<?xml version="1.0" encoding="UTF-8" standalone="no"?><rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:blogger="http://schemas.google.com/blogger/2008" xmlns:gd="http://schemas.google.com/g/2005" xmlns:georss="http://www.georss.org/georss" xmlns:itunes="http://www.itunes.com/dtds/podcast-1.0.dtd" xmlns:openSearch="http://a9.com/-/spec/opensearchrss/1.0/" xmlns:thr="http://purl.org/syndication/thread/1.0" version="2.0"><channel><atom:id>tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312</atom:id><lastBuildDate>Sat, 26 Sep 2026 14:27:30 +0000</lastBuildDate><category>महानगर और आसपास</category><category>राजनीतिक</category><category>राष्ट्रीय</category><category>आध्यात्मिक</category><category>प्रशासनिक</category><category>उत्तर प्रदेश</category><category>आर्थिक</category><category>महानगर</category><category>अध्यात्म</category><category>कानून और अपराध</category><category>कानून व अपराध</category><category>अर्थजगत</category><category>अध्यात्म जगत</category><category>अध्यात्म दर्शन</category><category>इतिहास में आज</category><category>प्रशाशनिक</category><category>कानून एवम अपराध</category><category>मुम्बई समाचार</category><category>ईपेपर</category><category>अपराध और कानून</category><category>अपराध एवम कानून</category><category>समाचार</category><category>उत्तरप्रदेश</category><category>राजनीतिक हलचल</category><category>अपराध व कानून</category><category>अर्थ जगत</category><category>प्रशाशन</category><category>अपराध एवं कानून</category><category>अर्थव्यवस्था</category><category>कानून एवं अपराध</category><category>महानगर व आसपास</category><category>मुम्बई महानगर</category><category>राजनीति</category><category>अध्यात्म- दर्शन</category><category>अध्यात्मजगत</category><category>उत्तर प्रदेश बदलापुर महोत्सव</category><category>खेल जगत</category><category>न्यूज़</category><category>प्रशासन</category><category>प्रशासन और अपराध</category><category>महानगर अजर आसपास</category><category>महानगर एवम आसपास</category><category>राजनीति हलचल</category><title>Khabre Mumbai </title><description></description><link>https://khabre.khabremumbai.com/</link><managingEditor>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</managingEditor><generator>Blogger</generator><openSearch:totalResults>1646</openSearch:totalResults><openSearch:startIndex>1</openSearch:startIndex><openSearch:itemsPerPage>25</openSearch:itemsPerPage><language>en-us</language><itunes:explicit>no</itunes:explicit><itunes:subtitle/><itunes:owner><itunes:email>noreply@blogger.com</itunes:email></itunes:owner><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-5272872654128310825</guid><pubDate>Fri, 25 Sep 2026 01:43:04 +0000</pubDate><atom:updated>2026-09-25T07:15:10.491+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">उत्तर प्रदेश</category><title>उत्तर प्रदेश नोएडा एयरपोर्ट से ५०० मीटर दूर पर भीषण बस हादसा/ आग लगने से ९ की मौत, लोगो ने कूदकर जान बचाई। मृतक के परिजनों को  पीएम ने २ लाख, घायलों को ५० हजार की मदद का ऐलान किया</title><description>नोएडा ,उत्तर प्रदेश&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;जेवर एयर पोर्ट से मात्र ५०० मीटर की दूरी पर यमुना एक्सप्रेस वे से गुजर रही प्राइवेट एसी बस में ड्राइवर कंडक्टर सिगरेट पी रहे थे, कुछ यात्रियों द्वारा मना करने पर वह हंस रहे थे। बस में आग लग गई और इतनी भीषण आग लगी कि ८ पुरुष, १ महिला जिंदा जलकर मर गए। हादसा बुधवार रात ११.३० के लगभग हुआ।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;
  &lt;a href="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEiN6e9DOifhiyBX-lTCWxXXvlr1I-XyocrD0XDVqqHqgeWXci1jsqgTzpA_j1duAsXf3yBP5GknzG0CnKUIum92LIpuRWaKC62CmrOsuspW_PcrXdaxUl1Ft7F9zURLZm7D4G7cxuTTdE3fWMDXhq8X8cbD5_hvcOUvIEmjn7zmvPqn96msqYJnSoF_7qs" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;
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  &lt;/a&gt;
&lt;/div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;कई लोगों ने खिड़की तोड़कर कूदकर अपनी जान बचाई। ड्राइवर आग लगने के बावजूद बस को नहीं रोक रहा था।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;कुल ३५ लोग बस में सवार थे। बस दिल्ली से महोबा जा रही थी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतक के परिजनों को २ लाख, घायलो के ऊपचार के लिए ५० हजार के मदद की घोषणा की है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;इस बस पर पहले भी १९ चालान और १.७५ लाख का फाइन लग चुका है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;बस क्रमांक BR 32P AB 647 में यह आग लगी थी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;जेवर कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया है।, पुलिस आगे की जांच कर रही है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;घायलों का इलाज जारी है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/09/blog-post_25.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" height="72" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEiN6e9DOifhiyBX-lTCWxXXvlr1I-XyocrD0XDVqqHqgeWXci1jsqgTzpA_j1duAsXf3yBP5GknzG0CnKUIum92LIpuRWaKC62CmrOsuspW_PcrXdaxUl1Ft7F9zURLZm7D4G7cxuTTdE3fWMDXhq8X8cbD5_hvcOUvIEmjn7zmvPqn96msqYJnSoF_7qs=s72-c" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-5560253917536219421</guid><pubDate>Thu, 24 Sep 2026 04:14:14 +0000</pubDate><atom:updated>2026-09-24T09:44:16.024+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">आर्थिक</category><title>तीन दिनों तक बैंक हड़ताल/ क्या होगा प्रभावित? </title><description>28 से 30 सितंबर तक बैंक हड़ताल का आह्वान, शाखाओं में प्रभावित हो सकती हैं सेवाएं&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस का तीन दिवसीय हड़ताल का आह्वान; पांच दिवसीय कार्य सप्ताह, पेंशन और परफॉर्मेंस लिंक्ड बोनस समेत कई मांगें&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मुंबई। देशभर के बैंक ग्राहकों के लिए सितंबर के अंतिम सप्ताह में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) की ओर से 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय अखिल भारतीय बैंक हड़ताल का आह्वान किया गया है। हड़ताल के दौरान बैंक शाखाओं में नियमित कामकाज प्रभावित होने की आशंका है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;कैश जमा और चेक क्लियरेंस पर असर संभव&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;हड़ताल के कारण शाखा स्तर पर होने वाले कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो सकते हैं। इनमें नकद जमा और निकासी, चेक जमा, चेक प्रोसेसिंग एवं क्लियरेंस, शाखा संबंधी ग्राहक सेवाएं और अन्य काउंटर आधारित बैंकिंग कार्य शामिल हैं। हालांकि, डिजिटल और ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहने की संभावना है, लेकिन संबंधित बैंक के तकनीकी सिस्टम या अन्य परिस्थितियों के आधार पर सेवाओं में बदलाव हो सकता है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;बैंकों की ओर से ग्राहकों को सलाह दी जा रही है कि वे हड़ताल की अवधि के दौरान जहां संभव हो, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, UPI, एटीएम और अन्य डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करें।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की प्रमुख मांग&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;बैंक कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगों में सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग कार्य लागू करना शामिल है। इसके अलावा बैंक कर्मचारियों से जुड़े पेंशन संबंधी मुद्दों तथा परफॉर्मेंस लिंक्ड बोनस (PLB) से जुड़े विषय भी मांगों में शामिल हैं।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;यूनियनों का कहना है कि इन मुद्दों पर समाधान के लिए लंबे समय से बातचीत चल रही है और मांगों पर अपेक्षित प्रगति नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;26 अक्टूबर से लगातार हड़ताल की चेतावनी&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;बैंक यूनियनों ने यह भी संकेत दिया है कि यदि उनकी मांगों पर समाधान नहीं हुआ तो 26 अक्टूबर से लगातार/अनिश्चितकालीन हड़ताल की दिशा में कदम उठाया जा सकता है। ऐसे में बैंकिंग सेवाओं पर सितंबर की प्रस्तावित हड़ताल की तुलना में अधिक व्यापक असर पड़ने की संभावना होगी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;ग्राहकों के लिए क्या करें?&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;बैंक ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि 28 से 30 सितंबर के बीच यदि कोई महत्वपूर्ण बैंकिंग कार्य करना है तो उसे पहले ही पूरा कर लें। जरूरी नकदी की आवश्यकता हो तो पहले से व्यवस्था कर लें और चेक जमा, बैंक ड्राफ्ट या अन्य शाखा-आधारित काम को भी हड़ताल से पहले निपटाने का प्रयास करें।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;साथ ही, UPI, नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और एटीएम सेवाओं का उपयोग करने वाले ग्राहक अपने बैंक के डिजिटल चैनलों और कार्ड की कार्यक्षमता पहले से जांच सकते हैं। महत्वपूर्ण भुगतान की नियत तारीख होने पर ग्राहकों को वैकल्पिक डिजिटल भुगतान व्यवस्था तैयार रखना भी उपयोगी रहेगा।&lt;/div&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/09/blog-post_947.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-2893202129703338290</guid><pubDate>Thu, 24 Sep 2026 02:28:26 +0000</pubDate><atom:updated>2026-09-24T07:58:28.138+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">महानगर और आसपास</category><title>ATM fraud की नई तरकीब/ बोइसर पुलिस ने किया गिरफ्तार</title><description>एटीएम बूथ में छिपा रखा था वॉकी-टॉकी, कार्ड फंसने का झांसा देकर 2.9 लाख की ठगी&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;बोईसर, पालघर: एटीएम कार्ड फंसने के बाद मदद के नाम पर एक महिला से करीब 2.9 लाख रुपये की ठगी किए जाने का मामला पालघर जिले के बोईसर में सामने आया है। आरोपी ने एटीएम बूथ के अंदर छिपे वॉकी-टॉकी के जरिए खुद को बैंक/एटीएम तकनीकी कर्मचारी बताकर महिला को भरोसे में लिया और उसके खाते से रकम निकाल ली।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पुलिस के अनुसार, घटना 14 सितंबर को बोईसर के शिवाजी नगर इलाके में हुई। पीड़िता समीरा अशरफ शेख एटीएम से पैसे निकालने गई थीं। इसी दौरान उनका एटीएम कार्ड मशीन में फंस गया। तभी आरोपी जितेंद्र रामदेव पाल ने कथित तौर पर छिपाए गए वॉकी-टॉकी के माध्यम से उनसे संपर्क किया।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आरोपी ने महिला को बताया कि उनका कार्ड एटीएम में फंस गया है और अगले दिन तकनीकी कर्मचारी आकर कार्ड निकालकर उन्हें वापस कर देगा। उसने महिला को कथित तौर पर एटीएम का पिन दर्ज करने और अपने संपर्क विवरण छोड़ने के लिए कहा। आरोपी ने इसी जानकारी का इस्तेमाल कर महिला के खाते से करीब 2.9 लाख रुपये निकाल लिए।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;ठगी का पता चलने के बाद मामले की शिकायत पुलिस से की गई। बोईसर पुलिस ने जांच के दौरान जितेंद्र रामदेव पाल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से करीब 2.6 लाख रुपये की रकम और एक वॉकी-टॉकी बरामद किया है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने एटीएम बूथ में वॉकी-टॉकी कैसे छिपाया था और क्या वह पहले भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम दे चुका है। जांच में आरोपी के अन्य संभावित साथियों और इसी तरीके से की गई दूसरी ठगी की घटनाओं का भी पता लगाया जा रहा है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;एटीएम इस्तेमाल करते समय बरतें सावधानी&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;बैंक ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि एटीएम कार्ड फंसने की स्थिति में किसी अनजान व्यक्ति को अपना पिन या अन्य बैंकिंग जानकारी न दें। एटीएम मशीन पर दिए गए आधिकारिक बैंक हेल्पलाइन नंबर पर ही संपर्क करें। बैंक कर्मचारी होने का दावा करने वाले किसी व्यक्ति के कहने पर भी अपना PIN, OTP या कार्ड संबंधी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।&lt;/div&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/09/atm-fraud.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-7974484281433332011</guid><pubDate>Thu, 24 Sep 2026 02:12:58 +0000</pubDate><atom:updated>2026-09-24T07:43:06.916+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">महानगर और आसपास</category><title>साहिल का गर्लफ्रेंड को आखिरी काल। मुझसे गलती हो गई।</title><description>&lt;h1&gt;आईआईटी बॉम्बे सुसाइड मामला: आखिरी कॉल में साहिल ने कहा- ‘मुझसे गलती हो गई’&lt;/h1&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मुंबई।&lt;/strong&gt; आईआईटी बॉम्बे के पवई परिसर में बीटेक के दूसरे वर्ष के छात्र &lt;strong&gt;साहिल वाकोडे&lt;/strong&gt; की मौत के मामले में एक अहम जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि घटना से पहले साहिल ने अपनी गर्लफ्रेंड को फोन किया था। बातचीत के दौरान उसने कथित तौर पर कहा, &lt;strong&gt;“मुझसे गलती हो गई।”&lt;/strong&gt; इसके बाद उसने थर्मोडायनामिक्स का पेपर अच्छा नहीं जाने और अपनी मौजूदा स्थिति को लेकर चिंता जताई।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;
  &lt;a href="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEg5ow2p4n075eJQ0u6qbFJizz-ZuMhoj2uNvryR56PsJdbH5vQIuEk30SOocNbKjBRajHjEtplR-AmXy19WceFehadttl8Ut-enTdTYK5lOEdOOgRrh2QUnW1xvBpGeKB2an_bgZ2mXrPw8aH9ASYsciQksqCA2gJ9TFBFNzFRQsuZMN46aT0EmdUEO5EQ" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;
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  &lt;/a&gt;
&lt;/div&gt;&lt;br&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;पेपर खराब जाने की बात कही&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;जानकारी के अनुसार, साहिल ने फोन पर अपनी गर्लफ्रेंड से कहा कि &lt;strong&gt;थर्मोडायनामिक्स का पेपर अच्छा नहीं गया&lt;/strong&gt; और इसके बाद स्थिति बिगड़ गई है। उसकी बातों से वह काफी परेशान दिखाई दे रहा था। साहिल की गर्लफ्रेंड ने उसे शांत रहने और तनाव नहीं लेने की सलाह दी थी।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;घटना से जुड़े लोगों के मुताबिक, इस बातचीत को मामले की जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस पूरे घटनाक्रम, छात्र की मानसिक स्थिति से जुड़े उपलब्ध संकेतों और परीक्षा से संबंधित परिस्थितियों की जांच कर रही है।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;परीक्षा में नकल के आरोप के बाद तनाव&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;साहिल से जुड़ा यह मामला उस परीक्षा से भी जुड़ा है, जिसमें कथित तौर पर उसने उत्तर तैयार करने के लिए &lt;strong&gt;ChatGPT का इस्तेमाल किया था&lt;/strong&gt;। परीक्षा के दौरान उसे कथित रूप से अनुचित साधनों का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। इसके बाद परीक्षा से संबंधित कार्रवाई का सामना करना पड़ा।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;मामले में परीक्षा लेने वाले प्रोफेसर की भूमिका और परीक्षा के दौरान हुई पूरी घटना को लेकर भी संस्थान स्तर पर चर्चा और जांच जारी है। इससे पहले सामने आई जानकारी के अनुसार, साहिल ने 18 सितंबर को आत्महत्या की थी।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;परिवार और संस्थान के लिए गंभीर सवाल&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;इस घटना ने उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों पर परीक्षा और अकादमिक दबाव को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा में असफलता, अनुशासनात्मक कार्रवाई या खराब प्रदर्शन जैसी परिस्थितियों में छात्रों को तत्काल भावनात्मक और संस्थागत सहायता उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;पुलिस और संस्थान की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि साहिल की मौत के पीछे किन परिस्थितियों की कितनी भूमिका थी। फिलहाल उसके आखिरी फोन कॉल और परीक्षा से जुड़ी घटनाओं को जांच के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।&lt;/p&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/09/blog-post_227.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" height="72" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEg5ow2p4n075eJQ0u6qbFJizz-ZuMhoj2uNvryR56PsJdbH5vQIuEk30SOocNbKjBRajHjEtplR-AmXy19WceFehadttl8Ut-enTdTYK5lOEdOOgRrh2QUnW1xvBpGeKB2an_bgZ2mXrPw8aH9ASYsciQksqCA2gJ9TFBFNzFRQsuZMN46aT0EmdUEO5EQ=s72-c" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-2747034254191156428</guid><pubDate>Thu, 24 Sep 2026 02:03:47 +0000</pubDate><atom:updated>2026-09-24T07:35:14.323+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">प्रशासनिक</category><title>बढ़ेगा मनोरंजन कर, ५७०% तक बढ़ाने की तैयारी में मुंबई मनपा </title><description>&lt;h1&gt;मुंबई में मनोरंजन कर बढ़ाने की तैयारी, गैर-मराठी और गैर-गुजराती फिल्मों-शोज पर 570% तक बढ़ सकता है टैक्स&lt;/h1&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मुंबई।&lt;/strong&gt; मुंबई में फिल्मों, शो और थिएटर में होने वाली प्रस्तुतियों को देखने वाले दर्शकों पर मनोरंजन कर का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) गैर-मराठी और गैर-गुजराती भाषाओं में होने वाली फिल्मों, कार्यक्रमों और परफॉर्मिंग आर्ट्स पर मनोरंजन कर में भारी बढ़ोतरी करने की तैयारी में है। प्रस्तावित बदलावों के तहत कुछ श्रेणियों में मनोरंजन कर में करीब &lt;strong&gt;570 प्रतिशत तक की वृद्धि&lt;/strong&gt; हो सकती है। हालांकि, प्रस्ताव को अभी मंजूरी की प्रक्रिया से गुजरना है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;
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  &lt;/a&gt;
&lt;/div&gt;&lt;br&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;गैर-मराठी और गैर-गुजराती कार्यक्रमों पर विशेष प्रभाव&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;प्रस्तावित व्यवस्था का असर मुख्य रूप से गैर-मराठी और गैर-गुजराती भाषाओं की फिल्मों, थिएटर शो तथा अन्य मनोरंजन कार्यक्रमों पर पड़ने की बात सामने आ रही है। इसके तहत सिनेमाघरों और कार्यक्रम स्थलों में टिकट पर लगने वाले मनोरंजन कर की दरों में उल्लेखनीय बदलाव किया जा सकता है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;प्रस्ताव के अनुसार &lt;strong&gt;गैर-एसी हॉल में मौजूदा करीब 50 रुपये के मनोरंजन कर को बढ़ाकर 200 रुपये तक&lt;/strong&gt; किया जा सकता है। वहीं &lt;strong&gt;एसी हॉल में यह कर 400 रुपये तक पहुंच सकता है&lt;/strong&gt;। इस तरह टिकट की मूल कीमत के अलावा दर्शकों को कर के रूप में काफी अधिक राशि चुकानी पड़ सकती है।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;परफॉर्मिंग आर्ट्स पर भी बढ़ेगा बोझ&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;थिएटर, लाइव शो और अन्य परफॉर्मिंग आर्ट्स कार्यक्रमों को भी प्रस्तावित बढ़ोतरी के दायरे में रखा गया है। ऐसी प्रस्तुतियों पर मनोरंजन कर &lt;strong&gt;50 रुपये से बढ़ाकर करीब 100 रुपये&lt;/strong&gt; किए जाने का प्रस्ताव बताया जा रहा है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;यदि प्रस्तावित दरें लागू होती हैं तो विशेष रूप से परिवार के साथ फिल्म या थिएटर देखने जाने वाले दर्शकों का कुल खर्च बढ़ सकता है। टिकट की कीमत के साथ मनोरंजन कर और अन्य शुल्क जुड़ने से अंतिम भुगतान राशि में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;मनोरंजन उद्योग पर भी पड़ सकता है असर&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;फिल्म और थिएटर उद्योग से जुड़े लोगों के लिए भी यह प्रस्ताव चिंता का विषय बन सकता है। टिकट की अंतिम कीमत बढ़ने से दर्शकों की संख्या और शो की ऑक्यूपेंसी पर संभावित असर को लेकर सवाल उठ सकते हैं। खासकर छोटे थिएटर, स्वतंत्र नाट्य समूह और सीमित बजट वाली प्रस्तुतियों के लिए बढ़ा हुआ कर अतिरिक्त वित्तीय दबाव पैदा कर सकता है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;दूसरी ओर, प्रस्ताव के समर्थकों की ओर से इसे महानगरपालिका के राजस्व में वृद्धि के उपाय के तौर पर देखा जा सकता है। हालांकि, कर बढ़ोतरी का अंतिम प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि प्रस्तावित दरें किस रूप में मंजूर होती हैं और इन्हें लागू करने के लिए क्या नियम तय किए जाते हैं।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;दर्शकों की जेब पर सीधा असर&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;मनोरंजन कर में इतनी बड़ी वृद्धि का सबसे प्रत्यक्ष असर दर्शकों की जेब पर पड़ सकता है। यदि टिकट की मूल कीमत में कोई बदलाव नहीं भी होता है, तब भी कर में वृद्धि के कारण &lt;strong&gt;फिल्म, थिएटर और लाइव कार्यक्रम देखने की कुल लागत बढ़ जाएगी।&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;मुंबई जैसे शहर में जहां मनोरंजन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोग हिस्सा लेते हैं, वहां कर में प्रस्तावित वृद्धि को लेकर दर्शकों और मनोरंजन क्षेत्र के बीच चर्चा तेज होने की संभावना है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;फिलहाल यह प्रस्ताव &lt;strong&gt;मंजूरी की प्रक्रिया में है&lt;/strong&gt; और अंतिम दरें तथा लागू होने की तारीख संबंधित मंजूरियों के बाद ही स्पष्ट होंगी। मंजूरी मिलने के बाद ही यह भी स्पष्ट होगा कि अलग-अलग श्रेणियों के सिनेमाघरों, फिल्मों और परफॉर्मिंग आर्ट्स कार्यक्रमों पर कर किस प्रकार लागू किया जाएगा।&lt;/p&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/09/blog-post_24.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" height="72" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEg4hTb4USqirYv-6AvtjDAiuPhpgCClv5Ut-QHD0d00rKHL5il38xfNmwb18C7Bjiab3LhG_Tm5Zqrk0py8MZQSh6hnrn9U5Vwt-n60CypRvB2EqTUb3q7_H9jmLSpXlazt-pZJ6lGgmNjGbl7bfa1LX0sRlGFOvY5eOIt9LCuiidI50rapKzFKUUVzpMA=s72-c" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-7973802439613443760</guid><pubDate>Mon, 21 Sep 2026 16:56:40 +0000</pubDate><atom:updated>2026-09-21T22:31:43.633+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">महानगर और आसपास</category><title>IIT बॉम्बे में घमासान/  प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला को डीन के पद से हटाया गया। आत्महत्या के लिए उकसाने , जातिगत भेदभाव के आरोप, साहिल के माता पिता ने दर्ज कराई प्राथमिकी।</title><description>&lt;h3&gt;IIT बॉम्बे में छात्र आत्महत्या मामले में प्रो. सूर्यनारायण दुल्ला पर FIR&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ChatGPT से उत्तर तैयार कर परीक्षा में लिखने का आरोप; प्रोफेसर ने पकड़ा तो परीक्षा जारी रखने की अनुमति नहीं दी — प्रशासनिक डीन पद से निलंबन की जानकारी, प्रोफेसर पद पर कार्रवाई अभी स्पष्ट नहीं&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मुंबई।&lt;/strong&gt; IIT बॉम्बे में 20 वर्षीय बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र &lt;strong&gt;साहिल&lt;/strong&gt;, जो महाराष्ट्र के यवतमाल का रहने वाला बताया जा रहा है, की आत्महत्या के प्रयास के मामले ने संस्थान में गंभीर विवाद खड़ा कर दिया है। घटना &lt;strong&gt;18 सितंबर&lt;/strong&gt; की बताई जा रही है। मामले में IIT बॉम्बे के प्रोफेसर &lt;strong&gt;सूर्यनारायण दुल्ला&lt;/strong&gt; के खिलाफ छात्र के परिवार की शिकायत के आधार पर &lt;strong&gt;आत्महत्या के लिए उकसाने और जातिगत भेदभाव&lt;/strong&gt; से संबंधित आरोपों के तहत FIR दर्ज की गई है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;
  &lt;a href="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEhCxfIA0McO5ui92CfFde3uk5-UWjo7ItHdzDUDTYuWeKKz22ac2Gvu77QYfDGyaO246vdibUf7TmsP3JxHGHNGuNKJevJNjfFrAhdrY2zR69vDzbRASSSx43ub5X5dbOOXsWhdcW2ER9b72kxCmAFaMoTTC2yLJGA3IuNBrOjf1zYqaGQZfagx6mpiYFs" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;
    &lt;img border="0"   src="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEhCxfIA0McO5ui92CfFde3uk5-UWjo7ItHdzDUDTYuWeKKz22ac2Gvu77QYfDGyaO246vdibUf7TmsP3JxHGHNGuNKJevJNjfFrAhdrY2zR69vDzbRASSSx43ub5X5dbOOXsWhdcW2ER9b72kxCmAFaMoTTC2yLJGA3IuNBrOjf1zYqaGQZfagx6mpiYFs" width="400"&gt;
  &lt;/a&gt;
&lt;/div&gt;&lt;br&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;घटना के केंद्र में परीक्षा के दौरान &lt;strong&gt;ChatGPT के कथित इस्तेमाल&lt;/strong&gt; का मामला है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, साहिल परीक्षा के दौरान ChatGPT की मदद से उत्तर तैयार कर उन्हें परीक्षा में लिख रहा था। उस समय &lt;strong&gt;प्रो. दुल्ला परीक्षा के परीक्षक (Examiner)&lt;/strong&gt; थे। उन्होंने कथित तौर पर छात्र को ChatGPT के जरिए उत्तर तैयार करते और उसकी नकल करते हुए पकड़ा तथा उसे परीक्षा आगे जारी रखने की अनुमति नहीं दी और परीक्षा कक्ष से बाहर जाने का निर्देश दिया।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;इसके बाद 18 सितंबर को छात्र द्वारा आत्महत्या का प्रयास किए जाने की जानकारी सामने आई। घटना के बाद छात्र के परिजनों ने प्रो. दुल्ला पर अपने बेटे के साथ &lt;strong&gt;कथित जातिगत भेदभाव&lt;/strong&gt; करने तथा उसके खिलाफ ऐसा व्यवहार करने का आरोप लगाया, जिसे उन्होंने आत्महत्या के लिए उकसाने से जोड़ा है। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;प्रशासनिक डीन पद से हटाए जाने की जानकारी&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;इस बीच IIT बॉम्बे के निदेशक &lt;strong&gt;शिरीष केदारे&lt;/strong&gt; की ओर से प्रदर्शन कर रहे छात्रों को ई-मेल किए जाने की जानकारी सामने आई है। ई-मेल में प्रो. सूर्यनारायण दुल्ला को &lt;strong&gt;Administration Head/Dean (Administrative Affairs)&lt;/strong&gt; की जिम्मेदारी से निलंबित किए जाने की बात कही गई है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;हालांकि, &lt;strong&gt;प्रोफेसर के रूप में उनकी शैक्षणिक/फैकल्टी जिम्मेदारियों से भी निलंबन हुआ है या नहीं, यह स्थिति फिलहाल स्पष्ट नहीं है।&lt;/strong&gt; इसलिए प्रशासनिक पद से हटाए जाने और प्रोफेसर के पद से निलंबन को एक ही कार्रवाई मानना उचित नहीं होगा।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;छात्रों का प्रदर्शन और कैंपस में आक्रोश&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;घटना के बाद IIT बॉम्बे परिसर में छात्रों के बीच आक्रोश देखने को मिला और छात्र प्रदर्शन भी कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच, छात्र की शिकायतों पर कार्रवाई और संस्थान में जातिगत भेदभाव की शिकायतों के लिए प्रभावी व्यवस्था की मांग की जा रही है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;दूसरी ओर, परीक्षा में ChatGPT का इस्तेमाल और परीक्षा नियमों का उल्लंघन भी इस पूरे घटनाक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा है। शैक्षणिक संस्थानों में बिना अनुमति AI टूल का इस्तेमाल परीक्षा की शुचिता और अकादमिक अनुशासन से जुड़ा मुद्दा है।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;आरोपों की जांच के बाद ही तय होगी जिम्मेदारी&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि &lt;strong&gt;परीक्षा में ChatGPT के कथित इस्तेमाल, छात्र को परीक्षा से रोकने और उसके बाद आत्महत्या के प्रयास के बीच कानूनी रूप से कोई सीधा कारण-सम्बंध था या नहीं, यह जांच का विषय है।&lt;/strong&gt; इसी तरह छात्र के परिवार द्वारा लगाए गए जातिगत भेदभाव के आरोपों की भी जांच आवश्यक है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;प्रो. दुल्ला के खिलाफ FIR दर्ज होना &lt;strong&gt;दोष सिद्ध होने के बराबर नहीं है&lt;/strong&gt;। पुलिस जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपों की पुष्टि अथवा खंडन होगा।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;यह मामला एक साथ &lt;strong&gt;अकादमिक अनुशासन, परीक्षा में AI/ChatGPT के इस्तेमाल, छात्रों की शिकायतों, जातिगत भेदभाव के आरोप और संस्थानों में छात्र कल्याण एवं मानसिक सुरक्षा&lt;/strong&gt; जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को सामने लाता है।&lt;/p&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/09/iit.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" height="72" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEhCxfIA0McO5ui92CfFde3uk5-UWjo7ItHdzDUDTYuWeKKz22ac2Gvu77QYfDGyaO246vdibUf7TmsP3JxHGHNGuNKJevJNjfFrAhdrY2zR69vDzbRASSSx43ub5X5dbOOXsWhdcW2ER9b72kxCmAFaMoTTC2yLJGA3IuNBrOjf1zYqaGQZfagx6mpiYFs=s72-c" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-7163550735446712388</guid><pubDate>Mon, 21 Sep 2026 16:39:32 +0000</pubDate><atom:updated>2026-09-21T22:09:34.291+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">आध्यात्मिक</category><title>परिवर्तिनी एकादशी </title><description>&#127802; परिवर्तिनी एकादशी व्रत 2026 &#127802;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मंगलवार, 22 सितंबर 2026&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;एकादशी तिथि:&lt;/div&gt;&lt;div&gt;21 सितंबर रात 8:01 बजे से&lt;/div&gt;&lt;div&gt;22 सितंबर रात 9:43 बजे तक&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;उदया तिथि के अनुसार व्रत:&lt;/div&gt;&lt;div&gt;22 सितंबर, मंगलवार&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;ब्रह्म मुहूर्त:&lt;/div&gt;&lt;div&gt;प्रातः 4:35 से 5:22 बजे तक&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;भगवान श्रीहरि की पूजा का शुभ समय:&lt;/div&gt;&lt;div&gt;प्रातः 9:11 बजे से दोपहर 1:45 बजे तक&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;व्रत पारण:&lt;/div&gt;&lt;div&gt;23 सितंबर 2026 को&lt;/div&gt;&lt;div&gt;प्रातः 6:30 बजे के बाद&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;विशेष: इस दिन भगवान विष्णु के वामन स्वरूप की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। संतान सुख एवं आर्थिक समृद्धि की कामना से भी यह व्रत किया जाता है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आचार्य अजय मिश्र,&lt;/div&gt;&lt;div&gt;(मुख्य पुजारी: विहिप संचालित समर्थ हनुमान टेकड़ी सिद्धपीठ, सायन, मुंबई )&lt;/div&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/09/blog-post_21.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-4368904596784129422</guid><pubDate>Sun, 20 Sep 2026 17:26:46 +0000</pubDate><atom:updated>2026-09-20T22:56:55.096+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">राजनीतिक</category><title>महाराष्ट्र के मंत्री की भतीजी स्वीडन से सांसद </title><description>स्वीडन में जन्मी नीला विखे पाटिल ने अपने जीवन के शुरुआती साल महाराष्ट्र के अहमदनगर में बिताए।&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&amp;nbsp;वह एशिया की पहली सहकारी चीनी फैक्ट्री के संस्थापक विठ्ठलराव विखे पाटिल की परपोती और दिवंगत केंद्रीय मंत्री बालासाहेब विखे पाटिल की पोती हैं।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;
  &lt;a href="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEidxlXPtR6rQHjCge6X5hLN9FvMFNtgVIDFibLIwFewCKrNAeIXDjfM_No8--nNpdyTW4j_UVaCN5gf5aBD1Nf_dv8ylrZhE1qTwpsfDEMOdJXZ3BvwQhkx7npvOeS2pTHH7Kqj5X0EPDQt0AV0zvOa8-Y7GSXF0mFZJxa3VvDz5uWm4cjq1O87jLw1bDE" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;
    &lt;img border="0"   src="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEidxlXPtR6rQHjCge6X5hLN9FvMFNtgVIDFibLIwFewCKrNAeIXDjfM_No8--nNpdyTW4j_UVaCN5gf5aBD1Nf_dv8ylrZhE1qTwpsfDEMOdJXZ3BvwQhkx7npvOeS2pTHH7Kqj5X0EPDQt0AV0zvOa8-Y7GSXF0mFZJxa3VvDz5uWm4cjq1O87jLw1bDE" width="400"&gt;
  &lt;/a&gt;
&lt;/div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&amp;nbsp;नीला विखे महाराष्ट्र भाजपा के नेता और मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल की भतीजी हैं। उन्होंने गोथेनबर्ग स्कूल ऑफ बिजनेस से अर्थशास्त्र और कानून में स्नातक और एमबीए की डिग्री हासिल की है। उन्होंने मैड्रिड के कॉम्प्लूटेंस विश्वविद्यालय से भी एमबीए किया है।&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;div&gt;१३ सितम्बर को हुए राष्ट्रीय चुनाव में स्वीडन में स्टॉकहोम शहर से नीला विखे पाटिल, ४१ वर्षीया को ग्रीन पार्टी से सांसद चुना गया है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;स्वीडन में ३४९ सांसदों वाली संसद का हिस्सा बनने के साथ उन्होंने नया अध्याय रचा है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;महाराष्ट्र में शिक्षा विद रहे अशोक विखे पाटिल की वह बेटी हैं और महाराष्ट्र में मंत्री राधा कृष्ण विखे पाटिल की भतीजी हैं।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;उन्होंने इससे पहले स्वीडिश प्रधानमंत्री के लिए राजनीतिक सलाहकार के रूप में काम भी किया है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;वह विश्व की अग्रणी ऑडिट फर्म PWC ( प्राइस वाटरहाउस कूपर्स ) में कार्यरत हैं।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पिछले वर्ष वह सार्वजनिक लेखाकार भी बनी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/09/blog-post_780.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" height="72" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEidxlXPtR6rQHjCge6X5hLN9FvMFNtgVIDFibLIwFewCKrNAeIXDjfM_No8--nNpdyTW4j_UVaCN5gf5aBD1Nf_dv8ylrZhE1qTwpsfDEMOdJXZ3BvwQhkx7npvOeS2pTHH7Kqj5X0EPDQt0AV0zvOa8-Y7GSXF0mFZJxa3VvDz5uWm4cjq1O87jLw1bDE=s72-c" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-4777616577951636875</guid><pubDate>Sun, 20 Sep 2026 10:05:32 +0000</pubDate><atom:updated>2026-09-20T15:35:33.820+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">महानगर और आसपास</category><title>लालबाग में गणपति पंडाल के पास करंट लगने से आठ वर्षीय बच्ची समेत दो की मौत, कई घायल</title><description>&lt;div&gt;&lt;b&gt;लालबाग में गणपति पंडाल के पास करंट लगने से आठ वर्षीय बच्ची समेत दो की मौत, कई घायल&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;b&gt;&lt;i&gt;मुंबई&lt;/i&gt;&lt;/b&gt; : गणेशोत्सव के दौरान मुंबई के लालबाग इलाके में रविवार तड़के एक दर्दनाक हादसे में आठ वर्षीय बच्ची समेत दो लोगों की करंट लगने से मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना ऐसे समय हुई जब गणपति उत्सव के चलते लालबाग और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ मौजूद थी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;जानकारी के मुताबिक, हादसा रविवार तड़के करीब 2:20 बजे कालाचौकी स्थित दत्ताराम लाड मार्ग पर कालाचौकी विभाग सार्वजनिक उत्सव मंडल के गणपति पंडाल के पास हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पंडाल के आसपास मौजूद लोगों के करंट की चपेट में आने से यह हादसा हुआ।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;b&gt;भीड़ के बीच मची अफरा-तफरी&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;हादसा रात के उस समय हुआ जब लालबाग क्षेत्र में गणपति दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे थे। अचानक करंट लगने की घटना के बाद मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। आसपास मौजूद लोगों और आयोजकों ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;घटना में एक आठ वर्षीय बच्ची और एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई। कई घायलों का अस्पताल में उपचार चल रहा है। मृतकों और घायलों की विस्तृत पहचान तथा उनकी उम्र की आधिकारिक जानकारी संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद स्पष्ट होगी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;b&gt;बिजली सुरक्षा पर उठे सवाल&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;गणपति उत्सव के दौरान मुंबई के लालबाग, परेल, कालाचौकी और आसपास के इलाकों में लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में पंडालों, बिजली के तारों, लाइटिंग और अस्थायी विद्युत कनेक्शनों की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;हादसे के बाद बिजली व्यवस्था और सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। संबंधित एजेंसियों द्वारा यह जांच की जा रही है कि करंट का स्रोत क्या था और विद्युत सुरक्षा में कहीं कोई लापरवाही हुई थी या नहीं।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;b&gt;जांच शुरू:&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और संबंधित आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने घटना की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है। यह भी जांच का विषय है कि पंडाल के आसपास विद्युत व्यवस्था किस प्रकार की गई थी और क्या सभी निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;गणेशोत्सव के बीच हुई इस घटना ने मुंबई के बड़े सार्वजनिक धार्मिक आयोजनों में बिजली और भीड़ प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। अधिकारियों की जांच के बाद हादसे के वास्तविक कारण और जिम्मेदारी की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।&lt;/div&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/09/blog-post_417.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-8804775248799578895</guid><pubDate>Sun, 20 Sep 2026 08:29:10 +0000</pubDate><atom:updated>2026-09-20T13:59:21.001+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">राष्ट्रीय</category><title>भारत 2030 तक 350 किमी प्रति घंटे रफ्तार वाली बुलेट ट्रेन स्वनिर्मित करेगा/ जापान को छोड़ेगा पीछे।</title><description>&lt;h3&gt;350 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी स्वदेशी बुलेट ट्रेन!&lt;/h3&gt;
&lt;h4&gt;2030 तक भारत की हाई-स्पीड रेल तकनीक में बड़ी छलांग, मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर बनेगा आधार&lt;/h4&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मुंबई।&lt;/strong&gt; भारत हाई-स्पीड रेल के क्षेत्र में अपनी तकनीकी क्षमता को नई ऊंचाई देने की तैयारी में है। देश में करीब &lt;strong&gt;350 किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन गति&lt;/strong&gt; वाली स्वदेशी बुलेट ट्रेन विकसित करने की दिशा में काम तेज किया जा रहा है। प्रस्तावित स्वदेशी ट्रेन का विकास &lt;strong&gt;मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (MAHSR) कॉरिडोर&lt;/strong&gt; से जुड़ा है और लक्ष्य 2030 के आसपास भारतीय तकनीक से निर्मित हाई-स्पीड ट्रेन संचालन की दिशा में आगे बढ़ना है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;इस परियोजना से भारत का उद्देश्य केवल तेज रफ्तार ट्रेन तैयार करना नहीं, बल्कि हाई-स्पीड रेल के लिए &lt;strong&gt;ट्रेनसेट, नियंत्रण प्रणाली, सिग्नलिंग और अन्य महत्वपूर्ण तकनीकों में घरेलू क्षमता विकसित करना&lt;/strong&gt; भी है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;
  &lt;a href="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEgKLWM02TutJGYmsVRlGOXLP28iD9arLJkRNQFLH8jMT7PwC4dFCwQniJ_qfjJIaT8BgXSwd8U1lR-4TMhGooUNx1rSftUTt2bVlKEdBijQhQfi0T-PsmVjCJAJdDK8jyXKxzdzbGP4Fl_ED3flnQbtAGNJ-OpOcvvC2O-r3sH3DjSAuHudmR6YTIgyxXs" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;
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  &lt;/a&gt;
&lt;/div&gt;&lt;br&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;BEML तैयार कर रहा ट्रेनसेट&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) को स्वदेशी हाई-स्पीड ट्रेनसेट के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है। शुरुआती चरण में स्वदेशी ट्रेनसेट विकसित करने की योजना है, जिसके बाद तकनीक और उत्पादन क्षमता को आगे बढ़ाया जा सकता है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;प्रस्तावित ट्रेन की गति भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क की तुलना में कई गुना अधिक होगी। हाई-स्पीड संचालन के लिए केवल ट्रेन की क्षमता ही नहीं, बल्कि ट्रैक, बिजली आपूर्ति, सिग्नलिंग, सुरक्षा और नियंत्रण प्रणाली का भी अंतरराष्ट्रीय स्तर का होना जरूरी होगा।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;स्वदेशी कंट्रोल सिस्टम पर भी जोर&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;हाई-स्पीड रेल परियोजना में भारत &lt;strong&gt;स्वदेशी ट्रेन कंट्रोल और संचालन प्रणाली&lt;/strong&gt; विकसित करने पर भी जोर दे रहा है। इसका उद्देश्य ट्रेन की गति, ब्रेकिंग, सिग्नलिंग और सुरक्षित संचालन को एकीकृत तरीके से नियंत्रित करना है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;स्वदेशी नियंत्रण प्रणाली विकसित होने से भविष्य में भारत को हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं के लिए विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;जापान की बुलेट ट्रेन तकनीक से मुकाबले की तैयारी&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;भारत की प्रस्तावित स्वदेशी हाई-स्पीड ट्रेन को जापान की &lt;strong&gt;Shinkansen&lt;/strong&gt; तकनीक के साथ तुलना में देखा जा रहा है। जापान की बुलेट ट्रेनें लंबे समय से अपनी तेज गति, सुरक्षा और समय की पाबंदी के लिए जानी जाती हैं।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना में जापानी तकनीक और &lt;strong&gt;E5 सीरीज जैसी हाई-स्पीड ट्रेन तकनीक&lt;/strong&gt; का अनुभव भारत के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी आधार तैयार कर रहा है। इसी अनुभव के समानांतर स्वदेशी ट्रेन और प्रणालियां विकसित करने की कोशिश की जा रही है।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;₹2 लाख करोड़ के निवेश का दावा&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;परियोजना के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा करीब &lt;strong&gt;₹2 लाख करोड़ के फंड/निवेश&lt;/strong&gt; को मंजूरी दिए जाने की खबर है।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर बनेगा तकनीकी प्रयोगशाला&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर भारत में हाई-स्पीड रेल तकनीक के लिए सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक है। करीब &lt;strong&gt;508 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर&lt;/strong&gt; पर हाई-स्पीड रेल सेवा विकसित की जा रही है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;इस परियोजना के अनुभव से भारत को भविष्य में दिल्ली-वाराणसी, मुंबई-नागपुर और अन्य प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए तकनीकी क्षमता विकसित करने में मदद मिल सकती है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;स्वदेशी ट्रेनसेट के साथ स्वदेशी नियंत्रण प्रणाली और हाई-स्पीड रेल से जुड़े उपकरणों का विकास सफल होता है तो यह भारतीय रेलवे के लिए केवल एक नई ट्रेन नहीं, बल्कि हाई-स्पीड रेल की पूरी घरेलू तकनीकी क्षमता विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/09/2030-350.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" height="72" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEgKLWM02TutJGYmsVRlGOXLP28iD9arLJkRNQFLH8jMT7PwC4dFCwQniJ_qfjJIaT8BgXSwd8U1lR-4TMhGooUNx1rSftUTt2bVlKEdBijQhQfi0T-PsmVjCJAJdDK8jyXKxzdzbGP4Fl_ED3flnQbtAGNJ-OpOcvvC2O-r3sH3DjSAuHudmR6YTIgyxXs=s72-c" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-8188012574843819090</guid><pubDate>Sun, 20 Sep 2026 08:18:42 +0000</pubDate><atom:updated>2026-09-20T13:48:54.503+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">महानगर और आसपास</category><title>ब्लैक बीएमडब्लू  कोस्टल रोड डिवाइडर हिट/ ३ की मौत, १ गंभीर हालत में उपचार जारी। मरीन ड्राइव से हाजी अली की ओर जा रही थी गाड़ी</title><description>&lt;h3&gt;मरीन ड्राइव से हाजी अली जा रही BMW लोटस जेट्टी के पास दुर्घटनाग्रस्त, तीन युवकों की मौत; एक गंभीर&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मुंबई, 20 सितंबर।&lt;/strong&gt; दक्षिण मुंबई में रविवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक काली BMW कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसा सुबह करीब &lt;strong&gt;5.20 बजे लोटस जेट्टी के पास, लाला कॉलेज के सामने कोस्टल रोड पर&lt;/strong&gt; हुआ। बताया जा रहा है कि BMW में चार युवक सवार थे और वे &lt;strong&gt;मरीन ड्राइव से हाजी अली की ओर&lt;/strong&gt; जा रहे थे।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;हादसे में &lt;strong&gt;संजय गुजर (21), आदित्य जक्शनिया (19) और धैर्य शेठ (17)&lt;/strong&gt; की मौत हो गई। वहीं &lt;strong&gt;आदित्य ओसवाल (23)&lt;/strong&gt; गंभीर रूप से घायल हैं और उनका &lt;strong&gt;नायर अस्पताल में उपचार जारी है।&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;
  &lt;a href="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEhZci7dPfHREbAeH8wWUMt6PSApViS7CPqcVw2fNF28LGXblBQLqQCnnobD548PEvVm6colPxRhlOeeSuBQ2Aah72tMgY8lm7GlygMkJYo2DKyI8pefFUY5chixoLQRcA8RTasVi244RY0bDV7-18USoFBZIQRMw-9xrEMZrmWcG63942kpGhsfi7sLaQ8" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;
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  &lt;/a&gt;
&lt;/div&gt;&lt;br&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;तीन युवकों की मौत&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और आपातकालीन सेवाएं घटनास्थल पर पहुंचीं। चारों युवकों को उपचार के लिए नायर अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने तीन युवकों—संजय गुजर, आदित्य जक्शनिया और धैर्य शेठ—को मृत घोषित कर दिया। आदित्य ओसवाल की हालत गंभीर बताई जा रही है।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;हादसे के कारणों की जांच&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;प्रारंभिक जानकारी के अनुसार BMW &lt;strong&gt;मरीन ड्राइव से हाजी अली की दिशा में&lt;/strong&gt; जा रही थी। लोटस जेट्टी के पास लाला कॉलेज के सामने वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुआ। हादसा किस कारण हुआ, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। हादसे से पहले वाहन की गति, चालक का नियंत्रण, सड़क की स्थिति और अन्य परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है। घटनास्थल के आसपास लगे &lt;strong&gt;सीसीटीवी कैमरों की फुटेज&lt;/strong&gt; से भी दुर्घटना की परिस्थितियों का पता लगाने की कोशिश की जा सकती है।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;मृतकों और घायल की पहचान&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;पुलिस के अनुसार हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान &lt;strong&gt;संजय गुजर (21), आदित्य जक्शनिया (19) और धैर्य शेठ (17)&lt;/strong&gt; के रूप में हुई है। वहीं &lt;strong&gt;23 वर्षीय आदित्य ओसवाल&lt;/strong&gt; का नायर अस्पताल में गंभीर हालत में इलाज चल रहा है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। हादसे की विस्तृत परिस्थितियां पुलिस जांच और उपलब्ध CCTV फुटेज के विश्लेषण के बाद स्पष्ट होंगी।&lt;/p&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/09/blog-post_20.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" height="72" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEhZci7dPfHREbAeH8wWUMt6PSApViS7CPqcVw2fNF28LGXblBQLqQCnnobD548PEvVm6colPxRhlOeeSuBQ2Aah72tMgY8lm7GlygMkJYo2DKyI8pefFUY5chixoLQRcA8RTasVi244RY0bDV7-18USoFBZIQRMw-9xrEMZrmWcG63942kpGhsfi7sLaQ8=s72-c" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-6948721925144425097</guid><pubDate>Sat, 19 Sep 2026 14:40:14 +0000</pubDate><atom:updated>2026-09-19T20:14:53.240+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">महानगर और आसपास</category><title>मातोश्री पहुंचे सतीश सालियन और वकील नीलेश ओझा, थमाया ५०० करोड़ का मानहानि का नोटिस, माफीनामा की मांग भी शामिल</title><description>दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर &lt;strong&gt;&lt;span&gt;&lt;span&gt;&lt;span&gt;&lt;span&gt;&lt;span&gt;दिशा सालियान&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt; की मौत का मामला एक बार फिर गरमा गया है। दिशा, दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मैनेजर थी।&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;दिशा सालियान के पिता &lt;strong&gt;सतीश सालियान&lt;/strong&gt; अपने कानूनी सलाहकार &lt;strong&gt;एडवोकेट नीलेश ओझा&lt;/strong&gt; के साथ शनिवार को उद्धव ठाकरे के निजी आवास &lt;strong&gt;&lt;span&gt;'&lt;u&gt;&lt;span role="button"&gt;&lt;span&gt;मातोश्री&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/u&gt;'&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt; पहुंचे।&amp;nbsp;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;वहां उन्होंने शिवसेना (UBT) नेता &lt;strong&gt;&lt;span&gt;&lt;span&gt;&lt;span&gt;&lt;span&gt;&lt;span&gt;आदित्य ठाकरे&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt; को &lt;strong&gt;500 करोड़ रुपये का मानहानि का नोटिस&lt;/strong&gt; व्यक्तिगत रूप से सौंप दिया है। सतीश सालियान ने आदित्य ठाकरे और पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख द्वारा उनकी कानूनी लड़ाई को "राजनीति से प्रेरित" बताने वाले बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई है और सात दिनों के भीतर बिना शर्त सार्वजनिक माफी की मांग की है।&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;
  &lt;a href="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEgwTnXycyRpgnrjuHfAUP6EiSpUydeB3FRSUuGFuYxUlLBpjDVOAhpkQ7BCdiidHLkUwouN2UXSIVU0ncRf1CzYYpSAimAmDVnC2bnHBzxZX8GWAG93UYU14Ux9NXOG0T9i5oHlN9vhvqEO5IHEGo-r2LQpTDz16K3niIwST1wywrtQ6CLAnUaze1ebg4g" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;
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  &lt;/a&gt;
&lt;/div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें मातोश्री में अंदर जाने नहीं दिया गया इसलिए गेट पर सिक्योरिटी अधिकारियों को ही यह नोटिस सौंपी गई है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;div&gt;निलेश ओझा , एडवोकेट से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उन्हें धमकाया गया था कि उन्हें वकालत की प्रैक्टिस नहीं करने दिया जाएगा, इसलिए इसके जवाब में वह यहां नोटिस स्वयं देने आए और बता सके कि वह प्रैक्टिस कर रहे हैं।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;दिशा सालियन की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में ८ जून २०२० को मुंबई के मलाड स्थित उनके रिहायशी इमारत से कूदकर जान देने से हुई थी, जिस पर मालवणी पुलिस ने रिपोर्ट लगाई थी।&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;हाल ही में मुंबई उच्च न्यायालय के निर्देश पर केस सीबीआई को हस्तांतरित किया गया है , मालवणी पुलिस ने भी मामले से जुड़ी जानकारी सीबीआई को उपलब्ध कराई है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आदित्य ठाकरे ,वर्ली से शिवसेना यूबीटी के विधायक एवं पूर्व राज्य टूरिज्म मंत्री को भी इसमें आरोपी बनाया गया है, जिससे उन्होंने साफ इनकार किया है और यह भी कहा था कि दिशा के पिता सालियन की कानूनी लड़ाई व्यर्थ है।इसी से आहत होकर पिता सतीश ने मानहानि का दावा किया है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;सतीश सालियन ने कहा कि आम आदमी को कमजोर न समझे, उन्हें न्यायालय पर भरोसा है और उन्हें न्याय जरूर मिलेगा।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/09/blog-post_920.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" height="72" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEgwTnXycyRpgnrjuHfAUP6EiSpUydeB3FRSUuGFuYxUlLBpjDVOAhpkQ7BCdiidHLkUwouN2UXSIVU0ncRf1CzYYpSAimAmDVnC2bnHBzxZX8GWAG93UYU14Ux9NXOG0T9i5oHlN9vhvqEO5IHEGo-r2LQpTDz16K3niIwST1wywrtQ6CLAnUaze1ebg4g=s72-c" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-3765172277343595833</guid><pubDate>Sat, 19 Sep 2026 14:18:15 +0000</pubDate><atom:updated>2026-09-19T19:52:43.496+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">प्रशासनिक</category><title>मनपा का 1 अक्टूबर से विशेष अभियान/ वायु , धूल प्रदूषण रोकने की मुहिम</title><description>&lt;h3&gt;मानसून की विदाई के साथ धूल प्रदूषण पर बीएमसी की नजर&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;1 अक्टूबर से 15 दिन चलेगा विशेष अभियान, मुंबई की हवा खराब होने से रोकने पर जोर&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मुंबई।&lt;/strong&gt; मानसून की विदाई के साथ मुंबई में बढ़ने वाले धूल प्रदूषण और वायु गुणवत्ता में संभावित गिरावट को रोकने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) विशेष अभियान शुरू करने जा रही है। यह अभियान &lt;strong&gt;1 अक्टूबर से 15 दिनों तक&lt;/strong&gt; चलाया जाएगा। अभियान के दौरान शहर में धूल उत्सर्जन के प्रमुख स्रोतों की निगरानी और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;बीएमसी के अनुसार, मानसून के दौरान बारिश के कारण सड़कों और निर्माण स्थलों की धूल काफी हद तक नियंत्रित रहती है। लेकिन बारिश कम होने और मौसम के शुष्क होने के साथ सड़क की धूल, निर्माण कार्यों से निकलने वाले कण और खुले में रखी निर्माण सामग्री हवा की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;निर्माण स्थलों और सड़कों पर विशेष निगरानी&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;अभियान के दौरान निर्माण एवं तोड़फोड़ स्थलों, सड़क निर्माण, मलबे के परिवहन, खुले में रखी निर्माण सामग्री तथा धूल उड़ने वाले अन्य स्थानों की जांच की जाएगी। संबंधित एजेंसियों और निर्माणकर्ताओं को धूल नियंत्रण के लिए निर्धारित उपायों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएंगे।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;सड़कों पर धूल जमा होने की स्थिति में सफाई और पानी के छिड़काव जैसी व्यवस्थाओं पर भी निगरानी बढ़ाई जा सकती है। निर्माण स्थलों पर सामग्री को ढककर रखने, वाहनों से मलबा ले जाते समय उचित सावधानी बरतने तथा धूल को हवा में फैलने से रोकने के उपायों पर जोर रहेगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;
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  &lt;/a&gt;
&lt;/div&gt;&lt;br&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;वायु गुणवत्ता बिगड़ने से पहले रोकथाम पर जोर&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;बीएमसी का उद्देश्य वायु गुणवत्ता खराब होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय &lt;strong&gt;धूल उत्सर्जन के स्रोतों की पहले से पहचान कर रोकथाम करना&lt;/strong&gt; है। मुंबई में सर्दियों और मानसून के बाद मौसम में बदलाव के दौरान स्थानीय प्रदूषण स्रोतों का प्रभाव बढ़ सकता है। ऐसे में अक्टूबर की शुरुआत से ही निगरानी बढ़ाने को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;अभियान के दौरान सामने आने वाली कमियों के आधार पर संबंधित विभागों और एजेंसियों को सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए जाएंगे। बीएमसी का फोकस मुंबई की वायु गुणवत्ता को बनाए रखने के साथ-साथ नागरिकों को धूल प्रदूषण से होने वाली परेशानी को कम करने पर रहेगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत केंद्रीय मंत्रालय द्वारा जारी की गई 48 शहरों की सूची में मुंबई 28 वें स्थान पर है जो कि 2023 में 10 वें स्थान पर था।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मनपा आयुक्त अश्विनी भिड़े ने विशेष रूप से 28 सूत्रीय दिशा निर्देशों के तहत इस अभियान पर विशेष फोकस का निर्देश अधिकारियों को दिया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br&gt;&lt;/p&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/09/1.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" height="72" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEiL1RwC4uNyJCTxdJI9LJYzLdDH7YVf4ydg3LFZjSyr2ilwTYUqdp53Xj0NhTz9wNC1PMUtO1hA3uco62y1u-F8v-By7uD47PIK3zomNh9zQGPO3zWtiQr6Vg-pl_vrRGezdPpdjCQMVNdLr0QUiiXkQ8k6DS1CWM8fUfPEsFc4EzdmZ0h_wrgs5nTFJg4=s72-c" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-4830827491113019651</guid><pubDate>Sat, 19 Sep 2026 14:11:47 +0000</pubDate><atom:updated>2026-09-19T19:41:59.178+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">महानगर और आसपास</category><title>मेट्रो ४ परियोजना कार्यस्थल भक्ति पार्क वडाला में दो मजदूरों की मौत के बाद कॉन्ट्रैक्टर, सलाहकार पर ६ करोड़ का जुर्माना/</title><description>&lt;div&gt;&lt;b&gt;मुंबई मेट्रो-4 हादसा&lt;/b&gt;: भक्ति पार्क में दो मजदूरों की मौत के बाद ठेकेदार-परामर्शदाता पर ₹6 करोड़ का जुर्माना&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मुंबई।&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;वडाला के भक्ति पार्क इलाके में मुंबई मेट्रो-4 परियोजना के निर्माण स्थल पर पिछले शनिवार शाम ७.३० बजे हुए हादसे में दो मजदूरों की मौत के मामले में कार्रवाई तेज कर दी गई है। दोनों मजदूर नहीज (३३) साकिम (३७) फर्स्ट फ्लोर से नीचे उतर रहे थे जब लोहे की रॉड उन पर गिर पड़ी।&amp;nbsp;&lt;span&gt;हादसे के बाद संबंधित ठेकेदार और परियोजना के सलाहकार (कंसल्टेंट) पर कुल ₹6 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है। MMRDA नियमों के अनुसार टोटल प्रोजेक्ट कॉस्ट का १ प्रतिशत जुर्माना ६ करोड़ लगाया है।&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;जानकारी के अनुसार, भक्ति पार्क में मेट्रो निर्माण से जुड़े कार्य के दौरान दुर्घटना हुई, जिसमें दो श्रमिकों की जान चली गई। घटना के बाद निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों और कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठे। संबंधित एजेंसियों की ओर से मामले की जांच शुरू की गई है और हादसे के कारणों का पता लगाने के साथ जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया जारी है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;
  &lt;a href="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEjDvmiW-y7nIOEzo6W7-BukCTqYeO-RCxIaYrwTYVs4EdLT07U8ZC5Lz6sAdTzmz5rfcXtNa-NLLiTSn-tnGxvg4oLuxT9zyLq8XotAK8JuCpXXHZZlk9yA1_SGFfmYFxAPlRfBQmwqZVix7QZSFrODR1L-2LMOi0B6IhJCFVsOYRxVJp9TdDrlcY3h6mE" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;
    &lt;img border="0"   src="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEjDvmiW-y7nIOEzo6W7-BukCTqYeO-RCxIaYrwTYVs4EdLT07U8ZC5Lz6sAdTzmz5rfcXtNa-NLLiTSn-tnGxvg4oLuxT9zyLq8XotAK8JuCpXXHZZlk9yA1_SGFfmYFxAPlRfBQmwqZVix7QZSFrODR1L-2LMOi0B6IhJCFVsOYRxVJp9TdDrlcY3h6mE" width="400"&gt;
  &lt;/a&gt;
&lt;/div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;b&gt;सुरक्षा मानकों की होगी समीक्षा&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;हादसे के बाद मेट्रो-4 के निर्माण कार्य से जुड़े विभिन्न ठेकेदारों और एजेंसियों को कार्यस्थल पर सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण स्थल पर सुरक्षा उपकरण, बैरिकेडिंग, श्रमिकों के लिए सुरक्षा व्यवस्था तथा इंजीनियरिंग मानकों की भी समीक्षा की जा रही है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;अधिकारियों के मुताबिक, इतनी बड़ी आर्थिक कार्रवाई का उद्देश्य निर्माण एजेंसियों को सुरक्षा मानकों के प्रति जवाबदेह बनाना है। जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही या निर्धारित सुरक्षा नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो आगे भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;b&gt;मेट्रो-4 परियोजना पर निगाह&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मुंबई मेट्रो-4 (वडाला-कासरवडवली-गायमुख) शहर के महत्वपूर्ण मेट्रो कॉरिडोर में शामिल है। इस परियोजना का उद्देश्य मुंबई के पूर्वी और ठाणे क्षेत्र के बीच सार्वजनिक परिवहन संपर्क को मजबूत करना है। बड़े पैमाने पर चल रहे निर्माण कार्य के बीच श्रमिकों की सुरक्षा प्रशासन और परियोजना एजेंसियों के लिए प्रमुख मुद्दा बन गई है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;भक्ति पार्क हादसे के बाद अब निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने पर जोर दिया जा रहा है।&lt;/div&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/09/blog-post_19.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" height="72" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEjDvmiW-y7nIOEzo6W7-BukCTqYeO-RCxIaYrwTYVs4EdLT07U8ZC5Lz6sAdTzmz5rfcXtNa-NLLiTSn-tnGxvg4oLuxT9zyLq8XotAK8JuCpXXHZZlk9yA1_SGFfmYFxAPlRfBQmwqZVix7QZSFrODR1L-2LMOi0B6IhJCFVsOYRxVJp9TdDrlcY3h6mE=s72-c" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-5952009554290845803</guid><pubDate>Wed, 16 Sep 2026 12:20:58 +0000</pubDate><atom:updated>2026-09-16T17:51:16.199+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">महानगर और आसपास</category><title>देश का सबसे बड़ा शिपयार्ड बनेगा महाराष्ट्र में </title><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;महाराष्ट्र में जल्द बनेगा देश का सबसे बड़ा शिपयार्ड, मझगांव डॉक की भूमिका अहम&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मुंबई।&lt;/strong&gt; महाराष्ट्र के समुद्री क्षेत्र को नई ऊंचाई देने की दिशा में देश के सबसे बड़े शिपयार्ड की स्थापना की तैयारी तेज हो गई है। प्रस्तावित परियोजना से राज्य में जहाज निर्माण और जहाज मरम्मत की क्षमता बढ़ने के साथ-साथ रक्षा क्षेत्र, बंदरगाह आधारित उद्योग, समुद्री इंजीनियरिंग और लॉजिस्टिक्स को भी गति मिलने की उम्मीद है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;भारत सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन की नीति के बीच देश में स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। महाराष्ट्र, अपनी लंबी समुद्री तटरेखा, प्रमुख बंदरगाहों और विकसित औद्योगिक आधार के कारण इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;मझगांव डॉक का अनुभव बनेगा आधार&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;मुंबई का &lt;strong&gt;मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL)&lt;/strong&gt; देश के प्रमुख रक्षा जहाज निर्माण प्रतिष्ठानों में शामिल है। भारतीय नौसेना के लिए युद्धपोतों और पनडुब्बियों के निर्माण में MDL की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। स्वदेशी डिजाइन, जटिल जहाज निर्माण, पनडुब्बी निर्माण और अत्याधुनिक रक्षा प्रणालियों के एकीकरण का इसका अनुभव महाराष्ट्र के समुद्री उद्योग के लिए महत्वपूर्ण परिसंपत्ति माना जाता है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;मझगांव डॉक की विशेषज्ञता के कारण मुंबई और आसपास का क्षेत्र पहले से ही जहाज निर्माण से जुड़े इंजीनियरिंग, मरीन उपकरण, मशीनरी, इलेक्ट्रिकल सिस्टम और अन्य सहायक उद्योगों का केंद्र है। बड़े शिपयार्ड के विकास से इस सप्लाई चेन के और विस्तारित होने की संभावना है।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;रोजगार और सहायक उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;बड़े पैमाने पर शिपयार्ड की स्थापना से प्रत्यक्ष रोजगार के साथ-साथ बड़ी संख्या में अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की संभावना है। स्टील, भारी इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, समुद्री उपकरण, पेंट और कोटिंग, इंजन, पाइपिंग तथा लॉजिस्टिक्स से जुड़ी कंपनियों को भी नए अवसर मिल सकते हैं।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;विशेषज्ञों के अनुसार, आधुनिक शिपयार्ड केवल जहाज बनाने का केंद्र नहीं होता, बल्कि उसके आसपास एक पूरा &lt;strong&gt;मरीन इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम&lt;/strong&gt; विकसित होता है। इसमें डिजाइन कंपनियां, उपकरण निर्माता, तकनीकी सेवा प्रदाता, प्रशिक्षण संस्थान और लॉजिस्टिक्स कंपनियां शामिल होती हैं।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;रक्षा से लेकर वाणिज्यिक जहाजों तक अवसर&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;भारत में समुद्री व्यापार बढ़ने के साथ कंटेनर शिप, बल्क कैरियर, टैंकर और अन्य वाणिज्यिक जहाजों की मांग भी बढ़ रही है। ऐसे में घरेलू शिपबिल्डिंग क्षमता बढ़ाने से भारत की विदेशी शिपयार्ड पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;महाराष्ट्र में प्रस्तावित बड़े शिपयार्ड को रक्षा जहाजों के अलावा वाणिज्यिक जहाजों के निर्माण और मरम्मत के लिए भी विकसित किए जाने की संभावनाएं राज्य के समुद्री उद्योग के लिए महत्वपूर्ण हैं।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;मुंबई से महाराष्ट्र के समुद्री उद्योग को नई पहचान&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;मुंबई लंबे समय से भारत के समुद्री व्यापार और जहाज निर्माण के महत्वपूर्ण केंद्रों में रहा है। मझगांव डॉक की स्थापना ने इस क्षेत्र को रक्षा जहाज निर्माण के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान दिलाई। अब बड़े शिपयार्ड और बंदरगाह परियोजनाओं के विस्तार के साथ महाराष्ट्र के समुद्री औद्योगिक नेटवर्क के और मजबूत होने की उम्मीद है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;यदि प्रस्तावित परियोजना निर्धारित क्षमता और समयसीमा के अनुरूप विकसित होती है, तो महाराष्ट्र देश के जहाज निर्माण और जहाज मरम्मत उद्योग के प्रमुख केंद्रों में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है।&lt;/p&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/09/blog-post_16.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-8060847438178984422</guid><pubDate>Wed, 16 Sep 2026 04:28:16 +0000</pubDate><atom:updated>2026-09-16T09:59:51.639+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">आर्थिक</category><title>डिजिटल भुगतान पर नए नियम/ ग्राहकों को नहीं देना होगा अतिरिक्त शुल्क/ छोटे दुकानदारों को १ लाख तक कोई MDR शुल्क नहीं।</title><description>&lt;div&gt;डिजिटल भुगतान पर MDR शुल्क में बदलाव, छोटे दुकानदारों को बड़ी राहत&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मुंबई। डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और छोटे कारोबारियों पर शुल्क का बोझ कम रखने के उद्देश्य से मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर नए प्रावधान प्रस्तावित किए गए हैं।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;
  &lt;a href="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEiL54NB2GuOr2CkuILAr67aycjHshTH81bWMvcgGlcGGH3l47obZeTF7gwESRJq4CUZhi1mq5vPx6piMSoJHmYpwNH55k7sWsseJoqzc_grjBFqNv7aONhAyMUc8LDjmqH0uP6Ti30I10Evr_18HabukWQXF8kR0qDzwbw80XYuOEVHMwRWn4gsEmswjbM" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;
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  &lt;/a&gt;
&lt;/div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&amp;nbsp;नए ढांचे के तहत छोटे दुकानदारों के लिए निर्धारित सीमा तक डिजिटल लेनदेन पर MDR शून्य रखा जाएगा, जबकि अधिक राशि के लेनदेन पर निर्धारित दर से शुल्क लागू होगा। खास बात यह है कि MDR का भुगतान उपभोक्ता को नहीं करना होगा।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, एक लाख रुपये तक के डिजिटल भुगतान कारोबार वाले छोटे दुकानदारों के लिए MDR शून्य रहेगा। वहीं, 2,000 रुपये से अधिक के लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होने की बात कही गई है। इसके अलावा 75,000 रुपये से अधिक के लेनदेन पर MDR की राशि 300 रुपये निर्धारित की जाएगी। यह राशि दुकानदारों को देनी होगी, ग्राहक से कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;इस व्यवस्था का उद्देश्य छोटे व्यापारियों को डिजिटल भुगतान स्वीकार करने के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि MDR का अतिरिक्त खर्च उनकी कमाई और मार्जिन को प्रभावित न करे। साथ ही, ग्राहकों पर सीधे तौर पर इस शुल्क का बोझ नहीं डाला जाएगा।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;स्टॉक ब्रोकर और म्यूचुअल फंड के लिए अलग दर&lt;/div&gt;&lt;div&gt;डिजिटल वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में स्टॉक ब्रोकर और म्यूचुअल फंड लेनदेन के लिए अलग MDR दर प्रस्तावित है। इनके मामले में 2,000 रुपये से अधिक के लेनदेन पर 0.02 प्रतिशत MDR लगाया जाएगा।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;वित्तीय क्षेत्र में डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल लगातार बढ़ने के बीच MDR की दरें भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र के लिए महत्वपूर्ण हैं। बैंकों, भुगतान सेवा प्रदाताओं और व्यापारियों के बीच MDR के बंटवारे तथा इसके वास्तविक प्रभाव का निर्धारण संबंधित नियमों और अंतिम अधिसूचना के अनुसार होगा।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;हालांकि, इन दरों के लागू होने की अंतिम तारीख ( संभावित १५ अक्टूबर २०२६) और विस्तृत परिचालन नियम संबंधित नियामकीय/सरकारी अधिसूचना से स्पष्ट होंगे।&lt;/div&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/09/mdr.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" height="72" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEiL54NB2GuOr2CkuILAr67aycjHshTH81bWMvcgGlcGGH3l47obZeTF7gwESRJq4CUZhi1mq5vPx6piMSoJHmYpwNH55k7sWsseJoqzc_grjBFqNv7aONhAyMUc8LDjmqH0uP6Ti30I10Evr_18HabukWQXF8kR0qDzwbw80XYuOEVHMwRWn4gsEmswjbM=s72-c" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-62447772400060434</guid><pubDate>Tue, 15 Sep 2026 17:22:30 +0000</pubDate><atom:updated>2026-09-15T22:52:39.140+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">प्रशासनिक</category><title>चीनी मिलो के लिए सॉफ्ट लोन को हरी झंडी: महाराष्ट्र कैबिनेट का बड़ा फैसला </title><description>&lt;div&gt;&lt;b&gt;&lt;i&gt;महाराष्ट्र कैबिनेट का बड़ा फैसला&lt;/i&gt;&lt;/b&gt;: सहकारी चीनी मिलों को सॉफ्ट लोन, प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं की होगी समीक्षा&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने सहकारी चीनी मिलों को वित्तीय राहत देने की दिशा में अहम कदम उठाते हुए उन्हें सॉफ्ट लोन उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की ओर से लिए गए इस फैसले का उद्देश्य आर्थिक दबाव झेल रही सहकारी चीनी मिलों को कार्यशील पूंजी और वित्तीय स्थिरता उपलब्ध कराना है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;
  &lt;a href="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEg2w7QQtjthv3tOg2StAXC3USUgRxRkM2JPAaTKOt1aruvFkFVuFWU7D28WVILsNTss26Aw1SrpldGP0wQV2PS8Uy9iOHbteUjm_r4VF0NLfyYAVihqBlD66GkmLswX7Qcw9kDa2FeYJ6wGVR7faY7lb08jkVNURcOU1m8lusAuU-SRAmbLEF_yzWSCDa8" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;
    &lt;img border="0"   src="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEg2w7QQtjthv3tOg2StAXC3USUgRxRkM2JPAaTKOt1aruvFkFVuFWU7D28WVILsNTss26Aw1SrpldGP0wQV2PS8Uy9iOHbteUjm_r4VF0NLfyYAVihqBlD66GkmLswX7Qcw9kDa2FeYJ6wGVR7faY7lb08jkVNURcOU1m8lusAuU-SRAmbLEF_yzWSCDa8" width="400"&gt;
  &lt;/a&gt;
&lt;/div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;कैबिनेट के फैसले के मुताबिक पात्र सहकारी चीनी मिलों को अपेक्षाकृत आसान शर्तों और रियायती ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे मिलों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और गन्ना किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। महाराष्ट्र देश के प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों में शामिल है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सहकारी चीनी मिलों की महत्वपूर्ण भूमिका है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर नजर&lt;/div&gt;&lt;div&gt;सहकारी चीनी मिलों को सॉफ्ट लोन देने के फैसले को गन्ना उत्पादक किसानों के हित से भी जोड़कर देखा जा रहा है। मिलों पर वित्तीय दबाव बढ़ने की स्थिति में किसानों के गन्ना भुगतान में देरी की आशंका रहती है। ऐसे में सरकार की वित्तीय सहायता से मिलों की नकदी स्थिति में सुधार आने और भुगतान प्रक्रिया सुचारु होने की उम्मीद है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;सरकार ने इस बात पर भी जोर दिया है कि ऋण सुविधा का लाभ केवल पात्र और व्यवहार्य मिलों को मिले तथा राशि के इस्तेमाल और पुनर्भुगतान की व्यवस्था पर निगरानी रखी जाए।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं का मूल्यांकन&lt;/div&gt;&lt;div&gt;कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार की प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं के प्रभाव और क्रियान्वयन का मूल्यांकन करने पर भी चर्चा हुई। सरकार यह आकलन करना चाहती है कि विभिन्न योजनाओं का वास्तविक लाभ लक्षित वर्ग तक कितना पहुंच रहा है और सरकारी खर्च के मुकाबले उनका सामाजिक-आर्थिक प्रभाव कितना है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मूल्यांकन के दौरान योजनाओं की लाभार्थी पहुंच, वित्तीय बोझ, क्रियान्वयन की गुणवत्ता और वास्तविक परिणामों को प्रमुख आधार बनाया जा सकता है। इससे सरकार को भविष्य में योजनाओं के बजट, डिजाइन और क्रियान्वयन में आवश्यक बदलाव करने में मदद मिलेगी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;राज्य में विधानसभा चुनावों के बाद कल्याणकारी योजनाओं पर बढ़ते वित्तीय दबाव के बीच यह समीक्षा महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सरकार का लक्ष्य एक ओर जरूरतमंद वर्गों को राहत जारी रखना और दूसरी ओर राज्य के वित्तीय संसाधनों का अधिक प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित करना है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;b&gt;&lt;i&gt;सॉफ्ट लोन और कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा&lt;/i&gt;&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;दोनों फैसले महाराष्ट्र सरकार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सहारा देने और सरकारी खर्च की प्रभावशीलता बढ़ाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा माने जा रहे हैं।&lt;/div&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/09/blog-post_979.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" height="72" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEg2w7QQtjthv3tOg2StAXC3USUgRxRkM2JPAaTKOt1aruvFkFVuFWU7D28WVILsNTss26Aw1SrpldGP0wQV2PS8Uy9iOHbteUjm_r4VF0NLfyYAVihqBlD66GkmLswX7Qcw9kDa2FeYJ6wGVR7faY7lb08jkVNURcOU1m8lusAuU-SRAmbLEF_yzWSCDa8=s72-c" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-1606811961630444485</guid><pubDate>Tue, 15 Sep 2026 17:01:09 +0000</pubDate><atom:updated>2026-09-15T22:55:52.614+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">राजनीतिक</category><title>२०२९ तक देश के २१ राज्यों में UCC लागू होगा: गृह मंत्री शाह;  महाराष्ट्र में शीतकालीन सत्र में बिल लाने की तैयारी: सीएम फडणवीस </title><description>2029 से पहले NDA शासित 21 राज्यों में लागू होगा UCC: अमित शाह; महाराष्ट्र में शीतकालीन सत्र में विधेयक लाने की तैयारी|&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मुंबई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code–UCC) को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि 2029 से पहले NDA शासित 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि UCC का उद्देश्य देश में नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे व्यक्तिगत कानूनों में समानता सुनिश्चित करना है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;
  &lt;a href="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEhKQZdnI8R7yaNQVPm1BkadGZUZDIqUlQdaGmcx5RfyCQl-EAIoOXGlGjuvxwHDK2uMLwP-WPzBRUDrKCWDFjOZLO7zzDKY8JMAnkHrFolAuxqNyO1sUme-Rb4asUsonyI9SLiH3YYdL_FfoXfip6TZT9hggiNR_cLejWA0jmHGQWF27zDyqWfMpnonyvk" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;
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  &lt;/a&gt;
&lt;/div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;अमित शाह के इस बयान के बाद महाराष्ट्र में भी UCC को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां तेज होने के संकेत हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि महाराष्ट्र में UCC के लिए पूर्व न्यायाधीश रंजना देसाई की अध्यक्षता में प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। फडणवीस के मुताबिक, पूर्व न्यायाधीश रंजना देसाई विधेयक का मसौदा तैयार कर रही हैं और इसे आगामी शीतकालीन विधानसभा सत्र में पेश करने की तैयारी है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;21 राज्यों में लागू करने की तैयारी&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;अमित शाह ने कहा कि NDA के नेतृत्व वाली सरकारें अपने-अपने राज्यों में UCC लागू करने की दिशा में काम कर रही हैं। केंद्र सरकार लंबे समय से व्यक्तिगत कानूनों में समानता को UCC के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल करती रही है। उत्तराखंड के बाद अन्य राज्यों में भी इस दिशा में पहल को गति मिलने की उम्मीद है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;महाराष्ट्र में रंजना देसाई समिति की भूमिका&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;महाराष्ट्र सरकार ने UCC के लिए पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना देसाई की अध्यक्षता में समिति गठित की है। समिति राज्य में लागू किए जाने वाले समान नागरिक संहिता के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर रही है और संबंधित कानूनों, सामाजिक परिस्थितियों तथा हितधारकों की राय को ध्यान में रखते हुए मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया में है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मुख्यमंत्री फडणवीस के अनुसार, विधेयक को शीतकालीन सत्र में विधानसभा के समक्ष लाने की दिशा में काम किया जा रहा है। यदि प्रस्तावित कानून विधानसभा से पारित होता है, तो महाराष्ट्र भी UCC लागू करने वाले राज्यों की सूची में शामिल हो सकता है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;UCC को लेकर देशभर में बहस&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;UCC का मुद्दा लंबे समय से देश की राजनीति के केंद्र में रहा है। इसके समर्थकों का कहना है कि अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों की जगह समान नागरिक कानून से कानूनी समानता और लैंगिक न्याय को मजबूती मिलेगी। वहीं, विरोध करने वाले पक्षों का तर्क है कि भारत की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विविधता को देखते हुए व्यक्तिगत कानूनों में बदलाव करते समय सभी समुदायों की चिंताओं और संवैधानिक अधिकारों का ध्यान रखा जाना चाहिए।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;अमित शाह के 2029 से पहले 21 NDA शासित राज्यों में UCC लागू करने के लक्ष्य और महाराष्ट्र में शीतकालीन सत्र के दौरान संभावित विधेयक ने इस मुद्दे को एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।&lt;/div&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/09/ucc.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" height="72" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEhKQZdnI8R7yaNQVPm1BkadGZUZDIqUlQdaGmcx5RfyCQl-EAIoOXGlGjuvxwHDK2uMLwP-WPzBRUDrKCWDFjOZLO7zzDKY8JMAnkHrFolAuxqNyO1sUme-Rb4asUsonyI9SLiH3YYdL_FfoXfip6TZT9hggiNR_cLejWA0jmHGQWF27zDyqWfMpnonyvk=s72-c" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-7704205342943223768</guid><pubDate>Tue, 15 Sep 2026 00:41:40 +0000</pubDate><atom:updated>2026-09-15T06:14:32.473+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">आध्यात्मिक</category><title>ऋषि पंचमी व्रत आज </title><description>&lt;div&gt;&#127807; &lt;b&gt;&lt;i&gt;ऋषि पंचमी व्रत 2026 — मंगलवार, 15 सितंबर&lt;/i&gt;&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को ऋषि पंचमी का पावन व्रत किया जाता है। वर्ष 2026 में ऋषि पंचमी मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी। इस दिन सप्तऋषियों और माता अरुंधती का पूजन करके आत्मशुद्धि, संयम और ऋषियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने की परंपरा है।&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;
  &lt;a href="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEgvlRyKgG0NeWNSbH6xDd3arYx1B7SeVKaaW3TIJOUWmVYTa2pFL1O8O6LEjp9GUvgvxI0br-zz_nz9ezGUrTD4FifP_aAqUGB9oTOB7JxnqPcgV3sTO_Fj2bEEhApB32zSNJphdxugjv0sK1Ev-9QVnN8OqgdKrRS6WDInOGRz-rSWvLLiMdYPd_fSi4Q" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;
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  &lt;/a&gt;
&lt;/div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&#128329;️&lt;b&gt;&lt;i&gt; तिथि और पूजा का समय&lt;/i&gt;&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;ऋषि पंचमी: मंगलवार, 15 सितंबर 2026&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पंचमी तिथि प्रारंभ: 15 सितंबर, प्रातः 7:44 बजे&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पंचमी तिथि समाप्त: 16 सितंबर, प्रातः 8:59 बजे&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पूजा का प्रमुख मुहूर्त: लगभग 11:02 बजे से 1:30 बजे तक&lt;/div&gt;&lt;div&gt;स्थान के अनुसार मुहूर्त में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&#127802;&lt;b&gt;&lt;i&gt; ऋषि पंचमी का धार्मिक महत्व&lt;/i&gt;&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;ऋषि पंचमी केवल एक व्रत नहीं, बल्कि ऋषि परंपरा, ज्ञान, तप, संयम और आत्मशुद्धि के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का पर्व है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;धार्मिक मान्यता के अनुसार मनुष्य से जाने-अनजाने में अनेक प्रकार की भूलें और अशुद्धियां हो सकती हैं। ऋषि पंचमी के दिन व्रत, स्नान, पूजा, जप, दान और प्रार्थना के माध्यम से उन भूलों के लिए प्रायश्चित करने की भावना रखी जाती है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;इस दिन विशेष रूप से सप्तऋषियों—कश्यप, अत्रि, भारद्वाज, विश्वामित्र, गौतम, जमदग्नि और वशिष्ठ—तथा माता अरुंधती का पूजन किया जाता है।&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&#128591;&lt;b&gt;&lt;i&gt; पूजा विधि&lt;/i&gt;&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;1. प्रातःकाल ब्रह्ममुहूर्त अथवा सूर्योदय के आसपास उठकर स्नान करें।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;2. स्वच्छ वस्त्र धारण करके पूजा स्थल को शुद्ध करें।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;3. चौकी पर सप्तऋषियों और माता अरुंधती की प्रतिमा/चित्र स्थापित करें।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;4. कलश स्थापित कर भगवान गणेश का स्मरण करें।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;5. सप्तऋषियों को जल, पंचामृत, चंदन, अक्षत, पुष्प, धूप और दीप अर्पित करें।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;6. श्रद्धानुसार ऋषियों को नैवेद्य एवं फल अर्पित करें।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;7. ऋषि पंचमी व्रत कथा का पाठ या श्रवण करें।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;8. सप्तऋषियों के नाम का स्मरण और मंत्र-जप करें।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;9. आरती करके अपने तथा परिवार के लिए सुख-शांति और सद्बुद्धि की प्रार्थना करें।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;10. सामर्थ्य के अनुसार ब्राह्मण, जरूरतमंद व्यक्ति या गौसेवा आदि में दान करें।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पूजा में स्नान, स्वच्छता, ध्यान, प्रार्थना और सप्तऋषियों को जल-पुष्प आदि अर्पित करने की परंपरा का उल्लेख मिलता है।&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&#127793;&lt;b&gt; व्रत में क्या करें?&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;ऋषि पंचमी के दिन सात्त्विकता, संयम और शुद्ध आचरण को विशेष महत्व दिया जाता है। श्रद्धालु अपनी परंपरा और स्वास्थ्य के अनुसार उपवास रखते हैं। कई क्षेत्रों में विशेष प्रकार की सात्त्विक आहार-परंपराएं भी प्रचलित हैं।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;व्रत रखने में स्वास्थ्य संबंधी कठिनाई हो तो कठोर उपवास के बजाय फलाहार या सात्त्विक आहार लेकर भी श्रद्धापूर्वक पूजा की जा सकती है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&#127800; &lt;b&gt;&lt;i&gt;विशेष रूप से महिलाओं के लिए महत्व&lt;/i&gt;&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;ऋषि पंचमी का व्रत अनेक स्थानों पर महिलाओं द्वारा विशेष श्रद्धा से किया जाता है। इसका उद्देश्य केवल किसी दोष से मुक्ति की कामना करना नहीं, बल्कि आत्मसंयम, आत्मशुद्धि और परिवार के मंगल की प्रार्थना भी है।&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&#129684; &lt;b&gt;&lt;i&gt;सप्तऋषियों का स्मरण&lt;/i&gt;&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;ॐ कश्यपाय नमः।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;ॐ अत्रये नमः।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;ॐ भारद्वाजाय नमः।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;ॐ विश्वामित्राय नमः।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;ॐ गौतमाय नमः।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;ॐ जमदग्नये नमः।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;ॐ वसिष्ठाय नमः।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;ॐ अरुन्धत्यै नमः।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;श्रद्धापूर्वक इन ऋषियों का स्मरण करके ज्ञान, सद्बुद्धि, संयम और धर्माचरण की प्रार्थना करें।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;b&gt;&lt;i&gt;&lt;br&gt;&lt;/i&gt;&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;b&gt;&lt;i&gt;&#127804; ऋषि पंचमी का संदेश&lt;/i&gt;&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;ऋषि पंचमी हमें याद दिलाती है कि हमारी सनातन परंपरा केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है। हमारे ऋषियों ने वेद, धर्म, योग, आयुर्वेद, दर्शन और जीवन के उच्च आदर्शों के माध्यम से समाज को ज्ञान का मार्ग दिखाया। इसलिए इस दिन ऋषियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के साथ उनके बताए सत्य, तप, संयम, सेवा और सदाचार को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लेना चाहिए।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;“ऋषियों का सम्मान, ज्ञान का सम्मान है;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;ज्ञान का सम्मान, सनातन संस्कृति का सम्मान है।”&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;**॥ सर्वे भवन्तु सुखिनः ॥**&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;(&lt;b&gt;सौजन्य&lt;/b&gt;: आचार्य अजय मिश्र जी, मुख्य पुजारी विहिप संचालित समर्थ हनुमान टेकड़ी सिद्ध पीठ, सायन, मुंबई )&lt;/div&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/09/blog-post_15.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" height="72" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEgvlRyKgG0NeWNSbH6xDd3arYx1B7SeVKaaW3TIJOUWmVYTa2pFL1O8O6LEjp9GUvgvxI0br-zz_nz9ezGUrTD4FifP_aAqUGB9oTOB7JxnqPcgV3sTO_Fj2bEEhApB32zSNJphdxugjv0sK1Ev-9QVnN8OqgdKrRS6WDInOGRz-rSWvLLiMdYPd_fSi4Q=s72-c" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-1540478048162048929</guid><pubDate>Sun, 13 Sep 2026 18:23:07 +0000</pubDate><atom:updated>2026-09-13T23:59:13.699+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">महानगर और आसपास</category><title>एशियाटिक सोसाइटी मुंबई में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा दुर्लभ पांडुलिपियों  की प्रदर्शनी का उद्घाटन सम्पन्न </title><description>&lt;div&gt;&lt;b&gt;मुंबई के एशियाटिक सोसायटी में दुर्लभ पांडुलिपियों की विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन&lt;/b&gt;,&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&amp;nbsp;&lt;b&gt;अमित शाह बोले&lt;/b&gt;—भारत की ज्ञान परंपरा हमारी अमूल्य विरासत।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मुंबई।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&amp;nbsp;केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मुंबई स्थित ऐतिहासिक एशियाटिक सोसायटी में भारतीय ज्ञान, संस्कृति और साहित्यिक विरासत से जुड़ी दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण पांडुलिपियों की विशेष रूप से तैयार की गई प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने प्राचीन भारतीय ग्रंथों और पांडुलिपियों के संरक्षण, अध्ययन तथा नई पीढ़ी तक उनके ज्ञान को पहुंचाने के महत्व पर जोर दिया।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;
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  &lt;/a&gt;
&lt;/div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;उक्त अवसर पर सीएम फडणवीस, मंत्री चंद्रकांत पाटिल, मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा, मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम, डीसीएम एकनाथ शिंदे, मंत्री जयकुमार रावल, आमदार एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण, पूर्व सांसद विनय सहस्रबुद्धे ( एशियाटिक सोसाइटी अध्यक्ष) , विधायक MLC प्रवीण दरेकर , विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर आदि गणमान्य उपस्थित रहे।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;प्रदर्शनी में भारतीय सभ्यता और ज्ञान परंपरा की समृद्ध विरासत को दर्शाने वाली चुनिंदा पांडुलिपियों को प्रदर्शित किया गया है। इन पांडुलिपियों के माध्यम से भारत के प्राचीन साहित्य, दर्शन, धर्म, विज्ञान, इतिहास और भाषायी परंपरा की झलक देखने को मिलती है।&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;एशियाटिक सोसायटी के संग्रह में संरक्षित ऐतिहासिक दस्तावेज और ग्रंथ शोधकर्ताओं तथा इतिहास एवं संस्कृति में रुचि रखने वाले लोगों के लिए लंबे समय से महत्वपूर्ण स्रोत रहे हैं।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;b&gt;पांडुलिपियां केवल दस्तावेज नहीं, भारत की स्मृति : शाह&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;b&gt;&lt;br&gt;&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;उद्घाटन अवसर पर अमित शाह ने भारतीय पांडुलिपियों को देश की बौद्धिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए इनके संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भारत की हजारों वर्षों पुरानी ज्ञान परंपरा को समझने के लिए मूल पांडुलिपियों का संरक्षण और उनका वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण बेहद आवश्यक है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से दुर्लभ पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण किया जाना चाहिए, ताकि देश-विदेश के शोधकर्ताओं और युवा पीढ़ी को इस अमूल्य विरासत तक पहुंच मिल सके।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;b&gt;एशियाटिक सोसायटी&lt;/b&gt;&amp;nbsp;, फोर्ट, मुंबई की ऐतिहासिक भूमिका&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मुंबई की एशियाटिक सोसायटी देश की प्रमुख ऐतिहासिक और शोध संस्थाओं में शामिल है। इसकी स्थापना 1804 में हुई थी और पिछले दो शताब्दियों से अधिक समय में इस संस्था ने भारतीय इतिहास, साहित्य, भाषा, पुरातत्व और प्राच्य अध्ययन से जुड़े दुर्लभ दस्तावेजों एवं पुस्तकों का महत्वपूर्ण संग्रह तैयार किया है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;सोसायटी की लाइब्रेरी में मौजूद पांडुलिपियां भारत के अलावा एशिया की व्यापक बौद्धिक और सांस्कृतिक परंपराओं के अध्ययन में भी महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। विशेष प्रदर्शनी के माध्यम से आम लोगों को इस ऐतिहासिक संग्रह को करीब से देखने और भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा को समझने का अवसर मिल रहा है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;युवा पीढ़ी को विरासत से जोड़ने की पहल&lt;/div&gt;&lt;div&gt;प्रदर्शनी का उद्देश्य केवल दुर्लभ पांडुलिपियों को प्रदर्शित करना ही नहीं, बल्कि युवाओं में भारतीय इतिहास और ज्ञान परंपरा के प्रति रुचि पैदा करना भी है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी प्रदर्शनियां भारत की सांस्कृतिक विरासत को संग्रहालयों और अभिलेखागारों से निकालकर आम समाज तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन सकती हैं।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मुंबई में आयोजित यह प्रदर्शनी भारत की प्राचीन ज्ञान-संपदा और आधुनिक संरक्षण प्रयासों के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु के रूप में देखी जा रही है।&lt;/div&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/09/blog-post_117.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" height="72" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEgI2zAINRXU99JOx-lyjz6nHURcFc-omeo-OEYLs8u5fIJFPhArgi5J5bK1Ti2aSpEGGm-Aq99F-jl_wXI594L-Yun2VgDyNtrRCs9cI5NP-EYHuY34S3Mr56qk1k2a3tYmgE1bD819nZfMjVGmLpKkJOxxgqruWZ6hqYoSa7Lju_nmBRA3eFy32Jk0N1s=s72-c" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-4112960927780903879</guid><pubDate>Sun, 13 Sep 2026 18:15:56 +0000</pubDate><atom:updated>2026-09-13T23:46:04.840+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">कानून और अपराध</category><title>कैट सीरियल किलर इन मुंबई शिवा को आरसीएफ पुलिस ने किया गिरफ्तार।</title><description>सीरियल कैट किलर शिवा गिरफ्तार, RCF पुलिस की कार्रवाई से खुला बेजुबान जानवरों की हत्या का राज&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मुंबई।&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आरसीएफ , चेंबूर पुलिस ने बिल्लियों की कथित तौर पर सिलसिलेवार हत्या करने के मामले में शिवा नामक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में आरोपी की भूमिका सामने आने के बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। मामले ने इलाके में पशु प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों के बीच चिंता पैदा कर दी है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पुलिस के अनुसार, आरोपी शिवा पर क्षेत्र में कई बिल्लियों को निशाना बनाने का आरोप है। लगातार हो रही घटनाओं के बाद पुलिस ने शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। जांच के दौरान संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर शिवा को पकड़ा गया।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;
  &lt;a href="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEgHwRaqkK9uARltakzUbKzKadw7ZoEKzK1znpCoGxi1nc1sjSGUz9zEt7sEn_nCYPpb1QKgsqwwak9AD5TFim7MBv5VZNifXpHmHpRlLZ7FkdsRDS7cn4UU249BcaCvkIQuC2nUx-g6LyzxzUPSBsOktDOay0lR_jAWplMjJHA4C-xE2O6eokV4Fgntjiw" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;
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  &lt;/a&gt;
&lt;/div&gt;&amp;nbsp;बाएं से आरोपी सीरियल कैट किलर शिवा&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;b&gt;पूछताछ में सामने आई अहम जानकारी&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पुलिस पूछताछ के दौरान शिवा ने कथित तौर पर ६ बिल्लियों को मारने की घटनाओं के संबंध में जानकारी दी है। उसके कथित कबूलनामे और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की पुलिस स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस मामले में कितनी बिल्लियों की हत्या की गई और आरोपी ने किन परिस्थितियों में इन घटनाओं को अंजाम दिया। चेंबुर के पंजरापोल इलाके में लगभग २० बिल्लियों के मारे जाने की खबर है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;b&gt;PETA इंडिया ने सीरियल किलर के बारे में जानकारी देनेवाले पर ५० हजार का इनाम भी रखा था।&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;जांच अधिकारियों द्वारा घटनास्थल, प्रत्यक्षदर्शियों तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी अकेले इस वारदात को अंजाम देता था या इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;b&gt;BNS की धाराओं में मामला दर्ज&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आरसीएफ पुलिस ने आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की है। FIR में दर्ज सटीक BNS धारा ३२५, प्रिवेंशन ऑफ एनिमल्स क्रुएल्टी एक्ट १९६० के तहत कार्रवाई की जा रही है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पुलिस आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों, बरामदगी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच कर रही है। आरोपी को अदालत में पेश किए जाने के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा किया जाएगा।&lt;/div&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/09/blog-post_259.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" height="72" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEgHwRaqkK9uARltakzUbKzKadw7ZoEKzK1znpCoGxi1nc1sjSGUz9zEt7sEn_nCYPpb1QKgsqwwak9AD5TFim7MBv5VZNifXpHmHpRlLZ7FkdsRDS7cn4UU249BcaCvkIQuC2nUx-g6LyzxzUPSBsOktDOay0lR_jAWplMjJHA4C-xE2O6eokV4Fgntjiw=s72-c" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-2641296492567427806</guid><pubDate>Sun, 13 Sep 2026 18:02:36 +0000</pubDate><atom:updated>2026-09-13T23:32:46.992+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">प्रशासनिक</category><title>जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी बने बॉम्बे हाई कोर्ट के 50वें मुख्य न्यायाधीश/ राज्यपाल वर्मा ने दिलाई गोपनीयता की शपथ/</title><description>&lt;h3&gt;न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी बने बॉम्बे हाईकोर्ट के 50वें मुख्य न्यायाधीश&lt;/h3&gt;
&lt;h4&gt;राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने दिलाई शपथ, न्यायपालिका में लंबे अनुभव का लाभ मिलने की उम्मीद।&lt;/h4&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मुंबई।&lt;/strong&gt; न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी ने 9 सितंबर को लोकभवन में बॉम्बे हाईकोर्ट के &lt;strong&gt;50वें मुख्य न्यायाधीश&lt;/strong&gt; के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह में महाराष्ट्र के राज्यपाल &lt;strong&gt;जिष्णु देव वर्मा&lt;/strong&gt; ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। इस अवसर पर न्यायपालिका, प्रशासन और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा ताई पवार इस मौके पर मौजूद रहे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;
  &lt;a href="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEiWlZGwgEeoOKtNdSs6NcJuK4GNSyMd2sbGAy7rtJCOJz2D33iNQ721q-WiqIBrZSUtiGU6mN7z2QwKhzgYUb1PXPV8heckfumQkxjY2w_uKKLjiICLK6pLPzjZt6F4VkY_U7-SkT7z4RXtuTdp5sGHz69kOLYL-IpNo2Of2s23iFZ4T7AjQR_hECpfUjQ" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;
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  &lt;/a&gt;
&lt;/div&gt;&lt;br&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभालने के बाद न्यायमूर्ति त्रिपाठी के समक्ष लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे, न्यायिक प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाने तथा आम नागरिकों को समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराने जैसी महत्वपूर्ण चुनौतियां रहेंगी।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;न्यायमूर्ति त्रिपाठी का न्यायिक सफर&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी ने अपने न्यायिक करियर में लंबे समय तक संवैधानिक, दीवानी और आपराधिक मामलों की सुनवाई की है। न्यायिक क्षेत्र में उनके अनुभव में महत्वपूर्ण संवैधानिक एवं प्रशासनिक मुद्दों से जुड़े मामलों की सुनवाई भी शामिल रही है। 1990 में लखनऊ विश्विद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और 1992 में बतौर वकील पंजीकृत हुए। वह उत्तर प्रदेश शासन के लिए एडिशनल चीफ स्टैंडिंग&amp;nbsp; काउंसिल रहे। कानपुर नगर निगम, कानपुर विकास प्राधिकरण, आगरा प्राधिकरण निगम, उत्तर प्रदेश फूड एंड एसेंशियल कमोडिटीज कॉरपोरेशन, मुरादाबाद विकास प्राधिकरण&amp;nbsp; के काउंसिल रहे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;2013 में इलाहाबाद हाई कोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश बने, 2015 में परमानेंट न्यायाधीश बने।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;6 आगस्त 2026 को सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम ने उनका नाम बम्बई उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के लिए प्रस्तावित किया था।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;उनकी न्यायिक कार्यशैली में &lt;strong&gt;कानून की स्पष्ट व्याख्या, प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों तथा न्यायिक प्रक्रिया में निष्पक्षता&lt;/strong&gt; पर विशेष जोर देखा गया है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण मामलों में दिए गए निर्णयों के माध्यम से कानून की व्याख्या और न्यायिक सिद्धांतों को स्पष्ट किया है।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;महत्वपूर्ण जिम्मेदारी&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;बॉम्बे हाईकोर्ट देश के सबसे पुराने और महत्वपूर्ण उच्च न्यायालयों में से एक है। इसके अधिकार क्षेत्र में महाराष्ट्र के साथ-साथ गोवा तथा केंद्रशासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव से जुड़े मामले भी आते हैं। बड़ी संख्या में लंबित मुकदमों के बीच नए मुख्य न्यायाधीश के सामने न्यायिक कार्यों को गति देना बड़ी प्राथमिकता होगी।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;न्यायमूर्ति त्रिपाठी के प्रशासनिक अनुभव का इस्तेमाल हाईकोर्ट की विभिन्न पीठों के कामकाज को सुव्यवस्थित करने, मामलों की सुनवाई में तेजी लाने और तकनीक आधारित न्यायिक प्रक्रियाओं को मजबूत करने में किया जा सकता है।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;किसके स्थान पर संभाला पद?&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी ने बॉम्बे हाईकोर्ट के &lt;strong&gt;पूर्व मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर के स्थान पर पदभार संभाला है&lt;/strong&gt;। अब तक न्यायमूर्ति रविन्द्र घूघे यह कार्यभार संभाल रहे थे। उनके पूर्ववर्ती मुख्य न्यायाधीश का कार्यकाल पूरा होने के बाद केंद्र सरकार की अधिसूचना के तहत न्यायमूर्ति त्रिपाठी की नियुक्ति की गई।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;br&gt;&lt;/p&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/09/50.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" height="72" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEiWlZGwgEeoOKtNdSs6NcJuK4GNSyMd2sbGAy7rtJCOJz2D33iNQ721q-WiqIBrZSUtiGU6mN7z2QwKhzgYUb1PXPV8heckfumQkxjY2w_uKKLjiICLK6pLPzjZt6F4VkY_U7-SkT7z4RXtuTdp5sGHz69kOLYL-IpNo2Of2s23iFZ4T7AjQR_hECpfUjQ=s72-c" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-60390068046308249</guid><pubDate>Sun, 13 Sep 2026 13:29:16 +0000</pubDate><atom:updated>2026-09-13T18:59:24.846+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">महानगर और आसपास</category><title>लालबागचा राजा मंडल से प्रसाद, गीले कचरे को रिन्यूएबल एनर्जी में रूपांतरित कर बनेगी बिजली/ सायन, के ई एम अस्पताल के मरीजों के लिए बनेगी सहायक</title><description>&lt;b&gt;लालबागचा राजा के प्रसाद का कचरा बनेगा बिजली, KEM और सायन अस्पतालों को मिलेगी नवीकरणीय ऊर्जा!&lt;/b&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मुंबई।&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा के दर्शन के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए जाने वाले प्रसाद और पूजा सामग्री से निकलने वाला जैविक कचरा अब बेकार नहीं जाएगा।&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;लालबागचा राजा मंडल से प्रतिदिन निकलने वाले करीब 8 से 10 मीट्रिक टन गीले कचरे को वैज्ञानिक तरीके से संसाधित कर ७७४४ यूनिट नवीकरणीय ऊर्जा में (१० दिनों तक) परिवर्तित करने की पहल की जा रही है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;इस पहल के तहत प्रसाद, फूल, फल और अन्य जैविक सामग्री से निकलने वाले गीले कचरे को अलग कर उसका प्रसंस्करण किया जाएगा। जैविक कचरे से ऊर्जा तैयार करने की यह प्रक्रिया न केवल कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाएगी, बल्कि मुंबई में स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;इससे तैयार होने वाली नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग केईएम अस्पताल और सायन अस्पताल जैसे प्रमुख सरकारी अस्पतालों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में किया जाएगा। धार्मिक आस्था से जुड़े प्रसाद को ऊर्जा में बदलने की यह पहल 'वेस्ट टू एनर्जी' की अवधारणा का एक अनूठा उदाहरण बन सकती है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;कचरे से ऊर्जा, पर्यावरण की ओर कदमगणेशोत्सव के दौरान मुंबई में बड़ी मात्रा में फूल, प्रसाद और अन्य जैविक सामग्री निकलती है। ऐसे में गीले कचरे को लैंडफिल में भेजने के बजाय उसका वैज्ञानिक प्रसंस्करण करने से कचरे का बोझ कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही जैविक कचरे से ऊर्जा उत्पादन के जरिए पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता भी घटाई जा सकती है।लालबागचा राजा की यह पहल धार्मिक आस्था, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी को एक साथ जोड़ती है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&amp;nbsp;यदि इस मॉडल को बड़े स्तर पर अपनाया जाता है, तो मुंबई में गणेशोत्सव सहित अन्य बड़े धार्मिक आयोजनों से निकलने वाले जैविक कचरे के बेहतर प्रबंधन का रास्ता खुल सकता है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;8-10 मीट्रिक टन गीला कचरा → वैज्ञानिक प्रसंस्करण → नवीकरणीय ऊर्जा → KEM और सायन अस्पतालों के लिए उपयोगइस तरह भक्तों की आस्था से निकला प्रसाद अब स्वच्छ ऊर्जा में बदलकर मरीजों की सेवा में सहयोगी होगा।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;
  &lt;a href="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEj2K1525a3j6uIo-MHeXWD_usITTGi1GJEnCirsLGk7PNXTZ-iV9937OomkEjk-DCGB4dHKcOM5LVB_GWxQvt8WyQqItuHSPlHSa-qihpfDz162t7l6-XIwGLmlylLTpH5aPh7P9QE-ucx1D_bzdNETGqfWEpDcrXvDKS4BK4mbZNDxbHPASWuFdHsJ85I" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;
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  &lt;/a&gt;
&lt;/div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;b&gt;लालबागचा राजा&lt;/b&gt;: 90 वर्षों से मुंबई की आस्था का केंद्र, हर साल उमड़ता है लाखों भक्तों का सैलाब&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मुंबई के लालबाग इलाके में विराजमान लालबागचा राजा केवल गणेशोत्सव की एक प्रतिमा नहीं, बल्कि देश-विदेश में बसे लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुके हैं। गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक लालबागचा राजा के दर्शन के लिए मुंबई सहित देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। मनोकामना पूरी करने वाले गणपति के रूप में प्रसिद्ध लालबागचा राजा के दरबार में हर वर्ष लंबी कतारें देखने को मिलती हैं।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;b&gt;1934 में हुई थी स्थापना&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल की स्थापना 1934 में हुई थी। लालबाग क्षेत्र में मिलों के बंद होने और वहां काम करने वाले मजदूरों तथा स्थानीय निवासियों के जीवन में आए बदलाव के दौर में गणेशोत्सव ने समुदाय को एकजुट रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसी पृष्ठभूमि में लालबागचा राजा की स्थापना हुई और धीरे-धीरे यह गणेशोत्सव मुंबई की सबसे प्रसिद्ध धार्मिक परंपराओं में शामिल हो गया।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;मंडल की स्थापना से जुड़ी परंपरा में डॉ. विजय खटाऊ, रामचंद्र तेंडुलकर और स्थानीय मिल मजदूरों की भूमिका का उल्लेख मिलता है। समय के साथ लालबागचा राजा की प्रसिद्धि मुंबई की सीमाओं से निकलकर पूरे देश में फैल गई।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;‘&lt;b&gt;नवसाला पावणारा गणपती’ की पहचान&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;लालबागचा राजा को महाराष्ट्र में ‘नवसाला पावणारा गणपती’, यानी मनोकामना पूरी करने वाले गणपति के रूप में विशेष श्रद्धा प्राप्त है। श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर यहां आते हैं और मन्नत पूरी होने पर दोबारा दर्शन करने की परंपरा भी निभाते हैं।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;लालबागचा राजा की प्रतिमा की एक खास पहचान उनका भव्य सिंहासन पर विराजमान स्वरूप है। प्रतिमा के दर्शन के लिए हर साल लाखों श्रद्धालु घंटों कतार में खड़े रहते हैं।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;b&gt;आज एक विशाल धार्मिक और सामाजिक संस्था&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;आज लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल केवल पूजा और उत्सव तक सीमित नहीं है। मंडल विभिन्न सामाजिक, स्वास्थ्य, शैक्षणिक और जनकल्याणकारी गतिविधियों में भी योगदान देता है। गणेशोत्सव के दौरान सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, चिकित्सा सुविधा, स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बड़े स्तर पर व्यवस्थाएं की जाती हैं।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;सोशल मीडिया और लाइव दर्शन की सुविधा ने लालबागचा राजा की पहुंच को और व्यापक बना दिया है। अब देश-विदेश में रहने वाले श्रद्धालु भी ऑनलाइन माध्यम से बप्पा के दर्शन कर सकते हैं।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;b&gt;पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;बढ़ते श्रद्धालुओं के साथ बड़ी मात्रा में फूल, फल और प्रसाद से निकलने वाला जैविक कचरा भी पैदा होता है। इस वर्ष करीब 8 से 10 मीट्रिक टन गीले कचरे को वैज्ञानिक तरीके से संसाधित कर नवीकरणीय ऊर्जा में बदलने की पहल भी चर्चा में है। इस ऊर्जा का उपयोग केईएम और सायन अस्पतालों की जरूरतों के लिए किए जाने की योजना है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;इस पहल से धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सेवा को जोड़ने का संदेश मिलता है। लालबागचा राजा की परंपरा अब केवल भव्य उत्सव तक सीमित न रहकर ‘आस्था के साथ सामाजिक जिम्मेदारी’ की दिशा में भी आगे बढ़ रही है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;b&gt;मुंबई की पहचान बन चुका है लालबागचा राजा&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;करीब नौ दशकों की यात्रा में लालबागचा राजा ने मुंबई के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन में अपनी अलग पहचान बनाई है। कभी मिल मजदूरों और स्थानीय लोगों के सामुदायिक उत्सव के रूप में शुरू हुई परंपरा आज देश के सबसे चर्चित सार्वजनिक गणेशोत्सवों में शामिल है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;हर साल गणेशोत्सव के दौरान लालबाग की गलियों में उमड़ता श्रद्धालुओं का सैलाब इस बात का प्रमाण है कि बदलते समय के बावजूद लालबागचा राजा के प्रति मुंबई और देशभर के भक्तों की आस्था लगातार मजबूत बनी हुई है।&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;br&gt;&lt;/div&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/09/blog-post_132.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" height="72" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEj2K1525a3j6uIo-MHeXWD_usITTGi1GJEnCirsLGk7PNXTZ-iV9937OomkEjk-DCGB4dHKcOM5LVB_GWxQvt8WyQqItuHSPlHSa-qihpfDz162t7l6-XIwGLmlylLTpH5aPh7P9QE-ucx1D_bzdNETGqfWEpDcrXvDKS4BK4mbZNDxbHPASWuFdHsJ85I=s72-c" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-1841749729383221280</guid><pubDate>Sun, 13 Sep 2026 09:04:48 +0000</pubDate><atom:updated>2026-09-13T14:37:45.466+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">महानगर और आसपास</category><title>भूमि विवाद में न्याय की गुहार, पीएम मोदी के स्कूल मित्र असगर अली वोहरा ने उठाई आवाज/ १७ सितंबर को मनपा प्रशाशन ने बुलाई मीटिंग, दोनों बिल्डरों को उपस्थित रहने का निर्देश</title><description>&lt;h3&gt;&lt;br&gt;&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मीरा रोड।&lt;/strong&gt; मीरा रोड निवासी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्कूल के पुराने मित्र बताए जाने वाले &lt;strong&gt;असगर अली वोहरा&lt;/strong&gt; ने अपनी जमीन से जुड़े विवाद में न्याय की मांग को लेकर संबंधित अधिकारियों का दरवाजा खटखटाया है। वोहरा का आरोप है कि उनकी जमीन पर &lt;strong&gt;Swayam Builders&lt;/strong&gt; और &lt;strong&gt;Seven Eleven Constructions&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;से जुड़े लोगों द्वारा कथित रूप से अतिक्रमण किया गया है। उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष जांच कराकर अपनी भूमि पर अधिकार बहाल करने की मांग की है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;वोहरा और मोदी जी गुजरात , वडनगर के BN स्कूल के सहपाठी रहे हैं। ८ सितम्बर को उन्होंने पीएम मोदी से मुलाकात की। मोदी इस दिन ग्लोबल फिनटेक फेस्ट कार्यक्रम के शुभारंभ के लिए मुंबई में थे। असगर अली वोहरा और मोदी की मुलाकात की फोटो और प्रेस विज्ञप्ति राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने जारी की है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;
  &lt;a href="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEjFEe5PRM06I8B4eDrCcZ2D5Fq2uwZ5HspMQNgcFhggR3qqQKUcBBBjjM4GMk_wXoryZSXWBPXYAWclkIjKsg5n5n0bz4f3aDkgCi0gnrJ9l6G2RmfO2XQpux_TJp7zdFczUIbWNmPNfsCvDzYsZoVe1Lyknznr6AYwKA_YUOnb8f86Xm9BLwxIyiK8cEk" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;
    &lt;img border="0"   src="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEjFEe5PRM06I8B4eDrCcZ2D5Fq2uwZ5HspMQNgcFhggR3qqQKUcBBBjjM4GMk_wXoryZSXWBPXYAWclkIjKsg5n5n0bz4f3aDkgCi0gnrJ9l6G2RmfO2XQpux_TJp7zdFczUIbWNmPNfsCvDzYsZoVe1Lyknznr6AYwKA_YUOnb8f86Xm9BLwxIyiK8cEk" width="400"&gt;
  &lt;/a&gt;
&lt;/div&gt;&lt;br&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;वोहरा के अनुसार, विवादित भूमि पर निर्माण गतिविधियों और कब्जे को लेकर उन्होंने समय-समय पर संबंधित विभागों और प्रशासन के समक्ष शिकायतें की हैं। उनका दावा है कि जमीन से संबंधित दस्तावेज और रिकॉर्ड उनके पक्ष में हैं, इसके बावजूद उन्हें अपनी संपत्ति के अधिकार के लिए लंबे समय से संघर्ष करना पड़ रहा है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;वोहरा ने आरोप लगाया है कि &lt;strong&gt;Swayam Builders तथा Seven Eleven Constructions का संबंध भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता से है&lt;/strong&gt;, और इसी प्रभाव के चलते मामले में उन्हें न्याय मिलने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस स्तर पर नहीं हुई है। संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;वोहरा का कहना है कि मामला किसी राजनीतिक विवाद का नहीं, बल्कि &lt;strong&gt;कानूनी रूप से भूमि के स्वामित्व और नागरिक के संपत्ति अधिकार&lt;/strong&gt; का है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि राजस्व रिकॉर्ड, भूमि दस्तावेज, निर्माण अनुमति और कथित अतिक्रमण की स्वतंत्र जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;&lt;strong&gt;निष्पक्ष जांच की मांग&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;असगर अली वोहरा ने संबंधित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की अपील की है। उनका कहना है कि प्रभावशाली लोगों के दबाव से अलग हटकर दस्तावेजों और वास्तविक भूमि स्थिति के आधार पर फैसला होना चाहिए।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;भूमि विवाद में अब प्रशासन की जांच और संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि जांच में अतिक्रमण या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ हो सकता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मनपा प्रशाशन ने मामले में संज्ञान लेते हुए १७ सितम्बर को मीटिंग बुलाई है जिसमें दोनों बिल्डरों को उपस्थित रहने का निर्देश दिया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इन बिल्डरों ने फर्जी दस्तावेज के जरिए भूमि अतिक्रमण किया , ऐसा वोहरा ने आरोप लगाया है और २०१५ से वह केस लड़ रहे हैं।&lt;/p&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/09/blog-post_621.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" height="72" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEjFEe5PRM06I8B4eDrCcZ2D5Fq2uwZ5HspMQNgcFhggR3qqQKUcBBBjjM4GMk_wXoryZSXWBPXYAWclkIjKsg5n5n0bz4f3aDkgCi0gnrJ9l6G2RmfO2XQpux_TJp7zdFczUIbWNmPNfsCvDzYsZoVe1Lyknznr6AYwKA_YUOnb8f86Xm9BLwxIyiK8cEk=s72-c" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item><item><guid isPermaLink="false">tag:blogger.com,1999:blog-9025122753724781312.post-7556750516169934312</guid><pubDate>Sun, 13 Sep 2026 08:02:42 +0000</pubDate><atom:updated>2026-09-13T13:34:22.026+05:30</atom:updated><category domain="http://www.blogger.com/atom/ns#">महानगर और आसपास</category><title>30 साल पुराने बलात्कार, अपहरण मामले में मुंबई पुलिस को मिली कामयाबी/ दो आरोपी गिरफ्तार</title><description>&lt;h3&gt;30 साल पुराने बलात्कार और अपहरण मामलों के दो आरोपी गिरफ्तार&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;समता नगर और दिंडोशी पुलिस की कार्रवाई; 1995 और 1997 के मामलों में थे वांछित&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मुंबई।&lt;/strong&gt; मुंबई पुलिस ने करीब तीन दशक पुराने गंभीर अपराधों में फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। समता नगर और दिंडोशी पुलिस की टीमों ने अलग-अलग कार्रवाई में बलात्कार तथा नाबालिग के अपहरण और बलात्कार के मामलों में वांछित आरोपियों को दबोचा।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;पुलिस के अनुसार, &lt;strong&gt;सुखेन शिवसागर विश्वकर्मा&lt;/strong&gt; वर्ष &lt;strong&gt;1997 में दर्ज नाबालिग के अपहरण और बलात्कार के मामले&lt;/strong&gt; में आरोपी था। मामला दर्ज होने के बाद से ही वह पुलिस की गिरफ्त से बाहर था और करीब तीन दशक से फरार चल रहा था।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;वहीं, &lt;strong&gt;मोहम्मद मुस्तफा सैयद (48)&lt;/strong&gt; वर्ष &lt;strong&gt;1995 के बलात्कार मामले&lt;/strong&gt; में वांछित था। करीब 30 वर्षों तक पुलिस से बचने के बावजूद आखिरकार पुलिस टीम ने उसका पता लगाकर उसे गिरफ्तार कर लिया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;
  &lt;a href="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEjSoeiP6ONjWK6EFN0tu8oLiG1aCNubwP5zomuBLSUbogZinKsXO937zXMnDLlWiIYQ_4HW5EhUV4F3Fy2l6wGO6lwPi_BQRAjjXxRmyv45qJO3rqJ00XxXyVcT3ZZzAzLCmAs01I2sI7HD9glEd4YyZUrIatH2nsxOHvTEgvB436N6trZPnsNCxD2k4EI" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;
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  &lt;/a&gt;
&lt;/div&gt;&lt;br&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;दोनों मामलों में आरोपियों की तलाश लंबे समय से जारी थी। पुलिस ने पुराने रिकॉर्ड और उपलब्ध सुरागों की दोबारा जांच करते हुए आरोपियों की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई। इसके बाद पुलिस टीम ने रणनीति बनाकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वे इतने लंबे समय तक कहां रहे तथा इस दौरान उनकी गतिविधियां क्या थीं। पुलिस पुराने मामलों से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;करीब &lt;strong&gt;30 वर्ष पुराने गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी&lt;/strong&gt; को मुंबई पुलिस की पुरानी लंबित मामलों की जांच में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। दोनों आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।&lt;/p&gt;</description><link>https://khabre.khabremumbai.com/2026/09/30.html</link><author>noreply@blogger.com (खबरे मुंबई)</author><media:thumbnail xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" height="72" url="https://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEjSoeiP6ONjWK6EFN0tu8oLiG1aCNubwP5zomuBLSUbogZinKsXO937zXMnDLlWiIYQ_4HW5EhUV4F3Fy2l6wGO6lwPi_BQRAjjXxRmyv45qJO3rqJ00XxXyVcT3ZZzAzLCmAs01I2sI7HD9glEd4YyZUrIatH2nsxOHvTEgvB436N6trZPnsNCxD2k4EI=s72-c" width="72"/><thr:total>0</thr:total></item></channel></rss>