<?xml version="1.0" encoding="UTF-8" standalone="no"?><rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:blogger="http://schemas.google.com/blogger/2008" xmlns:gd="http://schemas.google.com/g/2005" xmlns:georss="http://www.georss.org/georss" xmlns:itunes="http://www.itunes.com/dtds/podcast-1.0.dtd" xmlns:openSearch="http://a9.com/-/spec/opensearchrss/1.0/" xmlns:thr="http://purl.org/syndication/thread/1.0" version="2.0"><channel><atom:id>tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312</atom:id><lastBuildDate>Mon, 19 Oct 2026 14:44:24 +0000</lastBuildDate><category>महानगर और आसपास</category><category>राजनीतिक</category><category>राष्ट्रीय</category><category>आध्यात्मिक</category><category>प्रशासनिक</category><category>उत्तर प्रदेश</category><category>आर्थिक</category><category>महानगर</category><category>अध्यात्म</category><category>कानून और अपराध</category><category>कानून व अपराध</category><category>अर्थजगत</category><category>अध्यात्म जगत</category><category>अध्यात्म दर्शन</category><category>इतिहास में आज</category><category>प्रशाशनिक</category><category>कानून एवम अपराध</category><category>मुम्बई समाचार</category><category>ईपेपर</category><category>अपराध और कानून</category><category>अपराध एवम कानून</category><category>समाचार</category><category>उत्तरप्रदेश</category><category>राजनीतिक हलचल</category><category>अपराध व कानून</category><category>अर्थ जगत</category><category>प्रशाशन</category><category>अपराध एवं कानून</category><category>अर्थव्यवस्था</category><category>कानून एवं अपराध</category><category>महानगर व आसपास</category><category>मुम्बई महानगर</category><category>राजनीति</category><category>अध्यात्म- दर्शन</category><category>अध्यात्मजगत</category><category>उत्तर प्रदेश बदलापुर महोत्सव</category><category>खेल जगत</category><category>न्यूज़</category><category>प्रशासन</category><category>प्रशासन और अपराध</category><category>महानगर अजर आसपास</category><category>महानगर एवम आसपास</category><category>राजनीति हलचल</category><title>Khabre Mumbai </title><description></description><link>https://khabre.khabremumbai.com/</link><managingEditor>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</managingEditor><generator>Blogger</generator><openSearch:totalResults>1658</openSearch:totalResults><openSearch:startIndex>1</openSearch:startIndex><openSearch:itemsPerPage>25</openSearch:itemsPerPage><language>en-us</language><itunes:explicit>no</itunes:explicit><itunes:subtitle/><itunes:owner><itunes:email>noreply@blogger.com</itunes:email></itunes:owner><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-5961652096865478920</guid><pubDate>Mon, 19 Oct 2026 14:44:22 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-19T20:14:24.648+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">आर्थिक</category><title>कृषि योजना के साथ जोड़ी जा सकती है प्रधानमंत्री कुसुम २.० योजना : रिन्यूएबल एनर्जी सेक्रेटरी संतोष कुमार सारंगी</title><description>&lt;h1&gt;कृषि योजनाओं के साथ जोड़ी जा सकती है पीएम-कुसुम 2.0 योजना, कैबिनेट की मंजूरी के लिए जाएगा प्रस्ताव&lt;/h1&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नई दिल्ली।&lt;/strong&gt; केंद्र सरकार किसानों को सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई व्यवस्था अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने और उनकी आय बढ़ाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम-कुसुम) योजना के दूसरे चरण का विस्तार करने की तैयारी कर रही है। इसके तहत पीएम-कुसुम 2.0 को मौजूदा कृषि योजनाओं के साथ जोड़ने की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य किसानों को आधुनिक सिंचाई प्रणालियां अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उन्हें अधिक लाभकारी फसलों की खेती की ओर बढ़ने में मदद करना है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय तथा कृषि मंत्रालय इस प्रस्तावित योजना के विभिन्न पहलुओं पर मिलकर काम कर रहे हैं। नवीकरणीय ऊर्जा सचिव संतोष कुमार सारंगी ने &lt;em&gt;इकोनॉमिक टाइम्स&lt;/em&gt; को बताया कि इस संबंध में विचार-विमर्श जारी है। उन्होंने कहा, "इन विचारों पर कुछ काम चल रहा है। जब हम इस पर तैयार हो जाएंगे, तब मंजूरी के लिए प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा।" उनके मुताबिक, पीएम-कुसुम 2.0 का व्यापक उद्देश्य किसानों को अधिकतम लाभ पहुंचाना है।&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;सौर ऊर्जा से किसानों को मिलेगा लाभ&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;पीएम-कुसुम योजना का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना है। इसके अंतर्गत विकेंद्रीकृत सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने, स्वतंत्र सौर पंप उपलब्ध कराने और पहले से बिजली ग्रिड से जुड़े कृषि पंपों को सौर ऊर्जा से संचालित करने जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;योजना के मौजूदा ढांचे में तीन प्रमुख घटक हैं।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;घटक-ए:&lt;/strong&gt; इसके तहत किसान 500 किलोवाट से लेकर 2 मेगावाट क्षमता तक के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर सकते हैं। इन संयंत्रों से उत्पादित बिजली वितरण कंपनियों को बेची जा सकती है, जिससे किसानों के लिए अतिरिक्त आय का अवसर पैदा होता है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;घटक-बी:&lt;/strong&gt; इस घटक के अंतर्गत अधिकतम 7.5 हॉर्स पावर (एचपी) क्षमता तक के स्वतंत्र सौर कृषि पंप लगाए जाते हैं। इसका प्रमुख उद्देश्य उन किसानों को लाभ पहुंचाना है, जिनके खेतों तक विश्वसनीय ग्रिड बिजली की पहुंच नहीं है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;घटक-सी:&lt;/strong&gt; इसके तहत पहले से ग्रिड से जुड़े कृषि पंपों को सौर ऊर्जा से संचालित करने की व्यवस्था है। किसान अतिरिक्त बिजली का उत्पादन होने पर उसे ग्रिड को बेचकर आय अर्जित कर सकते हैं। इसके अलावा, फीडर स्तर पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर एक ही फीडर से जुड़े कई कृषि पंपों को बिजली उपलब्ध कराने का विकल्प भी है।&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;एग्रीवोल्टाइक व्यवस्था पर भी जोर&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;योजना के अगले चरण में कृषि भूमि के अधिक प्रभावी उपयोग पर भी ध्यान दिया जा सकता है। पिछले महीने केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने संकेत दिया था कि योजना के अगले चरण में एग्रीवोल्टाइक के लिए एक अलग घटक शामिल किया जा सकता है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;एग्रीवोल्टाइक ऐसी व्यवस्था है, जिसमें एक ही भूमि का उपयोग खेती और सौर ऊर्जा उत्पादन, दोनों के लिए किया जाता है। इससे किसानों को कृषि उत्पादन के साथ सौर ऊर्जा से भी आय प्राप्त करने का अवसर मिल सकता है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;इस पहल में छोटे और सीमांत किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) तथा सहकारी संस्थाओं पर विशेष ध्यान दिए जाने की संभावना है।&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में पहल&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;पीएम-कुसुम 2.0 को मौजूदा कृषि योजनाओं के साथ जोड़ने का उद्देश्य केवल सौर पंपों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि कृषि क्षेत्र में ऊर्जा की उपलब्धता, सिंचाई की दक्षता और किसानों की आय में सुधार करना भी है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई, बिजली की बिक्री और कृषि भूमि के बेहतर उपयोग के माध्यम से किसानों के लिए आय के नए अवसर विकसित हो सकते हैं।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;हालांकि, योजना के दूसरे चरण का अंतिम स्वरूप, वित्तीय प्रावधान और कार्यान्वयन से जुड़ी विस्तृत शर्तें कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होंगी।&lt;/p&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/10/blog-post_163.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-5268051008192070864</guid><pubDate>Mon, 19 Oct 2026 14:25:41 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-19T19:57:09.665+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">राजनीतिक</category><title>समान नागरिक संहिता यूसीसी महाराष्ट्र में होगा लागू? समिति ने १५ नवम्बर तक ३७सवालों पर मांगे १५ नवम्बर तक सुझाव/ इस बार शीतकालीन सत्र में पेश होगा यूसीसी प्रस्ताव</title><description>&lt;h1&gt;महाराष्ट्र में समान नागरिक संहिता पर मंथन: लिव-इन रिलेशनशिप और महिलाओं के संपत्ति अधिकारों पर विशेष जोर&lt;/h1&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नागपुर के शीतकालीन सत्र में UCC विधेयक पेश करने की तैयारी, महाराष्ट्र सरकार की समिति ने जनता से मांगे सुझाव&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मुंबई:&lt;/strong&gt; महाराष्ट्र में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code—UCC) लागू करने की दिशा में राज्य सरकार ने पहल तेज कर दी है। इस संबंध में गठित सात सदस्यीय प्रारूप समिति ने आम नागरिकों से विभिन्न सामाजिक और कानूनी मुद्दों पर राय मांगी है। समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना देसाई कर रही हैं। समिति ने अपनी वेबसाइट पर 37 सवालों की एक प्रश्नावली जारी की है, जिसके माध्यम से नागरिकों से नवंबर के मध्य तक अपने विचार और सुझाव देने की अपील की गई है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि राज्य सरकार वर्ष के अंत में नागपुर में होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान समान नागरिक संहिता से संबंधित विधेयक पेश करेगी।&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;उत्तराखंड की तुलना में महाराष्ट्र का प्रस्ताव कम सख्त हो सकता है&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;प्रस्तावित समान नागरिक संहिता में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, महिलाओं के संपत्ति अधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार किया जा रहा है। समिति का उद्देश्य राज्य की सामाजिक परिस्थितियों और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को ध्यान में रखते हुए संभावित कानूनी प्रावधानों पर जनता की राय जानना है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;प्रश्नावली में यह भी पूछा गया है कि क्या समान नागरिक संहिता लागू करना वर्तमान समय में आवश्यक है। इसके साथ ही यह जानने का प्रयास किया गया है कि क्या इस तरह की संहिता को धर्म की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन किए बिना लागू किया जा सकता है तथा क्या इससे कानूनी विवादों में कमी आएगी और न्यायिक प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन सकेगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;
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  &lt;/a&gt;
&lt;/div&gt;&lt;br&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;विवाह की न्यूनतम आयु और बहुविवाह पर सवाल&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;समिति ने पुरुषों और महिलाओं के लिए विवाह की न्यूनतम आयु निर्धारित करने के संबंध में भी सुझाव मांगे हैं। प्रश्नावली में 18, 21 और 24 से 27 वर्ष जैसी विभिन्न आयु-सीमाओं पर राय मांगी गई है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;इसके अतिरिक्त, बहुविवाह पर रोक और विवाह से जुड़े अन्य व्यक्तिगत कानूनों में एकरूपता लाने के विषय पर भी विचार किया जा रहा है। समिति यह जानना चाहती है कि विवाह संबंधी नियमों में समानता किस प्रकार सुनिश्चित की जा सकती है।&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;लिव-इन रिलेशनशिप का अनिवार्य पंजीकरण होगा?&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;प्रस्तावित UCC के सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर पूछे गए सवाल शामिल हैं। समिति ने नागरिकों से पूछा है कि क्या लिव-इन रिलेशनशिप शुरू होने पर उसका अनिवार्य पंजीकरण होना चाहिए। साथ ही, ऐसे संबंध समाप्त होने पर भी पंजीकरण या औपचारिक सूचना देना आवश्यक बनाया जाना चाहिए या नहीं, इस पर सुझाव मांगे गए हैं।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;समिति यह भी विचार कर रही है कि लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़ों को विवाह करने वाले दंपतियों के समान भरण-पोषण, विरासत और देखभाल जैसे कानूनी संरक्षण दिए जाने चाहिए या नहीं।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;इन सवालों का उद्देश्य व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सामाजिक सुरक्षा के बीच संतुलन स्थापित करने के संभावित उपायों पर विचार करना है।&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;निकाह हलाला और चचेरे-ममेरे रिश्तों में विवाह पर विचार&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;मुस्लिम समुदाय में प्रचलित कुछ विवाह संबंधी परंपराएं भी समिति की प्रश्नावली का हिस्सा हैं। इसमें निकाह हलाला से संबंधित प्रावधानों और तलाकशुदा पति-पत्नी के दोबारा विवाह से जुड़े नियमों पर राय मांगी गई है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;समिति ने यह भी पूछा है कि क्या विवाह के लिए प्रतिबंधित रिश्तों की एक समान सूची निर्धारित की जानी चाहिए। इस सवाल का संबंध विशेष रूप से उन समुदायों में प्रचलित चचेरे-ममेरे या अन्य रिश्तेदारों के बीच विवाह की परंपराओं से है, जहां ऐसे विवाह सामाजिक रूप से स्वीकार्य हैं।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;इस मुद्दे पर किसी भी प्रस्तावित प्रावधान को लागू करने से पहले धार्मिक परंपराओं, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों के बीच संतुलन महत्वपूर्ण होगा।&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;उत्तराधिकार कानून में एकरूपता पर जोर&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;संपत्ति के उत्तराधिकार का मुद्दा भी समिति के प्रमुख विचार-विषयों में शामिल है। प्रश्नावली में पूछा गया है कि क्या वसीयत किए बिना किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसकी संपत्ति के उत्तराधिकार के लिए सभी धर्मों में समान नियम होने चाहिए।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;वर्तमान में विभिन्न व्यक्तिगत कानूनों के अंतर्गत उत्तराधिकार के नियम अलग-अलग हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, मुस्लिम उत्तराधिकार कानून के अंतर्गत सामान्य परिस्थितियों में बेटी का हिस्सा बेटे के हिस्से से अलग होता है। समिति इस विषय पर नागरिकों की राय जानना चाहती है कि क्या उत्तराधिकार के नियमों में एकरूपता होनी चाहिए।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;इसके अलावा, नागरिकों को अपनी पूरी संपत्ति वसीयत के माध्यम से किसी भी व्यक्ति को देने की स्वतंत्रता होनी चाहिए या इस अधिकार पर कुछ सीमाएं होनी चाहिए, इस पर भी सुझाव आमंत्रित किए गए हैं।&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;कृषि भूमि और पैतृक घरों के लिए अलग कानून?&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;महाराष्ट्र की समिति ने कृषि भूमि और पैतृक घरों के उत्तराधिकार पर भी विशेष ध्यान दिया है। समिति यह जानना चाहती है कि क्या कृषि भूमि तथा पुश्तैनी मकानों के उत्तराधिकार के लिए अन्य संपत्तियों से अलग कानूनी व्यवस्था होनी चाहिए।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;ग्रामीण क्षेत्रों में कई परिवारों के लिए कृषि भूमि और पैतृक मकान आजीविका तथा पारिवारिक विरासत का प्रमुख आधार होते हैं। अनेक मामलों में कृषि भूमि परिवार के पुरुष सदस्य को हस्तांतरित की जाती है और पैतृक मकान भी उसी परिवार के साथ जुड़ा रहता है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;ऐसे में समिति यह विचार कर रही है कि क्या इन संपत्तियों के बंटवारे और उत्तराधिकार के लिए विशेष प्रावधान बनाए जाने चाहिए, ताकि महिलाओं के अधिकारों, पारिवारिक हितों और कृषि भूमि के स्वामित्व से जुड़े प्रश्नों पर स्पष्टता लाई जा सके।&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;महिलाओं के अधिकार और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बीच संतुलन&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;प्रस्तावित समान नागरिक संहिता के तहत महिलाओं के संपत्ति अधिकार, विवाह और तलाक से संबंधित नियम तथा लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले व्यक्तियों को मिलने वाले कानूनी संरक्षण महत्वपूर्ण विषय बने हुए हैं।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;समिति की प्रश्नावली से स्पष्ट है कि महाराष्ट्र सरकार केवल विवाह संबंधी नियमों तक सीमित न रहकर उत्तराधिकार, पारिवारिक संपत्ति और व्यक्तिगत स्वतंत्रता जैसे व्यापक विषयों पर भी विचार करना चाहती है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;हालांकि, समिति के सवाल और जनता से मांगे गए सुझाव अभी विचार-विमर्श की प्रक्रिया का हिस्सा हैं। इनसे किसी अंतिम कानूनी प्रावधान की पुष्टि नहीं होती। प्रस्तावित विधेयक का वास्तविक स्वरूप सरकार की अंतिम नीति, संवैधानिक प्रावधानों और विधायी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;निष्कर्ष:&lt;/strong&gt; महाराष्ट्र में समान नागरिक संहिता को लेकर शुरू हुई यह प्रक्रिया विवाह, उत्तराधिकार और महिलाओं के अधिकारों से जुड़े कानूनों में संभावित बदलावों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अब यह देखना होगा कि जनता से मिले सुझावों के आधार पर समिति किस प्रकार की सिफारिशें करती है और राज्य सरकार शीतकालीन सत्र में विधेयक का कौन-सा स्वरूप प्रस्तुत करती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;राज्य के मुखिया देवेंद्र फडणवीस ने इस बार समान नागरिक संहिता यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड का प्रस्ताव इस बार शीतकालीन सत्र में लाने की घोषणा पहले ही कर दी है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इन 37 सवालों पर सुझाव के लिए 15 नवम्बर तक का समय निर्धारित किया गया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br&gt;&lt;/p&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/10/blog-post_19.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" height="72" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEgNMHWaXnxeBkpzF1nn5qCgJR2ivjYcQSe2L7dlzdPfqcSUl4-yfG1L-iP7VzrQfjTyBhiuDI0olnpTS8DgZE6y8MZ9sYnANIUNdjkQcOMbQ5dfBp494s53Fhb6-nICKwTIPFuddiHDib-wzKQQSxRCnTN5dmCMZ8XQ1CuCQNfyhnvWUY6TKUD2e3i-K2s=s72-c" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-1629519915813747296</guid><pubDate>Sun, 18 Oct 2026 03:41:07 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-18T09:13:56.273+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">महानगर और आसपास</category><title>वडाला चार रास्ता, रफ़ी अहमद किदवई मार्ग के पास फायरिंग, तीन गोलियां चलीं, पीड़ित बाल बाल बचा/ अंटोप हिल पुलिस, क्राइम ब्रांच की कार्रवाई: दो गिरफ्तार, जांच जारी</title><description>कल , दिन दहाड़े siws कॉलेज के पास रफी अहमद किदवई मार्ग, वडाला के निकट एक ओला कार से तीन लोग उतरे और एक व्यक्ति पर तीन बार फायरिंग की लेकिन पीड़ित ने खुद को बचा लिया। एक भी गोली पीड़ित को नहीं लगी। पहले ओला ड्राइवर ने भी घटना की किसी जानकारी से इंकार किया था, पुलिस की टीम ने ओला ड्राइवर से भी पूछताछ की।&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;div&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;
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  &lt;/a&gt;
&lt;/div&gt;&lt;br&gt;&lt;div&gt;घटना के बाद जानकारी मिलते ही अंटोप हिल पुलिस के वरिष्ठ निरीक्षक शिवाजी पावड़े, अधिकारी केदार उमटे एवं गुंडा अधिकारी गौरव शिंदे,&amp;nbsp;&lt;span&gt;&amp;nbsp;डीसीपी जोन ४ अनुराग जैन के नेतृत्व में एवं क्राइम ब्रांच जोन ४ के अधिकारियों के द्वारा १ घंटे में त्वरित कार्रवाई की गई , दो&amp;nbsp; अभियुक्त लोगो को गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से दो&amp;nbsp; पिस्तौल देशी कट्टा, एक जिंदा कारतूस भी बरामद हुआ है।&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;span&gt;&lt;br&gt;&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;span&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;
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  &lt;/a&gt;
&lt;/div&gt;&lt;br&gt;&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;span&gt;अभी तक हमले का कारण नहीं पता चल सका है।&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;span&gt;पीड़ित वडाला टी टी, वडाला का बताया जा रहा है।&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;span&gt;अभियुक्त हिम्मत नगर वडाला के बताए जा रहे हैं जिनकी पहचान हमज़ा खान, अली उर्फ दावूद खान के रूप में हुई है।&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;span&gt;&lt;br&gt;&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आरोपी और पीड़ित उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के बताए जा रहे हैं।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;span&gt;&amp;nbsp;&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/10/blog-post_18.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" height="72" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEhvb6ELxrMHRXrG7-r5vyTakJ1uon2M6bt7PCHrKsLtxsanjTFnX_bhlybsIp2K2-4-sq6NJNU-TrEKYLQz5d3qRGvYldqOBsRhLQ7xD0GFJJJUKgqkOtDNOIJsDFAIiYtVla3EmQUFED_YXNZZl_RheWlz3S5c_yAyJthQQn9G2iaa61bG5CZjo2RtLD4=s72-c" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-4394532593393720971</guid><pubDate>Sun, 11 Oct 2026 01:14:37 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-11T06:45:09.911+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">आध्यात्मिक</category><title>सायन के विंध्यवासिनी देवी मंदिर समिति द्वारा नवरात्रि निमित्त भव्य कलश यात्रा सम्पन्न</title><description>&lt;div&gt;सायन-कोलीवाड़ा में 'मां विंध्यवासिनी देवी मंदिर' की ओर से निकाली गई भव्य 'कलश यात्रा'।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;
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  &lt;/a&gt;
&lt;/div&gt;&amp;nbsp;(एक विशेष ड्रेस कोड के तहत हजारों महिलाओं ने इस सामूहिक भव्य कलश यात्रा में हिस्सा लिया।)&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;span&gt;&amp;nbsp;शनिवार, (१० अक्टूबर २०२६) की शाम सायन-कोलीवाड़ा स्थित 'मां विंध्यवासिनी देवी मंदिर' की ओर से 'भव्य कलश यात्रा' निकाली गई।&amp;nbsp;&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;span&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;
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  &lt;/a&gt;
&lt;/div&gt;&lt;br&gt;&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;(कैप्टन तमिल सेलवन, स्थानीय भाजपा विधायक ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, भव्य कलश यात्रा में शामिल हुए।)&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;इस पावन अवसर पर क्षेत्र की हजारों महिलाओं द्वारा पारंपरिक वेशभूषा में भव्य कलश यात्रा अंटॉपहिल चर्च नाका कोकरी आगार स्थित श्री शीतला देवी मंदिर से शुरू हुई और म्हाडा 29 कॉलोनी स्थित मां विंध्यवासिनी देवी मंदिर पहुँचने पर मां विंध्यवासिनी देवी के जलाभिषेक के बाद इसका समापन हुआ।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;
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  &lt;/a&gt;
&lt;/div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&amp;nbsp;सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक और समाज की सांस्कृतिक रक्षा और संस्कारों का संवहन करने हेतु नारी शक्ति की अपार गरिमामयी उपस्थिती यह दर्शाता है कि सनातन धर्म का परचम सदियों से लहराता आया है और लहराता रहेगा।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शारदीय नवरात्रि ११ अक्टूबर से आरम्भ हो रही है। विंध्यवासिनी मंदिर , सायन कोलीवाड़ा में देवी की आस्था का केंद्र बिंदु है। उत्तर प्रदेश के विंध्याचल मंदिर में मौजूद मां विंध्यवासिनी की हूबहू मूर्ति यहां स्थापित की गई है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;
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  &lt;/a&gt;
&lt;/div&gt;&amp;nbsp;(नगरसेविका साक्षी अनिल कनोजिया ने मां का आशीर्वाद लिया, अध्यक्ष भरत शुक्ला ने किया सम्मान)&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मां विंध्यवासिनी मित्र मंडल के अध्यक्ष भरत शुक्ला के नेतृत्व में आयोजित इस भव्य कलश यात्रा में स्थानीय विधायक कैप्टन आर. तमिल सेल्वन, मुंबई बीजेपी के प्रवक्ता प्रो. दयानन्द तिवारी, नगरसेविका साक्षी अनिल कनोजिया, मुरगन आर. सेल्वन समेत बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं मौजूद थीं।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;
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  &lt;/a&gt;
&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;(वरिष्ठ पत्रकार राजेश जायसवाल का सम्मान करते हुए विंध्यवासिनी देवी मंदिर समिति के अध्यक्ष भारत शुक्ला एवं अन्य गणमान्य)&lt;br&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/10/blog-post_828.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" height="72" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEht3iBH8Tsd4yivS1nIwZivr4_DrxPnf24PK2Vp-GRFRCrbMA6Lcaz8X7SrusQx1W4k6I_FtnsYY5O6TrOdir77VObkaWGmpFP-ojJaX2tZgi47dOyvRkFbYYT4PEq8xCAPkupXvarwJ2FlxtQ0i4b1l99SuOTGxyDQ6o8SHKNTPgGBo73nWhKj2RVMwxQ=s72-c" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-2978230369515945307</guid><pubDate>Sun, 11 Oct 2026 00:54:34 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-11T06:26:45.580+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">आध्यात्मिक</category><title>शारदीय नवरात्रि आज से शुरू, मा शैलपुत्री की होती है आज पूजा।</title><description>&lt;h1&gt;आज से शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ, मां शैलपुत्री की आराधना से होगी नौ दिवसीय पर्व की शुरुआत&lt;/h1&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;घटस्थापना के साथ घर-घर में होगी देवी की पूजा-अर्चना, सुख-समृद्धि और शक्ति प्राप्ति के लिए श्रद्धालु करेंगे उपवास&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मुंबई।&lt;/strong&gt; देशभर में आज से शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ हो रहा है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पावन पर्व में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाती है। नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप &lt;strong&gt;मां शैलपुत्री&lt;/strong&gt; की आराधना की जाती है। पर्व की शुरुआत घटस्थापना यानी कलश स्थापना के साथ होती है। मंदिरों और घरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन तथा दुर्गा सप्तशती के पाठ की तैयारियां की जाती हैं।&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;घटस्थापना और पूजा का शुभ मुहूर्त&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना कर मां दुर्गा का आह्वान किया जाता है। हालांकि, घटस्थापना का सटीक मुहूर्त स्थानीय पंचांग, सूर्योदय और तिथि के अनुसार निर्धारित किया जाता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;• प्रातःकाल शुभ मुहूर्त: सुबह 06:19 बजे से सुबह 10:12 बजे तक (अवधि: करीब 3 घंटे 52 मिनट)&lt;/p&gt;&lt;p&gt;• अभिजीत मुहूर्त (दोपहर): सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक (अवधि: 46 मिनट)&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;महत्वपूर्ण तिथि संबंधी सूचना:&lt;/strong&gt; आज 11 अक्टूबर 2026 है। शारदीय नवरात्रि की शुरुआत सामान्यतः आश्विन शुक्ल प्रतिपदा को होती है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;घटस्थापना के दौरान प्रातःकाल पूजा करना परंपरागत रूप से शुभ माना जाता है। यदि सुबह का मुहूर्त उपलब्ध न हो, तो स्थानीय पंचांग के अनुसार निर्धारित वैकल्पिक शुभ समय में पूजा की जा सकती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;div&gt;
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  &lt;/a&gt;
&lt;/div&gt;&lt;br&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;मां शैलपुत्री की पूजा का महत्व&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;मां शैलपुत्री को पर्वतराज हिमालय की पुत्री माना जाता है। इनके नाम में ‘शैल’ का अर्थ पर्वत और ‘पुत्री’ का अर्थ बेटी है। मां के दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल सुशोभित होता है। उनका वाहन वृषभ यानी बैल है, इसी कारण उन्हें वृषारूढ़ा भी कहा जाता है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;मां शैलपुत्री को प्रकृति, स्थिरता, शक्ति और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक माना जाता है। नवरात्रि के प्रथम दिन उनकी पूजा करने से भक्तों को मानसिक शांति, आत्मबल और जीवन में दृढ़ता प्राप्त होने की धार्मिक मान्यता है।&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;मां शैलपुत्री के प्रमुख मंत्र&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;नवरात्रि के पहले दिन श्रद्धालु मां शैलपुत्री के मंत्रों का जाप कर सकते हैं।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;1. मां शैलपुत्री का बीज मंत्र&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;2. मां शैलपुत्री का ध्यान मंत्र&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;वृषारूढ़ां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;3. मां शैलपुत्री का प्रार्थना मंत्र&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;4. दुर्गा माता का सामान्य मंत्र&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;ॐ दुं दुर्गायै नमः॥&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और सुविधानुसार इन मंत्रों का 11, 21 या 108 बार जाप कर सकते हैं। मंत्र जाप के दौरान स्वच्छता, एकाग्रता और श्रद्धा का विशेष ध्यान रखना चाहिए।&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;पूजा में किन सामग्रियों का होता है इस्तेमाल?&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना और मां शैलपुत्री की पूजा के लिए सामान्यतः निम्नलिखित सामग्री का उपयोग किया जाता है:&lt;/p&gt;
&lt;ul&gt;
&lt;li&gt;मिट्टी का पात्र और जौ के बीज।&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;जल से भरा कलश, आम या अशोक के पत्ते तथा नारियल।&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;लाल या पीला कपड़ा, मौली और रोली।&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;हल्दी, कुमकुम, अक्षत यानी साबुत चावल।&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;लाल या सफेद फूल, फूलों की माला और दुर्वा जहां परंपरा के अनुसार अर्पित की जाती हो।&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;धूप, दीपक, घी, कपूर और अगरबत्ती।&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;फल, मिठाई, बताशे और घर में तैयार सात्त्विक नैवेद्य।&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;मां शैलपुत्री को परंपरागत रूप से प्रिय माने जाने वाले सफेद पुष्प और सफेद रंग की मिठाइयां।&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;
&lt;p&gt;पूजा सामग्री क्षेत्रीय परंपराओं के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। कलश स्थापना करते समय स्वच्छ स्थान का चयन करना और अग्नि से संबंधित सामग्री का सुरक्षित उपयोग करना जरूरी है।&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;क्या है घटस्थापना की विधि?&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;सबसे पहले पूजा स्थल की सफाई कर मां दुर्गा की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित की जाती है। इसके बाद मिट्टी के पात्र में जौ बोए जाते हैं। स्वच्छ कलश में जल भरकर उसमें परंपरा के अनुसार सुपारी, अक्षत और अन्य पूजन सामग्री डाली जाती है। कलश के मुख पर पत्ते और नारियल स्थापित कर उसे पूजा स्थल पर रखा जाता है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;इसके बाद मां दुर्गा का आह्वान, दीप प्रज्वलन, मंत्र जाप और मां शैलपुत्री की आरती की जाती है। श्रद्धालु अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार दुर्गा सप्तशती, दुर्गा चालीसा या अन्य स्तोत्रों का पाठ भी करते हैं।&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;क्यों मनाई जाती है नवरात्रि?&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;नवरात्रि का शाब्दिक अर्थ है नौ रातें। हिंदू धर्म में यह पर्व शक्ति की उपासना, बुराई पर अच्छाई की विजय और आत्मशुद्धि का प्रतीक माना जाता है। वर्ष में चैत्र और शारदीय नवरात्रि विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं। शारदीय नवरात्रि आश्विन मास में मनाई जाती है और इसके दसवें दिन विजयादशमी यानी दशहरा आता है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा होती है। पहले दिन मां शैलपुत्री, दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी, तीसरे दिन मां चंद्रघंटा, चौथे दिन मां कूष्मांडा, पांचवें दिन मां स्कंदमाता, छठे दिन मां कात्यायनी, सातवें दिन मां कालरात्रि, आठवें दिन मां महागौरी और नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की आराधना की जाती है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;देश के अलग-अलग हिस्सों में नवरात्रि मनाने की परंपराएं भी अलग हैं। महाराष्ट्र में घटस्थापना, देवी पूजा और गरबा-डांडिया के आयोजन होते हैं। गुजरात में गरबा और डांडिया रास विशेष आकर्षण होते हैं, जबकि पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा भव्य पंडालों और सांस्कृतिक आयोजनों के साथ मनाई जाती है।&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;क्या है नवरात्रि के पीछे की पौराणिक कथा?&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महिषासुर नामक राक्षस ने कठोर तपस्या के बाद वरदान प्राप्त किया था और अपनी शक्ति के मद में देवताओं तथा मनुष्यों को परेशान करने लगा था। उसके अत्याचारों से त्रस्त देवताओं ने आदिशक्ति की आराधना की। इसके बाद देवी दुर्गा का प्राकट्य हुआ और उन्होंने महिषासुर के साथ नौ दिनों तक युद्ध किया।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;मान्यता है कि दसवें दिन देवी ने महिषासुर का वध कर धर्म और न्याय की स्थापना की। इसी विजय की स्मृति में नवरात्रि और विजयादशमी का पर्व मनाया जाता है। यह कथा संदेश देती है कि अन्याय और अहंकार चाहे कितने भी शक्तिशाली क्यों न हों, अंततः सत्य और धर्म की विजय होती है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;एक अन्य प्रमुख धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान श्रीराम ने रावण से युद्ध करने से पहले देवी दुर्गा की आराधना की थी। विजयादशमी को भगवान राम की रावण पर विजय से भी जोड़कर देखा जाता है।&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;मां शैलपुत्री की उत्पत्ति की कथा&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;पौराणिक कथाओं के अनुसार, मां शैलपुत्री अपने पूर्वजन्म में राजा दक्ष की पुत्री सती थीं। भगवान शिव से विवाह करने के बाद एक यज्ञ में पिता दक्ष द्वारा भगवान शिव का अपमान किए जाने से दुखी होकर सती ने अपने प्राण त्याग दिए। इसके बाद उन्होंने पर्वतराज हिमालय के घर पुत्री के रूप में जन्म लिया और शैलपुत्री कहलायीं। आगे चलकर उन्होंने भगवान शिव को पति रूप में पुनः प्राप्त किया।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;यह कथा भक्ति, संकल्प और आत्मसम्मान का संदेश देती है। नवरात्रि के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा के माध्यम से भक्त जीवन में शक्ति, धैर्य और सकारात्मकता की कामना करते हैं।&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;उपवास और साधना का महत्व&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;नवरात्रि के दौरान अनेक श्रद्धालु नौ दिनों तक उपवास रखते हैं। कुछ लोग केवल फलाहार करते हैं, जबकि कुछ एक समय सात्त्विक भोजन ग्रहण करते हैं। व्रत रखने का तरीका व्यक्ति की सेहत, पारिवारिक परंपरा और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अलग हो सकता है। मधुमेह, गर्भावस्था या अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को उपवास से पहले चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि आत्मसंयम, अनुशासन, सेवा और ध्यान का अवसर है। इन दिनों जरूरतमंदों की सहायता करना, कन्या पूजन, अन्नदान और सकारात्मक आचरण को भी विशेष महत्व दिया जाता है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;नवरात्रि का संदेश केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को अपने भीतर की नकारात्मकता, अहंकार और बुराइयों पर विजय प्राप्त करने की प्रेरणा देता है। मां शैलपुत्री की आराधना के साथ शुरू होने वाला यह पर्व श्रद्धालुओं में नई ऊर्जा, विश्वास और उत्साह का संचार करता है।&lt;/p&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/10/blog-post_11.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" height="72" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEh9nKWK7aVvo6Uxf0jiy1k3usbSRAPcp4Q5GuHs1CDxlQNknkUEwY87QLXY8A4qqudoG-oia2ZKbOh-n8J__QaoXBtT5mXLPlM4SLtyl5Bhz4h8igyZTAnOGXEHgU6HT1ijT3HUQQsNS2Jn8wYd563iJ3IY-q2bBjA9vse6xgSOFKVo60xRTrfQN_LkTAE=s72-c" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-648558828310476057</guid><pubDate>Thu, 08 Oct 2026 10:43:41 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-08T16:13:51.356+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">राष्ट्रीय</category><title>राजकीय सम्मान के साथ किया जाएग नाना पाटेकर के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार : महाराष्ट्र शासन</title><description>देश ने आज एक उम्दा सबके चहेते और दिग्गज बॉलीवुड कलाकार को खो दिया है।&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;div&gt;महाराष्ट्र सरकार ने राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया है। शासन ने कहा है कि अंतिम संस्कार की जगह परिवार चुने कि मुंबई में करना या पुणे में, वह उनका फैसला होगा।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पीएम मोदी समेत दिग्गज नेताओं ने दुख जताया है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;बॉलीवुड हस्तियों ने भी शोक प्रकट किया है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;गरीबी से निकलकर प्रसिद्ध अभिनेता की यात्रा तय करनेवाले चंद कलाकारों में से एक नाना पाटेकर रहे।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आज सुबह ५.२० बजे गोवा के मणिपाल अस्पताल में ऑनकॉलजी डिपार्टमेंट के प्रमुख सालकर ने उनके निधन की औपचारिक घोषणा की। २.३० बजे मित्र को नाना ने मैसेज किया था, देती से देखा था संदेश। परिजन उन्हें अस्तपाल ले गए जहां ४५ मिनट तक CPR देने के बावजूद कोई हलचल नहीं हुई।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;नाना को हृदय आघात हुआ था। वह अपने गोवा के घर में थे।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;div&gt;&lt;b&gt;नाना पाटेकर: अभिनय की बुलंद आवाज, सादगी की मिसाल और किसानों के मसीहा&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;फिल्मी दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने वाले अभिनेता ने ‘नाम फाउंडेशन’ के जरिए सूखाग्रस्त किसानों की मदद में निभाई अहम भूमिका&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मुंबई। हिंदी और मराठी सिनेमा में अपने दमदार अभिनय, बेबाक संवाद अदायगी और सहज व्यक्तित्व के लिए पहचाने जाने वाले नाना पाटेकर भारतीय फिल्म जगत की विशिष्ट हस्तियों में शामिल हैं। पर्दे पर कभी सख्त पुलिस अधिकारी, कभी संवेदनशील इंसान तो कभी व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाने वाले किरदारों को जीवंत करने वाले नाना पाटेकर ने अपने अभिनय से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई है। फिल्मों के साथ-साथ महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त किसानों और ग्रामीण परिवारों की मदद के लिए किए गए उनके सामाजिक कार्यों ने भी उन्हें व्यापक सम्मान दिलाया है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;b&gt;शुरुआती जीवन और संघर्ष&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;नाना पाटेकर का जन्म 1 जनवरी 1951 को महाराष्ट्र के मुरुड-जंजीरा क्षेत्र में हुआ था। उनका मूल नाम विश्वनाथ पाटेकर है। उन्होंने मुंबई में सर जे.जे. इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड आर्ट्स से शिक्षा प्राप्त की। अभिनय की दुनिया में कदम रखने से पहले उनका जीवन संघर्षों से भरा रहा। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बीच उन्होंने अपनी प्रतिभा तथा मेहनत के बल पर फिल्म जगत में पहचान बनाई।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;नाना पाटेकर ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत मराठी रंगमंच और फिल्मों से जुड़कर की। बाद में हिंदी सिनेमा में भी उन्होंने अपनी विशिष्ट अभिनय शैली से दर्शकों और फिल्म समीक्षकों का ध्यान आकर्षित किया। उनकी संवाद अदायगी, चेहरे के भाव और किरदारों में उतर जाने की क्षमता उन्हें दूसरे अभिनेताओं से अलग बनाती है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;
  &lt;a href="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEj52xCxKntqW1ZR1CqDo2Nzw8BzGDGr7lOPBmKpzrqHwYxCSymRnIww8f3Cx5OmcuVp-Q0obViLfdsRnO0ZPO7WuKmu1_8m4k730SaRjAjZo0U9UC1o4aPOPs431zR4T17hHBXY1rg23jZel_B_LrUmJBdNuNAF78AMxyK_fyy-yIPPJYLdQa_AcMd1MZA" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;
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  &lt;/a&gt;
&lt;/div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;b&gt;इन फिल्मों ने दिलाई खास पहचान&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;नाना पाटेकर ने अपने लंबे फिल्मी करियर में कई यादगार भूमिकाएं निभाईं। उनकी प्रमुख फिल्मों में शामिल हैं—&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;- अंकुश (1986): इस फिल्म ने उन्हें हिंदी सिनेमा में एक प्रभावशाली अभिनेता के रूप में पहचान दिलाने में मदद की।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;- परिंदा (1989): गैंगस्टर की भूमिका में उनके अभिनय को व्यापक सराहना मिली।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;- प्रहार (1991): इस फिल्म में उन्होंने सैनिक की भूमिका निभाने के लिए विशेष तैयारी की।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;- तिरंगा (1993): उनके दमदार संवाद और अभिनय दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुए।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;- क्रांतिवीर (1994): इस फिल्म में उनकी भूमिका और संवाद अदायगी ने उन्हें नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;- अग्नि साक्षी (1996): एक जटिल और नकारात्मक किरदार में उनके अभिनय की प्रशंसा हुई।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;- खामोशी: द म्यूजिकल (1996): इस फिल्म में उन्होंने एक संवेदनशील पिता की भूमिका निभाई।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;- वजूद (1998): उन्होंने एक बार फिर अपनी बहुआयामी अभिनय क्षमता का परिचय दिया।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;- अब तक छप्पन (2004): एक सख्त पुलिस अधिकारी की भूमिका में उन्हें विशेष पहचान मिली।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;- अपहरण (2005): इस फिल्म में उनके अभिनय को समीक्षकों की सराहना मिली।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;- वेलकम (2007): गंभीर भूमिकाओं के लिए पहचाने जाने वाले नाना ने इस फिल्म में हास्य अभिनय से भी दर्शकों का मनोरंजन किया।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;- राजनीति (2010): उनके प्रभावशाली अभिनय ने फिल्म को यादगार बनाने में योगदान दिया।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मराठी सिनेमा और रंगमंच में भी नाना पाटेकर का योगदान उल्लेखनीय रहा है। उनकी अभिनय शैली में यथार्थवाद, तीव्र भावनाएं और सामाजिक सरोकार प्रमुख रूप से दिखाई देते हैं।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;b&gt;राष्ट्रीय पुरस्कार से पद्मश्री तक का सफर&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;नाना पाटेकर को उनके उत्कृष्ट अभिनय के लिए कई प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुए हैं।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार: उन्हें फिल्म ‘परिंदा’ के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। ‘क्रांतिवीर’ के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी प्रदान किया गया। फिल्म ‘खामोशी: द म्यूजिकल’ में उनके अभिनय के लिए उन्हें विशेष उल्लेख (स्पेशल मेंशन) मिला।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;फिल्मफेयर पुरस्कार: उनके अभिनय को फिल्मफेयर पुरस्कारों में भी मान्यता मिली। ‘परिंदा’ के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का पुरस्कार उनके प्रमुख सम्मानों में शामिल है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पद्मश्री: भारत सरकार ने वर्ष 2013 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया। यह देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में से एक है और कला के क्षेत्र में उनके योगदान को मान्यता देता है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;इन सम्मानों ने अभिनय के क्षेत्र में उनके लंबे और प्रभावशाली सफर को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित किया।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;‘&lt;b&gt;नाम फाउंडेशन’: सूखाग्रस्त किसानों के लिए सेवा का अभियान&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;नाना पाटेकर के व्यक्तित्व का एक महत्वपूर्ण पक्ष उनका सामाजिक योगदान है। महाराष्ट्र में सूखे, कर्ज के दबाव और आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहे किसानों की स्थिति ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया। किसानों और ग्रामीण परिवारों की मदद के उद्देश्य से उन्होंने अभिनेता मकरंद अनासपुरे के साथ मिलकर वर्ष 2015 में ‘नाम फाउंडेशन’ की स्थापना की।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;फाउंडेशन ने महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों में जरूरतमंद किसानों और ग्रामीण समुदायों की सहायता के लिए काम किया। इसके कार्यों में आर्थिक सहायता, जल संरक्षण, जलसंधारण, ग्रामीण विकास और सूखे से प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने जैसी पहल शामिल रही हैं।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और अन्य सूखाग्रस्त इलाकों में पानी की कमी ग्रामीण जीवन और खेती के लिए गंभीर चुनौती रही है। ऐसे क्षेत्रों में जल संरक्षण तथा ग्रामीण समुदायों को सहायता उपलब्ध कराने के प्रयासों ने ‘नाम फाउंडेशन’ को विशेष पहचान दिलाई।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;नाना पाटेकर ने अपनी लोकप्रियता का उपयोग केवल फिल्मी सफलता तक सीमित नहीं रखा, बल्कि सामाजिक समस्याओं की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित करने का भी प्रयास किया। उनके इस कार्य ने अनेक लोगों को किसान कल्याण और ग्रामीण विकास के लिए योगदान देने की प्रेरणा दी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;b&gt;सादगी और स्पष्टवादिता के लिए भी चर्चित&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;नाना पाटेकर अपने बेबाक अंदाज और स्पष्ट विचारों के लिए भी जाने जाते हैं। वे अक्सर सामाजिक समस्याओं, किसानों की स्थिति और आम लोगों के संघर्षों पर अपनी राय रखते रहे हैं। फिल्मी दुनिया की चकाचौंध के बीच उनकी सादगी और सामाजिक मुद्दों से जुड़ाव उनके व्यक्तित्व का अहम हिस्सा रहा है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;उनकी यात्रा यह दर्शाती है कि एक कलाकार की पहचान केवल उसकी फिल्मों और पुरस्कारों से नहीं, बल्कि समाज के प्रति उसके दायित्वों से भी बनती है। अभिनय के क्षेत्र में उपलब्धियों के साथ-साथ किसानों और जरूरतमंद परिवारों की सहायता के प्रयासों ने उन्हें एक विशिष्ट स्थान दिलाया है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;निष्कर्ष: नाना पाटेकर का फिल्मी सफर प्रतिभा, मेहनत और संघर्ष की कहानी है। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों और पद्मश्री जैसे सम्मानों से सम्मानित इस कलाकार की पहचान उनके दमदार अभिनय के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से भी जुड़ी हुई है। ‘नाम फाउंडेशन’ के माध्यम से किसानों और ग्रामीण परिवारों के लिए किए गए प्रयास उनके जीवन के उस पक्ष को सामने लाते हैं, जो कला से आगे बढ़कर मानवीय संवेदना और सेवा की भावना को दर्शाता है।&lt;br&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/10/blog-post_08.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" height="72" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEj52xCxKntqW1ZR1CqDo2Nzw8BzGDGr7lOPBmKpzrqHwYxCSymRnIww8f3Cx5OmcuVp-Q0obViLfdsRnO0ZPO7WuKmu1_8m4k730SaRjAjZo0U9UC1o4aPOPs431zR4T17hHBXY1rg23jZel_B_LrUmJBdNuNAF78AMxyK_fyy-yIPPJYLdQa_AcMd1MZA=s72-c" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-2747534159714718879</guid><pubDate>Sun, 04 Oct 2026 17:25:52 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-04T22:56:21.914+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">महानगर और आसपास</category><title>CEC के इस्तीफे को लेकर शिवसेना के उद्धव, मनसे प्रमुख राज ठाकरे आए एक साथ। आज मेट्रो सिनेमा से लेकर मनपा मुख्यालय तक निकाला मोर्चा।</title><description>&lt;div&gt;&lt;i&gt;मतदाता सूची में संशोधन के खिलाफ ठाकरे बंधुओं का शक्ति प्रदर्शन, मुंबई में विशाल मार्च&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;मुंबई। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने रविवार को मुंबई में संयुक्त रूप से ‘विराट गर्जना मोर्चा’ निकाला। दोनों नेताओं के समर्थक बड़ी संख्या में इस मार्च में शामिल हुए।&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;
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&lt;/div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;मोर्चा मेट्रो सिनेमा से शुरू होकर बीएमसी मुख्यालय की ओर बढ़ा। प्रदर्शनकारियों ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। ठाकरे बंधुओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर गंभीर सवाल उठाए और इसे रद्द करने की मांग की।&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;राज ठाकरे ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम जोड़े गए थे और अब मतदाता सूची के पुनरीक्षण के नाम पर बड़ी संख्या में नाम हटाए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पहले 40-60 लाख मतदाता जोड़े गए, जबकि अब करीब दो करोड़ नाम हटाए जाने की स्थिति सामने आ रही है। राज ठाकरे ने SIR प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की।&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;वहीं, उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर लोगों के मन में सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने निष्पक्ष एवं स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करने की मांग की।&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;हालांकि, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने SIR प्रक्रिया का बचाव किया है। उनका कहना है कि मतदाता सूची से मृत, डुप्लीकेट और अपात्र मतदाताओं के नाम हटाना जरूरी है।&amp;nbsp;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, प्रारंभिक मतदाता सूची से 2.06 करोड़ से अधिक नाम हटाए गए हैं। सरकार और चुनाव आयोग का पक्ष है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध और अद्यतन बनाना है।&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;SIR को लेकर राजनीतिक विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने की दिशा में है। ऐसे में महाराष्ट्र में मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर सियासी टकराव और तेज होने के संकेत हैं।&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/10/cec.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" height="72" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEhHoqXM8g0bBkA70ayX4r0l6Km1-5uvpC1pbXh4xr_TVJFU2OQJYANXE8WxwwJ2bsuBQWOU7WBW1jsg50HOacVhr1R7TQpSaubJqHSCedp98uoOyvs4GfbdwvXMxctEf6sbV6w02ZA7Dqse0QPk3Foad4b13oY5mHqDCX1Ff8rvvX6Ry7x0hEJVj2BB1GQ=s72-c" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-579651299037136838</guid><pubDate>Sun, 04 Oct 2026 17:03:56 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-04T22:42:23.192+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">महानगर और आसपास</category><title>सीजेपी प्रोटेस्ट में ४००-५०० के खिलाफ शिवाजी पार्क पुलिस ने किया FIR </title><description>सीजेपी के नेतृत्व में प्रदर्शन को लेकर 400-500 प्रदर्शनकारियों पर FIR, शिवाजी पार्क पुलिस ने दर्ज किया मामला&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मुंबई। शिवाजी पार्क इलाके में 2 अक्टूबर को नागरिकता एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के मामले में मुंबई पुलिस ने करीब 400 से 500 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। यह प्रदर्शन सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के नेतृत्व में आयोजित किया गया था और शाम करीब 4 बजे से 7 बजे तक चला।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;
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  &lt;/a&gt;
&lt;/div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने और निर्धारित पुलिस प्रतिबंधों का उल्लंघन किए जाने को लेकर यह कार्रवाई की गई है। स्थानीय निवासियों की शिकायत के बाद शिवाजी पार्क पुलिस ने मामले में FIR दर्ज की।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;FIR में आफरीन नवाज, सौम्या कॉर्डे, अंकित भारद्वाज, विजय मालगी, योगेश इंगले समेत कई लोगों के नाम दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल अन्य अज्ञात लोगों को भी मामले में आरोपी बनाया है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;b&gt;इन धाराओं के तहत मामला दर्ज&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 189(2) और 223 तथा महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 37(1), 37(3) और 135 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब प्रदर्शन से जुड़े वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;स्थानीय निवासियों का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान इलाके में लोगों की आवाजाही और सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुईं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्रदर्शन के आयोजन, भीड़ की संख्या तथा कथित नियम उल्लंघन की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, FIR दर्ज करना जांच की शुरुआती प्रक्रिया है। मामले में आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। प्रदर्शन से जुड़े आयोजकों और नामजद लोगों का पक्ष भी जांच के दौरान दर्ज किया जाएगा।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;इस कार्रवाई के बाद नागरिक संगठनों और प्रदर्शन से जुड़े लोगों की ओर से पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए जाने की संभावना है। वहीं, पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना उसकी जिम्मेदारी है और शिकायत के आधार पर कानून के मुताबिक कार्रवाई की गई है।&lt;/div&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/10/fir.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" height="72" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEg0fZDkJHvOI86r6L51FHBegrVqDjpOC_HHdXW5-dBcEO0R_yNahHARCZA1-9mwxuy_9-PD5HF_Jlgx7rsB0rIMmx8_xsU2IxByzkMiOylzEqCs5k2Qeab9wSv5DaF07HokL2M4HlLOYguAlF0i3ymF-aOkzWSwB_jMB7qnlxjpx23x47qIMUxFPNRFu5I=s72-c" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-6449541870711310227</guid><pubDate>Sun, 04 Oct 2026 16:36:57 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-04T22:07:23.540+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">प्रशासनिक</category><title>महाराष्ट्र ट्रांसपोर्ट विभाग बना रहा ऑनलाइन एम्बुलेंस ऐप, एक क्लिक पर मिलेगी एंबुलेंस की पूरी जानकारी</title><description>अब एक ऐप पर मिलेगी एंबुलेंस की पूरी जानकारी&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;b&gt;&lt;i&gt;आरटीओ में पंजीकृत एंबुलेंस से लेकर निजी अस्पतालों की एंबुलेंस तक होंगी शामिल, उपलब्धता और किराया भी दिखेगा&lt;/i&gt;&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मुंबई। महाराष्ट्र में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को अधिक तेज, पारदर्शी और सुलभ बनाने के लिए परिवहन विभाग एक डिजिटल ऐप तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है। इस ऐप के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को अपने आसपास उपलब्ध एंबुलेंस की जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर मिल सकेगी। विभाग की योजना में अलग-अलग आरटीओ में पंजीकृत एंबुलेंस के साथ-साथ निजी एंबुलेंस और अस्पतालों की एंबुलेंस को भी शामिल किया जाएगा।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;
  &lt;a href="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEiZ0RBP0PxtNpjNLF91BsgUq7P073G0NjWs-nDXwl706QFpUb1CFEUbCFFYqdX7l6fQXdC5hR2ooCf3IpliNc0ekl_GgmWl548i2-qNJulHzJiGsuNWmdCMY2gPio3AkFVo_x5tIdszuCmc-RJhhZrS6x665GTX79NnQsUrMakaHP65fWYStIuOAJRcH54" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;
    &lt;img border="0"   src="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEiZ0RBP0PxtNpjNLF91BsgUq7P073G0NjWs-nDXwl706QFpUb1CFEUbCFFYqdX7l6fQXdC5hR2ooCf3IpliNc0ekl_GgmWl548i2-qNJulHzJiGsuNWmdCMY2gPio3AkFVo_x5tIdszuCmc-RJhhZrS6x665GTX79NnQsUrMakaHP65fWYStIuOAJRcH54" width="400"&gt;
  &lt;/a&gt;
&lt;/div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;प्रस्तावित ऐप पर एंबुलेंस की उपलब्धता, मरीज से दूरी, अनुमानित शुल्क, वाहन का प्रकार और उसमें उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं जैसी महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे आपात स्थिति में मरीज के परिजनों को एंबुलेंस तलाशने के लिए अलग-अलग नंबरों पर फोन करने या आसपास भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;b&gt;&lt;i&gt;अलग-अलग आरटीओ में पंजीकृत एंबुलेंस एक प्लेटफॉर्म पर&lt;/i&gt;&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;वर्तमान में राज्य में बड़ी संख्या में एंबुलेंस अलग-अलग क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (आरटीओ) में पंजीकृत हैं। प्रस्तावित डिजिटल व्यवस्था के तहत इन एंबुलेंस का एक केंद्रीकृत डिजिटल डेटाबेस तैयार करने की योजना है। इसके जरिए किसी क्षेत्र में उपलब्ध एंबुलेंस को ऐप पर आसानी से देखा जा सकेगा।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;इसके अलावा निजी एंबुलेंस संचालकों और अस्पतालों की एंबुलेंस सेवाओं को भी इस व्यवस्था से जोड़ने का प्रस्ताव है। इससे सरकारी और निजी क्षेत्र की उपलब्ध एंबुलेंस को एक साझा डिजिटल नेटवर्क पर लाने में मदद मिलेगी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;कितनी दूरी और कितना शुल्क, ऐप पर मिलेगी जानकारी&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;एंबुलेंस सेवा में अक्सर मरीज के परिजनों के सामने सबसे बड़ी समस्या उपलब्धता और शुल्क को लेकर होती है। प्रस्तावित ऐप इस समस्या को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। ऐप पर एंबुलेंस की लोकेशन और मरीज के स्थान से उसकी दूरी के साथ-साथ सेवा के संभावित शुल्क की जानकारी भी उपलब्ध कराने की योजना है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मरीज के परिजन अपनी जरूरत के अनुसार उपलब्ध विकल्पों की तुलना कर सकेंगे और उपयुक्त एंबुलेंस का चयन कर सकेंगे।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;एंबुलेंस में उपलब्ध सुविधाओं की भी जानकारी&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;हर मरीज की चिकित्सा जरूरत एक जैसी नहीं होती। सामान्य एंबुलेंस के अलावा ऑक्सीजन, स्ट्रेचर, जीवन रक्षक उपकरण या अन्य विशेष चिकित्सा सुविधाओं वाली एंबुलेंस की जरूरत पड़ सकती है। प्रस्तावित ऐप पर एंबुलेंस में उपलब्ध मेडिकल सुविधाओं और उपकरणों की जानकारी भी दिए जाने की योजना है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;इससे गंभीर मरीजों के लिए उनके स्वास्थ्य की स्थिति के अनुरूप एंबुलेंस चुनना आसान होगा।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आपात स्थिति में समय की होगी बचत&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आपातकालीन स्थिति में कुछ मिनट भी बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए आसपास की उपलब्ध एंबुलेंस की जानकारी तत्काल मिलने से मरीज को अस्पताल पहुंचाने में लगने वाला समय कम हो सकता है। साथ ही, एंबुलेंस की उपलब्धता की जानकारी एक ही स्थान पर मिलने से फोन कॉल और खोजबीन में लगने वाला समय भी बचाया जा सकेगा।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;परिवहन विभाग की यह पहल लागू होने के बाद महाराष्ट्र में एंबुलेंस सेवाओं के संचालन में पारदर्शिता, डिजिटल निगरानी और बेहतर समन्वय आने की उम्मीद है। हालांकि ऐप के अंतिम स्वरूप, शुल्क निर्धारण और सेवा संचालन से जुड़े नियमों की विस्तृत जानकारी विभाग की ओर से अंतिम रूप दिए जाने के बाद स्पष्ट होगी।&lt;/div&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/10/blog-post_04.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" height="72" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEiZ0RBP0PxtNpjNLF91BsgUq7P073G0NjWs-nDXwl706QFpUb1CFEUbCFFYqdX7l6fQXdC5hR2ooCf3IpliNc0ekl_GgmWl548i2-qNJulHzJiGsuNWmdCMY2gPio3AkFVo_x5tIdszuCmc-RJhhZrS6x665GTX79NnQsUrMakaHP65fWYStIuOAJRcH54=s72-c" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-1080499060637299087</guid><pubDate>Sun, 04 Oct 2026 16:11:31 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-04T21:42:15.561+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">राजनीतिक</category><title>शिवसेना यूबीटी एवं मनसे का संयुक्त मोर्चा/ मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे को लेकर मोर्चा, राकांपा( शरद पवार) एवं कांग्रेस नेताओं का भी मिला साथ/ मेट्रो सिनेमा से लेकर मंत्रालय तक निकला  मोर्चा</title><description>ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शिवसेना (UBT)-मनसे का प्रदर्शन, NCP (SP) और कांग्रेस नेताओं ने भी दिया साथ&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;div&gt;मुंबई: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर रविवार को मुंबई में विपक्षी दलों ने जोरदार प्रदर्शन किया। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने मेट्रो सिनेमा से मंत्रालय की ओर मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी बीएमसी मुख्यालय के बाहर से होते हुए आगे बढ़े और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;
  &lt;a href="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEiHQNQLse8BKSmo0rJJGQ369IB7H15i_zUyeFFUBdi-_uLFM6PXMGyija6MyGqsdalFQq4O_SUl-oI22f6ILMARPOFtZH1sn_ZIf8OrF0Tl1gw_-uFfxqI4HDaYXcWvJVaj-Bhz-yhGYBS1e7S_kv8MqWw2arpOo7tKfpAy_2W01XJqa47DPvemQMUdN0U" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;
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  &lt;/a&gt;
&lt;/div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;इस प्रदर्शन में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) और कांग्रेस के नेता भी शामिल हुए। विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ नारे लगाए।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मेट्रो सिनेमा से मंत्रालय तक मार्च&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;प्रदर्शन की शुरुआत मेट्रो सिनेमा इलाके से हुई। शिवसेना (UBT) और मनसे के कार्यकर्ता जुलूस के रूप में मंत्रालय की ओर रवाना हुए। मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी बीएमसी मुख्यालय के सामने से गुजरे। इस दौरान इलाके में राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;विपक्षी दलों के नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आयोग से चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;NCP (SP) और कांग्रेस का भी समर्थन&lt;/div&gt;&lt;div&gt;शिवसेना (UBT) और मनसे के इस आंदोलन को NCP (SP) और कांग्रेस नेताओं का भी समर्थन मिला। दोनों दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन में शामिल होकर चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। विपक्षी दलों ने इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता से जुड़ा मुद्दा बताया।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने कहा कि चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक संस्थान पर जनता का भरोसा बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से पद से इस्तीफा देने की मांग दोहराई।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मुंबई में सुरक्षा के कड़े इंतजाम&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;विपक्षी दलों के मार्च को देखते हुए मेट्रो सिनेमा, बीएमसी मुख्यालय और मंत्रालय के आसपास सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की। प्रदर्शन के कारण दक्षिण मुंबई के कुछ हिस्सों में यातायात पर भी असर पड़ने की स्थिति बनी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;विपक्षी दलों ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता और पारदर्शिता से जुड़े उनके सवालों का जवाब मिलने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/10/blog-post.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" height="72" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEiHQNQLse8BKSmo0rJJGQ369IB7H15i_zUyeFFUBdi-_uLFM6PXMGyija6MyGqsdalFQq4O_SUl-oI22f6ILMARPOFtZH1sn_ZIf8OrF0Tl1gw_-uFfxqI4HDaYXcWvJVaj-Bhz-yhGYBS1e7S_kv8MqWw2arpOo7tKfpAy_2W01XJqa47DPvemQMUdN0U=s72-c" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-5304216714690754689</guid><pubDate>Thu, 01 Oct 2026 13:20:53 +0000</pubDate><atom:updated>2026-10-01T18:51:04.951+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">आर्थिक</category><title>अनूप बागची HDFC Bank  के नए सीईओ</title><description>&lt;h1&gt;अनुप बागची: ICICI से HDFC Bank तक वित्तीय क्षेत्र में लंबा सफर&lt;/h1&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मुंबई।&lt;/strong&gt; निजी क्षेत्र के प्रमुख बैंक &lt;strong&gt;HDFC Bank&lt;/strong&gt; के शीर्ष नेतृत्व में अनुप बागची की नियुक्ति बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बागची ने अपने करियर में बैंकिंग, कॉरपोरेट फाइनेंस, पूंजी बाजार और निवेश सेवाओं से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में वरिष्ठ जिम्मेदारियां संभाली हैं।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;ICICI Group से करियर की शुरुआत&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;अनुप बागची का पेशेवर सफर &lt;strong&gt;ICICI Group&lt;/strong&gt; से जुड़ा रहा है। उन्होंने बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में काम करते हुए कॉरपोरेट ग्राहकों, वित्तीय उत्पादों और पूंजी बाजार से जुड़े कारोबार का अनुभव हासिल किया।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;ICICI Group में अपने लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने अलग-अलग कारोबारी क्षेत्रों में जिम्मेदारियां निभाईं। इस अनुभव ने उन्हें बैंकिंग कारोबार के साथ-साथ निवेश और पूंजी बाजार की गतिविधियों की व्यापक समझ दी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;
  &lt;a href="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEig-Jya7vlHd9zndmturHqjX2omkImzswVuaUFbUa-KUdOehvnkoQBvqWk2qy7reWDNvvbVS08jCpmaDR5Qal5u9N74Kt1sPjAKGFqzBVgy8SP0UvVea5omoGM0D3omFLiIlBsMBaM0FmYW_tJHX839klSFY-f1K4OiTOaDXHulrnZh5nYVNCTBq0MOgEM" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;
    &lt;img border="0"   src="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEig-Jya7vlHd9zndmturHqjX2omkImzswVuaUFbUa-KUdOehvnkoQBvqWk2qy7reWDNvvbVS08jCpmaDR5Qal5u9N74Kt1sPjAKGFqzBVgy8SP0UvVea5omoGM0D3omFLiIlBsMBaM0FmYW_tJHX839klSFY-f1K4OiTOaDXHulrnZh5nYVNCTBq0MOgEM" width="400"&gt;
  &lt;/a&gt;
&lt;/div&gt;&lt;br&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;ICICI Bank में महत्वपूर्ण भूमिकाएं&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ICICI Bank&lt;/strong&gt; में बागची ने कॉरपोरेट बैंकिंग और अन्य वित्तीय सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों में काम किया। कॉरपोरेट ग्राहकों की वित्तीय जरूरतों, क्रेडिट, निवेश और बैंकिंग उत्पादों से संबंधित उनका अनुभव आगे चलकर उनके नेतृत्व करियर का महत्वपूर्ण हिस्सा बना।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में लगातार हो रहे डिजिटल बदलाव और ग्राहकों की बदलती जरूरतों के बीच उन्होंने वित्तीय सेवाओं के विभिन्न पहलुओं पर काम किया।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;ICICI Securities में नेतृत्व&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;उनके करियर का एक महत्वपूर्ण चरण &lt;strong&gt;ICICI Securities&lt;/strong&gt; से जुड़ा रहा। यहां उन्होंने वरिष्ठ नेतृत्व की भूमिका निभाई और पूंजी बाजार एवं निवेश सेवाओं के कारोबार का नेतृत्व किया।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;ICICI Securities में उनके कार्यकाल के दौरान खुदरा निवेश, डिजिटल प्लेटफॉर्म, इक्विटी ट्रेडिंग और वेल्थ मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में भारतीय वित्तीय बाजार में तेजी से बदलाव आया। इस दौरान बागची को बैंकिंग से अलग पूंजी बाजार आधारित वित्तीय सेवाओं के कारोबार को करीब से समझने का अवसर मिला।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;बैंकिंग और पूंजी बाजार का मिला-जुला अनुभव&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;बागची की पेशेवर यात्रा की खासियत यह रही है कि उनका अनुभव केवल पारंपरिक बैंकिंग तक सीमित नहीं रहा। &lt;strong&gt;बैंकिंग, कॉरपोरेट फाइनेंस, निवेश सेवाओं और पूंजी बाजार&lt;/strong&gt;—इन सभी क्षेत्रों में काम करने से उन्हें वित्तीय क्षेत्र का व्यापक अनुभव मिला।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;यही अनुभव HDFC Bank की नई भूमिका में उनके लिए उपयोगी हो सकता है, क्योंकि बड़े बैंक का कारोबार आज केवल पारंपरिक जमा और कर्ज तक सीमित नहीं है। डिजिटल बैंकिंग, वेल्थ मैनेजमेंट, भुगतान सेवाएं, निवेश उत्पाद और कॉरपोरेट बैंकिंग भी बैंकिंग कारोबार के महत्वपूर्ण हिस्से बन चुके हैं।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;HDFC Bank के सामने प्रमुख जिम्मेदारियां&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;HDFC Bank के नए MD के रूप में बागची के सामने कई महत्वपूर्ण कारोबारी प्राथमिकताएं रहेंगी। इनमें &lt;strong&gt;क्रेडिट ग्रोथ, जमा में वृद्धि, डिजिटल बैंकिंग का विस्तार, परिसंपत्ति गुणवत्ता बनाए रखना, जोखिम प्रबंधन और ग्राहक आधार का विस्तार&lt;/strong&gt; प्रमुख हैं।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;HDFC Bank देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंकों में शामिल है और इसके कारोबार का आकार काफी बड़ा है। ऐसे में बैंक की वृद्धि के साथ पूंजी पर्याप्तता, जोखिम नियंत्रण और लाभप्रदता के बीच संतुलन बनाए रखना भी शीर्ष प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;डिजिटल बैंकिंग पर बढ़ता जोर&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में डिजिटल लेनदेन और मोबाइल बैंकिंग के तेजी से बढ़ते उपयोग ने बैंकों के कारोबार का स्वरूप बदल दिया है। HDFC Bank भी डिजिटल बैंकिंग और टेक्नोलॉजी में लगातार निवेश कर रहा है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;बागची के पूर्व अनुभव को देखते हुए डिजिटल वित्तीय सेवाओं, निवेश उत्पादों और ग्राहक-केंद्रित वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में उनका अनुभव बैंक के लिए उपयोगी हो सकता है।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;करीब तीन दशक का वित्तीय अनुभव&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;अनुप बागची की पहचान भारतीय वित्तीय क्षेत्र के अनुभवी पेशेवर के रूप में रही है। उनका करियर बैंकिंग से शुरू होकर पूंजी बाजार और निवेश सेवाओं तक पहुंचा। इस दौरान उन्होंने वित्तीय संस्थानों में व्यवसाय विकास, ग्राहक सेवाओं और रणनीतिक नेतृत्व से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालीं।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ICICI Group से शुरू हुआ उनका सफर अब HDFC Bank के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचा है।&lt;/strong&gt; बैंकिंग और पूंजी बाजार—दोनों क्षेत्रों में काम करने का उनका अनुभव HDFC Bank की आगे की कारोबारी रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;br&gt;&lt;/p&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/10/hdfc-bank.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" height="72" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEig-Jya7vlHd9zndmturHqjX2omkImzswVuaUFbUa-KUdOehvnkoQBvqWk2qy7reWDNvvbVS08jCpmaDR5Qal5u9N74Kt1sPjAKGFqzBVgy8SP0UvVea5omoGM0D3omFLiIlBsMBaM0FmYW_tJHX839klSFY-f1K4OiTOaDXHulrnZh5nYVNCTBq0MOgEM=s72-c" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-6837729117123827371</guid><pubDate>Sun, 27 Sep 2026 14:40:55 +0000</pubDate><atom:updated>2026-09-27T20:13:35.244+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">आध्यात्मिक</category><title>पितृ पक्ष आज से आरम्भ/जानिए विशेष</title><description>&lt;div&gt;&lt;i&gt;&#129684; पितृ पक्ष 2026: कब से शुरू होगा और कब समाप्त होगा?&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;हिंदू धर्म में पितृ पक्ष पितरों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता और स्मरण का विशेष काल माना जाता है। इस दौरान परिवार के दिवंगत पूर्वजों के लिए श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान और दान-पुण्य किए जाते हैं। मान्यता है कि पितृ पक्ष में श्रद्धापूर्वक किए गए कर्म पितरों के निमित्त समर्पित होते हैं।&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&#128197; पितृ पक्ष 2026 की शुरुआत और समापन&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;पितृ पक्ष 2026 की शुरुआत 27 सितंबर 2026, रविवार से होगी और 10 अक्टूबर 2026, शनिवार को सर्वपितृ अमावस्या के साथ इसका समापन होगा।&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;
  &lt;a href="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEgiWsFtwC6MPCZOxGkYrcjvO4T2TwVZujXz3XuMbk0RaoOCMBivxd71CBID0QpJZAgSjTXCi3qT_q7n_-BKWJhwVRKPIF1Adw-ngukUC99Kzrmy8LUoxLtKwJ5DBCwXcB_2CTEZnj4rjO7KI0KdXAJjpzkslVWR2o6-SRvI7igOkjlb4boEgicneE2dRak" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;
    &lt;img border="0"   src="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEgiWsFtwC6MPCZOxGkYrcjvO4T2TwVZujXz3XuMbk0RaoOCMBivxd71CBID0QpJZAgSjTXCi3qT_q7n_-BKWJhwVRKPIF1Adw-ngukUC99Kzrmy8LUoxLtKwJ5DBCwXcB_2CTEZnj4rjO7KI0KdXAJjpzkslVWR2o6-SRvI7igOkjlb4boEgicneE2dRak" width="400"&gt;
  &lt;/a&gt;
&lt;/div&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;हालाँकि 26 सितंबर 2026, शनिवार को भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा का पूर्णिमा श्राद्ध रहेगा। इसलिए श्राद्ध पक्ष से संबंधित कर्मों की शुरुआत पूर्णिमा श्राद्ध से मानी जाती है, जबकि कृष्ण पक्ष के नियमित श्राद्ध 27 सितंबर से प्रारंभ होंगे।&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;उत्तर भारतीय पूर्णिमांत पंचांग परंपरा में इसे सामान्यतः आश्विन कृष्ण पक्ष कहा जाता है। वहीं अमांत पंचांग परंपरा में मास के नाम में अंतर दिखाई दे सकता है। तिथियों के क्रम और श्राद्ध के व्यवहार में स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&#128467;️ पितृ पक्ष 2026 की प्रमुख श्राद्ध तिथियां&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;तारीख	वार	श्राद्ध&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;26 सितंबर	शनिवार	पूर्णिमा श्राद्ध&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;27 सितंबर	रविवार	प्रतिपदा श्राद्ध&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;28 सितंबर	सोमवार	द्वितीया श्राद्ध&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;29 सितंबर	मंगलवार	तृतीया श्राद्ध&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;30 सितंबर	बुधवार	चतुर्थी दोपहर 2:56 तक उपरांत पंचमी श्राद्ध&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;1 अक्टूबर	गुरुवार	पंचमी श्राद्ध दोपहर 12:36 बजे तक,उपरांत षष्ठी श्राद्ध&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;2 अक्टूबर	शुक्रवार	सप्तमी श्राद्ध&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;3 अक्टूबर	शनिवार	अष्टमी श्राद्ध&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;4 अक्टूबर	रविवार	नवमी श्राद्ध&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;5 अक्टूबर	सोमवार	दशमी श्राद्ध&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;6 अक्टूबर	मंगलवार	एकादशी श्राद्ध&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;7 अक्टूबर	बुधवार	द्वादशी श्राद्ध&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;8 अक्टूबर	गुरुवार	त्रयोदशी श्राद्ध&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;9 अक्टूबर	शुक्रवार	चतुर्दशी श्राद्ध&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;10 अक्टूबर	शनिवार	सर्वपितृ अमावस्या&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&#127807; चतुर्थी और पंचमी एक ही दिन क्यों?&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;2026 में तिथि की स्थिति के कारण 30 सितंबर को चतुर्थी एवं पंचमी दोनों श्राद्ध बताए जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में किस तिथि का श्राद्ध किस प्रकार किया जाए, यह स्थानीय पंचांग में दिए गए तिथि-व्याप्ति और सूर्योदय के नियम के आधार पर निर्धारित किया जाता है।&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;इसी प्रकार अलग-अलग स्थानों पर सूर्योदय के समय तिथि की स्थिति में अंतर होने से श्राद्ध की तारीख में थोड़ा अंतर दिखाई दे सकता है।&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&#128591; किस दिन किसका श्राद्ध किया जाता है?&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;सामान्य रूप से जिस तिथि को किसी व्यक्ति का निधन हुआ हो, पितृ पक्ष में उसी तिथि पर उसका श्राद्ध किया जाता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी व्यक्ति का देहांत कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को हुआ था, तो उसका श्राद्ध पितृ पक्ष की अष्टमी तिथि पर किया जाता है।&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;विशेष परिस्थितियों के लिए अलग नियम भी बताए गए हैं। जैसे—&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;पिता, माता या अन्य परिजनों का श्राद्ध उनकी मृत्यु तिथि के अनुसार।&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;अकस्मात या विशेष परिस्थितियों में मृत्यु होने पर संबंधित श्राद्ध-विधि स्थानीय परंपरा और धर्मशास्त्रीय नियमों के अनुसार।&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;जिनकी मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं हो, उनके लिए सामान्यतः सर्वपितृ अमावस्या का विशेष महत्व माना जाता है।&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;सर्वपितृ अमावस्या को उन अनेक पितरों के निमित्त श्राद्ध किया जाता है जिनकी तिथि ज्ञात न हो अथवा जिनका नियमित तिथि-श्राद्ध किसी कारण से न हो पाया हो।&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&#128329;️ पितृ पक्ष में क्या किया जाता है?&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;पितृ पक्ष में अपनी सामर्थ्य और पारिवारिक परंपरा के अनुसार निम्न कार्य किए जाते हैं:&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;1. तर्पण&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;जल, तिल आदि के माध्यम से पितरों का स्मरण और तर्पण किया जाता है।&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;2. श्राद्ध कर्म&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;मृत्यु तिथि के अनुसार विधिपूर्वक श्राद्ध किया जाता है।&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;3. पिंडदान&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;परंपरा के अनुसार पितरों के निमित्त पिंड अर्पित किए जाते हैं।&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;4. ब्राह्मण भोजन एवं दान&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;श्रद्धा के अनुसार भोजन, वस्त्र, अन्न आदि का दान किया जाता है।&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;5. गौ, कुत्ते एवं अन्य जीवों को भोजन&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;कई पारिवारिक परंपराओं में भोजन का अंश विभिन्न जीवों के लिए भी निकाला जाता है।&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&#127802; सर्वपितृ अमावस्या का विशेष महत्व&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;10 अक्टूबर 2026, शनिवार को सर्वपितृ अमावस्या होगी। इसे पितृ पक्ष का अंतिम दिन माना जाता है।&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;जिन पितरों की मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं है, या किसी कारण से निर्धारित तिथि पर श्राद्ध नहीं हो पाया हो, उनके निमित्त इस दिन श्राद्ध, तर्पण एवं दान करने की परंपरा अनेक परिवारों में है।&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;इसी कारण सर्वपितृ अमावस्या को पितृ पक्ष का अत्यंत महत्वपूर्ण दिन माना जाता है।&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;⚠️ स्थानीय पंचांग से पुष्टि क्यों आवश्यक है?&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;श्राद्ध की तिथि निर्धारित करने में केवल कैलेंडर की तारीख नहीं, बल्कि तिथि का सूर्योदय के समय होना, तिथि की समाप्ति, क्षय या वृद्धि तथा स्थानीय सूर्योदय जैसे विषय भी महत्वपूर्ण होते हैं।&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;इसलिए मुंबई, महाराष्ट्र, दिल्ली, वाराणसी आदि अलग-अलग स्थानों में किसी तिथि के संबंध में समय या तारीख में थोड़ा अंतर दिखाई दे सकता है। अंतिम श्राद्ध-विधि अपने स्थानीय पंचांग और योग्य आचार्य/पुरोहित की परंपरा के अनुसार तय करना उचित रहेगा।&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&#128591; पितरों के प्रति श्रद्धा&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;पितृ पक्ष हमें अपने पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता, श्रद्धा और स्मरण का अवसर देता है। इस अवधि में श्रद्धापूर्वक तर्पण, श्राद्ध, दान-पुण्य और जरूरतमंदों की सहायता करना भारतीय धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण अंग माना जाता है।&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;॥ ॐ पितृभ्यः स्वधा नमः ॥&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;आचार्य अजय मिश्र&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;i&gt;मुख्य पुजारी- विहिप संचालित समर्थ हनुमान टेकड़ी सिद्धपीठ, सायन ,मुंबई&amp;nbsp;&lt;/i&gt;&lt;/div&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/09/blog-post_27.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" height="72" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEgiWsFtwC6MPCZOxGkYrcjvO4T2TwVZujXz3XuMbk0RaoOCMBivxd71CBID0QpJZAgSjTXCi3qT_q7n_-BKWJhwVRKPIF1Adw-ngukUC99Kzrmy8LUoxLtKwJ5DBCwXcB_2CTEZnj4rjO7KI0KdXAJjpzkslVWR2o6-SRvI7igOkjlb4boEgicneE2dRak=s72-c" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-5272872654128310825</guid><pubDate>Fri, 25 Sep 2026 01:43:04 +0000</pubDate><atom:updated>2026-09-25T07:15:10.491+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">उत्तर प्रदेश</category><title>उत्तर प्रदेश नोएडा एयरपोर्ट से ५०० मीटर दूर पर भीषण बस हादसा/ आग लगने से ९ की मौत, लोगो ने कूदकर जान बचाई। मृतक के परिजनों को  पीएम ने २ लाख, घायलों को ५० हजार की मदद का ऐलान किया</title><description>नोएडा ,उत्तर प्रदेश&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;जेवर एयर पोर्ट से मात्र ५०० मीटर की दूरी पर यमुना एक्सप्रेस वे से गुजर रही प्राइवेट एसी बस में ड्राइवर कंडक्टर सिगरेट पी रहे थे, कुछ यात्रियों द्वारा मना करने पर वह हंस रहे थे। बस में आग लग गई और इतनी भीषण आग लगी कि ८ पुरुष, १ महिला जिंदा जलकर मर गए। हादसा बुधवार रात ११.३० के लगभग हुआ।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;
  &lt;a href="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEiN6e9DOifhiyBX-lTCWxXXvlr1I-XyocrD0XDVqqHqgeWXci1jsqgTzpA_j1duAsXf3yBP5GknzG0CnKUIum92LIpuRWaKC62CmrOsuspW_PcrXdaxUl1Ft7F9zURLZm7D4G7cxuTTdE3fWMDXhq8X8cbD5_hvcOUvIEmjn7zmvPqn96msqYJnSoF_7qs" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;
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  &lt;/a&gt;
&lt;/div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;कई लोगों ने खिड़की तोड़कर कूदकर अपनी जान बचाई। ड्राइवर आग लगने के बावजूद बस को नहीं रोक रहा था।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;कुल ३५ लोग बस में सवार थे। बस दिल्ली से महोबा जा रही थी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतक के परिजनों को २ लाख, घायलो के ऊपचार के लिए ५० हजार के मदद की घोषणा की है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;इस बस पर पहले भी १९ चालान और १.७५ लाख का फाइन लग चुका है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;बस क्रमांक BR 32P AB 647 में यह आग लगी थी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;जेवर कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया है।, पुलिस आगे की जांच कर रही है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;घायलों का इलाज जारी है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/09/blog-post_25.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" height="72" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEiN6e9DOifhiyBX-lTCWxXXvlr1I-XyocrD0XDVqqHqgeWXci1jsqgTzpA_j1duAsXf3yBP5GknzG0CnKUIum92LIpuRWaKC62CmrOsuspW_PcrXdaxUl1Ft7F9zURLZm7D4G7cxuTTdE3fWMDXhq8X8cbD5_hvcOUvIEmjn7zmvPqn96msqYJnSoF_7qs=s72-c" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-5560253917536219421</guid><pubDate>Thu, 24 Sep 2026 04:14:14 +0000</pubDate><atom:updated>2026-09-24T09:44:16.024+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">आर्थिक</category><title>तीन दिनों तक बैंक हड़ताल/ क्या होगा प्रभावित? </title><description>28 से 30 सितंबर तक बैंक हड़ताल का आह्वान, शाखाओं में प्रभावित हो सकती हैं सेवाएं&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस का तीन दिवसीय हड़ताल का आह्वान; पांच दिवसीय कार्य सप्ताह, पेंशन और परफॉर्मेंस लिंक्ड बोनस समेत कई मांगें&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मुंबई। देशभर के बैंक ग्राहकों के लिए सितंबर के अंतिम सप्ताह में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) की ओर से 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय अखिल भारतीय बैंक हड़ताल का आह्वान किया गया है। हड़ताल के दौरान बैंक शाखाओं में नियमित कामकाज प्रभावित होने की आशंका है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;कैश जमा और चेक क्लियरेंस पर असर संभव&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;हड़ताल के कारण शाखा स्तर पर होने वाले कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो सकते हैं। इनमें नकद जमा और निकासी, चेक जमा, चेक प्रोसेसिंग एवं क्लियरेंस, शाखा संबंधी ग्राहक सेवाएं और अन्य काउंटर आधारित बैंकिंग कार्य शामिल हैं। हालांकि, डिजिटल और ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहने की संभावना है, लेकिन संबंधित बैंक के तकनीकी सिस्टम या अन्य परिस्थितियों के आधार पर सेवाओं में बदलाव हो सकता है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;बैंकों की ओर से ग्राहकों को सलाह दी जा रही है कि वे हड़ताल की अवधि के दौरान जहां संभव हो, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, UPI, एटीएम और अन्य डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करें।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की प्रमुख मांग&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;बैंक कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगों में सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग कार्य लागू करना शामिल है। इसके अलावा बैंक कर्मचारियों से जुड़े पेंशन संबंधी मुद्दों तथा परफॉर्मेंस लिंक्ड बोनस (PLB) से जुड़े विषय भी मांगों में शामिल हैं।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;यूनियनों का कहना है कि इन मुद्दों पर समाधान के लिए लंबे समय से बातचीत चल रही है और मांगों पर अपेक्षित प्रगति नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;26 अक्टूबर से लगातार हड़ताल की चेतावनी&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;बैंक यूनियनों ने यह भी संकेत दिया है कि यदि उनकी मांगों पर समाधान नहीं हुआ तो 26 अक्टूबर से लगातार/अनिश्चितकालीन हड़ताल की दिशा में कदम उठाया जा सकता है। ऐसे में बैंकिंग सेवाओं पर सितंबर की प्रस्तावित हड़ताल की तुलना में अधिक व्यापक असर पड़ने की संभावना होगी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;ग्राहकों के लिए क्या करें?&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;बैंक ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि 28 से 30 सितंबर के बीच यदि कोई महत्वपूर्ण बैंकिंग कार्य करना है तो उसे पहले ही पूरा कर लें। जरूरी नकदी की आवश्यकता हो तो पहले से व्यवस्था कर लें और चेक जमा, बैंक ड्राफ्ट या अन्य शाखा-आधारित काम को भी हड़ताल से पहले निपटाने का प्रयास करें।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;साथ ही, UPI, नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और एटीएम सेवाओं का उपयोग करने वाले ग्राहक अपने बैंक के डिजिटल चैनलों और कार्ड की कार्यक्षमता पहले से जांच सकते हैं। महत्वपूर्ण भुगतान की नियत तारीख होने पर ग्राहकों को वैकल्पिक डिजिटल भुगतान व्यवस्था तैयार रखना भी उपयोगी रहेगा।&lt;/div&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/09/blog-post_947.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-2893202129703338290</guid><pubDate>Thu, 24 Sep 2026 02:28:26 +0000</pubDate><atom:updated>2026-09-24T07:58:28.138+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">महानगर और आसपास</category><title>ATM fraud की नई तरकीब/ बोइसर पुलिस ने किया गिरफ्तार</title><description>एटीएम बूथ में छिपा रखा था वॉकी-टॉकी, कार्ड फंसने का झांसा देकर 2.9 लाख की ठगी&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;बोईसर, पालघर: एटीएम कार्ड फंसने के बाद मदद के नाम पर एक महिला से करीब 2.9 लाख रुपये की ठगी किए जाने का मामला पालघर जिले के बोईसर में सामने आया है। आरोपी ने एटीएम बूथ के अंदर छिपे वॉकी-टॉकी के जरिए खुद को बैंक/एटीएम तकनीकी कर्मचारी बताकर महिला को भरोसे में लिया और उसके खाते से रकम निकाल ली।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पुलिस के अनुसार, घटना 14 सितंबर को बोईसर के शिवाजी नगर इलाके में हुई। पीड़िता समीरा अशरफ शेख एटीएम से पैसे निकालने गई थीं। इसी दौरान उनका एटीएम कार्ड मशीन में फंस गया। तभी आरोपी जितेंद्र रामदेव पाल ने कथित तौर पर छिपाए गए वॉकी-टॉकी के माध्यम से उनसे संपर्क किया।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आरोपी ने महिला को बताया कि उनका कार्ड एटीएम में फंस गया है और अगले दिन तकनीकी कर्मचारी आकर कार्ड निकालकर उन्हें वापस कर देगा। उसने महिला को कथित तौर पर एटीएम का पिन दर्ज करने और अपने संपर्क विवरण छोड़ने के लिए कहा। आरोपी ने इसी जानकारी का इस्तेमाल कर महिला के खाते से करीब 2.9 लाख रुपये निकाल लिए।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;ठगी का पता चलने के बाद मामले की शिकायत पुलिस से की गई। बोईसर पुलिस ने जांच के दौरान जितेंद्र रामदेव पाल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से करीब 2.6 लाख रुपये की रकम और एक वॉकी-टॉकी बरामद किया है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने एटीएम बूथ में वॉकी-टॉकी कैसे छिपाया था और क्या वह पहले भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम दे चुका है। जांच में आरोपी के अन्य संभावित साथियों और इसी तरीके से की गई दूसरी ठगी की घटनाओं का भी पता लगाया जा रहा है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;एटीएम इस्तेमाल करते समय बरतें सावधानी&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;बैंक ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि एटीएम कार्ड फंसने की स्थिति में किसी अनजान व्यक्ति को अपना पिन या अन्य बैंकिंग जानकारी न दें। एटीएम मशीन पर दिए गए आधिकारिक बैंक हेल्पलाइन नंबर पर ही संपर्क करें। बैंक कर्मचारी होने का दावा करने वाले किसी व्यक्ति के कहने पर भी अपना PIN, OTP या कार्ड संबंधी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।&lt;/div&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/09/atm-fraud.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-7974484281433332011</guid><pubDate>Thu, 24 Sep 2026 02:12:58 +0000</pubDate><atom:updated>2026-09-24T07:43:06.916+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">महानगर और आसपास</category><title>साहिल का गर्लफ्रेंड को आखिरी काल। मुझसे गलती हो गई।</title><description>&lt;h1&gt;आईआईटी बॉम्बे सुसाइड मामला: आखिरी कॉल में साहिल ने कहा- ‘मुझसे गलती हो गई’&lt;/h1&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मुंबई।&lt;/strong&gt; आईआईटी बॉम्बे के पवई परिसर में बीटेक के दूसरे वर्ष के छात्र &lt;strong&gt;साहिल वाकोडे&lt;/strong&gt; की मौत के मामले में एक अहम जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि घटना से पहले साहिल ने अपनी गर्लफ्रेंड को फोन किया था। बातचीत के दौरान उसने कथित तौर पर कहा, &lt;strong&gt;“मुझसे गलती हो गई।”&lt;/strong&gt; इसके बाद उसने थर्मोडायनामिक्स का पेपर अच्छा नहीं जाने और अपनी मौजूदा स्थिति को लेकर चिंता जताई।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;
  &lt;a href="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEg5ow2p4n075eJQ0u6qbFJizz-ZuMhoj2uNvryR56PsJdbH5vQIuEk30SOocNbKjBRajHjEtplR-AmXy19WceFehadttl8Ut-enTdTYK5lOEdOOgRrh2QUnW1xvBpGeKB2an_bgZ2mXrPw8aH9ASYsciQksqCA2gJ9TFBFNzFRQsuZMN46aT0EmdUEO5EQ" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;
    &lt;img border="0"   src="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEg5ow2p4n075eJQ0u6qbFJizz-ZuMhoj2uNvryR56PsJdbH5vQIuEk30SOocNbKjBRajHjEtplR-AmXy19WceFehadttl8Ut-enTdTYK5lOEdOOgRrh2QUnW1xvBpGeKB2an_bgZ2mXrPw8aH9ASYsciQksqCA2gJ9TFBFNzFRQsuZMN46aT0EmdUEO5EQ" width="400"&gt;
  &lt;/a&gt;
&lt;/div&gt;&lt;br&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;पेपर खराब जाने की बात कही&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;जानकारी के अनुसार, साहिल ने फोन पर अपनी गर्लफ्रेंड से कहा कि &lt;strong&gt;थर्मोडायनामिक्स का पेपर अच्छा नहीं गया&lt;/strong&gt; और इसके बाद स्थिति बिगड़ गई है। उसकी बातों से वह काफी परेशान दिखाई दे रहा था। साहिल की गर्लफ्रेंड ने उसे शांत रहने और तनाव नहीं लेने की सलाह दी थी।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;घटना से जुड़े लोगों के मुताबिक, इस बातचीत को मामले की जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस पूरे घटनाक्रम, छात्र की मानसिक स्थिति से जुड़े उपलब्ध संकेतों और परीक्षा से संबंधित परिस्थितियों की जांच कर रही है।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;परीक्षा में नकल के आरोप के बाद तनाव&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;साहिल से जुड़ा यह मामला उस परीक्षा से भी जुड़ा है, जिसमें कथित तौर पर उसने उत्तर तैयार करने के लिए &lt;strong&gt;ChatGPT का इस्तेमाल किया था&lt;/strong&gt;। परीक्षा के दौरान उसे कथित रूप से अनुचित साधनों का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। इसके बाद परीक्षा से संबंधित कार्रवाई का सामना करना पड़ा।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;मामले में परीक्षा लेने वाले प्रोफेसर की भूमिका और परीक्षा के दौरान हुई पूरी घटना को लेकर भी संस्थान स्तर पर चर्चा और जांच जारी है। इससे पहले सामने आई जानकारी के अनुसार, साहिल ने 18 सितंबर को आत्महत्या की थी।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;परिवार और संस्थान के लिए गंभीर सवाल&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;इस घटना ने उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों पर परीक्षा और अकादमिक दबाव को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा में असफलता, अनुशासनात्मक कार्रवाई या खराब प्रदर्शन जैसी परिस्थितियों में छात्रों को तत्काल भावनात्मक और संस्थागत सहायता उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;पुलिस और संस्थान की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि साहिल की मौत के पीछे किन परिस्थितियों की कितनी भूमिका थी। फिलहाल उसके आखिरी फोन कॉल और परीक्षा से जुड़ी घटनाओं को जांच के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।&lt;/p&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/09/blog-post_227.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" height="72" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEg5ow2p4n075eJQ0u6qbFJizz-ZuMhoj2uNvryR56PsJdbH5vQIuEk30SOocNbKjBRajHjEtplR-AmXy19WceFehadttl8Ut-enTdTYK5lOEdOOgRrh2QUnW1xvBpGeKB2an_bgZ2mXrPw8aH9ASYsciQksqCA2gJ9TFBFNzFRQsuZMN46aT0EmdUEO5EQ=s72-c" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-2747034254191156428</guid><pubDate>Thu, 24 Sep 2026 02:03:47 +0000</pubDate><atom:updated>2026-09-24T07:35:14.323+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">प्रशासनिक</category><title>बढ़ेगा मनोरंजन कर, ५७०% तक बढ़ाने की तैयारी में मुंबई मनपा </title><description>&lt;h1&gt;मुंबई में मनोरंजन कर बढ़ाने की तैयारी, गैर-मराठी और गैर-गुजराती फिल्मों-शोज पर 570% तक बढ़ सकता है टैक्स&lt;/h1&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मुंबई।&lt;/strong&gt; मुंबई में फिल्मों, शो और थिएटर में होने वाली प्रस्तुतियों को देखने वाले दर्शकों पर मनोरंजन कर का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) गैर-मराठी और गैर-गुजराती भाषाओं में होने वाली फिल्मों, कार्यक्रमों और परफॉर्मिंग आर्ट्स पर मनोरंजन कर में भारी बढ़ोतरी करने की तैयारी में है। प्रस्तावित बदलावों के तहत कुछ श्रेणियों में मनोरंजन कर में करीब &lt;strong&gt;570 प्रतिशत तक की वृद्धि&lt;/strong&gt; हो सकती है। हालांकि, प्रस्ताव को अभी मंजूरी की प्रक्रिया से गुजरना है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;
  &lt;a href="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEg4hTb4USqirYv-6AvtjDAiuPhpgCClv5Ut-QHD0d00rKHL5il38xfNmwb18C7Bjiab3LhG_Tm5Zqrk0py8MZQSh6hnrn9U5Vwt-n60CypRvB2EqTUb3q7_H9jmLSpXlazt-pZJ6lGgmNjGbl7bfa1LX0sRlGFOvY5eOIt9LCuiidI50rapKzFKUUVzpMA" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;
    &lt;img border="0"   src="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEg4hTb4USqirYv-6AvtjDAiuPhpgCClv5Ut-QHD0d00rKHL5il38xfNmwb18C7Bjiab3LhG_Tm5Zqrk0py8MZQSh6hnrn9U5Vwt-n60CypRvB2EqTUb3q7_H9jmLSpXlazt-pZJ6lGgmNjGbl7bfa1LX0sRlGFOvY5eOIt9LCuiidI50rapKzFKUUVzpMA" width="400"&gt;
  &lt;/a&gt;
&lt;/div&gt;&lt;br&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;गैर-मराठी और गैर-गुजराती कार्यक्रमों पर विशेष प्रभाव&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;प्रस्तावित व्यवस्था का असर मुख्य रूप से गैर-मराठी और गैर-गुजराती भाषाओं की फिल्मों, थिएटर शो तथा अन्य मनोरंजन कार्यक्रमों पर पड़ने की बात सामने आ रही है। इसके तहत सिनेमाघरों और कार्यक्रम स्थलों में टिकट पर लगने वाले मनोरंजन कर की दरों में उल्लेखनीय बदलाव किया जा सकता है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;प्रस्ताव के अनुसार &lt;strong&gt;गैर-एसी हॉल में मौजूदा करीब 50 रुपये के मनोरंजन कर को बढ़ाकर 200 रुपये तक&lt;/strong&gt; किया जा सकता है। वहीं &lt;strong&gt;एसी हॉल में यह कर 400 रुपये तक पहुंच सकता है&lt;/strong&gt;। इस तरह टिकट की मूल कीमत के अलावा दर्शकों को कर के रूप में काफी अधिक राशि चुकानी पड़ सकती है।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;परफॉर्मिंग आर्ट्स पर भी बढ़ेगा बोझ&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;थिएटर, लाइव शो और अन्य परफॉर्मिंग आर्ट्स कार्यक्रमों को भी प्रस्तावित बढ़ोतरी के दायरे में रखा गया है। ऐसी प्रस्तुतियों पर मनोरंजन कर &lt;strong&gt;50 रुपये से बढ़ाकर करीब 100 रुपये&lt;/strong&gt; किए जाने का प्रस्ताव बताया जा रहा है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;यदि प्रस्तावित दरें लागू होती हैं तो विशेष रूप से परिवार के साथ फिल्म या थिएटर देखने जाने वाले दर्शकों का कुल खर्च बढ़ सकता है। टिकट की कीमत के साथ मनोरंजन कर और अन्य शुल्क जुड़ने से अंतिम भुगतान राशि में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;मनोरंजन उद्योग पर भी पड़ सकता है असर&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;फिल्म और थिएटर उद्योग से जुड़े लोगों के लिए भी यह प्रस्ताव चिंता का विषय बन सकता है। टिकट की अंतिम कीमत बढ़ने से दर्शकों की संख्या और शो की ऑक्यूपेंसी पर संभावित असर को लेकर सवाल उठ सकते हैं। खासकर छोटे थिएटर, स्वतंत्र नाट्य समूह और सीमित बजट वाली प्रस्तुतियों के लिए बढ़ा हुआ कर अतिरिक्त वित्तीय दबाव पैदा कर सकता है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;दूसरी ओर, प्रस्ताव के समर्थकों की ओर से इसे महानगरपालिका के राजस्व में वृद्धि के उपाय के तौर पर देखा जा सकता है। हालांकि, कर बढ़ोतरी का अंतिम प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि प्रस्तावित दरें किस रूप में मंजूर होती हैं और इन्हें लागू करने के लिए क्या नियम तय किए जाते हैं।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;दर्शकों की जेब पर सीधा असर&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;मनोरंजन कर में इतनी बड़ी वृद्धि का सबसे प्रत्यक्ष असर दर्शकों की जेब पर पड़ सकता है। यदि टिकट की मूल कीमत में कोई बदलाव नहीं भी होता है, तब भी कर में वृद्धि के कारण &lt;strong&gt;फिल्म, थिएटर और लाइव कार्यक्रम देखने की कुल लागत बढ़ जाएगी।&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;मुंबई जैसे शहर में जहां मनोरंजन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोग हिस्सा लेते हैं, वहां कर में प्रस्तावित वृद्धि को लेकर दर्शकों और मनोरंजन क्षेत्र के बीच चर्चा तेज होने की संभावना है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;फिलहाल यह प्रस्ताव &lt;strong&gt;मंजूरी की प्रक्रिया में है&lt;/strong&gt; और अंतिम दरें तथा लागू होने की तारीख संबंधित मंजूरियों के बाद ही स्पष्ट होंगी। मंजूरी मिलने के बाद ही यह भी स्पष्ट होगा कि अलग-अलग श्रेणियों के सिनेमाघरों, फिल्मों और परफॉर्मिंग आर्ट्स कार्यक्रमों पर कर किस प्रकार लागू किया जाएगा।&lt;/p&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/09/blog-post_24.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" height="72" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEg4hTb4USqirYv-6AvtjDAiuPhpgCClv5Ut-QHD0d00rKHL5il38xfNmwb18C7Bjiab3LhG_Tm5Zqrk0py8MZQSh6hnrn9U5Vwt-n60CypRvB2EqTUb3q7_H9jmLSpXlazt-pZJ6lGgmNjGbl7bfa1LX0sRlGFOvY5eOIt9LCuiidI50rapKzFKUUVzpMA=s72-c" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-7973802439613443760</guid><pubDate>Mon, 21 Sep 2026 16:56:40 +0000</pubDate><atom:updated>2026-09-21T22:31:43.633+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">महानगर और आसपास</category><title>IIT बॉम्बे में घमासान/  प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला को डीन के पद से हटाया गया। आत्महत्या के लिए उकसाने , जातिगत भेदभाव के आरोप, साहिल के माता पिता ने दर्ज कराई प्राथमिकी।</title><description>&lt;h3&gt;IIT बॉम्बे में छात्र आत्महत्या मामले में प्रो. सूर्यनारायण दुल्ला पर FIR&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ChatGPT से उत्तर तैयार कर परीक्षा में लिखने का आरोप; प्रोफेसर ने पकड़ा तो परीक्षा जारी रखने की अनुमति नहीं दी — प्रशासनिक डीन पद से निलंबन की जानकारी, प्रोफेसर पद पर कार्रवाई अभी स्पष्ट नहीं&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मुंबई।&lt;/strong&gt; IIT बॉम्बे में 20 वर्षीय बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र &lt;strong&gt;साहिल&lt;/strong&gt;, जो महाराष्ट्र के यवतमाल का रहने वाला बताया जा रहा है, की आत्महत्या के प्रयास के मामले ने संस्थान में गंभीर विवाद खड़ा कर दिया है। घटना &lt;strong&gt;18 सितंबर&lt;/strong&gt; की बताई जा रही है। मामले में IIT बॉम्बे के प्रोफेसर &lt;strong&gt;सूर्यनारायण दुल्ला&lt;/strong&gt; के खिलाफ छात्र के परिवार की शिकायत के आधार पर &lt;strong&gt;आत्महत्या के लिए उकसाने और जातिगत भेदभाव&lt;/strong&gt; से संबंधित आरोपों के तहत FIR दर्ज की गई है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;
  &lt;a href="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEhCxfIA0McO5ui92CfFde3uk5-UWjo7ItHdzDUDTYuWeKKz22ac2Gvu77QYfDGyaO246vdibUf7TmsP3JxHGHNGuNKJevJNjfFrAhdrY2zR69vDzbRASSSx43ub5X5dbOOXsWhdcW2ER9b72kxCmAFaMoTTC2yLJGA3IuNBrOjf1zYqaGQZfagx6mpiYFs" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;
    &lt;img border="0"   src="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEhCxfIA0McO5ui92CfFde3uk5-UWjo7ItHdzDUDTYuWeKKz22ac2Gvu77QYfDGyaO246vdibUf7TmsP3JxHGHNGuNKJevJNjfFrAhdrY2zR69vDzbRASSSx43ub5X5dbOOXsWhdcW2ER9b72kxCmAFaMoTTC2yLJGA3IuNBrOjf1zYqaGQZfagx6mpiYFs" width="400"&gt;
  &lt;/a&gt;
&lt;/div&gt;&lt;br&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;घटना के केंद्र में परीक्षा के दौरान &lt;strong&gt;ChatGPT के कथित इस्तेमाल&lt;/strong&gt; का मामला है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, साहिल परीक्षा के दौरान ChatGPT की मदद से उत्तर तैयार कर उन्हें परीक्षा में लिख रहा था। उस समय &lt;strong&gt;प्रो. दुल्ला परीक्षा के परीक्षक (Examiner)&lt;/strong&gt; थे। उन्होंने कथित तौर पर छात्र को ChatGPT के जरिए उत्तर तैयार करते और उसकी नकल करते हुए पकड़ा तथा उसे परीक्षा आगे जारी रखने की अनुमति नहीं दी और परीक्षा कक्ष से बाहर जाने का निर्देश दिया।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;इसके बाद 18 सितंबर को छात्र द्वारा आत्महत्या का प्रयास किए जाने की जानकारी सामने आई। घटना के बाद छात्र के परिजनों ने प्रो. दुल्ला पर अपने बेटे के साथ &lt;strong&gt;कथित जातिगत भेदभाव&lt;/strong&gt; करने तथा उसके खिलाफ ऐसा व्यवहार करने का आरोप लगाया, जिसे उन्होंने आत्महत्या के लिए उकसाने से जोड़ा है। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;प्रशासनिक डीन पद से हटाए जाने की जानकारी&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;इस बीच IIT बॉम्बे के निदेशक &lt;strong&gt;शिरीष केदारे&lt;/strong&gt; की ओर से प्रदर्शन कर रहे छात्रों को ई-मेल किए जाने की जानकारी सामने आई है। ई-मेल में प्रो. सूर्यनारायण दुल्ला को &lt;strong&gt;Administration Head/Dean (Administrative Affairs)&lt;/strong&gt; की जिम्मेदारी से निलंबित किए जाने की बात कही गई है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;हालांकि, &lt;strong&gt;प्रोफेसर के रूप में उनकी शैक्षणिक/फैकल्टी जिम्मेदारियों से भी निलंबन हुआ है या नहीं, यह स्थिति फिलहाल स्पष्ट नहीं है।&lt;/strong&gt; इसलिए प्रशासनिक पद से हटाए जाने और प्रोफेसर के पद से निलंबन को एक ही कार्रवाई मानना उचित नहीं होगा।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;छात्रों का प्रदर्शन और कैंपस में आक्रोश&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;घटना के बाद IIT बॉम्बे परिसर में छात्रों के बीच आक्रोश देखने को मिला और छात्र प्रदर्शन भी कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच, छात्र की शिकायतों पर कार्रवाई और संस्थान में जातिगत भेदभाव की शिकायतों के लिए प्रभावी व्यवस्था की मांग की जा रही है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;दूसरी ओर, परीक्षा में ChatGPT का इस्तेमाल और परीक्षा नियमों का उल्लंघन भी इस पूरे घटनाक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा है। शैक्षणिक संस्थानों में बिना अनुमति AI टूल का इस्तेमाल परीक्षा की शुचिता और अकादमिक अनुशासन से जुड़ा मुद्दा है।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;आरोपों की जांच के बाद ही तय होगी जिम्मेदारी&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि &lt;strong&gt;परीक्षा में ChatGPT के कथित इस्तेमाल, छात्र को परीक्षा से रोकने और उसके बाद आत्महत्या के प्रयास के बीच कानूनी रूप से कोई सीधा कारण-सम्बंध था या नहीं, यह जांच का विषय है।&lt;/strong&gt; इसी तरह छात्र के परिवार द्वारा लगाए गए जातिगत भेदभाव के आरोपों की भी जांच आवश्यक है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;प्रो. दुल्ला के खिलाफ FIR दर्ज होना &lt;strong&gt;दोष सिद्ध होने के बराबर नहीं है&lt;/strong&gt;। पुलिस जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपों की पुष्टि अथवा खंडन होगा।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;यह मामला एक साथ &lt;strong&gt;अकादमिक अनुशासन, परीक्षा में AI/ChatGPT के इस्तेमाल, छात्रों की शिकायतों, जातिगत भेदभाव के आरोप और संस्थानों में छात्र कल्याण एवं मानसिक सुरक्षा&lt;/strong&gt; जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को सामने लाता है।&lt;/p&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/09/iit.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" height="72" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEhCxfIA0McO5ui92CfFde3uk5-UWjo7ItHdzDUDTYuWeKKz22ac2Gvu77QYfDGyaO246vdibUf7TmsP3JxHGHNGuNKJevJNjfFrAhdrY2zR69vDzbRASSSx43ub5X5dbOOXsWhdcW2ER9b72kxCmAFaMoTTC2yLJGA3IuNBrOjf1zYqaGQZfagx6mpiYFs=s72-c" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-7163550735446712388</guid><pubDate>Mon, 21 Sep 2026 16:39:32 +0000</pubDate><atom:updated>2026-09-21T22:09:34.291+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">आध्यात्मिक</category><title>परिवर्तिनी एकादशी </title><description>&#127802; परिवर्तिनी एकादशी व्रत 2026 &#127802;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मंगलवार, 22 सितंबर 2026&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;एकादशी तिथि:&lt;/div&gt;&lt;div&gt;21 सितंबर रात 8:01 बजे से&lt;/div&gt;&lt;div&gt;22 सितंबर रात 9:43 बजे तक&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;उदया तिथि के अनुसार व्रत:&lt;/div&gt;&lt;div&gt;22 सितंबर, मंगलवार&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;ब्रह्म मुहूर्त:&lt;/div&gt;&lt;div&gt;प्रातः 4:35 से 5:22 बजे तक&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;भगवान श्रीहरि की पूजा का शुभ समय:&lt;/div&gt;&lt;div&gt;प्रातः 9:11 बजे से दोपहर 1:45 बजे तक&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;व्रत पारण:&lt;/div&gt;&lt;div&gt;23 सितंबर 2026 को&lt;/div&gt;&lt;div&gt;प्रातः 6:30 बजे के बाद&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;विशेष: इस दिन भगवान विष्णु के वामन स्वरूप की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। संतान सुख एवं आर्थिक समृद्धि की कामना से भी यह व्रत किया जाता है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आचार्य अजय मिश्र,&lt;/div&gt;&lt;div&gt;(मुख्य पुजारी: विहिप संचालित समर्थ हनुमान टेकड़ी सिद्धपीठ, सायन, मुंबई )&lt;/div&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/09/blog-post_21.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-4368904596784129422</guid><pubDate>Sun, 20 Sep 2026 17:26:46 +0000</pubDate><atom:updated>2026-09-20T22:56:55.096+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">राजनीतिक</category><title>महाराष्ट्र के मंत्री की भतीजी स्वीडन से सांसद </title><description>स्वीडन में जन्मी नीला विखे पाटिल ने अपने जीवन के शुरुआती साल महाराष्ट्र के अहमदनगर में बिताए।&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&amp;nbsp;वह एशिया की पहली सहकारी चीनी फैक्ट्री के संस्थापक विठ्ठलराव विखे पाटिल की परपोती और दिवंगत केंद्रीय मंत्री बालासाहेब विखे पाटिल की पोती हैं।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;
  &lt;a href="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEidxlXPtR6rQHjCge6X5hLN9FvMFNtgVIDFibLIwFewCKrNAeIXDjfM_No8--nNpdyTW4j_UVaCN5gf5aBD1Nf_dv8ylrZhE1qTwpsfDEMOdJXZ3BvwQhkx7npvOeS2pTHH7Kqj5X0EPDQt0AV0zvOa8-Y7GSXF0mFZJxa3VvDz5uWm4cjq1O87jLw1bDE" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;
    &lt;img border="0"   src="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEidxlXPtR6rQHjCge6X5hLN9FvMFNtgVIDFibLIwFewCKrNAeIXDjfM_No8--nNpdyTW4j_UVaCN5gf5aBD1Nf_dv8ylrZhE1qTwpsfDEMOdJXZ3BvwQhkx7npvOeS2pTHH7Kqj5X0EPDQt0AV0zvOa8-Y7GSXF0mFZJxa3VvDz5uWm4cjq1O87jLw1bDE" width="400"&gt;
  &lt;/a&gt;
&lt;/div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&amp;nbsp;नीला विखे महाराष्ट्र भाजपा के नेता और मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल की भतीजी हैं। उन्होंने गोथेनबर्ग स्कूल ऑफ बिजनेस से अर्थशास्त्र और कानून में स्नातक और एमबीए की डिग्री हासिल की है। उन्होंने मैड्रिड के कॉम्प्लूटेंस विश्वविद्यालय से भी एमबीए किया है।&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;div&gt;१३ सितम्बर को हुए राष्ट्रीय चुनाव में स्वीडन में स्टॉकहोम शहर से नीला विखे पाटिल, ४१ वर्षीया को ग्रीन पार्टी से सांसद चुना गया है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;स्वीडन में ३४९ सांसदों वाली संसद का हिस्सा बनने के साथ उन्होंने नया अध्याय रचा है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;महाराष्ट्र में शिक्षा विद रहे अशोक विखे पाटिल की वह बेटी हैं और महाराष्ट्र में मंत्री राधा कृष्ण विखे पाटिल की भतीजी हैं।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;उन्होंने इससे पहले स्वीडिश प्रधानमंत्री के लिए राजनीतिक सलाहकार के रूप में काम भी किया है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;वह विश्व की अग्रणी ऑडिट फर्म PWC ( प्राइस वाटरहाउस कूपर्स ) में कार्यरत हैं।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पिछले वर्ष वह सार्वजनिक लेखाकार भी बनी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/09/blog-post_780.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" height="72" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEidxlXPtR6rQHjCge6X5hLN9FvMFNtgVIDFibLIwFewCKrNAeIXDjfM_No8--nNpdyTW4j_UVaCN5gf5aBD1Nf_dv8ylrZhE1qTwpsfDEMOdJXZ3BvwQhkx7npvOeS2pTHH7Kqj5X0EPDQt0AV0zvOa8-Y7GSXF0mFZJxa3VvDz5uWm4cjq1O87jLw1bDE=s72-c" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-4777616577951636875</guid><pubDate>Sun, 20 Sep 2026 10:05:32 +0000</pubDate><atom:updated>2026-09-20T15:35:33.820+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">महानगर और आसपास</category><title>लालबाग में गणपति पंडाल के पास करंट लगने से आठ वर्षीय बच्ची समेत दो की मौत, कई घायल</title><description>&lt;div&gt;&lt;b&gt;लालबाग में गणपति पंडाल के पास करंट लगने से आठ वर्षीय बच्ची समेत दो की मौत, कई घायल&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;b&gt;&lt;i&gt;मुंबई&lt;/i&gt;&lt;/b&gt; : गणेशोत्सव के दौरान मुंबई के लालबाग इलाके में रविवार तड़के एक दर्दनाक हादसे में आठ वर्षीय बच्ची समेत दो लोगों की करंट लगने से मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना ऐसे समय हुई जब गणपति उत्सव के चलते लालबाग और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ मौजूद थी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;जानकारी के मुताबिक, हादसा रविवार तड़के करीब 2:20 बजे कालाचौकी स्थित दत्ताराम लाड मार्ग पर कालाचौकी विभाग सार्वजनिक उत्सव मंडल के गणपति पंडाल के पास हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पंडाल के आसपास मौजूद लोगों के करंट की चपेट में आने से यह हादसा हुआ।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;b&gt;भीड़ के बीच मची अफरा-तफरी&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;हादसा रात के उस समय हुआ जब लालबाग क्षेत्र में गणपति दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे थे। अचानक करंट लगने की घटना के बाद मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। आसपास मौजूद लोगों और आयोजकों ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;घटना में एक आठ वर्षीय बच्ची और एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई। कई घायलों का अस्पताल में उपचार चल रहा है। मृतकों और घायलों की विस्तृत पहचान तथा उनकी उम्र की आधिकारिक जानकारी संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद स्पष्ट होगी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;b&gt;बिजली सुरक्षा पर उठे सवाल&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;गणपति उत्सव के दौरान मुंबई के लालबाग, परेल, कालाचौकी और आसपास के इलाकों में लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में पंडालों, बिजली के तारों, लाइटिंग और अस्थायी विद्युत कनेक्शनों की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;हादसे के बाद बिजली व्यवस्था और सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। संबंधित एजेंसियों द्वारा यह जांच की जा रही है कि करंट का स्रोत क्या था और विद्युत सुरक्षा में कहीं कोई लापरवाही हुई थी या नहीं।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;b&gt;जांच शुरू:&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और संबंधित आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने घटना की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है। यह भी जांच का विषय है कि पंडाल के आसपास विद्युत व्यवस्था किस प्रकार की गई थी और क्या सभी निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;गणेशोत्सव के बीच हुई इस घटना ने मुंबई के बड़े सार्वजनिक धार्मिक आयोजनों में बिजली और भीड़ प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। अधिकारियों की जांच के बाद हादसे के वास्तविक कारण और जिम्मेदारी की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।&lt;/div&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/09/blog-post_417.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-8804775248799578895</guid><pubDate>Sun, 20 Sep 2026 08:29:10 +0000</pubDate><atom:updated>2026-09-20T13:59:21.001+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">राष्ट्रीय</category><title>भारत 2030 तक 350 किमी प्रति घंटे रफ्तार वाली बुलेट ट्रेन स्वनिर्मित करेगा/ जापान को छोड़ेगा पीछे।</title><description>&lt;h3&gt;350 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी स्वदेशी बुलेट ट्रेन!&lt;/h3&gt;
&lt;h4&gt;2030 तक भारत की हाई-स्पीड रेल तकनीक में बड़ी छलांग, मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर बनेगा आधार&lt;/h4&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मुंबई।&lt;/strong&gt; भारत हाई-स्पीड रेल के क्षेत्र में अपनी तकनीकी क्षमता को नई ऊंचाई देने की तैयारी में है। देश में करीब &lt;strong&gt;350 किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन गति&lt;/strong&gt; वाली स्वदेशी बुलेट ट्रेन विकसित करने की दिशा में काम तेज किया जा रहा है। प्रस्तावित स्वदेशी ट्रेन का विकास &lt;strong&gt;मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (MAHSR) कॉरिडोर&lt;/strong&gt; से जुड़ा है और लक्ष्य 2030 के आसपास भारतीय तकनीक से निर्मित हाई-स्पीड ट्रेन संचालन की दिशा में आगे बढ़ना है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;इस परियोजना से भारत का उद्देश्य केवल तेज रफ्तार ट्रेन तैयार करना नहीं, बल्कि हाई-स्पीड रेल के लिए &lt;strong&gt;ट्रेनसेट, नियंत्रण प्रणाली, सिग्नलिंग और अन्य महत्वपूर्ण तकनीकों में घरेलू क्षमता विकसित करना&lt;/strong&gt; भी है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;
  &lt;a href="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEgKLWM02TutJGYmsVRlGOXLP28iD9arLJkRNQFLH8jMT7PwC4dFCwQniJ_qfjJIaT8BgXSwd8U1lR-4TMhGooUNx1rSftUTt2bVlKEdBijQhQfi0T-PsmVjCJAJdDK8jyXKxzdzbGP4Fl_ED3flnQbtAGNJ-OpOcvvC2O-r3sH3DjSAuHudmR6YTIgyxXs" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;
    &lt;img border="0"   src="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEgKLWM02TutJGYmsVRlGOXLP28iD9arLJkRNQFLH8jMT7PwC4dFCwQniJ_qfjJIaT8BgXSwd8U1lR-4TMhGooUNx1rSftUTt2bVlKEdBijQhQfi0T-PsmVjCJAJdDK8jyXKxzdzbGP4Fl_ED3flnQbtAGNJ-OpOcvvC2O-r3sH3DjSAuHudmR6YTIgyxXs" width="400"&gt;
  &lt;/a&gt;
&lt;/div&gt;&lt;br&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;BEML तैयार कर रहा ट्रेनसेट&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) को स्वदेशी हाई-स्पीड ट्रेनसेट के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है। शुरुआती चरण में स्वदेशी ट्रेनसेट विकसित करने की योजना है, जिसके बाद तकनीक और उत्पादन क्षमता को आगे बढ़ाया जा सकता है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;प्रस्तावित ट्रेन की गति भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क की तुलना में कई गुना अधिक होगी। हाई-स्पीड संचालन के लिए केवल ट्रेन की क्षमता ही नहीं, बल्कि ट्रैक, बिजली आपूर्ति, सिग्नलिंग, सुरक्षा और नियंत्रण प्रणाली का भी अंतरराष्ट्रीय स्तर का होना जरूरी होगा।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;स्वदेशी कंट्रोल सिस्टम पर भी जोर&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;हाई-स्पीड रेल परियोजना में भारत &lt;strong&gt;स्वदेशी ट्रेन कंट्रोल और संचालन प्रणाली&lt;/strong&gt; विकसित करने पर भी जोर दे रहा है। इसका उद्देश्य ट्रेन की गति, ब्रेकिंग, सिग्नलिंग और सुरक्षित संचालन को एकीकृत तरीके से नियंत्रित करना है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;स्वदेशी नियंत्रण प्रणाली विकसित होने से भविष्य में भारत को हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं के लिए विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;जापान की बुलेट ट्रेन तकनीक से मुकाबले की तैयारी&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;भारत की प्रस्तावित स्वदेशी हाई-स्पीड ट्रेन को जापान की &lt;strong&gt;Shinkansen&lt;/strong&gt; तकनीक के साथ तुलना में देखा जा रहा है। जापान की बुलेट ट्रेनें लंबे समय से अपनी तेज गति, सुरक्षा और समय की पाबंदी के लिए जानी जाती हैं।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना में जापानी तकनीक और &lt;strong&gt;E5 सीरीज जैसी हाई-स्पीड ट्रेन तकनीक&lt;/strong&gt; का अनुभव भारत के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी आधार तैयार कर रहा है। इसी अनुभव के समानांतर स्वदेशी ट्रेन और प्रणालियां विकसित करने की कोशिश की जा रही है।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;₹2 लाख करोड़ के निवेश का दावा&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;परियोजना के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा करीब &lt;strong&gt;₹2 लाख करोड़ के फंड/निवेश&lt;/strong&gt; को मंजूरी दिए जाने की खबर है।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर बनेगा तकनीकी प्रयोगशाला&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर भारत में हाई-स्पीड रेल तकनीक के लिए सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक है। करीब &lt;strong&gt;508 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर&lt;/strong&gt; पर हाई-स्पीड रेल सेवा विकसित की जा रही है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;इस परियोजना के अनुभव से भारत को भविष्य में दिल्ली-वाराणसी, मुंबई-नागपुर और अन्य प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए तकनीकी क्षमता विकसित करने में मदद मिल सकती है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;स्वदेशी ट्रेनसेट के साथ स्वदेशी नियंत्रण प्रणाली और हाई-स्पीड रेल से जुड़े उपकरणों का विकास सफल होता है तो यह भारतीय रेलवे के लिए केवल एक नई ट्रेन नहीं, बल्कि हाई-स्पीड रेल की पूरी घरेलू तकनीकी क्षमता विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/09/2030-350.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" height="72" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEgKLWM02TutJGYmsVRlGOXLP28iD9arLJkRNQFLH8jMT7PwC4dFCwQniJ_qfjJIaT8BgXSwd8U1lR-4TMhGooUNx1rSftUTt2bVlKEdBijQhQfi0T-PsmVjCJAJdDK8jyXKxzdzbGP4Fl_ED3flnQbtAGNJ-OpOcvvC2O-r3sH3DjSAuHudmR6YTIgyxXs=s72-c" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-8188012574843819090</guid><pubDate>Sun, 20 Sep 2026 08:18:42 +0000</pubDate><atom:updated>2026-09-20T13:48:54.503+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">महानगर और आसपास</category><title>ब्लैक बीएमडब्लू  कोस्टल रोड डिवाइडर हिट/ ३ की मौत, १ गंभीर हालत में उपचार जारी। मरीन ड्राइव से हाजी अली की ओर जा रही थी गाड़ी</title><description>&lt;h3&gt;मरीन ड्राइव से हाजी अली जा रही BMW लोटस जेट्टी के पास दुर्घटनाग्रस्त, तीन युवकों की मौत; एक गंभीर&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मुंबई, 20 सितंबर।&lt;/strong&gt; दक्षिण मुंबई में रविवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक काली BMW कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसा सुबह करीब &lt;strong&gt;5.20 बजे लोटस जेट्टी के पास, लाला कॉलेज के सामने कोस्टल रोड पर&lt;/strong&gt; हुआ। बताया जा रहा है कि BMW में चार युवक सवार थे और वे &lt;strong&gt;मरीन ड्राइव से हाजी अली की ओर&lt;/strong&gt; जा रहे थे।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;हादसे में &lt;strong&gt;संजय गुजर (21), आदित्य जक्शनिया (19) और धैर्य शेठ (17)&lt;/strong&gt; की मौत हो गई। वहीं &lt;strong&gt;आदित्य ओसवाल (23)&lt;/strong&gt; गंभीर रूप से घायल हैं और उनका &lt;strong&gt;नायर अस्पताल में उपचार जारी है।&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;
  &lt;a href="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEhZci7dPfHREbAeH8wWUMt6PSApViS7CPqcVw2fNF28LGXblBQLqQCnnobD548PEvVm6colPxRhlOeeSuBQ2Aah72tMgY8lm7GlygMkJYo2DKyI8pefFUY5chixoLQRcA8RTasVi244RY0bDV7-18USoFBZIQRMw-9xrEMZrmWcG63942kpGhsfi7sLaQ8" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;
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  &lt;/a&gt;
&lt;/div&gt;&lt;br&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;तीन युवकों की मौत&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और आपातकालीन सेवाएं घटनास्थल पर पहुंचीं। चारों युवकों को उपचार के लिए नायर अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने तीन युवकों—संजय गुजर, आदित्य जक्शनिया और धैर्य शेठ—को मृत घोषित कर दिया। आदित्य ओसवाल की हालत गंभीर बताई जा रही है।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;हादसे के कारणों की जांच&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;प्रारंभिक जानकारी के अनुसार BMW &lt;strong&gt;मरीन ड्राइव से हाजी अली की दिशा में&lt;/strong&gt; जा रही थी। लोटस जेट्टी के पास लाला कॉलेज के सामने वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुआ। हादसा किस कारण हुआ, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। हादसे से पहले वाहन की गति, चालक का नियंत्रण, सड़क की स्थिति और अन्य परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है। घटनास्थल के आसपास लगे &lt;strong&gt;सीसीटीवी कैमरों की फुटेज&lt;/strong&gt; से भी दुर्घटना की परिस्थितियों का पता लगाने की कोशिश की जा सकती है।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;मृतकों और घायल की पहचान&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;पुलिस के अनुसार हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान &lt;strong&gt;संजय गुजर (21), आदित्य जक्शनिया (19) और धैर्य शेठ (17)&lt;/strong&gt; के रूप में हुई है। वहीं &lt;strong&gt;23 वर्षीय आदित्य ओसवाल&lt;/strong&gt; का नायर अस्पताल में गंभीर हालत में इलाज चल रहा है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। हादसे की विस्तृत परिस्थितियां पुलिस जांच और उपलब्ध CCTV फुटेज के विश्लेषण के बाद स्पष्ट होंगी।&lt;/p&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/09/blog-post_20.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" height="72" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEhZci7dPfHREbAeH8wWUMt6PSApViS7CPqcVw2fNF28LGXblBQLqQCnnobD548PEvVm6colPxRhlOeeSuBQ2Aah72tMgY8lm7GlygMkJYo2DKyI8pefFUY5chixoLQRcA8RTasVi244RY0bDV7-18USoFBZIQRMw-9xrEMZrmWcG63942kpGhsfi7sLaQ8=s72-c" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-6948721925144425097</guid><pubDate>Sat, 19 Sep 2026 14:40:14 +0000</pubDate><atom:updated>2026-09-19T20:14:53.240+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">महानगर और आसपास</category><title>मातोश्री पहुंचे सतीश सालियन और वकील नीलेश ओझा, थमाया ५०० करोड़ का मानहानि का नोटिस, माफीनामा की मांग भी शामिल</title><description>दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर &lt;strong&gt;&lt;span&gt;&lt;span&gt;&lt;span&gt;&lt;span&gt;&lt;span&gt;दिशा सालियान&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt; की मौत का मामला एक बार फिर गरमा गया है। दिशा, दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मैनेजर थी।&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;दिशा सालियान के पिता &lt;strong&gt;सतीश सालियान&lt;/strong&gt; अपने कानूनी सलाहकार &lt;strong&gt;एडवोकेट नीलेश ओझा&lt;/strong&gt; के साथ शनिवार को उद्धव ठाकरे के निजी आवास &lt;strong&gt;&lt;span&gt;'&lt;u&gt;&lt;span role="button"&gt;&lt;span&gt;मातोश्री&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/u&gt;'&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt; पहुंचे।&amp;nbsp;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;वहां उन्होंने शिवसेना (UBT) नेता &lt;strong&gt;&lt;span&gt;&lt;span&gt;&lt;span&gt;&lt;span&gt;&lt;span&gt;आदित्य ठाकरे&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt; को &lt;strong&gt;500 करोड़ रुपये का मानहानि का नोटिस&lt;/strong&gt; व्यक्तिगत रूप से सौंप दिया है। सतीश सालियान ने आदित्य ठाकरे और पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख द्वारा उनकी कानूनी लड़ाई को "राजनीति से प्रेरित" बताने वाले बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई है और सात दिनों के भीतर बिना शर्त सार्वजनिक माफी की मांग की है।&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;
  &lt;a href="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEgwTnXycyRpgnrjuHfAUP6EiSpUydeB3FRSUuGFuYxUlLBpjDVOAhpkQ7BCdiidHLkUwouN2UXSIVU0ncRf1CzYYpSAimAmDVnC2bnHBzxZX8GWAG93UYU14Ux9NXOG0T9i5oHlN9vhvqEO5IHEGo-r2LQpTDz16K3niIwST1wywrtQ6CLAnUaze1ebg4g" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;
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  &lt;/a&gt;
&lt;/div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें मातोश्री में अंदर जाने नहीं दिया गया इसलिए गेट पर सिक्योरिटी अधिकारियों को ही यह नोटिस सौंपी गई है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;div&gt;निलेश ओझा , एडवोकेट से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उन्हें धमकाया गया था कि उन्हें वकालत की प्रैक्टिस नहीं करने दिया जाएगा, इसलिए इसके जवाब में वह यहां नोटिस स्वयं देने आए और बता सके कि वह प्रैक्टिस कर रहे हैं।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;दिशा सालियन की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में ८ जून २०२० को मुंबई के मलाड स्थित उनके रिहायशी इमारत से कूदकर जान देने से हुई थी, जिस पर मालवणी पुलिस ने रिपोर्ट लगाई थी।&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;हाल ही में मुंबई उच्च न्यायालय के निर्देश पर केस सीबीआई को हस्तांतरित किया गया है , मालवणी पुलिस ने भी मामले से जुड़ी जानकारी सीबीआई को उपलब्ध कराई है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आदित्य ठाकरे ,वर्ली से शिवसेना यूबीटी के विधायक एवं पूर्व राज्य टूरिज्म मंत्री को भी इसमें आरोपी बनाया गया है, जिससे उन्होंने साफ इनकार किया है और यह भी कहा था कि दिशा के पिता सालियन की कानूनी लड़ाई व्यर्थ है।इसी से आहत होकर पिता सतीश ने मानहानि का दावा किया है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;सतीश सालियन ने कहा कि आम आदमी को कमजोर न समझे, उन्हें न्यायालय पर भरोसा है और उन्हें न्याय जरूर मिलेगा।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/09/blog-post_920.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" height="72" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEgwTnXycyRpgnrjuHfAUP6EiSpUydeB3FRSUuGFuYxUlLBpjDVOAhpkQ7BCdiidHLkUwouN2UXSIVU0ncRf1CzYYpSAimAmDVnC2bnHBzxZX8GWAG93UYU14Ux9NXOG0T9i5oHlN9vhvqEO5IHEGo-r2LQpTDz16K3niIwST1wywrtQ6CLAnUaze1ebg4g=s72-c" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-3765172277343595833</guid><pubDate>Sat, 19 Sep 2026 14:18:15 +0000</pubDate><atom:updated>2026-09-19T19:52:43.496+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">प्रशासनिक</category><title>मनपा का 1 अक्टूबर से विशेष अभियान/ वायु , धूल प्रदूषण रोकने की मुहिम</title><description>&lt;h3&gt;मानसून की विदाई के साथ धूल प्रदूषण पर बीएमसी की नजर&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;1 अक्टूबर से 15 दिन चलेगा विशेष अभियान, मुंबई की हवा खराब होने से रोकने पर जोर&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मुंबई।&lt;/strong&gt; मानसून की विदाई के साथ मुंबई में बढ़ने वाले धूल प्रदूषण और वायु गुणवत्ता में संभावित गिरावट को रोकने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) विशेष अभियान शुरू करने जा रही है। यह अभियान &lt;strong&gt;1 अक्टूबर से 15 दिनों तक&lt;/strong&gt; चलाया जाएगा। अभियान के दौरान शहर में धूल उत्सर्जन के प्रमुख स्रोतों की निगरानी और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;बीएमसी के अनुसार, मानसून के दौरान बारिश के कारण सड़कों और निर्माण स्थलों की धूल काफी हद तक नियंत्रित रहती है। लेकिन बारिश कम होने और मौसम के शुष्क होने के साथ सड़क की धूल, निर्माण कार्यों से निकलने वाले कण और खुले में रखी निर्माण सामग्री हवा की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;निर्माण स्थलों और सड़कों पर विशेष निगरानी&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;अभियान के दौरान निर्माण एवं तोड़फोड़ स्थलों, सड़क निर्माण, मलबे के परिवहन, खुले में रखी निर्माण सामग्री तथा धूल उड़ने वाले अन्य स्थानों की जांच की जाएगी। संबंधित एजेंसियों और निर्माणकर्ताओं को धूल नियंत्रण के लिए निर्धारित उपायों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएंगे।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;सड़कों पर धूल जमा होने की स्थिति में सफाई और पानी के छिड़काव जैसी व्यवस्थाओं पर भी निगरानी बढ़ाई जा सकती है। निर्माण स्थलों पर सामग्री को ढककर रखने, वाहनों से मलबा ले जाते समय उचित सावधानी बरतने तथा धूल को हवा में फैलने से रोकने के उपायों पर जोर रहेगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;
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  &lt;/a&gt;
&lt;/div&gt;&lt;br&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;वायु गुणवत्ता बिगड़ने से पहले रोकथाम पर जोर&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;बीएमसी का उद्देश्य वायु गुणवत्ता खराब होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय &lt;strong&gt;धूल उत्सर्जन के स्रोतों की पहले से पहचान कर रोकथाम करना&lt;/strong&gt; है। मुंबई में सर्दियों और मानसून के बाद मौसम में बदलाव के दौरान स्थानीय प्रदूषण स्रोतों का प्रभाव बढ़ सकता है। ऐसे में अक्टूबर की शुरुआत से ही निगरानी बढ़ाने को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;अभियान के दौरान सामने आने वाली कमियों के आधार पर संबंधित विभागों और एजेंसियों को सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए जाएंगे। बीएमसी का फोकस मुंबई की वायु गुणवत्ता को बनाए रखने के साथ-साथ नागरिकों को धूल प्रदूषण से होने वाली परेशानी को कम करने पर रहेगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत केंद्रीय मंत्रालय द्वारा जारी की गई 48 शहरों की सूची में मुंबई 28 वें स्थान पर है जो कि 2023 में 10 वें स्थान पर था।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मनपा आयुक्त अश्विनी भिड़े ने विशेष रूप से 28 सूत्रीय दिशा निर्देशों के तहत इस अभियान पर विशेष फोकस का निर्देश अधिकारियों को दिया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br&gt;&lt;/p&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/09/1.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" height="72" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEiL1RwC4uNyJCTxdJI9LJYzLdDH7YVf4ydg3LFZjSyr2ilwTYUqdp53Xj0NhTz9wNC1PMUtO1hA3uco62y1u-F8v-By7uD47PIK3zomNh9zQGPO3zWtiQr6Vg-pl_vrRGezdPpdjCQMVNdLr0QUiiXkQ8k6DS1CWM8fUfPEsFc4EzdmZ0h_wrgs5nTFJg4=s72-c" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item></channel></rss>