<?xml version='1.0' encoding='UTF-8'?><?xml-stylesheet href="http://www.blogger.com/styles/atom.css" type="text/css"?><feed xmlns='http://www.w3.org/2005/Atom' xmlns:openSearch='http://a9.com/-/spec/opensearchrss/1.0/' xmlns:blogger='http://schemas.google.com/blogger/2008' xmlns:georss='http://www.georss.org/georss' xmlns:gd="http://schemas.google.com/g/2005" xmlns:thr='http://purl.org/syndication/thread/1.0'><id>tag:blogger.com,1999:blog-55863542095169090</id><updated>2020-07-09T02:23:35.549-07:00</updated><title type='text'>रात पसिने की</title><subtitle type='html'>हमने शेअर की है,सबको लुभाने की और आकर्षित करणे की....&#xa; जो पढणे के बाद सोचने मे मजबूर कर देगी।लडको और लडकी दोनो के लिये। और प्लीज guys नीचे सुबस्क्रिबे कर देना, आपको notification मिलते रहेंगे👇👇</subtitle><link rel='http://schemas.google.com/g/2005#feed' type='application/atom+xml' href='https://kahanipasinewaliraatki.blogspot.com/feeds/posts/default'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='https://www.blogger.com/feeds/55863542095169090/posts/default'/><link rel='alternate' type='text/html' href='https://kahanipasinewaliraatki.blogspot.com/'/><link rel='hub' href='http://pubsubhubbub.appspot.com/'/><author><name>Dream Becomes True</name><uri>http://www.blogger.com/profile/12306318588299863789</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='https://img1.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><generator version='7.00' uri='http://www.blogger.com'>Blogger</generator><openSearch:totalResults>6</openSearch:totalResults><openSearch:startIndex>1</openSearch:startIndex><openSearch:itemsPerPage>25</openSearch:itemsPerPage><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-55863542095169090.post-5568143813679496652</id><published>2020-07-09T02:23:00.000-07:00</published><updated>2020-07-09T02:23:35.133-07:00</updated><title type='text'>मेरी खुदकी चुदाई भाग - 1</title><content type='html'>&lt;div dir=&quot;ltr&quot; style=&quot;text-align: left;&quot; trbidi=&quot;on&quot;&gt;&lt;div&gt;आज से मे आपको सुनाने जा रही हू मेरी खुद की पेहली चुदाई कैसे हुई थी और कब हुई थी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मेरा नाम संजना उमर 21 साल , ब्रा साईझ 30 चड्डी मे 60 नंबर की पेहेन ती हू।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मेरे को सब से पेहले मेरे पापा ने 12 साल की उमर मे चोदा था । चलो अब पुरी कहाणी उसी वक्त की संजना बतायेगी....&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे इतनी छोटी थी के मेरे को सेक्स के बारे मे इतनी जाणकारी नही थी।&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पर एक रात ऐसा हुआ के मे सुसू करणे बाथरूम गयी सुसू करके बाहर आई और पापा मम्मी के कमरे मे से मम्मी की चिल्लने की आवाज आ रही थी,&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&amp;nbsp;झाक कर देखा तो पापा और मम्मी पुरे नंगे थे... मम्मी बेड पर लेटी हुई थी और पापा खडे होकर मम्मी की चुत मे लंड बहोत जोर से घुसा रहे थे, पर मम्मी उससे खुश होके चिल्ला रही थी।&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मेने अब तक मेरे भाई का लंड बचपन मे देखा था, पर इतना बडा लंड पेहली बार देखा था।&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पापा का लंड मम्मी को बहोत खुश कर रहा था मम्मी पापा के लंड पर बहोत उछल रही थी उनके उडते हुए बोबे पापा बहोत जोरो से दबा रहे थे वैसे मे ही पापा ने मम्मी की चुत मे झड दिया, और मम्मी को जन्नत मे जाणे का अवसर मिला ऐसे मम्मी भावुक हो रही थी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;दोनो का ये खेल खतम हुआ था।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मेरी चुत बहोत गरम हो चुकी थी और अभी अभी मूती तोभी मेरी चुत मेसे अचानक से पाणी आ रहा था।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मुझे भी ये खेल खेलने का था।पापा का लंड मेरी चुत मे डाल ने का था ,पर मुझे ये खेल, खेल ने नही आता था, यही वक्त था जो मे सिक सकू और मजे भी ले सकू ,,,, इस अवसर को मे हाथ से जाणे नही देना चाहती थी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मेने मम्मी को बाहर से ही आवाज दि&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे- मम्मी ....&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मम्मी और पापा उस वक्त पुरे नंगे एक दुसरे के बाहो की गर्मी का मजा उठा रहे थे।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;वैसे ही मेरी आवाज सूनकर मम्मी पापा चोंक उठे और चद्दर ओढ लिया अपने नंगे बदन पर।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मम्मी(डरे हुए आवाज मे)- क्या हुआ बेटा??? इतनी रात को यहा क्या कर रही हो। सोइ नही??&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;(मे अभी थोडा झूट बोलणे लगी। )&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे -मुझे निंद नही आ रही है। मुझे आप दोनो के बीच मे सोना है!!!&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मम्मी - नही बेटा.... अभी नही। तुम जाके अपने कमरे मे सो जाओ जाओ।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मेने उनकी बात को ना मान कर दोनो के बीच सो गयी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पापा तो सोने का नाटक कर रहे थे ।&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मेने दोनो से बोला.....&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आप दोनो नंगे है क्या???&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;दोनो भी एक दुसरे को देखते रेह गये...&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मेने वैसे ही दुसरा सवाल किया।।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आप दोनो वो कोणसा खेल खेल रहे थे ??? मैने बाहर खडे होके आपका पुरा खेल देख लिया!!!&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पापा- कुछ नही बेटा .... कुछ नही तो कर रहे थे।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे - पापा मेने सब देख लिया । जो आप मम्मी की योनी मे अपना लिंग डाल कर कर रहे थे।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पापा(गुस्से ली आवाज मे)- चूप हो जा कूच नही किया हमने।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे - मुझे भी करणा है ,अभी और मुझे आप दोनो सीखाओ गे।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मम्मी- बेटा .... ये तुम बाद मे शीख लोगी अपने आप।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे - नही मुझे अभी और आप ही सीखाओ। पापा के लिंग से।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;एक ही बार बसस...&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मम्मी ने पापा से बोला ठीक है अब इसकी उमर हो ही गयी है ये सब सिखने की कर लो ना आप।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पापा- ठीक है मे करता हू!!! पर ये बात किसीं और को नही पता चलनी चाहीये।&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे (बहुत खुशी से)- हा... नही पता चलेगा किस्को।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पापा और मम्मी तो नंगे ही थे बस्स मे ही कपडे पेहणे उनके बीच सोइ हुई थी।&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मेरी मम्मी ने पेहले शुरू किया मेरे कपडे उतार ने लगी,मेरे को तो बस्स पापा के लिंग को छुना था ।&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे अपने पापा के लिंग को बडी हलकी हाथो से छुने लगी और हिलाने लगी पापा पेहले से झड चुके थे, इसलीये उन्हे दुख रहा था।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पर मेरी जिद्द के कारण वो फिर से झडने को तयार हो गये।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे तो पापा का हिला रही थी और मम्मी मेरे कपडे उतार रही थी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;अब मे पुरी नंगी हो चुकी थी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मम्मी - बेटा बस्स हुआ अपने पापा के लंड को हिलाना, उस्पे बस्स मेरा हक है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;वैसे ही मम्मी ने मुझे उठा लिया और बेड पे लेट दिया।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मेरी जांघो को फैला के मेरी बिना फटे हुई चुत को फाडणे लगी, उसमे उंगली डालने लगी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मेने कभी पेहले अपने चुत मे उंगली नही डाली थी इसलीये मम्मी जब भी उंगली करती मे चिल्ला रही थी। मुझे बहुत दुख रहा था।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पर मेरी ही गांड मे चरबी थी जो ये खेल शिख ना था।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मम्मी - बेटा तुमहें बहोत दुख रहा है तो रुकते है यही। क्यू की मेरी उंगली या छोटी है, उसे तुम बरदाश नही कर पा रही,,,, पापा के लिंग को क्या सेह पाओ गी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पर मुझे पापा का लंड से ही उस रात चुदवाना था ।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मम्मी ने मेरे चुत मे तेल डाला और उंगली करणे लगी तब मुझे थोडा अच्छा लगणे लगा।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;अब मम्मी पापा के लंड पे तेल लगा रही थी, क्यू की मेरी चुत ज्यादा ना दर्द करे और वो दर्द मे सेह पाऊ।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मम्मी ने मेरी गांड के नीचे तकीया रखं दिया, और पापा घुटने के बल खडे हुए।अपना लंड सेहला रहे थे ।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;उनका लंड अब 6 इंच का होगया था जो मेरी छोटी से चुत को फाड डाल ने वाला था।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पापा और पास आये मेरी चुत पर उनका लंड सेहलाने लगे उनका मोटा सा लंड मेरी चुत पे रखं के अंदर डाल ने लगे ।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पापा का लंड अंदर जा ही नही रहा था।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;जब भी वो मोटा लंड मेरी चुत मे जाणे लगता मेरे रोंगते खडे हो जाते।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मम्मी बाजू मे बैठे तेल डाले जा रही थी मेरी चुत को पुरा नचीला बना दिया था ।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;अभी जाके उनका लंड मेरी चुत मे गया और वो धीरे से अंदर डाल ते बाहर निकाल ते ।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;धीरे धीरे उनकी गती बडणे लगी ।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मम्मी बोल रही थी के धीरे से करो&amp;nbsp; &amp;nbsp;लडकी चिल्ला रही है। पर पापा अपने आप को रुका नही पा रहे थे।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे भी पापा को रोकना नही चाहती थी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे-अअअअ पापा आहहह मत रुको प्लीज..... आहहह&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मम्मी भी मेरी चुत के उपर उंगली कर रही थी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;दोनो भी मुझे रांड बना रहे थे।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पापा बहुत जोरो से कर रहे थे मे अभी झडने वाली थी,और थोडी ही देर मे झड चुकी।पर पापा का नही हुआ था।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मम्मी- जी रुकिये उसका हो चुका है।।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पापा- पर मेरा नही हुआ है,, मे नही रुकु गा। मुझे मत रोक।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे -आहह पापा रुको अब प्लीज,,,, प्लीज पापा आहहहहह अआउच्च पापा नही।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे तडप ने लगी और झट पटणे लगी।पर पापा बहुत जोर से मेरी चुत मे डाल हि रहे थे।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;अब पापा मेरे उपर सो गये और मेरे अंदर डाल ने लगे&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पापा-- नही बेटी रुको। मे अब नही रुक सकता मेरा होणे मे अभि बहुत वक्त है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे--आह नही प्लीज .....मम्मी उन्हे बोलो ना।।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मम्मी भी कूच बोल नही पा रही थी, क्यू की पापा जब भी जोश मे आ जाते तो रुक ते नही थे,ये मम्मी को बहोत अच्छे से पता था।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पापा मेरी चुत मार ते गये .....&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे अब रोने लगी थी ,पर पापा मेरे उपर सोकर मेरे चुत मे डाल ते गये।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आधा घंटा पापा मेरे उपर सोये हुए मेरी चुदाई करते रहे।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पापा- बेटा रुको अभी निकाल रहा हु, आहहह आहहहह निकला निकला आहहह उच्चह&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;पापा अब मेरी चुत मे ही झड चुके थे , इतना पाणी उनहोणे मेरी चुत मे डाला के मेरी चुत भर गयी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पार5पापा अभी शांत नही हुए।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मम्मी को उनहोणे नीचे झुकाया और मूह मे लेके चुस ने बोला।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मम्मी उनका लंड बहोत जोरो से चुस ने लगी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मम्मी-याकक्क उमहहा वाहह... इसकी चुत का पाणी मस्त है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे तो बहुत थकी हुई थी। और उठ नही पा रही थी। पापा ने इतने जोरो से जो किया .&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;अभी हम तिनो थक चुके थे।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे अपने दोनो के बाहो मे सो गयी, और मम्मी के बोबे मे का दूध पिणे लगी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;ऐसे हुई मेरी पेहली चुदाई जो मेरे पापा ने की।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;अगर मेरी कहाणी पसंद आये तो शेअर और कंमेंट कारे।&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='https://kahanipasinewaliraatki.blogspot.com/feeds/5568143813679496652/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='https://kahanipasinewaliraatki.blogspot.com/2020/07/1_9.html#comment-form' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='https://www.blogger.com/feeds/55863542095169090/posts/default/5568143813679496652'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='https://www.blogger.com/feeds/55863542095169090/posts/default/5568143813679496652'/><link rel='alternate' type='text/html' href='https://kahanipasinewaliraatki.blogspot.com/2020/07/1_9.html' title='मेरी खुदकी चुदाई भाग - 1'/><author><name>Dream Becomes True</name><uri>http://www.blogger.com/profile/12306318588299863789</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='https://img1.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-55863542095169090.post-1863335362657084765</id><published>2020-07-05T12:48:00.001-07:00</published><updated>2020-07-05T12:48:59.121-07:00</updated><title type='text'>आंटी की चुत और गांड की चुदाई भाग-2</title><content type='html'>&lt;div&gt;&lt;ul style=&quot;text-align: left;&quot;&gt;&lt;li&gt;आज मे आपको बताने जाणे वाली हू, हमारे यहा के आंटी की चुदाई वाली कहाणी के उस्को मेरा भाई कैसे चोदता है और उससे आंटी कैसे माणती है चुदाई के लिये।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;तो उसके ही विचारो से आपको ये कहाणी आपको सुनाती हूं।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मेरा नाम अमोल मेरी उमर 22 साल और लंड की साईझ 5.5 इंच। मुझे मेरे दोस्त की मम्मी बहोत पसंद है जो बहोत ही आकर्षित लगती है मुझे।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;उनका नाम रेणू उमर 45 साल बूब साईझ 36 और गांड भी बहोत बडी है, जो चल ते वक्त मुझे बहोत लुभा डाल ती है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;उन्हे इतना अच्छा फिगर नही है, पर उनका बूब और गांड देख कर ही मेरे शरीर मे अलग सी आग उठती है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;उनके बूब देखके मुझे ऐसे लगता है की फिरसे बच्चा हो जाऊ और दोनो बूब चुस ता रहू।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;वैसे ही एक दिन उनके घर मे कोई नही था और मेरे को जैसे ही पता चला मे उनके घर मे अपने दोस्त को मिल्ने के बहाणे चला गया।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;और हांक दि तो आंटी बोली तुम्हार दोस्त घर पे नही है, रुको जरा मे स्नान कर रही हूं।अंदर आके बैठ जाओ।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे चूप चाप अंदर जाके बैठ गया।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;थोडी ही देर मे बाथरूम मे से आंटी की चिल्ला ने की आवाज आई, मे झट से दोड के बाथरूम के तरफ गया और देखा के आंटी पुरी नंगी खडी थी उनहोणे वैसे ही मेरी तरफ आ कर मुझसे लपट गयी और डरी हुई सी नंगी आंटी को देख कर मेरे शरीर मे आग सी उठी ।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;तब ही&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आंटी- बेटा उस कॉकरोच को मारो जाके, प्लीज!!&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे- आंटी, वो तो एक कॉकरोच ही है उसे क्या डरणा ।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आंटी- प्लीज !! मेरे लिये करो पर। मुझे डर लगता है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मेने वैसे ही उस कॉकरोच को मार दिया।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पर आंटी वैसे ही नंगे भिगे शरीर को लेके खडी थी।मेरे से बात करती, क्यू की वो मुझे अपने बच्चे के समान मान रही थी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पर मेरा लंड उनको देख के पुरा खडा हो चुका था।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;वैसे मे....&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आंटी - बैठो बेटा मे कपडे पेहेन लेती हू, तब तुमसे एक काम है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पर मेरा लंड टाईट हो चुका था।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे उनके ही बेड पर बैठे उनको निहारता रहा।&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;वो अपने शरीर पे लगे हुए पाणी को टॉवेल से पोछ रही थी, धीरे धीरे उनहोणे अपनी चड्डी पेहनी उनकी चुत तो ढक चुकी थी, पर गांड इतनी बडी थी के वो चड्डी बहोत छोटी थी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;ऐसा लग रहा था के जाकर दबा दु उनकी गांड।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;बस्स वैसे ही परकर पेहेनली और ब्लाउज पेहेन के उनहोणे मेरी तरफ देखा और मेरे लंड की तरफ उनकी नजर गयी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मेरा लंड इतना टाईट होचूका था के अब वो आंटी को दिख चुका था।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आंटी(मन ही मन मे) - ओहहह,,, इसका लंड तो खडा हुआ है।लगता है मुझे नंगा देख कर ही हुआ है। अच्छा है बडी दिनो के बाद अब मुझे ताजा ताजा लंड चुस ने को मिलेगा। वैसे भी इन्का अभि खडा नही हो ता।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;उसी ब्लाउज और परकर पेहणे आंटी अमोल के तरफ आती है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आंटी - कैसे हो। (कूच अलग हि अंदाज मे केहती है)&lt;/div&gt;&lt;div&gt;अमोल - बस ठीक।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आंटी - बोलो तुमहें क्या चाहीये?&lt;/div&gt;&lt;div&gt;अमोल- क्यू।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आंटी(अमोल के जांघो पर हाथ सेहला ते हुए)- तुम नही होते तो उस कॉकरोच से कोण बचाता था मुझे। बोलो तुम।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;अमोल (शर्माते हुए)- कूच नही। ठीक है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आंटी - ऐसे नही कुच तो लेना होगा।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;वैसे ही आंटी नर्म अंदाज से मेरा हाथ अपने बूब पे रखं देती है, और पुछ ती है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आंटी- तुमहें सेक्स करणा पसंद है?&lt;/div&gt;&lt;div&gt;अमोल( चौंक के) - क्या??&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आंटी- बस हा या ना बोलो।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;अमोल(शर्माते हुए)- हहअअअ हा ... पसंद है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आंटी-तो अब मेरे साथ करोगे।तुमहारा लंड खडा लंड देख के मुझे बहोत सेक्स करणे का मन कर रहा है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;अमोल- पर....&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आंटी- चलो ना करते है, कोई नही है घर मे।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;अमोल-हा, ठीक है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मेरे को तो वही चाहीये था, जो आंटी को चाहीये था। उनहोणे अपने बूब पे हाथ रखं कर ये पुछ कर मुझे और उत्ते जित करा था।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आंटी को 2 बच्चे थे और चाचा जी ने बहोत बार आंटी को चोदा था एक बार मेने ही देखा था।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पर वो चुदाई बहोत पहले हुआ करती थी।इसलीये आंटी जिसका भी लंड देखती उसके साथ करणे को तयार थी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आंटी ने ही पहले से शुरूआत की।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;उनहोणे मुझे ऊस बेड पर धक्का मार के लिटा दिया और मेरे उपर लेट गयी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;उनका वो नर्म शरीर मेरे शरीर को बहोत गर्म कर रहा था।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;उनके होंठ और मेरे होंठ अब रुक ही नही पा रहे थे। वो मुझे चुमती ही जा रही थी।वैसे ही मे उनके पीठ पिछे उनकी गांड को सेहलाके उनको और उत्तेजित करते जा रहा था।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;धीरे धीरे आंटी ने मेरी पॅन्ट उतार दि और मेरा लंड को चड्डी के अंदर ही हिलाने लगी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;उन्हे मुझसे भी ज्यादा ताजुरबा था सेक्स करणे का। वो मुझे एक हेरॉईन से भी बहोत हॉट लग रही थी।जो मेरे लंड को अब मूह मे लेणे जा रही थी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;उनहोणे मेरे लंड को चुसना शुरू हू किया,वो इतने जोरो से हिलाने लगी के बहोत दिनो बाद उन्हे लंड मूह मे मिला था।लंड को लोली पॉप की तरह चुस ते ही जा रही थी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे- आंटी.... अब मे झड ने वाला हू।प्लीज रुको मत।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आंटी- ok बेटा झड दो मेरे उपर ही।प्लीज!!! तुमहारा पाणी पिणे के लिये तरस रही हू।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आंटी अभी तक नंगी नही थी।उस कमरे मे बस अबतक मे ही नंगा था।आंटी ने ऐसे मेरा मूह मे लिया के मुझे रहा नही गया और मे उनके मूह पर और थोडा ब्लाउज पर ही झड गया।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आंटी ने जितना हो संके उतना पुरा मेरा पाणी चाट लिया।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;बस्स आंटी की ब्लाउज अभी मेरे पाणी से भरी हुई थी। तो वो उनहोणे झट से उतार दि,और मेरे बाजू मे वैसे ही लेट गयी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;और मेरे ही तरफ एक अलग ही नजर से देखती रही।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे समज गया था के अब मेरी बारी है आंटी को खुश करणे की।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आंटी वैसे ही बीना ब्लाउज के उनके बूब मुझे बहोत आकर्षीत कर रहे थे।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;तब थोडी भी देर न करे मे उनके उपर सो के, उनके बूब छोटे बच्चे जैसा चुमने लगा।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;उनका निप्पल इतना बडा था और निप्पल के बाजू की काली जगाह उनके बूब को शोभा दे रही थी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;एक बूब को चुस ता तो एक बूब को हाथ से दबा ता ऐसे ही उनको पुरी तरह से गर्म कर चुका था।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;बस्स उनकी चुत और गांड को मुक्त करणे का समय आ चुका था।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे वैसे ही नीचे जाके उनकी परकर खोली और धीरे से उनकी चुत को मुक्त कर दिया।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;उनकी चुत पे बहोत झाट थे जो उनकी चुत को मेहका रहे थे।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;उनकी चुत को चाटणे को मेने शुरू करते ही।आंटी काप उठी ,जैसे उनका बदन मेरे हवाले कर दिया हो।उनकी चुत का वो काला रंग बहोत ही शोभा दायक था।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आंटी से रहा नही गया अब उन्हे मेरे लंड को अपने चुतडी मे डाल के मजा लेना था, और इसके लिये वो पुरी तराह तयार थी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;उनहोणे बहोत दिनो से सेक्स नही किया था। तो उनकी चुत बंद ही थी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;उनहोणे अपनी जांघे फैला दि और मेने भी अपना लंड उनके चुत मे बहोत धीरे से डाल दिया।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आंटी- उऊ आह .....अमोल वैसे ही कर थोडा धीरे प्लीज करते रेह... प्लीज!!!&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आंटी ऐसे चिल्लई तब मे खुश हुआ मेरा लंड आंटी को पसंद आया था अब बस जोरो से अंदर बहर करके खुश करणा था।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे वैसे ही आंटी के उपर सो गया और मेने रेणू को चुमने शुरू किया ।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे उन्हे नीचेसे चोद भी रहा था और हम दोनो एक दुसरे को चुम भी रहे थे।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आंटी के होंठ इतने नर्म और जाडे थे के बहोत देर तक मेरे होंठ उन्हे छोड ही नाही संके।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे- आंटी... आप झड चुकी क्या?&amp;nbsp; &amp;nbsp;मै अब झड ने वाला हूं।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आंटी- बेटा मेरा होगया है।तुम अंदर ही झड दो.... बस रुको मत..... बहोत मजा आ रहा है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे उनकी चुत मे झड चुका था।अब मुझे तो थोडा ब्रेक चाहीये था।पर आंटी रुक ही नही थी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे-आंटी.... रुको मे मूत के आया।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आंटी- रुको बेटा तुम्हार लंड पकड ना पडेगा ना चलो मे भी आती हू तुमहारा लंड पकड ने को।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आंटी भी मेरे साथ बाथरूम मे आती है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;उन्हे भी मुतने हुई होती है,,,,वो मेरे पिछे खडे होकर।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आंटी - रुको बेटा मे पकड ती हू तुम्हार लंड....तुम कष्ट मत उठाओ।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मेरा मूत के हो जाता है पर आंटी वहा पे ही मेरा लंड साफ कंरने लग जाती है,,,अपने मूह मे लेके।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे-आहहह..उऊ,,, आंटी... हा हहह. ओह गॉड ।।।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आंटी मेरा बहोत जोरो से चुस ने लग जाती है मेरे लंड मेका बचा हुआ मूत भी पी लेती है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;थोडी देर मे मुझे उसके नीचे झुका के चाट ने बोलती है।जो भी मूत लगा है वो सब।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;तभी....&lt;/div&gt;&lt;div&gt;रेणू- अअअ नीचे चाट मेरे बच्चे हाआ अअ आ फक कक्क प्लीज...&lt;/div&gt;&lt;div&gt;बस्स आंटी की आवाज ही थी जो मुझे आकर्षित करती थी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;वैसे ही आंटी खुद से कमोड के संडास के भांडे पर बैठ जाती है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;और हलके से मेरा लंड हिलाते हिलते अपने चुतडी मे डाल देती है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे बहोत जोरो से उन्हे चोद ने लगता हू।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;उनके उपर नीचे होते हुए वो बोबे मेरे को बहोत लोभीत कर ते ...उनका बूब मे दबा ते गया और उनको चोद ते गया।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;ऐसे ही वो भी झड चुकी थी और मे भी 3 बार झड चुका था।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;अभी वो भी थक चुकी थी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मेने सोचा फिर से ये मोका मिलेगा या नही पता नही पर इनको शॉवर के नीचे भी आज चोदु गा...&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मैने वैसे ही शॉवर चालू किया और उन्हे शॉवर के नीचे हम एक दुसरे को चुमने लगे...&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;दोनो का बदन अभी साफ भी होचूका था ......जो फिर से खराब होणे जा रहा था।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;उन्हे मैने दिवार की तरफ गिरा दिया और उनकी गांड पर जोर से मार कर उन्हे और उत्तेजित किया.....मेरा लंड पिछे से उनकी चुत मे घुसड के पिछे से हिलाने लगा।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;उनको पीछे से गांड पे पटक ने लगा।उनकी गांड की वो आवाज बहोत ही अच्छी थी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आंटी- आ अअअ बेटा चोद अपने आंटी को ऐसे ही चोद बेटा मेरी गांड पे मार .... बहोत अच्छा.... हाआ या ययय ...&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मैने उन्हे खडे खडे बहोत जोरो से चोद ना शुरू किया..... मेरे लिये अब झड ना मुश्किल था।पर मे उनको खडे खडे चुत के अंदर ही झड डाला।आंटी ने मेरे लंड को आखरी बार साफ कर दिया।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;और हम दोनो ने झट से अपने कपडे पेहेन ली।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आंटी - और बेटा कैसे लगी तुम्हारी रंडी आंटी???&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे- रंडी यौ से बहोत बेहतर... और सेक्सी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;वैसे ही मैने उनको होठो से चुमा और चला आया अपने घर।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;धन्यवाद दोसतो मेरी कहाणी को पढणे के लिये।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;अगर कहाणी अच्छी लगे तो share करे और page को subscribe करे।&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='https://kahanipasinewaliraatki.blogspot.com/feeds/1863335362657084765/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='https://kahanipasinewaliraatki.blogspot.com/2020/07/2.html#comment-form' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='https://www.blogger.com/feeds/55863542095169090/posts/default/1863335362657084765'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='https://www.blogger.com/feeds/55863542095169090/posts/default/1863335362657084765'/><link rel='alternate' type='text/html' href='https://kahanipasinewaliraatki.blogspot.com/2020/07/2.html' title='आंटी की चुत और गांड की चुदाई भाग-2'/><author><name>Dream Becomes True</name><uri>http://www.blogger.com/profile/12306318588299863789</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='https://img1.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-55863542095169090.post-527707175381552982</id><published>2020-07-04T01:59:00.001-07:00</published><updated>2020-07-04T01:59:48.323-07:00</updated><title type='text'>मेरी चुडककड माँ की चुत और गांड भाग-1 </title><content type='html'>&lt;div style=&quot;text-align: left;&quot;&gt;“मेरी विधवा मम्मी महा चुदक्कड है, माँ की उमर 40&lt;br /&gt;साल है और एक माल औरत है, वो एकदम कामुक भी&lt;/div&gt;&lt;div style=&quot;text-align: left;&quot;&gt;है। मे भी अपनी माँ के जिस्म को देखने लगा, उसे&lt;/div&gt;&lt;div&gt;चोदने के सपने देखने लगा। ...”&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;यह कहाणी एक रिअल स्टोरी पर निर्भर है। मेरी मामी और उसके बेटे की है। उसने मुझे ये सब बतया था जो अभि मे आपको बेताने जा रही हू।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;मेरा नाम अमन, उमर 23 और लंड का साइज़ 7 इंच है। मे अंतरवासना का बहुत बड़ा फैन हूं।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मेरी यह कहानी रिअल स्टोरी है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मेरे घर मे बस मे और मेरी माँ शिल्पा ही रहते है, माँ की उमर 40 साल है और एक माल&lt;/div&gt;&lt;div&gt;औरत है, वो एकदम कामुक भी है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आपस मे चिपके हुये उसके 36 साइज के संतरे देखकर किसी नपुंसक का भी लंड खड़ा हो&lt;/div&gt;&lt;div&gt;जाये और गांड ऐसी की हर लंड को चुबक की तरह अपनी तरफ खींचती जाये।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मेरी माँ का फिगर 36 34 38 है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मेरे पिता की मौत एक कार ऍकॅसिडेंट मे 6 साल पहले हुई थी लेिकन इस बात का माँ की&lt;/div&gt;&lt;div&gt;सेस लाइफ पर कोई असर नहीं हुआ। वैसे भी वो कई बार अपने पित को धोखा दे चुकी&lt;/div&gt;&lt;div&gt;थी, कभी अपने बॉस से या कभी अपने कॉलेज के लड़क से कभी पापा के बॉस से या फिर&lt;/div&gt;&lt;div&gt;कभी उसके दोस्त से… उसकी चत की भूख कभी कम नहीं हो सकी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;माँ पिछले तीन साल से अपनी माँ के जिस्म को देखने लगा था, दिन रात उसे चोदने के&lt;/div&gt;&lt;div&gt;सपने देखने लगा। लेिकन सपना सपना ही रहा हकीकत नहीं बन पाया।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;लेिकन आज कुछ होने वाला था, कुछ अलग जो मेरी जींदगी बदल देने वाला था ।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;सुबह 8 बजे जब माँ मुझे जगाने आ गई- चलो उठो बेटा, सुबह हो गई तुम जलदी उठो,&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;मुझे नहाने जाना है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;माँ- हाँ हाँ माँ, माँ उठ गया हँ।ू&lt;/div&gt;&lt;div&gt;जैसे ही मैने आँख खोली, मेरी आँख फटी की फटी रह गई, मेरी माल माँ मेरे सामने सिर्फ&lt;/div&gt;&lt;div&gt;तौिलये में थी, उसके बड़े बड़े दो संतरे और उनके बीच की धारी वो तौिलया छुपा नहीं&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पाया और तौिलया इतना ही लंबा था कि चुत के नीचे सिर्फ एक इंच तक का बदन छुपा&lt;/div&gt;&lt;div&gt;सके ।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मेरी आँख माँ के बूबस पर गड़ गई, यह देखकर शिल्पा थोड़ा शर्मा गई और थोड़ा अजीब&lt;/div&gt;&lt;div&gt;सा फील करने लगी कि उसका अपना बेटा उसको हवस भरी नज़र से देख रहा है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;अब मेंअपनी माँ को नाम से ही बुलाता हँ।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मेरी नज़र अब उसकी जाँघ पर पड़ी, मेरे पलंग पर बैठी माँ की गोरी गोरी जांघ देखकर&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मेरा लंड पजामे मे टाइट हो गया। मे किसी भूखे शेर की तरह अपनी माँ के बदन को देखने लगा।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;माँ का हाथ उसके तौिलये पर था और वो किसी चीज़ मे फंस गया। जैसे ही माँ म से&lt;/div&gt;&lt;div&gt;बाहर जाने के लिये खड़ी हुई उनका पुरा तौिलया उसके बदन से उतर गया।&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मेरी माँ मेरे सामने कमरे मे एकदम से नंगी हो गई। घबराहट मे उसने जलदि से टावल खींच लिया, उससे अपने बूब और चुत को छुपा लिया और वहाँ से भाग निकली।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;लेिकन इससे उसकी बड़ी गांड के चतड़ मुझे नज़र आ गये।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;यह सब इतनी जलदी मे हो गया कि मुझे कुछ समझ मे ही नहीं आया, मे जलदी से बाथरूम मे घुस गया और मुठ मारने लगा। मे इतना उत्तेजित था कि दरवाजा भी लगाना&lt;/div&gt;&lt;div&gt;भल गया।&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;जब माँ साड़ी पहनकर हॉल मे जाने के लिये निकली तो उसने देखा कि बाथरूम का दरवाजा खुला है और जब उसे बंद करने गई तो देखा कि मे मुठ मार रहा हँ, वो समझ गई&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;कि मे किसके बारे मे सोचकर मुठ मार रहा हू।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;माँ अचंभे से बोली- यह तुम क्या कर रहे हो??&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे घबरा कर- ओह सॉरी सॉरी सॉरी… आई एम सॉरी माँ!!&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा- तुम मेरे बारे मे सोच कर मुठ मार रहे थे ना?? तुमहें शर्म नहीं आती ऐसा करते हुये,ऐसे सोचते हुये&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे- आई एम सॉरी माँ… आगे से ऐसा नहीं करुंगा।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा- क्या तुम मेरे बारे मे ऐसी सोच रखते हो?&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे- बिलकुल नहीं माँ ।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा- झूठ मत बोलो।अगर नहीं सोचते तो ये सब नहीं करते।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे- आई एम सॉरी माँ, आज तुमहें ऐसा देखकर मुझसे रहा नहीं गया।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा- ऐसा ऐसा मतलब ।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे- मतलब… नंगी!!&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा - बेशम…&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा गुस्से से वहाँ से अपने कमरे मे जाकर ऑफिस के लिये तैयार हो गई और नाश्ताबनाकर चली गई।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे भी 11 बजे कॉलेज के लिये निकल गया लेिकन मेरे दिमाग़ मे एक ही बात चल रही थी,&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे परे दिन अपनी माँ के नंगे बदन के बारे मे सोचता रहा।&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शाम 5 बजे मे कॉलेज से वापस आ गया था और टी.वी देख रहा था, 6 बजे शिल्पा ने डोर&lt;/div&gt;&lt;div&gt;बेल बजाई तो मैने दरवाजा खोला लेिकन अपनी माँ से नज़र ना मिला पाया।&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा समझ गई कि मे शर्मिनदा हूं।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;लेिकन आज उनहोणे एक बेशमी वाली स्मामाइल दी और वो सीधा बेडरूम मे चली गई और ,आधे घंटे बाद गाउन पहन कर मेरे पास मे आकर बैठ गई और ऐसे बरताव करने लगी जैसे&lt;/div&gt;&lt;div&gt;सब कुछ सामान्य है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा- कौन सी फिल्म देख रहे हो बेटा?&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे- इंग्लिश फिल्म है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा- अच्छा… तुम्हे इंग्लिश फिल्म बहुत अच्छे लगती है ना।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे - हाँ माँ ।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा- और क्या क्या अच्छा लगता है तुमहें&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे- क्रिकेट, यिज़क और घुमना।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा - और लड़िकयाँ । क्या तुमहें&amp;nbsp; लड़िकयाँ पसंद नहीं?&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे- घबराता हुआ और शर्माते हुआ- कुछ समझा नहीं माँ&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा-&amp;nbsp; कामुक आवाज़ मे - तुम सब समझते हो बेटा… एक सवाल का सच सच जवाब दोगे?&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे- क्या&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा- पहले मेरी कसम खाओ कि सब सही जवाब दोगे।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;माँ - हाँ&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा - क्या मे तुमहें अच्छ लगती हूं।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे- ये तुम क्या...&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा- सिर्फ हाँ या ना मे जवाब दो।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे- उ उमम म… हाँ !&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा- तुम अच्छे लड़के हो, अब बताओ क्या मे तुम्हे सेक्सी लगती हूं?&lt;/div&gt;&lt;div&gt;माँ- हाँ!!&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा- मेरे बोबे तुम्हे अच्छे लगते है ना बेटा ?&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे- हाँ !!&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा - क्या तुम मेरे बारे मे गंदी गंदी बाते सोचते हो क्या? तुम मुझे चोदना चाहते हो ?&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे हैरानी से- क्या?&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा- हाँ या ना ??&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे चुप रहा।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा- अब बोलो भी बेटा, मे तुम्हारी माँ हँ, मुझसे क्या शर्माना ।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;और यह कहते हुये उनहोणे अपना हाथ मेरी जाँघ पर रख दिया।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे- हाँ माँ।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा - फिर से कहना ।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे- क्या&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा - वही जो तुम बहुत दिनो से कहना और करना चाहते हो, चलो बोलो भी ।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे- हाँ माँ… मे तुम्हे… च..च..चोदना चाहता हूं।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा- तो फिर किसका इंतजार कर रहे हो । मैने भी सोचा कि जब घर मे ही लंड मौजूद है।तो बाहर जाकर क्यूँ अपनी चूत चूदाई करवाऊँ । वैसे भी मे हफ्ते मे बस एक दो बार ही&lt;/div&gt;&lt;div&gt;चुदाई करवा पाती थी, अब तो अपने बेटे के साथ रोज चुदाई करवाऊँ गी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;यह सुनते ही मेरे दिमाग़ ने काम करना बंद कर दिया, शिल्पा ने मेरा हाथ अपने सीधे बोबे&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पर रख दिया और मेरे होंठ पर अपने होठ रख दिये।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;कुछ ही पल मे हम माँ बेटे फ्रेंच किस करने लगे।&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;अब मे अपने आपे मे आ गया, अपनी माँ की कामुकता मे खो गया, उठाकर उसे उसके ही रूम मे ले गया और बेड पर लिटा दिया। शिल्पा अब एक माँ नहीं बालकी एक रंडी की तरह&lt;/div&gt;&lt;div&gt;हरकत करने लगी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा- आ जाओ बेटा… चोद दो आज अपनी माँ को। आज सुबह जब से तेरा लंड देखा है, मेरी चुत मे खुजली होने लगी है बेटा ।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे- हाँ माँ… मे भी तुम्हारी चुत और गांड देखकर पागल हो गया था। इसके लिये तो कई दिन से इंतजार कर रहा था लेिकन तुम्हारी चुदाई का मौका आज जाकर मिला है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मैने किसी जानवर की तरह अपनी माँ का गाउन फाड़ कर&amp;nbsp; फेंक दिया। शिल्पा अब बस ब्रापॅंटी मे थी, उसके 36″ के बूब्स उसकी ब्रा से बाहर आने के लिये तड़प रहे थे।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मैने उनकी तड़प कम करने के िलए उनकी ब्रा को फाड़ दिया, अब माँ के बस देखकर मेरा लंड टाइट हो गया और मे उसे बेरहमी से दबाने लगा।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा दर्द से तड़प उठी- आअहह… धीरे बेटा धीरे… मेरे बोबे कहीं भागे नहीं जा रहे ।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आराम से करो बेटा… आराम से ।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मैने अपनी पीड कम कर दी और अब बारी बारी एक एक बूब्स को चाटा और एक एक निप्पल को चुंसा।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा&amp;nbsp; के निप्पल टाइट हो गये, उसकी हवस जाग उठी और वो मुझे और उकसाने लगी-आह… बेटा ऐसे ही बेटे .. चुंसो और चुंसो … एक बार फिर से पी लो… मेरा दूध सारा पी जाओ…&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे- माँ, तुम्हारे बोबे इतने बड़े है, तुम्हे दूधवाली होना चािहये।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा -हट बेशरम … अपनी माँ का दूध सारी दुनिया को पिलायगा। आज तो आपको दूध मे ही पी उंगा।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा- आआ… आआहह… और चुंसो।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा के चुचे एकदम टाइट हो गये, वो अपने बेटे की हवस मे पागल हो रही थी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मैने अब मां की पॅंटी उतार दी, माँ अब मेरे सामने उसके ही पलंग पर बिल्कुलनंगी थी,चुदने के लियेतैयार थी। शिल्पा मुझे नंगा करने लगी, मेरा 7 इंच का मोटा लंड देख कर उसके मुँह मे पानी आ गया और बिना किसी देरी के उसे चूसने लगी। कई मर्द से चुडी हुई औरत आज अपने बेटे का&lt;/div&gt;&lt;div&gt;लंड चूस रही थी जैसे वो कोई लोलीपोप हो।&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;‘ओह माँ, तुम तो लंड चूसने मे बहुत अच्छी हो…’ मेने कहा तो शिल्पा ने उसे और ज़ोर से चूसना शुरू किया।अब मुझसे रहा नहीं गया, मे तड़पने लगा- माँ… मे झड़ने वाला हूं।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;लेिकन माँ ने लंड अपने मुँह से नहीं निकाला और मैने अपना सारा पानी अपनी माँ के मुँह मे ही छोड़ दिया, शिल्पा ने सारा का सारा पानी पी लिया, अपने बेटे का लंड चाट चाट&lt;/div&gt;&lt;div&gt;कर साफ कर दिया और कहा- चलो बेटा, अब तुम्हारी बारी&lt;/div&gt;&lt;div&gt;और अपनी टांगे फैला कर अपनी चुत सहलाने लगी।&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे समझ गया कि माँ क्या चाहती है, माने अपना चेहरा अपनी माँ की चूत के सामने रख दिया और उसे सूंघने लगा और अपनी जुबान उसकी चूत के दाने पर रख दी।&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा एकदम कांप उठी, उसका बेटा अब उसकी चूत को चाटने लगा।&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा अब रंडी की तरह मेरा साथ देने लगी, वो अब धीरे धीरे गर्म हो रही थी और मुझे अपनी सीकार से और बढ़ावा दे रही थी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;अपनी माँ की चूत का वास और उसकी सुगंध से मे पागल हो गया और किसीं आईस्क्रीम की तरह उसे चाट रहा था। आज तो सिर्फ मे ही पीऊँगा माँ।&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;‘ऊऊउ… आआअहह… ऐसे ही करो बेटा… आहह… ओह गॉड… चाट मेरे बच्चे… चाट&lt;/div&gt;&lt;div&gt;अपनी माँ की चूत को… चाट ले… आज से ये आअहह… आज से ये चुत… आअहह…&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;तेरी है बेटा… जो चाहे वो करना इसके साथ… … चाट’ शिल्पा से अब रहा नहीं जा&lt;/div&gt;&lt;div&gt;रहा था और ना ही मुझसे… दोनोअब चुदाई के लिये तड़प रहे थे।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;वो अब झड़ चुकी थी और उसकी चूत एकदम गीली थी।&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे- माँ!&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा- हाँ ।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे- माँ, अब रहा नहीं जा रहा, मे तुम्हे चोदना चाहता हूं।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा- तो रोका किसने है बेटा, डाल दे मेरी चूत मे अपना लंड।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;यह सुनते ही मेने अपना लंड अपनी माँ की चूत के ऊपर रखा और एक ज़ोर का धक्कालगाया। शिल्पा ना तो कोई कुवांरी औरत थी और ना ही उसने बिना लंड के साल गुजारे&lt;/div&gt;&lt;div&gt;थे, इसिलये मेरा लंड मेरी माँ की चूत मे आधा घूस गया।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा की एक हलकी सी चीख निकली। मेंने अपना लंड बाहर निकाला, एक बार फिर से&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पहले से जोर का धका दिया और अपना सारा का सारा लंड उसकी चुत इ घुसा दिया।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;इस बार शिल्पा की एक जोरदार चीख निकली- अवव अबे मादरचोद इतनी ज़ोर से !!&lt;/div&gt;&lt;div&gt;डालने के लिये किसने कहा था ।हरामखोर मेरी चूत को फाड़ दिया हरामी…&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे बिना कुछ बोले अपनी माँ के निप्पल चूसने लगा और अपना सात इंच का लंड अपनी माँ की चूत मे आगे पीछे करने लगा।&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;धीरे धीरे चोदने के बाद अब शिल्पा भी मज़े लेने लगी, एक हाथ से मे अपनी माँ का लेफ्ट बूब दबाता और राइट&amp;nbsp; बूब को चुस रहा था।&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;उसने मेरे नीचे से ही अपनी चुदाई की स्पीड बढ़ा दी- आअहह… और ज़ोर… और ज़ोर…&lt;/div&gt;&lt;div&gt;से चोद दे मुझे साले हरामी… अपनी माँ को बना दे अपनी रंडी… उमुऊऊ&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे- हाँ माँ, आज से तुम बाहर तो मेरी माँ हो लेिकन घर मे मेरी रंडी हो और मेरी ही नहीं&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मेरे दोस्त की भी रंडी बनाऊं गा तुम्हे&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा- मादरचोद… अपनी माँ को अपने दोस्त से चुदवायेगा&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे- रंडी को ऐसे ही चुदवाते है माँ&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा- आअहह…चोद मेरे राजा… अपनी माँ की चूत का भोसड़ा बना दे।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे- आअहह माँ, मे झड़ने वाला हँ।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा - मेरी चूत मे ही झड़ना, अपना सारा पानी मेरी चूत मे डाल दे… आअहह&lt;/div&gt;&lt;div&gt;म आअहह… ऊऊओ…माआआ… ऊहह… फक… ओह फक माँ!&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे अपनी माँ की चूत मे झड़ गया और उसके उपर ही लेट गया।&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;दस मिनट के बाद माँ मूतने के लिये टायलेट जाने लगी और थोड़ी देर मे मे भी टायलेट मे घुस गया।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा- तुम टायलेट मे क्या कर रहे हो। तुम जाओ मे मूत कर आती हूं।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे - नहीं माँ, मे तुमहें मूतते हूये देखना चाहता हूं।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा- बेशरम कहीं का।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा मूत कर जब खड़ी हूई तो मेने कहा- माँ, मे तुम्हारी गांड मारना चाहता हूं।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा - चल हट बेशरम… चूत से प्यास नहीं&amp;nbsp; भुजी जो अपनी माँ की गांड भी माँग रहा है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे- प्लीज माँ… गांड मारने दो ना। प्लीज…&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;लेिकन शिल्पा बिना कुछ कहे बेडरुम मे चली गई, मे बाथरूम मे उदास खड़ा रहा और लंड को सहलाते हुये बेडरुम मे चला गया।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;बेडरुम मे जाते ही मे खुश हो गया, माँ बेड पर डॉगी स्टाईल मे थी उसकी गांड दरवाजे की तरफ थी और उसकी गांड का सुराख मुझे साफ नज़र आ रहा था।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;वो गांड को हलके हलके लहराते हुये अपने बेटे को अपनी गांड मारने के लिये आमंत्रित कर रही थी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा - मादरचोद… ले मेरी गांड मारना चाहता है ना… ये ले अपनी रंडी माँ की गांड…&lt;/div&gt;&lt;div&gt;घुसा दे अपना लंड इस कुतीय की गांड मे और फाड़ दे मेरी गांड मेरे बच्चे&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे- ऐसी गांड मेसे तो मे सारी जिंदगी अपना लंड ना निकलू।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा- बेशरम!!&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे अपनी माँ की गांड मारने लगा। उस रात मेने अपनी माँ को हर पोजिशन मे हर छे द मे चोदा। हम माँ बेटे की चुदाई सुबह 4 बजे तक चलती रही। शिल्पा इस बीच कई बार झड़&lt;/div&gt;&lt;div&gt;गई थी और मे भी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;हम दोने अपनी हवस पुरी करने के लिये अपने माँ बेटे का रिशता भूलकर एक रंडी और रंडवे का रिशता बना चुके थे।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;चुदाई करने के बाद दोनो थक गये और सोने की कोशीष करने लगे और बात करने लगे।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे- माँ आई लव यू।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा- बेटा आई लव यू टू… तो बताओ अपनी माँ को चोद कर कै सा लग रहा है मेरे बेटे को ??&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे - बहुत अच्छा माँ।&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;मे- माँ तुम सच मे रंडी हो… दुिनया की सबसे प्यारी रंडी माँ।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा - थांक यू मेरे मादरचोद बेटा ।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मे- माँ, अपनी चुदाई की कहािनयाँ सुनाओ ना लीज़&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिल्पा- सुनाऊँ गी सुनाऊँ गी… लेिकन अभी नहीं, अभी हमे सोना चािहये ।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;और मां बेटा दोनो नंगे वहीं पलंग पर नंगे सो गये।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;तो दोस्तो, कै सी लगी यह कहानी ???&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&amp;nbsp;Please comment करे.....&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='https://kahanipasinewaliraatki.blogspot.com/feeds/527707175381552982/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='https://kahanipasinewaliraatki.blogspot.com/2020/07/1.html#comment-form' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='https://www.blogger.com/feeds/55863542095169090/posts/default/527707175381552982'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='https://www.blogger.com/feeds/55863542095169090/posts/default/527707175381552982'/><link rel='alternate' type='text/html' href='https://kahanipasinewaliraatki.blogspot.com/2020/07/1.html' title='मेरी चुडककड माँ की चुत और गांड भाग-1 '/><author><name>Dream Becomes True</name><uri>http://www.blogger.com/profile/12306318588299863789</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='https://img1.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-55863542095169090.post-8097723299891160724</id><published>2020-07-02T13:35:00.000-07:00</published><updated>2020-07-02T13:35:02.334-07:00</updated><title type='text'>Corona virus Quarantine sex story in Hindi part-3</title><content type='html'>&lt;div dir=&quot;ltr&quot; style=&quot;text-align: left;&quot; trbidi=&quot;on&quot;&gt;उस रात दोनो बहोत थक चुके थे । अभी तो वो पुरा एक दिन आराम करणा चाहते ते।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;2 दिन बाद दोनो call पे&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जीत - आज आऊ ना तुम्हारे यहा sex करणे????&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पुनम - हा आओ ना। में अपनी गांड फैला के हि बैठी हूं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जीत - okay&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;रात के 1 बजे जीत पुनम के कमरे मे जाता है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पुनम को आज जीत से कूच और करवाना था। उसे आज अपनी गांड मारवानी थी।&lt;br /&gt;जीत ने जो झंडू बाम लाया था पुनम के पेट पर। वो उसने अपनी गांड पे लगा रखी थी, पर ये जीत को नही पता था।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पुनम ने उसका स्वागत बहोत अच्छे तरिके से किया।जीत जब कमरे मे आया तब पुनम सिर्फ Bra और चड्डी मे थी।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पुनम से आकर्षित होते ही झटसे जीत ने भी अपने कपडे निकाल दिये।और दोनोने चुमना शुरू किया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जीत का हाथ पुनम की चुत को छिलने के लिये तरस राहे थे।पर पुनम उसे चुत को हाथ लागणे नही दे रही थी।&lt;br /&gt;जीत - ( चिडकर बोला) क्या हुआ मुझे हाथ लागणे क्यो नही दे रही।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पूनम - मे तुमहें बोली थी आज सिर्फ तुम मेरी गांड मारोगे।चुत नही मारोगे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जीत - मे तुम्हारी गांड ही मारुंगा पगली । पर गांड को rub करणे से तुमहें इतना मझा नही आता होगा जितना चुटको हाथ लागणे मे आता है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पुनम - ऐसा है क्या। okay करो तुमहें जो करणा है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जीत ने पुनम की चुत को बहोत नर्मी से छुह कर बहोत गरम किया। लडकी की कमजोरी क्या होती है वो जीत को पता था,उसका उसने खूब फायदा उठया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पुनम को अपने गोद मे उठाकर बेड पर ले गया। और जब उसकी गांड देखी तो उपे बाम लगा था।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जीत - ये बाम क्यू लगाया है अपनी गांड पार??&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पुनम - मेरेको गांड पे बाम लागले मार लेणे मे बहोत अच्छा लगता है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जीत - पर मेरे लंड पे जलण होगी ना।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पुनम - उसी जलण का मझा लो।बहोत मझा आयेगा।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जीत ने उसकी बात मान ली।&lt;br /&gt;उसे पता था बाम अगर मेरे लंड पे लागेगा तो वो sex नही कर पयेगा।&lt;br /&gt;इसलीये उसने उसकी गांड पर नारीयल का तेल लगा दिया।&lt;br /&gt;और जब उसके गांड मे उंगली डाली तो पुनम अपना होश खो बैठी थी।पुनम को गांड मानवाने मे ज्यादा मझा आता है वो उसे तब पता चला।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;तभि जीत ने अपने लंड पे भी तेल लगा कर उसकी गांड मे अपना बडा लंड डाल दिया।&lt;br /&gt;पुनम बहोत ही ज्यादा आसना मे खो चुकी थी।&lt;br /&gt;जीत अब बेड के बाजू मे खडा हो कर उस्को बेड के नोक पे लेकरं खडे खडे चोदना शुरू किया।&lt;br /&gt;उसकी गांड अभी बडी हो चुकी थी। जितनी बडी उसकी गांड फैल रही थी उतना ही पुनम दर्द मेहसुस कर रही थी।&lt;br /&gt;जीत बहोत जोरो से अंदर बाहर कर रहा था।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पुनम - जीत अब रुको मत । करते रहो। अअअअ उऊ आऊच।&lt;br /&gt;पुनम अभी एक रांड जैसी दिख रही थी। जो जीत के काबू मे थी, और जीत के लंड के उपर नाच रही थी।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;ऐसें ही करते करते जीत ने अपना वीर्य उसके गांड मे छिडक दिया, और उससे काबू न होते वो पूनम की शरीरं पर सो गया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;दोनो भी एक दुसरे की बदन को चुमने लगे। एक दुसरे का दर्द समजणे लगे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;थोडी देर बाद पुनम अपनी गांड धोने जाती है। तब&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जीत - मे मेरा लंड नही धोने वाला। तुम अपने मूह मे ले कर उस्को साफ कर दो।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पुनम - नही मै ऐसा नही कर सक्ती। तुम्हारे लंड पर बाम भी लगा है और बहोत सारा मेरा गु💩 भी लगा है।तो अभी तुम धो लो।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जीत - पर एक शर्त पर धो उंगा ।&lt;br /&gt;अभी बिना बाम और तेल के चोद उंगा।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पुनम - okay तुम्हारी मरझी।&lt;br /&gt;मेरा तो मन भर गया तुमहें अब जितना गांड मारणी हो मार लो।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जीत उस्को अभी उलटा सुलता है, और उसके उपर सो कर उसकी गांड मे लंड डाल कर हिलाने लगता है।&lt;br /&gt;पुनम उस्को सेह नही पाती है।उस्को बहोत दर्द भी हो राहा है और मझा भी आ रहा है।&lt;br /&gt;जीत उसको पिछे उसकी गांड पार अपना पुरा निचला बदन के चापेट देने मे कोई कमी नही छोड ता।&lt;br /&gt;जीत को उसकी गांड और फैलाने मे बहोत मझा आ रहा था।&lt;br /&gt;पुनम की बडी हुई गांड पे सो कर उसकी गांड मे लंड डालने का मझा अब जीत को जन्नत मे लेगई थी।&lt;br /&gt;जीत ने उस्को पिछे से ऐसे डबोच के रखा था के वो हिल भी नही पा रही थी, गांड मे लंड डाल के पुरा पिछे से lock कर दिया था ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पुनम और जीत उस रात भी बहोत जोरो से एक दुसरे की कामवासना को बढावा दे रहे थे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;रात भर जीत पुनम की गांड बडी करणे मे लगा रहा, और दोनो थक के वैसे ही अवस्था मे सो गये।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;प्रश्न-- आपको लडकी की गांड पसंद है या चुत???&lt;br /&gt;&amp;nbsp;comment मे बताये&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='https://kahanipasinewaliraatki.blogspot.com/feeds/8097723299891160724/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='https://kahanipasinewaliraatki.blogspot.com/2020/07/corona-virus-quarantine-sex-story-in.html#comment-form' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='https://www.blogger.com/feeds/55863542095169090/posts/default/8097723299891160724'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='https://www.blogger.com/feeds/55863542095169090/posts/default/8097723299891160724'/><link rel='alternate' type='text/html' href='https://kahanipasinewaliraatki.blogspot.com/2020/07/corona-virus-quarantine-sex-story-in.html' title='Corona virus Quarantine sex story in Hindi part-3'/><author><name>Dream Becomes True</name><uri>http://www.blogger.com/profile/12306318588299863789</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='https://img1.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-55863542095169090.post-4346218080282402570</id><published>2020-06-29T07:08:00.002-07:00</published><updated>2020-06-29T07:08:33.990-07:00</updated><title type='text'>Corona virus Quarantine Sex story in Hindi part-2</title><content type='html'>&lt;div dir=&quot;ltr&quot; style=&quot;text-align: left;&quot; trbidi=&quot;on&quot;&gt;जीत ने 3 बार पुनम की चुत मे अपना वीर्य डालकर उसे खुश किया।&lt;br /&gt;जीत चाहता था की पुनम उसके बाहो मे पुरी रात नंगी सोये।&lt;br /&gt;दोनो की बदन ने बहोत गर्मी पैदा कर ली थी।&lt;br /&gt;दोनो भी उसी अवस्था में सो गये,पर जीत से सोया नही जा रहा था।उसका लंड शांत ही नही हो रहा था।पूनम तो जीत को पीठ दिखाये सो रही थी, पर जीत का लंड पुनम की गांड को छु रहा था और जीत ने पुनम की गांड पे पैर भी डाला था।&lt;br /&gt;वैसे ही अवस्था मे जीत रात भर पुनम की गांड को उसका लंड लगाता रहा।&lt;br /&gt;वो दोनो के उस रात का गवाह वो बेड था जीस बेड पर दोनो ने भी रात बिताई।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;सुबह 5 बजे....&lt;br /&gt;पुनम उठती है।।।।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पुनम - जीत अभी तुमहें जाणा चाहीये।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जीत - Baby मेरे को और एक बार करणा है।&lt;br /&gt;मेरी अवस्था देखो, मेरा लंड रातभर खडा ही है, सोया ही नही।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पुनम - okay, करते है। lets do it&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पुनम ने जीत के लंड को हिलाने को शुरू किया,मूहमे लिया वैसे ही&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जीत - Baby अभी तुम्ही मेरे लंड पे बैठ जाओ और मेरे को मंझा दो।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;उसी position में , जीत लेट पडा और धीरे से पुनम ने जीत का लंड अपने योनी मे डाल दिया।&lt;br /&gt;जीत को अपना लंड का दर्द सहा नही जा रहा था,पर उस्को उसी दर्द मे बहोत मझा आ रहा था।&lt;br /&gt;पुनम उसके लंड पे ऐसे नाच रही थी के उसके स्तन बहोत जोरो से उपर नीचे करते देख जीत से रहा ना गया।&lt;br /&gt;उसने उसके स्तनो पर अपना हाथ रखं कर दबा ने लगा।&lt;br /&gt;और वैसे ही उसने पुनम की चुत को सेहलना शुरू किया के पुनम जोरो से चिल्लने लगी&lt;br /&gt;अअअ मत रुको जीत ऐसे ही करो अअअअअ उऊ च&lt;br /&gt;जीत को यही आवाज लोभीत कर रही थी।&lt;br /&gt;और ऐसे ही जीत बडे मुश्किल से अपना वीर्य पुनम की भोसडे मे फैला डालता है।&lt;br /&gt;वैसे ही पुनम उसके उपर लेट जाती है।&lt;br /&gt;और दोनो एक दुसरे को चुमने लग जाते है।&lt;br /&gt;दोनो भी इतने एक दुसरे मे डूब गये थे के बिछाड ना नही चाहते थे।&lt;br /&gt;दोनो भी kissing करते करते,,&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जीत - आज रात को भी करे क्या हम दोनो??&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पुनम - आज रात नही। आज के लिये इतना ही काफी है।&lt;br /&gt;पर अगर परसो की रात तुमहें मेरे साथ करणा है। तो मेरी गांड मारणी होगी। मे अपनी चुत नही मारणे दुगी।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जीत मन ही मन मे(मुझे क्या कूच भी मारणे से मतलब)&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जीत - ठिके है तो परसो मिलते है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;Bye&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='https://kahanipasinewaliraatki.blogspot.com/feeds/4346218080282402570/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='https://kahanipasinewaliraatki.blogspot.com/2020/06/corona-virus-quarantine-sex-story-in_29.html#comment-form' title='0 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='https://www.blogger.com/feeds/55863542095169090/posts/default/4346218080282402570'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='https://www.blogger.com/feeds/55863542095169090/posts/default/4346218080282402570'/><link rel='alternate' type='text/html' href='https://kahanipasinewaliraatki.blogspot.com/2020/06/corona-virus-quarantine-sex-story-in_29.html' title='Corona virus Quarantine Sex story in Hindi part-2'/><author><name>Dream Becomes True</name><uri>http://www.blogger.com/profile/12306318588299863789</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='https://img1.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-55863542095169090.post-5091949108594707104</id><published>2020-06-29T03:00:00.000-07:00</published><updated>2020-06-29T03:00:32.654-07:00</updated><title type='text'>Corona virus Quarantine Sex story in hindi part-1</title><content type='html'>&lt;div dir=&quot;ltr&quot; style=&quot;text-align: left;&quot; trbidi=&quot;on&quot;&gt;ये कहाणी है पुनम और जीत की। दोनो भी एक ही चाल मे रेहणे वाले दोस्त है।&lt;br /&gt;होता ये है के,Covid-19 ये virus दोनो के घरवलो को हो जाता है और दोनो के घर वालो को एक होटेल मे रखा जाता है।&lt;br /&gt;जीत को पता है की पुनम का बहोत लडको के साथ संबंध रेहचूका है।&lt;br /&gt;वो भी उसके साथ शारीरिक संबंध बनाना चाहता था,&lt;br /&gt;पर एकदिन ऐसा हुआ के पूनम जैसी रांड को संभोग करणे की आदत हो गइ थी तो उससे खुद को रोका नही जा रहा था संभोग करणे का अलग ही नशा उस्को लग चुका था।&lt;br /&gt;वैसे भी उसके कमरे मे और कोई नहि था तो उसने बिना संकोच किये अपनी चड्डी में हाथ डाला और अपनी योनी को बडी जोरो से rub करणे लगी।&lt;br /&gt;वो अपना पुरा नियंत्रण खो बैठी उस्को पता नही था के उस्को करोन हुआ है या नही, पर उसके sex की हवास उसके शरीर को संभाल ना पा रही थी।&lt;br /&gt;चड्डी की वो सुगंध उसे और उत्तेजित कर रही थी।उसने अपने पुरे बदन को सेहला लिया था और उसकी चुत चर्मसीमा काट चुकी थी।&lt;br /&gt;उसका वो कातिल बदन,उसकी चलते हुए उडती हुई गांड को देख कर जीत का लंड खडा हो जाता था।&lt;br /&gt;इसी वजह से जीत ने हार न मानी वो उसके बाजू के कमरे में ही अकेला था ।&lt;br /&gt;वो रोज पुनम को call करता message करता उस्को लुभाने की पुरी कोशीष करता ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;ऐसे ही एक दिन बातचीत करते हुए call पे&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पूनम- जीत... मुझे तुमहें देखणा है ।हम दोनो मिल सकते है क्या??? आज रात को 1 बजे।&lt;br /&gt;जीत- पर कैसे कोई देख लेग तो... मुझे तुम्हारे उधार आते हुए तो।।।&lt;br /&gt;पूनम- कूच नही होगा please आओ ना मुझे पेट मे दर्द हो रहा है।तुम्हारे पास का Zandu Balm लेके आओ।&lt;br /&gt;जीत- Okay आता हूं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;रात 1 बजे पुनम के कमरे मे जीत आणे के बाद&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पुनम-Hiii&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जीत-Hiii, क्या हुआ तुमहें पेट में दर्द है क्या???&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पूनम-हा बहोत दर्द कर रहा है मेरा पेट, और थोडा बुखार भी है, बहोत थंड भी लग रही है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जीत-(लगता है आज ही मुझे सब काम कर लेणे चाहीये)&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पुनम बेड पे topless सो जाती है। बस्स bra ही शरीर पर होणे के बाद।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जीत-(अरे यार इसने तो अपना top खुदसे उतार डाला&lt;br /&gt;Ohhh क्या दिख रही है,&lt;br /&gt;कितने बडे है इसके, आज तो चुम कर ही मानूंगा।)&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जीत..... पेट पर हाथ सेहकाये हुए धीरे धीरे उसके नाबी को छु लेता है। उसका हाथ अभी उसके नियंत्रण से छूट कर धीरे धीरे उसके पेट के नीचे जाणे को तरस रहा था।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पूनम को भी यही चाहीये था के ऐसे वक्त मे उसकी जरूरते जीत ही पुरी कर सकता है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पुनम तो mood मे ही थी&lt;br /&gt;पेट दुखना तो बहाणा था।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पुनम- जीत मुझे बहोत थंड लग रही है।please मेरी मदत करो।&lt;br /&gt;यहा पास आओ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जीत... ना समज ने का नाटक करते हुए&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जीत-हा,,, तो बोलो मे क्या करू तुम्हारे लिये&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पूनम.... उसके जांघो पर हाथ सेहलाते हुए&lt;br /&gt;बस मुझे तुम्हारी गर्मी को मेहसुस करणे दो&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;दोनो भी इतने कारीब थे, के एक दुसरे के गर्मी को मेहसुस करणे लगे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जीत(मुसकुराते हुए)-तुमहें पता हैं जब लडकी को ज्यादा थंड लगती है।तो लडके को लडकी के साथ sex करणे से लडकी की थंड कम हो जाती है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पूनम(हंसते हुए)- सचमे ऐसा होता हैं??&lt;br /&gt;जीत-हा होता है।&lt;br /&gt;पूनम(शर्माते हुए)- तो तुम करणा चाहोगे मेरे साथ sex??&lt;br /&gt;जीत-हा जरूर।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पूनम ने उसका हाथ जीत के जांघो से उठा कर उसके लंड तक ले गयी।&lt;br /&gt;जीत का वैसे ही खडा हुआ लंड को हाथ लागते ही पूनम खुश हुई और दोनो एक दुसरे को ऐसे चुमने लगे ।&lt;br /&gt;जीत ने उसके Bra का hook खिच कर उसके नर्म से स्तनो को ब्रा के बंधन से मुक्त कर दिया ।&lt;br /&gt;जीत के हाथ पूनम के स्तनो को ऐसे दाबाने लगे के वो बहोत दिनो से पूनम के स्तनो को दाबाने को तरस रहे हो।&lt;br /&gt;पूनम एक ऐसी लडकी थी जो बहोत लडको के साथ पहले भी सो चुकी थी।&lt;br /&gt;जीत ने उसके करील बदन को जहाँ मन करे दबाने को शुरू किया।&lt;br /&gt;धीरे धीरे पूनम ने जीत को पुरा नंगा कर दिया और वो उसके लंड को हाथ मे लेके हिलाने लगी।&lt;br /&gt;वो जीत के लंड को ऐसे तरिके से हिला रही थी के उस्को ये सब करणे मे बहोत अच्छा लग रहा था।&lt;br /&gt;उसने जीत के लंड को सब जगाह से चुमा और मूह मे लेणे लगी।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;थोडी देर बाद।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पूनम ने खुद से अपने आप को नंगा किया ।&lt;br /&gt;उसकी चुत कूच अलग ही किसम की थी बहोत फैली हुई चुत थी उसकी।&lt;br /&gt;दोनो भी एक चादर मे लपट गये और एक दुसरे को चुमने लगे।&lt;br /&gt;जीत उसके उपर सोते हुए उसका लंड उसके चुत मे धीरे से डाल दिया।&lt;br /&gt;&amp;nbsp;जीत बहोत जोरो से अपने लंड को अंदर बहार करणे लगा दोनो भी उस गरम सी चादर मे लिपटे उस गर्मी को मेहसुस करणे लगे।&lt;br /&gt;&lt;div style=&quot;text-align: center;&quot;&gt;जीत&amp;nbsp; पूनम के पुरे शरीर पे सोना चाहता था।&lt;/div&gt;वो पूनम को आगे से पिछे से दोनो जगह से गर्मी देने लगा,और पूनम भी खूब गर्मी लेणे लगी।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;एक ही रात मे 3 बार पूनम की चुत मे जीत ने अपना वीर्य डाल कर अपनी गर्मी पूनम को दि।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;उस रात दोनो एक ही चादर मे नंगे अपने आप से लिपटे सो गये।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;दोनो के बदन की काम आसना पुरी हुई।&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='https://kahanipasinewaliraatki.blogspot.com/feeds/5091949108594707104/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='https://kahanipasinewaliraatki.blogspot.com/2020/06/corona-virus-quarantine-sex-story-in.html#comment-form' title='1 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='https://www.blogger.com/feeds/55863542095169090/posts/default/5091949108594707104'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='https://www.blogger.com/feeds/55863542095169090/posts/default/5091949108594707104'/><link rel='alternate' type='text/html' href='https://kahanipasinewaliraatki.blogspot.com/2020/06/corona-virus-quarantine-sex-story-in.html' title='Corona virus Quarantine Sex story in hindi part-1'/><author><name>Dream Becomes True</name><uri>http://www.blogger.com/profile/12306318588299863789</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='https://img1.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>1</thr:total></entry></feed>