DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Tuesday, August 22, 2119

अब तक की सभी खबरें एक साथ एक जगह : प्राइमरी का मास्टर ● इन के साथ सभी जनपद स्तरीय अपडेट्स पढ़ें


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।
  • प्राइमरी का मास्टर ● कॉम www.primarykamaster.com उत्तर प्रदेश
  • प्राइमरी का मास्टर करंट न्यूज़ टुडे
  • प्राइमरी का मास्टर करंट न्यूज़ इन हिंदी
  • प्राइमरी का मास्टर कॉम
  • प्राइमरी का मास्टर लेटेस्ट न्यूज़ २०१८
  • प्राइमरी का मास्टर शिक्षा मित्र लेटेस्ट न्यूज़
  • प्राइमरी का मास्टर खबरें faizabad, uttar pradesh
  • प्राइमरी का मास्टर ● कॉम www.primarykamaster.com fatehpur, uttar pradesh
  • प्राइमरी का मास्टर ट्रांसफर
  • प्राइमरी का मास्टर करंट न्यूज़ इन हिंदी
  • प्राइमरी का मास्टर शिक्षा मित्र लेटेस्ट न्यूज़
  • प्राइमरी का मास्टर लेटेस्ट न्यूज़ २०१८
  • प्राइमरी का मास्टर ● कॉम www.primarykamaster.com उत्तर प्रदेश
  • प्राइमरी का मास्टर ट्रांसफर 2019
  • प्राइमरी का मास्टर अवकाश तालिका 2019
  • प्राइमरी का मास्टर शिक्षा मित्र लेटेस्ट न्यूज़ इन हिंदी लैंग्वेज
  • primary ka master 69000 
  • primary ka master district news 
  • primary ka master transfer 
  • primary ka master app 
  • primary ka master holiday list 2019 
  • primary ka master allahabad 
  • primary ka master 17140 
  • primary ka master latest news 2018 
  • primary ka master 69000 
  • news.primarykamaster.com 2019 
  • news.primarykamaster.com 2020   
  • primary ka master district news 
  • primary ka master transfer 
  • primary ka master app 
  • primary ka master holiday list 2019 
  • primary ka master allahabad 
  • primary ka master 17140 
  • primary ka master transfer news 2019 
  • primary ka master app 
  • primary ka master transfer news 2018-19 
  • primary ka master todays latest news regarding 69000 
  • primary ka master allahabad 
  • primary ka master mutual transfer 
  • up primary teacher transfer latest news 
  • primary teacher ka transfer



स्क्रॉल करते जाएं और पढ़ते जाएं सभी खबरें एक ही जगह। जिस खबर को आप पूरा पढ़ना चाहें उसे क्लिक करके पढ़ सकते हैं।

    Thursday, January 21, 2021

    यूपी बोर्ड : वर्ष 2021 की इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षाओं का कार्यक्रम घोषित

    यूपी बोर्ड : वर्ष 2021 की इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षाओं का कार्यक्रम घोषित

    देशभर में सबसे मुश्किल यूपी में शिक्षक बनना

    देशभर में सबसे मुश्किल यूपी में शिक्षक बनना


    यूपी में शिक्षक बनना पूरे देश में सबसे कठिन काम है। शिक्षक भर्ती की अर्हता राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) तय करता है। एनसीटीई ने शिक्षक बनने के लिए बीएड, डीएलएड आदि के अलावा टीईटी को अनिवार्य माना है। 


    वहीं यूपी में टीईटी के बाद एक और लिखित परीक्षा देनी होती है। अन्य राज्यों में डीएलएड 12वीं के बाद ही होता है जबकि यूपी में डीएलएड में दाखिले की योग्यता स्नातक है।

    फतेहपुर : सर्दी विकराल, परिषदीय विद्यालयों के बच्चों के पैरों में अब तक नहीं पहुंचे जूते

    फतेहपुर : परिषदीय स्कूलों के बच्चों के पैर में नहीं पहुंचे जूते

    फतेहपुर : बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित परिषदीय स्कूलों में शिक्षारत छात्र-छात्राओं को अभी तक जूते-मोजों को वितरण नहीं हो सका है। जबकि जनवरी माह में विकराल सर्दी पड़ रही है। अभी तक विभाग को 75 प्रतिशत जूतों की खेप ही प्राप्त हो सकी है जबकि मोजे शत प्रतिशत प्राप्त हो गए हैं। हालांकि कुछ ब्लाकों में वितरण शुरू करा दिया गया है।

    जिले के 2785 परिषदीय स्कूलों में पंजीकृत करीब 2 लाख 44 हजार 864 नौनिहाल जूते-मोजे के लिए तरस रहे हैं। जिले के प्राथमिक स्कूलों में पंजीकृत कक्षा एक से पांच तक और उच्च प्राथमिक स्कूलों के कक्षा छह से आठ तक के छात्र-छात्राओं को एक-एक जोड़े जूते व दो-दो जोड़े मोजे मिलने हैं। डीसी अखिलेश सिंह के मुताबिक बीआरसी में जूता भेज दिए गए हैं। यहीं से परिषदीय स्कूलों में पहुंचेंगे। इनका वितरण भी शुरू करा दिया गया है। जिले में 75 प्रतिशत जूते विभाग को प्राप्त हो चुके हैं और मोजों की शत प्रतिशत अवाक हो चुकी है। ब्लाक स्तर पर जूते मोजे पहुंचाए जा रहे हैं। जहां से विद्यालय स्तर पर बच्चों को वितरण किया जाएगा।



    एक जोड़ी जूते के साथ मिलने हैं दो जोड़ी मोजे

    परिषदीय स्कूलों के छात्र-छात्राओं को हर वर्ष एक जोड़ी जूते के साथ दो जोड़ी मोजे निशुल्क देने का प्राविधान है। हालांकि यह वितरण सर्दी के पूर्व हो जाना चाहिए था लेकिन यदि विभाग की मानें तो इस बार शासन से निर्देश मिलने में देरी हो जाने के कारण वितरण में लेटलतीफी हो रही है।

    अभी भी हो रहा स्वेटर वितरण

    जिले के अभी तमाम ऐसे विद्यालय हैं जहां के बच्चों को अभी तक स्वेटर नसीब नहीं हो सकी है। जबकि जनवरी माह में पड़ रही विकराल सर्दी से आमजनमानस ठिठुरने को मजबूर है। बावजूद जिम्मेदारों द्वारा शत प्रतिशत बच्चों को स्वेटर का वितरण नहीं पूरा किया जा सका है।

    बंद हो सकते 10 हजार बेसिक विद्यालय, चतुर्थ श्रेणी अनुकंपा नियुक्ति पर भी रोक का सुझाव

    बंद हो सकते 10 हजार बेसिक विद्यालय, चतुर्थ श्रेणी अनुकंपा नियुक्ति पर भी रोक का सुझाव




    समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बेसिक शिक्षा विभाग में 10,000 से अधिक प्राथमिक विद्यालय ऐसे हैं जिनके लिए आवश्यक न्यूनतम 30 छात्र उपलब्ध नहीं हो पाते हैं। इनको बंद कर वहां तैनात शिक्षकों को अन्य विद्यालयों में स्थानांतरित करने की सिफारिश की है। यहां के छात्रों को निकट के प्राइमरी या निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाने को कहा गया है।


    चतुर्थ श्रेणी अनुकंपा नियुक्ति पर रोक का सुझाव

    इसके साथ ही बेसिक शिक्षा विभाग में भविष्य में अनुकंपा के आधार पर चतुर्थ श्रेणी के रूप में नियुक्ति की व्यवस्था पर नए सिरे से विचार करने का निर्देश दिया गया है।

    Wednesday, January 20, 2021

    फतेहपुर : परिषदीय स्कूलों के मास्साबों को भी पास करनी होगी परीक्षा, कार्पोरेट की तर्ज पर लिखी जाएगी वार्षिक आख्या, ऐसे बनेगा शिक्षकों का रिपोर्ट कार्ड।

    फतेहपुर : परिषदीय स्कूलों के मास्साबों को भी पास करनी होगी परीक्षा, कार्पोरेट की तर्ज पर लिखी जाएगी वार्षिक आख्या, ऐसे बनेगा शिक्षकों का रिपोर्ट कार्ड




    फतेहपुर : बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित सभी परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक शिक्षिकाओं काम के आधार पर रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाएगा। जिसके आधार पर ही भविष्य में तरक्की पा सकेंगे। शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित किए गए पैरामीटर्स पर उन्हें ज्यादा से ज्यादा नंबर जुटाने होंगे। परीक्षा में अच्छे नंबर ही भविष्य में उनकी तरक्की और इंक्रीमेंट तय करेंगे।


    बेसिक शिक्षा विभाग ने यह व्यवस्था शिक्षा की गुणवत्ता व प्रबंधन को बेहतर करने के लिए लागू की है। इस परीक्षा में प्रधानाध्यापकों से लेकर सहायक अध्यापकों तक सभी को 9 पैरामीटर्स में ज्यादा से ज्यादा नंबर जुटाने होंगे। पैरामीटर्स का तीन पड़ावों पर मूल्यांकन होगा। सबसे पहले खुद शिक्षकों को अपना स्वमूल्यांकन करना होगा। दूसरे स्तर पर प्रतिवेदक अधिकारी यानी खंड शिक्षा अधिकारी उनके पैरामीटर्स को जांचेंगे। दूसरे स्तर से मूल्यांकन आख्या दाखिल किए जाने के बाद तीसरा यानी अंतिम मूल्यांकन बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा किया जाएगा।


    कार्पोरेट की तर्ज पर लिखी जाएगी वार्षिक आख्या

    बेसिक शिक्षा विभाग में पहली बार शिक्षकों की वार्षिक आख्या कापार्ेरेट की तर्ज पर लिखी जाएगी। वार्षिक गोपनीय आख्या ऑनलाइन सब्मिट की जाएगी। पहले शिक्षक स्वमूल्यांकन कर मानव सम्पदा पोर्टल पर 15 अप्रैल तक सब्मिशन करेंगे। इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी 15 मई तक इसका मूल्यांकन कर आख्या सब्मिट करेंगे। आखिरी में बेसिक शिक्षा अधिकारी वार्षिक आख्या को अंतिम रूप देंगे। वार्षिक आख्या को आखिरी रूप देने की अंतिम तिथि 31 मई है।

    ऐसे बनेगा शिक्षकों का रिपोर्ट कार्ड

    सभी 14 अवस्थापन सुविधाएं होने पर शिक्षक को 10 नम्बर मिलेंगे। विद्यालय में 60 से 80 फीसदी तक छात्र उपस्थिति पर 5 नंबर, विद्यालय में छात्रों की 80 फीसदी से अधिक उपस्थिति पर 10 नंबर, डिजिटल शिक्षा सामग्री के नियमित प्रयोग करने पर 10 नंबर, छात्र रिजल्ट कार्ड सभी छात्रों को शतप्रतिशत वितरित करने पर 10 नंबर, एसएमसी की नियमित बैठक में प्रतिभाग करने पर 10 नंबर, छात्रों द्वारा पुस्तकालय का नियमित प्रयोग करने पर 10 नंबर, मॉड्युल, आधारशिला, ध्यानाकर्षण एवं शिक्षण संग्रह को शिक्षण कार्य में नियमित प्रयोग करन पर 10 नंबर, आउट ऑफ स्कूल बच्चों का सर्वेक्षण व चिन्हित सभी बच्चों का नामांकन कराने पर 10 नंबर, शिक्षकों के 60 से 80 फीसदी तक उपस्थिति पर 5 अंक, 80 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति पर 10 अंक और प्रशिक्षण में सभी दिन प्रतिभाग करने पर 10 नंबर मिलेंगे।

    कोट...........

    शैक्षिक गुणवतता और विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति में बेहतर सुधार आदि के लिए शिक्षकों के लिए पैरामीटर्स तय किए गए हैं। शिक्षकों की मार्किंग करके उन्हें बेहतर कार्य प्रदर्शन के लिए प्रेरित करने का उद्देश्य है।

    -शिवेन्द्र प्रताप सिंह, बीएसए

    गणतंत्र दिवस के पावन पर्व पर मा0 उप मुख्यमंत्री एवं शिक्षा निदेशक (मा0) का संदेश

    गणतंत्र दिवस के पावन पर्व पर मा0 उप मुख्यमंत्री एवं शिक्षा निदेशक (मा0) का संदेश


    सोशल मीडिया पर 10 वीं व 12 वीं की परीक्षाओं का पास होने का प्रतिशत घटाने का दावा निकला फर्जी, देखें अधिकृत जानकारी।

    सोशल मीडिया पर 10 वीं व 12 वीं की परीक्षाओं का पास होने का प्रतिशत घटाने का दावा निकला फर्जी, देखें अधिकृत जानकारी।



    दावा:- सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि 10वीं और 12वीं की 2021, बोर्ड परीक्षा में अब पास होने के लिए 33 प्रतिशत अंक को घटाकर 23 प्रतिशत कर दिया गया है।


    #PIBFactCheck:- यह दावा फर्जी है। @EduMinOfIndia ने ऐसी कोई घोषणा नहीं की है। https://t.co/Tp5bnqTBdi

    प्रतिमाह Head Teacher Youtube Live के आयोजन के क्रम में दिनांक 27 जनवरी को यूट्यूब सेेेशन आयोजित किये जाने के सम्बंध में, क्लिक कर जुड़ने का यूट्यूब लिंक देखें।

    प्रतिमाह Head Teacher Youtube Live के आयोजन के क्रम में दिनांक 27 जनवरी को यूट्यूब सेेेशन आयोजित किये जाने के सम्बंध में, क्लिक कर जुड़ने का यूट्यूब लिंक देखें।


    सभी डायट प्राचार्य, BSA, BEO, SRG, ARP, डायट मेंटर एवं सभी प्रधानाध्यापक कृपया ध्यान दें-

    अवगत  कराना है कि मिशन प्रेरणा  के  अंतर्गत राज्य परियोजना  कार्यालय द्वारा  प्रति माह Head Teacher Youtube Live का आयोजन किया जाता है। तत्क्रम में दिनांक 27 जनवरी 2020 (बुधवार) को अपरान्ह 12 बजे से अपरान्ह 1:30 बजे तक यू- ट्यूब  सेशन आयोजित किया जा रहा है।


    ■  उक्त यू- ट्यूब बैठक का एजेंडा बिंदु संलग्न पत्र में उल्लिखित हैं।


    ★   दिनाँक : 27 जनवरी, 2020
    ★   दिन : बुधवार
    ★   समय : अपरान्ह 12 बजे से अपरान्ह 1:30 बजे;
    ★   मीटिंग लिंक :
    https://youtu.be/FkK0JQL1N-8


    अतः सभी BSA, BEO, SRG, डायट मेन्टर एवं ARP स्वयं के साथ साथ अपने जनपद/ब्लॉक के सभी प्रधानाध्यापकों (प्रा0/उ0प्रा0) की प्रतिभागिता सुनिश्चित करायें।

    आज्ञा से

    महानिदेशक

    स्कूल शिक्षा, उत्तर प्रदेश




    ऑनलाइन मिलेगा स्कूल, तत्काल होगी तैनाती, अन्तर्जनपदीय शिक्षकों की तैनाती के लिए बेसिक शिक्षा मंत्री ने दी जानकारी

    ऑनलाइन मिलेगा स्कूल,  तत्काल होगी तैनाती, अन्तर्जनपदीय  शिक्षकों की तैनाती के लिए बेसिक शिक्षा मंत्री ने दी जानकारी


    बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात जिन शिक्षकों को अंतरजनपदीय तबादला मिला है, उनको जल्द ही तैनाती देने की तैयारी चल रही है, शिक्षकों को ऑनलाइन स्कूल आवंटित किया जायेगा, इसके लिए साफ्टवेयर में कुछ संशोधन होना था जो कि चल रहा है। अगले तीन से चार दिनों में प्रक्रिया शुरू हो सकती है। ये जानकारी बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ सतीश चन्द्र द्विवेदी ने राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों को दी है। 


    महासंघ के लखनऊ मंडलीय अध्यक्ष महेश मिश्रा ने बताया कि महांसघ के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री ओमपाल सिंह , (प्राथमिक संवर्ग) से प्रदेश अध्यक्ष अजीत सिंह के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने बेसिक शिक्षा मंत्री से शिक्षकों की समस्याओं को लेकर मुलाकात की इस मौके पर उन्होंने मंत्री से मांग करते हुए शिक्षिकाओं की सुरक्षा के लिए विशाखा गाइडलाइंस के तहत समितियां की जाये, नवनियुक्त शिक्षकों 2 शैक्षिक अंक पत्रों के सत्यापन पर वेतन दिया जाये, चयन प्रोन्‍्नत वेतन के निर्धारण में शिक्षकों को मूल नियम के तहत विकल्प की सुविधा का आसानी से लाभ दिया जाये। वहीं मंत्री ने शिक्षकों को दो सत्यापन पर वेतन दिए जाने का आश्वासन दिया। 


    शिक्षकों को मिले दुर्घटना बीमा का लाभ
    महासंघ की ओर से मांग करते हुए कहा कि शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को 10 लाख का सामूहिक बीमा तथा दुर्घटना के कारण असामयिक निधन की स्थिति में 20 लाख सामूहिक बीमा कवर की सुविधा की जानी चाहिए। साथ ही मृतक अश्रितों को शिक्षक पद की वांछित योग्यता ना होने पर लिपिक पर नियुक्त करने वाली गत वर्षों में नियुक्त मृतक आश्रितों को शिक्षक पद की योग्यता पूर्ण करने पर शिक्षक पर समायोजित करने शिक्षकों को बर्खास्त करने का अधिकार बीएसए से ऊपर के अधिकारियों को दिया जाना चाहिए।


    शिक्षकों को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने की मांग 
    महासंघ ने बेसिक शिक्षा मंत्री से शिक्षकों को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि अभी शिक्षक राज्य कर्मचारी नहीं माने जाते हैं, इस पर सरकार को ध्यान देना चाहिए। इसके साथ ही मान्यता प्राप्त शिक्षक संगठन के प्रतिनिधियों को 30 दिन का विशेष अवकाश स्वीकृत किया जाना चाहिए। इसे साथ ही अध्यापकों की वार्षिक गोपनीय आख्या के गरामीटर्स में अधिकांश का शिक्षण व्यवस्था के संबंध ना होने के कारण शिक्षकों के शोषण होता है जिस पर रोक लगनी चाहिए।

    अच्छी खबर: लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रों को मिलेगा देशभर में इंटर्नशिप का मौका

    अच्छी खबर: लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रों को मिलेगा देशभर में इंटर्नशिप का मौका


    लखनऊ विश्वविद्यालय के पर्यटन विभाग के छात्रों को अब राजधानी समेत देशभर में इंटर्नशिप करने का मौका मिलेगा। इसको लेकर आज लखनऊ विश्वविद्यालय और इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स ने इंस्टिट्यूट ऑफ़ टूरिज़्म स्टडीज़ लखनऊ विश्वविद्यालय में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। एमओयू पर लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो आलोक कुमार राय ने भी हस्ताक्षर किए। इंडियन एसोसिएशन टूर ऑपरेटर्स  की ओर से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड चैप्टर के अध्यक्ष प्रतीक हीरा ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।


    लखनऊ विश्वविद्यालय के नए परिसर में इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म स्टडीज संचालित है। यहां स्नातक में बीबीए टूरिज्म और पीजी में मास्टर ऑफ टूरिज्म एंड ट्रवल मैनेजमेंट का कोर्स पढ़ाया जाता है। इनमें करीब 300 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इंस्टीट्यूट की कोआर्डिनेटर अनुपमा श्रीवास्तव ने बताया कि अभी तक बीबीए टूरिज्म में चौथे सेमेस्टर के बाद दो महीने की ट्रेनिंग होती है। वहीं पीजी में मास्टर ऑफ टूरिज्म एवं ट्रैवल्स मैनेजमेंट में एक साल के बाद ट्रेनिंग का प्राविधान है। छात्र-छात्राओं को लखनऊ और दिल्ली में ही यह ट्रेनिंग कराई जाती है। एमओयू होने के बाद इसका दायर बढ़ जाएगा।

    पंचायत चुनाव की तारीखों में फंसी यूपी बोर्ड परीक्षा की समय सारिणी

    पंचायत चुनाव की तारीखों में फंसी यूपी बोर्ड परीक्षा की समय सारिणी


    पंचायत चुनाव का कार्यक्रम घोषित न होने के कारण यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा तिथियां घोषित नहीं हो पा रही हैं। बोर्ड ने एक महीने पहले ही टाइम टेबल का प्रस्ताव शासन को भेज दिया था। 

    उपमुख्यमंत्री एवं माध्यमिक शिक्षा मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने सीबीएसई का परीक्षा कार्यक्रम घोषित होने के बाद यूपी बोर्ड की तारीखें जारी करने की बात कही थी। लेकिन 31 दिसंबर को सीबीएसई का टेबल घोषित जारी होने के 18 दिन बाद भी यूपी बोर्ड के 10वीं-12वीं के 56 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को परीक्षा तिथियों का इंतजार है। आप यह खबर प्राइमरी का मास्टर डॉट इन पर पढ़ रहे हैं।  यही कारण है कि इंटरमीडिएट की प्रायोगिक परीक्षा की तारीखें भी घोषित नहीं हो पा रही हैं। सचिव यूपी बोर्ड दिव्यकांत शुक्ल ने 13 अगस्त 2020 को जारी शैक्षिक कैलेंडर में फरवरी के पहले या दूसरे सप्ताह से प्रायोगिक परीक्षा शुरू कराने की संभावना जताई थी।



    बोर्ड ने 5 से 10 फरवरी के बीच प्रायोगिक परीक्षाएं शुरू करने की तैयारी कर ली है लेकिन लिखित परीक्षा की तारीख जारी नहीं होने के कारण प्रैक्टिकल का कार्यक्रम भी जारी नहीं हो पा रहा। वैसे पूर्व के वर्षों में प्रायोगिक परीक्षा की तिथियां एक महीने पहले घोषित हो जाती थी। 2020 की बोर्ड परीक्षा का टाइम टेबल तो एक जुलाई 2019 को ही घोषित कर दिया गया था।


    हफ्तेभर बाद भी जारी नहीं हुई परीक्षा केंद्रों की पहली सूची
    यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा की तैयारियां पिछड़ती जा रही हैं। बोर्ड एक सप्ताह बीतने के बावजूद परीक्षा केंद्रों की पहली सूची जारी नहीं कर सका है। 25 नवंबर को जारी केंद्र निर्धारण नीति के अनुसार 11 जनवरी को परीक्षा केंद्रों की पहली सूची का प्रकाशन होना था। जानकारी के अनुसार डिबार केंद्रों की सूची भी फाइनल हो चुकी है। लेकिन उसके बावजूद परीक्षा केंद्रों की सूची जारी न होने का कोई ठोस कारण पता नहीं चल पा रहा।

    69000 : दिव्यांग अभ्यर्थी सामूहिक मुंडन के जरिये आज दर्ज कराएंगे अपना विरोध

    69000 : दिव्यांग अभ्यर्थी सामूहिक मुंडन के जरिये आज दर्ज कराएंगे अपना विरोध।



    प्रयागराज। 69000 सहायक अध्यापक भर्ती में आरक्षण की विसंगति के खिलाफ 14 दिसंबर 2020 से लगातार धरने पर बैठे दिव्यांगों का आंदोलन मंगलवार को भी जारी रहा। 

    अब दिव्यांग अभ्यर्थी बुधवार को सामूहिक मुंडन करवाएंगे। धरने पर बैठने वालों में उपेन्द्र मिश्रा, धनराज यादव, प्रदीप, राघवेंद्र, कौशल शामिल रहे।

    नैक ग्रेडिंग नहीं तो शुल्क प्रतिपूर्ति और वजीफा नहीं, निजी विश्वविद्यालयों में पहले वर्ष में दाखिला लेने वाले छात्रों पर लागू होगा यह नियम

    नैक ग्रेडिंग नहीं तो शुल्क प्रतिपूर्ति और वजीफा नहीं, निजी विश्वविद्यालयों में पहले वर्ष में दाखिला लेने वाले छात्रों पर लागू होगा यह नियम

    जौहर विश्वविद्यालय समेत आधे से ज्यादा निजी विवि होंगे प्रभावित

    लखनऊ : नैक या एनबीए से अभी तक ग्रेडिंग हासिल न कर पाने वाले निजी विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों के लिए मायूस करने वाली खबर है। वर्ष 2020- 21 में किसी भी पाठ्यक्रम में दाखिला ले चुके या उसके बाद दाखिला लेने वाले उनके छात्रों के लिए न तो वजीफा मिलेगा और न ही शुल्क की भरपाई होगी। इस दायरे में मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी समेत आधे से ज्यादा निजी विश्वविद्यालय आएंगे। इस बाबत एनआईसी के लिए जरूरी निर्देश जारी किए जा रहे हैं।


    उत्तर प्रदेश में 27 निजी विश्वविद्यालय हैं। इसमें जीएलए यूनिवर्सिटी मथुरा, एमिटी मथुरा, सुभारती यूनिवर्सिटी मेरठ, तीर्थाकर यूनिवर्सिटी मुरादाबाद, आईएफटीएम यूनिवर्सिटी मुरादाबाद और शोभित विश्वविद्यालय मेरठ के पास नैक (नेशनल असिस्मेंट एंड एक्रीडिटेशन काउंसिल) की ग्रेडिंग है। इन्हें 'ए' या 'बी' ग्रेडिंग प्राप्त है।  इसके अलावा आईआईएमटी यूनिवर्सिटी मेरठ, वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी अमरोहा, मोनाड यूनिवर्सिटी हापुड़ और जौहर यूनिवर्सिटी रामपुर ने अभी तक नैक की ग्रेडिंग नहीं ली है।

    शेष 17 निजी विश्वविद्यालयों ने समाज कल्याण निदेशालय के मांगने पर भी यह सूचना नहीं दी है। विश्वविद्यालयों के लिए ग्रेडिंग नैक ही देती है। छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति नियमावली के अनुसार, नैक से 'बी' या उससे उच्च ग्रेडिंग पाने वाले विश्वविद्यालय के विद्यार्थी ही योजना का लाभ पाने के हकदार हैं। प्रदेश सरकार ने फैसला किया है कि इस साल उन विश्वविद्यालयों के सभी पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों (फ्रेश छात्र) को योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा, जिन्हें नैक की ग्रेडिंग हासिल नहीं है। यानी, वर्ष 2020- 21 य उसके बाद किसी भी पाठ्यक्रम में नया दाखिला लेने वाले छात्रों को योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

    एनबीए से ग्रेडिंग न पाने वाले तकनीकी संस्थान भी होंगे बाहर

    इसी तरह से उन तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों को भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा, जिन्होंने नियमानुसार एनबीए से ग्रेडिंग हासिल नहीं की है। इसे भी वर्ष 2020-21 से ही लागू किया जाएगा। यानी, पहले से पढ़ रहे छात्रों की छात्रवृत्ति एवं शुल्क भरपाई की सुविधा बंद नहीं होगी। एनबीए की ग्रेडिंग उन पाठ्यक्रमों के लिए जरूरी होती है, जिनकी मान्यता एआईसीटीई (ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्नीकल एजुकेशन) देती है।

    नवनियुक्त बेसिक शिक्षकों के लिए मानव संपदा पोर्टल पर e-HRMS ID के रजिस्ट्रेशन हेतु आवेदन का प्रारुप

    मानव संपदा पोर्टल पर e-HRMS ID के रजिस्ट्रेशन हेतु आवेदन का प्रारुप


    डिस्क्लेमर : यह प्रारूप जनपद बलिया में जारी किया गया है, कृपया प्रयोग के पहले एक बार अपने जनपद स्तर पर पुष्टि अवश्य कर लें।






    बीईओ - बीआरसी पर एआरपी और शिक्षकों की परिक्रमा पर लगेगा अंकुश, नोटिस जारी कर मांगा जवाब

    बीईओ - बीआरसी पर एआरपी और शिक्षकों की परिक्रमा पर लगेगा अंकुश, नोटिस जारी कर मांगा जवाब


    बीएसए ने बीईओ और शिक्षकों को नोटिस जारी कर मांगा जवाब जिम्मेदारी से इतर काम करते मिले तो होगी कार्रवाई


    सिद्धार्थनगर : खंड शिक्षा अधिकारियों की अब मनमानी नहीं चलने पाएगी। उनके आराम और शिक्षकों से काम लेने की प्रवृत्ति को बीएसए राजेंद्र सिंह ने आड़े हाथों लिया है। बीएसए कार्यालय में आने वाले शिक्षकों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। जो जहां नियुक्त है, उसे वहीं पर अपना योगदान देना होगा। ऐसा न करने वालों पर विभाग अब सख्ती से कार्रवाई का मन बना चुका है।

    पिछले दिनों बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारियों बीईओ को निर्देश दिए थे कि वह अपना काम किसी अन्य से नहीं लेंगे। जिनकी जो ड्यूटी है, उसका पालन कड़ाई से किया जाए। लेकिन कुछ बीइओ आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं। खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में अपनी धाक जमाने के लिए कार्यालयी कार्यो में जुटे रहने वाले एआरपी (अकादमिक रिसोर्स पर्सन) व शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। बीएसए ने इटवा के एक एआरपी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। उन्होंने बीईओ को पत्र लिखकर चेताया है कि यदि उनके कार्यालय में एआरपी, केआरपी (की रिसोर्स पर्सन), एसआरजी (स्टेट रिसोर्स ग्रुप) या शिक्षक कार्यालय का कार्य करते पाए जाएंगे तो बीईओ का उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए कार्रवाई की जाएगी।


    डुमरियागंज में कार्यरत एआरपी मुश्ताक अहमद के बीआरसी पर रहकर कार्य करने पर चेताया है। इटवा में कार्यरत शिक्षक अब्दुल फरीद का बीआरसी में कार्य करते फोटो बीएसए को प्राप्त हुआ। इस पर उन्हें नोटिस देते हुए जवाब तलब किया है।

    कई एआरपी अपने पास रखे हैं विद्यालय का प्रभार: डुमरियागंज के अब्दुल मन्नान ने बीएसए को शिकायती पत्र देकर अवगत कराया है कि एआरपी पद पर चयनित शिक्षक नियम के विपरीत विद्यालयों का प्रभार संचालित कर रहे हैं। जबकि वह एआरपी बनने के बाद उस विद्यालय से कार्यमुक्त हो चुके हैं। इस संबंध में बीएसए राजेंद्र सिंह ने बताया कि नियम के तहत किसी भी एआरपी, केआरजी, एसआरजी और शिक्षकों से खंड शिक्षा अधिकारी काम नहीं ले सकते। ऐसी शिकायत मिल रही है कि कुछ बीईओ ऐसे लोगों से काम ले रहे हैं। जिन्हें कारण बताओ नोटिस दी गई है।

    उत्तर प्रदेश : नवनियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देकर सीएम योगी ने पूछे कई सवाल, तबादले की सिफारिश लेकर तो नहीं आएंगे, स्कूल में पढ़ाने जाएंगे?

    उत्तर प्रदेश : नवनियुक्त  शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देकर सीएम योगी ने पूछे कई सवाल, तबादले की सिफारिश लेकर तो नहीं आएंगे, स्कूल में पढ़ाने जाएंगे?


    आप स्कूल पढ़ाने तो जाएंगे? या फिर मंत्री की सिफारिश लेकर तबादले के लिए चक्कर लगाएंगे? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवनियुक्त शिक्षकों से संवाद करते हुए ये सवाल सबसे पूछा। उन्होंने शिक्षकों को सभी विषयों का ज्ञान होने और सरकारी योजनाओं को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक 24 घण्टे का शिक्षक होता है, कुछ घण्टों का नहीं। सबसे पहले उन्होंने चित्रकूट से नागरिक शास्त्र में प्रवक्ता पद पर चयनित मनीषा देवी से बात की।


    हालचाल पूछने के बाद सीधा सवाल किया- आप स्कूल जाएंगी पढ़ाने?  मनीषा के धीमे जवाब देने पर उन्होंने कहा कि एक शिक्षक की आवाज इतनी कमजोर नहीं होनी चाहिए कि वह बच्चों के शोरगुल में दब जाए। पढ़ाई-लिखाई और परिवार की जानकारी ली और कहा कि हर व्यक्ति का दायित्व बनता है कि जिस विषय में आपने डिग्री हासिल की उसमें तो ज्ञान हो ही, अन्य विषयों में भी जानकारी होनी चाहिए। 


    दूसरा नंबर आया महाराजगंज की प्रियंका सिंह का..। उन्हें इतिहास में प्रवक्ता चुना गया है। प्रियंका के ये बताने पर कि वह हाउसवाइफ थीं, मुख्यमंत्री ने पूछा कि आपको पढ़ाने का अभ्यास नहीं है, तो स्कूल में कैसे पढ़ा पाएंगी? फिर उन्होंने एक गुरु की तरह समझाया कि जिन्हें आपको पढ़ाना है, वे टीनएजर हैं, उन बच्चों को पढ़ाने जब जाएंगी तो आत्मविश्वास से भरपूर होना चाहिए, आपको साबित करना पड़ेगा। अपने विषय की पूरी जानकारी होनी चाहिए। इसके लिए अपनेआपको तैयार करना होगा।


    मैनपुरी की रोली झा का चयन कला में सहायक अध्यापक के पद पर हुआ है। मुख्यमंत्री ने पूछा-रोलीजी कैसी हैं? रोली ने पलटकर पूछ लिया-आप कैसे हैं? इस पर मुख्यमंत्री ने हंसते हुए कहा कि अच्छा हूं, तभी बात हो पा रही है। पूछा कि सब खुश हैं? रोली के यह कहने पर कि मायके और ससुराल दोनों जगह सब खुश हैं तो सीएम बोलें कि यदि आपका चयन पहले हो जाता तो दहेज में कम पैसा देना पड़ता। इस पर रोली ने कहा कि नहीं सर, दहेज नहीं लिया है। सीएम ने जवाब दिया कि अच्छी बात है। सरकार ने आपका चयन सही किया है। प्रण कीजिए कि दहेज लेंगे नहीं, दहेज देंगे भी नहीं। 


    वाराणसी से  प्रवक्ता-संस्कृत पद पर चयनित अपर्णा पाण्डेय से मुख्यमंत्री ने संस्कृत में पूछा कि आपका नाम क्या है? अपर्णा ने संस्कृत में ही जवाब दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृत के क्षेत्र में संभावनाएं रहती हैं लेकिन समस्या यह है कि संस्कृत के शिक्षकों में स्कूल जाने की स्थिति कम ही लोगों की होती है। संस्कृत के अलावा अन्य भाषाओं की जानकारी रखने की ताकीद भी की। 


    वाराणसी से ही हिन्दी प्रवक्ता के पद पर चयनित लवकेश कुमार से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने उनसे शोध का विषय पूछा। ग्रामीण भारत के विकास पर लम्बी बात की। उन्होंने कहा कि सरकार ने विश्वकर्मा सम्मान समारोह का आयोजन शुरू किया है। हुनर को मंच देने का काम सरकार को करना चाहिए था। हमने इसे शुरू किया। अगर हमारा शिक्षक इस प्रतिभा को समझ कर उसे आगे बढ़ाने का प्रयास कर सके तो बढ़िया होगा।  


    अयोध्या में अजय प्रकाश मौर्य-भौतिकी के प्रवक्ता पद पर चयनित हुए हैं। यह बताए जाने पर कि अजय प्रकाश लेखपाल पद पर चयनित हो चुके हैं, मुख्यमंत्री ने कहा कि आप लेखपाल रह चुके हैं यानी यमराज को छकाने की क्षमता भी रखते हैं। लेखपाल के बाद शिक्षक तो लोग बनना नहीं चाहते। अब शिक्षक के रूप में बहुत बड़ा रोल निभाना है। लोक सेवा आयोग की छवि पहले आप देख चुके हैं। पिछली सरकारों में नौकरी आती नहीं थी और योग्य लोगों का चयन नहीं हो पाता था। 

    इन्हें मुख्यमंत्री ने खुद दिया नियुक्ति पत्र

    लखनऊ की प्रियंका सिंह-प्रवक्ता, नागरिक शास्त्र -चित्रकूट 
    लखनऊ के अनिल कुमार-प्रवक्ता, अर्थशास्त्र, बहराइच 
    प्रयागराज के शेख मो अफसर, प्रवक्ता-वाणिज्य,आजमगढ़
    अम्बेडकरनगर की रेखा यादव, प्रवक्ता-इतिहास, अम्बेडकर नगर
    भदोही की भाग्यणी तिवारी, प्रवक्ता संस्कृत, चंदौली
    गोरखपुर की वंदना जायसवाल, कला सहायक अध्यापक, सिद्धार्थनगर।

    योगी सरकार ने राज्य विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर दिया ये निर्देश

    योगी सरकार ने  राज्य विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर दिया ये निर्देश


    प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए सभी राज्य विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में 10 प्रकोष्ठ गठित करने के निर्देश दिए हैं। इन प्रकोष्ठों के लिए अलग-अलग कार्य निर्धारित किए गए हैं। 


    अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा मोनिका एस. गर्ग की तरफ से जारी शासनादेश में उद्योग-अकादमिक एकीकरण एवं कौशल विकास प्रकोष्ठ, आनलाइन शिक्षा एवं एलएमएस प्रकोष्ठ, शिक्षक-प्रशिक्षण प्रकोष्ठ, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ, संस्थागत विकास योजना प्रकोष्ठ, एक्टिविटी क्लब, भारतीय भाषा-संस्कृति एवं कला प्रकोष्ठ, अंतरराष्ट्रीय छात्र सहायता प्रकोष्ठ, दिव्यांग सहायता एवं वंचित समूह सहायता योजना प्रचार-प्रसार प्रकोष्ठ तथा मेंटरिंग एवं मनोवैज्ञानिक परामर्श प्रकोष्ठ का गठन करने को कहा गया है। 


    प्रकोष्ठों द्वारा किए जाने वाले कार्यों को विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय की वेबसाइट पर नियमित रूप से प्रदर्शित करना होगा। उद्योग-अकादमिक एकीकरण एवं कौशल विकास प्रकोष्ठ को माध्यमिक, पॉलीटेक्निक व आईटीआई के साथ उच्च शिक्षा का समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है। व्यावसायिक एवं कौशल शिक्षा के क्षेत्रों की पहचान करने तथा व्यावसायिक एवं कौशल शिक्षा में इंटर्नशिप के लिए एमओयू भी करना होगा। इसी तरह शिक्षक-प्रशिक्षण प्रकोष्ठ को शिक्षकों के प्रशिक्षण का वार्षिक कैलेंडर तैयार करना होगा।

    Tuesday, January 19, 2021

    कुशीनगर : रिक्त पदों के सापेक्ष पदोन्नति की मांग, शिक्षकों ने बीएसए को दिया ज्ञापन

    कुशीनगर : रिक्त पदों के सापेक्ष पदोन्नति की मांग, शिक्षकों ने बीएसए को दिया ज्ञापन।


    कुशीनगर: रिक्त पदों की सूची प्रकाशित करने तथा पदोन्नति सहित विभिन्न मांगों को लेकर परिषदीय शिक्षकों ने सोमवार को बीएसए विमलेश कुमार को पडरौना में ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों ने मांगें पूरी न होने पर कार्य से विरत रह कर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी भी दी। बीएसए ने शिक्षकों को आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

    उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले सभी शैक्षिक संगठनों के पदाधिकारी व सदस्य दोपहर में बीएसए कार्यालय पहुंचे। शिक्षकों ने बीएसए को बताया कि जिले में नौ दिसंबर 2016 को पदोन्नति हुई थी। तब से बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं लेकिन पदोन्नति नहीं हुई। जबकि शासन की तरफ से पदोन्नति पर रोक नहीं है। गोरखपुर, महराजगंज व सिद्धार्थनगर में पदोन्नति की प्रक्रिया गतिमान है। जिले में भी 2014 व 2015 में नियुक्ति पाए शिक्षकों का शिक्षण अनुभव पांच वर्ष से अधिक हो गया है। जिससे इन शिक्षकों की पदोन्नति की जा सकती है। ज्ञापन सौंपने वालों में जिलाध्यक्ष सुनील कुमार दुबे, विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष पंडित राजेश शुक्ल, धर्म प्रकाश पाठक, रामायन यादव, राकेश मणि त्रिपाठी, दिनेश शुक्ल, रजनीश दुबे आदि शामिल रहे।







    खंड शिक्षा अधिकारी नेतृत्व संवर्द्धन कार्यशाला के प्रथम चरण की हुई शुरुआत, 90 बीईओ 4 दिन लेंगे प्रशिक्षण BEO Leadership Workshop 2021

    खंड शिक्षा अधिकारी नेतृत्व संवर्द्धन कार्यशाला के प्रथम चरण की हुई शुरुआत, 90 बीईओ 4 दिन लेंगे प्रशिक्षण 

    BEO Leadership Workshop 2021


    ■ खंड शिक्षा अधिकारी नेतृत्व संवर्द्धन कार्यशाला
    ★ प्रथम दिवस 18 जनवरी 2021


    मिशन प्रेरणा लक्ष्य प्राप्ति की दिशा में बढ़ते हुए, 880 खंड शिक्षा अधिकारियों में से नामांकित 90 अधिकारियों के प्रथम चरण के 30 BEOs के  समूह की 4 दिवसीय आवासीय कार्यशाला का आयोजन आज जोश और उत्साह के साथ आरम्भ हुआ। कार्यशाला का शुभारंभ श्री आंनद कुमार पांडेय, वरिष्ठ विशेषज्ञ-गुणवत्ता के माध्यम से सभी प्रशिक्षणार्थियों के स्वागत संबोधन के साथ किया गया।

     प्रथम सत्र- BEO as a Leader for Prerak Block में नेतृत्वकर्ता की भूमिका, प्रकार व उनके विभिन्न गुणों पर प्रकाश डाला गया । साथ ही ब्लॉक स्तर पर 5 विभिन्न प्रकार के घटकों पर चर्चा की गई, जिसे स्वयं महानिदेशक महोदय द्वारा संबोधित किया गया । इस सत्र के दौरान  एक उत्तम नेतृत्वकर्ता बनने के लिए क्या मूलभूत कदम उठाये जायें , इस सबन्ध में उदाहरणों के माध्यम से साझा किया गया। साथ ही मिशन की ताक़त को समझाते हुए सभी को मिशन से जुड़ने के लिए धन्यवाद ज्ञापन किया गया।

    द्वितीय सत्र- इस सत्र में लीडरशिप के विभिन्न पहलुओं / स्टाइल पर Leadership Expert "दया कोरी" जी द्वारा  मार्गदर्शन एवम अनुभव साझा किये गये । इस सत्र में एक नेतृत्वकर्ता को परिस्थितियों के अनुसार अपनी लीडरशिप से कैसे सभी के साथ काम करना चाहिए इस पर विचार रखे गये।

    तृतीय सत्र- इस सत्र का संचालन  प्रथम संस्था की CEO रुक्मणी बैनर्जी जी के माध्यम से किया गया  एवं इस सत्र में विद्यार्थियों के सीखने के अधिगम को लीडरशिप के माध्यम से कैसे बढ़ाया जाए , इस पर विशद चर्चा की गई।

    चतुर्थ सत्र- यह सत्र बहुत ही रोचक एवं मनोरंजक था। यह सत्र चाय पर चर्चा के रूप में था, इसमें क्विज़ गतिविधि से शुरुआत की गई । इसके तत्काल बाद  महानिदेशक महोदय के माध्यम से धरातल पर आ रही समस्याओं एवं उनके समाधान को लेकर विचार विमर्श (open session) हुआ। 

    अंत में  सभी प्रतिभागियों से प्रथम दिवस के फीडबैक पूर्ण कराकर आगामी दिवस की कार्ययोजना के साथ  प्रथम दिवस का कर्यक्रम सम्पन्न हुआ। 




    CBSE Affiliation Rules Under NEPसीबीएसई ने मान्यता नियमों में किया बदलाव, अब साल में तीन बार ही मिलेगा ये खास मौका

    CBSE Affiliation Rules Under NEP
    सीबीएसई ने मान्यता नियमों में किया बदलाव, अब साल में तीन बार ही मिलेगा ये खास मौका


    न्यू एजुकेशन पॉलिसी की सिफारिशों को लागू करने के नजरिए से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने स्कूलों की संबद्धता से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब संबद्धता के लिए साल में तीन बार ही ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा। बोर्ड का आदेश गोरखपुर में संचालित स्कूलों में पहुंच गया है।


    पुराने नियम के मुताबिक पूरे वर्ष संबद्धता के लिए आवेदन किए जाने की स्कूलों को छूट दी गई थी। मगर सत्र 2021-22 में संबद्धता के नियमों को और पारदर्शी बनाने और आंकड़ों में स्पष्टता लाने के नजरिए से बोर्ड ने नियमों में बदलाव करने का फैसला किया है।


    व्यवस्था में बदलाव से चरण वार तरीके से स्कूलों के संबद्धता से जुड़े मामलों को जल्द निपटाने में आसानी होगी। वहीं संबद्धता से जुड़े काम को पूरा करने का दबाव भी बनेगा। हालांकि बोर्ड ने अतिरिक्त विषय, वर्गवार वृद्धि, स्कूल में नाम में परिवर्तन के लिए ऑनलाइन आवेदन एक मार्च से शुरू होकर वर्ष पर्यंत जारी रखने की छूट स्कूल प्रबंधन को दी है।
    विज्ञापन


    इन तीन चरणों में होगा आवेदन
    नए स्कूल की मान्यता के लिए नियमों में बदलाव के साथ बोर्ड ने कार्यक्रम भी जारी कर दिया है। तीन चरणों में आवेदन की प्रक्रिया मार्च एक से 31, जून 1-30 और सितंबर 1-30 तक चलेगी। ऑनलाइन आवेदन जमा कराने के बाद से स्कूलों का भौतिक निरीक्षण सीबीएसई के अधिकारियों की ओर से किया जाएगा। उनकी रिपोर्ट के आधार पर स्कूल को मान्यता प्रदान की जाएगी।


    संबद्धता के नवीनीकरण के लिए भी एक महीने का मौका
    बोर्ड ने संबद्धता के नवीनीकरण की प्रक्रिया में भी बदलाव किया है। पुराने नियम के मुताबिक स्कूल प्रबंधन को एक जनवरी से 31 मार्च तक आवेदन का मौका दिया जाता था। मगर नए सत्र से एक मार्च से 31 मार्च तक ही आवेदन का मौका स्कूल प्रबंधन को मिलेगा।


    गोरखपुर स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय शाही ने बताया कि नए स्कूलों की मान्यता के संदर्भ में बोर्ड ने नई एजुकेशन पॉलिसी के तहत बदलाव किया है। अब साल में तीन बार ही आवेदन किया जा सकेगा। बोर्ड की पहल से संबद्धता के लिए आवेदन करने वाले स्कूलों को आसानी होगी।

    यूपी : बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री ने किया खबर का खण्डन, सांसद विधायकों की सिफारिश पर स्थानांतरण की खबर तथ्यहीन और निराधार

    यूपी : बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री ने किया खबर का खण्डन,  सांसद विधायकों की सिफारिश पर स्थानांतरण की खबर तथ्यहीन और निराधार। 




    ऐसा संज्ञान में आया है कि किसी समाचार पत्र में छपा है कि सांसदों- विधायकों के सिफारिश पर स्थानांतरण होंगे।  यह खबर पूरी तरह से तत्थहीन और निराधार है।  विभाग में स्थानांतरण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है। स्थानांतरण की सूची जारी हो चुकी है इसलिए स्थानांतरण को लेकर सचिवालय अथवा किसी विभागीय अधिकारियों के कार्यालय में सम्पर्क करने का प्रयास न करें। - Dr. Satish Dwivedi , बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री, उत्तर प्रदेश शासन। 

    बांदा : शीतलहर / ठंड के चलते विद्यालयों के समय परिवर्तन का आदेश जारी

    बांदा  : शीतलहर / ठंड के चलते विद्यालयों के समय परिवर्तन का आदेश जारी


    एटा : शीतलहर / ठंड के चलते विद्यालयों के समय परिवर्तन का आदेश जारी

    एटा : शीतलहर / ठंड के चलते विद्यालयों के समय परिवर्तन का आदेश जारी



    श्रावस्ती : रिक्त पदों के सापेक्ष पदोन्नति हेतु बीएसए ने सचिव परिषद से मांगा मार्गदर्शन

    श्रावस्ती : रिक्त पदों के सापेक्ष पदोन्नति हेतु बीएसए ने सचिव परिषद से मांगा मार्गदर्शन



    मुरादाबाद : रिक्त पदों के सापेक्ष पदोन्नति हेतु बीएसए ने सचिव परिषद से मांगा मार्गदर्शन

    मुरादाबाद : रिक्त पदों के सापेक्ष पदोन्नति हेतु बीएसए ने सचिव परिषद से मांगा मार्गदर्शन





    वाराणसी : कायाकल्प के 14 पैरामीटर्स की पूर्ति में छह विकास खंड फेल, सभी BEO का वेतन रुका

    वाराणसी : कायाकल्प के 14 पैरामीटर्स की पूर्ति में छह विकास खंड फेल, सभी BEO का वेतन रुका

     
    ■ जनपद के 332 विद्यालय ही अब तक सभी कसौटी पर उतरे खरे
    ■ कुल 14 में 11 से भी कम ¨बदुओं पर 18 विद्यालयों में हुए कार्य


    वाराणसी : बेसिक शिक्षा विभाग आपरेशन कायाकल्प के तहत परिषदीय विद्यालयों का परिवेश बदलने की कोशिश की में जुटा हुआ है। इसके तहत विद्यालयों में 14 पैरामीटर में बनाए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों को 14वें वित्त आयोग या राज्य वित्त आयोग या ग्राम निधि से सभी ¨बदुओं पर कार्य कराने का निर्देश है। वहीं जनपद में 1143 विद्यालयों में अब तक महज 332 विद्यालयों में ही 14 बिंदुओं पर कार्य हुआ है। छह ब्लाकों में 11 बिंदुओं से भी कम कार्य हुए हैं। जिन ब्लाकों में 11 बिंदुओं से कम कार्य हुए हैं, विभाग ने उन्हें ‘शून्य’ की श्रेणी में रख दिया है।


    बेसिक शिक्षा विभाग ने मार्च तक जनपद के सभी विद्यालयों में 14 ¨बदुओं पर कार्य कराने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए सभी विद्यालयों को निर्देश भी दिए जा चुके हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह ने बताया कि जनपद में 515 विद्यालयों में 13 बिंदुओं पर कार्य हो चुके हैं। वहीं 278 विद्यालयों में 12 बिंदुओं पर तथा 18 विद्यालयों में 11 पैरामीटर के नीचे कार्य हुए हैं।

    इसे देखते हुए सभी ब्लाक के खंड शिक्षा अधिकारियों का वेतन फिलहाल अगले आदेश तक के लिए रोक दिया गया है। सभी खंड शिक्षाधिकारियों को नए सत्र से पहले सभी विद्यालयों में 14 पैरामीटर पर कार्य कराने का निर्देश दिया गया है। 14 पैरामीटर पर कार्य होने के बाद ही खंड शिक्षा अधिकारियों का वेतन जारी किया जाएगा।



    ★  11 पैरामीटर से कम यानी ‘शून्य’ वाले ब्लाक इस प्रकार है।

    ’बड़ागांव, चिरईगांव, चोलापुर, हरहुआ, पिंडरा, सेवापुरी

    ■ ये हैं 14 पैरामीटर

    ● ’हैंडपंपों की मरम्मत

    ● ’बालक के लिए शौचालय

    ● ’बालिकाओं के लिए शौचालय

    ● ’बालक व बालिकाओं के लिए अलग-अलग मूत्रलय व पानी की व्यवस्था

    ● ’शौचालय में टाइल्स

    ● ’हैंडवाश यूनिट का निर्माण

    ● ’रसोईघर का जीर्णोद्धार

    ● ’विद्यालयों में टाइल्स

    ● ’विद्युतीकरण का कार्य

    ● ’विद्युत संयोजन का कार्य

    ● ’ब्लैक बोर्ड

    ● ’विद्यालय की रंगाई-पुताई

    ● ’सबमर्सबिल पंप

    ● ’दिव्यांग शौचालय

    भदोही : अवशेष ARP चयन के सम्बन्ध में विज्ञप्ति जारी