<?xml version="1.0" encoding="UTF-8" standalone="no"?><?xml-stylesheet href="http://www.blogger.com/styles/atom.css" type="text/css"?><rss xmlns:itunes="http://www.itunes.com/dtds/podcast-1.0.dtd" version="2.0"><channel><title>हे प्रभु यह तेरापथ</title><description>"परिवार का निर्माण करना, अब हम सब के हाथ मैं, 
 "हे प्रभु यह तेरापन्थ" अब आपके साथ मैं"</description><managingEditor>noreply@blogger.com (हें प्रभु यह तेरापंथ)</managingEditor><pubDate>Sun, 30 Nov 2025 23:40:32 -0800</pubDate><generator>Blogger http://www.blogger.com</generator><openSearch:totalResults xmlns:openSearch="http://a9.com/-/spec/opensearchrss/1.0/">232</openSearch:totalResults><openSearch:startIndex xmlns:openSearch="http://a9.com/-/spec/opensearchrss/1.0/">1</openSearch:startIndex><openSearch:itemsPerPage xmlns:openSearch="http://a9.com/-/spec/opensearchrss/1.0/">25</openSearch:itemsPerPage><link>http://ombhiksu-ctup.blogspot.com/</link><language>en-us</language><itunes:explicit>no</itunes:explicit><itunes:summary>"परिवार का निर्माण करना, अब हम सब के हाथ मैं, "हे प्रभु यह तेरापन्थ" अब आपके साथ मैं"</itunes:summary><itunes:subtitle>"परिवार का निर्माण करना, अब हम सब के हाथ मैं, "हे प्रभु यह तेरापन्थ" अब आपके साथ मैं"</itunes:subtitle><itunes:category text="Religion &amp; Spirituality"><itunes:category text="Other"/></itunes:category><itunes:owner><itunes:email>noreply@blogger.com</itunes:email></itunes:owner><item><title>कोलस्ट्रोल बढ़ने के कारण हार्ट अटैक-    उसका आयुर्वेदिक इलाज</title><link>http://ombhiksu-ctup.blogspot.com/2022/07/blog-post_90.html</link><category>आयुर्वेद</category><category>चिकित्सा</category><author>noreply@blogger.com (हें प्रभु यह तेरापंथ)</author><pubDate>Sat, 23 Jul 2022 11:47:00 -0700</pubDate><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-6602701595966810656.post-5336397288077414149</guid><description>&lt;p&gt;ये याद रखिये की भारत मैं सबसे ज्यादा मौते कोलस्ट्रोल बढ़ने के कारण हार्ट अटैक से होती हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आप खुद अपने ही घर मैं ऐसे बहुत से लोगो को जानते होंगे जिनका वजन व कोलस्ट्रोल बढ़ा हुआ हे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अमेरिका की कईं बड़ी बड़ी कंपनिया भारत मैं दिल के रोगियों (heart patients) को अरबों की दवाई बेच रही हैं !&lt;/p&gt;&lt;p&gt;लेकिन अगर आपको कोई तकलीफ हुई तो डॉक्टर कहेगा angioplasty (एन्जीओप्लास्टी) करवाओ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस ऑपरेशन मे डॉक्टर दिल की नली में एक spring डालते हैं जिसे stent कहते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह stent अमेरिका में बनता है और इसका cost of production सिर्फ 3 डॉलर (रू.150-180) है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इसी stent को भारत मे लाकर 3-5 लाख रूपए मे बेचा जाता है व आपको लूटा जाता है।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;डॉक्टरों को लाखों रूपए का commission मिलता है इसलिए व आपसे बार बार कहता है कि angioplasty करवाओ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Cholestrol, BP ya heart attack आने की मुख्य वजह है, Angioplasty ऑपरेशन।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह कभी किसी का सफल नहीं होता।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;क्यूँकी डॉक्टर, जो spring दिल की नली मे डालता है वह बिलकुल pen की spring की तरह होती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कुछ ही महीनो में उस spring की दोनों साइडों पर आगे व पीछे blockage (cholestrol व fat) जमा होना शुरू हो जाता है।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इसके बाद फिर आता है दूसरा heart attack ( हार्ट अटैक )&lt;/p&gt;&lt;p&gt;डॉक्टर कहता हें फिर से angioplasty करवाओ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आपके लाखो रूपए लुटता है और आपकी जिंदगी इसी में निकल जाती हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;b&gt;उसका आयुर्वेदिक इलाज&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;span style="color: red;"&gt;&lt;u&gt;अदरक (ginger juice) &lt;/u&gt;-&lt;/span&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह खून को पतला करता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह दर्द को प्राकृतिक तरीके से 90% तक कम करता हें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;u&gt;&lt;span style="color: red;"&gt;लहसुन (garlic juice)&amp;nbsp;&lt;/span&gt;&lt;/u&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इसमें मौजूद allicin तत्व cholesterol व BP को कम करता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;वह हार्ट ब्लॉकेज को खोलता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;u&gt;&lt;span style="color: red;"&gt;नींबू (lemon juice)&amp;nbsp;&lt;/span&gt;&lt;/u&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इसमें मौजूद antioxidants, vitamin C व potassium खून को साफ़ करते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ये रोग प्रतिरोधक क्षमता (immunity) बढ़ाते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;u&gt;&lt;span style="color: red;"&gt;एप्पल साइडर सिरका ( apple cider vinegar)&amp;nbsp;&lt;/span&gt;&lt;/u&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इसमें 90 प्रकार के तत्व हैं जो शरीर की सारी नसों को खोलते है, पेट साफ़ करते हैं व थकान को मिटाते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;&lt;b&gt;इन देशी दवाओं को&amp;nbsp;&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;b&gt;&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;इस तरह उपयोग में लेवें&amp;nbsp;&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;1-एक कप नींबू का रस लें;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;2-एक कप अदरक का रस लें;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;3-एक कप लहसुन का रस लें;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;4-एक कप एप्पल का सिरका लें;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;चारों को मिला कर धीमीं आंच पर गरम करें जब 3 कप रह जाए तो उसे ठण्डा कर लें; अब आप&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उसमें 3 कप शहद मिला लें रोज इस दवा के 3 चम्मच सुबह खाली पेट लें जिससे सारी ब्लॉकेज खत्म हो जाएंगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;b&gt;जरा सोचिये की शाम के&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;7:25 बजे है और आप घर जा रहे है वो भी एकदम अकेले।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ऐसे में अचानक से आपके सीने में तेज दर्द होता है जो आपके हाथों से होता हुआ आपके&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जबड़ो तक पहुँच जाता है।&amp;nbsp; आप अपने घर से सबसे नजदीक अस्पताल से 5 मील दूर है और दुर्भाग्यवश आपको ये नहीं समझ आ रहा की आप वहांतक पहुँच पाएंगे की नहीं। आप &lt;u&gt;&lt;b&gt;सीपीआर&lt;/b&gt;&lt;/u&gt; में प्रशिक्षित है मगर वहां भी आपको ये नहीं सिखाया गया की इसको खुद पर प्रयोग कैसे करे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;&lt;b&gt;ऐसे में दिल के दौरे से बचने&amp;nbsp;&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;b&gt;&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; के लिए ये उपाय&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;चूँकि ज्यादातर लोग दिल के दौरे के वक्त अकेले होते है बिना किसी की मदद के उन्हें सांस लेने में तकलीफ&lt;/p&gt;&lt;p&gt;होती है । वे बेहोश होने लगते है और उनके पास सिर्फ 10 सेकण्ड्स होते है । ऐसे हालत में पीड़ित जोर जोर से खांस कर खुद को सामान्य रख सकता है। एक जोर की सांस लेनी चाहिए हर खांसी से पहले और खांसी इतनी तेज हो की छाती से थूक निकले। जब तक मदद न आये ये प्रक्रिया दो सेकंड से दोहराई जाए ताकि धड्कण सामान्यहो जाए । जोर की साँसे फेफड़ो में ऑक्सीजन पैदा करती है और जोर की खांसी की वजह से दिल सिकुड़ता है जिस से रक्त सञ्चालन नियमित रूप से चलता है ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp; &amp;nbsp; &lt;span style="color: red;"&gt;&lt;u&gt;&amp;nbsp;सूचना-: उक्त लेख विभिन्न सोसियल मीडिया के साभार से लिया गया है । अर्थात कॉपी पेस्ट है । और हम इसे प्रमाणित नही करते है अतः केवल जानकारी के आधार पर संग्रहित किया जा रहा है&lt;/u&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;</description><thr:total xmlns:thr="http://purl.org/syndication/thread/1.0">0</thr:total></item><item><title> यात्रा करते समय यदि आपको आपात स्थिति में किसी दवा की आवश्यकता है</title><link>http://ombhiksu-ctup.blogspot.com/2022/07/blog-post_23.html</link><category>शुलभ मुफ्त सेवा</category><author>noreply@blogger.com (हें प्रभु यह तेरापंथ)</author><pubDate>Sat, 23 Jul 2022 11:33:00 -0700</pubDate><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-6602701595966810656.post-4228379606044518559</guid><description>&lt;p&gt;&amp;nbsp;ट्रेन से यात्रा करते समय यदि आपको आपात स्थिति में किसी दवा की आवश्यकता है तो कृपया श्री विजय मेहता से संपर्क करें।&amp;nbsp; यह किसी भी अगले स्टेशन स्टॉप पर बिना किसी अतिरिक्त लागत के उपलब्ध कराया जाएगा।&amp;nbsp; क्योंकि ट्रेन में हमें डॉक्टर मिल सकते हैं लेकिन दवा नहीं विजय मेहता सेल नंबर:&lt;b&gt; 09320955005&lt;/b&gt; पर उपलब्ध है ---- भारत के लगभग 400 रेलवे स्टेशनों को कवर किया गया है।&amp;nbsp; कृपया इस पोस्ट को अपने सभी संपर्कों में साझा करें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;span class="selectable-text copyable-text"&gt;&lt;u&gt;&lt;span style="color: red;"&gt;सूचना-: उक्त लेख विभिन्न सोसियल मीडिया के साभार से लिया गया है । अर्थात कॉपी पेस्ट है । और हम इसे प्रमाणित नही करते है अतः केवल जानकारी के आधार पर संग्रहित किया जा रहा है&lt;/span&gt;&lt;/u&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;</description><thr:total xmlns:thr="http://purl.org/syndication/thread/1.0">0</thr:total></item><item><title>नींव ही कमजोर पड़ रही है गृहस्थी की..!! </title><link>http://ombhiksu-ctup.blogspot.com/2022/07/blog-post.html</link><category>विविघ और चर्चा</category><author>noreply@blogger.com (हें प्रभु यह तेरापंथ)</author><pubDate>Sat, 23 Jul 2022 11:30:00 -0700</pubDate><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-6602701595966810656.post-6196129852452530165</guid><description>&lt;p&gt;&amp;nbsp;इसके मूल कारण और जड़ पर कोई नहीं जा रहा है, जो कि अति संभव है एवं निम्न हैं:--&lt;/p&gt;&lt;p&gt;1, पीहरवालों की अनावश्यक&amp;nbsp; दखलंदाज़ी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;2, संस्कार विहीन शिक्षा&lt;/p&gt;&lt;p&gt;3, आपसी तालमेल का अभाव&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;4, ज़ुबानदराज़ी&lt;/p&gt;&lt;p&gt;5, सहनशक्ति की कमी&lt;/p&gt;&lt;p&gt;6, आधुनिकता का आडम्बर&lt;/p&gt;&lt;p&gt;7, समाज का भय न होना&lt;/p&gt;&lt;p&gt;8, घमंड झूठे ज्ञान का&lt;/p&gt;&lt;p&gt;9, अपनों से अधिक गैरों की राय&lt;/p&gt;&lt;p&gt;10, परिवार से कटना।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;11.घण्टों मोबाइल पर चिपके रहना ,और घर गृहस्थी की तरफ ध्यान न देना।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;12. अहंकार के वशीभूत होना ।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पहले भी तो परिवार होता था,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;और वो भी बड़ा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;लेकिन वर्षों आपस में निभती थी!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भय था , प्रेम था और रिश्तों की मर्यादित जवाबदेही भी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पहले माँ बाप ये कहते थे कि मेरी बेटी गृह कार्य में दक्ष है,&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;और अब कहते हैं कि मेरी बेटी नाज़ों से पली है । आज तक हमने तिनका भी नहीं उठवाया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;तो फिर करेगी क्या शादी के बाद ?&lt;/p&gt;&lt;p&gt;शिक्षा के घमँड में बेटी को आदरभाव,अच्छी बातें,घर के कामकाज सिखाना और परिवार चलाने के सँस्कार नहीं देते।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;माँएं खुद की रसोई से ज्यादा बेटी के घर में क्या बना इसपर ध्यान देती हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भले ही खुद के घर में रसोई में सब्जी जल रही है ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मोबाईल तो है ही रात दिन बात करने के लिए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;परिवार के लिये किसी के पास समय नहीं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;या तो TV या फिर पड़ोसन से एक दूसरे की बुराई या फिर दूसरे के घरों में तांक-झांक।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जितने सदस्य उतने मोबाईल।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बस लगे रहो।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बुज़ुर्गों को तो बोझ समझते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पूरा परिवार साथ बैठकर भोजन तक नहीं कर सकता।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सब अपने कमरे में।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;वो भी मोबाईल पर।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बड़े घरों का हाल तो और भी खराब है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कुत्ते बिल्ली के लिये समय है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;परिवार के लिये नहीं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सबसे ज्यादा बदलाव तो इन दिनों महिलाओं में आया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दिन भर मनोरँजन,&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मोबाईल,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;स्कूटी..कार पर घूमना फिरना ,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;समय बचे तो बाज़ार जाकर शॉपिंग करना&lt;/p&gt;&lt;p&gt;और ब्यूटी पार्लर।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जहां घंटों लाईन भले ही लगानी पड़े ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भोजन बनाने या परिवार के लिये समय नहीं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;होटल रोज़ नये-नये खुल रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जिसमें स्वाद के नाम पर कचरा बिक रहा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;और साथ ही बिक रही है बीमारी एवं फैल रही है घर में अशांति।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आधुनिकता तो होटलबाज़ी में है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बुज़ुर्ग तो हैं ही घर में बतौर चौकीदार।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पहले शादी ब्याह में महिलाएं गृहकार्य में हाथ बंटाने जाती थीं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;और अब नृत्य सीखकर।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;क्यों कि महिला संगीत में अपनी नृत्य प्रतिभा जो दिखानी है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जिस महिला की घर के काम में तबियत खराब रहती है वो भी घंटों नाच सकती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&#128076;&#127995;घूँघट और साड़ी हटना तो चलो ठीक है,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;*लेकिन बदन दिखाऊ कपड़े ?&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बड़े छोटे की शर्म या डर रहा क्या ?&lt;/p&gt;&lt;p&gt;वरमाला में पूरी फूहड़ता।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कोई लड़के को उठा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कोई लड़की को उठा रहा है&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;और हम ये तमाशा देख रहे हैं, खुश होकर, मौन रहकर।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;*माँ बाप बच्ची को शिक्षा तो बहुत दे रहे हैं ,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;लेकिन उस शिक्षा के पीछे की सोच ?&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ये सोच नहीं है कि परिवार को शिक्षित करें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बल्कि दिमाग में ये है कि कहीं तलाक-वलाक हो जाये तो अपने पाँव पर खड़ी हो जाये&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ख़ुद कमा खा ले।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जब ऐसी अनिष्ट सोच और आशंका पहले ही दिमाग में हो तो रिज़ल्ट तो वही सामने आना ही है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;साइँस ये कहता है कि गर्भवती महिला अगर कमरे में सुन्दर शिशु की तस्वीर टांग ले तो शिशु भी सुन्दर और हृष्ट-पुष्ट होगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मतलब हमारी सोच का रिश्ता भविष्य से है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बस यही सोच कि - अकेले भी जिंदगी जी लेगी गलत है ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;संतान सभी को प्रिय है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;लेकिन ऐसे लाड़ प्यार में हम उसका जीवन खराब कर रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पहले पुराने समय में , स्त्री तो&amp;nbsp; छोड़ो पुरुष भी थाने, कोर्ट कचहरी जाने से घबराते थे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;और शर्म भी करते थे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;लेकिन अब तो फैशन हो गया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पढ़े-लिखे युवक-युवतियाँ तलाकनामा तो जेब में लेकर घूमते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पहले समाज के चार लोगों की राय मानी जाती थी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;और अब तो समाज की कौन कहे , माँ बाप तक को जूते की नोंक पर रखते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सबसे खतरनाक है - ज़ुबान और भाषा,जिस पर अब कोई नियंत्रण नहीं रखना चाहता।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कभी-कभी न चाहते हुए भी चुप रहकर घर को बिगड़ने से बचाया जा सकता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;लेकिन चुप रहना कमज़ोरी समझा जाता है। आखिर शिक्षित जो हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;और हम किसी से कम नहीं वाली सोच जो विरासत में मिली है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आखिर झुक गये तो माँ बाप की इज्जत चली जायेगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;गोली से बड़ा घाव बोली का होता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आज समाज ,सरकार व सभी चैनल केवल महिलाओं के हित की बात करते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पुरुष जैसे अत्याचारी और नरभक्षी हों।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बेटा भी तो पुरुष ही है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;एक अच्छा पति भी तो पुरुष ही है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जो खुद सुबह से शाम तक दौड़ता है, परिवार की खुशहाली के लिये।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;खुद के पास भले ही पहनने के कपड़े न हों।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;घरवाली के लिये हार के सपने ज़रूर देखता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बच्चों को महँगी शिक्षा देता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मैं मानता हूँ पहले नारी अबला थी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;माँ बाप से एक चिठ्ठी को मोहताज़।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;और बड़े परिवार के काम का बोझ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अब ऐसा है क्या ?&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सारी आज़ादी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मनोरंजन हेतु TV,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कपड़े धोने के लिए वाशिंग मशीन,&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मसाला पीसने के लिए मिक्सी,&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;*रेडिमेड&amp;nbsp; पैक्ड आटा,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पैसे हैं तो नौकर-चाकर,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;घूमने को स्कूटी या कार&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;फिर भी और आज़ादी चाहिये।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आखिर ये मृगतृष्णा का अंत कब और कैसे होगा ?&lt;/p&gt;&lt;p&gt;घर में कोई काम ही नहीं बचा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दो लोगों का परिवार।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उस पर भी ताना।।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कि रात दिन काम कर रही हूं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ब्यूटी पार्लर आधे घंटे जाना आधे घंटे आना और एक घंटे सजना नहीं अखरता।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;लेकिन दो रोटी बनाना अखर जाता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कोई कुछ बोला तो क्यों बोला ?&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बस यही सब वजह है घर बिगड़ने की।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;खुद की जगह घर को सजाने में ध्यान दें , तो ये सब न हो।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;समय होकर भी समय कम है परिवार के लिये।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ऐसे में परिवार तो टूटेंगे ही।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पहले की हवेलियां सैकड़ों बरसों से खड़ी हैं।और पुराने रिश्ते भी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आज बिड़ला सीमेन्ट वाले मजबूत घर कुछ दिनों में ही धराशायी। और रिश्ते भी महीनों में खत्म।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इसका कारण है&lt;/p&gt;&lt;p&gt;रिश्तों&amp;nbsp; मे ग़लत सँस्कार&lt;/p&gt;&lt;p&gt;खैर हम तो जी लिये।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सोचे आनेवाली पीढी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;घर चाहिये या दिखावे की आज़ादी ?&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दिनभर बाहर घूमने के बाद रात तो घर में ही महफूज़ होती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आप मानो या ना मानो आप की मर्जी मगर यह कड़वा सत्य है।..&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;span class="selectable-text copyable-text"&gt;&lt;u&gt;&lt;span style="color: red;"&gt;सूचना-: उक्त लेख विभिन्न सोसियल मीडिया के साभार से लिया गया है । अर्थात कॉपी पेस्ट है । और हम इसे प्रमाणित नही करते है अतः केवल जानकारी के आधार पर संग्रहित किया जा रहा है&lt;/span&gt;&lt;/u&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;</description><thr:total xmlns:thr="http://purl.org/syndication/thread/1.0">0</thr:total></item><item><title> EWS सर्टिफिकेट बनाए:- </title><link>http://ombhiksu-ctup.blogspot.com/2022/07/ews.html</link><category>शुलभ मुफ्त सेवा</category><author>noreply@blogger.com (हें प्रभु यह तेरापंथ)</author><pubDate>Sat, 23 Jul 2022 11:20:00 -0700</pubDate><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-6602701595966810656.post-8821880594822080180</guid><description>&lt;p&gt;&amp;nbsp;EWS सर्टिफिकेट बनाए:-&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;केंद्र और राज्य सरकार ने गरीब लोगो के लिये अलग से 10℅ EWS कैटेगरी में आरक्षण दिया हैं, जिसे&amp;nbsp; EWS (economically weaker section ) कैटेगरी कहा जाता हैं, जिसके लिये जैन समाज के ज्यादातर लोग पात्र हैं और EWS के हकदार हैं। ये आरक्षण हमारे&amp;nbsp; समाज के आर्थिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन को दूर करने में&amp;nbsp; मददगार साबित हो सकता है। लेकीन अफसोस के EWS के 10%आरक्षण को लेकर जैन समाज में जानकारी का बहुत ज्यादा अभाव है, इसलिये EWS को लेकर *जागरूकता और प्रचार करना जरुरी है और ये हम सब की जिम्मेदारी है !!!&amp;nbsp;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पात्रता&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;जो जैन भाई सामान्य वर्ग से है (जनरल&amp;nbsp; कॅटेगरी से है) और जिनकी सालाना उत्पन्न&amp;nbsp; यानी वार्षिक आय 8 लाख रुपये से कम हैं, वह इस आरक्षण के लिये पात्र है!!!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;शैक्षणिक क्षेत्र में फायदा:-&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सभी शिक्षण संस्थओ मे सभी कोर्सेस के लिये 10% सीट्स EWS कॅटेगरी के लिये आरक्षित है और फीस मे भी सहूलियात मिलती हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;-11th ,12th&lt;/p&gt;&lt;p&gt;- diploma, graduation,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Post graduation&lt;/p&gt;&lt;p&gt;-BA, BSC, B.COM&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;-D.ed, B.Ed&lt;/p&gt;&lt;p&gt;-Medical, pharmacy, nursing&lt;/p&gt;&lt;p&gt;-enginering, polytechnic,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;-LLB&lt;/p&gt;&lt;p&gt;-ITI&lt;/p&gt;&lt;p&gt;etc...&lt;/p&gt;&lt;p&gt;शासकीय नौकरियों में फायदा&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;गवर्नमेंट की हर नौकरी में 10% नौकरियां EWS कॅटेगरी के लिये आरक्षित है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp; &amp;nbsp;क्लास 4 से लेकर क्लास 1 गजेटेड&lt;/p&gt;&lt;p&gt;(सिपाही से लेकर कलेक्टर ) तक की सभी नौकरियों में EWS&amp;nbsp; आरक्षण का लाभ मिल रहा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;10% EWS आरक्षण का लाभ लेने के लिये आपके पास&lt;/p&gt;&lt;p&gt;EWS सर्टिफिकेट होना जरुरी है!!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;महाराष्ट्र /मध्यप्रदेश/छत्तीसगढ़ /झारखण्ड/बिहार/उ0प्र0 मे EWS सर्टिफिकेट कैसे हासिल करें??&lt;/p&gt;&lt;p&gt;EWS&amp;nbsp; सर्टिफिकेट तहसीलदार के ऑफिस से मिलता है, आपको अपने तहसील के सेतु सुविधा केन्द्र&amp;nbsp; च्वाइस सेन्टर या ई-सेवा केंद्र से आवेदन करना पड़ेगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आवश्यक दस्तावेज&lt;/p&gt;&lt;p&gt;- पालक/अभिभावक का वार्षिक उत्पन्न/ आय प्रमाणपत्र&lt;/p&gt;&lt;p&gt;- लाभार्थी का&amp;nbsp; आधार कार्ड&lt;/p&gt;&lt;p&gt;-&amp;nbsp; टी. सी. या निर्गम उतारा/जन्म प्रमाणपत्र&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;_नोट- EWS के 10% के लिहाज से लोगों को बतायें , और EWS certificate&amp;nbsp; बनाने मे लोगों की मदद करे,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;अवश्य पढे़ं और सभी जैन भाई&amp;nbsp; तक शेयर करें, महाराष्ट्र में 43 ITI मे 4300 जगह और 15 सरकारी पाॕलिटेक्निक मे 1800 जगह स्पेशल मायनाॕरिटी आरक्षित सेकंड शिफ्ट शुरु हो रही हैैं,आप अपने प्रदेश में भी मांग कर सेकेंड शिफ्ट चालु या शुरू करवा सकते हैं!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अपने समाज&amp;nbsp; के बच्चों को कौशल विकास केन्द्र खोलकर टेक्नोलोजी में निपुण करें स्वास्थ एवं स्वच्छता/ड्राइवर/शार्ट हैंड /सेनेटरी इंस्पेक्टर/ कुकिंग शेफ /लांड्री सुपरवाइजर/आटोमोबाइल स्पेशलिस्ट/टेलरिंग कटर/सुरक्षा गार्ड/प्लम्बर/इलेक्ट्रॉनिक टेक्नोलोजी/इलेक्ट्रीकल टेक्नोलोजी/ब्युटीशियन/नर्सिंग स्टाफ/लैब टेक्नीशियन/जैसे कोर्स जिनके रोजगार हमेशा जरूरत पड़ती है शुरू करें&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अपने सभी जैन समाज की संस्था /सामाजिक सेवा संस्था /यंग संस्था /बहुद्देशीय संस्था&amp;nbsp; को प्रधानमंत्री कौशल विकास केन्द्र या मुख्यमंत्री कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम में रजिस्ट्रेशन कराएं और शासन की योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अपने मोहल्ले में महिला स्व-सहायता समूह की स्थापना करें 7महिलाओ का ग्रुप को रोज़गार गारंटी योजना के अन्तर्गत जिला सहकारी बैंक में 50000/प्रति ग्रुप लोन लेकर महिलाओं को आर्थिक सहायता एवं स्वालमबी बनाएं&lt;/p&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;</description><thr:total xmlns:thr="http://purl.org/syndication/thread/1.0">0</thr:total></item><item><title>शर्त थी </title><link>http://ombhiksu-ctup.blogspot.com/2022/06/blog-post_54.html</link><category>गजल/कविता/रचनाएं मुहावरे</category><author>noreply@blogger.com (हें प्रभु यह तेरापंथ)</author><pubDate>Tue, 14 Jun 2022 23:53:00 -0700</pubDate><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-6602701595966810656.post-4763179659161576190</guid><description>&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;div style="text-align: center;"&gt;&lt;b&gt;शर्त थी&amp;nbsp;&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div style="text-align: center;"&gt;&lt;b&gt;रिश्ते को बचाने की,&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div style="text-align: center;"&gt;&lt;b&gt;और यही वजह थी&amp;nbsp;&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div style="text-align: center;"&gt;&lt;b&gt;मेरे हार जाने की !!&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div style="text-align: center;"&gt;&lt;b&gt;&#128166;&#128167;&#128166;&#128167;&#128166;&#128167;&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;</description><thr:total xmlns:thr="http://purl.org/syndication/thread/1.0">0</thr:total></item><item><title>इस पल को जी ले,</title><link>http://ombhiksu-ctup.blogspot.com/2022/06/blog-post_80.html</link><category>गजल/कविता/रचनाएं मुहावरे</category><author>noreply@blogger.com (हें प्रभु यह तेरापंथ)</author><pubDate>Tue, 14 Jun 2022 23:48:00 -0700</pubDate><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-6602701595966810656.post-1365314118188354416</guid><description>&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;div&gt;&lt;b style="background-color: white;"&gt;&lt;span style="color: red;"&gt;&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;b style="background-color: white;"&gt;&lt;span style="color: red;"&gt;&lt;div style="color: black; font-weight: 400; text-align: center;"&gt;&lt;b&gt;&lt;span style="color: red;"&gt;वक्त कहता है मैं फिर न आऊंगा,&lt;/span&gt;&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div style="color: black; font-weight: 400; text-align: center;"&gt;&lt;b&gt;&lt;span style="color: red;"&gt;मुझे खुद नहीं पता&amp;nbsp;&lt;/span&gt;&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div style="color: black; font-weight: 400; text-align: center;"&gt;&lt;b&gt;&lt;span style="color: red;"&gt;तुझे हसाऊंगा या रुलाऊंगा,&lt;/span&gt;&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div style="color: black; font-weight: 400; text-align: center;"&gt;&lt;b&gt;&lt;span style="color: red;"&gt;&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div style="color: black; font-weight: 400; text-align: center;"&gt;&lt;b&gt;&lt;span style="color: red;"&gt;जीना है तो इस पल को जी ले, क्योंकि&lt;/span&gt;&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div style="color: black; font-weight: 400; text-align: center;"&gt;&lt;b&gt;&lt;span style="color: red;"&gt;मै किसी भी हाल में इस पल को, अगले पल तक रोक न पाऊंगा।.&lt;/span&gt;&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;/span&gt;&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;</description><thr:total xmlns:thr="http://purl.org/syndication/thread/1.0">0</thr:total></item><item><title>  हम पानी क्यों ना पीये खाना खाने के बाद.!</title><link>http://ombhiksu-ctup.blogspot.com/2022/06/blog-post_68.html</link><category>खानपान</category><category>चिकित्सा</category><author>noreply@blogger.com (हें प्रभु यह तेरापंथ)</author><pubDate>Tue, 14 Jun 2022 23:26:00 -0700</pubDate><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-6602701595966810656.post-714362749805410500</guid><description>&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;क्या कारण है.?&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हमने दाल खाई,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हमने सब्जी खाई,&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हमने रोटी खाई,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हमने दही खाया,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;लस्सी पी, दूध, दही, छाझ, लस्सी, फल आदि.!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ये सब कुछ भोजन के रूप मे हमने ग्रहण किया&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ये सब कुछ हमको उर्जा देता है&lt;/p&gt;&lt;p&gt;और पेट उस उर्जा को आगे ट्रांसफर करता है.!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पेट मे एक छोटा सा स्थान होता है&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जिसको हम हिंदी मे कहते है "अमाशय"&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उसी स्थान का संस्कृत नाम है "जठर"&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उसी स्थान को अंग्रेजी मे कहते है&lt;/p&gt;&lt;p&gt;"epigastrium"&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ये एक थेली की तरह होता है&lt;/p&gt;&lt;p&gt;और यह जठर&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हमारे शरीर मे सबसे&lt;/p&gt;&lt;p&gt;महत्वपूर्ण है&lt;/p&gt;&lt;p&gt;क्योंकि सारा खाना सबसे पहले इसी मे आता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ये बहुत छोटा सा स्थान हैं&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इसमें अधिक से अधिक 350gms खाना आ सकता है.!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हम कुछ भी खाते&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सब ये अमाशय मे आ जाता है.!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आमाशय मे अग्नि प्रदीप्त होती है&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उसी को कहते हे "जठराग्न".!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ये जठराग्नि है&lt;/p&gt;&lt;p&gt;वो अमाशय मे प्रदीप्त होने वाली आग है ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ऐसे ही पेट मे होता है&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जेसे ही आपने खाना खाया&lt;/p&gt;&lt;p&gt;की जठराग्नि प्रदीप्त हो गयी..t&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह ऑटोमेटिक है,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जेसे ही अपने रोटी का पहला टुकड़ा मुँह मे डाला&lt;/p&gt;&lt;p&gt;की इधर जठराग्नि प्रदीप्त हो गई.!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ये अग्नि तब तक जलती हे जब तक खाना' पचता है |&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अब अपने खाते ही&lt;/p&gt;&lt;p&gt;गटागट पानी पी लिया&lt;/p&gt;&lt;p&gt;और खूब ठंडा पानी पी लिया.r&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;और कई लोग तो बोतल पे बोतल पी जाते है.!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अब जो आग (जठराग्नि) जल रही थी&lt;/p&gt;&lt;p&gt;वो बुझ गयी.!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आग अगर बुझ गयी&lt;/p&gt;&lt;p&gt;.तो खाने की पचने की जो क्रिया है&lt;/p&gt;&lt;p&gt;वो रुक गयी.!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;You suffer from IBS,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Never CURABLE&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अब हमेशा याद रखें&lt;/p&gt;&lt;p&gt;खाना जाने पर&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हमारे पेट में दो ही क्रिया होती है,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;एक क्रिया है&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जिसको हम कहते हे&lt;/p&gt;&lt;p&gt;"Digestion"&lt;/p&gt;&lt;p&gt;और दूसरी है "fermentation" फर्मेंटेशन का मतलब है&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सडना...!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;और&lt;/p&gt;&lt;p&gt;डायजेशन का मतलब हे&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पचना.!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आयुर्वेद के हिसाब से आग जलेगी&lt;/p&gt;&lt;p&gt;तो खाना पचेगा,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;खाना पचेगा&lt;/p&gt;&lt;p&gt;तो उससे रस बनेगा.!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जो रस बनेगा&lt;/p&gt;&lt;p&gt;तो उसी रस से&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मांस, मज्जा, रक्त, वीर्य, हड्डिया, मल, मूत्र और अस्थि बनेगा&lt;/p&gt;&lt;p&gt;और सबसे अंत मे मेद बनेगा.!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ये तभी होगा&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जब खाना पचेगा.!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह सब हमें चाहिए.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ये तो हुई खाना पचने की बात.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अब जब खाना सड़ेगा तब क्या होगा..?&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;खाने के सड़ने पर&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सबसे पहला जहर जो बनता है&lt;/p&gt;&lt;p&gt;वो हे यूरिक एसिड (uric acid)&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कई बार आप डॉक्टर के पास जाकर कहते है&lt;/p&gt;&lt;p&gt;की मुझे घुटने मे दर्द हो रहा है,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मुझे कंधे-कमर मे दर्द हो रहा है&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;तो डॉक्टर कहेगा आपका यूरिक एसिड बढ़ रहा है&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आप ये दवा खाओ,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;वो दवा खाओ यूरिक एसिड कम करो|&lt;/p&gt;&lt;p&gt;और एक दूसरा उदाहरण खाना&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जब खाना सड़ता है,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;तो यूरिक एसिड जेसा ही एक दूसरा विष बनता है&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जिसको हम कहते हे&lt;/p&gt;&lt;p&gt;LDL (Low Density lipoprotive)&lt;/p&gt;&lt;p&gt;माने खराब कोलेस्ट्रोल (cholesterol)&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जब आप&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ब्लड प्रेशर(BP) चेक कराने&lt;/p&gt;&lt;p&gt;डॉक्टर के पास जाते हैं&lt;/p&gt;&lt;p&gt;तो वो आपको कहता है (HIGH BP)&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हाई-बीपी है&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आप पूछोगे...&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कारण बताओ.?&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;तो वो कहेगा&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कोलेस्ट्रोल बहुत ज्यादा बढ़ा हुआ है |&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आप ज्यादा पूछोगे&lt;/p&gt;&lt;p&gt;की कोलेस्ट्रोल कौनसा बहुत है ?&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;तो वो आपको कहेगा&lt;/p&gt;&lt;p&gt;LDL बहुत है |&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इससे भी ज्यादा&lt;/p&gt;&lt;p&gt;खतरनाक एक&amp;nbsp; विष हे&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;वो है.... VLDL&lt;/p&gt;&lt;p&gt;(Very Low Density Lipoprotive)&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ये भी कोलेस्ट्रॉल जेसा ही विष है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अगर VLDL बहुत बढ़ गया&lt;/p&gt;&lt;p&gt;तो आपको डॉक्टर भी नहीं बचा सकता|&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;खाना सड़ने पर&lt;/p&gt;&lt;p&gt;और जो जहर बनते है&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उसमे एक ओर विष है&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जिसको अंग्रेजी मे हम कहते है triglycerides.!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जब भी डॉक्टर&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आपको कहे&lt;/p&gt;&lt;p&gt;की आपका "triglycerides" बढ़ा हुआ हे&lt;/p&gt;&lt;p&gt;तो समज लीजिए&lt;/p&gt;&lt;p&gt;की आपके शरीर मे&lt;/p&gt;&lt;p&gt;विष निर्माण हो रहा है |&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;तो कोई यूरिक एसिड के नाम से कहे,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कोई कोलेस्ट्रोल के नाम से कहे,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कोई LDL -VLDL के नाम से कहे&lt;/p&gt;&lt;p&gt;समझ लीजिए&lt;/p&gt;&lt;p&gt;की ये विष हे&lt;/p&gt;&lt;p&gt;और ऐसे विष 103 है |&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ये सभी विष&lt;/p&gt;&lt;p&gt;तब बनते है&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जब खाना सड़ता है |&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मतलब समझ लीजिए&lt;/p&gt;&lt;p&gt;किसी का कोलेस्ट्रोल बढ़ा हुआ है&lt;/p&gt;&lt;p&gt;तो एक ही मिनिट मे ध्यान आना चाहिए&lt;/p&gt;&lt;p&gt;की खाना पच नहीं रहा है ,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कोई कहता हे&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मेरा triglycerides बहुत बढ़ा हुआ है&lt;/p&gt;&lt;p&gt;तो एक ही मिनिट मे डायग्नोसिस कर लीजिए आप...!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;की आपका खाना पच नहीं रहा है |&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कोई कहता है&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मेरा यूरिक एसिड बढ़ा हुआ है&lt;/p&gt;&lt;p&gt;तो एक ही मिनिट लगना चाहिए समझने मे&lt;/p&gt;&lt;p&gt;की खाना पच नहीं रहा है |&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;क्योंकि खाना पचने पर&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इनमे से कोई भी जहर नहीं बनता.!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;खाना पचने पर&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जो बनता है&lt;/p&gt;&lt;p&gt;वो है....&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मांस, मज्जा, रक्त, वीर्य, हड्डिया, मल, मूत्र, अस्थि.!&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;और&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;खाना नहीं पचने पर बनता है....&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यूरिक एसिड,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कोलेस्ट्रोल,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;LDL-VLDL.!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;और यही&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आपके शरीर को&lt;/p&gt;&lt;p&gt;रोगों का घर बनाते है.!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पेट मे बनने वाला यही जहर&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जब ज्यादा बढ़कर खून मे आते है !&lt;/p&gt;&lt;p&gt;तो खून दिल की नाड़ियो मे से निकल नहीं पाता&lt;/p&gt;&lt;p&gt;और रोज थोड़ा थोड़ा कचरा&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जो खून मे आया है&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इकट्ठा होता रहता है&lt;/p&gt;&lt;p&gt;और एक दिन नाड़ी को ब्लॉक कर देता है&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जिसे आप&lt;/p&gt;&lt;p&gt;heart attack कहते हैं.!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;तो हमें जिंदगी मे ध्यान इस बात पर देना है&lt;/p&gt;&lt;p&gt;की जो हम खा रहे हे&lt;/p&gt;&lt;p&gt;वो शरीर मे ठीक से पचना चाहिए&lt;/p&gt;&lt;p&gt;और खाना ठीक से पचना चाहिए&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इसके लिए पेट मे&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ठीक से आग (जठराग्नि) प्रदीप्त होनी ही चाहिए|&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;क्योंकि&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बिना आग के खाना पचता नहीं हे&lt;/p&gt;&lt;p&gt;और खाना पकता भी नहीं है&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;महत्व की बात&lt;/p&gt;&lt;p&gt;खाने को खाना नहीं&lt;/p&gt;&lt;p&gt;खाने को पचाना है |&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आपने क्या खाया कितना खाया&lt;/p&gt;&lt;p&gt;वो महत्व नहीं हे.!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;खाना अच्छे से पचे&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इसके लिए वाग्भट्ट जी ने सूत्र दिया.!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;"भोजनान्ते विषं वारी"&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;(मतलब&lt;/p&gt;&lt;p&gt;खाना खाने के तुरंत बाद&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पानी पीना&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जहर पीने के बराबर है)&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इसलिए खाने के&lt;/p&gt;&lt;p&gt;तुरंत बाद पानी&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कभी मत पिये..!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अब आपके मन मे सवाल आएगा&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कितनी देर तक नहीं पीना.?&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;तो 1 घंटे 48 मिनट तक नहीं पीना !&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अब आप कहेंगे&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इसका&lt;/p&gt;&lt;p&gt;क्या calculation हैं.?&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बात ऐसी है....!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जब हम खाना खाते हैं&lt;/p&gt;&lt;p&gt;तो जठराग्नि द्वारा&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सब एक दूसरे मे&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मिक्स होता है&lt;/p&gt;&lt;p&gt;और फिर खाना पेस्ट मे बदलता हैं.!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पेस्ट मे बदलने की क्रिया होने तक&lt;/p&gt;&lt;p&gt;1 घंटा 48 मिनट का समय लगता है !&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उसके बाद जठराग्नि कम हो जाती है.!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;(बुझती तो नहीं लेकिन बहुत धीमी हो जाती है)&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पेस्ट बनने के बाद&lt;/p&gt;&lt;p&gt;शरीर मे रस बनने की&lt;/p&gt;&lt;p&gt;परिक्रिया शुरू होती है !&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;तब हमारे शरीर को&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पानी की जरूरत होती हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;तब आप जितना इच्छा हो&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उतना पानी पिये.!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जो बहुत मेहनती लोग है&lt;/p&gt;&lt;p&gt;(खेत मे हल चलाने वाले,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;रिक्शा खीचने वाले,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पत्थर तोड़ने वाले)&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उनको 1 घंटे के बाद ही&lt;/p&gt;&lt;p&gt;रस बनने लगता है&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उनको&amp;nbsp; घंटे बाद&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पानी पीना चाहिए !&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अब आप कहेंगे&lt;/p&gt;&lt;p&gt;खाना खाने के पहले&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कितने मिनट तक पानी पी सकते हैं.?&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;तो खाना खाने के&lt;/p&gt;&lt;p&gt;45 मिनट पहले तक&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आप पानी पी सकते हैं !&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अब आप पूछेंगे&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ये मिनट का calculation....?&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बात ऐसी ही&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जब हम पानी पीते हैं&lt;/p&gt;&lt;p&gt;तो वो शरीर के प्रत्येक अंग तक जाता है !&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;और अगर बच जाये&lt;/p&gt;&lt;p&gt;तो 45 मिनट बाद मूत्र पिंड तक पहुंचता है.!&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;तो पानी - पीने से मूत्र पिंड तक आने का समय 45 मिनट का है !&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;तो आप खाना खाने से&lt;/p&gt;&lt;p&gt;45 मिनट पहले ही&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पाने पिये.!&lt;/p&gt;</description><thr:total xmlns:thr="http://purl.org/syndication/thread/1.0">0</thr:total></item><item><title> भारत में ओर इंडिया में अंतर</title><link>http://ombhiksu-ctup.blogspot.com/2022/06/blog-post_49.html</link><category>गजल/कविता/रचनाएं मुहावरे</category><author>noreply@blogger.com (हें प्रभु यह तेरापंथ)</author><pubDate>Tue, 14 Jun 2022 07:42:00 -0700</pubDate><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-6602701595966810656.post-7299061802492156214</guid><description>&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भारत में गाँव है, गली है, चौबारा है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इंडिया में सिटी है, मॉल है, पंचतारा है.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भारत में घर है, चबूतरा है, दालान है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इंडिया में फ्लैट और मकान है.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भारत में काका है, बाबा है, दादा है, दादी है.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इंडिया में अंकल आंटी की आबादी है.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भारत में खजूर है, जामुन है, आम है.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इंडिया में मैगी, पिज्जा, माजा का नकली आम है.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भारत में मटके है, दोने है, पत्तल है.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इंडिया में पोलिथीन, वाटर व वाईन की बॉटल है.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भारत में गाय है, गोबर है, कंडे है.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इंडिया में सेहतनाशी चिकन बिरयानी अंडे है.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भारत में दूध है, दही है, लस्सी है.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इंडिया में खतरनाक व्हिस्की, कोक, पेप्सी है.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भारत में रसोई है, आँगन है, तुलसी है.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इंडिया में रूम है, कमोड की कुर्सी है.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भारत में कथड़ी है, खटिया है, खर्राटे हैं.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इंडिया में बेड है, डनलप है और करवटें है.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भारत में मंदिर है, मंडप है, पंडाल है.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इंडिया में पब है, डिस्को है, हॉल है.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भारत में गीत-संगीत व शास्त्रीय आलाप है.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इंडिया में डान्स है, कानफाडू पॉप है.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भारत में बुआ है, मौसी है, बहन है.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इंडिया में सब के सब कजन है.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भारत में पीपल है, बरगद है, नीम है.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इंडिया में वाल पर पूरे सीन है.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भारत में आदर है, प्रेम है, सत्कार है.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इंडिया में स्वार्थ, नफरत है, दुत्कार है.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भारत में हजारों भाषा हैं, बोली है.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इंडिया में एक अंग्रेजी ही बड़बोली है.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भारत सीधा है, सहज है, सरल है.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इंडिया धूर्त है, चालाक है, कुटिल है.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भारत में संतोष है, सुख है, चैन है.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इंडिया बदहवास, दुखी, बेचैन है.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;क्योंकि …&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भारत को देवों ने, वीरों ने रचाया है.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इंडिया को लालची, अंग्रेजों ने बसाया है.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इसलिए इंडिया नहीं भारत बोलो&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;u style="color: red;"&gt;सूचना-: उक्त लेख विभिन्न सोसियल मीडिया के साभार से लिया गया है । अर्थात कॉपी पेस्ट है । और हम इसे प्रमाणित नही करते है अतः केवल जानकारी के आधार पर संग्रहित किया जा रहा है - BLOGER&amp;nbsp;&lt;/u&gt;&lt;/p&gt;</description><thr:total xmlns:thr="http://purl.org/syndication/thread/1.0">0</thr:total></item><item><title> कर्म - भोग </title><link>http://ombhiksu-ctup.blogspot.com/2022/06/blog-post_33.html</link><category>कर्म - भोग</category><category>श्रीमद्भभगवतगीता</category><author>noreply@blogger.com (हें प्रभु यह तेरापंथ)</author><pubDate>Tue, 14 Jun 2022 07:35:00 -0700</pubDate><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-6602701595966810656.post-8191467740012922696</guid><description>&lt;p&gt;&amp;nbsp; पूर्व जन्मों के कर्मों से ही हमें इस जन्म में माता - पिता , भाई - बहन , पति - पत्नि , प्रेमी - प्रेमिका , मित्र - शत्रु , सगे - सम्बन्धी इत्यादि संसार के जितने भी रिश्ते नाते हैं , सब मिलते हैं । क्योंकि इन सबको हमें या तो कुछ देना होता है या इनसे कुछ लेना होता है ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;b&gt;&amp;nbsp; &amp;nbsp; &lt;u&gt;सन्तान के रुप में कौन आता है ?&amp;nbsp;&lt;/u&gt;&lt;/b&gt;&amp;nbsp;वेसे ही सन्तान के रुप में हमारा कोई पूर्वजन्म का 'सम्बन्धी' ही आकर जन्म लेता है । जिसे शास्त्रों में चार प्रकार से बताया गया है -- &lt;u&gt;&lt;b&gt;ऋणानुबन्ध&amp;nbsp; :- &lt;/b&gt;&lt;/u&gt;पूर्व जन्म का कोई ऐसा जीव जिससे आपने ऋण लिया हो या उसका किसी भी प्रकार से धन नष्ट किया हो , वह आपके घर में सन्तान बनकर जन्म लेगा और आपका धन बीमारी में या व्यर्थ के कार्यों में तब तक नष्ट करेगा , जब तक उसका हिसाब पूरा ना हो जाये ।&amp;nbsp;&lt;b&gt;&lt;u&gt;शत्रु पुत्र&amp;nbsp; :-&lt;/u&gt;&lt;/b&gt; पूर्व जन्म का कोई दुश्मन आपसे बदला लेने के लिये आपके घर में सन्तान बनकर आयेगा और बड़ा होने पर माता - पिता से मारपीट , झगड़ा या उन्हें सारी जिन्दगी किसी भी प्रकार से सताता ही रहेगा । हमेशा कड़वा बोलकर उनकी बेइज्जती करेगा व उन्हें दुःखी रखकर खुश होगा ।&lt;b&gt;&lt;u&gt; उदासीन पुत्र&amp;nbsp; :- &lt;/u&gt;&lt;/b&gt;इस प्रकार की सन्तान ना तो माता - पिता की सेवा करती है और ना ही कोई सुख देती है । बस , उनको उनके हाल पर मरने के लिए छोड़ देती है । विवाह होने पर यह माता - पिता से अलग हो जाते हैं ।&amp;nbsp;&lt;u&gt;&lt;b&gt;&amp;nbsp; सेवक पुत्र&amp;nbsp; :-&lt;/b&gt;&lt;/u&gt; पूर्व जन्म में यदि आपने किसी की खूब सेवा की है तो वह अपनी की हुई सेवा का ऋण उतारने के लिए आपका पुत्र या पुत्री बनकर आता है और आपकी सेवा करता है । जो&amp;nbsp; बोया है , वही तो काटोगे । अपने माँ - बाप की सेवा की है तो ही आपकी औलाद बुढ़ापे में आपकी सेवा करेगी , वर्ना कोई पानी पिलाने वाला भी पास नहीं होगा ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आप यह ना समझें कि यह सब बातें केवल मनुष्य पर ही लागू होती हैं । इन चार प्रकार में कोई सा भी जीव आ सकता है । जैसे आपने किसी गाय कि निःस्वार्थ भाव से सेवा की है तो वह भी पुत्र या पुत्री बनकर आ सकती है । यदि आपने गाय को स्वार्थ वश पालकर उसको दूध देना बन्द करने के पश्चात घर से निकाल दिया तो वह ऋणानुबन्ध पुत्र या पुत्री बनकर जन्म लेगी । यदि आपने किसी निरपराध जीव को सताया है तो वह आपके जीवन में शत्रु बनकर आयेगा और आपसे बदला लेगा ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;इसलिये जीवन में कभी किसी का बुरा ना करें । क्योंकि प्रकृति का नियम है कि आप जो भी करोगे , उसे वह आपको इस जन्म में या अगले जन्म में सौ गुना वापिस करके देगी । यदि आपने किसी को एक रुपया दिया है तो समझो आपके खाते में सौ रुपये जमा हो गये हैं । यदि आपने किसी का एक रुपया छीना है तो समझो आपकी जमा राशि से सौ रुपये निकल गये ।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;ज़रा सोचिये , "आप कौन सा धन साथ लेकर आये थे और कितना साथ लेकर जाओगे ? जो चले गये , वो कितना सोना - चाँदी साथ ले गये ? मरने पर जो सोना - चाँदी , धन - दौलत बैंक में पड़ा रह गया , समझो वो व्यर्थ ही कमाया । औलाद अगर अच्छी और लायक है तो उसके लिए कुछ भी छोड़कर जाने की जरुरत नहीं है , खुद ही खा - कमा लेगी और औलाद अगर बिगड़ी या नालायक है तो उसके लिए जितना मर्ज़ी धन छोड़कर जाओ , वह चंद दिनों में सब बरबाद करके ही चैन लेगी ।"&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;मैं , मेरा , तेरा और सारा धन यहीं का यहीं धरा रह जायेगा , कुछ भी साथ नहीं जायेगा । साथ यदि कुछ जायेगा भी तो सिर्फ नेकियाँ ही साथ जायेंगी । इसलिए जितना हो सके नेकी करो सतकर्म करो ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp; &amp;nbsp; ||श्रीमद्भभगवतगीता||&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;u&gt;&lt;b&gt;साभार &#128071;&#128071;&lt;/b&gt;&lt;/u&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ऐसे और पोस्ट देखने के लिए और स्वामी समाज सभा से जुड़ने के लिए क्लिक करें &#128071;&#128071;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;https://kutumbapp.page.link/8VtBS31xMQ4d33Dj7&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;span style="color: red;"&gt;&lt;u&gt;सूचना-: उक्त लेख विभिन्न सोसियल मीडिया के साभार से लिया गया है । अर्थात कॉपी पेस्ट है । और हम इसे प्रमाणित नही करते है अतः केवल जानकारी के आधार पर संग्रहित किया जा रहा है - BLOGER&amp;nbsp;&lt;/u&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;</description><thr:total xmlns:thr="http://purl.org/syndication/thread/1.0">0</thr:total></item><item><title>विश्व साड़ी दिवस : पर  कविता </title><link>http://ombhiksu-ctup.blogspot.com/2022/06/blog-post_65.html</link><category>गजल/कविता/रचनाएं मुहावरे</category><author>noreply@blogger.com (हें प्रभु यह तेरापंथ)</author><pubDate>Tue, 14 Jun 2022 07:26:00 -0700</pubDate><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-6602701595966810656.post-8211038396594980439</guid><description>&lt;p&gt;&amp;nbsp;साड़ी...नारी का वो सबसे सुंदर परिधान जो प्रतीक है भारतीय संस्कृति का,&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &lt;b&gt;&lt;u&gt;&amp;nbsp; साड़ी&amp;nbsp;&lt;/u&gt;&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इक दिन जैसे ही मैंने अलमारी खोली&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मेरी प्यारी साड़ी मुझसे ये बोली&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सुनो ज़रा इक बात ये मेरी&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बोलो कब आएगी बारी मेरी&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पहने तुमनें कितनें परिधान&lt;/p&gt;&lt;p&gt;एक मेरा ही तुम्हें न आया ध्यान&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कभी मुझे भी बाहर तो लाओ&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मुझे भी पहन ज़रा घूम तो आओ&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मुद्दतें हुईं कभी कहीं मैं गई नहीं&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बेकार सी पड़ी हूँ कब से यहीं&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कभी मान सखी मेरा भी कहना&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मैं निखारूँगी तुम्हें, तुम मुझसे संवरना&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कितनें सुन्दर सुन्दर रंग हैं मेरे&lt;/p&gt;&lt;p&gt;और कितनी अलग अलग है मेरी पहचान&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;चंदेरी , पटोला, कांजीवरम&lt;/p&gt;&lt;p&gt;लहरिया, तांत और लिनेन&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ढाकाई, जामदानी, कलमकारी&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पोचमपल्ली, बोमकाइ और फुलकारी&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सम्भलपुरी, बनारसी और पैठानी&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कासवु, बनारसी और बाँधनी&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;शिफॉन, जॉरजेट और चिकनकारी&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बोमकाई , मूंगा और बालूचेरी&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;माना की जीन्स, सूट पहनना है आसान&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पर मेरी भी कुछ अलग ही है शान&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कजरा गजरा चूड़ी बाली बिंदिया&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ये सब हैं मेरी ही सखियाँ&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सब हँस हँस कर मेरे संग है आतीं&lt;/p&gt;&lt;p&gt;रूप तेरा दूना कर जातीं&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जब मेरा लहराता है आँचल&lt;/p&gt;&lt;p&gt;रुक जाते हैं उड़ते बादल&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सुनकर बातें ये साड़ी की&amp;nbsp;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मैं बोली ऐसा ना बोल सखी री&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पहनूँगी तुम्हें अभी आज से ही&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;तो आओ साड़ी को दे इक नई उड़ान&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बनाये इसे आधुनिकता की पहचान&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;करें अपनी संस्कृति का सम्मान&lt;/p&gt;&lt;p&gt;साड़ी से बढ़ता है हर नारी का मान....&lt;/p&gt;&lt;p&gt;साड़ी से बढ़ता है हर नारी का मान....&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;साभार : अज्ञात&amp;nbsp;&lt;/p&gt;</description><thr:total xmlns:thr="http://purl.org/syndication/thread/1.0">0</thr:total></item><item><title> आखिर 22 -23 साल के युवाओं को गंभीर बीमारी क्यों हो  रही है !</title><link>http://ombhiksu-ctup.blogspot.com/2022/06/22-23.html</link><category>चिकित्सा</category><category>जीवन विज्ञान</category><category>रसोई घर</category><category>विविघ और चर्चा</category><author>noreply@blogger.com (हें प्रभु यह तेरापंथ)</author><pubDate>Tue, 14 Jun 2022 07:20:00 -0700</pubDate><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-6602701595966810656.post-7644984266210589239</guid><description>&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;1. दस रू किलो टमाटर&amp;nbsp; लेकर ताजा चटनी खा सकते हैं,&amp;nbsp; मगर हम डेढ़ सौ रू किलो टमाटो साँस खाते हैं वो भी एक दो माह पहले बनी हुई बासी, कई प्रकार के केमिकल डला हुआ ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;2. पहले हम एक दिन पुराना घड़े का पानी नहीं पीते थे, घर में रोज सुबह घड़े का पानी बदलते थे, अब तीन माह पुराना बोतल का पानी बीस रू लीटर खरीद कर पी रहे हैं, केमिकल डला हुआ ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;3.&amp;nbsp; पचास रू लीटर का दूध हमे महंगा लगता हैं और सत्तर रू लीटर का दो महीने पहले बना हुआ कोल्ड ड्रिंक हम पी लेते हैं।इसमें पूरा का पूरा केमिकल डला हुआ ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;4. दो सौ रू पाव मिलने वाला शरीर को ताकत देने वाला ड्राई फ्रुट हमें महंगा लगता है मगर&amp;nbsp; 200&amp;nbsp; रू. का मैदे से बना पीज्जा शान से खा रहे हैं, इसमे बहुत सारे केमिकल डला हुआ ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;5.&amp;nbsp; अपनी रसोई का सुबह का खाना हम शाम को खाना पसंद नहीं करते जब कि कंपनियों के छह छह माह पुराने सामान हम खा रहे हैं जबकि हम जानते है कि खाने को सुरक्षित रखने के लिए उसमें प्रिजर्वेटिव मिलाया जाता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;6. विगत कई&amp;nbsp; माह के लाँकडाऊन में सबको संभवतः&amp;nbsp; समझ आ गया होगा कि बाहर के खाने के बिना भी हमारा जीवन चल सकता हैं बल्कि बेहतर चल सकता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सोचने योग्य एवं गंभीर विचारणीय विषय है, क्या कारण है कि 22-23 साल के युवा को हार्ट अटैक आ रहा है। हार्ट फेल हो रहा है ।&amp;nbsp; &amp;nbsp;किडनी खराब हो रही है । लिवर फेल हो रहे है ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कही यही सब तो कारण नहीं बन रहे है ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;खुद को बढ़ती उम्र के साथ स्वीकारना एक तनावमुक्त जीवन देता है।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हर उम्र एक अलग तरह की खूबसूरती लेकर आती है&amp;nbsp; उसका आनंद लीजिये&#128591;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बाल रंगने है तो रंगिये,&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;वज़न कम रखना है तो रखिये,&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मनचाहे कपड़े पहनने है तो पहनिए,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बच्चों की तरह खिलखिलाइये,&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अच्छा सोचिये,&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अच्छा माहौल रखिये,&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;शीशे में दिखते हुए अपने अस्तित्व को स्वीकारिये।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कोई भी क्रीम आपको गोरा नही बनाती,&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कोई शैम्पू बाल झड़ने नही रोकता,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कोई तेल बाल नही उगाता,&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कोई साबुन आपको बच्चों जैसी स्किन नही देता।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;चाहे वो प्रॉक्टर गैम्बल हो या पतंजलि .....सब सामान बेचने के लिए झूठ बोलते हैं।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ये सब कुदरती होता है।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उम्र बढ़ने पर त्वचा से लेकर बॉलों तक मे बदलाव आता है।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पुरानी मशीन को Maintain करके बढ़िया चला तो सकते हैं, पर उसे नई नही कर सकते।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ना किसी टूथपेस्ट में नमक होता है ना किसी मे नीम।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;किसी क्रीम में केसर नही होती, क्योंकि 2 ग्राम केसर भी 500 रुपए से कम की नही होती !&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कोई बात नही अगर आपकी नाक मोटी है तो,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कोई बात नही आपकी आंखें छोटी हैं तो,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कोई बात नही अगर आप गोरे नही हैं&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;या आपके होंठों की shape perfect नही हैं....&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;फिर भी हम सुंदर हैं,&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अपनी सुंदरता को पहचानिए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दूसरों से कमेंट या वाह वाही लूटने के लिए सुंदर दिखने से ज्यादा ज़रूरी है, अपनी सुंदरता को महसूस करना।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हर बच्चा सुंदर इसलिये दिखता है कि वो छल कपट से परे मासूम होता है और बडे होने पर जब हम छल व कपट से जीवन जीने लगते है तो वो मासूमियत खो देते हैं&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;...और उस सुंदरता को पैसे खर्च करके खरीदने का प्रयास करते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;b&gt;&lt;u&gt;मन की खूबसूरती पर ध्यान दो।&lt;/u&gt;&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पेट निकल गया तो कोई बात नही उसके लिए शर्माना ज़रूरी नही।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आपका शरीर आपकी उम्र के साथ बदलता है तो वज़न भी उसी हिसाब से घटता बढ़ता है उसे समझिये।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सारा इंटरनेट और सोशल मीडिया तरह तरह के उपदेशों से भरा रहता है,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह खाओ, वो मत खाओ&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ठंडा खाओ, गर्म पीओ,&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कपाल भाती करो,&amp;nbsp;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सवेरे नीम्बू पीओ,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;रात को दूध पीओ&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ज़ोर से सांस लो, लंबी सांस लो&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दाहिने से सोइये ,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बाहिने से उठिए,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हरी सब्जी खाओ,&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दाल में प्रोटीन है,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दाल से क्रिएटिनिन बढ़ जायेगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अगर पूरे एक दिन सारे उपदेशों को पढ़ने लगें तो पता चलेगा&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ये ज़िन्दगी बेकार है ना कुछ खाने को बचेगा ना कुछ जीने को !!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आप डिप्रेस्ड हो जायेंगे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ये सारा ऑर्गेनिक, एलोवेरा, करेला, मेथी, पतंजलि में फंसकर दिमाग का दही हो जाता है।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;स्वस्थ होना तो दूर स्ट्रेस हो जाता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अरे! अपन मरने के लिये जन्म लेते हैं,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कभी ना कभी तो मरना है अभी तक बाज़ार में अमृत बिकना शुरू नही हुआ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हर चीज़ सही मात्रा में खाइये,&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हर वो चीज़ थोड़ी थोड़ी जो आपको अच्छी लगती है।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;b&gt;&lt;u&gt;भोजन का संबंध मन से होता है&amp;nbsp;&lt;/u&gt;&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;और मन अच्छे भोजन से ही खुश रहता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मन को मारकर खुश नही रहा जा सकता।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;थोड़ा बहुत शारीरिक कार्य करते रहिए,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;टहलने जाइये,&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;लाइट कसरत करिये,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;व्यस्त रहिये,&amp;nbsp;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;खुश रहिये,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;शरीर से ज्यादा मन को सुंदर रखिये।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;u&gt;&lt;span style="color: red;"&gt;सूचना-: उक्त लेख विभिन्न सोसियल मीडिया के साभार से लिया गया है । अर्थात कॉपी पेस्ट है । और हम इसे प्रमाणित नही करते है अतः केवल जानकारी के आधार पर संग्रहित किया जा रहा है&lt;/span&gt;&lt;/u&gt;&lt;/p&gt;</description><thr:total xmlns:thr="http://purl.org/syndication/thread/1.0">0</thr:total></item><item><title>किडनी रोग के शीर्ष 6 कारण हैं</title><link>http://ombhiksu-ctup.blogspot.com/2022/06/6.html</link><category>किडनी</category><category>चिकित्सा</category><category>विविघ और चर्चा</category><author>noreply@blogger.com (हें प्रभु यह तेरापंथ)</author><pubDate>Tue, 14 Jun 2022 07:11:00 -0700</pubDate><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-6602701595966810656.post-168792553091644362</guid><description>&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;संयुक्त राज्य अमेरिका में चिकित्सा अधिकारियों ने इसे हर किसी की मदद के लिए भेजा है। कृपया पढ़ें और अपना ख्याल रखें - डॉ. ओकेरे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जिस दर से युवा किडनी की बीमारी से पीड़ित हो रहे हैं वह चिंताजनक है। मैं एक पोस्ट साझा कर रहा हूं जो हमारी मदद कर सकती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कृपया नीचे पढ़ें:&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;महत्वपूर्ण - किडनी सबसे अच्छी होती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बमुश्किल दो (2) दिन पहले, हम सभी को किडनी की बीमारी के कारण नाइजीरियाई अभिनेता के निधन की खबर मिली।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हमारे लोक कार्य मंत्री, माननीय टेको झील वर्तमान में गुर्दे की समस्याओं के साथ जीवन रक्षक प्रणाली पर अस्पताल में हैं। मैं आपको दिखाना चाहता हूं कि किडनी की बीमारी के इस खतरे से कैसे बचा जा सकता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;तो यहाँ &lt;b&gt;&lt;u&gt;किडनी रोग के शीर्ष 6 कारण हैं&lt;/u&gt;&lt;/b&gt;:&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;1. शौचालय जाने में देरी करना। अपने मूत्राशय में अपने मूत्र को बहुत देर तक रखना एक बुरा विचार है। एक भरा हुआ मूत्राशय मूत्राशय को नुकसान पहुंचा सकता है। मूत्राशय में रहने वाला मूत्र बैक्टीरिया को जल्दी से गुणा करता है। एक बार जब मूत्र मूत्रवाहिनी और गुर्दे में वापस आ जाता है, तो विषाक्त पदार्थ गुर्दे में संक्रमण, फिर मूत्र पथ के संक्रमण, और फिर नेफ्रैटिस और यहां तक ​​कि यूरीमिया का कारण बन सकते हैं। जब प्रकृति बुलाती है - जितनी जल्दी हो सके करो।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;2. ज्यादा नमक खाना। आपको रोजाना 5.8 ग्राम से ज्यादा नमक नहीं खाना चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;3. बहुत अधिक मांस खाना। आपके आहार में बहुत अधिक प्रोटीन आपके गुर्दे के लिए हानिकारक है। प्रोटीन पाचन अमोनिया पैदा करता है - एक विष जो आपके गुर्दे के लिए बहुत विनाशकारी है। अधिक मांस अधिक गुर्दे की क्षति के बराबर होता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;4. बहुत ज्यादा कैफीन पीना। कैफीन कई सोडा और शीतल पेय का एक घटक है। इससे आपका ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है और आपकी किडनी खराब होने लगती है। इसलिए आपको रोजाना पीने वाले कोक की मात्रा कम कर देनी चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;5. पानी नहीं पीना। हमारे गुर्दे अपने कार्यों को अच्छी तरह से करने के लिए ठीक से हाइड्रेटेड होना चाहिए। यदि हम पर्याप्त मात्रा में नहीं पीते हैं, तो विषाक्त पदार्थ रक्त में जमा होना शुरू हो सकते हैं, क्योंकि गुर्दे के माध्यम से उन्हें निकालने के लिए पर्याप्त तरल पदार्थ नहीं होता है। रोजाना 10 गिलास से ज्यादा पानी पिएं। यह जांचने का एक आसान तरीका है कि क्या आप शराब पी रहे हैं&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पर्याप्त पानी: अपने मूत्र के रंग को देखें; रंग जितना हल्का होगा, उतना अच्छा होगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;6. देर से इलाज। अपनी सभी स्वास्थ्य समस्याओं का ठीक से इलाज करें और नियमित रूप से अपने स्वास्थ्य की जांच करवाएं। आइए अपनी मदद करें...भगवान इस साल आपको और आपके परिवार को हर बीमारी से बचाएंगे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;(३) इन गोलियों से बचें, ये बहुत खतरनाक हैं:&lt;/p&gt;&lt;p&gt;* डी-कोल्ड&lt;/p&gt;&lt;p&gt;* विक्स एक्शन-500&lt;/p&gt;&lt;p&gt;* ऐक्टिफेड&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;* कोल्डारिन&lt;/p&gt;&lt;p&gt;* कोसोम&lt;/p&gt;&lt;p&gt;* नाइस&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;* निमुलिड&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;* सेट्रीजेट-डी&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इनमें फेनिल प्रोपेनॉल-एमाइड, पीपीए होता है जो&lt;/p&gt;&lt;p&gt;स्ट्रोक का कारण बनता है और संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रतिबंधित है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;संयुक्त राज्य अमेरिका में डॉक्टरों ने सिल्वर नाइट्रो ऑक्साइड के कारण मनुष्यों में नया कैंसर पाया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जब भी आप रिचार्ज कार्ड खरीदें, अपने नाखूनों से खरोंच न करें, क्योंकि इसमें सिल्वर नाइट्रो ऑक्साइड कोटिंग होती है और यह त्वचा के कैंसर का कारण बन सकता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस संदेश को अपने प्रियजनों के साथ साझा करें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;b&gt;&lt;u&gt;महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुझाव:&lt;/u&gt;&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;1. बाएं कान से फोन कॉल का जवाब दें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;2. अपनी दवा ठंडे पानी के साथ न लें....&lt;/p&gt;&lt;p&gt;3. शाम 5 बजे के बाद भारी भोजन न करें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;4. सुबह ज्यादा पानी पिएं, रात को कम।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;5. सोने का सबसे अच्छा समय रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;6. दवा लेने के बाद या खाने के तुरंत बाद न लेटें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;7. जब फोन की बैटरी लो टू लास्ट बार हो, तो फोन का जवाब न दें, क्योंकि रेडिएशन 1000 गुना ज्यादा तेज होता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;span style="color: red;"&gt;सूचना-: उक्त लेख विभिन्न सोसियल मीडिया के साभार से लिया गया है । अर्थात कॉपी पेस्ट है । और हम इसे प्रमाणित नही करते है अतः केवल जानकारी के आधार पर संग्रहित किया जा रहा है&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;</description><thr:total xmlns:thr="http://purl.org/syndication/thread/1.0">0</thr:total></item><item><title> के.ई.एम. हॉस्पिटलमध्ये पक्षघात / लकवा,पूर्वीसारखा बरा होतो,</title><link>http://ombhiksu-ctup.blogspot.com/2022/06/blog-post_46.html</link><category>चिकित्सा</category><category>लकवा</category><author>noreply@blogger.com (हें प्रभु यह तेरापंथ)</author><pubDate>Tue, 14 Jun 2022 07:00:00 -0700</pubDate><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-6602701595966810656.post-1737402218909995155</guid><description>&lt;p&gt;&amp;nbsp; परेल, मुंबई येथील के.ई.एम. हॉस्पिटलमध्ये पक्षघात ( पॕरेलेसीस / लकवा ) रुग्ण २४ तासाच्या आत घेऊन जाणे&amp;nbsp; या आजारावर ॲटोमॅटिक मशीन द्वारे काही तासातच रुग्ण पूर्वीसारखा बरा होतो, रुग्णाच्या मेंदूतील गाठी या मशीनच्या सहाय्याने एन्जोप्लास्टी प्रमाणे काढून टाकल्या जातात, भारतात प्रथम या हॉस्पिटलमध्ये ही सुविधा उपलब्ध झाली आहे.जगभरात काही ठराविक ठिकाणीच अशा मशीन आहेत, सदर मशीन हाताळण्यात डॉ. नितीनजी डांगे ( न्युरोसर्जन ) हे जगप्रसिद्ध आहेत. बृहन्मुंबई महानगरपालिकेतर्फे सदर मशीनचे उद्घाटन व लोकार्पण करण्यात आले.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&#128144;&#128591;&#127995;&#128144;&#128591;&#127995;&#128144;&#128591;&#127995;&#128144;&#128591;&#127995;&#128144;&#128591;&#127995;&#128144;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;माहिती सर्वाना कळवा फायदा होईल. ग्रुपमध्ये असलेल्या सर्व मित्रांना विनंती आहे की ही माहिती सर्वांपर्यंत पोहचवावी, ही विनंती धन्यवाद .&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;a href="https://mumbaimirror.indiatimes.com/mumbai/cover-story/whatsapp-rumour-of-paralysis-cure-sends-patients-haring-to-kem/articleshow/66483449.cms"&gt;https://mumbaimirror.indiatimes.com/mumbai/cover-story/whatsapp-rumour-of-paralysis-cure-sends-patients-haring-to-kem/articleshow/66483449.cms&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;</description><thr:total xmlns:thr="http://purl.org/syndication/thread/1.0">0</thr:total></item><item><title>अक्षय तृतीया एवं  उसका महत्व </title><link>http://ombhiksu-ctup.blogspot.com/2022/06/blog-post_16.html</link><category>अक्षय तृतीया</category><category>विविघ और चर्चा</category><author>noreply@blogger.com (हें प्रभु यह तेरापंथ)</author><pubDate>Tue, 14 Jun 2022 06:51:00 -0700</pubDate><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-6602701595966810656.post-218271557950308416</guid><description>&lt;p&gt;&amp;nbsp;अक्षय तृतीया जो उसका महत्व क्यों है जानिए कुछ महत्वपुर्ण जानकारी&lt;/p&gt;&lt;p&gt;-&#128591; आज&amp;nbsp; ही के दिन माँ गंगा का अवतरण धरती पर हुआ था ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&#128591;-महर्षी परशुराम का जन्म आज ही के दिन हुआ था ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&#128591;-माँ अन्नपूर्णा का जन्म भी आज ही के दिन हुआ था&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&#128591;-द्रोपदी को चीरहरण से कृष्ण ने आज ही के दिन बचाया था ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&#128591;- कृष्ण और सुदामा का मिलन आज ही के दिन हुआ था ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&#128591;- कुबेर को आज ही के दिन खजाना मिला था ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&#128591;-सतयुग और त्रेता युग का प्रारम्भ आज ही के दिन हुआ था ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&#128591;-ब्रह्मा जी के पुत्र अक्षय कुमार का अवतरण भी आज ही के दिन हुआ था ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&#128591;- प्रसिद्ध तीर्थ स्थल श्री बद्री नारायण जी का कपाट आज ही के दिन खोला जाता है ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&#128591;- वृन्दावन&amp;nbsp; के बाँके बिहारी मंदिर में साल में केवल आज ही के दिन श्री विग्रह चरण के दर्शन होते है अन्यथा साल भर वो वस्त्र से ढके रहते है ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&#128591;- इसी दिन महाभारत का युद्ध समाप्त हुआ था ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&#128591;- अक्षय तृतीया अपने आप में स्वयं सिद्ध मुहूर्त है कोई भी शुभ कार्य का प्रारम्भ किया जा सकता है !&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;span style="color: red;"&gt;&lt;u&gt;सूचना-: उक्त लेख विभिन्न सोसियल मीडिया के साभार से लिया गया है । अर्थात कॉपी पेस्ट है । और हम इसे प्रमाणित नही करते है अतः केवल जानकारी के आधार पर संग्रहित किया जा रहा है&lt;/u&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;</description><thr:total xmlns:thr="http://purl.org/syndication/thread/1.0">0</thr:total></item><item><title> जानिये क्या हैं वो 16 सुख</title><link>http://ombhiksu-ctup.blogspot.com/2022/06/16.html</link><category>कहावते</category><category>मुक्तक</category><category>विविघ और चर्चा</category><author>noreply@blogger.com (हें प्रभु यह तेरापंथ)</author><pubDate>Tue, 14 Jun 2022 01:35:00 -0700</pubDate><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-6602701595966810656.post-5311586851191923717</guid><description>&lt;p&gt;&amp;nbsp;&#128076;सोलह सुखों के बारे में सुना था तो जानिये क्या हैं वो सोलह सुख&#128076;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;1 पहला सुख निरोगी काया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;2 दूजा सुख घर में हो माया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;3 तीजा सुख कुलवंती नारी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;4 चौथा सुख सुत आज्ञाकारी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;5 पाँचवा सुख सदन हो अपना।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;6 छट्ठा सुख सिर कोई ऋण ना।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;7 सातवाँ सुख चले व्यापारा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;8 आठवाँ सुख हो सबका प्यारा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;9 नौवाँ सुख भाई औ' बहन हो ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;10 दसवाँ सुख न बैरी स्वजन हो।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;11 ग्यारहवाँ मित्र हितैषी सच्चा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;12 बारहवाँ सुख पड़ौसी अच्छा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;13 तेरहवां सुख उत्तम हो शिक्षा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;14 चौदहवाँ सुख सद्गुरु से दीक्षा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;15 पंद्रहवाँ सुख हो साधु समागम।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;16 सोलहवां सुख संतोष बसे मन।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;16 सोलह सुख ये होते भाविक जन।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जो पावैं सोइ धन्य हो जीवन।।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हालांकि आज के समय में ये सभी सुख हर किसी को मिलना मुश्किल हैं, लेकिन इनमे से जितने भी सुख मिले उससे खुश रहने की कोशिश करनी चाहिए.&lt;/p&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;</description><thr:total xmlns:thr="http://purl.org/syndication/thread/1.0">0</thr:total></item><item><title> डिप्रेशन:काउंसलिंग:शिक्षाप्रद कहानी</title><link>http://ombhiksu-ctup.blogspot.com/2022/06/blog-post_10.html</link><category>चिकित्सा</category><category>शिक्षाप्रद कहानी</category><author>noreply@blogger.com (हें प्रभु यह तेरापंथ)</author><pubDate>Tue, 14 Jun 2022 01:28:00 -0700</pubDate><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-6602701595966810656.post-6945616833531851489</guid><description>&lt;p&gt;&amp;nbsp;डिप्रेशन ग्रस्त एक सज्जन जब पचास साल की उम्र से ज्यादा के हुए तो उनकी पत्नी ने एक काउंसलर का अपॉइंटमेंट लिया जो ज्योतिषी भी थे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पत्नी बोली:- "ये भयंकर डिप्रेशन में हैं, कुंडली भी देखिए इनकी।"&lt;/p&gt;&lt;p&gt;और बताया कि इन सब के कारण मैं भी ठीक नही हूँ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ज्योतिषी ने कुंडली देखी सब सही पाया। अब उन्होंने काउंसलिंग शुरू की, कुछ पर्सनल बातें भी पूछी और सज्जन की पत्नी को बाहर बैठने को कहा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सज्जन बोलते गए...&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बहुत परेशान हूं...&lt;/p&gt;&lt;p&gt;चिंताओं से दब गया हूं...&lt;/p&gt;&lt;p&gt;नौकरी का प्रेशर...&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बच्चों के एजूकेशन और जॉब की टेंशन...&lt;/p&gt;&lt;p&gt;घर का लोन, कार का लोन...&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कुछ मन नही करता...&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दुनिया मुझे तोप समझती है...&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पर मेरे पास कारतूस जितना भी सामान नही....&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मैं डिप्रेशन में हूं...&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कहते हुए पूरे जीवन की किताब खोल दी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;तब विद्वान काउंसलर ने कुछ सोचा और पूछा, "दसवीं में किस स्कूल में पढ़ते थे?"&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सज्जन ने उन्हें स्कूल का नाम बता दिया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;काउंसलर ने कहा:-&lt;/p&gt;&lt;p&gt;"आपको उस स्कूल में जाना होगा। आप वहां से आपकी दसवीं क्लास का रजिस्टर लेकर आना, अपने साथियों के नाम देखना और उन्हें ढूंढकर उनके वर्तमान हालचाल की जानकारी लेने की कोशिश करना। सारी जानकारी को डायरी में लिखना और एक माह बाद मुझे मिलना।"&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सज्जन स्कूल गए, मिन्नतें कर रजिस्टर ढूँढवाया फिर उसकी कॉपी करा लाए जिसमें 120 नाम थे। महीना भर दिन-रात कोशिश की फिर भी बमुश्किल अपने 75-80 सहपाठियों के बारे में जानकारी एकत्रित कर पाए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आश्चर्य!!!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उसमें से 20 लोग मर चुके थे...&lt;/p&gt;&lt;p&gt;7 विधवा/विधुर और 13 तलाकशुदा थे...&lt;/p&gt;&lt;p&gt;10 नशेड़ी निकले जो बात करने के भी लायक नहीं थे...&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कुछ का पता ही नहीं चला कि अब वो कहां हैं...&lt;/p&gt;&lt;p&gt;5 इतने ग़रीब निकले की पूछो मत...&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;6 इतने अमीर निकले की यकीन नहीं हुआ...&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कुछ केंसर ग्रस्त, कुछ लकवा, डायबिटीज़, अस्थमा या दिल के रोगी निकले...&lt;/p&gt;&lt;p&gt;एक दो लोग एक्सीडेंट्स में हाथ/पाँव या रीढ़ की हड्डी में चोट से बिस्तर पर थे...&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कुछ के बच्चे पागल, आवारा या निकम्मे&amp;nbsp; निकले...&lt;/p&gt;&lt;p&gt;1 जेल में था...&lt;/p&gt;&lt;p&gt;एक 50 की उम्र में सैटल हुआ था इसलिए अब शादी करना चाहता था, एक अभी भी सैटल नहीं था पर दो तलाक़ के बावजूद तीसरी शादी की फिराक में था...&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;महीने भर में दसवीं कक्षा का रजिस्टर भाग्य की व्यथा ख़ुद सुना रहा था...&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;काउंसलर ने पूछा:- "अब बताओ डिप्रेशन कैसा है?"&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इन सज्जन को समझ आ गया कि उसे कोई बीमारी नहीं है, वो भूखा नहीं मर रहा, दिमाग एकदम सही है, कचहरी पुलिस-वकीलों से उसका पाला नही पड़ा, उसके बीवी-बच्चे बहुत अच्छे हैं, स्वस्थ हैं, वो भी स्वस्थ है, डाक्टर, अस्पताल से पाला नहीं पड़ा...&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सज्जन को महसूस हुआ कि दुनिया में वाकई बहुत दुख है और मैं बहुत सुखी और भाग्यशाली हूँ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दूसरों की थाली में झाँकने की आदत छोड़ कर अपनी थाली का भोजन प्रेम से ग्रहण करें। तुलनात्मक चिन्तन न करें, सबका अपना प्रारब्ध होता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;और फिर भी आपको लगता है कि आप डिप्रेशन में हैं तो आप भी अपने स्कूल जाकर दसवीं कक्षा का रजिस्टर ले आएं और..&#128522;..&#128522;..&lt;/p&gt;&lt;p&gt;*&#128144; खुश रहो मस्त रहो&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;u&gt;: सूचना-: उक्त लेख विभिन्न सोसियल मीडिया के साभार से लिया गया है । अर्थात कॉपी पेस्ट है । और हम इसे प्रमाणित नही करते है अतः केवल जानकारी के आधार पर संग्रहित किया जा रहा है-BLOGER&lt;/u&gt;&lt;/p&gt;</description><thr:total xmlns:thr="http://purl.org/syndication/thread/1.0">0</thr:total></item><item><title> हल्दी_रस्म व फिजूल खर्ची</title><link>http://ombhiksu-ctup.blogspot.com/2022/06/blog-post_60.html</link><category>जैन विवाह</category><category>विविघ और चर्चा</category><author>noreply@blogger.com (हें प्रभु यह तेरापंथ)</author><pubDate>Tue, 14 Jun 2022 01:17:00 -0700</pubDate><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-6602701595966810656.post-4922391453111283678</guid><description>&lt;p&gt;&amp;nbsp;#हल्दी_रस्म व फिजूल खर्ची&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आज कल ग्रामीण परिवेश में होने वाली शादियों में एक नई रस्म का जन्म हुआ है #हल्दी_रस्म।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हल्दी रस्म के दौरान हजारों रूपये खर्च कर के विशेष डेकोरेशन किया जाता है, उस दिन दूल्हा या दुल्हन विशेष पीत (पीले) वस्त्र धारण करते हैं। साल दो साल पूर्व इस हल्दी रस्म का प्रचलन पश्चिमी राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में तो ना के बराबर था लेकिन पिछले साल दो साल से इसका प्रचलन बढ़ा है।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पुराने समय में&amp;nbsp; जरूर दूल्हे दुल्हन के चेहरे व शरीर की मृत त्वचा हटाने, मुलायम करने व चेहरे को गोरा और चमकदार बनाने के लिए हल्दी, चंदन, आटे, दूध आदि का उबटन बनाकर शरीर पर लगाया जाता था। पुराने समय में ना तो आज की तरह साबुन व शैम्पू थे ना ही ब्यूटी पार्लर। हल्दी के उबटन से घिसघिस कर दूल्हे दुल्हन को गोरा किया जाता था। वो रस्म साधारण तरीके से शादी वाले दिन ज़रूर निभाई जाती रही है, आजकल की हल्दी रस्म मोडिफाइड हो गई है। जिसमें हजारों रूपये खर्च कर डेकोरेशन किया जाता है। महंगे पीले वस्त्र पहने जाते है। और यह पीला ड्रामा किया जाता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;आजकल देखने में आ रहा है कि आर्थिक रूप से असक्षम परिवार के लड़के भी इस लोक दिखावा में शामिल होकर परिवार को कर्ज के बोझ में धकेल रहे है। क्योंकि उन्हें अपने छुट भईए नेताओं, चवन्नी छाप दोस्तों को अपना ठरका दिखाना होता है। Insta, फेसबुक, आदि के लिए रील बनानी होती है। बेटे के रील बनाते बनाते बाप बिचारा रेल बन जाता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ऐसे ऐसे घरों में फिजूल खर्ची में पैसा पानी की तरह बहाया जाता है जिन घरों में घर के नाम पर छप्पर है, घर की किवाड़ी नहीं है, बाप ने पसीने की पाई पाई जोड़ कर मकान का ढांचा खड़ा किया तो छत नहीं है, छत है तो प्लास्टर नहीं, प्लास्टर है तो दरवाजा नहीं है, बाप के पहनने के चप्पल नहीं है मां के ओढ़ने के लिए ढंग की चुनरी नहीं है लेकिन 10 वीं 12 वीं मरते डूबते पास करने वाले छिछोरे मां बाप की हैसियत से विपरीत जाकर अनावश्यक खर्चा जरूर करते हैं।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ऐसे लड़के 1 रुपए की मजदूरी करना नहीं चाहते और सूखे दिखावे के चक्कर में मां बाप को कर्ज में धकेल देते हैं। ऐसे लड़कों के सैकड़ों ऐसे ही लूखे दोस्त होते हैं जिन्हें ये लोग प्यार से&amp;nbsp; #ब्रो कहते है। शादी विवाह में अपना स्टेटस बनाने के लिए जिसको ढंग से जानते भी नहीं उन्हें भी शादी में इन्वाइट करेंगे। किसी से सिफारिश लगाकर उपसरपंच, सरपंच, प्रधान, विधायक और नेताओं को बुलाते हैं ताकि गांव में इनका ठरका जमे। बहुत सारी गाडियां घर के आगे खड़ी देखने की उत्कंठा रखते हैं। किसी को बुलाए कोई आपत्ति नहीं लेकिन उन बड़े लोगों के साथ फोटो सेल्फी लेने में और उनके आगे पीछे घूमने में इतने मशगूल हो जाते है कि घर आए जीजा, फूफा, नाना, नानी, बहन , बुआ अड़ोसी पड़ोसी को चाय पानी का भी पूछना उचित नहीं समझते। अपने रिश्तेदारों की इस तरह की नाकद्री ठीक नहीं है। जरूरत पड़ने पर यही लोग सबसे आगे खड़े होते हैं जिन्हें आप हाशिए पर धकेल देते हो।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अन्य बहुत सारी फिजूलखर्ची जैसे डीजे बुक करवाना, लाइट डेकोरेशन करना, वीडियो शूट व ड्रोन कैमरा मंगाना, 15- 17 जोड़ी ड्रेस मंगवाना, 6-7 साफे ,शेरवानी, घोड़ी, पाइप पांडाल, स्टेज, पटाखे , एक वो झाग वाला डबिया (नाम तो मुझे आता नहीं ।)&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जिन परिवारों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं हो उन परिवारों के बच्चों को मां बाप से जिद्द करके इस तरह की फिजूल खर्ची नहीं करवानी चाहिए। आजकल काफी जगह यह भी देखने को मिलता है कि बेटे मां - बाप से कहते है आप कुछ नहीं समझते।&amp;nbsp; मैं जब भी यह सुनता हूं पांवों के नीचे जमीन खिसक जाती हैं। बड़ी चिंता होती हैं कि हमारा समाज किस दिशा में जा रहा है।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp; &amp;nbsp;@.....Copy.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;span style="color: #cc0000;"&gt;सूचना-: उक्त लेख विभिन्न सोसियल मीडिया के साभार से लिया गया है । अर्थात कॉपी पेस्ट है । और हम इसे प्रमाणित नही करते है अतः केवल जानकारी के आधार पर संग्रहित किया जा रहा है- BLOGER&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;</description><thr:total xmlns:thr="http://purl.org/syndication/thread/1.0">0</thr:total></item><item><title>do not knee replacement</title><link>http://ombhiksu-ctup.blogspot.com/2022/06/do-not-knee-replacement.html</link><category>घुटनों का दर्द</category><category>चिकित्सा</category><author>noreply@blogger.com (हें प्रभु यह तेरापंथ)</author><pubDate>Tue, 14 Jun 2022 01:02:00 -0700</pubDate><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-6602701595966810656.post-6819053155161589780</guid><description>&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;b&gt;&lt;u&gt;&lt;span style="color: red;"&gt;do not knee replacement&lt;/span&gt;&lt;/u&gt;&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अब समय आ गया है आपको अपना चिकित्सक खुद बनने का&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;लिंक में दिये गये विडियो को देखिए ओर किसी दूसरे व्यक्ति से ये एक्सरसाइज कराये केवल एक दिन छोड़कर तीन दिन सुबह खाली पेट&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;a href="https://youtu.be/QXfYQCGye3w"&gt;https://youtu.be/QXfYQCGye3w&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आज कल घुटनों का दर्द की समस्या दिन प्रतिदिन बड़ती जा रही है जिसका कारण गलत खानपान, बदलती दिनचर्या, एक्सरसाइज की कमी या लिमिट से अधिक, पोषक तत्वों की कमी आदि कोई भी कारण हो सकते।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;https://youtu.be/RGhoTx4he9k&lt;/p&gt;&lt;p&gt;डॉ पवन कुमार नेचुरोपैथी&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ग्रेटर नोएडा 7838037030&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह प्रयोग केवल घुटनों का दर्द&amp;nbsp; जिनके घुटनों की ग्रीस खत्म हो गयी हो सूजन हो या कार्टिलेज घीस गये हो या घुटनों को बदलने की सलाह दी जा रही है तो एक बार यह प्रयोग अवश्य अजमाये आप को निराश नही होना पड़ेगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;b&gt;आप को पंसारी के यहा से लाना है ।&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;(1) सहजन बीज 150 ग्राम&lt;/p&gt;&lt;p&gt;(२) देशी बबूलफली 100 ग्राम&lt;/p&gt;&lt;p&gt;(3) निर्गुणडी 100 ग्राम&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;(4) अलसी 100 ग्राम&lt;/p&gt;&lt;p&gt;(5) सौठ 50 ग्राम&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;(6) छोटी पीपल 50 ग्राम&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;(7) लौंग 25 ग्राम&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;(8) काली मिर्च 25 ग्राम&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ये सभी औषधि पंसारी के यहां आसानी मिल जाएगी उन्हें लाकर साफ कर के थोड़ी देर धूप में रख कर अच्छी तरह सुखा कर कूट पीस कर बारीक पाउडर बना ले ओर आटा छाननी में छानकर किसी जार या डब्बे में रख लें और रोजाना एक चम्मच यानी पाच सात ग्राम पाउडर सुबह उठते ही खाली पेट एक गिलास गुनगुने पानी से ऐसे ही रात को सोते समय लिजिये ओर एक महिना बाद प्रकृति का कमाल देखिए आपके घुटने का दर्द, कट कट की आवाज आना, कार्टिलेज व ग्रीस की समस्या खत्म हो जायेगी और घुटने बदलवाने की जरूरत नहीं पडेगी ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अगर आप यह पाउडर बनाने में असमर्थ है तो बना बनाया हमारे यहाँ से कोरियर या स्पीड पोस्ट द्वारा मगा सकते है ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;रिजल्ट देखें&lt;/p&gt;&lt;p&gt;1-&amp;nbsp; https://youtu.be/z7zkmSUU2i8&lt;/p&gt;&lt;p&gt;नाभि बैलेंस करने के लिए हमारे सेंटर पर आये या हमें काल करे या नीचे दिए गए विडियो में देखकर सीखने कि कोशिश करें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 7838037030&lt;/p&gt;&lt;p&gt;2 - https://youtu.be/BqS4wuXBptA&lt;/p&gt;&lt;p&gt;डा. पवन कुमार नेचुरोपैथी&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ग्रेटर नोएडा 7838037030&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अध्यक्ष&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इंडिजेनस नेचुरोपैथी एक्यूप्रेशर रिसर्च संस्थान ग्रेटर नोएडा (उ.प्र.) - 201310&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;u style="color: red;"&gt;सूचना-: उक्त लेख विभिन्न सोसियल मीडिया के साभार से लिया गया है । अर्थात कॉपी पेस्ट है । और हम इसे प्रमाणित नही करते है अतः केवल जानकारी के आधार पर संग्रहित किया जा रहा है- BLOGER&lt;/u&gt;&lt;/p&gt;</description><thr:total xmlns:thr="http://purl.org/syndication/thread/1.0">0</thr:total></item><item><title>बिखरते परिवार , टूटता समाज और दम तोड़ते रिश्ते.!</title><link>http://ombhiksu-ctup.blogspot.com/2022/06/blog-post_24.html</link><category>जैन लेख चर्चा</category><category>जैन विवाह</category><category>विविघ और चर्चा</category><author>noreply@blogger.com (हें प्रभु यह तेरापंथ)</author><pubDate>Tue, 14 Jun 2022 00:48:00 -0700</pubDate><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-6602701595966810656.post-6762402181013125732</guid><description>&lt;p&gt;&amp;nbsp;&#128394;️&#128394;️आज चिंता का विषय है&#128394;️&#128394;️&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;u&gt;शादी के लिए 25 से ज्यादा उमर का ना होने दें&lt;/u&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;u&gt;इस तथ्य को थोड़ा गहराई से पढिये ।&lt;/u&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जरा सोचिए आज ये सब क्यों हो रहा है.?&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;b&gt;&#128073; एक कटु सत्य..!!!&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आजकल माँ-बाप भी जरूरत से ज्यादा लडकियों के घर में हस्तक्षेप करके उसका घर खराब करते हैं!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह मत भूलो कि शादी के बाद असली माँ बाप उसके सास ससुर होते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आज जो हालात हैं उसके जिम्मेदार कौन है..?&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सर्वाधिक ये आधुनिक शिक्षा के नाम पर संस्कार विहीन बच्चे।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;रिश्ते तो पहले होते थे। अब रिश्ते नही सौदे होते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;किसी भी माँ बाप मे अब इतनी हिम्मत शेष नही बची कि बच्चों का रिश्ता अपनी मर्जी से कर सकें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पहले खानदान देखते थे। सामाजिक पकङ और सँस्कार देखते थे और अब ....&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मन की नही तन की सुन्दरता , नौकरी , दौलत , कार , बँगला।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;लङके वालो को लङकी बङे घर की चाहिए ताकि भरपूर दहेज मिल सके और लङकी वालोँ को पैसे वाला लङका ताकि बेटी को काम करना न पङे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;नौकर चाकर हो। परिवार छोटा ही हो ताकि काम न करना पङे और इस छोटे के चक्कर मे परिवार कुछ ज्यादा ही छोटा हो गया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दादा दादी तो छोङो , माँ बाप भी बोझ बन गये हैं। आज परिवार सिर्फ़ मतलब के लिए रह गया.!!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;परिवार मतलब पति पत्नी और बच्चे बस। जब परिवार इतना छोटा है तो फिर समाज को कौन पूछता है..?&lt;/p&gt;&lt;p&gt;लङका चाहे 20 हजार महीने ही कमाता हो। व्यापारी लङका भले ही दो लाख महीने कमाता हो पहली पसंद नौकरीपेशा ही होगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इसका कारण केवल ये है कि नौकरी वाला दूर और अलग रहेगा। नौकरी के नाम पर फुल आजादी मिलेगी , काम का बोझ भी कम। आये दिन होटल मे खाना घूमना।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;नौकरीपेशा वालों का समाज से सम्बन्ध भी कम ही मिलेगा ऐसे मे समाज का डर भी नही।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सँयुक्त और बङा परिवार सदैव अच्छा होता है। पाँच मे तीन गलत होंगे तो दो तो सही होंगे क्योंकि पाँचो उँगलियाँ बराबर नही होती। लेकिन एक ही है तो सही हो या गलत भुगतो।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पहले रिश्तों में लोग कहते थे कि मेरी बेटी घर के सारे काम जानती है और अब....&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हमने बेटी से कभी घर का काम नहीं कराया यह&amp;nbsp; कहने में शान समझते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आये दिन बायोडाटा ग्रुप खुल रहे हैं। उम्र मात्र 30 से 40 साल। एजुकेशन भी ऐसी कि&amp;nbsp; क्या कहना..&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कई डिग्री धारक रोज सैकङों लङके और लङकियों के बायोडाटा आ रहे हैं लेकिन रिश्ते नही हो रहे हैं। इसका कारण एक ही है..&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इन्हें रिश्ता नहीं बेहतर की तलाश है। रिश्तों का बाजार सजा है गाङियों की तरह। शायद और कोई नयी गाङी लांच हो जाये। इसी चक्कर मे उम्र बढ रही है।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अब तो और भी बायोडाटा ग्रुप बन रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;तलाकशुदा ग्रुप&lt;/p&gt;&lt;p&gt;विधवा विधुर ग्रुप&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अजीब सा तमाशा हो रहा है। अच्छे की तलाश में सब अधेङ हो रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अब इनको कौन समझाये कि एक उम्र में जो चेहरे में चमक होती है वो अधेड होने पर कायम नही रहती , भले ही लाख रंगरोगन करवा लो ब्युटिपार्लर में जाकर।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;एक चीज और संक्रमण की तरह फैल रही है। नौकरी वाले लङके को नौकरी वाली ही लड़की चाहिये।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अब जब वो खुद ही कमायेगी तो क्यों तुम्हारी या तुम्हारे माँ बाप की इज्जत करेगी.?&lt;/p&gt;&lt;p&gt;खाना होटल से मँगाओ या खुद बनाओ&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बस यही सब कारण है आजकल अधिकाँश तनाव के&lt;/p&gt;&lt;p&gt;एक दूसरे पर अधिकार तो बिल्कुल ही नही रहा। उपर से सहनशीलता तो बिल्कुल भी नहीं। इसका अंत आत्महत्या और तलाक।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;घर परिवार झुकने से चलता है , अकङने से नहीं.।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जीवन मे जीने के लिये दो रोटी और छोटे से घर की जरूरत है बस और सबसे जरुरी आपसी तालमेल और प्रेम प्यार की लेकिन.....&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आजकल बड़ा घर व बड़ी गाड़ी ही चाहिए चाहे मालकिन की जगह दासी बनकर ही रहे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;एक गरीब अगर प्यार से रानी बनाकर भी रखे तो वो पहली पसंद नही हो सकती। नौकरी पसँद वालों को इतना ही कहूँगा कि अगर धीरुभाई अंबानी भी नौकरी पसँद करता तो आज लाखों नौकर उसके अधीन नही होते।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सोच बदलो....&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;माँ बाप भी आजकल जरुरत से ज्यादा लङकियों के घर मे हस्तक्षेप करके उसका घर खराब करते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मत भूलो शादी के बाद उसके असली माँ बाप उसके सास ससुर होते हैं। आपके घर तो बस मेहमान थी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कई सास बहू के सामने बेटी की तारीफ करके अपना खुद का घर खुद खराब करती हैं। बेटी कभी भी बहू नही बन सकती। बेटी की चाहत खून के रिश्ते के कारण है लेकिन बहू अजनबी होकर भी आपकी गृहलक्ष्मी भी है , नौकरानी भी है और कुल चालक भी और आपके और आपके बेटे के मध्य सेतु भी। बहू खुश तो परिवार खुश अन्यथा....&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आजकल हर घरों मे सारी सुविधाएं मौजूद हैं....&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कपङा धोने की वाशिँग मशीन&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मसाला पीसने की मिक्सी&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पानी भरने के लिए मोटर&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मनोरंजन के लिये टीवी&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बात करने मोबाइल&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;फिर भी असँतुष्ट...&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पहले ये सब कोई सुविधा नहीं थी। पूरा मनोरंजन का साधन परिवार और घर का काम था , इसलिए फालतू की बातें दिमाग मे नहीं आती थी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;न तलाक न फाँसी&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आजकल दिन मे तीन बार आधा आधा घँटे मोबाइल मे बात करके , घँटो सीरियल देखकर , ब्युटिपार्लर मे समय बिताकर।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मैं जब ये जुमला सुनता हूँ कि घर के काम से फुर्सत नही मिलती तो हंसी आती है। लड़कियों के लिये केवल इतना ही कहूँगा कि पहली बार ससुराल हो या कालेज लगभग बराबर होता है। थोङी बहुत अगर रैगिँग भी होती है तो सहन कर लो।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कालेज मे आज जूनियर हो तो कल सीनियर बनोगे। ससुराल मे आज बहू हो तो कल सास बनोगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;समय से शादी करो। स्वभाव मे सहनशीलता लाओ। परिवार में सभी छोटे बङो का सम्मान करो। ब्याज सहित वापिस मिलेगा।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आत्मधाती मत बनो। जीवन मे उतार चढाव आता है। सोचो समझो फिर फैसला लो। बङो से बराबर राय लो। उनके द्वारा बताए अनुभव पर पूरा विश्वास रखो।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;समाज के लोगों से बस इतना ही निवेदन है कि समाज मे सही उम्र मे शादी हो। उस दिशा मे काम करें। कम खर्चीली हो। धनी सेठ करोङो रुपए बेवजह शादी मे लुटा देते हैं , उनके अनुसरण मे गरीब पिसते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;u&gt;&#128591;निवेदक &#128591;&lt;/u&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;u&gt;अखिल भारतीय जैन महासंघ&lt;/u&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;span style="color: red;"&gt;&lt;u&gt;सूचना-: उक्त लेख विभिन्न सोसियल मीडिया के साभार से लिया गया है । अर्थात कॉपी पेस्ट है । और हम इसे प्रमाणित नही करते है अतः केवल जानकारी के आधार पर संग्रहित किया जा रहा है&lt;/u&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;</description><thr:total xmlns:thr="http://purl.org/syndication/thread/1.0">0</thr:total></item><item><title>माता पिता से सीखे</title><link>http://ombhiksu-ctup.blogspot.com/2022/06/blog-post_79.html</link><category>गजल/कविता/रचनाएं मुहावरे</category><author>noreply@blogger.com (हें प्रभु यह तेरापंथ)</author><pubDate>Tue, 14 Jun 2022 00:42:00 -0700</pubDate><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-6602701595966810656.post-3004990263043092869</guid><description>&lt;p style="text-align: center;"&gt;&amp;nbsp;पिता से संघर्ष सीखो ,&lt;/p&gt;&lt;p style="text-align: center;"&gt;&amp;nbsp; &amp;nbsp;माता से संस्कार ।&lt;/p&gt;&lt;p style="text-align: center;"&gt;&amp;nbsp; &amp;nbsp; बाकी सब कुछ दुनिया&lt;/p&gt;&lt;p style="text-align: center;"&gt;&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;तो सिखा ही देगी ।&lt;/p&gt;</description><thr:total xmlns:thr="http://purl.org/syndication/thread/1.0">0</thr:total></item><item><title>(NSS)” विरार वेस्ट द्वारा -जैन समाज के हितार्थ - सुन्दर एवं आदर्श विवाह का आयोजन</title><link>http://ombhiksu-ctup.blogspot.com/2022/06/nss.html</link><category>जैन विवाह</category><category>शुलभ मुफ्त सेवा</category><author>noreply@blogger.com (हें प्रभु यह तेरापंथ)</author><pubDate>Tue, 14 Jun 2022 00:29:00 -0700</pubDate><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-6602701595966810656.post-6467742245441819900</guid><description>&lt;p&gt;&amp;nbsp;मुम्बई के विरार नगरी में&amp;nbsp; “नवकार सेवा संस्था, (NSS)” विरार वेस्ट द्वारा,समस्त जैन समाज के हितार्थ - सुन्दर एवं आदर्श विवाह का आयोजन&lt;/p&gt;&lt;p&gt;⭐⭐ शादी के बेहिसाब खर्चो से और फिजूल के दिखावे को कम करने एवं मध्यम एवं निम्नवर्गीय परिवारों की सहूलियत के मद्देनजर,संस्था द्वारा जैन समाज के युवक -युवतियों की शादी करवाने का बीड़ा उठाया है,और वो भी सारा इंतजाम अच्छे हॉल,अच्छे कैटरर्स,और सभी अच्छे इंतजाम के साथ,बैंड बाजा घोड़ी और संगीतमय होगा आपके बच्चो के विवाह का गठबंधन!!!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;b&gt;व्यवस्था की राशि मात्र 1,81,001/-&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;u&gt;⭐उपलब्ध सुविधाये&#127775;&lt;/u&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;1. शादी के लिए AC हॉल&lt;span style="white-space: pre;"&gt;				&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;2. स्टेज सजावट,एवं रिसेप्शन एवं फेरा मंडप&lt;/p&gt;&lt;p&gt;3.&amp;nbsp; जैन पंडितजी,एवं फेरा सामग्री&lt;span style="white-space: pre;"&gt;			&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;4.&amp;nbsp; साफा - 50&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;5.&amp;nbsp; बैंड बाजा और घोड़ी &lt;span style="white-space: pre;"&gt;				&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;6. माइक साउंड सिस्टम&lt;/p&gt;&lt;p&gt;7. 1+1 रूम &lt;span style="white-space: pre;"&gt;					&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;8.वरमाला हेतु हार&lt;/p&gt;&lt;p&gt;9.जैन भोजन व्यवस्था&lt;span style="white-space: pre;"&gt;				&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;10.सुबह का नाश्ता।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;11.दोपहर का भोजन 21 आईटम के साथ&lt;span style="white-space: pre;"&gt;		&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;12.शाम हाई टी ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;शादी के इस पैकेज में दोनों पक्षो के मिलाकर 200 मेहमानों की व्यवस्था होगी। आपके परिवार की जरूरत के अनुसार कुछ कार्यक्रमो में बदलाव किया जा सकता है। जिसकी जानकारी संस्था को पहले से देनी होगी ।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जानकारी एवं बुकिंग हेतु सम्पर्क करे:-&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;u&gt;&lt;b&gt;&#128591;&#127995; संस्थापक एवम संयोजक&lt;/b&gt;&lt;/u&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;श्री अरविंद जैन -7021674439&lt;/p&gt;&lt;p&gt;श्री आशीष जैन -9820813453&lt;/p&gt;&lt;p&gt;श्री हितेश जैन -&amp;nbsp; 9975331212&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;u&gt;&lt;b&gt;नवकार सेवा संस्था (NSS) का उद्देश्य-&lt;/b&gt;&lt;/u&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;⭐विवाह में फिजूल खर्चो पर रोक लगेगी ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;⭐कम बजट में एक अच्छी शादी का आयोजन&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&#128591;&#127995;&#128591;जैन समाज के सभी सदस्यों से निवेदन है की आप अपने contact के सभी ग्रुप में इसे फॉरवर्ड करके इस सामाजिक कार्य मे अपना सहयोग प्रदान करे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;b&gt;&lt;u&gt;विवाह स्थल:- विरार वेस्ट&lt;/u&gt;&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;नोट:- इस सेवा की शुरुआत विरार से की गई है और इसका विस्तार अधिक से अधिक किया जाएगा ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;नवकार सेवा संस्था (NSS )&amp;nbsp; विरार वेस्ट.( Please forward this massage to needy)&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;span style="color: red;"&gt;&lt;u&gt;&lt;b&gt;सूचना-: उक्त लेख विभिन्न सोसियल मीडिया के साभार से लिया गया है । अर्थात कॉपी पेस्ट है । और हम इसे प्रमाणित नही करते है अतः केवल जानकारी के आधार पर संग्रहित किया जा रहा है - BLOGER&lt;/b&gt;&lt;/u&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;</description><thr:total xmlns:thr="http://purl.org/syndication/thread/1.0">0</thr:total></item><item><title> प्राचीन जैन बायोलोजी:-</title><link>http://ombhiksu-ctup.blogspot.com/2022/06/blog-post_90.html</link><category>जीवन विज्ञान</category><category>जैन लेख चर्चा</category><category>विविघ और चर्चा</category><author>noreply@blogger.com (हें प्रभु यह तेरापंथ)</author><pubDate>Tue, 14 Jun 2022 00:19:00 -0700</pubDate><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-6602701595966810656.post-8913116149228364240</guid><description>&lt;p&gt;&amp;nbsp;प्राचीन जैन बायोलोजी:-&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;1892 में Dmitry Ivanousky रशियन साइंस्टिस्ट ने बीमार तंबाकू के झाड़ का रस फिल्टर करके स्वस्थ प्लांट में डाला तो स्वस्थ प्लांट भी बीमार हो गया,तभी से दुनिया को वायरस के बारे में पहली बार पता चला लेकिन....&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जैन धर्म में वायरस और बैक्टीरिया के बारे में 2500 साल प्राचीन जीवाभिगम और जीवविचार जैसे कई सूत्रों में वर्णन मिलता है-&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;1- परमात्मा महावीर के निर्वाण पर सूक्ष्म बैक्टीरिया उत्पन्न होने से साधु-साध्वियों ने अन्न-जल का त्याग कर दिया था।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;2- "भद्रबाहुसंहिता" में भी भद्रबाहु स्वामी ने 2000 साल पहले बताया कि महामारी के वक्त संक्रमित व्यक्ति के स्पर्श किए हुए किसी भी वस्तु या लोहे आदि को ना छूए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;3- 17 वे तीर्थंकर कुंथूनाथस्वामी के जन्म के समय कुंथू अथार्त सूक्ष्म जीवो की रक्षा की बात कही गई है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;4-स्त्रिया मासिक धर्म में होती है तब उनके शरीर से निकलने वाली अशुद्धि और पसीने में भी हानिकारक वायरस होते हैं इसीलिए महिलाएं मासिक धर्म के समय self quarantined रहती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;4- dead body में भी वायरस उत्पन्न होने से डेडबोडी का स्पर्श करने के बाद नहाने और सूतक के नियमों का पालन किया जाता है,जैनधर्म में डेडबोडी का अग्निसंस्कार किया जाता है क्योकि यदि कोरोना जैसे वायरस से ग्रसित मृतशरीर को दफना दिया जाए तो उसके दुष्परिणाम से नए रोग उत्पन्न हो सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;5-प्रभु महावीर ने कहा है-"जहा अंधकार होता है वहां जीवो की उत्पत्ति ज्यादा होती है", इसीलिए सूक्ष्म जीवो की रक्षा के लिए जैन धर्म में सूर्यास्त के बाद भोजन निषेध है। और जब सूर्य की किरणों से सूर्योदय के 48 मिनट के बाद जीवों की उत्पत्ति रुक जाती है तब जैन लोग नवकारशी(दिन का पहला अन्न-जल ग्रहण करना) करते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;5-कंदमूल‌ भी जमीन के नीचे अंधेरे में उगने के कारण उसके कण-कण में अनंत&amp;nbsp; जीव होते हैं(जैसे एक बीज=एक जीव, वैसे कंदमूल का एक कण=अनंत जीव) जिसकारण जैनधर्म में कंदमूल खाना निषेध है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;6- सूर्यग्रहण के वक्त भी अन्न-पानी ग्रहण करना निषेध कहा गया है वास्तव में सूर्य ग्रहण के कारण अंधकार होने से सूक्ष्म वायरस आदि जीवो की रक्षा हेतु अन्न-जल का त्याग करने को कहा गया है क्योंकि वायरस भोजन में मिलने पर रोग भी उत्पन्न कर सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;7- अनंत तारामंडल में चंद्र की गति के अनुसार विशाखा रोहिणी आदि 27 नक्षत्र को माना गया है,22 जून पर आद्रा नक्षत्र शुरू होने पर मौसम आद्र हो जाता है जिसके कारण आम जैसे गीले फलों में बैक्टीरिया उत्पन्न होने शुरू हो जाते हैं&amp;nbsp; &amp;nbsp;इसलिए जैन लोग 22 जून के बाद आम जैसे फलों का त्याग करते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;8- जैन शास्त्रो अनुसार पानी से ही जीवो की उत्पत्ति होती है इसीलिए जैन धर्म में बासी भोजन का त्याग करने को कहा है, लेकिन वैफर,खाकरा या कोई भी सुखी वस्तु जिसमें पानी का अंश ना हो वह दूसरे दिन भी खाई जा सकती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;9- जैन शास्त्रों अनुसार दही को जैविक नहीं बल्कि रासायनिक प्रक्रिया से जमाना चाहिए,जिसके लिए नींबू की कुछ बूंदे चांदी,संगमरमर,सुखी लाल मिर्च या सूखे नारियल के टुकड़े पर डालकर हल्के गर्म दूध में मिलाकर जैन रासायनिक विधि से दही जमाया जाना चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जैन शास्त्रों में कहा है कि 2 रात के बाद रासायनिक पद्धति से जमाये गये दही में भी जैविक प्रक्रिया शुरू हो जाती है इसलिए 2 रात के बाद का दही खाना जैन धर्म में निषेध हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;10-द्विदल- दाल,चने आदि जिनके दाने के दो दल होते हैं वे द्विदल कहलाते हैं, कच्चे दूध,दही में द्विदल का आटा मिक्स किया जाए तो तुरंत ही दो इन्द्रिय वाले जीव उत्पन्न हो जाते हैं। इसीलिए जैन लोग कड़ी बनाते वक्त दही या छाछ को पहले गर्म करते हैं और फिर उसमें बेसन डालते हैं। ताकि जीवोत्पत्ति ना हो।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;11- जैन शास्त्रों में बताया गया है कि मनुष्य के वात्त,पित्त,मल,मूत्र,थूंक,पसीना वीर्य आदि 48 मिनट में ना सूखे तो उसमें असंख्य समुर्च्छिम सूक्ष्म मनुष्य जीवों की उत्पत्ति होती है।ये अतिसूक्ष्म जीव शुक्राणु की तरह होते हैं,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उनके सिर में आंख,कान,नाक, मुंह,स्पर्श पांचो इंद्रियां होती है,मात्र शरीर की जगह पूंछ होती है,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;इसीलिए जैन साधु इन सूक्ष्म जीवो की रक्षा के लिए स्नान ना करना आदि नियम पालन करते हैं,आधुनिक वैज्ञानिकों ने भी लैब टेस्ट में यह जैन विज्ञान को 100% सही सिद्ध किया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;12- जैनशास्त्रों अनुसार शहद,बटर(मक्खन),मांस(meat),शराब ये चारों महाविगई है जिनके प्रत्येक कण में प्रतिपल असंख्य दो इन्द्रिय वाले जीव (जिनके पास शरीर के साथ मात्र भोजन के लिए मुंह है,बाकि आंख,कान,नाक नही है ) ऐसे सूक्ष्म जीवो की उत्पत्ति होती रहती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मांसाहार में मात्र एक बडे पंचेन्द्रिय जीव की ही हत्या नहीं होती बल्कि मांस कच्चा हो या पक्का उसमें असंख्य सुक्ष्म दो इंन्द्रिय वाले जीव जिन्हें हम बैक्टीरिया कहते हैं प्रतिपल उत्पन्न होते रहते हैं,मांसभक्षण से उन असंख्य जीवो की भी हत्या होती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;13-WHO report के अनुसार नोनवेज के कारण 159 अलग-अलग प्रकार की बीमारियों का खतरा रहता है। जिनमें heart disease,B.P.,kidney, strock,आदि मुख्य हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;14-&amp;nbsp; &amp;nbsp;covid,sarc जैसे कई वायरस nonveg से ही पैदा हुए हैं,E.coli &amp;amp; BSE वायरस बीफ याने कि गाय के मांस से, trichinosis पोर्क याने कि सुअर के मांस से, salmonella चिकन से,scrapie मटन याने कि बकरे के मांस से एसे कई जानलेवा वायरस की उत्पत्ति का कारण nonveg ही है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;15- वैज्ञानिकों को यह 1679 में ही पता चला है कि butterfly के अंडे पहले caterpillar यानी की कानखजूरे या ईयल की तरह विकसित होते हैं, बाद में उनके पंख आने पर वे butterfly बन जाते हैं। लेकिन प्राचीन जैन शास्त्रों में लिखा है कि भ्रमर के डर से उसका ध्यान करते हुए ईयल खुद भ्रमर बन जाती है,जो इस वैज्ञानिक तथ्य को तो सिद्ध करता ही है,साथ ही जैनविज्ञान का साइकोलॉजी अप्रोच को भी सिद्ध करता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जैन धर्म में एकिन्द्रिय जीव से लेकर पांच इंन्द्रिय वाले मनुष्य तक के समस्त जीवों की मन,वचन,काया से अहिंसा का पालन करने को कहा. गया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जैन धर्म अनुसार अहिंसा ही परम धर्म है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जैन धर्म अनुसार आत्मा ही ब्रह्म है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;b&gt;&lt;u&gt;सूचना-: उक्त लेख विभिन्न सोसियल मीडिया के साभार से लिया गया है । अर्थात कॉपी पेस्ट है । और हम इसे प्रमाणित नही करते है अतः केवल जानकारी के आधार पर संग्रहित किया जा रहा है&lt;/u&gt;&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;</description><thr:total xmlns:thr="http://purl.org/syndication/thread/1.0">0</thr:total></item><item><title>डाक्टर नहीं बताता रोगी को   पर आपके लिए जानना है आवश्यक</title><link>http://ombhiksu-ctup.blogspot.com/2022/06/blog-post_70.html</link><category>आयुर्वेद</category><category>खानपान</category><category>घरेलू नुस्खे</category><category>चिकित्सा</category><category>रसोई घर</category><category>ह्रदय रोग</category><author>noreply@blogger.com (हें प्रभु यह तेरापंथ)</author><pubDate>Tue, 14 Jun 2022 00:11:00 -0700</pubDate><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-6602701595966810656.post-7388638837869882375</guid><description>&lt;p&gt;&lt;u&gt;&lt;b&gt;&amp;nbsp;वो बातें जो डाक्टर नहीं बताता रोगी को&lt;/b&gt;&lt;/u&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;u&gt;&lt;b&gt;&amp;nbsp;पर आपके लिए जानना है आवश्यक&lt;/b&gt;&lt;/u&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;1. दवाइयों से डायबिटीज बढ़ती है अक्सर डायबिटीज शरीर में इंसुलिन की कमी होने से पैदा होती है। लेकिन बहुत कम लोग यह जानते हैं कि कुछ खास दवाईयों के असर से भी शरीर में डायबिटीज होती है। इन दवाइयों में मुख्यतया एंटी डिप्रेसेंट्स, नींद की दवाईयां, कफ सिरफ तथा बच्चों को एडीएचडी (अतिसक्रियता) के लिए दी जाने वाली दवाईयां शामिल हैं। इन्हें दिए जाने से शरीर में इंसुलिन की कमी हो जाती है और व्यक्ति को मधुमेह का इलाज करवाना पड़ता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;2. बिना वजह लगाई जाती है कुछ वैक्सीन वैक्सीन लोगों को किसी बीमारी से बचाव के लिए लगाई जाती है। परन्तु कुछ वैक्सीन्स ऎसी हैं जो या तो बेअसर हो चुकी है या फिर वायरस को फैलने में मदद करती है! इसलिए बेहतर होगा कि आप अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को उन्नत करने के लिए योग व (ayurveda) आयुर्वेद को अपने जीवन में अपनाये जो सभी बीमारियों से बचा सकते है!&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;3. कैन्सर हमेशा कैन्सर ही नहीं होता यूं तो कैन्सर स्त्री-पुरूष दोनों में किसी को भी हो सकता है लेकिन ब्रेस्ट कैन्सर की पहचान करने में अधिकांशतया डॉक्टर गलती कर जाते हैं। सामान्यतया स्तन पर हुई किसी भी गांठ को कैंसर की पहचान मान कर उसका उपचार किया जाता है जो कि बहुत से मामलों में छोटी-मोटी फुंसी ही निकलती है। उदाहरण के तौर पर हॉलीवुड अभिनेत्री ए ंजेलिना जॉली ने मात्र इस संदेह पर अपने ब्रेस्ट ऑपरेशन करके हटवा दिए थे कि उनके शरीर में कैन्सर पैदा करने वाला जीन पाया गया था।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;4. दवाईयां कैंसर पैदा करती हैं ब्लड प्रेशर या रक्तचाप (बीपी) की दवाईयों से कैन्सर होने का खतरा तीन गुना बढ़ जाता है। ऎसा इसलिए होता है क्योंकि ब्लडप्रेशर की दवाईयां शरीर में कैल्सियम चैनल ब्लॉकर्स की संख्या बढ़ा देता है जिससे शरीर में कोशिकाओं के मरने की दर बढ़ जाती है और प्रतिक्रियास्वरूप कोशिकाएं बेकार होकर कैंसर की गांठ बनाने में लग जाती हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;5. एस्पिरीन लेने से शरीर में इंटरनल ब्लीडिंग का खतरा बढ़ जाता है हॉर्ट अटैक तथा ब्लड क्लॉट बनने से रोकने के लिए दी जाने वाली दवाई एस्पिरीन से शरीर में इंटरनल ब्लीडिंग का खतरा लगभग 100 गुणा बढ़ जाता है। इससे शरीर के आ ंतरिक अंग कमजोर होकर उनमें रक्तस्त्राव शुरू हो जाता है। एक सर्वे में पाया गया कि एस्पिरीन डेली लेने वाले पेशेंट्स में से लगभग 10,000 लोगों को इंटरनल ब्लीडिंग का सामना करना पड़ा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;6. एक्स-रे से कैन्सर होता है आजकल हर छोटी-छोटी बात पर डॉक्टर एक्स-रे करवाने लग गए हैं। क्या आप जानते हैं कि एक्स-रे करवाने के दौरान निकली घातक रेडियोएक्टिव किरणें कैंसर पैदा करती हैं। एक मामूली एक्स-रे करवाने में शरीर को हुई हानि की भरपाई करने में कम से कम एक वर्ष का समय लगता है। ऎसे में यदि किसी को एक से अधिक बार एक्स-रे क रवाना पड़े तो सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। CT Scan केवल अति आवश्यक हो तब ही करवाएं !&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;7. सीने में जलन की दवाई आंतों का अल्सर साथ लाती है बहुत बार खान-पान या हवा-पानी में बदलाव होने से व्यक्ति को पेट की बीमारियां हो जाती है। इनमें से एक सीने में जलन का होना भी है जिसके लिए डॉक्टर एंटी-गैस्ट्रिक दवाईयां देते हैं। इन मेडिसीन्स से आंतों का अल्सर होने की संभावना बढ़ जाती है, साथ ही साथ हडि्डयों का क्षरण होना, शरीर में विटामिन बी12 को एब्जॉर्ब करने की क्षमता कम होना आदि बीमारियां व्यक्ति को घेर लेती हैं। सबसे दुखद बात तब होती है जब इनमें से कुछ दवाईयां बीमारी को दूर तो नहीं करती परन्तु साईड इफेक्ट अवश्य लाती हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;8. दवाईयों और लैब-टेस्ट से डॉक्टर्स कमाते हैं मोटा कमीशन यह अब छिपी बात नहीं रही कि डॉक्टरों की कमाई का एक मोटा हिस्सा दवाईयों के कमीशन से आता है। यहीं नहीं डॉक्टर किसी खास लेबोरेटरी में ही मेडिकल चैकअप के लिए भेजते हैं जिसमें भी उन्हें अच्छी खासी कमाई होती है। कमीशनखोरी की इस आदत के चलते डॉक्टर अक्सर जरूरत से ज्यादा मेडिसिन दे देते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;9. जुकाम सही करने के लिए कोई दवाई नहीं है नाक की अंदरूनी त्वचा में सूजन आ जाने से जुकाम होता है। अभी तक मेडिकल साइंस इस बात का कोई कारण नहीं ढूंढ पाया है कि ऎसा क्यों होता है और ना ही इसका कोई कारगर इलाज ढूंढा जा सका है। डॉक्टर जुकाम होने पर एंटीबॉयोटिक्स लेने की सलाह देते हैं परन्तु कई अध्ययनों में यह साबित हो चुका है कि जुकाम 4 से 7 दिनों में अपने आप ही सही हो जाता है। जुकाम पर आपके दवाई लेने का कोई असर नहीं होता है, हां आपके शरीर को एंटीबॉयोटिक्स के साईड-इफेक्टस जरूर झेलने पड़ते हैं। जबकि आयुर्वेद में इसे कफ दोष के कारण ही माना जाता है!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;10. एंटीबॉयोटिक्स से लिवर को नुकसान होता है मेडिकल साइंस की सबसे अद्भुत खोज के रूप में सराही गई दवाएं एंटीबॉयोटिक्स हैं। एंटीबॉयोटिक्स&amp;nbsp; ने व्यक्ति की औसत उम्र बढ़ा दी है और स्वास्थ्य लाभ में अनूठा योगदान दिया है, लेकिन तस्वीर के दूसरे पक्ष के रूप में एंटीबॉयोटिक्स व्यक्ति के लीवर को डेमेज करती है। यदि लंबे समय तक एंटीबॉयोटिक्स का प्रयोग कि या जाए तो व्यक्ति की किडनी तथा लीवर बुरी तरह से प्रभावित होते हैं!&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;11. अनेक डाक्टर खुद योग और देसी दवाओं से अपना और अपने परिवार का इलाज करवाते हैं क्योंकि उन्हें पता है कि आयुर्वेद और योग के साइड इफ़ेक्ट नही हैं और इससे रोग भी जड़ से समाप्त होते हैं.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;12. बाइपास सर्जरी जो कि हृदयघात (दिल का दौरा) के रोगियों के लिए बताई जाती है वो डाक्टर खुद अपने लिए कभी नही सोचते क्योंकि एक तो यह स्थाई इलाज नही है दूसरा इस से दौरा फिर से पड़ने के मौके कम नही होते, खुद पर ऐसी समस्या आने पर डाक्टर घिया (लौकी) का रस या अर्जुन की छाल का काढ़ा बना कर पीते हैं या रोज प्राणायाम और योग करते हैं.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उनकी तो धंधे की मजबूरी है पर आप तो बता सकते हैं ये राज़ .......&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;u&gt;&lt;b&gt;सावधानी - यह&amp;nbsp; लेख सोसियल&amp;nbsp; मीडिया&amp;nbsp; के&amp;nbsp; सभार&amp;nbsp; से&amp;nbsp; लिया गया / सिर्फ अच्छी&amp;nbsp; जानकारी&amp;nbsp; हेतु / उपयोग करते समय जांस&amp;nbsp; परख&amp;nbsp; के बाद&amp;nbsp; ही उपयोग&amp;nbsp; करे&amp;nbsp; / इसमें हमारी&amp;nbsp; कोई&amp;nbsp; जवाब देही&amp;nbsp; नहीं&amp;nbsp; रहेगी - ब्लोगकर्ता&lt;/b&gt;&lt;/u&gt;&lt;/p&gt;</description><thr:total xmlns:thr="http://purl.org/syndication/thread/1.0">0</thr:total></item><item><title> हीमोग्लोबिन बढ़ाने के उपाय </title><link>http://ombhiksu-ctup.blogspot.com/2022/06/blog-post_14.html</link><category>आयुर्वेद</category><category>घरेलू नुस्खे</category><category>चिकित्सा</category><category>रसोई घर</category><author>noreply@blogger.com (हें प्रभु यह तेरापंथ)</author><pubDate>Tue, 14 Jun 2022 00:00:00 -0700</pubDate><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-6602701595966810656.post-971002859873563400</guid><description>&lt;p&gt;&lt;b&gt;&lt;u&gt;&amp;nbsp;हीमोग्लोबिन बढ़ाने के उपाय&amp;nbsp;&lt;/u&gt;&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;u&gt;अमरूद&lt;/u&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अमरूद जितना ज्यादा पका हुआ होगा, उतना ही पौष्टिक होगा। पके अमरूद को खाने से शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी नहीं होती। इसलिए महिलाओं के लिए यह और भी लाभदायक हो जाता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;u&gt;आम&lt;/u&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आम खाने से हमारे शरीर में रक्ति अधिक मात्रा में बनता है, एनीमिया में यह लाभकारी होता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;u&gt;सेब&lt;/u&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सेब एनीमिया जैसी बीमारी में लाभकारी होता है। सेब खाने से शरीर में हीमोग्लोबिन बनता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;u&gt;अंगूर&lt;/u&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अंगूर में भरपूर मात्रा में आयरन पाया जाता है। जो शरीर में हीमोग्लोबिन बनाता है, और हीमोग्लोबिन की कमी संबंधी बीमारियों को ठीक करने में सहायक होता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;u&gt;चुकन्दर&lt;/u&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;चुकन्दर से प्राप्त उच्च गुणवत्ता का लोह तत्व रक्त में हीमोग्लोबिन का निर्माण व लाल रक्तकणों की सक्रियता के लिए बेहद प्रभावशाली है। खून की कमी यानी एनीमिया की शिकार महिलाओं के लिए चुकंदर रामबाण के समान है। चुकन्दर के अलावा चुकन्दर की हरी पत्तियों का सेवन भी बेहद लाभदायी है। इन पत्तियों में तीन गुना लौह तत्व अधिक होता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;u&gt;तुलसी&lt;/u&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;तुलसी रक्त की कमी को कम करने के लिए रामबाण है। तुलसी के नियमित सेवन से शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;u&gt;सब्जियां&lt;/u&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियां को अपने भोजन में शामिल करना चाहिए। हरी सब्जियों में हीमोग्लोबिन बढ़ाने वाले तत्व ज्यादा मात्रा में पाये जाते है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;u&gt;तिल&lt;/u&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;तिल हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा को बढ़ाता है। तिल खाने से रक्ताअल्पता की बीमारी ठीक होती है।।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;u&gt;&lt;br /&gt;&lt;/u&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;u&gt;सावधानी - यह&amp;nbsp; लेख सोसियल&amp;nbsp; मीडिया&amp;nbsp; के&amp;nbsp; सभार&amp;nbsp; से&amp;nbsp; लिया गया / सिर्फ अच्छी&amp;nbsp; जानकारी&amp;nbsp; हेतु / उपयोग करते समय जांस&amp;nbsp; परख&amp;nbsp; के बाद&amp;nbsp; ही उपयोग&amp;nbsp; करे&amp;nbsp; / इसमें हमारी&amp;nbsp; कोई&amp;nbsp; जवाब देही&amp;nbsp; नहीं&amp;nbsp; रहेगी - ब्लोगकर्ता&lt;/u&gt;&lt;/p&gt;</description><thr:total xmlns:thr="http://purl.org/syndication/thread/1.0">0</thr:total></item><item><title> गैस की समस्या का इलाज </title><link>http://ombhiksu-ctup.blogspot.com/2022/06/blog-post_55.html</link><category>आयुर्वेद</category><category>घरेलू नुस्खे</category><category>चिकित्सा</category><author>noreply@blogger.com (हें प्रभु यह तेरापंथ)</author><pubDate>Mon, 13 Jun 2022 23:55:00 -0700</pubDate><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-6602701595966810656.post-460027528502912318</guid><description>&lt;p&gt;&amp;nbsp;गैस की समस्या का इलाज&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;- गैस की समस्या को दूर करने के लिए आप एक &lt;u&gt;अदरक&lt;/u&gt; के टुकडे को देसी घी में पक लें. और फिर उस पर काला नमक डालकर खाएं इसके अलावा अदरक की चाय पीने से भी आपको एसिडिटी की प्रॉब्लम से राहत मिलती है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;- पका हुआ पाइनएप्पल खाएं या फिर आप इसका जूस पी एम इसकी एल्कलाइन प्रॉपर्टी गैस से तुरंत राहत दिलाने में बहुत मदद करती है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;- ठंडे पानी में 1 चम्मच भुना हुआ जीरा पाउडर घोलकर पीने से भी आपका डाइजेशन सुधर जाता है और गैस की प्रॉब्लम दूर हो जाती है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;- गैस की प्रॉब्लम को तुरंत दूर करने के लिए एक गिलास पानी में आधा चम्मच पुदीने का रस डालकर पिए इसके अलावा आप पुदीने की चाय भी पी सकते हैं.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;- गैस की समस्या को दूर करने के लिए नारियल पानी एक बहुत बढ़िया उपाय है क्योंकि नारियल पानी पीने से आपका डाइजेशन सुधरता है और आपके पेट की तमाम तरह की प्रॉब्लम दूर हो जाती हैं और अगर गैस बन रही हो तो आप नारियल पानी पी लें इससे तुरंत गैस में आराम मिलेगा.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br /&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;u&gt;सावधानी - यह&amp;nbsp; लेख सोसियल&amp;nbsp; मीडिया&amp;nbsp; के&amp;nbsp; सभार&amp;nbsp; से&amp;nbsp; लिया गया / सिर्फ अच्छी&amp;nbsp; जानकारी&amp;nbsp; हेतु / उपयोग करते समय जांस&amp;nbsp; परख&amp;nbsp; के बाद&amp;nbsp; ही उपयोग&amp;nbsp; करे&amp;nbsp; / इसमें हमारी&amp;nbsp; कोई&amp;nbsp; जवाब देही&amp;nbsp; नहीं&amp;nbsp; रहेगी - ब्लोगकर्ता&lt;/u&gt;&lt;/p&gt;</description><thr:total 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