<?xml version='1.0' encoding='UTF-8'?><rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:openSearch="http://a9.com/-/spec/opensearchrss/1.0/" xmlns:blogger="http://schemas.google.com/blogger/2008" xmlns:georss="http://www.georss.org/georss" xmlns:gd="http://schemas.google.com/g/2005" xmlns:thr="http://purl.org/syndication/thread/1.0" version="2.0"><channel><atom:id>tag:blogger.com,1999:blog-5168613561735764033</atom:id><lastBuildDate>Wed, 02 Oct 2024 15:10:31 +0000</lastBuildDate><category>गुजरात</category><category>छत्तीसगढ़</category><category>दिल्‍ली</category><category>मध्‍य प्रदेश</category><category>मिजोरम</category><category>राजस्‍थान</category><category>जम्‍मू-कश्‍मीर</category><category>हिमाचल प्रदेश</category><title>जनादेश</title><description>विधानसभा चुनाव पर विशेष</description><link>http://janaadesh.blogspot.com/</link><managingEditor>noreply@blogger.com (संजीव कुमार सिन्‍हा)</managingEditor><generator>Blogger</generator><openSearch:totalResults>32</openSearch:totalResults><openSearch:startIndex>1</openSearch:startIndex><openSearch:itemsPerPage>25</openSearch:itemsPerPage><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-5168613561735764033.post-9095949744343979554</guid><pubDate>Sat, 22 Nov 2008 07:03:00 +0000</pubDate><atom:updated>2008-11-21T23:06:10.052-08:00</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">छत्तीसगढ़</category><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">दिल्‍ली</category><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">मध्‍य प्रदेश</category><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">राजस्‍थान</category><title>तीन राज्यों में भाजपा,1 में कांग्रेस आगे: सर्वे</title><description>&lt;strong&gt;चार &lt;/strong&gt;राज्यों में विधानसभा चुनावों से पूर्व किए गए सर्वे के नतीजे बताते हैं कि राजस्थान में कांग्रेस और भाजपा लगभग बराबरी पर रहेंगी वहीं दिल्ली, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में केसरिया पार्टी बढ़त बनाएगी। द वीक, सी वोटर द्वारा कराई गई रायशुमारी के नतीजे आज जारी किए गए हैं। &lt;div style=&quot;width:200px;height:100px;float: right;border-top: 4px solid #0000A0; border-bottom: 4px solid #0000A0; padding: 4px;&quot;&gt;&lt;strong&gt;चार राज्यों में विधानसभा चुनावों से पूर्व किए गए सर्वे के नतीजे बताते हैं कि राजस्थान में कांग्रेस और भाजपा लगभग बराबरी पर रहेंगी वहीं दिल्ली, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में केसरिया पार्टी बढ़त बनाएगी। द वीक, सी वोटर द्वारा कराई गई रायशुमारी के नतीजे आज जारी किए गए हैं।&lt;/strong&gt;&lt;/div&gt;इन नतीजों के अनुसार राजस्थान की 200 सदस्यीय विधानसभा में सत्तारुढ़ भाजपा और कांग्रेस दोनों की सीटों की संख्या 94 से 106 के बीच रहेगी। फिलहाल भाजपा के पास 120 सीटें हैं। इस सर्वेक्षण में तीन प्रतिशत गलती की गुंजाइश है। मध्य प्रदेश में सर्वे के नतीजों के मुताबिक सत्ताारुढ़ भाजपा 118 से 128 सीटें ले कर आगे रहेगी जबकि कांग्रेस को 100 से 110 सीटें मिलेंगी। मध्य प्रदेश की 228 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के पास फिलहाल 171 सीटें हैं। सर्वे में कहा गया है कि दिल्ली विधानसभा की कुल 70 सीटों में से भाजपा को 36 से 42 सीटें मिल सकती हैं। यहां सत्ताारुढ़ कांग्रेस 28 से 34 सीटें हासिल कर सकती है। भाजपा शासित छत्ताीसगढ़ में सर्वे के अनुसार भाजपा को 44 से 52 सीटें मिल सकती हैं जबकि कांग्रेस की सीटों की संख्या 38 से 46 रह सकती है। 90 सदस्यीय छत्ताीसगढ़ विधानसभा में भाजपा की सीटों की संख्या 50 है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जहां तक मुख्यमंत्री का सवाल है तो दिल्ली में मतदाताओं ने भाजपा के विजय कुमार मल्होत्रा की तुलना में शीला दीक्षित को प्राथमिकता दी है। राजधानी के 37 फीसदी मतदाताओं ने वर्तमान मुख्यमंत्री के और 22 फीसदी ने मल्होत्रा के पक्ष में राय जाहिर की है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;सर्वे में यह भी बताया गया है कि 52 फीसदी प्रत्युत्तारदाताओं ने मुख्यमंत्री के तौर पर शीला दीक्षित का समर्थन किया। हालांकि 56 फीसदी चाहते हैं कि उनकी पार्टी को इस बार सत्ता न मिले। चार राज्यों में रायशुमारी में शामिल ज्यादातर प्रत्युत्तारदाताओं ने कहा कि अगर अभी आम चुनाव कराए गए तो वह कांग्रेस के खिलाफ वोट देंगे। मध्य प्रदेश में कुछ लोगों ने प्रधानमंत्री के तौर पर मनमोहन सिंह के कामकाज को लेकर नाराजगी जाहिर की। सर्वे में संकेत मिलता है कि अगर राज्यों में भाजपा को फायदा मिलता है तो वह सत्ताा की उम्मीद कर सकती है। लेकिन पार्टी को दिल्ली छोड़ कर शेष राज्यों में वोटों के बंटवारे और सीटों के बंटवारे का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;सर्वे के अनुसार 43 फीसदी प्रत्युत्तारदाताओं ने वर्तमान मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को बेहतर बताया। 32 फीसदी प्रत्युत्तारदाताओं की राय में कांग्रेस के अशोक गहलोत अगले अच्छे मुख्यमंत्री हैं। राजस्थान में 48 फीसदी प्रत्युत्तारदाताओं ने यह भी कहा कि भाजपा को गुर्जर समझौते से फायदा नहीं होगा जबकि 32 फीसदी की राय अलग थी। मध्य प्रदेश में 31 फीसदी प्रत्युत्तारदाताओं की राय में शिवराज सिंह चौहान अच्छे मुख्यमंत्री होंगे। पूर्ववर्ती मुख्यमंत्रियों में कांग्रेस के दिग्विजय सिंह का स्थान चौथा रहा। छत्तीसगढ़ में भाजपा के रमन सिंह अच्छे मुख्यमंत्री के तौर पर जनता की पसंद में कांग्रेस के अजित जोगी से थोड़े आगे रहे।&lt;strong&gt;स्रोत: (पीटीआई-भाषा)&lt;/strong&gt;</description><link>http://janaadesh.blogspot.com/2008/11/1.html</link><author>noreply@blogger.com (संजीव कुमार सिन्‍हा)</author><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-5168613561735764033.post-2906177488020570694</guid><pubDate>Sat, 22 Nov 2008 06:33:00 +0000</pubDate><atom:updated>2008-11-21T22:41:12.726-08:00</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">छत्तीसगढ़</category><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">जम्‍मू-कश्‍मीर</category><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">दिल्‍ली</category><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">मध्‍य प्रदेश</category><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">मिजोरम</category><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">राजस्‍थान</category><title>विधानसभा चुनाव</title><description>&lt;a href=&quot;https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEi7TC15asav1zdhVd-Hu-m9U2bPpboP67D0C5F08dB0FYI2Q379Lu1et49IPbG4tdpovu-qk9-G7GQ6SraI6u2hK7zPdnvW3fjGTPhyphenhyphen6r5ZPmj4cujP-EaEh8pPO_ymH4gabKxc2iVt4ywq/s1600-h/Mizoram.png&quot;&gt;&lt;img style=&quot;display:block; margin:0px auto 10px; text-align:center;cursor:pointer; cursor:hand;width: 320px; height: 278px;&quot; src=&quot;https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEi7TC15asav1zdhVd-Hu-m9U2bPpboP67D0C5F08dB0FYI2Q379Lu1et49IPbG4tdpovu-qk9-G7GQ6SraI6u2hK7zPdnvW3fjGTPhyphenhyphen6r5ZPmj4cujP-EaEh8pPO_ymH4gabKxc2iVt4ywq/s320/Mizoram.png&quot; border=&quot;0&quot; alt=&quot;&quot;id=&quot;BLOGGER_PHOTO_ID_5271367669002672066&quot; /&gt;&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;a 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isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-5168613561735764033.post-5383442722419420153</guid><pubDate>Wed, 12 Nov 2008 08:28:00 +0000</pubDate><atom:updated>2008-11-12T00:30:54.289-08:00</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">गुजरात</category><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">छत्तीसगढ़</category><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">जम्‍मू-कश्‍मीर</category><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">दिल्‍ली</category><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">मध्‍य प्रदेश</category><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">मिजोरम</category><title>विधानसभा चुनाव- 2008</title><description>&lt;a href=&quot;https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEjobx-diZFyVzFaAF4Hs7O0X5MxThVsUqMcdrJJ32sWK8iRKSKQqIrTpg2X6W_FbkzCElyB54a1tmFpYsyuQqFWZtbgLo31mNeWMJkwFA8kbe2gbww1jsyMu33tq1bH9JLcITPCielPbSWu/s1600-h/Assembly_Elections_08_b11.gif&quot;&gt;&lt;img style=&quot;display:block; margin:0px auto 10px; 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isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-5168613561735764033.post-5151304803827234292</guid><pubDate>Tue, 14 Oct 2008 10:55:00 +0000</pubDate><atom:updated>2008-10-14T03:59:59.850-07:00</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">छत्तीसगढ़</category><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">दिल्‍ली</category><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">मध्‍य प्रदेश</category><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">मिजोरम</category><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">राजस्‍थान</category><title>पांच राज्यों के आसन्‍न विधानसभा चुनाव पर विशेष ब्‍लॉग: जनादेश</title><description>&lt;strong&gt;विदित &lt;/strong&gt;हो कि गत गुजरात, हिमाचल प्रदेश एवं कर्नाटक विधानसभा चुनाव को लेकर हमने जनादेश ब्‍लॉग शुरू किया था, जिसका अच्‍छा प्रतिसाद रहा।&lt;div style=&quot;width:200px;height:100px;float: right;border-top: 4px solid #0000A0; border-bottom: 4px solid #0000A0; padding: 4px;&quot;&gt;&lt;strong&gt;लोकतंत्र में चुनाव पर्व की तरह होता है। आइए, हम लोकतांत्रिक पर्व में सहभागी होकर अपने अधिकार का विवेकपूर्ण प्रयोग करें और इन राज्‍यों में संवेदनशील, जनोन्‍मुखी और राष्‍ट्रवादी सरकार बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका का निर्वाह करें। &lt;/strong&gt;&lt;/div&gt; आज चुनाव आयोग ने पांच राज्‍यों- दिल्ली, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और मिजोरम में विधानसभा चुनाव ति‍थि की घोषणा की। हम जनादेश ब्‍लॉग को पुन: सक्रिय कर रहे हैं। इस ब्‍लॉग पर इन चुनावी राज्‍यों से संबंधित आंकडे, प्रेस-विज्ञप्ति, खबरें, ऑडियो, विडियो, लेख आदि प्रकाशित करेंगे। लोकतंत्र में चुनाव पर्व की तरह होता है। आइए, हम लोकतांत्रिक पर्व में सहभागी होकर अपने अधिकार का विवेकपूर्ण प्रयोग करें और इन राज्‍यों में संवेदनशील, जनोन्‍मुखी और राष्‍ट्रवादी सरकार बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका का निर्वाह करें।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;चुनाव आयोग ने दिल्ली में 29 नवंबर, मध्य प्रदेश में 25 नवंबर, छत्तीसगढ़ में दो चरणों में 14 और 20 नवंबर, राजस्थान में चार दिसंबर और मिजोरम में 29 नवंबर को वहां की विधानसभाओं के चुनाव कराने की आज घोषणा की। हालांकि जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों की तारीख उसने अभी घोषित नहीं की है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;सभी राज्यों के विधानसभा चुनावों की मतगणना आठ दिसंबर को होगी। जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि आयोग अभी वहां की स्थिति का मूल्यांकन कर रहा है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;नक्सल प्रभावित छत्तीसगढ़ में दो चरणों में चुनाव कराने का निर्णय किया गया है। वहां 14 और 20 नवंबर को चुनाव होंगे। तीन सदस्यीय आयोग में जम्मू-कश्मीर की स्थिति के बारे में कथित मतभेद के चलते वहां चुनाव कराने की तारीख के फैसले को फिलहाल टाल दिया गया है। यह राज्य अभी राज्यपाल शासन के अधीन है।</description><link>http://janaadesh.blogspot.com/2008/10/blog-post.html</link><author>noreply@blogger.com (संजीव कुमार सिन्‍हा)</author><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-5168613561735764033.post-8091418780888165046</guid><pubDate>Mon, 24 Dec 2007 14:14:00 +0000</pubDate><atom:updated>2007-12-24T06:17:30.806-08:00</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">गुजरात</category><title>अपनी मां भाजपा से बड़ा नहीं हूं: नरेंद्र मोदी</title><description>&lt;a href=&quot;https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEi_40v7RDARXqSm7MVCzvj29BeNX_ZwunEns3C_fKAUfR_pAPwkumDbdz2SlghYF-C7A5bzBvVkIyY3yA6hnT0eEliXJbIas3J_9McKJ1WB4MQG1nq5iw2rfDczeWi6wc85zLuzI5Qe_w6J/s1600-h/images.jpg&quot;&gt;&lt;img id=&quot;BLOGGER_PHOTO_ID_5147543370484637890&quot; style=&quot;FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; CURSOR: hand&quot; alt=&quot;&quot; src=&quot;https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEi_40v7RDARXqSm7MVCzvj29BeNX_ZwunEns3C_fKAUfR_pAPwkumDbdz2SlghYF-C7A5bzBvVkIyY3yA6hnT0eEliXJbIas3J_9McKJ1WB4MQG1nq5iw2rfDczeWi6wc85zLuzI5Qe_w6J/s320/images.jpg&quot; border=&quot;0&quot; /&gt;&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;strong&gt;गुजरात&lt;/strong&gt; विधानसभा चुनाव में भाजपा को शानदार सफलता दिलाने वाले नरेंद्र मोदी ने पार्टी से खुद को बड़ा बताए जाने पर स्पष्टीकरण देते हुए आज कहा कि वह अपनी मां भाजपा से बड़े नहीं हैं। गुजरात विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत हासिल करने के एक दिन बाद मोदी ने पार्टी से खुद को बड़ा बताने के लिए मीडिया को आड़े हाथ लिया। ऐसा करके उन्होंने अपनी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को आश्वस्त करने की कोशिश की।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद मोदी ने अपने भाषण में कहा जो लोग यह कहते हैं कि मोदी पार्टी से बड़े हैं वे भाजपा और जनसंघ का इतिहास नहीं जानते। पुत्र कभी भी मां से बड़ा नहीं हो सकता। आरएसएस के पूर्व प्रचारक 57 वर्षीय मोदी खुद को संगठन से बड़ा बताए जाने के संबंध में मीडिया को आड़े हाथ लेते वक्त रुआंसे और भावुक हो गये। उन्होंने कहा कि यह कहना विकृत मानसकिता है कि मोदी पार्टी से बड़ा है। उन्होंने कहा कि जनसंघ के दिनों में पार्टी के उम्मीदवार ज्यादातर चुनावों में अपनी जमानत खो देते थे उस समय अनेक समर्पित कार्यकर्ताओं और परिवारों ने पार्टी की सेवा की।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;मोदी ने कहा कि मेरी छवि इसलिए बड़ी लगती है क्योंकि आपका लेंस सीमित है जो मुझ पर आकर रुकता है, लेकिन अगर आप अपना फोकस बढ़ा लेंगे तो आप हजारों भाजपा कार्यकर्ताओं को देख सकेंगे जिन्होंने मुझे अपने कंधों पर उठाया है। उन्होंने कहा कि प्रमुख मीडिया का गुजरात चुनाव के नतीजों की ओर झुकाव नहीं है बल्कि वे सट्टा बाजार पर भरोसा करने के लिए प्रोत्साहित हो रहे हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;ंनचनिर्वाचित विधायकों को पार्टी नेता एम. वेंकैया नायडू और अरुण जेटली की उपस्थिति में संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि लोगों ने हमें सिर्फ सत्ताा नहीं सौंपी है बल्कि जिम्मेदारी भी सौंपी है। उन्होंने कहा कि लोगों ने उनकी पार्टी की ओर से पिछले पांच साल में किए गए कार्यों पर विचार करने के बाद भाजपा को चुना। मोदी ने कहा कि यह पुनर्निर्वाचन इस बात का पर्याप्त संकेत है कि हम सही राह पर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पहले की ही तरह कार्य करती रहेगी। इससे पहले नचनिर्वाचित भाजपा विधायकों ने सर्वसम्मति से नरेंद्र मोदी को यहां भाजपा विधायक दल का नेता चुना। &lt;em&gt;स्रोत: प्रभासाक्षी ब्यूरो&lt;/em&gt;&lt;/div&gt;</description><link>http://janaadesh.blogspot.com/2007/12/blog-post_24.html</link><author>noreply@blogger.com (संजीव कुमार सिन्‍हा)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEi_40v7RDARXqSm7MVCzvj29BeNX_ZwunEns3C_fKAUfR_pAPwkumDbdz2SlghYF-C7A5bzBvVkIyY3yA6hnT0eEliXJbIas3J_9McKJ1WB4MQG1nq5iw2rfDczeWi6wc85zLuzI5Qe_w6J/s72-c/images.jpg" height="72" width="72"/><thr:total>2</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-5168613561735764033.post-3902850874189201132</guid><pubDate>Sun, 23 Dec 2007 12:30:00 +0000</pubDate><atom:updated>2007-12-23T04:40:33.899-08:00</atom:updated><title>गुजरात का जनादेश</title><description>&lt;strong&gt;गुजरात&lt;/strong&gt; विधानसभा के लिए हुए चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने साफ बहुमत हासिल कर लिया है। पार्टी को राज्य में 117 सीटें हासिल हुई हैं जो पिछली बार से 10 कम हैं। इसके बावजूद भाजपा ने गुजरात में धमाकेदार जीत दर्ज की है। हालांकि मतगणना से पहले हुए विभिन्न सर्वेक्षणों में पार्टी की जीत को तो तय माना जा रहा था लेकिन इतने बड़े अंतर से जीत होगी, यह किसी को नहीं लगा था। अलबत्ता, चुनाव नतीजों ने गुजरात में नरेंद्र मोदी की ताकत का अहसास करा दिया है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;गुजरात विधानसभा की 182 सीटों के लिए चुनाव हुए थे। इन सभी स्थानों के नतीजे आ गए हैं जिनमें से 117 भाजपा और 62 कांग्रेस के पक्ष में गए हैं। अन्य दलों और उम्मीदवारों को 3 स्थान मिले। प्रदेश विधानसभा में बहुमत हासिल करने के लिए 92 सीटों की जरूरत थी।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने मणिनगर से 87 हजार से भी अधिक मतों से जीत दर्ज कर अपनी मजबूत स्थिति का अहसास करा दिया है। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री दिन्शा पटेल को शिकस्त दी। मोदी के मंत्रिमंडलीय सहयोगी रमनलाल वोहर (समाज कल्याण), वजुभाई वाला (वित्ता) तथा आनंदीबेन पटेल (शिक्षा) चुनाव जीत गए हैं। मोदी के नेतृत्व में पार्टी ने लगातार दूसरा विधानसभा चुनाव जीता है। &lt;em&gt;स्रोत:  प्रभासाक्षी ब्यूरो&lt;/em&gt;</description><link>http://janaadesh.blogspot.com/2007/12/blog-post_3350.html</link><author>noreply@blogger.com (संजीव कुमार सिन्‍हा)</author><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-5168613561735764033.post-4227462518078540273</guid><pubDate>Sun, 23 Dec 2007 12:23:00 +0000</pubDate><atom:updated>2007-12-23T04:29:07.931-08:00</atom:updated><title>27 दिसं को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे मोदी</title><description>&lt;a href=&quot;https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEi-G3Mne8SlTKkAHJ77al9jte2W1LRtEIpIUxmvd8HvsANox5wby5p4C4QyTZZl7QyBc2y4N-UbYqbWl27gr2GtZjY2Rm6sDcguMvjVGFNnnQvBR-6XA2Bp1uvCGNGBMX1df9835ks6maIp/s1600-h/photo1.jpg&quot;&gt;&lt;img id=&quot;BLOGGER_PHOTO_ID_5147144273533558786&quot; style=&quot;FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; CURSOR: hand&quot; alt=&quot;&quot; src=&quot;https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEi-G3Mne8SlTKkAHJ77al9jte2W1LRtEIpIUxmvd8HvsANox5wby5p4C4QyTZZl7QyBc2y4N-UbYqbWl27gr2GtZjY2Rm6sDcguMvjVGFNnnQvBR-6XA2Bp1uvCGNGBMX1df9835ks6maIp/s400/photo1.jpg&quot; border=&quot;0&quot; /&gt;&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;अहमदाबाद (भाषा)। गुजरात विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने नरेन्द्र मोदी की रणनीति के सहारे शानदार प्रदर्शन करते हुए स्पष्ट बहुमत के साथ लगातार चौथी बार सत्ता पर कब्जा जमा लिया है। मोदी 27 दिसंबर को तीसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;182 सदस्यीय विधानसभा के मात्र आठ नतीजे आने शेष हैं और अब तक मिले परिणामों के अनुसार भाजपा ने 111 सीटों पर जीत हासिल की है। बहुत संभव है कि सदन में भाजपा दो तिहाई बहुमत से थोड़ा पीछे रह जाए। पिछले विधानसभा चुनाव में 127 सीट हासिल करने वाली भाजपा की इस जीत को 57 वर्षीय मुख्यमंत्री के करिश्माई व्यक्तित्व पर जनता की मोहर के रूप में देखा जा रहा है। चुनाव प्रचार अभियान के दौरान नरेन्द्र मोदी की सरकार पर हमला बोलने वाले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नतीजे आने के बाद मुख्यमंत्री से फोन पर बात की और उन्हें जीत की बधायी दी। नतीजों की पृष्ठभूमि में स्थिति का जायजा लेने के लिए भाजपा संसदीय बोर्ड की आज शाम दिल्ली में बैठक हो रही है।&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;27 दिसंबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे मोदी ने मणिनगर में अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी और केन्द्रीय मंत्री दिनशा पटेल को 87 हजार मतों से मात दी है। मोदी ने पार्टी के बागियों को भी करारा जवाब दिया और सौराष्ट्र क्षेत्र की 63 में से 45 सीटें भाजपा के खाते में गयीं। दंगों के सबसे अधिक चपेट में आने वाले मध्य गुजरात में भाजपा कुछ सीटों पर कांग्रेस के हाथों शिकस्त खा बैठी लेकिन बाकी जगहों पर उसका प्रदर्शन शानदार रहा। पार्टी ने उत्तर और दक्षिणी गुजरात में कांग्रेस को पछाड़ दिया। चुनाव हारने वाले कांग्रेस के प्रमुख चेहरों में पूर्व उप मुख्यमंत्री नरहरि अमीन (मतार) तथा भाजपा के बागी बेछार बदानी प्रमुख रहे। बदानी ने लाठी विधानसभा सीट पर कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था। मोदी मंत्रिमंडल के चुनाव जीतने वाले उम्मीदवारों में अशोक भट्ट आनंदीबेन पटेल तथा रमनलाल वोरा प्रमुख रहे। राकांपा के प्रदेश प्रमुख जयंत पटेल बोस्की भी सारसा से चुनाव जीतने में सफल रहे। भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि राष्ट्रीय राजनीति में पार्टी की यह जीत एक निर्णायक मोड़ है और यह पार्टी की केन्द्र में वापसी का संकेत भी है। &lt;/div&gt;</description><link>http://janaadesh.blogspot.com/2007/12/27.html</link><author>noreply@blogger.com (संजीव कुमार सिन्‍हा)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEi-G3Mne8SlTKkAHJ77al9jte2W1LRtEIpIUxmvd8HvsANox5wby5p4C4QyTZZl7QyBc2y4N-UbYqbWl27gr2GtZjY2Rm6sDcguMvjVGFNnnQvBR-6XA2Bp1uvCGNGBMX1df9835ks6maIp/s72-c/photo1.jpg" height="72" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-5168613561735764033.post-7431070144706481869</guid><pubDate>Sun, 23 Dec 2007 12:21:00 +0000</pubDate><atom:updated>2007-12-23T04:23:23.669-08:00</atom:updated><title>गुजरात परिणाम केंद्र में भाजपा की वापसी का सबूत : आडवाणी</title><description>नयी दिल्ली (भाषा)। गुजरात विजय को केंद्र में पार्टी की वापसी का संकेत मानते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता और पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी ने आज अपने कार्यकर्ताओं से लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट जाने का आह्वान किया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;आडवाणी ने कहा कि गुजरात में भाजपा की जीत और हिमाचल प्रदेश में सुनिश्चित विजय (जिसके लिए मतगणना 28 दिसंबर को होगी) से मुझे पूरा विश्वास है कि हम वास्तव में साबित करेंगे कि भाजपा की वापसी हो रही है।आडवाणी ने एक बयान जारी कर कहा कि मौत का सौदागर और अन्य आरोप लगाकर नरेन्द्र मोदी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनाम करने की कोशिश की गयी जिसका गुजरात की जनता ने उचित जवाब दे दिया है। उन्होंने कहा कि मैं कांग्रेस नेतृत्व और अन्य दलों से अपील करता हूं कि कम से कम अब से वे भविष्य में इस तरह की राजनीति से तौबा कर लें। मुझे उम्मीद है कि वे आत्‍मनिरीक्षण करेंगे और गुजरात की पराजय से सही सबक सीखेंगे।</description><link>http://janaadesh.blogspot.com/2007/12/blog-post_8266.html</link><author>noreply@blogger.com (संजीव कुमार सिन्‍हा)</author><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-5168613561735764033.post-3401215898692896445</guid><pubDate>Sun, 23 Dec 2007 12:05:00 +0000</pubDate><atom:updated>2007-12-23T04:09:01.616-08:00</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">गुजरात</category><title>गुजरात में नकारात्मकता हारी: मोदी</title><description>&lt;a href=&quot;https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEifoxo7FCD2bUvRXj4Ks_1a64bdg77dnPn6Xm0tz21P_FotadCWZsVHPAj6hPDq6wAtJ-nEXHdjYiUbrr1j6jAI8y4BHIRYIEn2EuUvR9dRXx5YlhHG9UuIZudcsiN28_YI8S5EHJVPTzTr/s1600-h/photo.jpg&quot;&gt;&lt;img id=&quot;BLOGGER_PHOTO_ID_5147139089508032498&quot; style=&quot;FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; CURSOR: hand&quot; alt=&quot;&quot; src=&quot;https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEifoxo7FCD2bUvRXj4Ks_1a64bdg77dnPn6Xm0tz21P_FotadCWZsVHPAj6hPDq6wAtJ-nEXHdjYiUbrr1j6jAI8y4BHIRYIEn2EuUvR9dRXx5YlhHG9UuIZudcsiN28_YI8S5EHJVPTzTr/s400/photo.jpg&quot; border=&quot;0&quot; /&gt;&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;strong&gt;अहमदाबाद:&lt;/strong&gt; गुजरात परिणामों को नकारात्मकता की हार और सकारात्मकता की जीत बताते हुए मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभी राजनीतिक दलों से स्वर्णिम गुजरात बनाने के लिए सहयोग की अपील की।&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;चुनाव परिणामों की सभी अटकलों के मुंह के बल गिरने के बाद अपने पहले संवाददाता सम्मेलन में मोदी ने अपनी जीत को &#39;जीतेगा गुजरात&#39; मंत्र की जीत बताया और कहा, &#39;यह सकारात्मक वोट है। सरकार को दोबारा लाने का वोट है। अनेक नकारात्मक प्रचार किए गए नई तरकीबें अपनाई गईं। नए शब्दों के इस्तेमाल के बावजूद जनता ने नकारात्मकता को नकार दिया और सकारात्मकता के पक्ष में फैसला दिया।&#39;&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;मोदी के चेहरे पर जीत की खुशी साफ झलक रही थी मोदी ने अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि गुजरात की जनता ने गुजरात विरोधी सभी ताकतों को परास्त कर दिया और &#39;जीतेगा गुजरात&#39; मंत्र को बल दिया है। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के &#39;चक दे गुजरात&#39; चुनावी नारे के मुकाबले में बीजेपी ने &#39;जीतेगा गुजरात&#39; नारा दिया था। तीसरी बार राज्य में मुख्यमंत्री बनने जा रहे मोदी ने मतदान से कुछ पहले उनके खिलाफ बगावत करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता केशुभाई पटेल द्वारा बधाई दिए जाने के बारे में पूछे जाने पर कहा - मैं एडवांस में ही सबको धन्यवाद कर चुका हूं। इस बारे में बार-बार पूछे जाने पर उन्होंने केशुभाई का नाम लिए बिना कहा -मैं सभी की बधाई लेता हूं। प्रधानमंत्री ने बधाई दी है। विभिन्न राजनीतिक दलों की बधाई मिली है।&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;संवाददाताओं को माध्यम बनाते हुए उन्होंने कहा कि आप भी बधाई देंगे तो मैं स्वीकार करूंगा लेकिन आप पीड़ित हैं तो अलग बात है। मोदी ने कहा कि 2010 गुजरात की स्थापना का स्वर्ण जयंती वर्ष है और इसे लेकर वह आगे बढ़ना चाहते हैं। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों गुजरात प्रेमी नागरिकों और देश विदेश में रहने वाले गुजरातियों से गुजरात को स्वर्णिम बनाने में सहयोग देने की अपील की। &lt;/div&gt;</description><link>http://janaadesh.blogspot.com/2007/12/blog-post_8406.html</link><author>noreply@blogger.com (संजीव कुमार सिन्‍हा)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEifoxo7FCD2bUvRXj4Ks_1a64bdg77dnPn6Xm0tz21P_FotadCWZsVHPAj6hPDq6wAtJ-nEXHdjYiUbrr1j6jAI8y4BHIRYIEn2EuUvR9dRXx5YlhHG9UuIZudcsiN28_YI8S5EHJVPTzTr/s72-c/photo.jpg" height="72" width="72"/><thr:total>1</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-5168613561735764033.post-360654840690597254</guid><pubDate>Sun, 23 Dec 2007 11:00:00 +0000</pubDate><atom:updated>2007-12-23T03:13:59.219-08:00</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">गुजरात</category><title>मोदी: चाय बेचने से सीएम तक का सफर</title><description>&lt;a href=&quot;https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEir5gooI0Rw7-il5_U4aznnGRPqGwiNnl1iLXGPTVZBwcLlng2YmOfF9JTiNTS0Kjzx26oPQR8x1MEtNJVyaAqDVRMLysv4SR_TWyWSnMzoWoShFI3WpBF1_prtKxkpiDo6AZHrbEHfHstG/s1600-h/nmodi4_fix-1_1198401345_m.jpg&quot;&gt;&lt;img id=&quot;BLOGGER_PHOTO_ID_5147124894641119202&quot; style=&quot;FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; CURSOR: hand&quot; alt=&quot;&quot; src=&quot;https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEir5gooI0Rw7-il5_U4aznnGRPqGwiNnl1iLXGPTVZBwcLlng2YmOfF9JTiNTS0Kjzx26oPQR8x1MEtNJVyaAqDVRMLysv4SR_TWyWSnMzoWoShFI3WpBF1_prtKxkpiDo6AZHrbEHfHstG/s400/nmodi4_fix-1_1198401345_m.jpg&quot; border=&quot;0&quot; /&gt;&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;छोटे से रेलवे स्टेशन पर कभी चाय बेचकर अपनी जिंदगी चलाने वाले भाजपा नेता नरेंद्र मोदी गुजरात की राजनीति में एक ऐसे क्षत्रप के रूप में उभरे हैं जो लगातार तीसरी बार राज्य का मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं जो एक रिकार्ड है।&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;मुख्यमंत्री के तौर पर 27 दिसंबर को पद और गोपनीयता की शपथ लेने जा रहे मोदी गोधरा कांड के बाद गुजरात में भड़के दंगों के दिनों से आज तक विपक्ष और अपने ही दल के कुछ छोटे बडे़ नेताओं की आलोचनाओं और विरोध का सामना करते आ रहे हैं। 57 वर्षीय इस नेता ने इस बार के चुनाव में सभी बाधाओं को पार करते हुए लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री पद अपने पास बनाए रखा। &lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;गुजरात में आए भूकंप से मची तबाही और फिर तत्कालीन मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल के खिलाफ असंतोष उभरने पर तत्कालीन भाजपा महासचिव और पार्टी प्रवक्ता मोदी को प्राकृतिक और पार्टी के संकट से निपटने के लिए वहां मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी दे कर भेजा गया। संकटमोचक बन कर पहुंचे मोदी ने छह अक्तूबर 2001 को पटेल की जगह गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। मुख्यमंत्री बनने के बाद मोदी ने कहा था कि वह गुजरात में एक दिवसीय मैच खेलने आए हैं लेकिन 27 फरवरी 2002 को साबरमती एक्सप्रेस अग्निकांड और उसके बाद राज्य में भड़के सांप्रदायिक दंगों ने पूरी तस्वीर ही बदल दी।&lt;br /&gt;&lt;span class=&quot;&quot;&gt;&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;span class=&quot;&quot;&gt;&lt;/span&gt;दोनों ही घटनाओं के बाद गुजरात की राजनीति का मुख्य बिंदु हिंदुत्व बन गया और मोदी उसकी केंद्रीय भूमिका में आ गए। आरएसएस के दुलारे रहे मोदी देखते ही देखते हिंदुत्व के पर्याय बन गए। &lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;मोदी की जिंदगी का सफरनामा 17 सितंबर 1950 को मेहसाणा जिले के छोटे से वाडनगर शहर में एक निर्धन परिवार से शुरू हुआ। वह घांची समुदाय के हैं जो अन्य पिछड़ा वर्ग में आता है। &lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;शुरू से ही दृढ़ इच्छा शक्ति रखने वाले मोदी वाडनगर रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने और बाद में अहमदाबाद में एक कैंटीन चलाकर संघर्ष करते हुए गुजरात में सत्ता के सर्वोच्च शिखर तक पहुंचे हैं।&lt;br /&gt;संघर्षो के बीच ही मोदी ने वाडनगर में अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की और आरएसएस प्रचारक रहते हुए 1980 के दशक में गुजरात विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में एमए किया। उनमें नेतृत्व क्षमता छात्र जीवन से ही दिखने लगी थी जब वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेता के रूप में उभरे।&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;वर्ष 1987 में संघ से भाजपा में आने के बाद मोदी के राजनीतिक जीवन की शुरुआत हुई। एक वर्ष के भीतर ही उन्हें पार्टी की गुजरात इकाई का महासचिव बना दिया गया। 1995 में उन्हें भाजपा ने दिल्ली भेजा और वह राष्ट्रीय सचिव बनाए गए। &lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;गुजरात दंगों के लिए भारी आलोचनाओं सामना करने के बावजूद उन्होंने गौरव यात्रा निकाल कर दिसंबर 2002 के विधानसभा चुनाव में भारी बहुमत से भाजपा की झोली में जीत डाली। &lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;22 दिसंबर 2002 को मोदी को मुख्यमंत्री पद के दूसरे कार्यकाल के लिए शपथ दिलाई गई। पहले कार्यकाल में उन्होंने जहां अपने हिंदुत्व की छवि को धार दी वहीं दूसरे कार्यकाल में वह विकास पुरुष के रूप में खुद को स्थापित करने में जुट गए। &lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;पांच वर्ष के दूसरे कार्यकाल में मोदी ने जीवंत गुजरात का नारा दिया और बड़े पैमाने पर उद्योगपतियों तथा निवेशकों को गुजरात की ओर आकर्षित करने में सफल भी हुए। हालांकि राज्य के किसान आदिवासी और कुछ अन्य समुदाय उनकी नीतियों से नाराज भी नजर आए लेकिन एक बड़ा तबका राज्य का तेजी से औद्योगिक विकास होने के कारण खुश भी हुआ। &lt;/div&gt;</description><link>http://janaadesh.blogspot.com/2007/12/blog-post_1415.html</link><author>noreply@blogger.com (संजीव कुमार सिन्‍हा)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEir5gooI0Rw7-il5_U4aznnGRPqGwiNnl1iLXGPTVZBwcLlng2YmOfF9JTiNTS0Kjzx26oPQR8x1MEtNJVyaAqDVRMLysv4SR_TWyWSnMzoWoShFI3WpBF1_prtKxkpiDo6AZHrbEHfHstG/s72-c/nmodi4_fix-1_1198401345_m.jpg" height="72" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-5168613561735764033.post-7728593510990962111</guid><pubDate>Sun, 23 Dec 2007 10:00:00 +0000</pubDate><atom:updated>2007-12-23T02:10:08.774-08:00</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">गुजरात</category><title>गुजरात में लहराया केसरिया -दैनिक जागरण</title><description>&lt;a href=&quot;https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEiTdwJ6PkfnMYCvBnd9Ra2aNq2GInTbIuloO1dRcPkiRAlt26LOt-lGJ4dPt8OAEJoL7iJwXlONs995Uby7Os50XI4DARYhqJ6WjRxIbemnaAZmK7rrghh55WMnNI8Atki3-md33YPgtbxA/s1600-h/nmodi3_fix-1_1198403711_m.jpg&quot;&gt;&lt;img id=&quot;BLOGGER_PHOTO_ID_5147107972469972946&quot; style=&quot;FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; CURSOR: hand&quot; alt=&quot;&quot; src=&quot;https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEiTdwJ6PkfnMYCvBnd9Ra2aNq2GInTbIuloO1dRcPkiRAlt26LOt-lGJ4dPt8OAEJoL7iJwXlONs995Uby7Os50XI4DARYhqJ6WjRxIbemnaAZmK7rrghh55WMnNI8Atki3-md33YPgtbxA/s400/nmodi3_fix-1_1198403711_m.jpg&quot; border=&quot;0&quot; /&gt;&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;strong&gt;अहमदाबाद। &lt;/strong&gt;गुजरात में आजादी के बाद से लड़ी गई सत्ता की अब तक की सबसे तीखी लड़ाई में अंतत: मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को जनता ने विजयश्री का वरण करा दिया। जनता की जय जय के साथ ही कांग्रेस को भी हारकर उनकी जयजय करनी पड़ी। &lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;हालांकि भाजपा को सीटों का घाटा उठाना पड़ा लेकिन बहुमत के लिए जरूरी 92 के मुकाबले सीटों पर कब्जा कर लगातार तीसरी बार वह सरकार बनायेगी। विधानसभा की कुल 182 सीटों में से अब तक 106 सीटों पर कब्जा कर भाजपा ने भगवा गढ़ फतह करने के कांग्रेस के मंसूबों को धूल धूसरित कर दिया। संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में मोदी को चुनौती दे रही पार्टी को मुकाबला नजदीकी होने की उम्मीद थी और हर दौर के मतदान के बाद एक्जिट पोल के नतीजों से उसकी आशा बढ़ रही थी लेकिन अब तक उसे केवल 55 सीटें ही मिली हैं। अन्य मात्र 4 सीट जीतने में सफल रहे है। &lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;वर्ष 2002 में गोधरा दंगों के बाद हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 127 तथा कांग्रेस ने 51 सीटें जीती थीं और इस बार भले ही कांग्रेस की सीटों में कुछ इजाफा हो रहा हो लेकिन दोनों दलों में जीत का अंतर काफी रहेगा। &lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;गुजरात में मुख्यमंत्री पद की हैट्रिक के संकेत मिलने के साथ ही मोदी ने अपने अंदाज में प्रसन्नता जताते हुए कहा कि वह सीएम हैं और सीएम रहेंगे। &lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने गुजरात में जबर्दस्त कामयाबी के बाद इन सुझावों को खारिज कर दिया कि मोदी को केंद्रीय राजनीति में लाया जाएगा और साफ तौर पर कहा कि लालकृष्ण आडवाणी पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बने रहेंगे। &lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;मोदी तीसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ 27 दिसंबर को लेंगे। मणिनगर से 87 हजार से भी अधिक मतों से जीत दर्ज कर अपनी मजबूत स्थिति का अहसास करा दिया है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री ढींढसा पटेल को शिकस्त दी है। &lt;/div&gt;&lt;div&gt; &lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;span class=&quot;&quot;&gt;&lt;/span&gt;शुरूआती रुझानों के बीच ही नरेंद्र मोदी ने एसएमएस संदेश में कहा कि वह सीएम हैं और सीएम रहेंगे। उन्होंने सीएम का मतलब स्पष्ट करते हुए कहा कि इसका अर्थ कामन मैन है। &lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;मोदी के मंत्रिमंडलीय सहयोगी रमनलाल वोहरा वजुभाई वाला (वित्त) तथा आनंदीबेन पटेल (शिक्षा) चुनाव जीत गए हैं। &lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;दिल्ली से मिली खबरों के अनुसार भाजपा मुख्यालय में जहां जश्न का माहौल है वहीं मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने घुटने टेकते हुए न केवल अपनी हार स्वीकार कर ली बल्कि मोदी को बधाई दी है। &lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने चुनाव परिणामों को पार्टी की विचारधारा की जीत और मोदी के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम बताया वहीं भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि गुजरात चुनावों का राष्ट्रीय राजनीति पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से लोकसभा चुनावों की तैयारी में जुट जाने का भी आह्वान किया। &lt;/div&gt;&lt;div&gt; &lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;span class=&quot;&quot;&gt;&lt;/span&gt;कांग्रेस ने गुजरात में अपनी पराजय पूरे नतीजे आने से पहले ही स्वीकार कर ली और उसके प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि नरेंद्र मोदी की महान विजय है यह उल्लेखनीय जीत है। उनकी जीत पर मुझे कोई ईर्ष्‍या नहीं है। &lt;/div&gt;</description><link>http://janaadesh.blogspot.com/2007/12/blog-post_9647.html</link><author>noreply@blogger.com (संजीव कुमार सिन्‍हा)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEiTdwJ6PkfnMYCvBnd9Ra2aNq2GInTbIuloO1dRcPkiRAlt26LOt-lGJ4dPt8OAEJoL7iJwXlONs995Uby7Os50XI4DARYhqJ6WjRxIbemnaAZmK7rrghh55WMnNI8Atki3-md33YPgtbxA/s72-c/nmodi3_fix-1_1198403711_m.jpg" height="72" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-5168613561735764033.post-1361853016236534229</guid><pubDate>Sun, 23 Dec 2007 09:50:00 +0000</pubDate><atom:updated>2007-12-23T02:10:08.774-08:00</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">गुजरात</category><title>मोदी का करिश्‍माई सफर</title><description>&lt;a href=&quot;https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEj6OXTQzzTQJbUvob0wjvkktoBuZEulLGvM_Qr-TDMpphpT1NtMKLColEQyycl_5vOAmrSMtvSxObkXgFs1zOW-9q8llvGIw6HVpRXumAV4nSpULWxw8jFqnUlO6PTB-XcIWNhyphenhyphenN0yW1_8-/s1600-h/_38620375_modi1-150-ap.jpg&quot;&gt;&lt;img id=&quot;BLOGGER_PHOTO_ID_5147105833576259522&quot; style=&quot;FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; CURSOR: hand&quot; alt=&quot;&quot; src=&quot;https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEj6OXTQzzTQJbUvob0wjvkktoBuZEulLGvM_Qr-TDMpphpT1NtMKLColEQyycl_5vOAmrSMtvSxObkXgFs1zOW-9q8llvGIw6HVpRXumAV4nSpULWxw8jFqnUlO6PTB-XcIWNhyphenhyphenN0yW1_8-/s400/_38620375_modi1-150-ap.jpg&quot; border=&quot;0&quot; /&gt;&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;strong&gt;23 दिसम्‍बर 2007 सीएनएन-आईबीएन नई दिल्‍ली।&lt;/strong&gt; &lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;उत्‍तरी गुजरात के वड़नगर में 17 सितम्‍बर 1950 को जन्‍में नरेन्‍द्र मोदी का राजनीतिक सफर राष्‍ट्रीय स्‍वंय सेवक संघ के प्रचारक के रूप में शुरू हुआ। उन्‍हें वर्ष 1972 में प्रचारक के रूप में हिमाचल प्रदेश के कागड़ा भेजा गया। उनके संगठन कौशल को देखते हुए वर्ष 1984 में उन्‍हें भाजपा में प्रवेश मिला। भाजपा के वरिष्‍ठ नेता लालकृष्‍ण आडवाणी के ‘प्रिय’ मोदी ने उनकी सोमनाथ यात्रा में जमकर हिस्‍सेदारी ली। वर्ष 1992 में उन्‍हें पार्टी का महासचिव बनाकर गुजरात का प्रभार सौंपा गया।&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;वर्ष 1995 में उन्‍होंने गुजरात में विधानसभा चुनाव प्रचार का प्रभारी बनाया गया। इस चुनाव में राज्‍य में भाजपा को विजयश्री हासिल हुई। इसके बाद मोदी को पार्टी का राष्‍ट्रीय महासचिव बनाया गया। वर्ष 2001 में उनकी जिंदगी में उस वक्‍त नया मोड़ आया जब उन्‍हें पार्टी के केन्‍द्रीय नेतृत्‍व ने मुख्‍यमंत्री केशुभाई पटेल की जगह गुजरात के मुख्‍यमंत्री पद की कुर्सी सौंप दी।&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;गोधरा कांड के बावजूद गुजरात की 11वीं विधानसभा के चुनावों में कांग्रेस का पत्‍ता साफ कर उन्‍होंने साबित कर दिया कि वे राजनीति के एक बड़े खिलाड़ी हैं। मोदी ने अपनी जीत को गुजरात की अस्मिता से जोड़कर रख दिया। उन्‍होंने कहा कि यह उनकी नहीं बल्कि गुजरात की 5 करोड़ जनता की जीत है। जब सोनिया गांधी ने उन्‍हें ‘मौत का सौदागर’ की उपाधि दी तो उन्‍होंने पलटवार करते हुए कहा कि मैं नहीं बल्कि कांग्रेसी पार्टी ‘मौत का सौदागर’है। उनका करिश्‍मा इस बार के चुनाव में भी साफ तौर पर दिखाई दिया। अब लोग उन्‍हें प्रधानमंत्री पद का उम्‍मीदवार भी बता रहे हैं।&lt;em&gt; साभार- जोश18 डॉट कॉम&lt;/em&gt;&lt;/div&gt;</description><link>http://janaadesh.blogspot.com/2007/12/blog-post_3417.html</link><author>noreply@blogger.com (संजीव कुमार सिन्‍हा)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEj6OXTQzzTQJbUvob0wjvkktoBuZEulLGvM_Qr-TDMpphpT1NtMKLColEQyycl_5vOAmrSMtvSxObkXgFs1zOW-9q8llvGIw6HVpRXumAV4nSpULWxw8jFqnUlO6PTB-XcIWNhyphenhyphenN0yW1_8-/s72-c/_38620375_modi1-150-ap.jpg" height="72" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-5168613561735764033.post-90589855842177512</guid><pubDate>Sun, 23 Dec 2007 09:43:00 +0000</pubDate><atom:updated>2007-12-23T01:48:31.770-08:00</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">गुजरात</category><title>गुजरात में भाजपा को पूर्ण बहुमत</title><description>&lt;a href=&quot;https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEgWtRrfNOoHIE1Lbqp3Am2ZQcSRvCKF9XaFPWiNy-LpXpTcD-SHY61TPeZz8nP40cB1B9hpMwJSqGNJEi4Mw8ZQC1IiNFwkRNAsDwXbiutyx1y5JoQ7KbFBpaZX0xzAjXF8_2hIGZpLSc6q/s1600-h/NEWS-modi.jpg&quot;&gt;&lt;img id=&quot;BLOGGER_PHOTO_ID_5147102900113596338&quot; style=&quot;FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; CURSOR: hand&quot; alt=&quot;&quot; src=&quot;https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEgWtRrfNOoHIE1Lbqp3Am2ZQcSRvCKF9XaFPWiNy-LpXpTcD-SHY61TPeZz8nP40cB1B9hpMwJSqGNJEi4Mw8ZQC1IiNFwkRNAsDwXbiutyx1y5JoQ7KbFBpaZX0xzAjXF8_2hIGZpLSc6q/s400/NEWS-modi.jpg&quot; border=&quot;0&quot; /&gt;&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;strong&gt;अहमदाबाद।&lt;/strong&gt; भारतीय जनता पार्टी ने लगातार चौथी बार गुजरात को फतह कर लिया है। पार्टी ने ताजा समाचार मिलने तक पूर्ण बहुमत लायक सीटें भी जीत ली हैं।भाजपा ने खबर लिखे जाने तक राज्‍य विधानसभा की 182 सीटों में से 103 सीटें जीतकर बहुमत हासिल कर लिया। पूर्ण बहुमत के लिए 93 सीटों की जरूरत पड़ती है। &lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;अब नरेन्‍द्र मोदी का तीसरी बार मुख्‍यमंत्री बनना तय है। उनका शपथ ग्रहण समारोह 27 नवम्‍बर को गांधी नगर के सरदार पटेल स्‍टेडियम में आयोजित किया गया है। कांग्रेस अभी तक 54 सीटों पर जीत हासिल कर चुकी है। उसे 60 या 61 सीटें मिलने की उम्‍मीद है। अन्‍य पार्टियों में राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को एक स्‍थान पर जीत हासिल हुई है। राज्‍य के मुख्‍यमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने मणिनगर विधानसभा सीट पर कांग्रेस के केन्द्रीय मंत्री दिनशा पटेल को हरा दिया है। राज्य की शिक्षा मंत्री आनंदीबेन पटेल पाटन विधानसभा सीट पर चुनाव जीत गई हैं।&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;इधर कांग्रेस ने गुजरात विधानसभा चुनाव में अपनी हार को स्वीकार करते हुए भाजपा की जीत को ‘निराशाजनक’ बताया।विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि गुजरात चुनाव परिणामों से हमें गहरी निराशा हुई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस परिणामों का अध्ययन करेगी ताकि गलती कहां हुई, इसका पता लगाया जा सके। कांग्रेस महासचिव और गुजरात के प्रभारी बी. के. हरिप्रसाद ने पार्टी की हार की जिम्मेदारी स्वीकार की है। उन्होंने कहा ‘मैं हार की जिम्मेदारी लेता हूं। यह मेरी असफलता है।’&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि भाजपा असंतुष्टों के बारे पार्टी का गणित गलत साबित हुआ। पार्टी ने सोचा था कि भाजपा असंतुष्ट चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि नरेन्‍द्र मोदी ने गुजरात का मॉडल राज्‍य बनाया है। पार्टी महासचिव अरुण जेटली ने कहा कि टीम भाजपा ने मैच जीता तथा मोदी मैन ऑफ द मैच रहे। साभार- &lt;a href=&quot;http://www.josh18.com/&quot;&gt;http://www.josh18.com/&lt;/a&gt;&lt;/div&gt;</description><link>http://janaadesh.blogspot.com/2007/12/blog-post_1762.html</link><author>noreply@blogger.com (संजीव कुमार सिन्‍हा)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" 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10px 10px 0px; CURSOR: hand&quot; alt=&quot;&quot; src=&quot;https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEiIsXqu9-8ira5zkncVYWhfqmVZqHokiTEkc9U-uOHx6qu24MLeKNIA5wg3BmX0S5hhMaR7Ggoa7Gj6otIQ0LVdYoAb-KZgEVK2W0mjlldSF-XD5KpHfVR1mQxxHi5hlus9CThnuE5bKZbt/s320/20060202-Rajnath-Singh.jpg&quot; border=&quot;0&quot; /&gt;&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;strong&gt;भारतीय जनता पार्टी&lt;/strong&gt; के अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा है कि गुजरात के चुनावों में पार्टी की जीत उसकी विचारधारा और राज्य में मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व की जीत है। राजनाथ सिंह ने दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए गुजरात के चुनाव नतीजों के लिए जनता के प्रति आभार जताया। उन्होंने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को चुनावी जीत के लिए बधाई दी।&lt;br /&gt;श्री सिंह ने कहा कि गुजरात में भाजपा के चौथी बार सत्ताा में आने के पीछे भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की जीत है। उन्होंने कहा कि गुजरात के चुनाव नतीजों ने यह संकेत दे दिया है कि अगर देश में कोई पार्टी सुशासन उपलब्ध करा सकती है तो वह भाजपा है। उन्होंने कहा कि श्री मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने गुजरात को विकास के &#39;मॉडल राज्य&#39; के रूप में विकसित किया है। मतदाताओं ने इसी वजह से पार्टी को जीत दिलाई। &lt;em&gt;स्रोत: प्रभासाक्षी ब्यूरो&lt;/em&gt;&lt;/div&gt;</description><link>http://janaadesh.blogspot.com/2007/12/blog-post_3146.html</link><author>noreply@blogger.com (संजीव कुमार सिन्‍हा)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEiIsXqu9-8ira5zkncVYWhfqmVZqHokiTEkc9U-uOHx6qu24MLeKNIA5wg3BmX0S5hhMaR7Ggoa7Gj6otIQ0LVdYoAb-KZgEVK2W0mjlldSF-XD5KpHfVR1mQxxHi5hlus9CThnuE5bKZbt/s72-c/20060202-Rajnath-Singh.jpg" height="72" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-5168613561735764033.post-2771186928360818090</guid><pubDate>Sun, 23 Dec 2007 08:37:00 +0000</pubDate><atom:updated>2007-12-23T00:42:26.716-08:00</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">गुजरात</category><title>सीएम हूं, सीएम रहूंगा: नरेंद्र मोदी का एसएमएस</title><description>&lt;a href=&quot;https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEhTe_cVP0ERD8qgU3B-vbZVzJYT4lMBWbXWVzRtXI9U81IhfH3zmw22tte6xTFhsX3lOVf9YDI51eyQm8YPT5A9OuowpQjs4P7NMN2lQwXAZccARL_wyTvO9wRe8hoWzP1ZpThrR9esfEAz/s1600-h/images.jpg&quot;&gt;&lt;img id=&quot;BLOGGER_PHOTO_ID_5147085892043104146&quot; style=&quot;FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; CURSOR: hand&quot; alt=&quot;&quot; src=&quot;https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEhTe_cVP0ERD8qgU3B-vbZVzJYT4lMBWbXWVzRtXI9U81IhfH3zmw22tte6xTFhsX3lOVf9YDI51eyQm8YPT5A9OuowpQjs4P7NMN2lQwXAZccARL_wyTvO9wRe8hoWzP1ZpThrR9esfEAz/s400/images.jpg&quot; border=&quot;0&quot; /&gt;&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;strong&gt;गुजरात &lt;/strong&gt;के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज &#39;मुख्यमंत्री हूं- मुख्यमंत्री रहूंगा&#39; का एसएमएस जारी कर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कटाक्ष का जवाब दिया। प्रधानमंत्री ने पिछले दिनों गुजरात चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी को भाजपा ने नरेन्द्र मोदी के डर से लोकसभा चुनाव से पहले ही प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया है। इस बीच राजनीतिक खेमों में ऐसी अटकलें जाहिर की जाने लगी थीं कि दो बार राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके मोदी गुजरात में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के बाद शायद केन्द्र की राजनीति में जाना पसंद करेंगे। लेकिन श्री मोदी ने आज यह एसएमएस जारी कर इन अटकलों पर विराम लगा दिया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;नरेंद्र मोदी ने अपने एसएमएस में सीएम का अर्थ समझाते हुए कहा है सीएम मतलब कामन मैन। मोदी के इस अप्रत्याशित एसएमएस के बारे में पूछे जाने पर भाजपा संसदीय दल के नेता विजय कुमार मल्होत्रा ने कहा कि मीडिया और कुछ राजनीतिक दलों की व्यर्थ की अटकलों पर श्री मोदी की यह टिप्पणी है। यह पूछे जाने पर कि क्या मोदी गुजरात में अपना सिक्का जमा लेने के बाद केन्द्र की राजनीति में दबदबा बढ़ाने का प्रयास नहीं करेंगे, मल्होत्रा ने कहा कि मोदी खुद इस का जवाब दे चुके हैं। यह कहे जाने पर कि क्या पांच वर्ष बाद भी यही स्थिति रहेगी, मल्होत्रा ने कहा कि पांच साल अभी बहुत दूर हैं। &lt;em&gt;स्रोत: प्रभासाक्षी ब्यूरो&lt;/em&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;</description><link>http://janaadesh.blogspot.com/2007/12/blog-post_2838.html</link><author>noreply@blogger.com (संजीव कुमार सिन्‍हा)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEhTe_cVP0ERD8qgU3B-vbZVzJYT4lMBWbXWVzRtXI9U81IhfH3zmw22tte6xTFhsX3lOVf9YDI51eyQm8YPT5A9OuowpQjs4P7NMN2lQwXAZccARL_wyTvO9wRe8hoWzP1ZpThrR9esfEAz/s72-c/images.jpg" height="72" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-5168613561735764033.post-5245765467519842896</guid><pubDate>Sun, 23 Dec 2007 08:26:00 +0000</pubDate><atom:updated>2007-12-23T00:37:35.169-08:00</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">गुजरात</category><title>गुजरात में भाजपा का परचम लहराया</title><description>&lt;a href=&quot;https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEhSAj2ZmOvtsnxop8PwyigXoXYpk96Yf0euksHdQVXRCpmhXQmdOe9P3FQknZiojFD60Eq9AcCAh4MNNMV48kGE0WFt5fpbYYrUl7aIUWab1z_JgCxmKHNzyGIS2KXGYyCzKN3bdOO7B6pU/s1600-h/PC081900.JPG&quot;&gt;&lt;img id=&quot;BLOGGER_PHOTO_ID_5147084676567359346&quot; style=&quot;FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; CURSOR: hand&quot; alt=&quot;&quot; src=&quot;https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEhSAj2ZmOvtsnxop8PwyigXoXYpk96Yf0euksHdQVXRCpmhXQmdOe9P3FQknZiojFD60Eq9AcCAh4MNNMV48kGE0WFt5fpbYYrUl7aIUWab1z_JgCxmKHNzyGIS2KXGYyCzKN3bdOO7B6pU/s320/PC081900.JPG&quot; border=&quot;0&quot; /&gt;&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;strong&gt;गुजरात&lt;/strong&gt; विधानसभा के लिए हुए चुनावों के शुरूआती रुझानों और नतीजों से जाहिर हो गया है कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर बहुमत पाकर सरकार बनाने जा रही है। अब तक मिले रुझानों में भाजपा कांग्रेस से काफी आगे चल रही है। गुजरात विधानसभा की 182 सीटों के लिए चुनाव हुए थे। इन सभी स्थानों के रुझान उपलब्ध हैं जिनमें से 120 भाजपा और 57 कांग्रेस के पक्ष में हैं। अन्य दलों और उम्मीदवारों को 5 स्थानों पर बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। प्रदेश विधानसभा में बहुमत हासिल करने के लिए 92 सीटों की जरूरत है। &lt;em&gt;स्रोत: प्रभासाक्षी ब्यूरो&lt;/em&gt;&lt;/div&gt;</description><link>http://janaadesh.blogspot.com/2007/12/blog-post_23.html</link><author>noreply@blogger.com (संजीव कुमार सिन्‍हा)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEhSAj2ZmOvtsnxop8PwyigXoXYpk96Yf0euksHdQVXRCpmhXQmdOe9P3FQknZiojFD60Eq9AcCAh4MNNMV48kGE0WFt5fpbYYrUl7aIUWab1z_JgCxmKHNzyGIS2KXGYyCzKN3bdOO7B6pU/s72-c/PC081900.JPG" height="72" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-5168613561735764033.post-7727488659297481724</guid><pubDate>Wed, 19 Dec 2007 08:13:00 +0000</pubDate><atom:updated>2007-12-19T00:14:27.750-08:00</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">गुजरात</category><title>मौत के सौदागर- मैंने ऐसा तो नहीं कहा था</title><description>लेखक- &lt;strong&gt;डॉ. सूर्य प्रकाश अग्रवाल&lt;br /&gt;&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;गुजरात&lt;/strong&gt; में विधानसभा के चुनावों की सुगबुगाहट शुरु होते ही गुजरात में सोहराबुददीन की पुलिस मुठभेड में मौत को लेकर जिस प्रकार कांग्रेस ने संसद में भाजपा सहित गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी की छिछालेदर कर के राजनीतिक लाभ प्राप्त करने की असफल कोशिश की थी वैसा भारतीय राजनीतिक इतिहास में दूसरा कोई उदाहरण नहीं मिलता। इसमें कुछ मीडिया चैनलों ने सुबह से सायं तक इस प्रलाप में कांग्रेस का साथ दिया। चुनाव के प्रचार में कांग्रेस का सदैव यही प्रयास रहा कि गुजरात में किस प्रकार अल्पसंख्यकों के वोटों पर कब्जा किया जाय। इसके लिए कांग्रेस ने नरेन्द्र मोदी को सोहराबुददीन की मुठभेड में हुई मौत के लिए दोषी ठहराते हुए उनको मौत का सौदागर ही कह कर अल्पसंख्यकों में बहुसंख्यकों के प्रति द्वेष फैला व असुरक्षा का वातावरण पैदा कर दूसरी बार राजनीतिक लाभ प्राप्त करने की कोशिश की। जब वोटों के इस खेल में कांग्रेस असफल रही तो फौरन अपने बयान से मुकर कर ऐसा कहा गया कि मैने ऐसा तो नहीं कहा । कांग्रेस की अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी ने अपने भाषण में गुजरात के शासकों को मौत का सौदागर करार दिया था। कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि श्रीमती सोनिया गांधी का आशय मोदी नहीं थे। कपिल सिब्बल की इस विचारधारा से स्वयं उनके लिए ही खतरा उत्पन्न हो गया। कांग्रेस का मानना है कि कपिल सिब्बल जो भी मुंह में आता है, बोल देते हैं जिससे उन्हें अब पार्टी के कामकाज से दूर रखने का ही फैसला हो गया है और हो सकता है कि गुजरात में कांग्रेस की पराजय का ठीकरा कपिल सिब्बल के ही सिर पर फोड दिया जाय और परिणामस्वरुप उन्हें केन्द्रीय मंत्री पद ही छोडना पडे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;यह सर्वविदित है कि आतंकवाद फैलाने में कांग्रेस की मुस्लिम तुष्टीकरण की नीतियां ही दोषी रही हैं । आतंकवादी हजारों की संख्या में निर्दोष लोगों की हत्या कर रहे हैं, उन्हें तो मौत के सौदागर नहीं कहा गया, उनके साथ तो नरम रुख अख्तियार करते हुए उन्हें फांसी के फंदे से बचाये जाने की हर सम्भव कोशिश की जा रही है। देश के गृहमंत्री शिवराज पाटिल ने आतंकवादियों के सम्मुख हताश होकर बयान दिया कि आतंकवादी देश के किसी भी कोने में कभी भी आतंकवादी कार्रवाई कर सकते है और सरकार कोई प्रभावपूर्ण कार्रवाई करने में असमर्थ है। सरकार निरीह प्राणी की तरह कुछ भी नहीं कर सकती है। उनके बयान से पुलिस सहित सेना का मनोबल भी गिरा है। देश के प्रत्येक राज्य की पुलिस व देश की सेना में अब भी दमखम है कि यदि राजनेता मुस्लिम तुष्टीकरण की अपनी राजनीति छोड कर सुरक्षाबलों के बंधे हाथ खोल दें तो महीने भर में नहीं अपितु ज्यादा से ज्याद एक सप्ताह में ही देश के प्रत्येंक कोने में फैले आतंकवादी चूहे की तरह बिल में घुसते हुए नजर आएंगे । अलगाववाद सदा-सदा के लिए नेस्तनाबूद हो जायेगा। नरेन्द्र मोदी ने अपने दोनों कार्यकाल किस प्रकार गुजारे है? यह गुजारात की जनता उन्हें इन चुनावों में बता देगी।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&#39;मौत के सौदागर&#39; पर राजनेता बयानबाजी कर रहे है। उन्हें गुजरात के विकास व औद्योगिक उन्नति से कुछ लेना देना नहीं। &#39;मौत के सौदागर&#39; तो कोई भी हो सकता है । भारत में जनता कभी भी ऐसे नेता का समर्थन नहीं करती है जो मौत का सौदागर हो। मौत के सौदागर शब्द का प्रयोग उन आतंकवादियों के लिए किया जाना चाहिए जो बम से देखते ही देखते हंसते-खिलखिलाते निर्दोष लोगों को चिथडे करके हवा में उडा देते है। मौत के सौदागर वे लोग है जिन्होंने उत्तरप्रदेश की न्याय व्यवस्था को ध्वंस व भंग करते हुए राज्य की अदालतों में बम विस्फोट किये व दर्जनों लोगों को मौत की नींद सुला दिया। मौत के सौदागर वे लोग है जिन्होंने नवयुवकों को बहलाफुसला कर गुमराह करके आतंकवाद की राह पर धकेल दिया। मौत के सौदागर वे लोग है जो हवाई जहाज को कब्जे में लेकर यात्रियों की जिन्दगियों का सौदा अपने आतंकवादी साथियों को जेल से छुडाने के लिए करते है। मौत के सौदागर वे लोग है जो भारत के लोकतंत्र के मंदिर संसद में घुस कर हमला करते है। मौत के सौदागर वे लोग है जो दोषी ठहराये गये आतंकवादी की फांसी की सजा को माफ करने के चक्कर में है। मौत के सौदागर वे लोग है जो देश के लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने के प्रति आतंकवादी व आतंकवाद को राजनीतिक उद्देश्यों के लिए रोकने में स्वंय को अक्षम महसूस करते है और कुर्सी भी छोडते हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;नरेन्द्र मोदी ने अपनी सफाई दी कि मैंने कभी कोई ऐसी बात अपने भाषण में चुनाव प्रचार के दौरान नहीं कही जो उच्चतम न्यायालय में गुजरात सरकार की तरफ से पेश हलफनामें के विपरीत हो, मैं पहले भी अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुका हूं कि मैं फर्जी मुठभेडों का समर्थन नहीं करता हूं। मोदी के भाषण को समग्रता से पढे जाने की आवश्यकता है। वे तो श्रीमती सोनिया गांधी की टिप्पणी का जबाब दे रहे थे। मोदी ने अपने भाषण को पूरी तरह आतंकवाद के खिलाफ बताते हुए कहा कि निश्चित तौर पर निर्वाचन आयोग की यह नीति नहीं होगी कि उनके (श्रीमती सोनिया गांधी ) बयान से हुए आचार संहिता के उल्लंघन को नजरांदाज कर दे और सोनिया गांधी के बयान के जबाब में दिये गये मेरे राजनैतिक जबाब को सेंसर करे। निर्वाचन आयोग के द्वारा दिये गये नोटिस को आयोग द्वारा वापस ले लेने की मांग करते हुए मोदी ने कहा कि मैनें कभी भी और खास कर सोहराबुद्दीन शेख की मुठभेड को तर्कसंगत नहीं ठहराया। भाजपा के नेता अरुण जेटली ने कहा कि आयोग ने सोहराबुद्दीन शेख की फर्जी मुठभेड में कत्ल को कथित तौर पर सही ठहराने वाले जिस भाषण के लिए मोदी को नोटिस भेजा था, उसे संदर्भ से काट कर पेश किया गया था। सोनिया गांधी व नरेन्द्र मोदी के बयानों को मीडिया ने तोड मरोड कर प्रचारित किया। नरेन्द्र मोदी सहित भाजपा का मानना है कि आयोग मोदी के जबाब से संतुष्ट हो जायेगा और तब तेज गति से खबरें देने वाले इन न्यूज चैनलों की क्या गत बनेगी? जिन्होंने सोनिया गांधी की चमचागिरी करते हुए नरेन्द्र मोदी के बयान को गलत ढंग से पेश किया परन्तु खबरों को गलत व गैर जिम्मेदाराना ढंग से पेश करने वालों को इसका कोई अफसोस भी नहीं होगा।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;निर्वाचन आयोग ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी से कहा था कि 4 दिसम्बर 2007 को मंगरौल में उनका भाषण उसके सामने आया और एक सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड ने शिकायत करते हुए नरेन्द्र मोदी पर आरोप लगाया कि यह हिंसा को खुले आम प्रोत्साहन देने वाला तथा राजनैतिक लाभ के लिए धर्म का दुरुपयोग करने वाला है। आयोग को लगा कि प्रथम दृष्टया भाषण में दिवंगत सोहराबुद्दीन का उल्लेख और उसका नाम आतंकवाद से जोडना, व्याप्त मतभेदों को बढाने, पारस्परिक घृणा उत्पन्न करने और विभिन्न समुदायों के बीच तनाव पैदा करने वाला है तथा इससे चुनाव की आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन होता है। नरेन्द्र मोदी ने इस नोटिस का जबाब दे दिया तथा भाजपा ने निर्वाचन आयोग में शिकायत की कि 1 दिसम्बर 2007 को चुनाव सभा में श्रीमती सोनिया गांधी ने आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया था। निर्वाचन आयोग ने कांग्रेस की अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी के इस भाषण का ब्यौरा तलब किया है। अब जब  लगा कि सोनिया के इस बयान से नरेन्द्र मोदी को लाभ मिल सकता है तो कांग्रेस की तरफ से कहा गया कि सोनिया गांधी ने ऐसाश् तो नहीं कहा। उन्होंने तो शासन की व्यवस्था पर सवाल उठाया था। कांग्रेस को गुजरात के हिन्दुओं की चिन्ता नहीं परन्तु उसको तो इस्लामिक आतंकवाद जिसको जिहाद का नाम देकर व बम फोड कर निर्दोष लोगों की हत्याऐं की जाती है,, उन आतंकवादियों की ज्यादा चिन्ता है जिन्होंने मानवाधिकारों का जबरदस्त उल्लंघन किया है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;गुजरात में नरेन्द्र मोदी ने अपने दो कार्यकालों में गुजरात में किये गये विकास के कार्यों के आधार पर चुनाव लडना तय किया था परन्तु सोहराबुद्दीन मामले को कांग्रेस ने संसद सहित गुजरात में भी उछाल दिया जिससे नरेन्द्र मोदी ने भी अपनी चुनावी रणनीति बदल कर हिन्दू-मुस्लिम के बीच ही नीति तय कर दी जिससे तथाकथित धर्मनिरपेक्षवादी राजनीतिक ताकतें विचलित हो गयी। गुजरात में वर्ष 2002 में गोधराकाण्ड में हिन्दुओं के मारे जाने से उपजी हिंसा में मुस्लिमों के मारे जाने के बाद तथाकथित धर्मनिरपेक्षवादियों के निशाने पर नरेन्द्र मादी है। परन्तु नरेन्द्र मोदी एक कुशल प्रशासक होने के साथ साथ स्वच्छ छवि के राजनेता भी है। इसी स्वच्छ छवि के सहारे उन्होंने गुजरात के बाहर से बडी मात्रा में विनिवेश आकर्षित किया तथा सम्पूर्ण देश में गुजरात को उन्होंने तेजी से प्रगति के मार्ग पर अग्रसर होने वाला सर्वोत्तम प्रदेश बना दिया। बडे पैमाने पर हुए इस विनियोग (जो मुख्यत: रिलाइन्स व एस्सार के तेल क्षेत्र में ही था) से अपेक्षाकृत रोजगार के कम अवसर उत्पन्न हुए जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोग मोदी के इस आर्थिक विकास के सिध्दांत  को समझ नहीं पाये। गुजरात में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में भी बढोत्तरी हुई। विपक्षी दलों ने रोजगार के उत्पन्न हुए कम अवसर व बढती मंहगाई को नरेन्द्र मोदी के विरुध्द अस्त्र बनाया। इधर उत्तराखण्ड, पंजाब व उत्तरप्रदेश में शासित रही पार्टियां चुनावों में पराजित हो गयी। इस आधार पर मोदी को भी अपनी वापसी खतरे में पडी दिखाई दीं । स्वंय उनकी ही भाजपा के नेता सुरेश मेहता व केशू भाई पटेल उनके लिए गड्ढ़ा खोद रहे थे। भाजपा ने गुजरात में गत तीन चुनाव जीते हैं । यदि चौथी बार जीतना है तो कडी मेहनत तो करनी ही पडेगी क्योंकि पश्चिमी बंगाल के अलावा भारत के किसी भी राज्य में लगातार चौथी बार एक ही दल सत्ता में नहीं आया है। सोनिया के मौत के सौदागर के बयान से नरेन्द्र मोदी को ही फायदा मिलता नजर आने लगा है रही सही कसर निर्वाचन आयोग ने सोनिया व नरेन्द्र मोदी को नोटिस भेज कर मौत के सौदागर वाले बयान को पर्याप्त प्रचार देकर पूरी कर दी है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;नरेन्द्र मोदी ने हिन्दुओं से अपील की है कि इस्लामिक आतंकवादियों ने भारत में पिछले तीन वर्षों में 5,617 लोगों को अपनी आतंकवादी घटनाओं में मार दिया है जबकि गुजरात में केवल एक ही व्यक्ति आतंकवादियों के द्वारा मारा गया है। भाजपा ने ही गुजरातवासियों की रक्षा की है। कांग्रेस ने पोटा को हटा कर आतंकवाद को बढाने में सहयोग दिया है। पंजाब में खालिस्तान के लिए सिख आतंकवाद उस समय पनपा जब कांग्रेस शासन में थी। कश्मीर में निर्दोष लोगों के साथ साथ सेना पर आतंकवादी हमले करके हजारों लोगों को मारा जा रहा है जबकि वहां कांग्रेस की सरकार है। पश्चिमी बंगाल में कम्युनिस्ट पार्टी ने लोगों के मौलिक व संवैधानिक अधिकारों को नजरादांज करके नन्दीग्राम जैसी भयंकर घटनाओं को अंजाम दिया तथा नक्सली आतंकवाद पनपा वहां भी कांग्रेस का सीधा सीधा शासन नहीं परन्तु फिर भी केन्द्र में सरकार चलाने के लिए कांग्रेस को वामपंथियों की बैसाखी के सहारे की आवश्यकता है इसलिए पश्चिमी बंगाल में आतंकवाद को रोकने में कांग्रेस चुप्पी साधे हुई है। उत्तरप्रदेश में भी आतंकवादियों ने अपनी गतिविधियां बढायी हैं। वहां की बसपा सरकार को कांग्रेस का समर्थन प्राप्त है क्योंकि राष्ट्रपति के चुनाव में कांग्रेस ने बसपा का साथ ग्रहण किया था अत: उसके अहसान तो उतारने पडेंगे ही।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;आंतकवाद के बढने के लिए किसी भी दल व शासन तंत्र को दोष देकर उसको &#39;मौत के सौदागर&#39; ठहराना कतई ठीक नहीं है। आंतकवादी घटनाओं को रोकना सुरक्षा बलों का मामला होता है उसी के ऊपर छोडना चाहिए व आतंकवाद के रोकने के मामले में राजनीतिक हस्तक्षेप बिल्कुल भी नहीं किया जाना चाहिए। आवश्यकता इस बात की है कि सभी दल राष्ट्रवाद के सहारे आतंकवाद से लडें। पुलिस व सेना के बंधे हाथ खोलें। आतंकवादियों से निपटने के लिए कुछ कुर्बानी तो देनी ही पडेगी। पुलिस व सेना जब आतंकवादियों के प्रति सख्त व तेजी से कार्यवाही करेगी तभी आतंकवादियों के बढते हौसले रुक पायेंगें। राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण पुलिस व सेना का मनोबल टूटता है जिससे आतंकवादियों के हौसले बुलन्द होते है।&lt;br /&gt;&lt;em&gt; (नवोत्थान लेख सेवा हिन्दुस्थान समाचार)&lt;/em&gt;</description><link>http://janaadesh.blogspot.com/2007/12/blog-post_19.html</link><author>noreply@blogger.com (संजीव कुमार सिन्‍हा)</author><thr:total>1</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-5168613561735764033.post-5774132781181107891</guid><pubDate>Mon, 17 Dec 2007 08:05:00 +0000</pubDate><atom:updated>2007-12-17T00:07:35.912-08:00</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">हिमाचल प्रदेश</category><title>हिमाचल में कांग्रेस की बढ़ती दिक्कतें</title><description>लेखक- &lt;strong&gt;डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;ऐसे&lt;/strong&gt; संकेत तो पहले ही मिलने शुरू हो गए थे कि कांग्रेस हाई कमाण्ड वीरभद्र सिंह को हराने की कोशिश कर रहा है। पर मामला इतना आगे बढ़ जाएगा, ऐसी किसी ने आशा नहीं की थी। हाई कमाण्ड ने तीन बार विधायक बनने वाले हिमाचल विधानसभा के उपाध्यक्ष का टिकट काटकर उसकी जगह सोनिया गांधी के रसोईये के बेटे को टिकट दे दिया। वीरभद्र सिंह पूरा जोर लगाने के बावजूद अपने उपाध्यक्ष का टिकट बचा नहीं पाए। लेकिन हाई कमाण्ड की मंशा शायद इतने से ही पूरी नहीं हुईं उसने यह भी घोषणा कर दी कि कांग्रेस के जीतने पर हिमाचल का मुख्यमंत्री कौन बनेगा? अभी ऐसा तय नहीं हुआ है। संकेत स्पष्ट है कि जीतने की स्थिति में वीरभद्र सिंह ही अगले मुख्यमंत्री होंगे ऐसा निश्चित न माना जाए। यह संदेश कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को भी है और प्रदेश की जनता को भी इसका जो दुष्परिणाम होना था वह हो रहा हैं। पहले से ही धड़ों में बटी कांग्रेस में अराजकता की स्थिति पैदा हो गई है। यहाँ तक कि वीरभद्र सिंह के हनुमान कहे जाने वाले मनजीत डोगरा को भी। नादौनता विधानसभा क्षेत्र से टिकट नहीं मिला। डोगरा ने विद्रोह कर दियाऔर अपनी पत्नी को आजाद प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतार दिया। ऐसे विद्रोह एक नहीं अनेक स्थानों पर हुए। लेकिन वीरभद्र सिंह चाहकर भी विद्रोह को रोक नहीं पा रहे क्योंकि कांग्रेस ने पहले ही उनकी शक्ति छीन ली है। वे भविष्य के मुख्यमंत्री नहीं होंगे- इससे उभरे शून्य में जी.एस. बाली जैसे लोग भी मुख्यमंत्री बनने का सपना देखने लगे हैं। विद्या स्टोक्स काफी लंबे अरसे से मुख्यमंत्री बनने का सपना पाल रही हैं। अराजकता की इस स्थिति में कांग्रेस के भीतर भी धुंध है और बाहर भी। कभी वीरभद्र का सिक्का हिमाचल कांग्रेस में चलता था। लेकिन अब उनके अपने ही लोग उनसे किनारा कशी करने लगे हैं। क्योंकि हाईकमाण्ड के संकेत वीरभद्र के विपरीत जा रहे हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पुराने हिमाचल में कभी कांग्रेस की तूती बोलती थी और बाद में वहां कांग्रेस का पर्याय वीरभद्र सिंह ही बन गए। लेकिन बदले हालात में लगता है कि पुराने हिमाचल में भी वीरभद्र सिंह की जड़ें हिलनी शुरू हो गई हैं। किसी स्थान पर उन्हें स्वयं ही अपने परंपरागत समर्थकों पर विश्वास नहीं रहा। दूसरे स्थानों पर उनके समर्थकों का उनमें विश्वास हिलता नजर आ रहा है। रामपुर के विधायक सिंगी राम जो वीरभद्र के परिवार के सदस्य ही माने जाते थे, उनको राजा ने स्वयं त्याग दिया है और टिकट न मिलने पर चौपाल के राजा जोगेन्द्र चंद्र विद्रोह पर उतर आए हैं। वहां भाजपा के डा. राधारमन शास्त्री मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहे हैं। सिरमौर और शिमला जिले में कुछ कांग्रेस का भीतरी विद्रोह और कुछ भाजपा की अतिरिक्त सक्रियता दोनों ने मिलकर वीरभद्र की नींद हराम कर दी है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;रही सही कसर विजय सिंह मनकोटिया पूरी कर रहे हैं। मनकोटिया सेना में रह चुके हैं। धुंआधार भाषण देते हैं, कविता लिखते हैं, लेकिन सबसे बढ़कर इस बार मायावती के हाथी की सवारी कर रहे हैं। वीरभद्र सिंह के लिए चिडिया घर में बंधे हाथी से डरने का तो कोई कारण नहीं है लेकिन चुनाव के मैदान में मायावती के हाथी पर चढ़े विजय सिंह मनकोटिया भय पैदा करने के लिए पर्याप्त हैं। यदि बीएसपी ने अनुसूचित जातियों के एक दो प्रतिशत वोट भी काट दिए तो कांग्रेस की लुटिया डुबोने के लिए वे पर्याप्त होंगे। जिस प्रकार कभी पंडित सुखराम वीरभद्र सिंह के पीछे हाथ धोकर पड़ गए थे और उन्हें मुख्यमंत्री की गद्दी तक पहुँचने से रोक ही नहीं लिया था बल्कि वहां से खींचकर उतार भी दिया था। वही काम इस बार मनकोटिया कर रहे हैं।  ऊपर से कोढ ने खाज़ यह कि भाजपा हाई कमाण्ड ने प्रेम कुमार धूमल को मुख्यमंत्री का प्रत्याशी घोषित करके रही-सही कसर भी पूरी कर दी है। इससे जहां भाजपा के कार्यकर्ताओं में उत्साह आया है वहीं कांग्रेस के हाथ से एक बहुत बड़ा चुनावी मुद्दा छिन गया है। चुनाव के परिणाम क्या होंगे? यह तो भविष्य ही तय करेगा। लेकिन कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी बज रही है। यह हिमाचल में स्पष्ट सुना जा सकता है।&lt;br /&gt;&lt;em&gt;(नवोत्थान लेख सेवा हिन्दुस्थान समाचार)&lt;/em&gt;</description><link>http://janaadesh.blogspot.com/2007/12/blog-post_17.html</link><author>noreply@blogger.com (संजीव कुमार सिन्‍हा)</author><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-5168613561735764033.post-1770254071828878717</guid><pubDate>Wed, 12 Dec 2007 07:44:00 +0000</pubDate><atom:updated>2007-12-11T23:46:06.120-08:00</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">गुजरात</category><title>कांग्रेस को सोहराबुद्दीन की चिंता</title><description>लेखक&lt;strong&gt;- डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt; कांग्रेस&lt;/strong&gt; को आतंकवादियों की चिंता सता रही है। उनकी दृष्टि में आतंकवादियों के मानवाधिकारों की चिंता सरकार नहीं करेगी तो और कौन करेगा? लगता है कांग्रेस की दृष्टि में आतंकवादी का मसला अल्पसंख्यक से भी जुड़ा हुआ है। क्योंकि ज्यादातर आतंकवादी मुसलमान ही हैं इसलिए जब कोई आतंकवादी मरता है तो कांग्रेस का अल्पसंख्यक सैल तुरंत जीवित हो जाता है। उसको लगता है यह आतंकवादी नहीं मरा बल्कि एक बदनसीब अल्पसंख्यक को गोली मार दी गई है। ऐसा नहीं कि कांग्रेस आतंकवादियों के पक्ष में खुले तौर पर आ गई है। उसमें आतंकवादियों के पक्ष में आने के लिए कानूनी प्रक्रिया को ढाल के तौर पर इस्तेमाल किया है। शायद कांग्रेस यह मानती है कि सच्चा आतंकवादी होने के लिए जरूरी है पहले आतंकवादी अपनी ए.के. -47 से कुछ हिन्दुओं को मार गिराए। उसके बाद पुलिस उन आतंकवादियों को पकड़े और पकड़ने के बाद उस पर मुकदमा चलाए। मुकदमा में यदि इनको फांसी की सजा हो जाए तो उस पर दया की अपील करते हुए राष्ट्रपति के पास आवेदन भेजा जाए और वह आवेदन परंपरागत तरीके से लंबित हो जाए। आतंकवाद की भी एक पूरी प्रक्रिया है और आतंकवादी को पकड़ने की भी अलग प्रक्रिया है। लेकिन दुर्भाग्य से कई बार पुलिस को पता चल जाता है कि आतंकवादी कोई वारदात करने वाले हैं। पुलिस पहले ही घेराबंदी कर लेती हैं और उस आतंकवादी को मार गिराती है। कांग्रेस की दृष्टि में इससे बड़ा जघन्य अपराध और पाप कोई नहीं है। जब तक सड़क पर पाँच-छ: हिन्दुओं की लाशें न बिछ जाए तब तक किसी को आतंकवादी भला कैसे ठहराया जा सकता है? जैसे न्यायालय में किसी तथ्य को सिध्द करने के लिए सबूतों की जरूरत पड़ती है वैसे ही कांग्रेस की दृष्टि में आतंकवादी कहलवाने के लिए छ: सात हिन्दुओं की लाशों की जरूरत हैं। दुर्भाग्य से आतंकवादी भी कांग्रेस और सरकार दोनों की ही मानसिकता को अच्छी तरह समझ गए हैं और इसका वे पूरा लाभ भी उठा रहे हैं । कश्मीर में आतंकवादियों ने दिन दहाड़े हजारों लोगों की हत्या कर दी हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;लेकिन सौ दौ सौ आतंकवादियों को कानूनी प्रक्रिया के चलते फांसी की सजा हो गई हो और सचमुच ही उनको फांसी के तख्ते पर चढ़ा दिया हो अभी तक ऐसा देश के देखने में नहीं आया है। पंजाब में आतंकवादी वर्षों वर्ष अपना सिक्का जमाते रहे और निर्दोषों को मारते रहे। लेकिन आतंकवादियों को कानून ने कोई सजा दी हो ऐसा देखने के लिए पंजाब के डीजीपी के.पी.एस. गिल भी तरसते रहे। सीपीएम तो कांग्रेस से आगे बढ़ा हुआ है। उसका मानना है कि नंदीग्राम के किसानों को जो अपनी जमीन की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं मारने का अधिकार सीपीएम के कैडर के पास है। पश्चिमी बंगाल के मुख्यमंत्री बुध्ददेव भट्टाचार्य ने तो कह दिया था कि जो जैसा करेगा वैसा भरेगा। संकेत स्पष्ट था कि नंदीग्राम का किसान पार्टी के खिलाफ गर्दन उठाएगा तो गर्दन कटेगी। लेकिन आतंकवादियों के मामले में सीपीएम का स्पष्ट मानना है कि पुलिस जगह-जगह उन पर अत्याचार कर रही है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इस पृष्ठभूमि में सोहराबुद्दीन की मुठभेड़ को देखना होगा। गुजरात में आतंकवादी कोई बड़ी वारदात करने में सफल नहीं हो पा रहे हैं। सामान्य नागरिक तो इसका अर्थ यह निकालेगा कि वहां पुलिस सख्त है और आतंकवादी वारदात करने से पहले ही मार दिए जाते हैं। लेकिन कांग्रेस के लिए इसका दूसरा अर्थ है। यदि आतंकवादियों को काम करने का मौका नहीं दिया जा रहा तो इसका अर्थ है कि गुजरात सरकार आतंकवादियों के मानवाधिकारों का हनन कर रही है। कपिल सिब्बल से लेकर सोनिया गांधी तक सोहराबुद्दीन के लिए हलकान हो रहे हैं। उनका दु:ख यह है कि उन्होंने अफजल गुरू को तो फांसी के तख्ते पर लटकने से बचा लिया है लेकिन वे बेचारे सोहराबुद्दीन को बचा नहीं पाए। वह बेचारा अकेला पुलिस के हत्थे चढ़ गया और मुठभेड़ में मारा गया। कपिल सिब्बल मौके पर अपनी कानून की किताबें लेकर हाजिर नहीं हो पाए। उनका आग्रह है कि पुलिस को सोहराबुद्दीन जैसे आतंकवादियों को जिंदा पकड़ना चाहिए और फिर कचहरी में पेश करना चाहिए और फिर वकील मोटी फीस लेकर वकालत करने के लिए तैयार मिलेंगे ही। लेकिन शायद वे नहीं जानते ए.के. 47 लेकर घूम रहा आतंकवादी बकरी का बच्चा नहीं होता जिसको पुलिस जब चाहे रस्सी से बांध ले। कांग्रेस गुजरात में सोहराबुद्दीन की मुठभेड़ में हुई मौत को लेकर जनता का फतवा ढूँढ रही है। सोनिया गांधी तो इतने गुस्से में आ गई कि उसने नरेन्द्र मोदी को मौत का सौदागर तक कह दिया। अब गुजरात की जनता को ही फैसला करना है कि मौत का सौदागर सोहराबुद्दीन था या नरेन्द्र मोदी? और उससे बड़ा प्रश्न यह है कि सोहराबुद्दीन के पक्ष में खड़े होने वाले लोग कौन है? और उनकी मंशा क्या है?&lt;br /&gt;&lt;em&gt;(नवोत्थान लेख सेवा हिन्दुस्थान समाचार)&lt;/em&gt;</description><link>http://janaadesh.blogspot.com/2007/12/blog-post_11.html</link><author>noreply@blogger.com (संजीव कुमार सिन्‍हा)</author><thr:total>5</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-5168613561735764033.post-3040009837373814252</guid><pubDate>Thu, 06 Dec 2007 06:23:00 +0000</pubDate><atom:updated>2007-12-05T22:30:15.033-08:00</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">हिमाचल प्रदेश</category><title>हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव पर विशेष</title><description>&lt;a href=&quot;https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEj8Vl3vzl488nwJAWPHxPjzg0uDMpHUqICpLr7OacprQ9UJddGldYTWqH-JXtdwtQHK1R4sLp0pNuz5M3UwUdr3FfNPgPgEdX_dLm1sew7yIaWQ_QZnI4aS-itUEZYYHXFPrVgrI6kaIgpE/s1600-h/prem_kumar_dhumal.jpg&quot;&gt;&lt;img id=&quot;BLOGGER_PHOTO_ID_5140742857053119490&quot; style=&quot;FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; CURSOR: hand&quot; alt=&quot;&quot; src=&quot;https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEj8Vl3vzl488nwJAWPHxPjzg0uDMpHUqICpLr7OacprQ9UJddGldYTWqH-JXtdwtQHK1R4sLp0pNuz5M3UwUdr3FfNPgPgEdX_dLm1sew7yIaWQ_QZnI4aS-itUEZYYHXFPrVgrI6kaIgpE/s320/prem_kumar_dhumal.jpg&quot; border=&quot;0&quot; /&gt;&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;लेखक- &lt;strong&gt;डा. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री&lt;/strong&gt; &lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;/div&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;&lt;strong&gt;गुजरात &lt;/strong&gt;और हिमाचल प्रदेश दोनों प्रदेशों में हो रहे विधानसभा चुनावों में भाजपा अपनी जीत के प्रति आश्वस्त दिखाई दे रही है। गुजरात का चुनाव तो एक प्रकार से अंतरराष्ट्रीय फोकस में ही आ गया है क्योंकि यह चुनाव केवल भाजपा की ही नहीं बल्कि देश की भविष्य की राजनीति के दिशा संकेत भी देगा। पश्चिमोत्तर में होने वाले हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। हिमाचल प्रदेश के चुनाव आस पास के कई राज्यों के चुनावों को प्रभावित करते हैं। भाजपा इस प्रदेश में सरकार बनाने की दावेदारी भी कर रही है। लेकिन अब तक इस रास्ते में एक ही बाधा आ रही थी। भाजपा जीतती है तो मुख्यमंत्री कौन बनेगा इसको लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी और भाजपा हाइकमांड शायद इस अस्पष्टता को चुनावों में लाभकारी मान रहा था। भावी मुख्यमंत्री को लेकर प्रो. प्रेम कुमार धूमल के साथ साथ शांताकुमार का नाम भी मीडिया उछालता रहता है। उससे कार्यकर्ता में भी भ्रम पैदा होता है और प्रदेश की जनता में भी दुविधा बनी रहती है। प्रो. प्रेम कुमार धूमल अभी हाल ही में लोकसभा का चुनाव जीते थे, इसलिए कुछ लोगों ने यह अनुमान लगाना शुरु कर दिया था कि उनकी वापसी का रास्ता कठिन है। इससे भी भाजपा को नुकसान होने की संभावना बढती जा रही थी ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;कांग्रेसी खेमा यह चाहता था कि चुनाव के दौरान भाजपा अपने मुख्यमंत्री प्रत्याशी के नाम का उल्लेख न करे। उससे कांग्रेस को यह कहने का अवसर मिल जाता था कि भाजपा में फूट है और उसके भीतर मुख्यमंत्री के कई प्रत्याशी हैं। इसके चलते भाजपा किसी एक प्रत्याशी के नाम की घोषणा करने में हिचकिचा रही है। कांग्रेस का मुख्य आधार ऊपरी और पुराने हिमाचल में ही है। परंतु अपने पांच साल के मुख्यमंत्रित्व काल में प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने पुराने हिमाचल में भी भाजपा का एक बहुत बडा समर्थक आधार खडा करने में सफलता प्राप्त कर ली थी। इसलिए कांग्रेस को भय था कि यदि भाजपा मुख्यमंत्री पद के प्रत्याशी का नाम और खास कर प्रो. धूमल के नाम की घोषणा कर देती है तो उसे पुराने हिमाचल में भी काफी नुकसान हो जाता। लेकिन अलग कारणों से भाजपा के कार्यकर्ताओँ की इच्छा थी कि चुनाव से पूर्व भावी मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा कर दी जानी चाहिए।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कल अनिश्चय की स्थिति को समाप्त कर दिया। उन्होंने यह घोषणा कर दी कि चुनाव प्रो. प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व में लडे जाएंगे और वही सत्ता में आने पर मुख्यमंत्री पद के प्रत्याशी होंगे। इस घोषणा से निश्चय ही भाजपा को नया आत्मबल प्राप्त होगा और शांता कुमार ने जिस प्रकार पार्टी के इस निर्णय का प्रसन्न मन से स्वागत किया है उनसे उन विश्लेषकों की अटकलों को भी विराम लग जाएगा जो शांता और धूमल को एक दूसरे के आमने सामने खडा करने में ही तमाम ऊर्जा खर्च करते रहते हैं। धूमल शायद भाजपा के ऐसे पहले नेता हैं जिनका नये और पुराने दोनों क्षेत्रों में समान सम्मान और आधार है। धूमल की सबसे बडी पूंजी कार्यकर्ताओँ में उनकी पैठ है। वे प्रदेश में जमीन से जुडे नेता माने जाते हैं। प्रदेश की जनता और कार्यकर्ता सहज भाव से उनसे बात भी कर सकता और अपने सुख दुख सांझी कर सकता है। धूमल राजनैतिक मतभिन्नताओं और विद्वेषों को बहुत दूर तक खींचने के आदी नहीं हैं। जिसके कारण उनके विरोधी भी उनकी प्रशंसा करते हैं। धूमल का नाम मुख्यमंत्री के पद के लिए लेकर भाजपा ने कांग्रेस की रणनीति पर छक्का मारा है ।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इसके साथ ही भाजपा ने यह प्रयास किया है कि ईमानदार, कर्मठ और संगठन के प्रति कार्यकर्ताओं को टिकट दिये जाएं। आज सभी राजनीतिक दलों में निहित भ्रष्ट तत्वों की घुसपैठ हो रही है। भाजपा ने ऐसा प्रयास किया है कि ऐसे तत्वों को टिकट न दी जाए। जबकि इसके विपरीत कांग्रेस ने टिकट आवंटन में इस प्रकार का बोझ अपने मन पर नहीं लादा। विधानसभा के उपाध्यक्ष का टिकट सोनिया गांधी के रसोइये के बेटे को दे दिया गया। इससे पूरे सोलन जिला की कांग्रेस में हा हा कार मचा हुआ है। इसी प्रकार मुख्यमंत्री वीरभद्र के पारिवारिक सदस्य कहे जाने वाले सिंगीराम की जगह सोनिया गांधी के किसी बाडीगार्ड को दिया गया है । सिंगीराम पिछले तीस सालों से विधायक बनते चले आ रहे हैं। हिमाचल में सोनिया गांधी की तानाशाही के खिलाफ विद्रोह के स्वर उठ रहे हैं। निश्चय ही इससे भाजपा को फायदा मिलेगा।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;चुनावी रणनीति में कांग्रेस की दरारें यहां साफ और स्पष्ट दिखाई दे रही हैं। भाजपा ने भौगलिक संतुलन बना कर हिमाचल के सभी वर्गों की भावनाओं का सम्मान करने का प्रयास किया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जयराम ठाकुर मंडी जिले के रहने वाले हैं। मंडी हिमाचल प्रदेश का तीसरा महतवपूर्ण खंड है। मंडी के हाथों में भाजपा की कमान शायद पहली बार ही आयी है। इसलिए मंडी में भाजपा का प्रदर्शन आगे से बेहतर होगा ऐसा माना जा रहा है। जयराम ठाकुर ने पिछले कुछ अर्से से निरंतर प्रवास कर भाजपा कार्यकर्ताओं में वैचारिक प्रतिबध्दता जागृत की है और मंडी जिले में विशेष कर भाजपा के पक्ष में एक भावात्मक उभार पैदा किया है। कांगडा जिले में जो प्रदेश का सबसे बडा जिला है, शांता कुमार का खासा जनाधार है और यह जिला व्यक्तिविशेष से ऊपर उठ कर पंजाब के समय से ही भाजपा समर्थक जिला रहा है। कांग्रेस की सरकार जिस प्रकार कांगडा जिले के साथ विकास के मामले में मतभेद करती है उससे भी यहां के लोगों में कांग्रेस के प्रति रोष बना रहता है। हमीरपुर, ऊना और बिलासपुर धूमल के गृह जिले हैं। कुछ माह पहले हुए लोकसभा की सीट के लिए उपचुनाव में धूमल ने दो विधानसभा सीटों को छोड कर बाकी सभी विधानसभाई क्षेत्रों में बढत हासिल की थी। इससे उनके प्रभाव का सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है। भाजपा द्वारा की गई ऐसी सफल मोर्चाबंदी में केवल एक ही कमी थी कि इस चुनावी लडाई का सेनापति कौन होगा ? राजनाथ सिंह ने उसकी घोषणा कर के इस अंतिम कमी को भी दूर कर दिया है और यकीनन भाजपा को इससे लडाई लडने में आसानी होगी ।&lt;br /&gt;&lt;em&gt;(नवोत्थान लेख सेवा हिन्दुस्थान समाचार)&lt;/em&gt;&lt;/div&gt;</description><link>http://janaadesh.blogspot.com/2007/12/blog-post_05.html</link><author>noreply@blogger.com (संजीव कुमार सिन्‍हा)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEj8Vl3vzl488nwJAWPHxPjzg0uDMpHUqICpLr7OacprQ9UJddGldYTWqH-JXtdwtQHK1R4sLp0pNuz5M3UwUdr3FfNPgPgEdX_dLm1sew7yIaWQ_QZnI4aS-itUEZYYHXFPrVgrI6kaIgpE/s72-c/prem_kumar_dhumal.jpg" height="72" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-5168613561735764033.post-7642042820785347969</guid><pubDate>Wed, 05 Dec 2007 08:58:00 +0000</pubDate><atom:updated>2007-12-05T22:29:06.676-08:00</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">गुजरात</category><title>महिलाओं के पक्षधर श्री नरेन्‍द्र मोदी</title><description>&lt;a href=&quot;https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEhCFqEkSYx8IMwv3LXd5IFrfrUUmgq0qrQ0ArwAX8Iwz1diaFrnTOj6nfnNSLsDu_mkLBC_2yfqjYgEKJrOprsAo1c5KETCiik6WuUfih8cqTurwVZJ9xZ2sydWPaLMnIXMu_VS6a0cFUwe/s1600-h/30nov_modi.jpg&quot;&gt;&lt;img id=&quot;BLOGGER_PHOTO_ID_5140410847491204082&quot; style=&quot;FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; CURSOR: hand&quot; alt=&quot;&quot; src=&quot;https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEhCFqEkSYx8IMwv3LXd5IFrfrUUmgq0qrQ0ArwAX8Iwz1diaFrnTOj6nfnNSLsDu_mkLBC_2yfqjYgEKJrOprsAo1c5KETCiik6WuUfih8cqTurwVZJ9xZ2sydWPaLMnIXMu_VS6a0cFUwe/s320/30nov_modi.jpg&quot; border=&quot;0&quot; /&gt;&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;div&gt;गुजरात के मुख्यमंत्री श्री नरेंद्र मोदी देश के अत्यधिक प्रसिद्ध अविवाहितों में से एक है। फिर भी, गुजरात के सर्वांगीण विकास को लेकर श्री मोदी महिलाओं के प्रति उदार हृदय हैं। इसी कारण वे चुनावी मैदान में महिलाओं को उतारने में पीछे नहीं हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;दिसम्बर में होने वाले चुनाव में जहां कांग्रेस ने सिर्फ 14 महिला उम्मीदवारी को चुनावी जंग में खड़ा किया है। वहीं भाजपा ने 26 महिला उम्मीदवारों को सियासी जंग में उतार रहा है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;श्री मोदी कहते हैं कि वे महिला उत्थान और उनके जुड़े मामलों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;साबरमती से खड़ी भाजपा उम्मीदवार गीताबेन पटेल का कहना है कि मोदी के पीछे सारे गुजरात की महिलाओं का समर्थन हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;नारोदा से खड़ी माया कोदानी कहती हैं कि काफी सोच विचार के बाद ही पार्टी ने उन्हें खड़ा करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि भाजपा महिलाओं की भागेदारी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। &lt;/div&gt;</description><link>http://janaadesh.blogspot.com/2007/12/blog-post.html</link><author>noreply@blogger.com (संजीव कुमार सिन्‍हा)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEhCFqEkSYx8IMwv3LXd5IFrfrUUmgq0qrQ0ArwAX8Iwz1diaFrnTOj6nfnNSLsDu_mkLBC_2yfqjYgEKJrOprsAo1c5KETCiik6WuUfih8cqTurwVZJ9xZ2sydWPaLMnIXMu_VS6a0cFUwe/s72-c/30nov_modi.jpg" height="72" width="72"/><thr:total>1</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-5168613561735764033.post-8879746701466993662</guid><pubDate>Wed, 05 Dec 2007 07:16:00 +0000</pubDate><atom:updated>2007-12-04T23:21:25.300-08:00</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">गुजरात</category><title>गुजरात में विकास युग - भाग- 3</title><description>&lt;strong&gt;शिक्षा में गुजरात मॉडल&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;भारत सरकार ने सर्वशिक्षा अभियान के गुजरात माडल की सराहना की है और अन्य राज्यों से भी इसे अपनाने का आग्रह किया है। कन्या केलावरी रथ यात्रा के माध्यम से प्राइमरी प्रवेश 85 से बढ़कर 100 प्रतिशत हो गया है और बीच में स्कूल छोड़ने वालों की संख्या में 34 प्रतिशत से घट कर 3.24 प्रतिशत रह गया है। अब राज्य में कांग्रेसी शासन के बाद से एक लाख अध्यापकों और एक लाख क्लास रूमों की कमी पूरी कर ली गई है और 44000 स्कलों में भी शौचालय की सुविधा उपलब्ध हो गई है। पिछले 5 वर्षों में उच्च शिक्षा संस्थान तथा तकनीकी/मेडिकल की सीटें दुगुनी हो गयी हैं क्योंकि गुजरात को इन उच्च शिक्षा सुविधाओं से वंचित रखा गया था। विश्वविद्यालयों की संख्या 7 से बढ़कर 17 हो गई है जिसमें प्राइवेट भागीदारी भी शमिल है, जैसे अंबानी, निरमा आदि।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;कन्या केलावाड़ी निधि का निर्माण मुख्यमंत्री द्वारा प्राप्त उपहारों की नीलामी से किया गया है तथा 1000 रूपए के विद्यालक्ष्मी बंधपत्र प्रत्येक सरकारी विद्यार्थी को प्रवेश के समय दिए जाते हैं। गांव में पढ़नेवाली कन्याओं को स्‍कूल के लिए नि:शुल्क बस सेवा उपलब्ध कराई जाती है। बेरोजगारों को नि:शुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण दिया जाता है और युवाओं को भी अंग्रेजी प्रशिक्षण दिया जाता है। बड़ी संख्या में उच्च शिक्षा संस्थाएं स्थापित की गई हैं। नेशनल लॉ स्कूल तथा 19 विश्वस्तरीय पाठयक्रम शुरू किए गए हैं जिसमें दूरसंचार, मेरीन इंजीनियंरिंग आदि शामिल हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;निवेश के मोर्चे पर सबसे आगे&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;औद्योगिक मोर्चो पर 2003, 2005, तथा 2007 में तीन शिखर बैठकें हुई थी जिसमें गुजरात में 20 लाख लोगों को रोजगार देने के लिए  666000 करोड़ रूपए के निवेश के लिए 666 सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किए गए थे; 2 लाख करोड़ के एक और निवेश प्रस्ताव पर भी हस्ताक्षर किए गए थे। भारतीय रिजर्व बैंक की घोषणा के अनुसार, सभी राज्यों में से 2006-07 में निवेश के मामले में गुजरात का प्रथम स्थान रहा, जहां कुल निवेश का 25 प्रतिशत निवेश हुआ। गुजरात में औद्योगिक अशांति के कारण कार्य दिनों की क्षति के रूप में सबसे कम 0.9 प्रतिशत थी जबकि इसकी तुलना में राष्ट्रीय औसत 5.25 प्रतिशत है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;गुजरात के 40 लघु और मध्यम दर्जे के बंदरगाह निर्यात-आयात माल का 104 मिलियन टन कार्गो को संभालते हैं जो पूरे भारत का 74 प्रतिशत भाग बनता है। 2003 में श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने सबसे बड़े राजमार्ग अहमदाबाद-बड़ोदरा का उद्धाटन किया था। गुजरात के अधिकांश पीएसयू की हानि अब उलट गई है आर इनमें विशाल लाभ हो रहा है। गुजरात 132&#39;/200&#39; फीट रिंग रोड, फ्लाई ओवर, ऑप्टीकल फाइबर में भी तेजी से प्रगति कर रहा है जिससे वह विश्व तथा अन्य कई क्षेत्रों में दूसरे नंबर आने वाला राज्य बन गया है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;सर्वोत्कृष्ट शहरी योजना&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;साबरमती रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट को सर्वोत्कृष्ट शहरी डिजाइन एवार्ड प्रधानमंत्री के हाथों प्राप्त हुआ था। अहमदाबाद में बीआरटीएस परियोजना पर काम चल रहा है। एएसमसी में स्लम अपग्रेडेशन प्रोग्राम को संयुक्त राष्ट्र संघ से अंतर्राष्ट्रीय एवार्ड मिला। अब गुजरात में मल्टीप्लेक्स, सुपरमाल और 15 फाइव स्टार होटलों की बाढ़ सी आ गई है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;अपवंचितों का विकास&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;किसानों, गरीबों और अपवंचित लोगों के लिए उनहें अनाज, मकान, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा  रोजगार देने के लिए बहुत सारे उपाय किए गए हैं। उन सभी का यहां वर्णन करना संभव नहीं है। परंतु, हाल में मुख्यमंत्री ने 185 लाख लोगों के लिए 39000 करोड़ रूपए के तीन मेगा पैकेज समर्पित किए थे जो 11वीं योजना में कुल 37 प्रशित जनसंख्या के लिए इस प्रकार हैं:&lt;br /&gt;1-   60 लाख सागरखेड़ू (मछुआरे, खारवा, अगावियास आदि) के लिए 11000 करोड़ रूपए का पैकेज&lt;br /&gt;2-  75 लाख वन बंधुओं (आदिवासी) के लिए 15000 करोड़ रूपए और&lt;br /&gt;3-  50 लाख शहरी गरीबों के लिए 13000 करोड़ रूपए।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;गुजरात पहला राज्य है जिसने अपवंचित तथा गरीब लोगों के लिए इतने समन्वित रूप में उपाय किए हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;क्षेत्रीय असंतुलन की समाप्ति&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;गुजरात ने 1 लाख करोड़ रूपए से अधिक की 11वीं योजना को 11 प्रतिशत विकास दर के साथ स्वीकार किया। योजना आयोग ने गुजरात के लिए 11 प्रतिशत विकास दर निश्चित की जो अन्य राज्यों से कहीं अधिक है, जबकि भारत की विकास दर 9 प्रतिशत निश्चित हुई है। गुजरात ने फिर इसे स्वीकार किया। गुजरात ने अपने राज्य से क्षेत्रीय असंतुलन समाप्त करने की एक और चुनौती भी स्वीकार की जिसके लिए विशेष रूप से 30 पिछड़े जिलों के लए उपाय किए गए।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;विवेकपूर्ण वित्तीय प्रबंधन&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;गुजरात की वित्तीय प्रबंधन देश में सर्वोत्कृष्ट है। पिछले 3 वर्षों में इसका राजस्व अधिक रहा जबकि पिछले 5 वषों से कोई टैक्स बढ़ाया नहीं गया बल्कि 1200 करोड़ रूपए की रियायतें दी गई, स्टांप डयूटी 15 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत की गई, वैट की दर 27 प्रशित रखकर शुरूआत की गई, ऑक्ट्राय शुल्क समाप्त कर दिया गया, वित्तीय संस्थानों के ऋण से 2000 करोड़ रूपए ब्याज की बचत की गई; कच्चे तेल की रायल्टी बढ़ाकर प्रति वर्ष 350 करोड़ रूपए की गई और कोयले की कीमत को घटाकर 125 करोड़ रूपए किया गया - ये सभी कदम गुजरात ने विवेकपूर्ण ढंग से किए। यही देश का एकमात्र राज्य है जिसने राजस्व अधिशेष, वित्तीय घाटे, सार्वजनिक ऋण और गारंटी आदि जैसे सभी लक्ष्य प्राप्त किए हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;नेतृत्व&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;ये तथ्य स्वयं अपनी कहानी कह रहे हैं कि गुजरात ने नवीन खोजें तथा पहल करके अपनी विकास रणनीति तैयार की और इस प्रकार गुजरात ने राज्य की प्रगति तथा लोगों के कल्याण के लिए लाभकारी परिणाम प्राप्त किए। मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अटल बिहारी वाजपेयी की गरीबों के प्रति उदारता और पूर्व अमरीकी महान राष्ट्रपति श्री जान एफ केनेडी के ग्लोबल विजन का गहन प्रदर्शन किया। हमारे आंकड़े तथा जमीनी हकीकत दर्शाती है कि मुख्यमंत्री ने लोगों के सपनों को साकार करने का प्रयास किया और लोगों का विश्वास जीता है। यही एक ऐसा तथ्य है जिसके कारण उनके नेतृत्व में भाजपा गुजरात चुनाव में विजय प्राप्त करेगी।</description><link>http://janaadesh.blogspot.com/2007/12/3.html</link><author>noreply@blogger.com (संजीव कुमार सिन्‍हा)</author><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-5168613561735764033.post-5824501159349841674</guid><pubDate>Tue, 04 Dec 2007 08:07:00 +0000</pubDate><atom:updated>2007-12-04T00:49:23.190-08:00</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">गुजरात</category><title>गुजरात में विकास युग - भाग- 2</title><description>&lt;strong&gt;लेखक-डा. भरत जरीवाला&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt; गुजरात के मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का कहना है कि &#39;गुजरात भारत को विकास की राह पर ले जाने का साधन बन गया है।&#39; श्री मोदी ने सचमुच इसे सच कर दिखाया है। आज गुजरात भारत के राज्यों में एक आदर्श (मॉडल) बन गया है। गुजरात में इस कदर विकास हुआ है जिसे राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तरों पर मान्यता दी जा रही है। गुजरात को विश्व बैंक, संयुक्त राष्ट्र संघ, यूनेस्को, कामनवेल्थ एसोसिएशन, माइक्रोसाफ्ट, वाशिंगटन पोस्ट, भारत सरकार, योजना आयोग, प्रधानमंत्री, राजीव गांधी फाउंडेशन, इंडिया टूडे और न जाने देश में कहां-कहां से 66 एवार्ड्स/मेडल/मान्यताएं प्राप्त हो चुकी हैं। ऐसा कौन सा क्षेत्र है जहां गुजरात का नाम &#39;विकास&#39; के दायरे में नहीं आता है-भूकंप प्रबंधन से लेकर देश की विरासत को संभालकर रखना, ई-गवर्नेंस से लेकर विद्युत क्षेत्र में सुधार तक, स्त्री-शिक्षा से लेकर मातृत्व स्वास्थ्य तक, नगरीय डिजाइन तैयार करने से लेकर आर्थिक स्वतंत्रता तक और यहां तक कि सर्वश्रेष्ठ राज्य से लेकर सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री तक गुजरात का भंडार श्रेष्ठतम उत्कृष्टताओं से भरा पड़ा है। इतना ही नहीं गुजरात राज्य को तो कल्याण कार्यक्रमों के मामले में भी प्रथम स्थान पर रखा गया है।&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;&lt;br /&gt;कृषि &lt;span class=&quot;&quot;&gt;क्रांति &lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;पिछले 5 वर्षों में जल क्रांति के साथ साथ कृषि क्रांति भी आई; अब फसल उत्पादन 9000 करोड़ रूपए से बढ़कर 34000 करोड़ रूपए तक जा पहुंचा है और उपज के हिसाब से दुगुनी हो गई है, कपास की फसल में छह गुणा वृध्दि हुई है जो 2002-03 में 23 लाख गांठों से बढ़कर 2006-07 में 123 लाख गांठ तक पहुंच गई है और इस प्रकार प्रति हेक्टेयर में 700 कि.ग्रा. की पैदावार शुरू हो गई है जो विश्व में एक रिकार्ड है। अब चीन गुजरात से 60 प्रतिशत कपास का आयात करता है। फलों और सब्जियों की उपज में भी गुजरात का स्थान सबसे ऊपर है और यहां प्रति हेक्टेयर 16 मीट्रिक टन की उपज होती है। &#39;भूमि से प्रयोगशाला&#39; तक कार्यक्रम में 20 लाख किसानों को &#39;साइल हैल्थ कार्ड&#39; दिए गए हैं ताकि बेहतर फसल उगाने के तरीकों की उत्कृष्ट किस्म का पता लगाया जा सके। राज्य में ड्रिप तथा स्प्रिंकलर सिंचाई को फैलाने के लिए &#39;गुजरात ग्रीन रेवोल्यूशन कं.&#39; बनाई गई है। गुजरात के किसान अब दो से चार फसलों तक उपज करते हैं और इससे राज्य की जीडीपी में कृषि का हिस्सा बढ़ गया है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;बिजली में आत्मनिर्भरता&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;अब गुजरात बिजली में लगभग आत्मनिर्भर हो चुका है। 2002 में लगभग 2500 मेगावाट बिजली की कमी थी और 5 वर्षों के अंदर गुजरात ने सेंट्रल सेक्टर तथा प्राइवेट भागीदारी से 8100 मेगावाट से 11000 मेगावाट तक अपनी क्षमता बढ़ा ली है। 9000 मेगावाट बिजली संयंत्र और भी बन रहे हैं जिसमें एनटीपीसी/टाटा संयुक्त रूप से 4000 मेगावाट के संयत्र लगा रहे हैं। गुजरात ने 2003 में बिजी सेक्टर में सुधार का काम शुरू जिससे टी एंड डी क्षति को 45 प्रतिशत से घटा कर 23 प्रतिशत तक ले आया गया और इसे फिर से गठित किया गया। परिणामस्वरूप 2500 करोड़ रूपए की हानि वाली जीईबी में प्रोडक्शन, ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन और प्रशासन के लिए 7 कंपनियां बना कर अब इसे 250 करोड़ रूपए वाले लाभकारी कंपनी बना दिया गया है। बिजली का वितरण भी उचित ढंग से होता है - कृषि को 33 प्रतिशत, उद्योग को 33 प्रतिशत तथा निवासीय/वाणिज्य/उपयोगिताओं को 33 प्रतिशत बिजली दी जाती है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;बिजली सुधार&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;पिछले दो वर्षों से राज्य में बिजली की कटौती नहीं होती है। किसानों को 1700 करोड़ रूपए की बिजली सब्सिडी दी जाती है जो देश में सबसे अधिक है। पांच वर्षों से बिजली की दरें बढ़ाई नहीं गई है और वास्तव में कृषि बिजली पर पिछले 20 वर्षों से चले आ रहे पुराने बिक्री कर को खत्म कर 975 करोड़ रूपए का अनुदान दिया गया और घरों तथा औद्योगिक बिजली के शुल्क में 60 प्रतिशत से घटा कर 20 प्रतिशत कर दिया गया। ज्योतिग्राम योजना के अंतर्गत राज्य के सभी 18000 गांवों को 1200 करोड़ रूपए की लागत से पिछले 4 वर्षों के रिकार्ड समय में बिजली की व्यवस्था की गई, जिससे इन सभी को 24 घंटे बिजली उपलब्ध रहती है। गुजरात ही पहला प्रदेश है, जिसने यह सब कुछ कर दिखाया है। गुजरात में प्रति व्यक्ति बिजली का प्रयोग 1313 यूनिट है जो राष्ट्रीय औसत के 700 यूनिट से दुगूना है। गुजरात को भारत सरकार ने बिजली की इस उपलब्धि के लिए &#39;इंडिया एक्सीलेंस एवार्ड-2005&#39; दिया था।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;गैस इंटरनेशनल बिड&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;गैस और पेट्रोलियम सेक्टर में गुजरात पहला प्रदेश है जिसने दहेज और हाजिरा में दो एलएनजी टर्मिनल बनाए हैं तथा दो और टर्मिनल भी बनने वाले हैं। 20 शहरों में 2000 किमी लंबी गैस पाइप लाइन से 20 लाख घरों को शीघ्र ही रसोई गैस मिलने लगेगी। गुजरात पीएसयू पेट्रोलियम कार्पोरेशन को आस्ट्रेलिया में ऑयल एक्सप्लोरेशन के लिए 3 ब्लाक तथा मिस्र में 2 ब्लाक प्राप्त हुए हैं और कृष्णा-गोदावरी बेसिन में भी 2 लाख करोड़ रूपए प्राप्त हुए हैं। गुजरात ने सभी सार्वजनिक परिवहनों के लिए सीएनजी गैस में बदलने का काम शुरू कर दिया है ताकि पर्यावरण में सुधार लाया जा सके।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;स्वास्थ्य में नई खोजें&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;&#39;चिरंजीवी योजना&#39; को सिंगापुर में वाशिंगटन पोस्ट का एशियन इन्नोवेटिव एवार्ड प्राप्त हुआ है। &#39;बेटी वैभव आंदोलन&#39; के कारण महिलाओं की दर प्रति 1000 पुरूष के पीछे 802 से बढ़कर 870 हो गई है। विद्यार्थियों के नि:शुल्क मेडिकल चेक अप का काम हाथ में लिया जा रहा है और उनहें डाक्टरी उपचार तथा आप्रेशन मुफ्त दिया जाएगा। 44000 आंगनवाड़ियों के 3 वर्षा से कम आयु के 10 लाख बच्चों को विटामिन ए-डी पोषाहार दिया जाएगा। विश्व बैंक की सहायता से 30000 टन प्रतिदिन मल उपचार का काम हाथ में लिया जा रहा है जिसकी प्रशंसा सुप्रीम कोर्ट ने भी की है। मेडिकल टूरिज्म की संकल्पना सफल सिध्द हुई है और अहमदाबाद में प्रत्येक अंतर्राष्ट्रीय उड़ान से विदेशी/एनआरआई रोगी यहां आते है। नमक मजदूरों, मछुआरों, आदिवासियों तथा अंदरूनी क्षेत्रों के लए 85 मोबाइल वैन डाक्टरी सेवाओं के लिए दी गई है। शहरी क्षेत्रों से नगर स्वास्थ्य केंद्र शुरू किए गए है।</description><link>http://janaadesh.blogspot.com/2007/12/2.html</link><author>noreply@blogger.com (संजीव कुमार सिन्‍हा)</author><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-5168613561735764033.post-8061842957250111719</guid><pubDate>Mon, 03 Dec 2007 07:36:00 +0000</pubDate><atom:updated>2007-12-04T00:49:23.190-08:00</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">गुजरात</category><title>गुजरात में विकास युग - भाग-1</title><description>लेखक-&lt;strong&gt;डा. भरत जरीवाला&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;गुजरात के मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का कहना है कि &#39;गुजरात भारत को विकास की राह पर ले जाने का साधन बन गया है।&#39; श्री मोदी ने सचमुच इसे सच कर दिखाया है। आज गुजरात भारत के राज्यों में एक आदर्श (मॉडल) बन गया है। गुजरात में इस कदर विकास हुआ है जिसे राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तरों पर मान्यता दी जा रही है। गुजरात को विश्व बैंक, संयुक्त राष्ट्र संघ, यूनेस्को, कामनवेल्थ एसोसिएशन, माइक्रोसाफ्ट, वाशिंगटन पोस्ट, भारत सरकार, योजना आयोग, प्रधानमंत्री, राजीव गांधी फाउंडेशन, इंडिया टूडे और न जाने देश में कहां-कहां से 66 एवार्ड्स/मेडल/मान्यताएं प्राप्त हो चुकी हैं। ऐसा कौन सा क्षेत्र है जहां गुजरात का नाम &#39;विकास&#39; के दायरे में नहीं आता है-भूकंप प्रबंधन से लेकर देश की विरासत को संभालकर रखना, ई-गवर्नेंस से लेकर विद्युत क्षेत्र में सुधार तक, स्त्री-शिक्षा से लेकर मातृत्व स्वास्थ्य तक, नगरीय डिजाइन तैयार करने से लेकर आर्थिक स्वतंत्रता तक और यहां तक कि सर्वश्रेष्ठ राज्य से लेकर सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री तक गुजरात का भंडार श्रेष्ठतम उत्कृष्टताओं से भरा पड़ा है। इतना ही नहीं गुजरात राज्य को तो कल्याण कार्यक्रमों के मामले में भी प्रथम स्थान पर रखा गया है।&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;&lt;br /&gt;हर मामले में सर्वोत्कृष्ट&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;एक मामूली से संकेत से सब कुछ सामने आ जाता है। 10वीं योजना (2002-07) की अवधि में गुजरात की विकास दर (जीडीपी) सभी राज्यों में सर्वश्रेष्ठ 10.67 प्रतिशत रही जबकि लक्ष्य 10 प्रतिशत का था और स्वयं देश की जीडीपी मात्र 8 प्रतिशत रही।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;योजना आयोग के अनुसार गुजरात निर्धनता उन्मूलन में सभी राज्यों में प्रथम स्थान रखता है। इस राज्य में गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों की संख्या सब से कम 15 प्रतिशत मात्र हैं। गुजरात ने दलितों के 20 सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन में भी तमाम 5 वर्षों में अव्वल श्रेणी प्राप्त की है। गुजरात ही ऐसा प्रदेश है जहां सभी असंगठित मजदूरों, किसानों, विकलांगों, विद्यार्थियों, विधवाओं आदि के लिए एक लाख रूपए का दुर्घटना बीमा किया जाता है। गुजरात ही रोजगार दफ्तरों के माध्यम से रोजगार प्रदान करता है, यहां सभी राज्यों का कुल 54 प्रतिशत रोजगार का हिस्सा बना हुआ है। पिछले 5 वर्षों से मोतियाबंद के आप्रेशन में भी गुजरात ने अपना प्रथम स्थान बनाए रखा है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;ग्रामीण बुनियादी ढांचा&lt;br /&gt;&lt;/strong&gt;गुजरात में 100 प्रतिशत गांवों में 24 घंटे बिजली उपलब्ध है, 99 प्रतिशत गांवों में सभी मौसमों वाली सड़कें बनी हुई हैं जिनमें 96 प्रतिशत गांवों में पक्की सड़कें बनी हैं, 99 प्रतिशत गांवों में सार्वजनिक बस सेवा उपलब्ध है और 99 प्रतिशत गांवों में स्वच्छ पेयजल मिलता रहता है जबकि इसकी तुलना में पूरे भारत का औसत केवल 50 प्रतिशत बैठता है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;जल क्रांति&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;स्वतंत्रता के समय से सूखा पीड़ित तथा चिरंतन जल के अभाव वाले राज्य में अब गुजरात जल क्रांति की दिशा में बढ़ रहा है। गुजरात में 18000 चैक-बांध, 45000 बोरी बांध, 13700 फार्म पौंड और गहरी खुदाई वाले 15000 ग्राम जलाशय बनाए गए हैं। जल स्तर बढ़ा कर 121.92 मीटर किया गया है जिससे सभी गांवों को पाइपलाइन के जरिए स्वच्छ जल मिल सके। भूमिगत जल टयूबवेल 150 फीट गहरे खोदे गए हैं। अब गुजरात टैंकर मुक्त राज्य बन गया है। सूखा पीड़ित राज्य तो इतिहास बन चुका है तथा सौराष्ट्र, कच्छ और उत्तरी गुजरात से लोगों का पलायन बंद हो गया है।&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;&lt;br /&gt;नर्मदा बिजली&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;सरदार सरोवर &lt;span class=&quot;&quot;&gt;बांध&lt;/span&gt; का कंक्रीट वाला काम पूरा हो चुका है और अब केवल 30 द्वारों को पूरा करना बांकी है। 11450 मेगावाट के दोनों बिजली घरों का काम 2004 तथा 2006 में शुरू हुआ था। सरदार सरोवर परियोजना से मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र को उनके हिस्से की 57 प्रतिशत तथा 27 प्रतिशत बिजली मिलनी शुरू हो चुकी है। सुजला सुफलां योजना लगभग पूरी हो चुकी है जिससे नर्मदा नदी से बानस नदी से प्राप्त पानी को उपशहरों तथा 4000 गांवों को दिया जाता है।</description><link>http://janaadesh.blogspot.com/2007/12/1.html</link><author>noreply@blogger.com (संजीव कुमार सिन्‍हा)</author><thr:total>0</thr:total></item></channel></rss>