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	<title>सामयिकी &#8211; हिन्दी वेबपत्रिका | Samayiki &#8211; Hindi Webzine</title>
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	<description>बदलते वक्त की साक्षी</description>
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	<title>सामयिकी &#8211; हिन्दी वेबपत्रिका | Samayiki &#8211; Hindi Webzine</title>
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		<title>सावधान! आपके डेटा पर प्रशिक्षित हो रहे हैं AI मॉडल</title>
		<link>https://www.samayiki.com/2024/10/using-your-data-for-ai-training/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देबाशीष चक्रवर्ती]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 23 Oct 2024 03:41:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रौद्योगिकी]]></category>
		<category><![CDATA[एआई]]></category>
		<category><![CDATA[ओपनएआई]]></category>
		<category><![CDATA[जीपीटी]]></category>
		<category><![CDATA[ट्रांसक्रिप्शन]]></category>
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					<description><![CDATA[घटते विकल्पों के कारण, कंपनियाँ अनुमति की परवाह किए बिना एआई ट्रेनिंग हेतु डेटा का उपयोग करने के प्रलोभन का सामना करती रहेंगी भले ही इसमें कानूनी जोखिम हो।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पॉडकास्ट निर्माताओं को अपना ट्रांसक्रिप्ट बनाने के लिये ज़ोर देने के लिये कई प्लैटफॉर्म तत्पर हैं। सबस्टैक व स्पाटिफाई ,<em>ऑडियो ट्रांसक्रिप्शन</em> (<a href="https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%96%E0%A4%A8_(%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%9E%E0%A4%BE%E0%A4%A8)" rel="nofollow ugc noopener">प्रतिलेखन</a>) के लिये स्वचालित विकल्प भी देते हैं। पर SEO और Accessibility (मसलन बधिरों के लिये) के कोण के इतर, क्या वाकई श्रोता ट्रांसक्रिप्ट चाहते हैं? मेरी निजी राय में तो नहीं। तो ट्रांसक्रिप्ट बनाने पर जोर देने का कारण क्या है?</p>
<p><strong><a href="https://www.theverge.com/2024/4/6/24122915/openai-youtube-transcripts-gpt-4-training-data-google" rel="nofollow ugc noopener">वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक</a></strong> कृत्रिम बुद्धि (एआई) कंपनियों के सामने आने वाली एक महत्वपूर्ण चुनौती है: उच्च गुणवत्ता वाले <strong><a href="https://en.wikipedia.org/wiki/Training,_validation,_and_test_data_sets" rel="nofollow ugc noopener">प्रशिक्षण डेटा</a></strong> प्राप्त करना। <strong><a href="https://en.wikipedia.org/wiki/Cambridge_Analytica#:~:text=Data%20scandal,-See%20also%3A%20Facebook&amp;text=In%20March%202018%2C%20media%20outlets,collecting%20it%20for%20academic%20purposes." rel="nofollow ugc noopener">कैम्ब्रिज एनालिटिका घोटाले</a></strong> जैसी घटनाओं से बढ़ी गोपनीयता संबंधी चिंताओं ने डेटा के मनचाहे उपयोग को बाधित किया है। पर <strong><a href="https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%93%E0%A4%AA%E0%A4%A8_%E0%A4%8F%E0%A4%86%E0%A4%88" rel="nofollow ugc noopener">ओपनएआई</a></strong> और गूगल जैसी कंपनियों ने इस बाधा को पार करने के लिये कई दफ़ा एआई <strong><a href="https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0" rel="nofollow ugc noopener">कॉपीराइट </a></strong>कानूनों से संबंधित संदिग्ध कानूनी क्षेत्र में काम किया है।</p>
<p>डेटा की कमी को दूर करने के लिए, कंपनियों ने विभिन्न स्रोतों की तलाश की है। इनमें <strong><a href="https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%97%E0%A4%BF%E0%A4%9F%E0%A4%B9%E0%A4%AC" rel="nofollow ugc noopener">गिटहब</a></strong> से कंप्यूटर कोड, शतरंज चाल के डेटाबेस और क्विज़लेट जैसे प्लेटफार्मों से शैक्षिक सामग्री शामिल है।</p>
<p>ओपनएआई को, विशेष रूप से, प्रशिक्षण डेटा की कमी का सामना करना पड़ा। उन्होंने GPT-4 भाषा मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए व्हिस्पर <em>ऑडियो ट्रांसक्रिप्शन</em> <em>मॉडल</em> की मदद से दस लाख घंटे से अधिक के यूट्यूब वीडियो को ट्रांसक्राईब किया। तिस पर कानूनी अस्पष्टता का लाभ उठाते हुये ओपनएआई ने अपने कार्यों को <em>फ़ेयर यूज़</em> करार देकर उचित भी ठहराया।</p>
<p>एक ओर तो गूगल ने यूट्यूब सामग्री की अनधिकृत स्क्रैपिंग या डाउनलोडिंग पर चिंता व्यक्त की, दूजी ओर, ओपनएआई और गूगल दोनों ने वैधता और अनुपालन के विभिन्न दृष्टिकोणों को दरकिनार कर, यूट्यूब ट्रांसक्रिप्शन का उपयोग करने की बात स्वीकार की है। गूगल ने तो डेटा उपयोग क्षमताओं का विस्तार करने के लिए अपनी गोपनीयता नीति को भी रातोंरात संशोधित किया, ताकि गूगल डॉक्स की सामग्री का भी उपयोग हो सके। मेटा (पहले फेसबुक) को भी इसी तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिसमें पुस्तक लाइसेंस खरीदने या प्रकाशन कंपनी का अधिग्रहण करने जैसे विकल्पों की खोज करते समय कॉपीराइट सामग्री के अनाधिकृत उपयोग का सहारा लिया गया।</p>
<p>2028 तक एआई प्रशिक्षण हेतु गुणवत्ता वाले डेटा की आसन्न कमी का अनुमान लगाया गया है। प्रस्तावित समाधानों में एआई मॉडल द्वारा उत्पन्न <em>सिंथेटिक</em> यानी नकली डेटा पर प्रशिक्षण या सीमित डेटा के साथ मॉडल की समझ को बढ़ाना शामिल है। हालाँकि, ये विधियाँ फिलहाल अप्रमाणित हैं।</p>
<p>घटते विकल्पों के कारण, कंपनियों अनुमति की परवाह किए बिना उपलब्ध डेटा का उपयोग करने के प्रलोभन का सामना करती रहेंगी भले ही इसमें कानूनी जोखिम हो। अगर आप अपने डेटा का एआई प्रशिक्षण हेतु प्रयोग नहीं होने देना चाहते तो संबंधित अनुप्रयोग की सेटिंग्स में जाकर देखें।</p>
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		<title>बोरीवली से दादर की एसी लोकल &#8211; भाग 2</title>
		<link>https://www.samayiki.com/2024/05/borivali-dadar-ac-local-part-2/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[ख्याति पाठक]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 03 May 2024 19:07:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाज]]></category>
		<category><![CDATA[मुंबई]]></category>
		<category><![CDATA[लोकल ट्रेन]]></category>
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					<description><![CDATA[मुंबई की लोकल ट्रेन को मुंबई की लाइफलाइन कहा जाता है। पर इस लाइफ लाइन को अब आधुनिकीकरण की सख्त ज़रूरत है।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div id="section-teaser"><strong><a href="https://www.samayiki.com/2024/05/borivali-dadar-ac-local-part-1/" rel="noopener" target="_blank">भाग &#x200d;1 से जारी</a></strong></div>
<div class="dropCap">ए</div>
<p>क शुक्रवार शाम मुझे बोरीवली से दादर की और जाना था। मैंने सोचा कि मुंबई की नयी एसी लोकल से सफ़र करके देखा जाए। टिकट लेकर मैं प्लेटफार्म पर पहुँची। ट्रेन शाम पाँच बजे ठीक समय पर आई। उलटी दिशा में जाती हुई वो ट्रेन लगभग खाली थी। साफ़ सुथरी और नयी होने के कारण चकाचक भी। ट्रेन में भीड़ कम होगी ये तो पता था, पर इतनी जगह होगी ये नहीं सोचा था। महिलाओं के ड़िब्बे में सिर्फ़ 3-4 महिलाएँ थीं। उस समय सामान्य ट्रेन भी लगभग खाली थी और चुंकि उसकी टिकट सिर्फ 10 रुपए है तो अधिकांश उसी से जा रहे थे।</p>
<p>वैसे सामान्य ट्रेन के फर्स्ट क्लास और एसी ट्रेन के भाव में सिर्फ दस रुपए का अंतर है। &#8220;पर कई लोगों को वो भी ज़्यादा लगता है&#8221;, ऐसा मेरे मुंबईकर कज़िन ने कहा। “मेरा एक सहकर्मी पहले दर्जे से सफर करता है पर एसी का भाड़ा उसे ज़्यादा लगता है जब कि मंथली पास के दाम में सिर्फ़ 600-700 रुपये का अंतर है। भारतीय उपभोक्ता बहुत प्राइस सेंसिटिव है,” उसने अपनी राय दी।</p>
<div id="attachment_1122" style="width: 713px" class="wp-caption aligncenter"><img fetchpriority="high" decoding="async" aria-describedby="caption-attachment-1122" class="wp-image-1122 size-full" src="https://www.samayiki.com/wp-content/uploads/2024/05/local-compartment.jpg" alt="" width="703" height="934" srcset="https://www.samayiki.com/wp-content/uploads/2024/05/local-compartment.jpg 703w, https://www.samayiki.com/wp-content/uploads/2024/05/local-compartment-113x150.jpg 113w, https://www.samayiki.com/wp-content/uploads/2024/05/local-compartment-376x500.jpg 376w" sizes="(max-width: 703px) 100vw, 703px" /><p id="caption-attachment-1122" class="wp-caption-text">“पर इतने बड़े शहर में शाम पांच बजे इतनी खाली ट्रेन?” मैंने सोचा। (छायाः ख्याति)</p></div>
<p>“पर इतने बड़े शहर में शाम पांच बजे इतनी खाली ट्रेन?” मैंने सोचा। वैसे मैं अपनी एक यात्रा से कुछ निष्कर्ष नहीं निकलना चाहती। पिछली गर्मियों में भी कई गाड़ियों की एयर कंडीशनिंग फेल होने की खबरें सोशल मीडिया पर चर्चे में थीं। रेलवे के अधिकारियों ने इसका कारण भीड़भाड़ बताया था। लोकल के प्रत्येक कोच के अंदर 15 टन की दो एसी इकाइयाँ होती हैं, जो गर्मी से बचने के लिए पर्याप्त क्षमता नहीं है। तो हो सकता है कि सिर्फ़ शाम का समय और भीड़ से उलटी दिशा में जाने की वजह से डिब्बा इतना खाली हो।</p>
<div id="pullQuoteL">हो सकता है कि जो एसी ट्रेन के दाम दे सकता है शायद उसे और भी सुविधाओं की अपेक्षा हो। मसलन, ट्रेन तो एसी हो गयी है पर प्लेटफार्म तक पहुँचने के लिए अभी भी सभी जगह एस्केलेटर नहीं हैं।</div>
<p>लेकिन उस समय भी रास्ते पर तो ट्रैफ़िक ही ट्रैफ़िक था। गूगल बता रहा था कि टैक्सी से पहुंचने में डेढ़ घंटे लगेंगे, और यहाँ ट्रेन बिलकुल खाली। तो क्या एसी ट्रेन का इंडिया वाला पैसेंजर ओला, उबर या अपनी खुद की गाड़ी की सुविधा ज्यादा पसंद कर रहा है? या फिर वो मेट्रो से जाना पसंद कर रहा है? लगता तो कुछ ऐसा ही है। हालांकि ये रूट पर भी निर्भर करता है, पर लोकल ट्रेन तो शहर के सबसे घने इलाकों से गुजरती है।</p>
<p><a href="https://indianexpress.com/article/cities/mumbai/ridership-in-suburban-trains-8-9-per-cent-lower-than-pre-pandemic-levels-9285298/" target="_blank" rel="noopener">इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर में</a>  बताया गया था कि कोविड से पहले के मुकाबले सबअर्बन ट्रेन में सफर करने वालों की तादात अभी भी 13% कम है। इसके पीछे वर्क फ्रॉम होम, BEST बसों के अपग्रेडेशन, नयी मेट्रो के शुरू होने और लोगों का अपने व्यक्तिगत वाहनों को चुनने जैसे कुछ कारण हैं।</p>
<p>हम अक्सर सुनते हैं कि हमें एक इज्ज़तदार पब्लिक ट्रांसपोर्ट चाहिए। क्या मुंबई लोकल एक इज्ज़तदार ट्रांसपोर्ट नहीं है? या हो सकता है कि जो एसी ट्रेन के दाम दे सकता है शायद उसे और भी सुविधाओं की अपेक्षा हो। मसलन, ट्रेन तो एसी हो गयी है पर प्लेटफार्म तक पहुँचने के लिए अभी भी सभी जगह एस्केलेटर नहीं हैं। बुजुर्गों के लिए तो चढ़ना उतरना मुश्किल है ही। और स्टेशन के बाहर जो भीड़भाड़ थी उसकी तो पूछो ही मत। दादर स्टेशन के ठीक बाहर ही एक जबरदस्त हाट लगी हुई थी, वो भी ठीक रास्ते पर।</p>
<div id="attachment_1112" style="width: 607px" class="wp-caption aligncenter"><img decoding="async" aria-describedby="caption-attachment-1112" class="wp-image-1112 size-full" src="https://www.samayiki.com/wp-content/uploads/2024/05/bhindi-dadar.jpg" alt="" width="597" height="443" srcset="https://www.samayiki.com/wp-content/uploads/2024/05/bhindi-dadar.jpg 597w, https://www.samayiki.com/wp-content/uploads/2024/05/bhindi-dadar-150x111.jpg 150w" sizes="(max-width: 597px) 100vw, 597px" /><p id="caption-attachment-1112" class="wp-caption-text">दादर स्टेशन के बाहर एक मार्किट। इस फोटो को लेने की मूल वजह थी, करीने से रखी हुई भिंडीयाँ, जिसने लेखिका का मन मोह लिया। (छायाः ख्याति)</p></div>
<p>मुंबई की लोकल ट्रेन को मुंबई की लाइफलाइन कहा जाता है। पर इस लाइफ लाइन को अब आधुनिकीकरण की सख्त ज़रूरत है। वेस्टर्न रेलवे पर तो छोटे स्टेशन काफ़ी साफ़ सुथरे हो गए हैं, लेकिन मुंबई में रेलवे स्टेशन अभी भी जर्जर लगते हैं। इसका कारण भी साफ़ है। इतने यात्रियों को ढोने के बावजूद रेलवे मुंबई सबअर्बन रेल घाटे पर चलाती है।</p>
<p>सच तो यह है कि दुनिया भर में सार्वजनिक परिवहन सब्सिडी से ही चलते हैं, मुंबई सबअर्बन ट्रेन कोई अपवाद नहीं है। अर्थशास्त्र में एक अवधारणा है <em>मेरिट गूड्स</em> की, ऐसी वस्तुएँ जो सार्वजनिक क्षेत्र मुफ़्त या सस्ते में उपलब्ध कराता है क्योंकि सरकार उनके उपभोग को प्रोत्साहित करना चाहती है। तो सार्वजनिक परिवहन एक <em>मेरिट गूड</em> है, जिसका लाभ उसे इस्तेमाल न करने वालों को भी होता है। अतः कुछ सब्सिडी तो ज़रूरी है। लेकिन अगर पूंजी के अभाव से ट्रेन सुविधा इतनी ख़राब हो जाये कि लोग उसका इस्तेमाल ही न करना चाहे तो इसका क्या फायदा।</p>
<div id="pullQuoteR">ऐसा लगता है कि द्वितीय श्रेणी के डिब्बे के बाहर लटक रहे यात्री के जीवन की तरह खुद सबअर्बन लोकल भी बस राम भरोसे ही चल रही है।</div>
<p>और ये ही हो रहा है। 1998 में सार्वजनिक परिवहन का हिस्सा 74% था, जो 2018 में घटकर 56% हो गया। निजी ट्रांसपोर्ट का हिस्सा बढ़ रहा है। हालांकि मेट्रो का उपयोग माह दर माह 5% बढ़ रहा है। एसी ट्रेन सुविधाओं की आवृत्ति अभी कम है, लेकिन उसकी भी मांग बढ़ रही है।</p>
<p>पर सिर्फ एसी ट्रेन्स की संख्या बढ़ाना काफ़ी नहीं होगा। सामान्य लोकल ट्रेन की सुरक्षा और क्षमता बढ़ाना भी ज़रूरी है। जब ट्रेन में जगह मिलेगी तभी तो लोग यात्रा करेंगे। बेशक नयी मेट्रो बने, पर मौजूदा सबअर्बन ट्रेन की आधारिक संरचना को अच्छी स्थिति में रखने से ही ट्रैफिक पर काबू रहेगा। शहर के भीड़ वाले इलाके और हाईवे पर &#8220;पीक आवर सरचार्ज&#8221; या &#8220;कंजेशन टैक्स&#8221; जैसे तरीकों से भी इसके लिए पैसा जुटाया जा सकता है। इतने भीड़भाड़ वाले शहर में अगर आपको अपनी गाड़ी चलानी है या टैक्सी से जाना है, तो भरिये कंजेशन टैक्स। फिलहाल तो ऐसा लगता है कि द्वितीय श्रेणी के डिब्बे के बाहर लटक रहे यात्री के जीवन की तरह खुद सबअर्बन लोकल भी बस राम भरोसे ही चल रही है।</p>
<p>लौटते लौटते तकरीबन 9:30 हो चुके थे। उस वक़्त दादर से बोरीवली की एसी लोकल ठीक ठाक भरी हुई थी। लेडीज़ डिब्बे में लोग खड़े तो नहीं थें, पर ज़्यादा खाली जगह भी नहीं थी। मुंबई ही भारत का एक शहर है जिसमें लोग बिना कहे लाइन में खड़े रहते हैं। ट्रेन में चढ़ने के लिए भी हर डिब्बे के पास एक लाइन बनी थी। लेडीज़ डब्बा कहाँ आएगा ये किसी को पूछना नहीं पड़ता। सिर्फ़ एक ही डिब्बे के आगे औरतें खड़ी थीं।</p>
<p>गंतव्य तक पहुँचते पहुँचते दस बज चुके थे, लेकिन स्टेशन से उतरते ही ऑटो जल्दी ही मिल गया। ये तो ज़रूर कहूँगी कि मुंबई में औरतें बिना डरे घूम सकती हैं। मेरे लिए तो ये प्रवास मेरी अपेक्षा से ज़्यादा अच्छा, सुरक्षित और किफ़ायती रहा।</p>
<blockquote><p><a href="https://www.puliyabaazi.in/p/ac-1" rel="noopener" target="_blank">पुलियाबाजी</a> से साभार, पूर्वानुमति से प्रकाशित</p></blockquote>
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		<title>बोरीवली से दादर की एसी लोकल – भाग 1</title>
		<link>https://www.samayiki.com/2024/05/borivali-dadar-ac-local-part-1/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[ख्याति पाठक]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 03 May 2024 19:01:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाज]]></category>
		<category><![CDATA[मुंबई]]></category>
		<category><![CDATA[लोकल ट्रेन]]></category>
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					<description><![CDATA[मैंने कई बार मुंबई लोकल में सफ़र तो किया है, लेकिन रश आवर की भीड़ से निपटने की ट्रेनिंग मुझे कभी नहीं मिली। ]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div class="dropCap">इ</div>
<p>स फ़रवरी में मैं मुंबई में थी। मेरे परिवार के काफ़ी सदस्य मुंबई में रहते है इसलिए आना जाना लगा रहता है। इस बार मुझे कुछ काम से दादर जाना था। शुक्रवार की शाम थी। टैक्सी लेने की सोची तो गूगल ने बताया कि ट्रैफिक के चलते लगभग डेढ़ घंटे का समय लगेगा। मैंने सोचा कि ये अच्छा मौका है बरसों के बाद मुंबई की लोकल ट्रेन में सफ़र करने का।</p>
<p>वैसे मैंने कई बार मुंबई लोकल में सफ़र तो किया है, लेकिन <em>रश आवर</em> की भीड़ से निपटने की ट्रेनिंग मुझे कभी नहीं मिली। तिस पर मुझे भीड़ से उलट दिशा में जाना था। खैर अब तो एसी लोकल भी आ गयी है, इसलिए लगा कि जाकर ज़रूर देखना चाहिए।</p>
<p>मुंबई में ऑटो रिक्शा आसानी से मिल जाती है और ये बात मुझे अच्छी लगती है कि ये मीटर से ही चलती है। कोई फ़ालतू की चिकचिक नहीं। बंगलुरु में मैंने देखा कि ऑटो सामने ही खड़ा हो तो भी कोई नहीं लेता, सब ऍप से ही ऑटो बुलाते है क्योंकि ऑटो वाले बेसिरपैर दाम माँगते हैं। मुंबई इस मामले में काफ़ी ठीक ठाक लगा। हाथ दिखाओ तो ऑटो मिल जाती है। पर हाँ, सारे मुंबईकर की तरह ऑटो वाले भी जल्दी में होते हैं। एक बार तो मैंने अपना सामान रखा ही था कि ड्राइवर ने ऑटो चला दी। मैंने कहा, “भाई, मुझे भी साथ लेकर जाना है।” मैं गिरते गिरते बच गयी। “गांव से आई हो क्या?” उसने भी मुझे एक ताना मार ही दिया। ख़ैर, जैसे तैसे ऑटो रिक्शा से मैं पहुंची बोरीवली स्टेशन।</p>
<div id="pullQuoteR">लाइन एक बड़ी लोकतान्त्रिक चीज़ है। चाहे कितनी भी लम्बी हो, आपको पता होता है कि अपना नंबर आएगा। जहाँ लाइन पर भरोसा नहीं, वहाँ की सिस्टम पर भरोसा कैसे किया जाय।</div>
<p>टिकट लेने पहुँची तो देखा लाइन काफ़ी छोटी थी। “वाह! सही है।” मैं लाइन में खड़ी हुई ही थी कि सरकारी स्टाइल में बाबू ने बोर्ड लगा दिया “खिड़की बंद”। ये देखते ही मैं और मेरे आगे शांति से खड़े चार लोग अचानक जाग उठे। अब अगली खिड़की पर खड़े हों, या वेंडिंग मशीन से टिकट निकालें? पांच सेकंड के लिए सब बौखला गए, और फिर सब एक दूसरे से होड़ करते <em>वेंडिंग मशीन</em> की ओर भागे।</p>
<p>अब मैंने वेंडिंग मशीन तो कई देखे है पर यहाँ वेंडिंग मशीन के साथ एक वेंडर आंटी भी थी जो खटाखट लोगों को टिकट निकाल कर दे रही थीं। ये मुझे अचरज की बात लगी। आई शप्पथ! मैं तो फ़ोटो निकलने वाली थी, पर उस समय मुझे टिकट लेने की ज़्यादा जल्दी थी। मेरे अंदर का सोया मुंबईकर जाग चुका था। मैं आंटी जी की टिकट निकालने की कुशलता को सराहते हुए लाइन में खड़ी हो गयी। उनकी जगह, अगर मेरे जैसा कोई बेख़बर एक के बाद एक टिकट निकालें तो जन्मों लग जाते। परंतु आंटी फटाफट मशीन चला रही थीं। मशीन एक ही था, पर आंटी किसी रोबोट की तरह चार मशीनों जितनी क्षमता से उसे चला रही थीं। गज़ब का जुगाड़ था।</p>
<p>वैसे यहां सब <em>कैश</em> में चल रहा था। आंटी <em>कैलकुलेटर</em> का रोल भी निभा रही थीं। पता नहीं कि वो सरकारी कर्मचारी थीं, या नहीं। खिड़की वाले बाबू और उनके काम करने के अंदाज़ में ज़मीन आसमान का फ़र्क था। क्या आंटी को इस काम का कमीशन मिलता है? क्या पता। मैं तो ये सब कौतूहलता से देख ही रही थी कि मेरी ही उम्र के एक भाई साहब लाइन कट करते हुए सीधे आंटी के पास पहुँचे।</p>
<p>“एक दादर एसी”। किसी को लाइन तोड़ता देखते ही मेरे अंदर का एक्टिविस्ट बाहर आ जाता है। “हल्लो, भाई यहाँ सब लाइन में खड़े हैं ” मैंने उसे याद दिलाया। “मेरा एसी टिकट है।” वो तपाक से बोला। “तो मेरा भी एसी ही है।” मैंने जवाब दिया। एसी ट्रेन है तो क्या लाइन तोड़ दोगे? मैंने मन ही मन सोचा। “एसी वालों को लाइन में खड़ा नहीं रहना होता। आप भी ले लो।” मुझे सुझाव देकर वो सरपट गायब हो गया। “अच्छा? ऐसा क्यों?”, मुझे पूछने का मन हुआ, पर मौका हाथ से निकल गया। वैसे ये मैं कभी अमिताभ के उस किरदार से भी नहीं पूछ पाई थी, जिन्होंने कभी कहा था कि हम जहाँ खड़े होते हैं, लाइन वहीं से शुरु होती है।</p>
<p>लाइन एक बड़ी लोकतान्त्रिक चीज़ है। चाहे कितनी भी लम्बी हो, आपको पता होता है कि अपना नंबर आएगा। जहाँ लाइन न हो वहाँ मुझे बेचैनी होती है, क्योंकि कैसे और किसका नंबर आएगा वो पता नहीं रहता। जहाँ लाइन पर भरोसा नहीं, वहाँ की सिस्टम पर भरोसा कैसे किया जाय। मुझे ये एसी वाले लोगों के लिए अलग नियम वाला प्वाइंट थोड़ा खटका। एसी वाले पहले, बाकी सब बाद में, ये क्या बात हुई। हाँ, कोई ये कहता कि एसी के लिए अलग खिड़की रखें, तो ये संसाधनों का बेहतर उपयोग होता।</p>
<div id="pullQuoteL">सामान्य वर्ग के भाड़े पर एक नज़र डालते ही समझ आ जायेगा कि इन दामों पर एसी ट्रेन नहीं चलाई जा सकती। आदर्शवाद से ज़्यादा बात व्यावहारिकता की है।</div>
<p>वैसे जिस शहर में खचाखच भीड़ में लोग सफर करते हो वहाँ सिर्फ कुछ लोगों की सुविधा के लिए एसी ट्रेन का होना भी खटकता है। पहली बार जब मैंने एसी लोकल के बारे में सुना था तो मेरे मन में भी यही ख़याल आया था। “सभी लोकल ट्रेनें एयर कंडिशन्ड क्यों नहीं हो सकती?” पर सामान्य वर्ग के भाड़े पर एक नज़र डालते ही समझ आ जायेगा कि इन दामों पर एसी ट्रेन नहीं चलाई जा सकती।</p>
<p>आदर्शवाद से ज़्यादा बात व्यावहारिकता की है। मुंबई में ऑटो का न्यूनतम भाड़ा 23 रुपये है, जबकि बोरीवली से दादर के 20-22 km के सफ़र के लिए द्वितीय श्रेणी का टिकट 10 रुपये का है। मंथली पास तो और भी सस्ता है।</p>
<p>इसे देखने का दूसरा नज़रिया ये है कि एसी ट्रेन के आने से लोगों के पास सुरक्षित और सुविधाजनक पब्लिक ट्रांसपोर्ट का विकल्प बढ़ा है। इसी बहाने सड़क से कुछ गाड़ियाँ तो कम हो जाति हैं। बोरीवली से दादर के लिए 70 रुपये हुए। टैक्सी के मुकाबले ये बहुत ज़्यादा किफ़ायती है। बोरीवली से दादर का मंथली पास 1335 रुपए का है। “नॉट बैड,” मैंने सोचा। इन्हीं ख़यालों के साथ टिकट लेकर मैं प्लेटफार्म पर पहुंची।</p>
<p><strong>(<a href="https://www.samayiki.com/2024/05/borivali-dadar-ac-local-part-2/">क्रमशः</a>)</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>पॉडकास्ट परिक्रमा #14: भारत के बैकपैकर बरमूडा ट्रायंगल का रहस्य</title>
		<link>https://www.samayiki.com/2024/04/podcast-parikrama-14/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देबाशीष चक्रवर्ती]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 21 Apr 2024 08:16:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पॉडकास्ट परिक्रमा]]></category>
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					<description><![CDATA[साथ हीः अपनी आवाज़ में आत्मविश्वास जगाने के टिप्स]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div id="boxR">
<p><img decoding="async" class="wp-image-1087 aligncenter" src="https://www.samayiki.com/wp-content/uploads/2024/04/naga.jpg" alt="Naga Baba: Image from Justin's Instagram" width="300" height="220" srcset="https://www.samayiki.com/wp-content/uploads/2024/04/naga.jpg 689w, https://www.samayiki.com/wp-content/uploads/2024/04/naga-150x110.jpg 150w, https://www.samayiki.com/wp-content/uploads/2024/04/naga-682x500.jpg 682w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p><em>शेटलर का सोशल मीडिया के साथ विरोधाभासी संबंध रहा। वह मान्यता चाहता था और फाॉलोवर्स हासिल करने के लिए अपने काम का दस्तावेजीकरण करता था। पर आत्मज्ञान की खोज का इस डिजिटल आत्म-प्रचार के साथ एक किस्म का विरोधाभास भी था। अपनी <a href="https://www.instagram.com/p/BJIleyPDTD4/?hl=en">एक पोस्ट में</a> जस्टिन ने लिखाः</em></p>
<p>चाय, चिलम, चपाती। बाबा लाईफ! यह एक साधु है, जो प्राचीन योग परंपरा का पालन करता है, और हिमालय की एक अर्ध-गुफा मंदिर में रहता है। उसका नाम सत गारन गिरि है और वह एक नागा बाबा है, भगवान शिव के भक्त।</p>
<p>मैंने इन बाबाओं की जादुई शक्तियों के बारे में कहानियाँ सुनी हैं। वे आपकी आत्मा में देख सकते हैं और आपका अतीत और भविष्य जान सकते हैं। वे आशीर्वाद या शाप दे सकते हैं। वे पवित्र व्यक्ति हैं लेकिन जंगली हैं, और भारत में कानून से भी ऊपर हैं। पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं करेगी, यहां तक कि हत्या के लिए भी, मुझे बताया गया है।</p>
<p>वे पवित्र स्थलों की आध्यात्मिक तीर्थयात्रा करते हैं, और कुछ अपने जीवन का बड़ा हिस्सा जंगल में एकांत में बिताते हैं। योगाभ्यास के कारण उनकी कोहनियों, कलाइयों, टखनों और घुटनों पर अजीब सूजन हो गई है।</p>
<p>उन्होंने दुनिया के मोह-माया को त्याग दिया है। उनका कहना है कि अधिकांश बाबा नकली हैं, वे पैसे और औरतों के लिए पर्यटकों की तस्वीरें खिंचवाने का आनंद लेते हैं। लेकिन वह मुझे आश्वस्त करता है कि वह असली है, यहां तक कि उसने अपना लिंग भी कटवा लिया है। कोई महिला नहीं।</p>
<p>वह अपना जीवन आग के पास बैठकर बिताता है जो कभी नहीं बुझती। लोग आते हैं और आशीर्वाद माँगते हैं और अक्सर तम्बाकू, माल (चरस-हशीश-गाँजा) और हाँ, कभी-कभी पैसा भी लाते हैं। उसके पास चिलम है, जो पत्थर का पाइप होता है। उससे वो गांजे और तंबाकू का तेज मिश्रण पीता है। शिव गांजे के बहुत बड़े प्रशंसक थे, और यह इन बाबाओं के आहार में शामिल है।</p>
</div>
<div class="dropCap">ज</div>
<p>स्टिन अलेक्जेंडर शेटलर कोई औसत यात्री नहीं था। वो सर्वाईवल विशेषज्ञ था। रोमांच और आध्यात्मिक जागृति की तलाश में भारत आया जस्टिन मनोरम दृश्यों और साहसी कारनामों भरी कहानियों के साथ <a href="https://www.instagram.com/adventuresofjustin">इंस्टाग्राम</a> पर अपनी यात्राओं का दस्तावेजीकरण करता था। यहाँ गुफाओं में रहने से लेकर, बांसुरी वादन, होली, बनारस और अन्य विभिन्न धार्मिक स्थानों पर उसकी यात्रा के चित्र और विडियो हैं।</p>
<p>पर 2016 में, शेटलर हिमालय पर्वत की पार्वती घाटी में बिना किसी निशान के लापता हो गया। उसके लापता होने की परिस्थितियाँ हत्या की ओर इशारा करती थीं, पर जो संदेश वो अपने पीछे छोड़ गया, उसने गुत्थियाँ और उलझा दीं, “मैं मध्य सितंबर या उसके आसपास वापस लौट आउंगा। अगर मैं तब तक वापस नहीं आया, तो मेरी तलाश मत करना।&#8221;</p>
<p>भारत शेटलर के लिए एक विशेष आकर्षण रखता था। अपने पिता के अनुभवों और हिंदू धर्म के प्रति आकर्षण से प्रेरित होकर, वह पार्वती घाटी की तीर्थयात्रा पर निकला था। यहाँ की घाटियाँ इतनी सुरम्य हैं कि इसे अक्सर &#8216;मिनी-स्विट्जरलैंड&#8217; कहा जाता है। हिमालय की गोद में बसी इस घाटी के रहस्यों में से एक है साइकेडेलिक रेव पार्टियाँ। यहाँ स्थानीय रूप से उगाई जाने वाली सुगंधित चरस मलाणा क्रीम, दुनिया की सबसे महंगी हशिश है। 1980 के दशक में, इजरायली पर्यटकों ने जब यहां आना शुरू किया, तब इस घाटी में भारतीय पर्यटक कम ही आते थे। नशीली दवाओं ने धीरे-धीरे घाटी को विदेशी पर्यटकों के बीच एक लोकप्रिय गंतव्य बना दिया।</p>
<p>पर इस सुदूर क्षेत्र में बैकपैकर्स के गायब होने का खासा इतिहास है। बीते 25 वर्षों में यहाँ से एक दर्जन से अधिक पर्यटकों गायब हुये हैं (स्थानीय लोगों का कहना है कि वास्तविक संख्या इससे कहीं ज़्यादा है), जिसके कारण इसे &#8220;भारत का बैकपैकर बरमूडा ट्रायंगल&#8221; और &#8220;डेथ वैली&#8221; उपनाम भी मिले हैं। सरकारी भवनों की दीवारें, बिजली के खंभे, सार्वजनिक शौचालय, सभी लापता हुए लोगों के पोस्टर से पटे हुए हैं।</p>
<p>अगस्त 2016 में जस्टिन ने मंतलाई झील तक, जो 4,000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, ट्रैकिंग करने का फैसला किया। उस समय वो एक गुफा में रह रहा था, एक हिंदू नागा गिरि के साथ। ट्रैकिंग में ये बाबा उसके साथ था। 3 सितंबर को, जस्टिन को यात्रा के वापसी चरण में देखा गया था, लेकिन फिर वो गायब हो गया।</p>
<p>अलेक्जेंडर के लापता होने के बाद स्थानीय पुलिस ने गिरि को गिरफ्तार कर लिया। पर हिरासत समाप्त होने से कुछ ही दिन पहले, गिरि हवालात में मृत पाया गया।</p>
<p>हार्ले रुस्ताद की पुस्तक &#8220;<a href="https://amzn.to/3QbBPi0">लॉस्ट इन द वैली ऑफ डेथ</a>&#8221; में जस्टिन के लापता होने के रहस्य का पता लगाने की कोशिश की गई और अब हालिया ट्रू क्राईम पॉडकास्ट &#8220;स्टेटस-अनट्रेस्ड&#8221; में <a href="https://www.instagram.com/liamluxon/" target="_blank" rel="noopener">लियाम लक्सन</a> ने भी इस रहस्यमय मामले की जांच की है। 10-एपिसोड की इस सीरीज़ में, जस्टिन के साथ वास्तव में क्या हुआ, इसका कयास लगाया गया है।</p>
<p><iframe loading="lazy" style="border-radius: 12px;" src="https://open.spotify.com/embed/episode/6QI4XZfDJMqAjah6Np3BW8?utm_source=generator" width="100%" height="152" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<h2>अपनी आवाज़ में आत्मविश्वास जगाने के टिप्स</h2>
<p>क्या आप पॉडकास्टिंग में नए हैं और आपको अपनी आवाज़ का उपयोग करने की क्षमता पर संदेह हो रहा है? या शायद आपको आपकी आवाज़ के बारे में नकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। तो <a href="https://weeditpodcasts.com/the-best-tips-for-finding-vocal-confidence-as-a-podcaster/" target="_blank" rel="noopener">काईरा के ये टिप्स</a> आपके आत्मविश्वास में सुधार ला सकते हैं :</p>
<ul>
<li>भोजन का आपकी आवाज पर असर होता है, तो इसका ख्याल रखें। कुछ खाद्य पदार्थ दूसरों की तुलना में अधिक पेट में एसिड पैदा कर सकते हैं, जो आपके स्वरयंत्र को परेशान कर सकते हैं।</li>
<li>रिकॉर्डिंग से पहले वार्मअप करें।जैसे एथलीट वर्कआउट से पहले वार्मअप करते हैं, वैसे ही रिकॉर्डिंग से पहले अपने वोकल कॉर्ड को वार्मअप करना महत्वपूर्ण है।</li>
<li>जलयोजन महत्वपूर्ण है! खूब पानी पीने से आपके स्वरयंत्रों को चिकनाई बनाए रखने में मदद मिलती है।</li>
<li>अच्छा पॉश्चर बनाये रखने का अभ्यास करें। ये आपकी श्वास और स्वर प्रक्षेपण को बेहतर बनाने में मदद करती है।</li>
<li>वोकल तनाव से बचें। चिल्लाएं नहीं और बिना ब्रेक लिए लंबे समय तक बोलने से बचें।</li>
<li>किसी शांत जगह पर रिकॉर्ड करें। पृष्ठभूमि के शोर से आपकी आवाज़ को सुनना मुश्किल हो सकता है।</li>
<li>अपनी रिकॉर्डिंग को खुद ज़रूर सुनें और सुधार के क्षेत्रों की पहचान करें।</li>
</ul>
<h2>अन्य खबरों में</h2>
<ul>
<li>पॉडकास्ट इंडेक्स के फरवरी 2024 के आंकड़ों के मुताबिक 50% से ज्यादा पॉडकास्ट्स के 5 या उससे कम एपिसोड होते हैं।</li>
<li>UK की संचार नियामक <a href="https://www.ofcom.org.uk/">ऑफकॉम</a> द्वारा आयोजित <a href="https://www.ofcom.org.uk/__data/assets/pdf_file/0036/282798/Ofcom-Audio-Report.pdf">पॉडकास्ट श्रोता सर्वेक्षण अप्रेल 2024</a> के नतीजे बताते हैं कि UK में पॉडकास्ट की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। उत्तरदाताओं में से 50% ने संकेत दिया कि उन्होंने कभी न कभी पॉडकास्ट सुना है, इस में से 25% लोग नियमित रूप से पॉडकास्ट सुनते हैं। अधिक उम्र के श्रोताओं की तुलना में कम आयु वर्ग के लोग पॉडकास्ट सुनने की अधिक संभावना रखते हैं। संभवतः इसका कारक युवा लोगों की डिजिटल मीडिया खपत के साथ परिचितता और सहजता है। सर्वेक्षण में पाया गया कि श्रोताओं के लिए नए पॉडकास्ट खोजने के लिए सोशल मीडिया सबसे लोकप्रिय तरीका है। सबसे लोकप्रिय पॉडकास्ट शैलियाँ मनोरंजन, समाचार और समसामयिक मामले, कॉमेडी और चर्चा शो हैं। लोग घर का काम करते समय, यात्रा करते समय या पैदल चलते समय सुविधा के लिए पॉडकास्ट सुनते हैं।</li>
<li>Spotify के मुताबिक ऑडियोबुक्स हिट हैं, कंपनी के अमरीका, इंग्लैंड व आस्ट्रेलिया में 25% प्रीमियम उपयोगकर्ता ऑडियोबुक से जुड़े हैं। कंपनी यह भी बताती है कि इसके परिणामस्वरूप प्रकाशकों को अधिक राजस्व प्राप्त हुआ है। Spotify के बगैर, स्वतंत्र लेखकों के लिए रॉयल्टी 23% तक बढ़ जाती, लेकिन Spotify प्रीमियम में ऑडियोबुक को शामिल करने के बाद उनकी रॉयल्टी में 95% का उछाल देखा गया।</li>
</ul>
<h2>उल्लेखनीय पॉडकास्ट</h2>
<h3>वन मिनट रिमेनिंग (अंग्रेजी) <img src="https://s.w.org/images/core/emoji/16.0.1/72x72/1f193.png" alt="🆓" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /></h3>
<p>पूर्व ऑस्ट्रेलियाई रेडियो प्रस्तोता <a href="https://www.instagram.com/jkthepodcaster/">जैक लॉरेंस</a> द्वारा होस्ट किए गए &#8220;वन मिनट रिमेनिंग&#8221; ने ट्रू क्राईम शैली पर अपनी अनूठी प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया है, जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका में जेल में बंद व्यक्तियों के साक्षात्कार शामिल हैं। सितंबर 2022 में लॉन्च होने के बाद से इस शो के चार मिलियन डाउनलोड हो चुके हैं, जो इसकी व्यापक अपील को रेखांकित करता है। पॉडकास्ट में जैक विभिन्न अपराधों के लिए लंबी जेल की सजा काट रहे कैदियों से बात करते हैं। आगजनी, हत्या से लेकर डकैती तक। कैदी उन घटनाओं के बारे में बताते हैं जो उन्हें सलाखों के पीछे ले गई।</p>
<p><iframe loading="lazy" style="border-radius: 12px;" src="https://open.spotify.com/embed/episode/0Irw4I2tBIVKdROpDTkjGG?utm_source=generator" width="100%" height="152" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"><span data-mce-type="bookmark" style="display: inline-block; width: 0px; overflow: hidden; line-height: 0;" class="mce_SELRES_start">﻿</span></iframe></p>
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		<item>
		<title>मंगोलियाई खानाबदोशों के लिए, घुमक्कड़ी है एक पावन अधिकार</title>
		<link>https://www.samayiki.com/2024/04/mongolian-nomads/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देबाशीष चक्रवर्ती]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 04 Apr 2024 18:15:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[चित्र कथ्य]]></category>
		<category><![CDATA[खानाबदोश]]></category>
		<category><![CDATA[मंगोलिया]]></category>
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					<description><![CDATA[मंगोल कहते हैं कि आज़ादी उनके खून में है। मंगोलिया का संविधान नागरिकों को कहीं भी रहने का अधिकार प्रदान करता है। ]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div id="attachment_806693" style="width: 1410px" class="wp-caption aligncenter"><img loading="lazy" decoding="async" aria-describedby="caption-attachment-806693" class="wp-image-806693 size-full" src="https://globalvoices.org/wp-content/uploads/2024/02/004_villagemongolia.jpg" alt="" width="1400" height="933" /><p id="caption-attachment-806693" class="wp-caption-text">मंगोलिया में सड़क पार करते घोड़े। फोटो बैकाल पीपल द्वारा। अनुमति के साथ प्रयुक्त।</p></div>
<blockquote><p>यह लेख ऐलेना ट्रिफ़ोनोवा द्वारा <a href="https://baikal-journal.ru/2024/01/09/kochevat-svyashhennoe-pravo-kazhdogo-mongola/">ल्यूडी बैकाला</a> (बाइकाल के लोग) के लिए लिखा गया था। एक मीडिया साझेदारी समझौते के तहत ग्लोबल वॉयस पर एक संपादित संस्करण प्रकाशित किया गया है।  सामयिकी पर अनुमति से सह&#x200d; प्रकाशित।</p></blockquote>
<p>मंगोलिया में शहर और ग्रामीण इलाकों का जीवन बहुत अलग है। राजधानी, <a href="https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%89%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%A8_%E0%A4%AC%E0%A4%A4%E0%A5%8B%E0%A4%B0">उलान बातार</a>, कांच और कंक्रीट से बनी गगनचुंबी इमारतों वाला एक आधुनिक महानगर है। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले खानाबदोश कई शताब्दियों से पशुधन पालते आ रहे हैं। वे अपने झुंडों के पीछे घास के मैदानों (<a href="https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A5%85%E0%A4%AA%E0%A5%80">स्तेपी</a>) में घूमते हैं और नमदे के बने तम्बू या <a href="https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A4">युर्त</a> में रहते हैं, जिसे स्थानीय लोग &#8220;गेर&#8221; कहते हैं।</p>
<p>मंगोलिया की 34 लाख की आबादी का लगभग <a href="https://datareportal.com/reports/digital-2023-mongolia">एक तिहाई हिस्सा</a> कृषि में लगा हुआ है, हालांकि आधे से अधिक लोग उलान बातार में रहते हैं। कठोर जलवायु के कारण, देश में लगभग कोई कृषि योग्य भूमि नहीं है, और यहाँ सब्जियाँ उगाने की प्रथा नहीं है।</p>
<p>स्थानीय लोगों की प्राचीन <a href="https://asiarussia.ru/news/9873/">मान्यताओं</a> के अनुसार, पृथ्वी को खोदना आम तौर पर निषिद्ध है, और जो कोई भी इस प्रतिबंध को तोड़ेगा, उस पर दुर्भाग्य आएगा। हालाँकि, इन मान्यताओं ने आधुनिक आर्थिक वास्तविकता के समक्ष दम तोड़ दिया है, और आज मंगोलिया की <a href="https://investmongolia.gov.mn/economy/">आर्थिक उन्नति</a> मुख्य रूप से जमीन के नीचे से खोदे गए कोयले और खनिजों के निर्यात के द्वारा ही है।</p>
<p>लोग मुख्य रूप से पशुधन पालते हैं: भेड़, बकरी, घोड़े, गाय और ऊँट। देश का लगभग 80 प्रतिशत भूभाग चारागाह के रूप में उपयोग किया जाता है। मंगोलियाई खानाबदोशों के जीवन का तरीका 3000 वर्षों में शायद ही बदला हो, जिससे यह धारणा बनी कि स्तेपी में समय थम सा गया है, और अनंत काल में बदल गया है।</p>
<h3><strong>सदा गतिशील</strong></h3>
<p>2023 में, मंगोलिया में पशुधन जानवरों की संख्या लगभग 65 मिलियन तक <a href="https://t.me/Monuzel/8151">पहुंच गई</a>, जिससे प्रत्येक नागरिक के पास लगभग 18 पशुधन रह गए, 2023 में 247,000 हजार खानाबदोश चरवाहे परिवारों को पंजीकृत किया गया था। एक परिवार के लिए एक हजार से अधिक जानवरों को रखना आम बात है।  मंगोलियाई खानाबदोशों के पास पुश्तैनी चारागाहें होती हैं जिनमें वे जानवरों को घास उपलब्ध कराने के लिए साल भर घूमते रहते हैं।</p>
<div id="attachment_806735" style="width: 1410px" class="wp-caption aligncenter"><img loading="lazy" decoding="async" aria-describedby="caption-attachment-806735" class="wp-image-806735 size-full" src="https://globalvoices.org/wp-content/uploads/2024/02/011_b____villagemongolia.jpg" alt="" width="1400" height="933" /><p id="caption-attachment-806735" class="wp-caption-text">एक मंगोलियाई चरवाहा और उसकी भेड़ें। फोटो बैकाल पीपल द्वारा। अनुमति के साथ प्रयुक्त।</p></div>
<p>&nbsp;</p>
<p>वर्ष के दौरान, वे कम से कम चार बार शिविर बदलते हैं, और शिविर अक्सर निकटतम गांवों या शहरों से सैकड़ों किलोमीटर दूर स्थित होते हैं। लंबी दूरी और अगम्य सड़कों के कारण, खानाबदोश चरवाहों तक एम्बुलेंस द्वारा नहीं पहुंचा जा सकता है। बच्चों को पूरे स्कूल वर्ष के लिए बोर्डिंग स्कूलों में भेजा जाता है।</p>
<p>मंगोलिया का पतों के साथ एक दिलचस्प इतिहास है। चुंकि मंगोल एक स्थान से दूसरे स्थान पर प्रवास करते हैं, आप किसी युर्त खे़मे को स्थायी पता तो दे नहीं सकते। इसलिए, देश ने अपनी स्वयं की पता प्रणाली शुरू की &#8211; अक्षरों और संख्याओं का एक कोड। <a href="https://en.wikipedia.org/wiki/Mongol_Post">यह कोड</a> देश की प्रत्येक संपत्ति को सौंपा गया है। कोई इसे जियोलोकेशन टूल का उपयोग करके ढूंढ सकता है।</p>
<div id="attachment_806730" style="width: 1410px" class="wp-caption aligncenter"><img loading="lazy" decoding="async" aria-describedby="caption-attachment-806730" class="wp-image-806730 size-full" src="https://globalvoices.org/wp-content/uploads/2024/02/023_villagemongolia.jpg" alt="" width="1400" height="933" /><p id="caption-attachment-806730" class="wp-caption-text">स्तेपी में मंगोलियाई युरेट्स। फोटो बैकाल पीपल द्वारा। अनुमति के साथ प्रयुक्त।</p></div>
<p>&nbsp;</p>
<p>खानाबदोश युर्त में रहने की सदियों पुरानी परंपरा को जारी रखते हैं, जिसे आसानी से ले जाया जा सकता है। तीन हजार वर्षों से, मंगोलियाई युर्त की संरचना में शायद ही कोई बदलाव आया है। इसमें एक लकड़ी का चौखटा होता है जिसके ऊपर फेल्ट या <a href="https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%A8%E0%A4%AE%E0%A4%A6%E0%A4%BE">नमदा</a> लगा होता है। एकमात्र आधुनिक अनुकूलन तिरपाल का उपयोग करना है, जो युर्त को बारिश से बचाता है। 250 किलोग्राम वजनी इस संरचना को कुछ घंटों में अलग किया जा सकता है और फिर से जोड़ा जा सकता है।</p>
<p>अपने प्राचीन पूर्वजों के विपरीत, आधुनिक चरवाहे घोड़ों के बजाय कारों में स्तेपी में घूमते हैं। युर्त और सामान को एक ट्रक में रखा जाता है, जो धीरे-धीरे झुंड का पीछा करता है। एक नियम के रूप में, झुंड को घोड़ों या मोटरसाइकिलों पर कई लोगों द्वारा चलाया जाता है, जो जानवरों का मार्गदर्शन करते हैं और उन्हें घाटियों में भटकने से रोकते हैं। शिविरों के बीच की दूरी कुछ सौ किलोमीटर तक हो सकती है।</p>
<p>मंगोलिया दुनिया के <a href="https://nomadcapitalist.com/expat/least-densely-populated-countries-in-the-world/">सबसे कम आबादी</a> वाले देशों में से एक है जहां प्रति वर्ग किलोमीटर केवल दो लोग रहते हैं। देश को 21 जिलों या <a href="https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%85%E0%A4%87%E0%A4%AE%E0%A4%97">अइमग</a> में विभाजित किया गया है, जिसमें 329 <a href="https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%AE_(%E0%A4%9C%E0%A4%BC%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE)">सूम्स</a> या गाँव हैं।</p>
<p>सूम्स में, लोग लकड़ी या ईंट के घरों में रहते हैं, लेकिन, लगभग हर यार्ड में एक युर्त होता है। राजधानी सहित शहर के पड़ोस भी हैं, जहां लोग युर्तों में रहते हैं। यहां तक कि अगर कोई मंगोल ऐसे घर में रहता है जिसके आंगन में एक युर्त है, तो भी वे अपना अधिकांश समय युर्त में बिताएंगे क्योंकि यह अधिक परिचित और आरामदायक है।</p>
<div id="attachment_806731" style="width: 1410px" class="wp-caption aligncenter"><img loading="lazy" decoding="async" aria-describedby="caption-attachment-806731" class="wp-image-806731 size-full" src="https://globalvoices.org/wp-content/uploads/2024/02/021_villagemongolia.jpg" alt="" width="1400" height="933" /><p id="caption-attachment-806731" class="wp-caption-text">एक मंगोलियाई युर्त का बाहरी दृश्य। फोटो बैकाल पीपल द्वारा। अनुमति के साथ प्रयुक्त।</p></div>
<p>&nbsp;</p>
<p>युर्त को पारंपरिक रूप से दो हिस्सों में बांटा गया है। दाहिना भाग पुरुषों के लिए और बायाँ भाग महिलाओं के लिए है। महिलाओं के भाग में आमतौर पर एक बिस्तर और घरेलू उपकरण होते हैं। पुरुषों की तरफ शिकार के हथियार और पुरुषों के उपकरण होते हैं।</p>
<div id="attachment_806733" style="width: 1410px" class="wp-caption aligncenter"><img loading="lazy" decoding="async" aria-describedby="caption-attachment-806733" class="wp-image-806733 size-full" src="https://globalvoices.org/wp-content/uploads/2024/02/002_villagemongolia.jpg" alt="" width="1400" height="933" /><p id="caption-attachment-806733" class="wp-caption-text">मंगोलियाई युर्त के अंदर पुरुषों का एक पक्ष। फोटो बैकाल पीपल द्वारा। अनुमति के साथ प्रयुक्त।</p></div>
<p>&nbsp;</p>
<p>युर्त में दरवाजा लकड़ी का है; प्रवेश द्वार पारंपरिक रूप से दक्षिण की ओर है, और प्रवेश द्वार के विपरीत &#8211; उत्तरी दीवार के पास &#8211; युर्त का मुख्य भाग है। सम्मानित अतिथियों को देवताओं और पूर्वजों की तस्वीरों की वेदी के बगल में बैठाया जाता है। केंद्र में एक स्टोव रखा जाता है, जिसे सूखे खाद &#8211; अर्गल (<a href="https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%89%E0%A4%AA%E0%A4%B2%E0%A4%BE">उपला</a>) से गर्म किया जाता है। इसे गर्मियों में विशेष रूप से तैयार और सुखाया जाता है।</p>
<div id="attachment_806734" style="width: 1410px" class="wp-caption aligncenter"><img loading="lazy" decoding="async" aria-describedby="caption-attachment-806734" class="wp-image-806734 size-full" src="https://globalvoices.org/wp-content/uploads/2024/02/007_big_villagemongolia.jpg" alt="" width="1400" height="933" /><p id="caption-attachment-806734" class="wp-caption-text">मंगोलियाई युर्त के अंदर देवताओं और पूर्वजों की तस्वीरों वाली एक वेदी। फोटो बैकाल पीपल द्वारा। अनुमति के साथ प्रयुक्त।</p></div>
<p>&nbsp;</p>
<p>युर्त का अनुपात एक धूपघड़ी के मॉडल अनुसार बनता है। अंदर का पूरा स्थान पारंपरिक रूप से बारह भागों में विभाजित है, जिन्हें <a href="https://en.wikipedia.org/wiki/Chinese_calendar">चीनी कैलेंडर</a> के महीनों के अनुसार नाम दिया गया है। सूरज की एक किरण युर्त की छत पर एक गोल छेद में प्रवेश करती है और दीवार के एक निश्चित हिस्से पर गिरती है, जो पूरे दिन घूमती रहती है। आप इसकी गति से समय बता सकते हैं।</p>
<h3>अंतर्निहित आतिथ्य</h3>
<p>2023 में, मंगोलिया में <a href="https://akipress.com/news:750013:Mongolia_earns_$1_billion_from_tourism_in_2023/#:~:text=AKIPRESS.COM%20%2D%20Mongolia%20has%20earned,the%20ministry%20in%20a%20statement.">650,000 पर्यटक आए</a> और पर्यटन उद्योग का राजस्व 1.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर था। ऐसा माना जाता है कि मेहमान घर में सौभाग्य और समृद्धि लाते हैं। इसलिए, जितने अधिक मेहमान युर्त का दौरा करेंगे, उतना बेहतर होगा।</p>
<p>मंगोलियाई भोजन, खानाबदोश लोगों की तरह, बहुत सारे मांस और डेयरी व्यंजन शामिल होते हैं। पारंपरिक व्यंजनों में से एक है <a href="https://en.wikipedia.org/wiki/Boodog">बूडॉग</a>। इसे पहले पूरे जानवर के शव से सारी हड्डियाँ निकालकर तैयार किया जाता है। परिणामी &#8220;त्वचा&#8221; को मांस, सब्जियों और गर्म पत्थरों से भर दिया जाता है और कोयले पर पकाया जाता है।</p>
<p>यहां मंगोलिया में बूडॉग की तैयारी वाला एक यूट्यूब वीडियो है।</p>
<p><iframe loading="lazy" title="BOODOG: THE MOST EPIC MONGOLIAN BBQ EVER! SHEEP VS GOAT | Boodog Boys" width="690" height="388" src="https://www.youtube.com/embed/-0IMXB4pNrY?feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen></iframe></p>
<p>मंगोलिया में सबसे लोकप्रिय पेय हैं ऐरग (या <a href="https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%95%E0%A5%82%E0%A4%AE%E0%A5%80%E0%A4%B8">कूमीस</a>), जो घोड़ी के खमीरीकृत दूध से बनता है, और पारंपरिक <a href="https://en-m-wikipedia-org.translate.goog/wiki/Suutei_tsai?_x_tr_sl=en&amp;_x_tr_tl=hi&amp;_x_tr_hl=hi&amp;_x_tr_pto=tc">सुउतेई त्साई</a> जो हरी चाय, दूध, वसा, नमक, आटा और चावल से बना है।</p>
<p>एक अन्य पारंपरिक व्यंजन <a href="https://en.wikipedia.org/wiki/Kashk">आरूल</a> (सूखा पनीर) है, जो गर्मियों में युर्त की छत पर तैयार किया जाता है। मांस को सुखाना भी आम बात है, जिसे आमतौर पर सर्दियों में खाया जाता है। सूखा मांस, पीसकर आटा बनाया जाता है और मंगोलियाई सुपरमार्केट में बेचा जाता है, जिसे कई महीनों तक बिना प्रशीतन के संग्रहीत किया जा सकता है और एक गाढ़ा शोरबा तैयार किया जा सकता है।</p>
<h3>एक संवैधानिक एवं पवित्र अधिकार</h3>
<p>मंगोलियाई लड़कों को बचपन से ही घुड़सवारी करना सिखाया जाता है। किसी लड़के के तीसरे जन्मदिन पर उसके लिए घोड़ा एक पारंपरिक उपहार होता है। वे कहते हैं कि घोड़े के बिना मंगोल बिना पंखों के पक्षी के समान है।</p>
<p>यहां मंगोलिया में बाल जॉकी के बारे में एक यूट्यूब वीडियो है।</p>
<p><iframe loading="lazy" title="From Crib to Saddle:  A Dive into Mongolia&#039;s Child Jockey Culture" width="690" height="388" src="https://www.youtube.com/embed/RgFUi2sQzD0?feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen></iframe></p>
<p>मंगोलों का सबसे महत्वपूर्ण अवकाश पारंपरिक ग्रीष्मकालीन <a href="https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%AE">नादाम</a> उत्सव है, जिसमें घुड़दौड़, कुश्ती और तीरंदाजी की प्रतियोगिताएं शामिल होती हैं।</p>
<p>यहां नादाम के दौरान आयोजित कुश्ती और तीरंदाजी प्रतियोगिताओं के बारे में एक यूट्यूब वीडियो है।</p>
<p><iframe loading="lazy" title="Mongolia’s Warrior Games: Wrestling and Archery at Naadam" width="690" height="388" src="https://www.youtube.com/embed/4cwSLocP_XM?start=402&#038;feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen></iframe></p>
<p>आधुनिक खानाबदोश सैटेलाइट टेलीफोन और स्मार्ट फोन के जरिए बाहरी दुनिया से जुड़े हुए हैं, जिनसे छिटपुट इंटरनेट की सुविधा मिल सकती है। प्रत्येक युर्त के पास सौर पैनल या जनरेटर होता है, जो शाम को घर को रोशन करने और टीवी देखने के लिए पर्याप्त बिजली पैदा करते हैं। एक सैटेलाइट डिश भी है जो लगभग हर युर्त में टेलीविजन सिग्नल पकड़ती है।</p>
<div id="attachment_806736" style="width: 1410px" class="wp-caption aligncenter"><img loading="lazy" decoding="async" aria-describedby="caption-attachment-806736" class="wp-image-806736 size-full" src="https://globalvoices.org/wp-content/uploads/2024/02/015_villagemongolia.jpg" alt="" width="1400" height="933" /><p id="caption-attachment-806736" class="wp-caption-text">मंगोलियाई युर्त के अंदर एक टीवी सेट और फोन। फोटो बैकाल पीपल द्वारा। अनुमति के साथ प्रयोग किया गया.</p></div>
<p>&nbsp;</p>
<p>मंगोलिया में गोल्डन ईगल्स के साथ शिकार करना बहुत लोकप्रिय है, जो मंगोलिया में <a href="https://library.fes.de/pdf-files/bueros/mongolei/19174.pdf">कज़ाख खानाबदोशों</a>, जो एक जातीय अल्पसंख्यक हैं और मुख्य रूप से पश्चिमी <a href="https://www.google.com/search?q=bayan+olgii&amp;oq=bayan+ol&amp;gs_lcrp=EgZjaHJvbWUqCggAEAAY4wIYgAQyCggAEAAY4wIYgAQyBwgBEC4YgAQyBggCEEUYOTIJCAMQABgKGIAEMgkIBBAAGAoYgAQyCQgFEAAYChiABDIJCAYQABgKGIAEMgkIBxAAGAoYgAQyCQgIEAAYChiABDIJCAkQABgKGIAEqAIAsAIA&amp;sourceid=chrome&amp;ie=UTF-8">बायन-ओल्गी</a> में रहते हैं, की एक प्राचीन परंपरा है। हर शरद ऋतु में देश <a href="https://en.wikipedia.org/wiki/Golden_Eagle_Festival">गोल्डन ईगल फेस्टिवल</a> का आयोजन करता है, जहां ईगल शिकारी अपने शिकार कौशल का प्रदर्शन करते हैं।</p>
<p>यहां 2023 गोल्डन ईगल फेस्टिवल के फुटेज वाला एक यूट्यूब वीडियो है।</p>
<p><iframe loading="lazy" title="Golden Eagle Festival, Olgii, Mongolia, September 2023" width="690" height="388" src="https://www.youtube.com/embed/pj68YgKrCNw?feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen></iframe></p>
<p>घूमक्कड़ी हर मंगोल का पावन अधिकार है। <a href="https://www.conscourt.gov.mn/?page_id=842&amp;lang=en">मंगोलिया का संविधान</a> नागरिकों को कहीं भी रहने का अधिकार प्रदान करता है। इस पर युर्त लगाने के लिए भूमि के स्वामित्व की आवश्यकता नहीं है। कुछ मंगोल सेवानिवृत्ति के बाद खानाबदोश बन जाते हैं। इसीलिए मंगोल कहते हैं कि आज़ादी उनके खून में है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>पॉडकास्ट परिक्रमा #13: पॉडकास्टिंग के बीस साल</title>
		<link>https://www.samayiki.com/2023/07/podcast-parikrama-13/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देबाशीष चक्रवर्ती]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 23 Jul 2023 08:20:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पॉडकास्ट परिक्रमा]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.samayiki.com/?p=1078</guid>

					<description><![CDATA[साथ हीः ओवररेटेड दा विंची]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div class="dropCap">वि</div>
<p>गत शुक्रवार, 21 जुलाई 2023 को दो बहुप्रतीक्षित फिल्में: ग्रेटा गेरविग की “बार्बी” और क्रिस्टोफर नोलन की परमाणु बम के जनक रॉबर्ट ओपेनहाइमर पर बनी “ओपेनहाइमर” एक साथ रिलीज हुईं। और इस डबल रिलीज़ को संदर्भित करने के एक तरीके के रूप में &#8220;<a href="https://en.wikipedia.org/wiki/Barbenheimer" target="_blank" rel="noopener noreferrer nofollow">बार्बेनहाइमर</a>&#8221; शब्द सोशल मीडिया पर सहसा ट्रेंड करने लगा। किस फिल्म को प्राथमिकता दी जाए, इस पर बहस और मीम्स शुरू हो गए। जाहिर है, अगले कुछ हफ्ते आपको ​ओपेनहाइमर में भगवद गीता और नेहरू को दिये गुप्त संदेश के बारे में काफी कुछ जानने को मिलेगा। इसी अंदेशे के साथ पॉडकास्ट परिक्रमा के अंक 13 की शुरुवात करते हैं।</p>
<h2>पॉडकास्टिंग के बीस साल</h2>
<p>9 जुलाई 2003 को पॉडकास्टिंग शुरू हुई थी, इस बात को अब बीस साल हो गये हैं। सोच कर हैरत होती है कि अप्रेल 2007 में पॉडभारती का <a href="https://www.podbharati.com/episode-1/" target="_blank" rel="noopener noreferrer nofollow">पहला अंक</a> जारी हुआ था। जनवरी 2001 में <a href="https://en.wikipedia.org/wiki/Dave_Winer" target="_blank" rel="noopener noreferrer nofollow">डेव वाईनर</a> को <em>अटैचमेंट</em> यानी संलग्नक के साथ RSS फ़ीड का उपयोग करने का विचार आया और उन्होंने पहला पॉडकास्ट फ़ीड तैयार किया, जिसमें एक गीत शामिल था।ये शुरुवात अच्छी थी फिर भी पहला पॉडकास्ट बनने में कुछ और समय लग गया। 9 जुलाई 2003 को <a href="https://en.wikipedia.org/wiki/Christopher_Lydon" target="_blank" rel="noopener noreferrer nofollow">क्रिस्टोफर लिडॉन</a> और डेव वाईनर ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय में <a href="https://blogs.harvard.edu/lydondev/2003/07/09/spoken-word-a-few-good-bloggers/" target="_blank" rel="noopener noreferrer nofollow">एक रिकॉर्डर और लैपटॉप</a> का उपयोग करके <a href="https://dtvgroup.com/Chris_Lydon/" target="_blank" rel="noopener noreferrer nofollow">पहला पॉडकास्ट</a> रिकॉर्ड किया। यह ऑडियो का पहला भाग था जिसे RSS फ़ीड में संदर्भित संलग्नक का उपयोग करके वितरित किया गया। वह पॉडकास्ट, जिसे अब <a href="https://radioopensource.org/" target="_blank" rel="noopener noreferrer nofollow"><strong>ओपन सोर्स</strong></a> कहा जाता है, दुनिया में सबसे लंबे समय तक चलने वाला पॉडकास्ट है।</p>
<p><iframe loading="lazy" style="border-radius: 12px;" src="https://open.spotify.com/embed/episode/5wzEgI4RRaIj57xLVIOL92?utm_source=generator" width="100%" height="152" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<h2>पॉडपोल 2023: ऑस्ट्रेलियाई श्रोता नए शो आज़माना पसंद करते हैं</h2>
<p>ऑस्ट्रेलियाई पॉडकास्ट प्रोडक्शन हाउस “डेडसेट स्टूडियोज” ने 19 जुलाई को सिडनी में मार्केट रिसर्च एजेंसी इनसाइटली के साथ मिलकर किये अपने वार्षिक सर्वेक्षण <a href="https://www.deadsetstudios.com/podpoll" target="_blank" rel="noopener noreferrer nofollow"><strong>पॉडपोल 2023</strong></a> के नतीजे जारी किए हैं। मई 2023 में किये इस ऑनलाइन सर्वेक्षण में 15+ आयु वर्ग के कुल 6,495 ऑस्ट्रेलियाई और 2,028 मासिक पॉडकास्ट श्रोताओं से राय ली गई।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone wp-image-1081" src="https://www.samayiki.com/wp-content/uploads/2023/07/podpoll.webp" alt="" width="800" height="450" srcset="https://www.samayiki.com/wp-content/uploads/2023/07/podpoll.webp 1456w, https://www.samayiki.com/wp-content/uploads/2023/07/podpoll-768x432.webp 768w, https://www.samayiki.com/wp-content/uploads/2023/07/podpoll-1080x608.webp 1080w, https://www.samayiki.com/wp-content/uploads/2023/07/podpoll-150x84.webp 150w, https://www.samayiki.com/wp-content/uploads/2023/07/podpoll-715x402.webp 715w" sizes="auto, (max-width: 800px) 100vw, 800px" /></p>
<p>सर्वेक्षण से निकली कुछ मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:</p>
<ul>
<li>नए ज्ञान और कौशल हासिल करने के लिए उत्सुक लोगों के नियमित पॉडकास्ट श्रोता होने की संभावना सबसे अधिक होती है।</li>
<li>56% मासिक श्रोता सप्ताह में 1-3 घंटे पॉडकास्ट सुनते हैं। 28% हर सप्ताह तीन घंटे से अधिक सुनते हैं।</li>
<li>लगभग एक तिहाई लोग सप्ताह में 5-9 एपिसोड सुनते हैं। मासिक पॉडकास्ट श्रोता बड़ी संख्या में शो सुनते हैं; हर दस में से लगभग एक व्यक्ति हर हफ्ते 10 से ज्यादा एपिसोड सुनता है।</li>
<li>60% मासिक श्रोता महीने में कम से कम एक बार नए पॉडकास्ट आज़माते हैं। श्रोताओं में नई सामग्री खोजने की तीव्र इच्छा है, 25% से अधिक लोग हर सप्ताह कुछ नया सुनते हैं।</li>
</ul>
<h2>उल्लेखनीय पॉडकास्ट</h2>
<h2>द डिसैपियरिंग स्पून (अंग्रेजी) <img src="https://s.w.org/images/core/emoji/16.0.1/72x72/1f193.png" alt="🆓" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /></h2>
<p>सैम कीन के इस विज्ञान इतिहास पॉडकास्ट में पड़ताल की जाती है अतीत की अनदेखी कहानियों की, जिनमें शामिल हैं कहानी एक कुटिल नाज़ी जिन्होंने हजारों अमेरिकी लोगों की जान बचाई, एक अमेरिकी अप्रवासी जिन्होंने इतिहास में सबसे सफल कैंसर स्क्रीनिंग उपकरण को विकसित किया और, जी हाँ, डायनासोर का यौन जीवन। ऐसी कहानियाँ हैं, जहां एक फुटनोट असली किस्सा बन जाता है।</p>
<p>एक अंक में वे चर्चा करते हैं <strong>लिओनार्दो दा विंची</strong> की, जो उनके मुताबिक निश्चित ही बेहद प्रतिभाशाली और अपने समय के लोगों से अग्रणी थे, पर वे एक तरह से ओवररेटेड हैं, अतिरंजित। ऐसा इसलिए क्योंकि उनमें एक अत्यंत महत्वपूर्ण गुण का अभाव था, जिसे जर्मन भाषा में <a href="https://www.bbc.com/worklife/article/20180903-to-have-sitzfleisch---its-a-professional-compliment" target="_blank" rel="noopener noreferrer nofollow">Sitzfleisch</a> कहा जाता है, टिक कर काम करने की क्षमता।</p>
<p><iframe loading="lazy" style="border-radius: 12px;" src="https://open.spotify.com/embed/episode/0BkxC1kFsU0kM335R8UNEB?utm_source=generator" width="100%" height="152" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<h2>ट्रेचरस टेल्ज़ (अंग्रेजी) <img src="https://s.w.org/images/core/emoji/16.0.1/72x72/1f193.png" alt="🆓" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /></h2>
<p>वोंकीबॉट ने वयस्क श्रोताओं के लिए अपना पहला शो लॉन्च किया है: “ट्रेचरस टेल्ज़”। स्टीवर्ट सेंट जॉन्स रचित यह एक एंथोलॉजी श्रृंखला है जिसके पात्र स्वयं को रोंगटे खड़े कर देने वाली अलौकिक और डरावनी स्थितियों में पाते हैं। “द ट्वाइलाइट ज़ोन”, “टेल्स फ्रॉम द क्रिप्ट” और “ब्लैक मिरर” जैसे शो से प्रेरित, ट्रेचरस टेल्ज़ की कहानियाँ अक्सर भयानक और अप्रत्याशित रूप में समाप्त होती हैं। पहले एपिसोड में, एक ट्रैवलिंग सेल्समैन की एक छोटे शहर के शेरिफ के साथ मुठभेड़ उसे एक परित्यक्त मनोरोग अस्पताल में ले जाती है, जिसके बारे में अफवाह है कि वह प्रेतबाधित है। पॉडकास्ट का साउंड डिज़ाईन सिनेमानुमा है।</p>
<p><iframe loading="lazy" style="border-radius: 12px;" src="https://open.spotify.com/embed/episode/6QJbS0iaVOEr374PFHh3gv?utm_source=generator" width="100%" height="152" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<div id="section-teaser">पॉडकास्ट परिक्रमा के लिये आप भी योगदान दे सकते हैं। हमें अपने पसंदीदा हिंदी या अन्य भारतीय भाषा के पॉडकास्ट के बारे में <a href="https://forms.gle/ZUwwDzmvY5DGcPzh8" target="_blank" rel="noopener noreferrer nofollow">बतायें </a>(ये आपका स्वयं का पॉडकास्ट भी हो सकता है)। आप हमें पॉडकास्ट संबंधित खबर या इवेंट के बारे में टिप <a href="https://forms.gle/ZUwwDzmvY5DGcPzh8" target="_blank" rel="noopener noreferrer nofollow">भेज सकते हैं</a>। यदि आपके पास पॉडकास्ट संबंधी कोई नौकरी या गिग है तो आप हमें वह भी <a href="https://forms.gle/ZUwwDzmvY5DGcPzh8" target="_blank" rel="noopener noreferrer nofollow">भेज सकते</a> हैं।</div>
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		<item>
		<title>पॉडकास्ट परिक्रमा #12: स्पाटिफाई का सेलिब्रिटी मोहभंग</title>
		<link>https://www.samayiki.com/2023/06/podcast-parikrama-12/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देबाशीष चक्रवर्ती]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 25 Jun 2023 08:11:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पॉडकास्ट परिक्रमा]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.samayiki.com/?p=1072</guid>

					<description><![CDATA[साथ हीः बच्चों के लिए पॉडकास्ट सुनने का एक नया सुरक्षित तरीका]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1>किड्सपॉड: बच्चों के लिए पॉडकास्ट सुनने का एक नया सुरक्षित तरीका</h1>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone wp-image-1073" src="https://www.samayiki.com/wp-content/uploads/2024/04/kid-podcastjpg.jpg" alt="" width="800" height="533" srcset="https://www.samayiki.com/wp-content/uploads/2024/04/kid-podcastjpg.jpg 1080w, https://www.samayiki.com/wp-content/uploads/2024/04/kid-podcastjpg-768x512.jpg 768w, https://www.samayiki.com/wp-content/uploads/2024/04/kid-podcastjpg-150x100.jpg 150w, https://www.samayiki.com/wp-content/uploads/2024/04/kid-podcastjpg-715x477.jpg 715w" sizes="auto, (max-width: 800px) 100vw, 800px" /></p>
<p>हाल ही में एक नया पॉडकास्ट प्लेटफॉर्म <strong>किड्सपॉड</strong> जारी किया गया है जो 3-13 साल के बच्चों के लिए खास उनके लिये बने पॉडकास्ट सुनने में मदद करेगा। बच्चों के तकनीकी विशेषज्ञ ड्यूबिट लिमिटेड के साथ साझेदारी में डिजाइन और विकसित किया गया इस ऐप में 300 से अधिक बच्चों के पॉडकास्ट शामिल हैं।</p>
<p>आजकल के समये में जहाँ अधिकतर माता-पिता इस बात से चिंतित हैं कि उनका बच्चा स्क्रीन पर बहुत अधिक समय बिता रहा है, कई लोग किड्सपॉड को डिवाइस का उपयोग करते हुए स्क्रीन समय को कम करने का एक आसान तरीका पाएंगे। हालांकि ऐप का मुफ्त संस्करण भी उपलब्ध है पर पेड संस्करण पर व्यक्तिगत उपयोगकर्ता प्रोफाइल, पसंदीदा पॉडकास्ट्स की लाइब्रेरी, ऑफ़लाइन सुनना, प्लेलिस्ट निर्माण, और इन-ऐप कलरिंग बुक जैसी अतिरिक्त सुविधाओं भी हैं।</p>
<p>कलरिंग बुक का विचार तो बहुत ही बढ़िया है क्योंकि वयस्कों की तरह आजकल के बच्चे भी सुनते समय एक साथ कई काम करना पसंद करते हैं। इस ऐप पर बच्चे, किसी वयस्क की आवश्यकता के बिना, पॉडकास्ट सुनते हुए कलरिंग बुक पर रंग भर सकते हैं या डूडल बना सकते हैं, बिना किसी बाहरी साईट पर जाये। पॉडकास्ट को अधिक इंटरैक्टिव बनाने से निश्चित तौर पर ऑडियो को स्ट्रीमिंग और गेमिंग के साथ प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिलेगी।</p>
<p>किड्सपॉड ऐप iOS और Android पर <a href="https://kidspod.app/" target="_blank" rel="noopener noreferrer nofollow">डाउनलोड के लिए उपलब्ध</a> है।</p>
<h1>स्पाटिफाई का सेलिब्रिटी मोहभंग</h1>
<div id="pullQuoteR">किसी सेलिब्रिटी के पास अपना पॉडकास्ट होना सफलता की गारंटी नहीं है। लॉकडाउन के दौरान पॉडकास्ट लोकप्रियता के चरम पर थे, पर वे दिन खत्म हो गए हैं।</div>
<p>2020 में, ड्यूक और डचेस ऑफ ससेक्स, प्रिंस हैरी और मेघन मार्कल ने ऑडियो दिग्गज स्पाटिफाई के साथ 30 मिलियन डॉलर (तकरीबन 246 करोड़ रुपये) की एक डील की थी जिसके अंतर्गत उनकी नवगठित पॉडकास्ट कंपनी आर्कवेल ऑडियो विशेष रूप से Spotify के दर्शकों के लिए &#8220;<em>अपलिफ्टिंग</em>&#8221; (इसका मतलब आप ही निकालें&#x200d;) कार्यक्रम तैयार करने वाली थी। लेकिन एक साल से भी कम समय में ये साझेदारी बंद हो गई है। स्पाटिफाई और ड्यूक और डचेस के एक संयुक्त बयान में दावा किया गया कि वे &#8220;पारस्परिक रूप से अलग होने के लिए सहमत हुए थे&#8221;, लेकिन घोषणा के बाद से, कई स्पाटिफाई अंदरूनी सूत्रों ने जोड़े की आलोचना की है।</p>
<p>2020 के अंत में, हैरी और मेघन ने कैलिफोर्निया में एक नई शुरुआत के लिए ब्रिटेन के अपने जीवन को पीछे छोड़ दिया था। उन्होंने अपना फाउंडेशन स्थापित किया और ओरिजिनल सामग्री तैयार करने पर केंद्रित कई आकर्षक व्यावसायिक उपक्रम शुरु किये। स्पाटिफाई के लिए, जो पॉडकास्टिंग में भारी निवेश कर रहा था, मेघन और हैरी के शाही परिवार से बाहर निकलने की घटना को भुनाने का इससे बेहतर समय पर नहीं हो सकता था।</p>
<p>बाहरहाल स्पाटिफाई के लिये मेघन ने अपने आर्कटाइप्स शो के केवल 12 एपिसोड का निर्मित कर पाईं और शो से खास विज्ञापन राजस्व भी नहीं बन पाया। यही अलगाव का कारण बना।</p>
<p>प्रिंस हैरी और मेघन एकमात्र सेलिब्रिटी नहीं हैं जिन्होंने हाल के महीनों में स्पाटिफाई छोड़ने का विकल्प चुना है। बराक और मिशेल ओबामा ने पिछले अगस्त में अपना सौदा समाप्त कर दिया था, क्योंकि वे समझौते की शर्तों से निराश थे। विवाह परामर्शदाता एस्तेर पेरेले और प्रेरणादायक वक्ता ब्रेन ब्राउन सहित अन्य बड़े नाम भी बाहर जा रहे हैं।</p>
<p>कुछ साल पहले, स्पाटिफाई ने अपना पॉडकास्ट व्यवसाय बनाने, पॉडकास्ट स्टूडियो <a href="https://gimletmedia.com/" target="_blank" rel="noopener noreferrer nofollow">गिम्लेट</a> और <a href="https://www.parcast.com/" target="_blank" rel="noopener noreferrer nofollow">पारकास्ट</a> का अधिग्रहण करने और <a href="https://parikrama.substack.com/p/issue-6" target="_blank" rel="noopener noreferrer nofollow">जो रोगन</a>, ओबामा दंपत्ति और ससेक्स जैसे प्रमुख नामों के साथ समझौते पर हस्ताक्षर करने में 1 बिलियन डॉलर से अधिक खर्च किए थे। लेकिन 2019 के बाद से बहुत कुछ बदल गया है। उद्योग शिथिल पड़ रहे हैं, और दुनिया भर में बढ़ती ब्याज दरों के कारण, विकास की बजाय अब मुनाफे पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। ऐसे हालातों में किसी सेलिब्रिटी के पास अपना पॉडकास्ट होना सफलता की गारंटी नहीं है। लॉकडाउन के दौरान पॉडकास्ट लोकप्रियता के चरम पर थे, पर वे दिन खत्म हो गए हैं।</p>
<h1>अन्य खबरों मेंः</h1>
<ul>
<li>एप्पल पॉडकास्ट आने वाले iOS 17 में एक <a href="https://podcasters.apple.com/5303-ios-17-whats-new-apple-podcasts" target="_blank" rel="noopener noreferrer nofollow">नया रंगरूप के साथ नई सुविधाएँ </a>मुहैया कराने वाला है।
<ul>
<li>उदाहरण के लिये सभी शोज़ के लिए एपिसोड आर्टवर्क दिखाया जा सकेगा (जी हाँ, हैरत की बात है पर एप्पल पॉडकास्ट पर ये सुविधा उपलब्ध नहीं थी, जबकि एपिसोड आर्टवर्क दिखाना स्पाटिफाई और पॉकेटकास्ट्स जैसे अनेकों प्लैटफार्म द्वारा पहले से ही उपलब्ध रहे हैं)।</li>
<li>साथ ही यदि आपने द इकोनॉमिस्ट जैसे ऐप्स की सदस्यता ली है, तो आपको एप्पल पॉडकास्ट के भीतर स्वचालित रूप से उन ऐप्स के प्रीमियम ऑडियो प्राप्त होंगे।</li>
<li>यही नहीं, एप्पल म्यूजिक के रेडियो कार्यक्रम भी ऑन-डिमांड उपलब्ध होंगे।</li>
</ul>
</li>
<li>हाल ही में जारी <a href="https://www.westwoodone.com/blog/2023/06/05/is-youtube-eating-podcasts-cumulus-media-and-signal-hill-insights-podcast-download-spring-2023-report" target="_blank" rel="noopener noreferrer nofollow">स्प्रिंग 2023 पॉडकास्ट डाउनलोड रिपोर्ट</a> की मानी जाये तो अमरीका में यूट्यूब अब &#8220;सबसे अधिक उपयोग किया जाने वाला पॉडकास्ट सुनने का प्लेटफ़ॉर्म&#8221; बन गया है। 29% लोगों का कहना है कि वे पॉडकास्ट सुनने के लिये यूट्यूब का सबसे अधिक उपयोग करते हैं। उसके बाद स्पाटिफाई (17%) और एप्पल पॉडकास्ट्स (16%) का नंबर है। आपके साथ हम भी यह रिपोर्ट पढ़ कर हैरत में हैं क्योंकि मई 2023 में ही <a href="https://parikrama.substack.com/p/issue-7" target="_blank" rel="noopener noreferrer nofollow">ब्लूमबर्ग ने अपनी खबर में कहा </a>था कि यूट्यूब के एल्गोरिदम पॉडकास्ट के लिए अनुकूल नहीं हैं और इसलिये इसकी सफलता की संभावनायें कम हैं।</li>
</ul>
<h2>उल्लेखनीय पॉडकास्ट</h2>
<h3>पुलियाबाज़ी (हिन्दी) <img src="https://s.w.org/images/core/emoji/16.0.1/72x72/1f193.png" alt="🆓" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /></h3>
<p>बगैर तूतू मैंमैं गंभीर विषयों पर सभ्य और गहन बातचीत सुननी हो तो पुलियाबाज़ी आपके लिये उत्तम पॉडकास्ट है। विषय राजनीति, सार्वजनिक नीति, प्रौद्योगिकी, दर्शन वगैरह से संबंधित होते हैं। संविधान, संसद, नागरिक अधिकार, विदेश नीति से लेकर तकनीकी विषयों तक, विस्तार काफी बड़ा है। हर अंक में किसी विषय पर टेक उद्यमी सौरभ चंद्रा, सार्वजनिक नीति के शोधार्थी प्रणय कोटास्थाने बातचीत करते हैं। हाल ही में इसमें लेखिका-कार्टूनिस्ट ख्याति पाठक भी आ जुड़ी हैं। प्रचलित भाषा का प्रयोग, और पूरी तरह से बेलागलपेट। शो नोट्स भी ज़रूर पढ़ें।</p>
<p><iframe loading="lazy" style="border-radius: 12px;" src="https://open.spotify.com/embed/episode/56cQmCvmjQzfr1hPFXXdka?utm_source=generator" width="100%" height="152" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<div id="section-teaser">पॉडकास्ट परिक्रमा के लिये आप भी योगदान दे सकते हैं। हमें अपने पसंदीदा हिंदी या अन्य भारतीय भाषा के पॉडकास्ट के बारे में <a href="https://forms.gle/ZUwwDzmvY5DGcPzh8" target="_blank" rel="noopener noreferrer nofollow">बतायें </a>(ये आपका स्वयं का पॉडकास्ट भी हो सकता है)। आप हमें पॉडकास्ट संबंधित खबर या इवेंट के बारे में टिप <a href="https://forms.gle/ZUwwDzmvY5DGcPzh8" target="_blank" rel="noopener noreferrer nofollow">भेज सकते हैं</a>। यदि आपके पास पॉडकास्ट संबंधी कोई नौकरी या गिग है तो आप हमें वह भी <a href="https://forms.gle/ZUwwDzmvY5DGcPzh8" target="_blank" rel="noopener noreferrer nofollow">भेज सकते</a> हैं।</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>पॉडकास्ट परिक्रमा #11: नींद नहीं आ रही? स्लीपकास्ट ट्राई करें</title>
		<link>https://www.samayiki.com/2023/06/podcast-parikrama-11/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देबाशीष चक्रवर्ती]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 10 Jun 2023 06:56:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पॉडकास्ट परिक्रमा]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.samayiki.com/?p=1064</guid>

					<description><![CDATA[साथ ही: हवेली की मालकिन निकली FBI की भगोड़ी]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h2>हवेली की मालकिन निकली FBI की भगोड़ी</h2>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-1066" src="https://www.samayiki.com/wp-content/uploads/2024/04/margarita.webp" alt="" width="715" height="293" srcset="https://www.samayiki.com/wp-content/uploads/2024/04/margarita.webp 715w, https://www.samayiki.com/wp-content/uploads/2024/04/margarita-150x61.webp 150w" sizes="auto, (max-width: 715px) 100vw, 715px" /></p>
<p>मार्गरीडा बोनेट्टी <a href="https://en.wikipedia.org/wiki/S%C3%A3o_Paulo" target="_blank" rel="noopener noreferrer nofollow">साओ पाउलो</a> के दो सबसे अमीर इलाकों में से एक, हिगिएनोपोलिस में एक हवेली में रहती है। दूसरों के लिये उसका नाम मारी है। पर उसका एक रहस्यमय अतीत भी है।</p>
<p>लगभग 25 वर्षों से मार्गरीडा जिस जीर्ण-शीर्ण हवेली में छिपी हुई थी उसके आस-पड़ोस के लोगों में भारी जिज्ञासा थी। उसके पास अनेक पालतू जानवर थे और वो बेहद खराब स्वच्छता स्थिति में रहती देखी गई थी। इस बीच एक पत्रकार <a href="https://www.instagram.com/chicofelitti/" target="_blank" rel="noopener noreferrer nofollow">चिको फेलिट्टी</a> को उसकी कहानी में दिलचस्पी हो जाती है और उसकी तफ्तीश से पता चलता है कि मार्गरिडा अमेरिकी न्यायपालिका से बचने के लिये यहाँ छुपी बैठी थी। ब्राजील से लाई एक नौकरानी को भुगतान नहीं करने और उसे अपमानजनक परिस्थितियों में रखने के आरोप में मार्गरीडा और उसके तत्कालीन पति की तलाश FBI को थी।</p>
<p>ब्राजील के एक रसूखवाले परिवार में जन्मी मार्गरीडा 70 के दशक में अपने पति के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका चली गई। वे अपने माता-पिता से &#8220;तोहफे&#8221; में मिली अश्वेत नौकरानी को भी साथ ले गए, और वाशिंगटन में बस गए। 20 साल तक यह नौकरानी गुलामी जैसी स्थितियों में जीती रही। न उसके पास अमेरिकी नागरिकता थी और न ही उसे अपने काम के लिए कोई मेहनताना मिलता। उसे एक तहखाने में रखा गया था, और वे उसे खाने से रोकने के लिए फ्रिज में ताला लगा देते थे। शारीरिक दंड देना आम बात थी। इस अपराध का पता तब चला जब उनके एक पड़ोसी ने नौकरानी को भागने में मदद की। दुर्भाग्य से, तब तक महिला का स्वास्थ्य बिगड़ गया था। उसके गर्भाशय में कई ट्यूमर थे, जिनमें से एक फुटबॉल की गेंद जितना बड़ा था।</p>
<p>इस रहस्यमयी महिला के जीवन की कहानी की पड़ताल करते ब्राजील के पुर्तगाली भाषा में बेहद लोकप्रिय कथात्मक पॉडकास्ट &#8220;<em>ए मुल्हेर दा कासा एबंडोनाडा</em>&#8221; के हवाले से वाशिंगटन पोस्ट ने एक रोचक और विस्तृत लेख &#8220;<a href="https://www.washingtonpost.com/lifestyle/interactive/2023/margarida-bonetti-brazil-podcast-slavery" target="_blank" rel="noopener noreferrer nofollow"><em>द फ्यूजिटिव हेइरेस नेक्स्ट डोर</em></a>&#8221; प्रकाशित किया है। लेख में मार्गरिडा के पालन-पोषण और नौकरानी हिल्डा रोजा डॉस सैंटोस द्वारा झेले गए दुर्व्यवहार का विवरण भी दिया गया है।</p>
<p><iframe loading="lazy" style="border-radius: 12px;" src="https://open.spotify.com/embed/episode/1lgzkA1cskrz6ioBewsZG9?utm_source=generator" width="100%" height="152" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p>अपने नागरिकों के प्रत्यर्पण पर ब्राजील के संविधान के प्रतिबंध से संरक्षित मार्गरीडा किसी भी गलत काम से इनकार करती है (पॉडकास्ट के अंतिम एपिसोड में उसका इंटरव्यू शामिल किया गया है)। यही नहीं, ब्राजील के अधिकारी उसे एक संभावित पीड़िता के रूप में देखते हैं। मार्गरीडा के अतीत के रहस्योद्घाटन ने सोशल मीडिया पर आलोचना और समर्थन दोनों की बाढ़ आ गई जिससे ब्राजील में एक राष्ट्रीय जुनून पैदा हो गया।</p>
<p>मार्गरिडा अपने पिता की मृत्यु के बाद, संघीय जांच के दौरान ही ब्राज़ील भाग गई थी और उसे प्रत्यर्पित नहीं किया जा सका। उसके पति को छह साल की जेल की सजा सुनाई गई थी, जिसे पूरी कर अब वह रिहा हो गया है। FBI जांच के बावजूद, मार्गरीडा को कभी भी अपने अपराध के परिणामों का सामना नहीं करना पड़ा।</p>
<h2>नींद नहीं आ रही? स्लीपकास्ट ट्राई करें</h2>
<p>सूचना के ओवरलोड से भरी इस दुनिया में, शांति और आरामदायक नींद के क्षण खोजना चुनौतीपूर्ण हो गया है। पॉडकास्टिंग की दुनिया में एक <a href="https://www.bloomberg.com/news/articles/2023-05-21/business-booms-for-boring-podcasts" target="_blank" rel="noopener noreferrer nofollow">अनूठा चलन सामने आया है</a> जिसका उद्देश्य इस मुद्दे को संबोधित करना है। इन्हें <strong>स्लीपकास्ट</strong> या <strong>बोरिंग पॉडकास्ट</strong> कहा जाता है। लोगों को सुलाने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए इन ऑडियो कार्यक्रमों ने अत्यधिक लोकप्रियता हासिल की है।</p>
<p>इस विधा के अग्रदूतों में से एक बेंजामिन बोस्टर हैं, जिन्हें अपने &#8220;<a href="https://www.icantsleeppodcast.com/" target="_blank" rel="noopener noreferrer nofollow">आई कांट स्लीप</a>&#8221; पॉडकास्ट को शुरु करने का विचार अपने बॉस के साथ गाड़ी चलाते समय पर आया। उनकी मधुर आवाज ने अनायास ही उनके बॉस की नींद उड़ा दी, जिससे उन्हें अपनी प्रतिभा की क्षमता का एहसास हुआ। बोस्टर अपने पॉडकास्ट में अपनी बैरिटोन आवाज के साथ विकिपीडिया प्रविष्टियों को पढ़ कर श्रोताओं को विश्राम की स्थिति में लाकर अंततः उन्हें नींद की आगोश में जाने में मदद करते हैं (हालांकि कुछ श्रोताओं ने एप्पल पॉडकास्ट पर अपनी राय बताते हुये शिकायत की है कि पॉडकास्ट में सुनाये गये तेज़ आवाज के विज्ञापन उनकी नींद में खलल डाल देते हैं।)।</p>
<p><iframe loading="lazy" style="border-radius: 12px;" src="https://open.spotify.com/embed/episode/5aIU0t5N8Kdthhv22jHIKg?utm_source=generator" width="100%" height="152" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p>बोस्टर का शो आज उपलब्ध स्लीपकास्ट की बढ़ती संख्या का सिर्फ एक उदाहरण है। <a href="https://www.headspace.com/sleep/sleepcasts" target="_blank" rel="noopener noreferrer nofollow">हेडस्पेस</a> और <a href="https://www.fitbit.com/global/us/technology/sleep" target="_blank" rel="noopener noreferrer nofollow">फिटबिट</a> इंक जैसी टेक कंपनियों ने भी नींद से संबंधित सामग्री की मांग को पहचानते हुए &#8220;<em>बेडटाइम ऑडियो प्रोग्रामिंग</em>&#8221; के क्षेत्र में प्रवेश किया है। ये सारे शो एक नई अर्थव्यवस्था &#8220;<em>इंनअटेंशन इकॉनॉमी</em>&#8221; का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं जो हर महीने लाखों देर रात के श्रोताओं की मांग पूरी करता है।</p>
<div id="pullQuoteR">बेडटाइम ऑडियो प्रोग्रामिंग 1.5 ट्रिलियन डॉलर के वैश्विक वेलनेस बाजार का एक महत्वपूर्ण अंग बन चुका है, जो पहले बिस्तर के गद्दे (मैट्रेस) और मैलेटिनिन जैसी नींद की गोलियों की गिरफ्त में होता था।</div>
<p>नींद संबंधित सेवाओं में उछाल का मुख्य कारण ये है कि लोग अब मानसिक और शारीरिक बेहतरी में नींद की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे अधिक जागरूक हो गये हैं। COVID-19 महामारी से पहले भी, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बेहतर नींद की आदतों की आवश्यकता पर जोर दिया था, क्योंकि नींद की कमी से विभिन्न स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। पर महामारी ने नींद की समस्याओं को और बढ़ा दिया, चिंता और तनाव के स्तर को तेज कर दिया, और नतीजतन कई लोगों के लिए चैन की नींद सोना एक बड़ी समस्या बन गई।</p>
<p>नींद की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए स्लीपकास्ट एक संभावित उपाय प्रदान करता है। ये पॉडकास्ट श्रोताओं को मन में उमड़ते घुमड़ते हज़ारों विचारों से डिस्कनेक्ट करने में मदद करने के लिए विभिन्न रणनीतियां अपनाते हैं। कुछ गाईडेड मेडिटेशन कराते हैं, जबकि अन्य इतिहास, विज्ञान या दर्शन संबंधित उबाऊ विषयों पर ध्यान केंद्रित करते हैं। दोहराव और संयमित आवाज नींद के अनुकूल माहौल बनाती हैं।</p>
<p>&#8220;बोरिंग बुक्स फॉर बेडटाइम&#8221; और &#8220;द बोरिंग टॉक्स&#8221; सरीखे पॉडकास्ट एक शांतिपूर्ण और सांसारिक वातावरण बनाते हैं जो श्रोताओं को समाचार और डिजिटल विकर्षणों की निरंतर धारा से बचने का मौका देता है। खुद को एकरसता में डुबोकर, श्रोताओं को तेजी से भागती आधुनिक दुनिया से बहुत जरूरी ब्रेक मिलता है।</p>
<p><iframe loading="lazy" style="border-radius: 12px;" src="https://open.spotify.com/embed/episode/7hYvbZzRQ27JMWIEaAsVNs?utm_source=generator" width="100%" height="152" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p>स्लीपकास्ट वैश्विक वेलनेस बाजार का एक महत्वपूर्ण अंग बन चुके हैं। पहले ये बाजार बिस्तर के गद्दे (मैट्रेस) और मैलेटिनिन जैसी नींद की गोलियों की गिरफ्त में होता था। मैकिंसे का अनुमान है कि वेलनेस मार्केट का मूल्य लगभग 1.5 ट्रिलियन डॉलर (तकरीबन 124 खरब रुपये) है। जैसे-जैसे और लोग गुणवत्तापूर्ण नींद के महत्व को पहचानने लगेंगे, नींद से संबंधित ऑडियो प्रोग्रामिंग की मांग और भी बढ़ेगी।</p>
<p>तो, अगली बार जब आप अनिद्रा से संघर्ष कर रहे हों, तो स्लीपकास्ट सुनने पर विचार करें। ये आपके लिये गहरी, अबाधित नींद लेने में मददगार साबित हो सकते हैं। ट्राय करें!</p>
<h1>अन्य खबरों मेंः</h1>
<ul>
<li>नकली कैंसर की खबर बनाकर लाखों लोगों को चूना लगाने वाली ब्लॉगर पर आधारित पॉडकास्ट स्कैमांडा के बारे में हमने आपको <a href="https://www.samayiki.com/2023/05/%e0%a4%aa%e0%a5%89%e0%a4%a1%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a4%be-9/" target="_blank" rel="noopener noreferrer nofollow">नौवे अंक</a> में बताया था। ये पॉडकास्ट एप्पल पॉडकास्ट्स पर नंबर 1 चल रहा है।</li>
<li><a href="https://parikrama.substack.com/p/issue-6" target="_blank" rel="noopener noreferrer nofollow">डेव रामसे</a>, जो वित्तीय सलाह पर अमेरिका में शीर्ष 50 पॉडकास्ट में से एक &#8220;द रामसे शो&#8221; के होस्ट हैं, पर एक पूर्व विज्ञापनदाता के व्यवसाय को बेजा बढ़ावा देने के मामले में <a href="https://www.cbsnews.com/news/dave-ramsey-getting-sued-150-million-lawsuit-timeshare-exit/" target="_blank" rel="noopener noreferrer nofollow">मुकदमा चलाया जा रहा</a> है। शिकायतकर्ता ने हर्जाने में 150 मिलियन डॉलर की मांग की है, उनका दावा है कि श्रोता इस बात से अनजान थे कि कंपनी एक पेड विज्ञापनदाता थी।</li>
<li>स्पाटिफाई अपने पॉडकास्टिंग डिवीजन से 200 लोगों को <a href="https://newsroom.spotify.com/2023-06-05/an-update-on-changes-to-spotifys-podcast-business-june-2023" target="_blank" rel="noopener noreferrer nofollow">निकाल बाहर कर रहा है</a>। ये कंपनी के वैश्विक कार्यबल का 2% है। खुद स्पाटिफाई के मुताबिक उनके प्लैटफॉर्म की खपत 1400% से अधिक बढ़ी है, पॉडकास्ट शो की संख्या 2 लाख से बढ़कर 50 लाख से अधिक हो गई है और पॉडकास्ट विज्ञापन राजस्व में दोहरे अंकों की वृद्धि हुई है। भाई सब बढ़िया चल रहा है तो स्टाफ में कटौती क्यों?</li>
</ul>
<div id="section-teaser">पॉडकास्ट परिक्रमा के लिये आप भी योगदान दे सकते हैं। हमें अपने पसंदीदा हिंदी या अन्य भारतीय भाषा के पॉडकास्ट के बारे में <a href="https://forms.gle/ZUwwDzmvY5DGcPzh8" target="_blank" rel="noopener noreferrer nofollow">बतायें </a>(ये आपका स्वयं का पॉडकास्ट भी हो सकता है)। आप हमें पॉडकास्ट संबंधित खबर या इवेंट के बारे में टिप <a href="https://forms.gle/ZUwwDzmvY5DGcPzh8" target="_blank" rel="noopener noreferrer nofollow">भेज सकते हैं</a>। यदि आपके पास पॉडकास्ट संबंधी कोई नौकरी या गिग है तो आप हमें वह भी <a href="https://forms.gle/ZUwwDzmvY5DGcPzh8" target="_blank" rel="noopener noreferrer nofollow">भेज सकते</a> हैं।</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>पॉडकास्ट परिक्रमा #10: 128 करोड़ का है ये पॉडकास्ट</title>
		<link>https://www.samayiki.com/2023/05/podcast-parikrama-10/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देबाशीष चक्रवर्ती]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 28 May 2023 06:50:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पॉडकास्ट परिक्रमा]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.samayiki.com/?p=1060</guid>

					<description><![CDATA[साथ ही: फिक्शन पॉडकास्टर्स के लिये दस कारगर गुर]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1 data-pm-slice="1 1 []">फिक्शन पॉडकास्टर्स के लिये दस कारगर गुर</h1>
<p>अगर आप रेडियो के शौकीन रहे हैं, और विविध भारती का <a href="https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B9%E0%A4%B5%E0%A4%BE_%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%B2_(%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B_%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE)" target="_blank" rel="noopener noreferrer nofollow">हवा महल</a> आपने सुना हो तो फिक्शन पॉडकास्ट आपके लिये अपरिचित नहीं होंगे। ये विधा कहानियाँ सुनाने के सबसे नवीन तरीकों में शामिल है। फिक्शन पॉडकास्ट आकर्षक कहानियों को उसी तरह प्रस्तुत करने का प्रयास करते हैं जैसे नियमित पॉडकास्ट करते हैं, पर रेडियो नाटिका की ही तरह इसमें कहानी के एक घटक के रूप में संगीत, वॉइस-ओवर वार्तालाप और ध्वनि संपादन जैसे ऑडियो तत्वों का उपयोग किया जाता है जिसे सुन श्रोता अपनी कल्पना के घोड़ों को उड़ान दे सकते हैं, जो साधारणतः दृश्य माध्यमों द्वारा संभव नहीं होता।</p>
<p>ईवो टेरा ने <a href="https://theend.fyi/info/packaging-your-fiction-podcast" target="_blank" rel="noopener noreferrer nofollow">एक लेख में</a> फिक्शन पॉडकास्ट निर्माताओं के लिये दस गुर बताये हैं जिसके द्वारा वे अपनी प्रस्तुति बेहतर बनाकर श्रोताओं के अनुभव में इजाफा कर सकते हैं।</p>
<ol data-pm-slice="3 1 []">
<li><strong>शीर्षक शानदार हो</strong>: सुनिश्चित करें कि आपके पॉडकास्ट का शीर्षक खोजने योग्य और स्पष्ट है। पता लगायें कि यह खोज परिणामों में कैसे दिखाई देता है और खोजे जाने के मौके बढ़ाने के लिए आवश्यक बदलाव करें।</li>
<li><strong><em>आर्टवर्क</em></strong>: आकर्षक और पेशेवर <em>आर्टवर्क</em> बनाएं जो आपके पॉडकास्ट की शैली और <em>टोन</em> को दर्शाये।</li>
<li><strong>वर्णनात्मक शो विवरण</strong>: एक सम्मोहक विवरण लिखें जो आपके पॉडकास्ट के अनूठे पहलुओं को उजागर करता है। शो का संक्षिप्त सारांश, इसकी शैली और उल्लेखनीय योगदानकर्ता के नाम शामिल करें। श्रोताओं को आपसे संपर्क करने के लिए संपर्क जानकारी देना न भूलें।</li>
<li><strong>अपनी वेबसाइट को लिंक करें</strong>: यदि आपके पास अपने पॉडकास्ट के लिए एक समर्पित वेबसाइट है, तो इसे अपने पॉडकास्ट के फ़ीड में लिंक करना सुनिश्चित करें। यह आपके शो के लिए व्यापक ऑनलाइन उपस्थिति प्रदान करने में मदद करता है।</li>
<li><strong>सही शो टाइप सेट करें</strong>: फिक्शन पॉडकास्ट सबसे अच्छा आनंद तभी लिया जा सकता है जब उसे शुरु से सुना जाये, इसलिए अपने <a href="https://help.simplecast.com/en/articles/2715214-the-difference-between-serial-and-episodic-podcasts" target="_blank" rel="noopener noreferrer nofollow"><em>शो टाइप</em></a> को “Episodic” की बजाय &#8220;Serial&#8221; पर सेट करें। यह सुनिश्चित करता है कि नए श्रोता नवीनतम एपिसोड के बजाय पहले एपिसोड से सुनना शुरू करें।</li>
<li><strong>ट्रेलर बनाएं:</strong> अपने पॉडकास्ट के प्रत्येक सीज़न के लिए आकर्षक और <em>अप-टू-डेट</em> ट्रेलर एपिसोड तैयार करें।</li>
<li><strong>एपिसोड के नंबर लिखें</strong>: कहानी एपिसोड को गैर-कहानी एपिसोड से अलग करने के लिए एपिसोड नंबरिंग का उपयोग करें।</li>
<li><strong>जानकारीपूर्ण एपिसोड विवरण लिखें</strong>: इसमें शामिल योगदानकर्ताओं को स्वीकार करते हुए प्रत्येक एपिसोड के लिए क्रेडिट शामिल करें। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक एपिसोड विवरण के अंत में एक संक्षिप्त पैराग्राफ जोड़ें जो एपिसोड को समग्र शो से जोड़ता हो।</li>
<li><strong>सीरीज़ समापन चिह्नित करें</strong>: श्रोताओं को इंगित करने के लिए शीर्षक में अपने सीज़न <em>फ़िनाले</em> (यानि अंतिम) एपिसोड को स्पष्ट रूप से लेबल करें कि यह एक विशिष्ट सीज़न की परिणति है।</li>
<li><strong>अपनी फीड साफसुथरी रखें</strong>: अपने पॉडकास्ट फ़ीड से पुराने या अनावश्यक एपिसोड हटा दें, जैसे जल्द ही आने वाली घोषणाएं, <em>बिहाईंड द सींस</em> सामग्री, इत्यादि।</li>
</ol>
<p>इन दस सिफारिशों को लागू करके, आप अपने फिक्शन पॉडकास्ट की पैकेजिंग में उल्लेखनीय सुधार कर सकते हैं और अपने दर्शकों के लिए एक बेहतर सुनने का अनुभव प्रदान कर सकते हैं।</p>
<h1 data-pm-slice="1 1 []">128 करोड़ का पॉडकास्ट</h1>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-1062" src="https://www.samayiki.com/wp-content/uploads/2024/04/ent-on-fire.webp" alt="" width="757" height="290" srcset="https://www.samayiki.com/wp-content/uploads/2024/04/ent-on-fire.webp 757w, https://www.samayiki.com/wp-content/uploads/2024/04/ent-on-fire-150x57.webp 150w, https://www.samayiki.com/wp-content/uploads/2024/04/ent-on-fire-715x274.webp 715w" sizes="auto, (max-width: 757px) 100vw, 757px" /></p>
<p>हैरत में पड़ गये न आप? पर कामयाब पॉडकास्ट्स की कीमत वाकई इतनी हो सकती है। और भले ही ऐसे पॉडकास्ट विरले ही हों, वे हैं ज़रूर। जी हाँ, वेबसाईट क्लोजर्स पर ऐसा ही एक सफल पॉडकास्ट 15,500,000 डॉलर में <a href="https://www.websiteclosers.com/businesses/award-winning-daily-entrepreneurial-podcast-11-years-established-145m-listens-3-500-interviews-to-date-15-yoy-growth-long-term-contracts/106023" target="_blank" rel="noopener noreferrer nofollow">विक्रय के लिये उपलब्ध</a> है।</p>
<p>गलियारों में चर्चा है कि यह पॉडकास्ट और कोई नहीं बल्कि बेहद मशहूर &#8220;<em>एंटरप्रेन्योर्स ऑन फायर</em>&#8221; है जिसके संस्थापक और मेजबान हैं <a href="https://www.linkedin.com/in/eofire" target="_blank" rel="noopener noreferrer nofollow">जॉन ली डुमास</a>, और जो दुनिया के सबसे सफल और प्रेरक उद्यमियों के साक्षात्कार पर केंद्रित पहला दैनिक पॉडकास्ट है।</p>
<p><iframe loading="lazy" style="border-radius: 12px;" src="https://open.spotify.com/embed/episode/0cbflC0f9pyOlSlRgKGjj0?utm_source=generator" width="100%" height="152" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p>2012 में लॉन्च किये गये इस पॉडकास्ट के 3000 से ज्यादा एपिसोड के 10 करोड़ से अधिक बार सुने जा चुके हैं, 3,500 से अधिक मेहमानों का साक्षात्कार लिया गया है, और इसके 14 करोड़ से अधिक श्रोता हैं। विगत 8 वर्षों से इसने 7-आंकड़ों का वार्षिक राजस्व कमाया है।</p>
<p>आपके पॉडकास्ट की बाजार में कीमत क्या होगी?</p>
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		<title>पॉडकास्ट परिक्रमा #9: नकली कैंसर की कहानी बुन कर ब्लॉगर ने ठगे लाखों डॉलर</title>
		<link>https://www.samayiki.com/2023/05/podcast-parikrama-9/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[देबाशीष चक्रवर्ती]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 21 May 2023 06:42:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पॉडकास्ट परिक्रमा]]></category>
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					<description><![CDATA[साथ हीः दुबई पॉडफेस्ट 2023 पर रपट]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1>दुबई पॉडफेस्ट 2023 में पॉडकास्टिंग की लोकप्रियता में वैश्विक स्तर पर इज़ाफे की हवा</h1>
<p><a href="https://gulfnews.com/uae/podcasting-witnesses-a-marked-surge-in-popularity-globally-speakers-say-at-the-third-dubai-podfest-2023-1.95799271" target="_blank" rel="noopener noreferrer nofollow">दुबई पॉडफेस्ट 2023 का तीसरा संस्करण</a> 16 मई 2023 को दुबई में आयोजित किया गया। यह मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका (MENA) क्षेत्र में पॉडकास्टरों का सबसे बड़ा वार्षिक जमावड़ा है और पॉडकास्टिंग उद्योग के विकास के लिए रणनीतियों का पता लगाने के लिए प्रमुख निर्माताओं को एक साथ लाता है। पॉडफेस्ट में नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी द्वारा किए गए एक हालिया अध्ययन के हवाले से बताया गया कि हर दस अरब व्यक्तियों में से लगभग तीन पॉडकास्ट श्रोता हैं, जिनमें अरब युवा पॉडकास्ट के सबसे उत्साही अनुयायी हैं। चिली, अर्जेंटीना, पेरू और मैक्सिको जैसे देश सबसे तेजी से बढ़ते पॉडकास्ट बाजारों में से हैं, जबकि यूके, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, भारत और ब्राजील में श्रोताओं की संख्या में वृद्धि देखी गई है।</p>
<p>पॉडकास्ट अकादमी की कार्यकारी निदेशक मिशेल कॉब ने दुनिया भर में पॉडकास्ट सुनने पर महत्वपूर्ण आंकड़े साझे किये। मसलन,</p>
<ul>
<li>दुनिया भर में 7 करोड़ से अधिक पॉडकास्ट एपिसोड और अनुमानित 46.5 करोड़ पॉडकास्ट श्रोताओं के साथ 50 लाख से अधिक पॉडकास्ट मौजूद हैं। पॉडकास्ट सुनने के लिए सुबह सबसे लोकप्रिय समय है।</li>
<li>पॉडकास्ट सुनने के लिए स्मार्टफोन सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला उपकरण है।</li>
<li>स्कैंडिनेवियाई देशों में बोले जाने वाले शब्द के प्रति उनके प्रेम और उच्च अंग्रेजी भाषा प्रवीणता के कारण पॉडकास्ट सुनने की दर ज्यादा है।</li>
</ul>
<p>दुबई पॉडफेस्ट 2023 में वर्कशॉप, लाइव पॉडकास्ट और MENA के पॉडकास्टिंग उद्योग पर चर्चा जैसी कई गतिविधियाँ आयोजित की गईं। इसके अलावा दुनिया भर के प्रमुख पॉडकास्टरों द्वारा प्रेरक कहानियां साझा की गईं और एक खुले चर्चा सत्र में अरब दुनिया के मीडिया उद्योग में हो रहे डिजिटल परिवर्तन पर प्रकाश डाला गया।</p>
<h1 data-pm-slice="1 1 []">नकली कैंसर की कहानी बनाकर ब्लॉगर ने ठगे लाखों डॉलर</h1>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-1057" src="https://www.samayiki.com/wp-content/uploads/2024/04/amanda.webp" alt="" width="773" height="367" srcset="https://www.samayiki.com/wp-content/uploads/2024/04/amanda.webp 773w, https://www.samayiki.com/wp-content/uploads/2024/04/amanda-768x365.webp 768w, https://www.samayiki.com/wp-content/uploads/2024/04/amanda-150x71.webp 150w, https://www.samayiki.com/wp-content/uploads/2024/04/amanda-715x339.webp 715w" sizes="auto, (max-width: 773px) 100vw, 773px" /></p>
<p>एक आम सजग नारी की तरह अमांडा क्रिस्टीन राईली के भी अनेकों रूप थे, एक पत्नी, एक माँ, अपने चर्च की एक समर्पित सदस्य, और एक उभरती ब्लॉगर। ऑनलाइन हो या और वास्तविक जीवन, उनके परिवार वाले, दोस्त और फॉलोवर्स उन्हें एक ऐसी आकर्षक युवा महिला के रूप में जानते थे जो कैंसर के निदान के बावजूद बेहद उत्साहित रवैये के साथ इस रोग से संघर्ष करती रहीं। अपने लोकप्रिय ब्लॉग में वो अपनी कैंसर यात्रा को साझा करतीं जिसने उनके स्थानीय सैन होसे समुदाय और दुनिया भर के फॉलोवर्स को आकर्षित किया, जिसमें कई नामचीन हस्तियां भी शामिल थीं। लेकिन इस के पीछे अमांडा का एक छुपा रहस्य भी था।</p>
<p>जब एक खोजी निर्माता को एक गुमनाम टिप मिली तो उसकी तफतीश के नतीजों से सभी हैरान रह गये। अमांडा ने उसके कैंसर के उपचार के भुगतान में मदद के लिए मिले दान के $100,000 से अधिक की राशि मौज मस्ती में उड़ा दी थी। क्योंकि दरअसल उसे कैंसर था ही नहीं।</p>
<p>घोटाले की शुरुआत अक्टूबर 2012 में हुई, जब राईली ने कैंसर के साथ अपनी काल्पनिक लड़ाई का विवरण देते हुए एक ब्लॉग लॉन्च किया। उसने उपचार के लिए दान की याचना करते हुए फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर कैंसर के साथ अपनी बनाई यात्रा का दस्तावेजीकरण करना जारी रखा जिसकी बदौलत सात सालों में 400 से अधिक लोगों ने उसकी आर्थिक मदद के लिये दान दिया। अपने फर्जीवाड़े को अंजाम देने के लिये अमांडा ने न केवल अपना सर मुंडा लिया बल्कि मेडिकल रिकॉर्ड में हेरफेर की और डॉक्टरों के फर्जी हस्ताक्षर भी करवाये। एक दफा तो उसने अपनी बीमारी के नकली होने के आरोप लगाने वाले व्यक्ति पर मुकदमा तक दायर कर दिया था।</p>
<p>पर हर फर्जीवाड़े का अंत तो एक न एक दिन होता ही है। यहाँ भी वही हुआ। 2019 में अमरीकी आंतरिक राजस्व सेवा (IRS) ने राईली की जांच शुरू करने के बाद उसके झूठ का पर्दाफाश किया। 2022 में उसे पांच साल कैद की सजा सुनाई गई है। इस सजा के बाद, राईली की और तीन साल की निगरानी होगी और उसे ठगी की सारी रकम दानकर्ताओं को वापस भी करनी होगी।</p>
<p>उसके मृत ब्लॉगों और लोगों के साथ साक्षात्कारों के माध्यम से पत्रकार <a href="https://en.wikipedia.org/wiki/Charlie_Webster" target="_blank" rel="noopener noreferrer nofollow">चार्ली वेबस्टर</a> ने घोटाले की इस अविश्वसनीय कहानी की पड़ताल की है लायंसगेट साउंड के नये पॉडकास्ट &#8220;<a href="https://open.spotify.com/show/3UNxeZPD5fDSzm26mqTjgc" target="_blank" rel="noopener noreferrer nofollow">स्कैमांडा</a>&#8221; में जो यह विवरण देता है कि कैसे एक खोजी निर्माता को मिले एक गुमनाम टिप ने राईली के झूठ को उजागर किया।</p>
<p><iframe loading="lazy" style="border-radius: 12px;" src="https://open.spotify.com/embed/episode/7AJz2cqcvjj2H5KfXtzOw2?utm_source=generator" width="100%" height="152" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
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