तगासे के जरिए ओमप्रकाश के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।&lt;br /&gt;उसने आरोप लगाया था कि उधार के रूपए नहीं चुकाने पर ओमप्रकाश ने रवि को जबरन दुकान पर मजदूरी करवाई और बाद में किसी के हाथ बेच दिया। मामले की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने पडताल शुरू की और जांच अधिकारी इंन्द्र सिंह ने कोटा के दादाबाडी क्षेत्र से रवि को बरामद कर लिया। रवि यहां पाली निवासी ओमप्रकाश के घर मिला।&lt;br /&gt;रोजगार के लिए भेजा थापाली निवासी ओमप्रकाश कथित रूप से अपह्रत रवि का मुहं बोला मामा है। ओमप्रकाश कुछ दिन पहले तक जयपुर में ही रंग-रोगन का काम करता था। यहां धंधा नहीं चलने पर वह कोटा जाने लगा, तो रतन सिंह ने रवि को भी रोजगार के लिए साथ भेज दिया। इसके बाद रतन ने अपहरण की झूठी कहानी रच डाली।&lt;br /&gt;स्कैच भी गलत बनवायापुलिस ने रवि की फोटो मांगी, तो परिजनों के मना कर दिया। फिर पुलिस ने उनके बताए हुलिए के आधार पर स्कैच तैयार करवाया। किशोर के मिलने पर खुलासा हुआ कि परिजनों ने स्कैच भी गलत बनावाया था। एक तरफ परिजन इस तरह पेश आ रहे थे तो दूसरी तरफ वे पुलिस पर ढिलाई का आरोप लगाते हुए रोजाना उ“ााधिकारियों के यहां पेश हो रहे थे।</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://newswithus.blogspot.com/feeds/3861405894742502233/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/07/blog-post.html#comment-form' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/3861405894742502233'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/3861405894742502233'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/07/blog-post.html' title='पिता ने किया था &#39;अपहरण&#39;'/><author><name>Tv reporters</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00796159308274363830</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' 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वरिष्ठ प्रबंधक (ऑपरेशन) शशांक शेखर, वरिष्ठ प्रबंधक (टर्मिनल) अरूण कुमार पोद्दार, वरिष्ठ प्रबंधक (टर्मिनल) के एस कनौजिया, उप प्रबंधक (टर्मिनल) कपिल कुमार गोयल, प्रबंधक (ऑपरेशन) अशोक कुमार गुप्ता, पाइप लाइन विभाग प्रभारी एस एस गुप्ता व चार्जमैन कैलाश नाथ अग्रवाल शामिल हैं। इन्हें आईपीसी धारा 285, 286, 287, 336, 337, 427, 304(ए), 304 (2) , 166 के साथ 23 पेट्रोलियम एक्ट और तीन पब्लिक प्रॉपर्टी डैमेज एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है।&lt;br /&gt;11 लोगों की हुई थी मौत&lt;br /&gt;गत वर्ष 30 अक्टूबर की रात हुए इस अग्निकाण्ड में 11 लोगों की मौत और 106 लोग घायल हुए थे। टर्मिनल के पास स्थित जीनस कम्पनी के मानव संसाधन प्रबंधक प्रीतपाल सिंह की ओर से 2 नवम्बर को रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिसके आधार पर आईओसी के 12 अधिकारियों को आरोपी बनाया गया था। इनमें से दो चार्जमैन कृपाराम व रामनिवास की इसी हादसे में मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य आरोपी सहायक प्रबंधक (टर्मिनल) योगेन्द्र मित्तल का बाद में सडक हादसे में निधन हो गया था।</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://newswithus.blogspot.com/feeds/2006800968042593854/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/07/9.html#comment-form' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/2006800968042593854'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/2006800968042593854'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/07/9.html' title='जीएम समेत 9 आईओसी अघिकारी न्यायिक हिरासत में'/><author><name>Tv reporters</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00796159308274363830</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' 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प. बंगाल में सीटू के 24 घण्टे के परिवहन बंद के चलते लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पडा। भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने  कहा कि सरकार निरंकुश होकर काम कर रही है और उसे आम आदमी की बजाय औद्योगिक घरानों की चिंता ज्यादा सता रही है। मुम्बई में भाजपा सांसद गोपीनाथ मुंडे की अगुवाई में राज्य सचिवालय पर  प्रदर्शन कर रहे बडी संख्या में पार्टी के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वाम लोकतांत्रिक मोर्चे की 12 घंटे की हडताल से केरल में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा।&lt;br /&gt;संप्रग को तोडने की कोशिशमहंगाई के बहाने विपक्ष सरकार को घेरने के साथ संप्रग को तोडने की रणनीति भी अपना रहा है। जद (यू) अध्यक्ष शरद यादव का समूचे विपक्ष के साथ संप्रग के तृणमूल कांग्रेस, राकांपा और द्रमुक को विरोधी मंच में आने का न्योता देना उसी रणनीति का हिस्सा है। जद-यू अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि सरकार विरोधी बात करना और सत्ता पर बने रहने की राजनीति ठीक नहीं है। यदि संप्रग से घटक दल सरकार के इस निर्णय के पक्ष में नहीं है तो उन्हें विपक्ष के साथ आना चाहिए।&lt;br /&gt;भाजपा का 25 जिलों में धरनाजयपुर. पेट्रोलियम पदार्थो के दाम बढाए जाने के विरोध में भाजपा ने शनिवार को जयपुर समेत 25 जिलों में धरना दिया। राष्ट्रीय महासचिव वसुंधरा राजे और प्रदेश अध्यक्ष अरूण चतुर्वेदी राजस्थान से बाहर दौरे पर गए हैं इसलिए कहीं धरने में शामिल नहीं हो सके। चतुर्वेदी ने टेलीफोन पर बताया कि बचे हुए 6-7 जिलों में कार्यकर्ता रविवार को धरना देंगे जबकि अलवर में 30 जून को बडे स्तर पर विरोध प्रदर्शन का आयोजन होगा। इस बीच राजधानी जयपुर में भाजपा के प्रदर्शन को दौरान शहर के पार्टी विधायक शामिल नहीं हुए।&lt;br /&gt;जनता की कमर तोडीजनता आसमान छूती कीमतों से  पहले ही परेशान थी और अब सरकार ने बडे औद्योगिक घरानों को मुनाफा पहुंचाने के लिए पेट्रोलियम पदार्थो के दाम बढाकर उसकी कमर और तोड दी।  वृंदा करात, माकपा नेता&lt;br /&gt;आदमी की चिंता नहीं सरकार को आम आदमी की कोई चिंता नहीं है और राष्ट्रमण्डल खेलों के नाम पर करोडों रूपए खर्च हो रहे हैं। सरकार तेल कम्पनियों का घाटा पूरा करने में लगी है। मुलायम सिंह यादव, सपा अध्यक्ष</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://newswithus.blogspot.com/feeds/4975881541534413223/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/06/blog-post_7452.html#comment-form' title='1 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/4975881541534413223'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/4975881541534413223'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/06/blog-post_7452.html' title='दाम पर देशभर में कोहराम'/><author><name>Tv reporters</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00796159308274363830</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' 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2005 में तत्कालीन पाक राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ भारत यात्रा पर आए थे तो उनके विमान में भी तिरंगे को उल्टा लगाया गया था।</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://newswithus.blogspot.com/feeds/8011145782435666890/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/06/blog-post_2356.html#comment-form' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/8011145782435666890'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/8011145782435666890'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/06/blog-post_2356.html' title='पाक में तिरंगे का अपमान'/><author><name>Tv reporters</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00796159308274363830</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='//blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEit5kyZLUFN8wvPjyU1TNmIYsiaZCwGlfWETORJjZLwYBgmBIvhJcxI0xSQCCbvdRa-ABkTz-BNoU4vY0cALOdBx4VJu1qOuHz4wEFXYYv16NIFIm6gCjVjQ8H-Dhle1w/s220/Image006.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-8112410690200291414.post-5719809616574232514</id><published>2010-06-26T21:14:00.001-07:00</published><updated>2010-06-26T21:14:32.838-07:00</updated><title type='text'>प्रेमी संग पकडी गई बहू</title><content type='html'>बीकानेर। अपहरण की झूठी कहानी रच कर  शुक्रवार को मुरलीधर व्यास कॉलोनी स्थित ससुराल से लाखों रूपए के जेवरात ले कर भागी नवविवाहिता शनिवार तडके श्रीगंगानगर में प्रेमी के साथ पकडी गई। उनके पास से जेवरात से भरा बैग भी बरामद हुआ है। दोनों श्रीगंगानगर से पंजाब भागने की फिराक में थे। श्रीगंगानगर पुलिस ने दोनों को बीकानेर पुलिस के सुपुर्द कर दिया।&lt;br /&gt;प्रशिक्षु आईपीएस राहुल कोटकी ने बताया कि शनिवार तडके चार बजे  सोनिया चुघ (23) को पंजाब के संगरूर जिले के सुनाम निवासी गुरविंद्र सिंह (25) पुत्र प्रीतम सिंह के साथ संदिग्ध अवस्था में घूमते गिरफ्तार किया। दोनों को थाने लाकर बैग की तलाशी लेने पर उसमें से लाखों के गहने व नकदी बरामद हुई। पूछताछ में गुरविन्द्र ने पुलिस को बताया कि सोनिया उसके गांव सुनाम के सुभाष खत्री की पुत्री है। शादी से पहले से दोनों के प्रेम संबंध हैं। करीब छह महीने पहले बीकानेर में करमीसर रोड स्थित मुरलीधर कालोनी निवासी विशाल के साथ उसकी शादी हुई थी। वह पंजाब से ट्रेन से श्रीगंगानगर पहुंचा, उधर से सोनिया अपहरण की कहानी रचकर बीकानेर से अकेली ही बस में सवार होकर श्रीगंगानगर पहुंच गई। जहां दोनों का मिलाप हो गया। वे यहां से पंजाब जाने की फिराक में थे।&lt;br /&gt;भ्रमित करती रही सोनियासोनिया ने पुलिस को भ्रमित करने के लिए अलग-अलग नम्बर से घर फोन कर उसका अपहरण होने की बात कहती रही। उसने शुक्रवार रात अपने पति विशाल को मोबाइल पर कहा था कि मैं शोभासर स्थित एक ढाबे पर अपहरणकर्ताओं के चंगुल में हूं। वे लोग चाय पी रहे हैं और मैं उनसे अलग होकर आपसे बात कर रही हूं।</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://newswithus.blogspot.com/feeds/5719809616574232514/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/06/blog-post_4122.html#comment-form' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/5719809616574232514'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/5719809616574232514'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/06/blog-post_4122.html' title='प्रेमी संग पकडी गई बहू'/><author><name>Tv reporters</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00796159308274363830</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' 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क्योंकि वह बहुत मोटी है। छात्रा ने कक्षा के दौरान शौचालय जाने की इजाजत मांगी थी, लेकिन वह (छात्रा) बच्ची को जन्म देने के बाद उसे वहीं छोड कर और बिना किसी को सूचना दिये वापस कक्षा में आ गई। स्कूल के अधिकारियों ने जब बच्ची के रोने की आवाज सुनी, तब वे उसे अस्पताल ले गये।</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://newswithus.blogspot.com/feeds/1514118030395096028/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/06/blog-post_26.html#comment-form' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/1514118030395096028'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/1514118030395096028'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/06/blog-post_26.html' title='&quot;दसवीं की छात्रा ने स्कूल के शौचालय में जन्मी बच्ची'/><author><name>Tv reporters</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00796159308274363830</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='//blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEit5kyZLUFN8wvPjyU1TNmIYsiaZCwGlfWETORJjZLwYBgmBIvhJcxI0xSQCCbvdRa-ABkTz-BNoU4vY0cALOdBx4VJu1qOuHz4wEFXYYv16NIFIm6gCjVjQ8H-Dhle1w/s220/Image006.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-8112410690200291414.post-6120048632804427917</id><published>2010-06-16T02:49:00.000-07:00</published><updated>2010-06-16T02:50:53.256-07:00</updated><title type='text'>भोपाल हम शर्मिंदा हैं</title><content type='html'>यह देश तुम्हें न्याय नहीं दिला सका : भोपाल गैस त्रासदी पर न्यायालय के निर्णय पर कोई टिप्पणी करने का हमें अधिकार नहीं। हम गणतंत्र देश के वासी हैं, जहां हर तरह की आजादी है लेकिन सत्ता और न्याय के सर्वोच्च पद इतने ऊंचे हैं कि वहां आम भारतीय के ये अधिकार भी बौने लगते हैं। इन पर उंगली उठाना यानी अपनी सामत बुलाना। यह गणतांत्रिक देश हैं यहां हर तरह की आजादी है। अगर रसूख है, ऊंची पहुंच है तो हजारों बेगुनाहों की मौत किसी की वजह से क्यों न हुई हो, उसे छुट्टा घूमने की आजादी है। भोपाल गैस त्रासदी में यही हुआ।&lt;br /&gt;इस त्रासदी में जान गंवाने वाले, अब तक जिंदगी-मौत से जूझने वाले लोगों को न्याय दिलाने के लिए 25 साल तक न्यायिक प्रक्रिया कछुए की चाल चली। 15000 से भी ऊपर जाने इस त्रासदी ने लीं और पांच लाख से भी ज्यादा लोग जिससे प्रभावित हुए। ये लाखों लोग आज भी उस कष्ट को झेल रहे हैं जो गैस त्रासदी ने इन्हें दिया है। उस गुनाह के छह दोषियों को सजा मिली सिर्फ 2 साल की और साथ ही 1-1 लाख रुपये का आर्थिक दंड। इनके अपराध को जमानती माना गया और जाहिर है उन्हें जमानत मिलने में मुश्किल नहीं हुई। आज कई मामलों में फास्ट ट्रैक अदालतें बनतीं हैं, उनमें फैसले भी जल्द होते हैं फिर देश क्या दुनिया की इस सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदी के लिए ऐसा क्यों नहीं हुआ? इतने दिन चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद यह नतीजा? क्या यह उन लोगों के साथ अन्याय नहीं जिन्होंने औद्योगिक प्रगति की इतनी बड़ी कीमत चुकाई?&lt;br /&gt;आज बहुराष्ट्रीय कंपनियां पैसा कमाने की आपाधापी में औद्योगिक इकाइयां लगाती हैं और सुरक्षा के सामान्य नियमों तक की कभी-कभी अनदेखी करती हैं जिसका खामियाजा भोपाल जैसी त्रासदियों में निरीह नागरिकों को भोगना पड़ता है। आज भोपाल के पीडि़त लोगों को उचित न्याय नहीं मिला तो इसके लिए देश को, हम सबको शर्मिंदा होना चाहिए कि हम अपने ही नागरिकों को न्याय नहीं दिला सके। बल्कि देश के ऊंचे पदों पर आसीन कई नौकरशाह और सत्ता के कई केंद्रों पर भी इसे लेकर उंगलियां उठने लगी हैं कि किस तरह भोपाल गैस त्रासदी के दोषी वारेन एंडरनसन को देश से भागने की सुविधा मुहैया करायी गयी। उसे सरकारी वाहन दिये गये और सलूट तक किया गया। ये खबरें अगर आज आम हैं तो इनका कोई आधार तो होगा ही। यों ही कोई किसी पर इतना बड़ा आरोप क्यों लगाने लगा। यह जांच का विषय है और जांच करके सच्चाई बाहर लायी जानी चाहिए।&lt;br /&gt;अगर न्यायपालिका भोपाल गैस त्रासदी के गुनहगारों को कड़ी सजा नहीं दिला सकी तो जाहिर कि या तो यह मामला असरदार ढंग से नहीं पेश किया गया या जरूरी साक्ष्य ही नहीं जुटाये जा सके कि दोषियों को कड़ी सजा देने को न्यायालय बाध्य होता। इसके लिए दोषी किसे करार दिया जाये? लगता तो यह है कि अगर कुछ गैर सरकारी संस्थाएं इन गैस पीड़ितों के साथ न खड़ी होतीं तो शायद इनके दुख की दास्तान न न्यायालय पहुंचती और न ही उस पर कार्रवाई ही हो पाती। आखिर इतनी बड़ी औद्योगिक त्रासदी और उससे पीड़ित लाखों लोगों के प्रति ऐसी उदासीनता क्यों? इसके पीछे किन शक्तियों का हाथ है या उनकी और सत्ता के किस केंद्र की दुरभिसंधि है? घटना ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। अब हर राजनेता भोपाल के गैस पीड़ितों का खैरख्वाह बन उनकी आवाज उठाने में लग गया है। अच्छा मौका है राजनीतिक रोटियां सेंकने का। पता नहीं 26 सालों तक ये नेता कहां थे जो गैर सरकारी संस्थाओं को इन गरीबों की लड़ाई लड़नी पड़ी।&lt;br /&gt;आज चारों ओर यही सवाल उठाये जा रहे हैं कि यूनियन कारबाइड के तत्कालीन चेयरमैन वारेन एंडरसन को गिरफ्तार करने के बाद भी जमानत पर रिहा कर देश से बाहर क्यों जाने दिया गया। एंडरसन को मध्यप्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार करने के बाद 7 दिसंबर 1984 को जमानत पर रिहा कर दिया। अगर भोपाल के तत्कालीन कलेक्टर मोती सिंह की बात मानी जाये तो उनके अनुसार एंडरसन रिहा होने के बाद कार (जो एक राजनेता की बतायी जाती है) से हवाई अड्डे गये और वहां से दिल्ली के रास्ते अमरीका उड़ गये और फिर कभी नहीं लौटे। उन्हें बार-बार अदालत की ओर से समन जारी किये गये लेकिन वे भारत नहीं आये। इसके बाद 1992 में उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया गया। भारत सरकार ने एंडरसन के प्रत्यर्पण का अनुरोध अमरीका सरकार से किया जो 2004 में ठुकरा दिया गया। अमरीकी मूल की कंपनी यूनियन कारबाइड के तत्कालीन चेयरमैन वारेन एंडरसन अब 89 वर्ष के हो गये हैं ऐसे में उनके न्यायिक प्रक्रिया के लिए भारत प्रत्यर्पण की आशा तो क्षीण ही है लेकिन भोपाल गैस त्रासदी के लाखों पीड़ितों को उचित मुआवजा दिला कर कम से कम उनके दर्द में थोड़ी तो मदद की ही जा सकती है।&lt;br /&gt;भोपाल गैस त्रासदी लापरवाही और उदासीनता का नतीजा है। याद है तब हम आनंद बाजार प्रकाशन समूह की पत्रिका ’रविवार’ में थे। भोपाल गैस त्रासदी के पहले भी वहां स्थित यूनियन कारबाइड में गैस रिसाव की घटना हुई थी जिसमें कई श्रमिक प्रभावित हुए थे। उस वक्त एक स्थानीय पत्रकार के हवाले से यह रिपोर्ट स्थानीय समाचारपत्र में छपी थी। इस रिसाव के बारे में कहा गया था कि यह कभी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। वही हुआ भी। 2-3 दिसंबर 1984 की रात मौत दबे पांव आयी और जाड़े की उस रात में नींद में सोये हजारों लोगों को मौत की नींद सुला गयी और लाखों को सारी जिंदगी बीमारियों से जूझने और तिल-तिल कर मरने को मजबूर कर गयी। कारखाने से रिसी कई टन मिथाइल आइसो साईनेट गैस ने हजारों जानें ले लीं।&lt;br /&gt;अगर उस पत्रकार की बात को प्रबंधन ने गंभीरता से लिया होता और मरम्मत आदि की गयी होती तो शायद इतनी बड़ी त्रासदी न होती। कारखाना घनी आबादी के पास है इसलिए मौतें और ज्यादा हुईं। जिन लोगों ने गैस त्रासदी से मरे लोगों की बिखरी लाशों को देखा है, वे ताजिंदगी इस खौफनाक मंजर को भुला नहीं पायेंगे। इस त्रासदी पर एक पत्रकार की अंग्रेजी में लिखी पुस्तक की समीक्षा ’रविवार’ के लिए मैंने ही की थी। उस पुस्तक के कवर का चित्र इस त्रासदी की भयावहता और खौफ को उजागर करने के लिए काफी था। कवर में एक मृत शिशु का चित्र था , पथरायी आंखों वाला मृत शिशु का शव जिसे पिता के हाथ जमीन में दफना रहे हैं।&lt;br /&gt;रोंगटे खड़े कर देनेवाला वही चित्र अब अखबारों में उन लोगों के बैनरों में दिख रहा है जो भोपाल गैस त्रासदी पर आये फैसले से नाखुश हैं और जगह-जगह इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। जिस किसी भी इनसान में तनिक भी इनसानियत या संवेदना है उसके दिल को हिला देने के लिए वह चित्र ही काफी है। पर पता नहीं सरकारों का दिल क्यों नहीं दहला। आखिर वक्त रहते वारेन एंडरसन के प्रत्यर्पण की गंभीर कोशिश क्यों नहीं की गयी? उसके बाद भी जो  दोषी पाये गये उन्हें इतनी कम सजा क्यों दी गयी? होना तो यह चाहिए था कि इस गंभीर अपराध के लिए ऐसी सजा दी जाती जो आने वाले वक्त के लिए सबक होती और जिसके खौफ से कोई निरीह लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने से डरता। आखिर ऐसा क्यों नहीं हुआ? ऐसे हजारों क्यों हैं जिनके कठघरे में हर वह शख्स, नौकरशाह, सत्ता के वे केंद्र खड़े हैं जिन्होंने इस हादसे से पीड़ित लोगों को न्याय दिलाने में उदासीनता दिखायी और दोषियों के प्रति नरमी बरती।&lt;br /&gt;आज राजनेता, सामाजिक संगठन और दूसरे कई संगठन भोपाल गैस त्रासदी पर आये निर्णय से असंतुष्ट हैं और चाहते हैं कि एक बार फिर नये सिरे न्यायिक प्रक्रिया चले और बिना किसी लागलपेट के सही-सही जांच और कार्रवाई हो। एंडरसन जिस कार से भोपाल से हवाई अड्डे तक गये वह एक कांग्रेसी नेता की बतायी जाती है। इस बारे में तरह-तरह की अफवाहें और खबरें हवा में हैं जिनमें से कुछ तो यहां तक संकेत करती हैं कि किसी बड़े नेता के इशारे पर एंडरसन को भारत से जाने की सुविधा दी गयी। इस बारे में और कीचड़ उछले, कुछ और दामन दागदार हों इससे पहले सब कुछ साफ होना चाहिए। अब तो कांग्रेसी नेताओं ने भी यह कहना शुरू कर दिया है कि आरोप-प्रत्यारोप बंद होना चाहिए और अगर कुछ सच्चाई है तो उसे सामने आना चाहिए। जिन्हें इसके बारे में सच्चाई पता है उन्हें भी मौन तोड़ सामने आना चाहिए क्योंकि कहा भी है-‘समर शेष है, नहीं पाप का भागी केवल व्याध, जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी इतिहास।’&lt;br /&gt;ऐसा नहीं लगता कि देश में कोई भी व्यक्ति ऐसा होगा जो चाहेगा कि उसका इतिहास दागदार हो। जिसके पास जो भी जानकारी है उसे बाहर आना चाहिए, चाहे नौकरशाह हो या नेता अगर इस मामले को हलका करने, इसके दोषियों को बचाने की किसी ने भी कोशिश की है तो वह साफ होना चाहिए और उस पर नियमानुसार कार्रवाई भी होनी चाहिए। कारण,जो अभी हो रहा है, जिस तरह से आरोप-प्रत्यारोपों को दौर चल रहा है वह नागरिकों की शंकाओं को और बढ़ा रहा है। शंकाओं में जीता समाज कभी निश्चिंत या सुरक्षित नहीं हो सकता। उसे हमेशा यह आशंका रहेगी कि  अगर न्याय दिलाने का यह हाल है तो भोपाल गैस त्रासदी जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है और उस पर न्याय पाने के लिए पीढ़ियों तक लोगों को इंतजार करना पड़ सकता है।&lt;br /&gt;देश और देशवासियों के हित में यही है कि ऐसी घटनाओं की सही पड़ताल और उस पर उचित कार्रवाई हो। यह देश के नागरिकों की न सिर्फ आशा बल्कि अधिकार भी है। अब जब सरकार ने आरटीआई यानी सूचना के अधिकारी की सहूलियत राष्ट्र को दी है तो फिर ऐसी घटनाओं पर तैयार किये गये मामलों के बारे में भी यह जानकारी सामने आनी चाहिए कि यह मामला इतना लचर क्यों तैयार किया गया कि इसमें मामूली अपराध जैसी सजा मिली और मुख्य अभियुक्त तक न्याय के हाथ पहुंचे तक नहीं। यह सवाल है जो देश आज देश के कर्णधारों और इस मामले की न्यायिक प्रक्रिया से प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े अधिकारियों से पूछना चाहता है। इसके जवाब देने के लिए वे बाध्य हैं क्योंकि इसके लिए उनमें से अनेक शपथबद्ध हैं।&lt;br /&gt;लेखक राजेश त्रिपाठी कोलकाता के वरिष्ठ पत्रकार हैं और तीन दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। इन दिनों हिंदी दैनिक सन्मार्ग में कार्यरत हैं। राजेश से संपर्क&lt;br /&gt;&#39; );&lt;br /&gt;//--&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;a href=&quot;mailto:rajeshtripathi@sify.com&quot;&gt;rajeshtripathi@sify.com&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&#39; );&lt;br /&gt;//--&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;This e-mail address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it&lt;br /&gt;&#39; );&lt;br /&gt;//--&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;के जरिए कर सकते हैं। वे ब्लागर भी हैं और अपने ब्लाग में समसामयिक विषयों पर अक्सर लिखते रहते यह देश तुम्हें न्याय नहीं दिला सका : भोपाल गैस त्रासदी पर न्यायालय के निर्णय पर कोई टिप्पणी करने का हमें अधिकार नहीं। हम गणतंत्र देश के वासी हैं, जहां हर तरह की आजादी है लेकिन सत्ता और न्याय के सर्वोच्च पद इतने ऊंचे हैं कि वहां आम भारतीय के ये अधिकार भी बौने लगते हैं। इन पर उंगली उठाना यानी अपनी सामत बुलाना। यह गणतांत्रिक देश हैं यहां हर तरह की आजादी है। अगर रसूख है, ऊंची पहुंच है तो हजारों बेगुनाहों की मौत किसी की वजह से क्यों न हुई हो, उसे छुट्टा घूमने की आजादी है। भोपाल गैस त्रासदी में यही हुआ।&lt;br /&gt;इस त्रासदी में जान गंवाने वाले, अब तक जिंदगी-मौत से जूझने वाले लोगों को न्याय दिलाने के लिए 25 साल तक न्यायिक प्रक्रिया कछुए की चाल चली। 15000 से भी ऊपर जाने इस त्रासदी ने लीं और पांच लाख से भी ज्यादा लोग जिससे प्रभावित हुए। ये लाखों लोग आज भी उस कष्ट को झेल रहे हैं जो गैस त्रासदी ने इन्हें दिया है। उस गुनाह के छह दोषियों को सजा मिली सिर्फ 2 साल की और साथ ही 1-1 लाख रुपये का आर्थिक दंड। इनके अपराध को जमानती माना गया और जाहिर है उन्हें जमानत मिलने में मुश्किल नहीं हुई। आज कई मामलों में फास्ट ट्रैक अदालतें बनतीं हैं, उनमें फैसले भी जल्द होते हैं फिर देश क्या दुनिया की इस सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदी के लिए ऐसा क्यों नहीं हुआ? इतने दिन चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद यह नतीजा? क्या यह उन लोगों के साथ अन्याय नहीं जिन्होंने औद्योगिक प्रगति की इतनी बड़ी कीमत चुकाई?&lt;br /&gt;आज बहुराष्ट्रीय कंपनियां पैसा कमाने की आपाधापी में औद्योगिक इकाइयां लगाती हैं और सुरक्षा के सामान्य नियमों तक की कभी-कभी अनदेखी करती हैं जिसका खामियाजा भोपाल जैसी त्रासदियों में निरीह नागरिकों को भोगना पड़ता है। आज भोपाल के पीडि़त लोगों को उचित न्याय नहीं मिला तो इसके लिए देश को, हम सबको शर्मिंदा होना चाहिए कि हम अपने ही नागरिकों को न्याय नहीं दिला सके। बल्कि देश के ऊंचे पदों पर आसीन कई नौकरशाह और सत्ता के कई केंद्रों पर भी इसे लेकर उंगलियां उठने लगी हैं कि किस तरह भोपाल गैस त्रासदी के दोषी वारेन एंडरनसन को देश से भागने की सुविधा मुहैया करायी गयी। उसे सरकारी वाहन दिये गये और सलूट तक किया गया। ये खबरें अगर आज आम हैं तो इनका कोई आधार तो होगा ही। यों ही कोई किसी पर इतना बड़ा आरोप क्यों लगाने लगा। यह जांच का विषय है और जांच करके सच्चाई बाहर लायी जानी चाहिए।&lt;br /&gt;अगर न्यायपालिका भोपाल गैस त्रासदी के गुनहगारों को कड़ी सजा नहीं दिला सकी तो जाहिर कि या तो यह मामला असरदार ढंग से नहीं पेश किया गया या जरूरी साक्ष्य ही नहीं जुटाये जा सके कि दोषियों को कड़ी सजा देने को न्यायालय बाध्य होता। इसके लिए दोषी किसे करार दिया जाये? लगता तो यह है कि अगर कुछ गैर सरकारी संस्थाएं इन गैस पीड़ितों के साथ न खड़ी होतीं तो शायद इनके दुख की दास्तान न न्यायालय पहुंचती और न ही उस पर कार्रवाई ही हो पाती। आखिर इतनी बड़ी औद्योगिक त्रासदी और उससे पीड़ित लाखों लोगों के प्रति ऐसी उदासीनता क्यों? इसके पीछे किन शक्तियों का हाथ है या उनकी और सत्ता के किस केंद्र की दुरभिसंधि है? घटना ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। अब हर राजनेता भोपाल के गैस पीड़ितों का खैरख्वाह बन उनकी आवाज उठाने में लग गया है। अच्छा मौका है राजनीतिक रोटियां सेंकने का। पता नहीं 26 सालों तक ये नेता कहां थे जो गैर सरकारी संस्थाओं को इन गरीबों की लड़ाई लड़नी पड़ी।&lt;br /&gt;आज चारों ओर यही सवाल उठाये जा रहे हैं कि यूनियन कारबाइड के तत्कालीन चेयरमैन वारेन एंडरसन को गिरफ्तार करने के बाद भी जमानत पर रिहा कर देश से बाहर क्यों जाने दिया गया। एंडरसन को मध्यप्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार करने के बाद 7 दिसंबर 1984 को जमानत पर रिहा कर दिया। अगर भोपाल के तत्कालीन कलेक्टर मोती सिंह की बात मानी जाये तो उनके अनुसार एंडरसन रिहा होने के बाद कार (जो एक राजनेता की बतायी जाती है) से हवाई अड्डे गये और वहां से दिल्ली के रास्ते अमरीका उड़ गये और फिर कभी नहीं लौटे। उन्हें बार-बार अदालत की ओर से समन जारी किये गये लेकिन वे भारत नहीं आये। इसके बाद 1992 में उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया गया। भारत सरकार ने एंडरसन के प्रत्यर्पण का अनुरोध अमरीका सरकार से किया जो 2004 में ठुकरा दिया गया। अमरीकी मूल की कंपनी यूनियन कारबाइड के तत्कालीन चेयरमैन वारेन एंडरसन अब 89 वर्ष के हो गये हैं ऐसे में उनके न्यायिक प्रक्रिया के लिए भारत प्रत्यर्पण की आशा तो क्षीण ही है लेकिन भोपाल गैस त्रासदी के लाखों पीड़ितों को उचित मुआवजा दिला कर कम से कम उनके दर्द में थोड़ी तो मदद की ही जा सकती है।&lt;br /&gt;भोपाल गैस त्रासदी लापरवाही और उदासीनता का नतीजा है। याद है तब हम आनंद बाजार प्रकाशन समूह की पत्रिका ’रविवार’ में थे। भोपाल गैस त्रासदी के पहले भी वहां स्थित यूनियन कारबाइड में गैस रिसाव की घटना हुई थी जिसमें कई श्रमिक प्रभावित हुए थे। उस वक्त एक स्थानीय पत्रकार के हवाले से यह रिपोर्ट स्थानीय समाचारपत्र में छपी थी। इस रिसाव के बारे में कहा गया था कि यह कभी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। वही हुआ भी। 2-3 दिसंबर 1984 की रात मौत दबे पांव आयी और जाड़े की उस रात में नींद में सोये हजारों लोगों को मौत की नींद सुला गयी और लाखों को सारी जिंदगी बीमारियों से जूझने और तिल-तिल कर मरने को मजबूर कर गयी। कारखाने से रिसी कई टन मिथाइल आइसो साईनेट गैस ने हजारों जानें ले लीं।&lt;br /&gt;अगर उस पत्रकार की बात को प्रबंधन ने गंभीरता से लिया होता और मरम्मत आदि की गयी होती तो शायद इतनी बड़ी त्रासदी न होती। कारखाना घनी आबादी के पास है इसलिए मौतें और ज्यादा हुईं। जिन लोगों ने गैस त्रासदी से मरे लोगों की बिखरी लाशों को देखा है, वे ताजिंदगी इस खौफनाक मंजर को भुला नहीं पायेंगे। इस त्रासदी पर एक पत्रकार की अंग्रेजी में लिखी पुस्तक की समीक्षा ’रविवार’ के लिए मैंने ही की थी। उस पुस्तक के कवर का चित्र इस त्रासदी की भयावहता और खौफ को उजागर करने के लिए काफी था। कवर में एक मृत शिशु का चित्र था , पथरायी आंखों वाला मृत शिशु का शव जिसे पिता के हाथ जमीन में दफना रहे हैं।&lt;br /&gt;रोंगटे खड़े कर देनेवाला वही चित्र अब अखबारों में उन लोगों के बैनरों में दिख रहा है जो भोपाल गैस त्रासदी पर आये फैसले से नाखुश हैं और जगह-जगह इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। जिस किसी भी इनसान में तनिक भी इनसानियत या संवेदना है उसके दिल को हिला देने के लिए वह चित्र ही काफी है। पर पता नहीं सरकारों का दिल क्यों नहीं दहला। आखिर वक्त रहते वारेन एंडरसन के प्रत्यर्पण की गंभीर कोशिश क्यों नहीं की गयी? उसके बाद भी जो  दोषी पाये गये उन्हें इतनी कम सजा क्यों दी गयी? होना तो यह चाहिए था कि इस गंभीर अपराध के लिए ऐसी सजा दी जाती जो आने वाले वक्त के लिए सबक होती और जिसके खौफ से कोई निरीह लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने से डरता। आखिर ऐसा क्यों नहीं हुआ? ऐसे हजारों क्यों हैं जिनके कठघरे में हर वह शख्स, नौकरशाह, सत्ता के वे केंद्र खड़े हैं जिन्होंने इस हादसे से पीड़ित लोगों को न्याय दिलाने में उदासीनता दिखायी और दोषियों के प्रति नरमी बरती।&lt;br /&gt;आज राजनेता, सामाजिक संगठन और दूसरे कई संगठन भोपाल गैस त्रासदी पर आये निर्णय से असंतुष्ट हैं और चाहते हैं कि एक बार फिर नये सिरे न्यायिक प्रक्रिया चले और बिना किसी लागलपेट के सही-सही जांच और कार्रवाई हो। एंडरसन जिस कार से भोपाल से हवाई अड्डे तक गये वह एक कांग्रेसी नेता की बतायी जाती है। इस बारे में तरह-तरह की अफवाहें और खबरें हवा में हैं जिनमें से कुछ तो यहां तक संकेत करती हैं कि किसी बड़े नेता के इशारे पर एंडरसन को भारत से जाने की सुविधा दी गयी। इस बारे में और कीचड़ उछले, कुछ और दामन दागदार हों इससे पहले सब कुछ साफ होना चाहिए। अब तो कांग्रेसी नेताओं ने भी यह कहना शुरू कर दिया है कि आरोप-प्रत्यारोप बंद होना चाहिए और अगर कुछ सच्चाई है तो उसे सामने आना चाहिए। जिन्हें इसके बारे में सच्चाई पता है उन्हें भी मौन तोड़ सामने आना चाहिए क्योंकि कहा भी है-‘समर शेष है, नहीं पाप का भागी केवल व्याध, जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी इतिहास।’&lt;br /&gt;ऐसा नहीं लगता कि देश में कोई भी व्यक्ति ऐसा होगा जो चाहेगा कि उसका इतिहास दागदार हो। जिसके पास जो भी जानकारी है उसे बाहर आना चाहिए, चाहे नौकरशाह हो या नेता अगर इस मामले को हलका करने, इसके दोषियों को बचाने की किसी ने भी कोशिश की है तो वह साफ होना चाहिए और उस पर नियमानुसार कार्रवाई भी होनी चाहिए। कारण,जो अभी हो रहा है, जिस तरह से आरोप-प्रत्यारोपों को दौर चल रहा है वह नागरिकों की शंकाओं को और बढ़ा रहा है। शंकाओं में जीता समाज कभी निश्चिंत या सुरक्षित नहीं हो सकता। उसे हमेशा यह आशंका रहेगी कि  अगर न्याय दिलाने का यह हाल है तो भोपाल गैस त्रासदी जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है और उस पर न्याय पाने के लिए पीढ़ियों तक लोगों को इंतजार करना पड़ सकता है।&lt;br /&gt;देश और देशवासियों के हित में यही है कि ऐसी घटनाओं की सही पड़ताल और उस पर उचित कार्रवाई हो। यह देश के नागरिकों की न सिर्फ आशा बल्कि अधिकार भी है। अब जब सरकार ने आरटीआई यानी सूचना के अधिकारी की सहूलियत राष्ट्र को दी है तो फिर ऐसी घटनाओं पर तैयार किये गये मामलों के बारे में भी यह जानकारी सामने आनी चाहिए कि यह मामला इतना लचर क्यों तैयार किया गया कि इसमें मामूली अपराध जैसी सजा मिली और मुख्य अभियुक्त तक न्याय के हाथ पहुंचे तक नहीं। यह सवाल है जो देश आज देश के कर्णधारों और इस मामले की न्यायिक प्रक्रिया से प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े अधिकारियों से पूछना चाहता है। इसके जवाब देने के लिए वे बाध्य हैं क्योंकि इसके लिए उनमें से अनेक शपथबद्ध हैं।&lt;br /&gt;लेखक राजेश त्रिपाठी कोलकाता के वरिष्ठ पत्रकार हैं और तीन दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। इन दिनों हिंदी दैनिक सन्मार्ग में कार्यरत हैं।&lt;br /&gt;साभार bhadas4media</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://newswithus.blogspot.com/feeds/6120048632804427917/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/06/blog-post_16.html#comment-form' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/6120048632804427917'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/6120048632804427917'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/06/blog-post_16.html' title='भोपाल हम शर्मिंदा हैं'/><author><name>Tv reporters</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00796159308274363830</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='//blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEit5kyZLUFN8wvPjyU1TNmIYsiaZCwGlfWETORJjZLwYBgmBIvhJcxI0xSQCCbvdRa-ABkTz-BNoU4vY0cALOdBx4VJu1qOuHz4wEFXYYv16NIFIm6gCjVjQ8H-Dhle1w/s220/Image006.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-8112410690200291414.post-4233722495505805898</id><published>2010-06-12T02:06:00.000-07:00</published><updated>2010-06-12T02:07:52.903-07:00</updated><title type='text'>जेल विभाग बनाएगा रिकॉर्ड</title><content type='html'>जयपुर। राज्य का जेल विभाग रिकॉर्ड रचने की तैयारी में है। दो से तीन हफ्ते में ही राज्य में खुली जेलों की संख्या इतनी हो जाएगी जितनी भारत के किसी अन्य राज्य में भी नहीं होगी। गुजरात, दिल्ली, पंजाब समेत देश के तमाम राज्य राजस्थान से कोसों दूर हैं। इन तमाम राज्यों में सिर्फ 18 खुली जेल हैं। जबकि जल्द ही राजस्थान में खुली जेलों की संख्या 23 होने वाली है। इसके साथ ही राज्य के हर जिले में एक-एक खुली जेल खोलने की भी योजना बनाई जा रही है। राजस्थान में खुली जेलों की सुचारू व्यवस्था के बाद अब अन्य राज्यों के जेल प्रतिनिधि भी समय-समय पर राजस्थान का दौरा कर इस व्यवस्था के बारे में तमाम जानकारी जुटा रहे हैं। राजस्थान की तर्ज पर जल्द ही झारखंड और छत्तीसगढ सरकार भी खुली जेल खोलने की तैयारी में हैं। 47 साल पहले पहली मिली जानकारी के अनुसार राज्य की पहली जेल 1963 में जयपुर शहर में खोली गई थी। उस समय गर्वनर संपूर्णानंद ने खुली जेलें खोलने का प्रस्ताव रखा था और कुछ ही समय के बाद पहली जेल अपने स्वरूप में आ गई थी। उसके बाद एक-एक कर 13 खुली जेल राज्य भर में बनीं।10 और की तैयारी पहली जेल जयपुर शहर के सांगानेर इलाके में खोली गई। राज्य के अन्य जिलों में खुली जेलें बनीं। इस समय जयपुर शहर में सांगानेर और दुर्गापरा में दो, जोधपुर के मंडोर समेत उदयपुर, कोटा, भरतपुर, अलवर, जैतसर, बीचवाल, गंगानगर, हनुमानगढ और जालौर जिले में कुल मिलाकर 13 खुली जेल बनी हुई हैं। अब आने वाले कुछ दिनों में ही झुंझनूं, सीकर, भीलवाडा, धौलपुर, टोंक, अजमेर, बीकानेर, समेत तीन अन्य जिलों में खुली जेलों की पूरी तैयारी है। 13 जेलों में इतने कैदीजेल विभाग के अनुसार इस समय राज्य की 13 खुली जेलों में करीब 700 कैदी अपने परिवार के साथ रहते हैं। उनमें से ज्यादातर छह साल और उससे ज्यादा की सजा सेंट्रल जेलों में काट चुके हैं।  जयपुर के सांगानेर और दुर्गापुरा में इस समय 350 से ज्यादा कैदी अपने परिवार के साथ रह रहे हैं। आने वाले दिनों में राज्य भर में बनी 10 अन्य खुली जेलों में करीब 150 से भी ज्यादा कैदी अपने परिवार के साथ रह सकेंगे। यूं जाते हैं खुली जेल मेंकैदी को पुलिस, कलेक्टर और जेल विभाग की रिपोर्ट के बाद ही भेजा जाता है। कैदी की उम्र 25 साल से ज्यादा लेकिन 60 साल से कम हो।सेंट्रल जेलों या अन्य जेलों में छह साल और आठ महीने की सजा काटने के बाद नियमों के अनुसार किसी भी कैदी को खुली जेलों में भेजा जा सकता है।आधी से ज्यादा राजस्थान मेंमिली जानकारी के अनुसार भारत के तमाम राज्यों में इस समय मात्र 31 खुली जेलें हैं। इनमें से 13 राजस्थान राज्य के शहरों में है। बाकि बची 18 जेलों में दो आंध्रप्रदेश, एक असम, दो गुजरात, एक हिमाचल, एक तमिलनाडु, एक पश्चिम बंगाल, एक कर्नाटक, दो केरल, एक उडीसा, एक पंजाब और एक उत्तराखंड में है। मिली जानकारी के अनुसार एशिया के देशों में सिर्फ चीन ही आने वाले दिनों में भारत को टक्कर दे सकता है। चीन में करीब एक दर्जन बंदी ओपन कैंप हैं। खुली जेलों के बारे में जल्द ही अधिकारियों के साथ बैठक होगी। दस नर्ई खुली जेलें खोलने का प्लान है। अब संख्या बढकर 23 हो जाएगी। ओमेंद्र भारद्वाज, डीजी (जेल), राजस्थान&lt;br /&gt;साभार: राजस्थान पत्रिका</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://newswithus.blogspot.com/feeds/4233722495505805898/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/06/blog-post_12.html#comment-form' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/4233722495505805898'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/8112410690200291414/posts/default/4233722495505805898'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://newswithus.blogspot.com/2010/06/blog-post_12.html' title='जेल विभाग बनाएगा रिकॉर्ड'/><author><name>Tv reporters</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00796159308274363830</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='//blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEit5kyZLUFN8wvPjyU1TNmIYsiaZCwGlfWETORJjZLwYBgmBIvhJcxI0xSQCCbvdRa-ABkTz-BNoU4vY0cALOdBx4VJu1qOuHz4wEFXYYv16NIFIm6gCjVjQ8H-Dhle1w/s220/Image006.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry></feed>